अजीतमल। नगर पंचायत में लोहा पीटकर गुजर करने वाले दस सदस्यीय परिवार की झोपड़ी बारिश में हुए जलभराव से घिर गई है। इससे इस परिवार को सिर छिपाने के लिए दुकानों व लोगों के घरों के बाहर शरण लेनी पड़ी है।कस्बे के फफूंद रोड स्थित धर्मशाला के सामने नाले के किनारे खाली पड़ी भूमि पर लोहापीटा परिवार की कमला देवी लंबे समय से अस्थायी झोपड़ी बनाकर रह रही हैं। करीब 10 सदस्यीय यह परिवार लोहे के यंत्रों पर मेहनत कर जीवनयापन करता है। इनकी झोपड़ी के पास नाला होने के कारण हमेशा जलभराव की स्थिति बनी रहती है।परिवार का आरोप है कि करीब तीन मीटर लंबी पुलिया और नाला निर्माण अधूरा पड़ा होने से पानी की निकासी नहीं हो पाती। सोमवार को हुई बारिश के बाद उनका पूरा आशियाना पानी में डूब गया। इससे भोजन बनाने तक की जगह नहीं बची। कमला देवी ने बताया कि कई बार नगर पंचायत में शिकायत की गई और मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर भी प्रार्थना पत्र दिए गए। ऐसे में न अधूरे नाला का निर्माण पूरा कराया गया और न ही नियमित सफाई की व्यवस्था की गई।
सहार सांड़ के हमले में किसान गंभीर
सहार। गांव बराऊ में सोमवार को एक सांड़ ने किसान को पटक कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। ग्रामीण घायल किसान को सीएचसी ले गए। वहां से उन्हें मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया गया है।
फर्जी नंबर प्लेट, पिकअप में हथियार… फिर मुखबिर की सूचना पर घिरे शातिर चोर, एनकाउंटर के बाद 4 दबोचे
Amethi News: उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में पुलिस ने ऑपरेशन चक्रव्यूह के तहत कार्रवाई करते हुए 16 मुकदमों के हिस्ट्रीशीटर सहित 4 सदस्यीय शातिर चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस मुठभेड़ में मुख्य आरोपी के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। गिरोह के कब्जे से अवैध तमंचा, कारतूस, चोरी की भैंस की बिक्री से प्राप्त नकदी, फर्जी नंबर प्लेट लगी पिकअप तथा चोरी में प्रयुक्त उपकरण बरामद किए गए हैं।
क्षेत्राधिकारी गौरीगंज अखिलेश वर्मा ने बताया कि ऑपरेशन चक्रव्यूह के तहत 21 जुलाई को गौरीगंज पुलिस चेकिंग अभियान चला रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ संदिग्ध व्यक्ति पिकअप वाहन से रोहसी खुर्द-टीवी टावर मार्ग पर रेकी कर रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर वाहन को घेरने का प्रयास किया। उन्होंने बताया कि पुलिस को देखकर वाहन सवार भागने लगे। घेराबंदी के दौरान एक बदमाश ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी। आत्मरक्षा में पुलिस द्वारा की गई जवाबी कार्रवाई में वह घायल हो गया, जबकि उसके 3 साथियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया।
घायल आरोपी की पहचान अख्तर हुसैन उर्फ राजू पुत्र शौकत अली निवासी संपतपुर, थाना गौरीगंज के रूप में हुई है। उसके कब्जे से एक तमंचा, एक जिंदा कारतूस, एक खोखा कारतूस (.315 बोर) तथा 9,000 रुपये बरामद किए गए। अन्य गिरफ्तार आरोपियों में दद्दन प्रसाद वर्मा निवासी थाना जामो, मोहम्मद रईस उफर् बब्लू निवासी थाना जामो तथा तेजबहादुर निवासी थाना जामो शामिल हैं। इनके कब्जे से क्रमश: 7,700 रुपए, 8,000 रुपए और 7,500 रुपए बरामद हुए।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों के पास से बरामद पिकअप वाहन की नंबर प्लेट फर्जी पाई गई। वाहन की तलाशी में रस्से, टॉर्च, चाकू, पेचकस, प्लायर तथा चोरी में प्रयुक्त अन्य उपकरण भी बरामद किए गए। