Saturday, February 21, 2026
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लखनऊ में साइबर ठगों का तांडव! महिला और बुजुर्ग समेत 6 लोगों के खातों से उड़ाए लाखों रुपए, पुलिस जांच में जुटी

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Lucknow News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में साइबर अपराधियों ने एक बार फिर लोगों को निशाना बनाया है। ठगों ने महिला और बुजुर्ग समेत 6 लोगों के बैंक खातों से करीब 8.05 लाख रुपए उड़ा लिए। ये मामले शहर के चिनहट, हजरतगंज, बीबीडी, जानकीपुरम और सुशांत गोल्फ सिटी थाना क्षेत्रों से सामने आए हैं। पुलिस ने सभी मामलों में रिपोर्ट दर्ज कर ली है और साइबर क्राइम सेल की मदद से जांच शुरू कर दी है।

एक ही दिन में कई खातों से उड़ाए लाखों
कमता विमलनगर निवासी अविनाश सिंह ने बताया कि एक साइबर जालसाज ने धोखे से उनके खाते से कई बार में 3,85,907 रुपए ट्रांसफर करा लिए। वहीं, हजरतगंज के अशोक मार्ग निवासी नरेंद्र कुमार ने बताया कि ठगों ने उनके क्रेडिट कार्ड के माध्यम से 1,02,748 रुपए निकाल लिए।

बुजुर्ग और महिला भी बने शिकार
नरही निवासी साहिल सोनकर के खाते से तीन बार में 95,000 रुपए पार हो गए। बीबीडी क्षेत्र के ओमेगा ग्रीन पार्क निवासी बुजुर्ग अशोक कुमार सिंह के खाते से 24,430 रुपए गायब हो गए। जानकीपुरम सहारा स्टेट की रश्मि सिंह ने बताया कि उनका मोबाइल हैक कर 45,000 रुपए ठग लिए गए। सुशांत गोल्फ सिटी के अर्जुनगंज निवासी वीरेंद्र यादव ने बताया कि उनके खाते से अचानक 1,51,896 रुपए निकलने का मैसेज आया।

पुलिस जांच में जुटी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सभी मामलों को साइबर क्राइम सेल को भेजा गया है। खातों से पैसे कैसे निकाले गए और ठगों ने कौन से ऐप या वेबसाइट का इस्तेमाल किया, इसकी जांच की जा रही है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक, कॉल या बैंक संबंधी जानकारी साझा ना करें।

लखनऊ में साइबर ठगों का तांडव! महिला और बुजुर्ग समेत 6 लोगों के खातों से उड़ाए लाखों रुपए, पुलिस जांच में जुटी

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Lucknow News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में साइबर अपराधियों ने एक बार फिर लोगों को निशाना बनाया है। ठगों ने महिला और बुजुर्ग समेत 6 लोगों के बैंक खातों से करीब 8.05 लाख रुपए उड़ा लिए। ये मामले शहर के चिनहट, हजरतगंज, बीबीडी, जानकीपुरम और सुशांत गोल्फ सिटी थाना क्षेत्रों से सामने आए हैं। पुलिस ने सभी मामलों में रिपोर्ट दर्ज कर ली है और साइबर क्राइम सेल की मदद से जांच शुरू कर दी है।

एक ही दिन में कई खातों से उड़ाए लाखों
कमता विमलनगर निवासी अविनाश सिंह ने बताया कि एक साइबर जालसाज ने धोखे से उनके खाते से कई बार में 3,85,907 रुपए ट्रांसफर करा लिए। वहीं, हजरतगंज के अशोक मार्ग निवासी नरेंद्र कुमार ने बताया कि ठगों ने उनके क्रेडिट कार्ड के माध्यम से 1,02,748 रुपए निकाल लिए।

बुजुर्ग और महिला भी बने शिकार
नरही निवासी साहिल सोनकर के खाते से तीन बार में 95,000 रुपए पार हो गए। बीबीडी क्षेत्र के ओमेगा ग्रीन पार्क निवासी बुजुर्ग अशोक कुमार सिंह के खाते से 24,430 रुपए गायब हो गए। जानकीपुरम सहारा स्टेट की रश्मि सिंह ने बताया कि उनका मोबाइल हैक कर 45,000 रुपए ठग लिए गए। सुशांत गोल्फ सिटी के अर्जुनगंज निवासी वीरेंद्र यादव ने बताया कि उनके खाते से अचानक 1,51,896 रुपए निकलने का मैसेज आया।

