पटना। बिहार में पटना स्थित क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय, जीपीओ और मनेर पासपोर्ट कार्यालय सहित प्रदेश के करीब डेढ़ दर्जन जिलों के डाकघरों और पासपोर्ट सेंटरों को आरडीएक्स और साइनाइड गैस बम से उड़ाने की धमकी मिली है।
यह धमकी एक ईमेल के जरिए भेजी गई, जिसके बाद पूरे प्रशासनिक और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस की विशेष टीमों और बम निरोधक दस्ते ने संबंधित स्थानों पर सर्च आपरेशन चलाया।
हालांकि, गहन जांच के बाद कहीं भी कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है। क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय पटना को प्राप्त हुए इस धमकी भरे ईमेल में एक विशेष समय सीमा का उल्लेख किया गया था।
मेल में लिखा था कि दोपहर 1:15 बजे तीन साइनाइड गैस आरडीएक्स बमों के जरिए इन दफ्तरों को उड़ा दिया जाएगा। इसके साथ ही मेल के विषय में एक अभिनेत्री द्वारा धार्मिक टिप्पणी किए जाने का हवाला देते हुए सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की गई थी और एक खास वर्ग के लोगों को वहां से हट जाने की बात कही गई थी।
यह ईमेल पटना के अलावा गया, वैशाली, बक्सर, बेतिया, मोतिहारी, औरंगाबाद, नवादा, नालंदा, समस्तीपुर, दरभंगा, पूर्णिया, कटिहार, बेगूसराय, सहरसा और सुपौल जैसे जिलों के कार्यालयों को लक्षित करके भेजा गया था।
खोजी कुत्तों और सुरक्षा उपकरणों से हुई जांच
पटना के सिटी एसपी वेस्ट संकेत कुमार स्वयं पुलिस बल के साथ मनेर पासपोर्ट कार्यालय और डाकघर पहुंचे। अधिकारियों ने बताया कि एहतियात के तौर पर तुरंत खोजी कुत्तों और सुरक्षा उपकरणों की मदद से चप्पा-चप्पा छाना गया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शुरुआती जांच में यह किसी शरारती तत्व की हरकत लग रही है। पुलिस और साइबर सेल की टीमें ईमेल के आईपी एड्रेस और इसे भेजने वाले का सुराग लगाने में जुट गई हैं। इस पूरी कार्रवाई के दौरान राहत की बात यह रही कि किसी भी कार्यालय में कामकाज बाधित नहीं हुआ और सभी सेवाएं सामान्य रूप से चलती रहीं।
डाक विभाग ने जारी किया अलर्ट, सतर्कता बरतने के निर्देश
दूसरी ओर, डाक विभाग ने भी इस धमकी को लेकर अपनी आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। डाक विभाग के सहायक निदेशक राजीव कुमार द्वारा एक आधिकारिक पत्र जारी किया गया है।
विभाग का कहना है कि प्राथमिक जांच में यह मामला एक अफवाह या होक्स प्रतीत होता है, लेकिन सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जा सकता।
इसके मद्देनजर बिहार सर्किल के सभी वरिष्ठ अधिकारियों, मंडल प्रमुखों और संबंधित पोस्टमास्टरों को चौबीसों घंटे आवश्यक सतर्कता बरतने तथा तय सुरक्षा मानकों के अनुसार तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दे दिए गए हैं।
