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे भैंसों, पंचायत भवनों में लगे सोलर पैनलों तथा अन्य सामान की चोरी कर उन्हें बेच देते थे। उन्होंने करीब 12 दिन पहले लोनियन का पुरवा गांव से एक भैंस और एक पड़वा चोरी कर 60 हजार रुपये में बेचने की बात स्वीकार की। बरामद नकदी उसी बिक्री से बची हुई राशि बताई गई है। आरोपियों ने बासूपुर और अत्तानगर पंचायत भवनों से सोलर पैनल चोरी करने की घटनाओं में भी संलिप्तता स्वीकार की है।पुलिस के अनुसार गिरोह रोहसी खुर्द गांव में एक और भैंस चोरी करने की योजना से जा रहा था। मुठभेड़ में घायल अख्तर हुसैन को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है। चारों आरोपियों के विरुद्ध थाना गौरीगंज में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस के अनुसार अख्तर हुसैन उर्फ राजू के विरुद्ध अमेठी जिले में मारपीट, चोरी, आर्म्स एक्ट और गैंगस्टर एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में कुल 16 मुकदमे दर्ज हैं। आरोपी तेजबहादुर के विरुद्ध अमेठी और सुलतानपुर में 6 तथा मोहम्मद रईस उर्फ बब्लू के विरुद्ध अमेठी में 2 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
UP की छात्राओं को Yogi सरकार का बड़ा तोहफा: 50 हजार मेधावी लड़कियों को मिलेगी फ्री स्कूटी, कैबिनेट बैठक में लगी मुहर
UP Cabinet Decision: उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के प्रस्ताव को मंत्रिमंडल ने मंगलवार को मंजूरी दे दी, जिसके तहत राज्य में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रही मेधावी स्नातक छात्राओं को मुफ्त स्कूटी दी जाएगी। जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक में यह फैसला लिया गया। बैठक के बाद लोक भवन के सभागार में राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने पत्रकारों को बताया कि इस योजना में इस वर्ष करीब 50 हजार छात्राएं लाभान्वित होंगी। उपाध्याय ने बताया कि विभाग ने महिला सशक्तिकरण के लिए लड़कियों को उच्च शिक्षा में प्रोत्साहन देने के लिए स्कूटी देने के वास्ते रानी लक्ष्मीबाई योजना के तहत आए प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।
किसे मिलेगी मुफ्त स्कूटी?
मंत्री के अनुसार, रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के तहत सभी प्रकार के राज्य विश्वविद्यालय, निजी विश्वविद्यालय, राज्य विश्वविद्यालय से सम्बद्ध सभी सरकारी महाविद्यालय, अनुदान प्राप्त महाविद्यालय व स्व वित्त पोषित महाविद्यालयों को इस परिधि में शामिल किया गया है। इसमें उच्च संस्थानों के शैक्षणिक सत्र 2025-26 में उत्तीर्ण समस्त स्नातक छात्राओं में से जो शीर्ष 5 प्रतिशत में शामिल होंगी, उन्हें लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि इस योजना का लाभ उन्हें मिलेगा जिनके परिवार की आय सीमा 12 लाख वार्षिक से कम होगी। साथ ही छात्राओं को ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना अनिवार्य होगा।
विशेष छूट और योजना का मुख्य उद्देश्य
मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसमें यह भी व्यवस्था की है कि दिव्यांगजन, निराश्रित परिवार और शहीद परिवार की बच्चियों को भी मुफ्त स्कूटी दी जाएगी और उनके लिए मेरिट की कोई बाध्यता नहीं होगी। एक सवाल के जवाब में मंत्री ने बताया कि स्कूटी की खरीद चयन प्रक्रिया के तहत की जाएगी, जिसके लिए पोर्टल पर प्रस्ताव आमंत्रित किये जाएंगे, जिनका अवलोकन मंत्रिमंडल करेगा। इस योजना का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को परिवहन संबंधी समस्याओं से राहत देकर उच्च शिक्षा जारी रखने के लिए प्रेरित करना है। इस पहल का उद्देश्य महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना, उच्च शिक्षा में छात्राओं की भागीदारी बढ़ाना तथा सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा की सुविधा उपलब्ध कराना है।