पुलिस जांच में जुटी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सभी मामलों को साइबर क्राइम सेल को भेजा गया है। खातों से पैसे कैसे निकाले गए और ठगों ने कौन से ऐप या वेबसाइट का इस्तेमाल किया, इसकी जांच की जा रही है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक, कॉल या बैंक संबंधी जानकारी साझा ना करें।

Russia-Ukraine War: 21 महीने की जंग निर्णायक मोड़ पर ! ट्रंप-शी की चुप्पी से टूटी जेलेंस्की की उम्मीदें

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International Desk: पूर्वी यूक्रेन का सबसे अहम शहर पोकरोव्स्क (Pokrovsk) अब रूस के कब्जे के बिल्कुल करीब है। यह वही इलाका है जिसे यूक्रेन किसी भी हाल में रूस के हाथों में जाने नहीं देना चाहता था, जबकि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन इसे हर कीमत पर जीतना चाहते हैं। करीब 21 महीनों से चल रही यह भीषण जमीनी लड़ाई अब अपने निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है। भले ही पोकरोव्स्क का रणनीतिक महत्व अब कम हो गया हो, लेकिन यह रूस के लिए प्रतिष्ठा की प्रतीकात्मक जीत साबित हो सकती है -जो पूरी दुनिया के सामने क्रेमलिन की ताकत दिखाएगी।

 

शहर में घमासान और चारों ओर से घेरा
हाल के दिनों में पोकरोव्स्क में भीषण युद्ध तेज हुआ है। सीएनएन के मुताबिक, एक यूक्रेनी कमांडर ने बताया, “हम लगभग चारों ओर से घिरे हुए हैं, लगातार गोलाबारी और शहरी युद्ध जारी है।”यूक्रेनी सैनिकों का कहना है कि रूसी सेना बड़े समूहों में आगे बढ़ रही है। हालांकि कई सैनिक ड्रोन हमलों में मारे जा रहे हैं, फिर भी कुछ शहर तक पहुंचने में सफल हो रहे हैं। यह रणनीति रूस के लिए महंगी पड़ रही है, लेकिन क्रेमलिन किसी भी कीमत पर इस जीत को हासिल करना चाहता है।

 

रूस की ‘प्रतीकात्मक’ जीत, यूक्रेन की हार  
अमेरिकी थिंक टैंक Institute for the Study of War (ISW) के विशेषज्ञ जॉर्ज बैरोस के मुताबिक, पोकरोव्स्क पर कब्जा रूस को कोई बड़ा सैन्य लाभ नहीं देगा, लेकिन यह राजनीतिक और मनोवैज्ञानिक विजय साबित होगी। यह इलाका पहले यूक्रेन का एक प्रमुख लॉजिस्टिक हब था, जहां से डोनेत्स्क, जापोरिजिया और डिनीप्रो जैसे शहरों को जोड़ने वाले मार्ग संचालित होते थे। मगर अब रूस की घेराबंदी और ड्रोन हमलों से ये मार्ग निष्क्रिय हो चुके हैं।

 

जेलेंस्की की चिंता, ट्रंप-शी की ‘चुप्पी’
यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से अपील की थी कि वे चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग पर दबाव डालें ताकि चीन रूस को समर्थन देना बंद करे। लेकिन ट्रंप-शी की हालिया बैठक में यूक्रेन युद्ध का जिक्र तक नहीं हुआ। दोनों नेताओं ने केवल व्यापारिक समझौतों पर बात की, जिससे कीव को बड़ा झटका लगा।

 

डोनबास क्षेत्र के लिए निर्णायक लड़ाई
पोकरोव्स्क को डोनबास क्षेत्र का दरवाज़ा कहा जाता है। यहां से सैनिकों और हथियारों की सप्लाई पूरे पूर्वी मोर्चे पर होती है। अगर रूस इसे कब्जा लेता है, तो वह डोनेत्स्क क्षेत्र पर पूर्ण नियंत्रण के बेहद करीब पहुंच जाएगा। इस शहर के गिरने से कुरामाटोर्स्क, स्लोवियान्स्क, कोस्त्यांतिनिव्का और द्रुज़किव्का जैसे यूक्रेन के रणनीतिक शहरों की सुरक्षा दीवार टूट जाएगी।

 