Punjab में उमस भरी गर्मी बनी मुसीबत, वायरल बुखार के साथ डेंगू ने भी दी दस्तक
माछीवाड़ा साहिब : पंजाब में पिछले कुछ दिनों से पड़ रही उमस भरी गर्मी के कारण जहां लोगों का जनजीवन प्रभावित हुआ है, वहीं वायरल बुखार और अन्य बीमारियों के मरीजों की संख्या भी अस्पतालों में बढ़ने लगी है। माछीवाड़ा के निजी अस्पतालों में वायरल बुखार के मरीज बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। इसके अलावा खांसी, जुकाम, उल्टी जैसी बीमारियां भी लोगों को अपनी चपेट में ले रही हैं।
आमतौर पर डेंगू के मामले अक्टूबर-नवंबर में सामने आते हैं, लेकिन इस बार इसकी शुरुआत 2-3 महीने पहले ही हो गई है। निजी अस्पतालों से मिली जानकारी के अनुसार, फिलहाल डेंगू के शुरुआती मामले सामने आ रहे हैं। बुखार के कारण मरीजों के प्लेटलेट्स कम हो रहे हैं और 1-2 मरीजों की डेंगू रिपोर्ट पॉजिटिव भी आई है। समय से पहले डेंगू के मामले सामने आना चिंता का विषय माना जा रहा है। सरकारी अस्पताल के एसएमओ डॉ. लखविंदर सिंह ने बताया कि उमस भरी गर्मी के कारण अधिक पसीना आने से वायरल बुखार के मामले बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि डेंगू की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमें विभिन्न क्षेत्रों में जाकर लार्वा की जांच कर रही हैं और लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वायरल बुखार के मरीजों की संख्या में निश्चित रूप से वृद्धि हुई है, इसलिए लोगों को सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
बच्चे और बुजुर्ग गर्मी से बचने के लिए घर से बाहर न निकलें : डॉ. सुनील दत्त
MBBS डॉ. सुनील दत्त ने बताया कि इस बार पंजाब में मानसून की बारिश पर्याप्त नहीं हुई, जिसके कारण उमस और गर्मी बढ़ गई है और लोग बीमार हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस समय वायरल बुखार के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं और डेंगू ने भी दस्तक दे दी है। डॉ. दत्त ने लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील करते हुए कहा कि बच्चों और बुजुर्गों को अनावश्यक रूप से घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए। उन्होंने सलाह दी कि बीमारियों से बचने के लिए बाहर का जंक फूड खाने से परहेज करें और घर का ताजा व सादा भोजन ही खाएं। उन्होंने यह भी कहा कि पानी को उबालकर पीना चाहिए और विशेष रूप से बच्चों एवं बुजुर्गों को उबला हुआ पानी ही दिया जाए। साथ ही, जिस व्यक्ति को वायरल बुखार, खांसी या जुकाम हो, उससे उचित दूरी बनाए रखें, क्योंकि इसके संक्रमण के कीटाणु तेजी से फैलते हैं।
कोरोना फिर बढ़ा रहा टेंशन, UP के इस जिले में 27 महीने का मासूम मिला कोविड पॉजिटिव, कुछ ही दिनों में मिला तीसरा केस
वाराणसी : उत्तर प्रदेश के वाराणसी में कोरोना संक्रमण ने एक बार फिर दस्तक दी है। चंदौली निवासी दो वर्षीय मासूम बच्चे को बुखार, सर्दी और खांसी की शिकायत होने पर परिजनों ने ककरमत्ता स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां जांच में उसके कोविड-19 संक्रमित होने की पुष्टि हुई।
कोविड-19 की पुष्टि होने के बाद बच्चे को तत्काल अस्पताल के अलग वाडर् में स्थानांतरित कर दिया गया। चिकित्सकों के अनुसार बच्चे की स्थिति सामान्य है और उसका उपचार जारी है। उल्लेखनीय है कि वाराणसी में पिछले कुछ दिनों के भीतर कोविड-19 संक्रमण का यह तीसरा मामला सामने आया है। स्वास्थ्य विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
उत्तराखंड में चारधाम यात्रा फिर शुरू: मौसम में सुधार के बाद 21 जुलाई से खुले मार्ग