मनोबल टूटने की कगार पर यूक्रेन
रूस ने इस इलाके में 1.7 लाख सैनिक तैनात किए हैं। शहर में अब केवल 1,200 नागरिक बचे हैं, बाकी लोग भाग चुके हैं। यूक्रेनी सैनिकों की कमी, बख्तरबंद गाड़ियों की अनुपलब्धता और देर से रणनीतिक फैसलों ने स्थिति और खराब कर दी है। विश्लेषकों का मानना है कि अगर रूस पोकरोव्स्क पर कब्जा कर लेता है, तो यह पुतिन की राजनीतिक जीत और जेलेंस्की की सबसे बड़ी हार होगी।

लेस्बियन की काली करतूत: साथी महिला के प्यार में दीवानी मां ने अपने ही 5 महीने के मासूम की ली जान, बोली- ‘वो मेरे प्यार…’

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नेशनल डेस्क। तमिलनाडु के केलमंगलम से एक बेहद चौंकाने वाली और हृदय विदारक खबर सामने आई है। यहां एक 26 वर्षीय मां भारती पर आरोप है कि उसने अपने ही 5 महीने के मासूम बेटे की हत्या कर दी। इस जघन्य अपराध के पीछे की वजह जानकर कोई भी सन्न रह जाएगा। महिला अपनी महिला दोस्त (सुमित्रा) से अपने 4 साल पुराने प्रेम संबंध को जारी रखना चाहती थी और उसे अपना बेटा इस रिश्ते में बोझ लगने लगा था।

चार साल से चल रहा था प्रेम संबंध

भारती की शादी सुरेश नाम के व्यक्ति से हुई थी। उनके दो बेटियां और एक बेटा था। शादीशुदा होने के बावजूद भारती का अपने ही इलाके की एक 22 वर्षीय युवती सुमित्रा के साथ पिछले चार साल से प्रेम संबंध चल रहा था। दोनों के बीच इतना गहरा लगाव था कि वे एक-दूसरे के नाम के टैटू तक बनवा चुकी थीं। पति के काम पर जाने के बाद भारती अक्सर सुमित्रा के घर जाया करती थी।

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मासूम बना रिश्ते में बाधा

बेटे के जन्म के बाद भारती और सुमित्रा के बीच तनाव बढ़ने लगा। सुमित्रा को यह महसूस होने लगा था कि बच्चा उनके प्रेम संबंध के बीच बाधा बन रहा है। इसी बात को लेकर दोनों में कई बार झगड़ा हुआ। एक दिन गुस्से और बहकावे में आकर भारती ने अपने ही 5 महीने के बेटे का गला घोंट दिया। हत्या के बाद भारती ने परिवार को बताया कि बच्चे का सिर दूध पिलाते समय टकरा गया और उसकी मौत हो गई। परिवार ने इस बात पर यकीन कर लिया और बच्चे का अंतिम संस्कार भी कर दिया गया था।

Cancer Awareness: विदेशी डाॅक्टर ने बताया पुरुषों में दिखें ये 4 लक्षण तो शरीर में घर बना रहै है कैंसर, नजरअंदाज करना पड़ा सकता है भारी

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नेशनल डेस्क : कैंसर विशेषज्ञों ने पुरुषों को सलाह दी है कि वे अपने शरीर में होने वाले मामूली बदलावों को भी नजरअंदाज न करें, क्योंकि यही कभी-कभी गंभीर बीमारियों की शुरुआती संकेत हो सकते हैं। ब्रिटेन के रेडिएशन ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. जीरी कुब्स का कहना है कि कई बार पुरुष लक्षणों को सामान्य मानकर अनदेखा कर देते हैं, जिसकी वजह से कैंसर जैसी बीमारियों का पता देर से चल पाता है।

1. लगातार पीठ दर्द हो सकता है खतरे का संकेत

पीठ दर्द को आमतौर पर उम्र या मांसपेशियों की कमजोरी से जोड़ा जाता है, लेकिन अगर दर्द लंबे समय तक बना रहे, किसी गतिविधि से जुड़ा न हो, या रात में बढ़ जाए, तो यह कैंसर का संकेत हो सकता है। इलाज के बाद भी दर्द में सुधार न होना गंभीर लक्षण है, जिस पर ध्यान देना जरूरी है।

2. थकान और कमजोरी को न करें नजरअंदाज

डॉ. कुब्स के अनुसार, अगर पर्याप्त नींद और आराम के बाद भी लगातार थकान महसूस हो रही है, तो यह शरीर में कैंसर सेल्स की सक्रियता का परिणाम हो सकता है। ये सेल्स शरीर की ऊर्जा और पोषक तत्वों का उपयोग खुद को बढ़ाने में करती हैं।

3. बिना कोशिश वजन घटना है चेतावनी

अगर आपका वजन बिना किसी डाइट या एक्सरसाइज के घट रहा है, तो यह पैंक्रियास, फेफड़ों, पेट या भोजन नली के कैंसर का संकेत हो सकता है। हालांकि, तनाव या हार्मोनल बदलाव भी इसके कारण हो सकते हैं, इसलिए सही कारण पता करने के लिए डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

4. गले में दर्द को सर्दी-खांसी न समझें

अगर गले में दर्द तीन हफ्तों से ज्यादा बना रहे, आवाज भारी हो जाए या निगलने में परेशानी हो, तो यह गले के कैंसर का शुरुआती लक्षण हो सकता है। डॉ. कुब्स के मुताबिक, ऐसे मामलों में तुरंत जांच कराना जरूरी है।

समय पर जांच से बचाई जा सकती है जिंदगी

एक्सपर्ट्स का कहना है कि शरीर हमेशा संकेत देता है, फर्क सिर्फ इतना है कि हम उन्हें कितनी जल्दी पहचानते हैं। किसी भी असामान्य लक्षण को नजरअंदाज न करें और समय पर जांच व इलाज कराएं, क्योंकि शुरुआती चरण में कैंसर का उपचार ज्यादा प्रभावी होता है।

दहेज हत्या का खेल पलटा! मरी हुई बहू ग्वालियर में प्रेमी संग मिली जिंदा, गाजीपुर पुलिस ने किया चौंकाने वाला बड़ा खुलासा

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Ghazipur News: उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जहां जिस महिला को पुलिस और परिजन ‘दहेज हत्या’ की शिकार बता चुके थे, वह दरअसल जिंदा मिली है। पुलिस ने उसे मध्य प्रदेश के ग्वालियर से उसके प्रेमी के साथ बरामद किया है। इस खुलासे के बाद पूरा मामला उलट गया। दरअसल, जिस विवाहिता रुचि को मृत बताया जा रहा था, वह अपने प्रेमी गजेन्द्र यादव के साथ दूसरी शादी कर सुखपूर्वक रह रही थी। जबकि उसके पति, सास और 4 ससुरालवालों पर दहेज हत्या और शव गायब करने जैसे गंभीर आरोपों में मुकदमा दर्ज था।

मायकेवालों ने लगाया था दहेज हत्या का आरोप
मिली जानकारी के मुताबिक, यह मामला सादात थाना क्षेत्र के बरहपार भोजूराय गांव का है। रुचि की मां राजवंती देवी ने अपनी बेटी की शादी राजेंद्र यादव (निवासी – हथौड़ा, थाना खानपुर, गाजीपुर) से साल 2023 में की थी। 3 अक्टूबर 2024 को राजवंती देवी ने पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर आरोप लगाया कि उनकी बेटी की दहेज के लिए हत्या कर दी गई और ससुरालवालों ने शव गायब कर दिया। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने पति राजेंद्र यादव, सास कमली देवी और चार अन्य पर दहेज हत्या, सबूत मिटाने और अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया।

पुलिस ने की गहराई से जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए सीओ सैदपुर रामकृष्ण तिवारी ने खुद जांच शुरू की। उन्होंने सर्विलांस टीम की मदद से रुचि का मोबाइल ट्रेस कराया। लोकेशन से पता चला कि रुचि ग्वालियर (मध्य प्रदेश) में है और वहां अपने प्रेमी गजेन्द्र यादव के साथ रह रही है। इसके बाद पुलिस की एक टीम ग्वालियर पहुंची और 7 अक्टूबर को रुचि को उसके प्रेमी के साथ बरामद कर गाजीपुर वापस ले आई।

रुचि बोली –  मेरी मर्जी के खिलाफ कराई गई थी शादी
पुलिस पूछताछ में रुचि ने बताया कि वह 10वीं कक्षा से ही रेवई गांव के गजेन्द्र यादव से प्यार करती थी। उसकी शादी मजबूरी में राजेंद्र यादव से कर दी गई थी। शादी के बाद भी वह अपने प्रेमी को नहीं भूल पाई और घर से भागकर गजेन्द्र से दूसरी शादी कर ली। रुचि ने कहा कि वह ग्वालियर में गजेन्द्र की पत्नी बनकर रह रही थी और खुश थी।