Chardham Yatra Resumed 21 July : उत्तराखंड में तीर्थयात्रियों के लिए बड़ी और राहत भरी खबर आई है। राज्य सरकार और गढ़वाल मंडल प्रशासन द्वारा यात्रा मार्गों की गहन समीक्षा करने के बाद मंगलवार (21 जुलाई 2026) से चारधाम यात्रा को दोबारा सुचारू रूप से शुरू कर दिया गया है। गढ़वाल मंडल के आयुक्त आनंद स्वरूप ने बताया कि चारधाम यात्रा से जुड़े सभी जनपदों के जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ तथा संबंधित विभागों के साथ समन्वय बनाकर यात्रा का संचालन किया जा रहा है।
यात्रा मार्गों की निरंतर निगरानी की जा रही है तथा संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष सतकर्ता बरती जा रही है। उन्होंने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा के दौरान यदि किसी स्थान पर भारी वर्षा, भूस्खलन अथवा अन्य कारणों से यात्रा मार्ग अस्थायी रूप से बाधित होता है तो वे प्रशासन द्वारा निर्धारित सुरक्षित स्थानों अथवा होल्डिंग एरिया में ही रुकें तथा प्रशासन एवं पुलिस द्वारा जारी निर्देशों का पूर्णत: पालन करें।
जहाज पर अटैक में 4 भारतीय नाविकों की मौत पर आगबबूला हुआ भारत, रूस के खिलाफ लिया कड़ा एक्शन
International Desk: यूक्रेन के ओडेसा (Odesa) बंदरगाह के पास एक नागरिक मालवाहक जहाज पर हुए रूसी मिसाइल हमले में चार भारतीय नाविकों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य भारतीय गंभीर रूप से घायल है। इस घटना पर भारत सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए नई दिल्ली में रूस के कार्यवाहक राजदूत (Charge d’Affaires) को तलब किया और आधिकारिक विरोध दर्ज कराया। विदेश मंत्रालय (MEA) ने नागरिक जहाजों और निर्दोष चालक दल को निशाना बनाने को “बेहद निंदनीय” बताते हुए जवाबदेही तय करने की मांग की है। यह हमला रविवार शाम उस समय हुआ जब गिनी-बिसाऊ के झंडे वाले मालवाहक जहाज MV Golden Leo ने यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह से रवाना होना शुरू किया था। यूक्रेन की नौसेना के अनुसार, जहाज पर तीन क्रूज मिसाइलों से हमला किया गया। जहाज पर कुल 17 चालक दल के सदस्य सवार थे, जिनमें पांच भारतीय और कई सीरियाई नागरिक शामिल थे। हमले में चार भारतीयों की मौत हो गई, जबकि एक भारतीय अस्पताल में गंभीर हालत में भर्ती है।
भारत ने दर्ज कराया कड़ा विरोध
घटना के बाद विदेश मंत्रालय ने रूस के कार्यवाहक राजदूत को तलब कर इस हमले पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। भारत ने कहा कि युद्ध के दौरान व्यावसायिक जहाजों और नागरिक नाविकों को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून और मुक्त नौवहन के सिद्धांतों के खिलाफ है। नई दिल्ली ने मृत भारतीयों के मामले में जवाबदेही तय करने और भविष्य में ऐसे हमलों से बचने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की।विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि भारत इस हमले की कड़ी निंदा करता है। मंत्रालय के अनुसार, व्यावसायिक जहाजों पर हमला करना, निर्दोष नागरिक चालक दल की जान खतरे में डालना और समुद्री व्यापार की स्वतंत्रता को प्रभावित करना अस्वीकार्य है।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी: सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर बनेगी नई SIT, आईजी किरण एस संभाल सकते हैं कमान
लखनऊ। राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर राज्य सरकार तीन वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों की नई एसआईटी (विशेष जांच दल) गठित करेगी।
नई एसआईटी की कमान मौजूदा एसआईटी के सदस्य लखनऊ रेंज के आईजी किरण एस. को ही सौंपी जा सकती है। इस बीच सरकार ने लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता में गठित वर्तमान एसआइटी को अंतिम जांच रिपोर्ट सौंपने के लिए 30 जुलाई तक का और समय दे दिया है।
कौन-कौन होंगे एसआईटी टीम में?