पुलिस का बड़ा खुलासा – झूठा निकला दहेज हत्या केस
सीओ सैदपुर रामकृष्ण तिवारी ने बताया कि जांच में दहेज हत्या और शव गायब करने के सारे आरोप पूरी तरह झूठे निकले। अब पुलिस झूठी रिपोर्ट दर्ज कराने वालों पर कार्रवाई की तैयारी कर रही है। रुचि का मेडिकल करवाकर उसे अदालत में पेश किया गया, जहां से आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू हो गई है।

पति बोला – झूठे केस में फंसाया गया
विवाहिता के पति राजेंद्र यादव ने कहा कि हम लोग निर्दोष हैं। शादी जून 2023 में हुई थी लेकिन पत्नी कभी हमारे साथ नहीं रही। वह झगड़ा करती थी और मायके चली जाती थी। उसके घरवालों को पता था कि उसका किसी और से संबंध है, फिर भी हमें झूठे केस में फंसा दिया। उन्होंने बताया कि जब वह जून में पत्नी को लेने गए तो बताया गया कि वह घर पर नहीं है। उन्होंने इसकी शिकायत चौकी में भी की थी, लेकिन उल्टा दहेज हत्या का मुकदमा उन पर दर्ज कर दिया गया। अब जब सच्चाई सामने आ गई है, तो वह पुलिस से मांग करेंगे कि झूठा आरोप लगाने वालों पर सख्त कार्रवाई हो।

सास ने भी जताई नाराजगी
राजेंद्र की मां कमली देवी ने कहा कि हमारी बहू रुचि का पहले से किसी से अफेयर था। शादी के बाद वह घर में झगड़ा करती थी और मायके चली जाती थी। फिर हम पर झूठा केस लगाकर बदनाम किया गया। पुलिस ने सच्चाई सामने लाकर सही किया है। अब हम चाहते हैं कि जिन्होंने हमें फंसाया, उन पर कार्रवाई हो और हमारा गहना-पैसा वापस मिले।

पुलिस कर रही आगे की कानूनी तैयारी
पुलिस ने विवाहिता को कोर्ट में पेश कर कानूनी प्रक्रिया पूरी कर ली है। अब पुलिस फर्जी केस दर्ज कराने वालों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी में है। यह मामला गाजीपुर पुलिस की सतर्कता और तकनीकी जांच की वजह से खुला। इसने दिखाया कि दहेज हत्या जैसे गंभीर मामलों में जांच से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना गलत हो सकता है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि पुलिस उन लोगों पर क्या कदम उठाती है, जिन्होंने एक जीवित महिला को ‘मृत’ बताकर हत्या का केस दर्ज कराया।

Viral News: मुंह के अंदर आंखें! वैज्ञानिक भी रह गए हैरान, प्रकृति का सबसे अजीब मेंढक आया सामने

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Viral News: क्या आपने कभी सोचा है कि अगर किसी जीव की आंखें उसके मुंह के अंदर हों तो वह कैसे देखेगा? यह किसी साइंस फिक्शन फिल्म की कहानी लगती है, लेकिन यह हकीकत है! साल 1992 में कनाडा के ओंटारियो प्रांत के बर्लिंगटन काउंटी में वैज्ञानिकों को एक ऐसा मेंढक (टोड) मिला, जिसकी आंखें सिर पर नहीं, बल्कि उसके मुंह के अंदर थीं!

जब वैज्ञानिक भी रह गए दंग
इस अजीब जीव की तस्वीर वैज्ञानिक स्कॉट गार्डनर ने खींची थी। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने इस टोड को पहली बार देखा, तो वे हैरान रह गए, क्योंकि यह तभी देख पाता था जब वह अपना मुंह खोलता था। उसकी आंखें मुंह की ऊपरी सतह के अंदर थीं। यह नजारा जितना अनोखा और डरावना, उतना ही वैज्ञानिकों के लिए दिलचस्प था।