सूत्रों के अनुसार चढ़ावा चोरी पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए आदेश का राज्य सरकार हर पहलु से अध्ययन कर रही है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गृह विभाग के अधिकारियों को कोर्ट के आदेश का पूरी तरह से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए नई एसआईटी के गठन के लिए नाम तय करने को कह दिया है।
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सूत्र बताते हैं कि मौजूदा एसआईटी के सदस्य आईजी किरण एस. की अध्यक्षता में ही एसआईटी बनाकर उसमें एक डीआईजी व एक एसएसपी स्तर के आईपीएस को रखा जा सकता है। वैसे चर्चा इस बात की भी है कि नई एसआईटी, एडीजी स्तर के वरिष्ठ आईपीएस की अगुवाई में भी बनाने पर विचार किया जा सकता है।
ऐसे में एडीजी स्तर के लखनऊ के पुलिस कमिश्नर अमरेन्द्र सिंह सेंगर, लखनऊ जोन के एडीजी प्रवीण कुमार त्रिपाठी, प्रयागराज जोन के एडीजी ज्योति नारायण, मेरठ जोन के एडीजी भानु भास्कर को एसआइटी प्रमुख बनाया जा सकता है।
कोर्ट ने 30 जुलाई तक का दिया समय
इस बीच सुप्रीम कोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने वाली मौजूदा एसआईटी के अनुरोध पर राज्य सरकार ने उसे 30 जुलाई तक अंतिम रिपोर्ट सौंपने का समय दे दिया है।
सूत्र बताते हैं कि एसआईटी द्वारा गृह विभाग को अंतिम रिपोर्ट सौंपने के बाद सरकार उस पर अपने स्तर से सीधे कोई कार्रवाई करने के बजाय श्रीराम जन्मभूमि मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को रिपोर्ट उपलब्ध करा देगी।
सबसे पहले 13 जून को गठित हुई थी एसआईटी
उल्लेखनीय है कि ट्रस्ट के अनुरोध पर ही सरकार ने 13 जून को तीन सदस्यीय एसआइटी गठित की थी। एसआईटी की 22 जून को मिली प्रारंभिक रिपोर्ट भी सरकार ने ट्रस्ट को सौंप दी थी। ट्रस्ट ने ही जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के साथ ही अन्य कार्रवाई की।
CJP प्रोटेस्ट का पाकिस्तान कनेक्शन: कहां लिखी गई संसद मार्च की स्क्रिप्ट? विदेशी फंडिंग और लॉजिस्टिक सपोर्ट की जांच शुरू
नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के अचानक उग्र होने और इसके पीछे सोशल मीडिया पर रची जा रही पटकथा को लेकर एक बड़ी ‘टूलकिट’ और विदेशी-विपक्षी साजिश का एंगिल सामने आ रहा है।
सुरक्षा एजेंसियां इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि आखिर एक ‘व्यंग्य’ के रूप में शुरू हुआ आनलाइन पेज कुछ ही दिनों में दिल्ली की सड़कों पर लाठीचार्ज और अराजकता की वजह कैसे बन गया? पुलिस सूत्रों के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए कई प्रदर्शनकारी छात्र नहीं थे।
संदिग्ध हैंडल्स के जरिए फैलाई गई भ्रामक जानकारी
हिंसा में अन्य बाहरी तत्वों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस इस मामले में इंटरनेट मीडिया गतिविधियों की बारीकी से जांच कर रही है। अधिकारियों ने बताया कि कई संदिग्ध हैंडल्स के जरिए भ्रामक जानकारी फैलाई गई थी, जिनमें से कुछ अकाउंट्स कथित तौर पर पाकिस्तान से संचालित हो रहे थे।
इनमें झूठा दावा किया गया था कि हिंसा के दौरान सात प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई, 391 घायल हुए और 250 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
इस पूरे मार्च को हवा देने के लिए मुख्य रूप से इंस्टाग्राम और एक्स जैसे सोशल मीडिया का इस्तेमाल किया गया है। सीजेपी के इंस्टाग्राम हैंडल ने महज कुछ ही दिनों में दो करोड़ से अधिक फालोअर्स बटोरे, जिसने देश की स्थापित राजनीतिक पार्टियों को भी पीछे छोड़ दिया।
आईपी एड्रेस खंगालने में जुटी पुलिस
विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी तेजी से बिना किसी ‘पेड बोट्स’ या ‘विदेशी रीच’ के बड़ी संख्या में युवाओं को जोड़ना सामान्य नहीं है। सुरक्षा एजेंसियां अब उन सभी मुख्य इंटरनेट मीडिया हैंडल्स और आईपी एड्रेस को खंगाल रही हैं, जहां से इस ‘टूलकिट’ को ऑपरेट किया जा रहा था।