कैसे हुई यह अजीब घटना?
वैज्ञानिकों ने बताया कि ऐसा एक बहुत ही दुर्लभ जेनेटिक गलती की वजह से हुआ, जिसे ‘मैक्रोम्यूटेशन’ (Macro Mutation) कहा जाता है। आम तौर पर, जब कोई जीव बनता है तो उसके शरीर के अंग (सिर, आंखें, पैर आदि) एक तय जगह पर विकसित होते हैं। लेकिन अगर जीन में कोई गलती हो जाए या बाहरी प्रभाव पड़े, तो ये अंग गलत जगह बन सकते हैं। इस टोड के भ्रूण में आंखों के बनने की प्रक्रिया शुरुआती अवस्था में ही गड़बड़ा गई, और आंखें सिर पर बनने के बजाय मुंह के अंदर बन गईं।

वैज्ञानिकों ने बताए तीन मुख्य कारण
1. परजीवी संक्रमण (Trematode Infection)
कुछ परजीवी (worms) ऐसे होते हैं जो मेंढकों या टोड के शरीर में घुसकर अंगों के विकास को प्रभावित करते हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि किसी ट्रेमाटोड परजीवी ने भ्रूण के विकास के दौरान उसकी आंखों की स्थिति बदल दी होगी।

2. आनुवंशिक गलती (Genetic Error)
डीएनए की कॉपी बनाते समय एक छोटी-सी गलती भी बड़ा असर डाल सकती है। इस मामले में यही हुआ — एक जेनेटिक एरर के कारण आंखें गलत जगह यानी मुंह के अंदर विकसित हो गईं।

3. पर्यावरणीय ज़हर (Environmental Toxins)
1990 के दशक में ओंटारियो के कई तालाबों में प्रदूषण और रासायनिक कचरा पाया गया था। वैज्ञानिकों का कहना है कि इन जहरीले तत्वों ने टोड के भ्रूण के विकास में बाधा डाली, जिससे ऐसा विचित्र बदलाव हो गया।

चमत्कारिक रूप से जीवित रहा टोड
सबसे हैरान करने वाली बात यह थी कि इतनी भयानक विकृति के बावजूद यह टोड सामान्य तरीके से जीवित था। वह चल-फिर सकता था, खाना पकड़ता था, और बाकी टोड्स की तरह व्यवहार करता था। इसने साबित कर दिया कि प्रकृति कितनी अद्भुत और अनोखी हो सकती है।

विज्ञान के लिए बना रहस्य
यह टोड आज भी विज्ञान की दुनिया में एक “बायोलॉजिकल मिस्ट्री” माना जाता है। वैज्ञानिक कहते हैं कि यह घटना हमें याद दिलाती है कि जीवन कितना रहस्यमय और जटिल है — और हम अभी भी प्रकृति की गहराई को पूरी तरह नहीं समझ पाए हैं।

कॉलेज से लौट रहे 11वीं के छात्र को सीनियर्स ने रोका, फिर धारदार हथियार से किया हमला

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लखनऊ: यूपी की राजधानी लखनऊ से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। यहां पर एक इंटर कॉलेज के 11वीं कक्षा के छात्र पर उसके छह वरिष्ठ सहपाठियों ने धारदार हथियार से हमला किया। इस हमले में 16 वर्षीय छात्र के चेहरे पर चोटें आईं। उसे अस्पताल में भर्ती किया गया है। यहां पर उसका इलाज चल रहा है।

ऑटो-रिक्शा को रोककर किया हमला 
यह घटना हजरतगंज के पास की है। यहां पर इंटर कॉलेज के 11वीं कक्षा के छात्र पर उसके सीनियर्स ने धारदार हथियार से हमला कर दिया। यह हादसा तब किया गया, जब छात्र कॉलेज से लौट रहा था। चारबाग निवासी पीड़ित के पिता के अनुसार, 12वीं कक्षा के छह छात्रों ने उनके बेटे के ऑटो-रिक्शा को रोककर उस पर हमला कर दिया। घायल छात्र का श्यामा प्रसाद मुखर्जी सिविल अस्पताल में इलाज कराया गया।

पुलिस खंगाल रही सीसीटीवी फुटेज 
पीड़ित के पिता ने मारपीट और गंभीर चोट पहुंचाने के आरोप में हजरतगंज पुलिस स्टेशन में एक प्राथमिकी दर्ज की गई है। थाना प्रभारी विक्रम सिंह ने कहा, ‘‘जांच शुरू कर दी गई है और पीड़ित, सहपाठियों और स्कूल अधिकारियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।” पुलिस इलाके के सीसीटीवी फुटेज की भी जांच कर रही है।

इंसानियत शर्मसार: बागपत में 9 साल की मासूम पर दरिंदगी, विरोध करने पर आरोपी ने दांतों से काटा; FIR दर्ज

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Baghpat News: उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। जहां 9 साल की एक मासूम बच्ची के साथ 35 वर्षीय शाहरुख नामक शख्स ने दरिंदगी की। आरोपी ने बच्ची से पहले अश्लील हरकत की और जब मासूम ने विरोध किया तो उसके चेहरे और शरीर के कई हिस्सों पर दांतों से काट डाला।

जानिए, क्या है पूरा मामला?
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, यह घटना कोतवाली बड़ौत क्षेत्र की एक कॉलोनी में हुई। बच्ची अपनी दादी के कहने पर घर से थोड़ी दूरी पर स्थित दुकान से अंडे लेने गई थी। रास्ते में शाहरुख उसे बहलाकर अपने साथ सुनसान जगह पर ले गया। वहां उसने बच्ची के साथ गंदी हरकतें की और जब बच्ची ने विरोध किया तो उसे काट दिया।

बच्ची ने घर पहुंचकर दी जानकारी
मासूम बच्ची किसी तरह वहां से भागकर रोती-बिलखती घर पहुंची। अपनी दादी को पूरी घटना बताई, जिससे परिवार के लोग स्तब्ध रह गए।

पुलिस कार्रवाई और इलाज
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। बच्ची को जिला अस्पताल भेजा गया, जहां उसका मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है।

साम्प्रदायिक प्रतिक्रिया
बताया जा रहा है कि आरोपी समुदाय विशेष का है, जिससे मामले ने साम्प्रदायिक रंग भी ले लिया। हिंदू संगठनों ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। हिंदू संगठन के नेता आलोक शास्त्री ने कहा कि यह कोई सामान्य अपराध नहीं है, बल्कि जिहादी सोच का घिनौना चेहरा है। उन्होंने चेतावनी दी कि मासूम के साथ हुई इस दरिंदगी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों को सख्त से सख्त सजा दिलाई जाएगी।

Taj Mahal Things Ban: सावधान पर्यटक! गलती से भी ताजमहल में न लेकर जाएं ये सामान, नहीं तो खानी पड़ सकती है जेल की हवा

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नेशनल डेस्क। अगर आप ताजमहल घूमने का प्लान बना रहे हैं तो यह खबर आपके लिए बहुत ज़रूरी है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) और सुरक्षा एजेंसियों ने ताजमहल की सुरक्षा और पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए नियमों को बेहद सख्त कर दिया है। अधिकारी साफ चेतावनी देते हैं कि प्रतिबंधित वस्तुएं ले जाने पर न केवल प्रवेश से रोका जाएगा बल्कि कठोर कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है यहां तक कि जेल भी हो सकती है।

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ताजमहल में पूरी तरह प्रतिबंधित हैं ये 10 चीजें

ताजमहल की सुरक्षा व्यवस्था में सेंध लगाने के कई मामले सामने आने के बाद इन चीज़ों को ले जाना पूरी तरह वर्जित है:

हथियार: चाकू, विस्फोटक या उनके जैसे दिखने वाले रिप्लिका आइटम पर पूरी तरह बैन है।

ज्वलनशील पदार्थ: दियासलाई (माचिस), लाइटर, पेट्रोल या कोई भी ज्वलनशील (Flammable) वस्तु ले जाना मना है।

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तंबाकू उत्पाद: बीड़ी, सिगरेट, तंबाकू, सिगार और ई-सिगरेट जैसी चीजें प्रतिबंधित हैं।

खाने-पीने की वस्तुएं: किसी भी प्रकार की खाने-पीने की वस्तु या ट्रेटा पैक में ड्रिंक (जैसे जूस) प्रतिबंधित है।

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नशीले पदार्थ: शराब, नशीली दवाएं या प्रतिबंधित पदार्थ ले जाना पूरी तरह से बैन है।

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धार्मिक सामग्री: फूल, मालाएं और अगरबत्तियां जैसी धार्मिक सामग्री ले जाने पर प्रतिबंध है।

बड़े बैग और उपकरण: बड़े बैग, बैग पैक, लैपटॉप, कैमरा स्टैंड और ट्राइपॉड ले जाने पर सख्त नियम लागू हैं।

प्रोफेशनल उपकरण: टॉर्च, पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम और प्रोफेशनल वीडियो कैमरा ले जाने पर प्रतिबंध है।