Friday, June 26, 2026
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Etawah: निजी अस्पताल में महिला की मौत, परिजनों ने शव रखकर किया हंगामा, डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप, जांच शुरू

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इटावा जिले में थाना फ्रेंड्स कॉलोनी क्षेत्र के अंतर्गत भरथना रोड पर स्थित निजी अस्पताल में महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई। औरैया जिले के अछल्दा थाना क्षेत्र के महना गांव निवासी सुषमा देवी (60) पत्नी जवाहरलाल का अस्पताल में इलाज चल रहा था।शुक्रवार सुबह महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद गुस्साए परिजनों ने शव को अस्पताल के बाहर रखकर जमकर हंगामा किया। परिजनों ने आरोप लगाया कि डॉक्टरों की लापरवाही से महिला की जान चली गई।

अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद हो गई मौत
डॉक्टरों ने महिला की हालत में सुधार का भरोसा दिलाया। सुबह अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना के बाद मौके पर पहुंची थाना पुलिस ने परिजनों को समझाने बुझाने का प्रयास किया। जिसके बार पुलिस ने शव को कब्जे में लिया। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर कार्रवाई की मांग की है।

Auraiya: पूर्व एमएलसी के भतीजे पर कसा शिकंजा, अधिवक्ता को पिस्टल सटाकर की थी लूटपाट, आरोपी को भेजा गया जेल

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औरैया जिले में अधिवक्ता अतुल पाठक को पिस्टल सटाकर लूटपाट, मारपीट और मोबाइल तोड़ने के मामले में आरोपी पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक के भतीजे को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। कोतवाल राजकुमार सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार को इंडियन ऑयल चौकी प्रभारी गणेश गुप्ता फोर्स के साथ गश्त पर थे।

इसी दौरान लूट के आरोपी के गांव के बाहर होने की सूचना मिली। पुलिस ने घेराबंदी कर गांव भाड़ारीपुर निवासी विशाल उर्फ सुमित पाठक को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, गांव निवासी अधिवक्ता अतुल पाठक 17 सितंबर 2025 को कचहरी जा रहे थे। इसी दौरान सुबह करीब साढ़े नौ बजे जैसे ही वह गांव के बाहर कन्या विद्यालय के पास पहुंचे।
अवैध पिस्टल निकाली और छाती पर सटा दी
तभी पहले से घात लगाए बैठे पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक का भतीजा विशाल उर्फ सुमित पाठक तीन अज्ञात साथियों ने उन्हें रोक लिया। अधिवक्ता के बताया था कि आरोपी विशाल ने अपनी कमर से अवैध पिस्टल निकाली और उनकी छाती पर सटा दी। इसके बाद शराब पीने के लिए एक हजार रुपये मांगने लगे। इसका विरोध उन्होंने किया।

UP Weather Today: लखनऊ सहित कई जिलों में दो दिन बाद भीषण गर्मी से मिलेगी राहत, 28 से मानसूनी बारिश

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लखनऊ। प्रदेश में मानसून की दस्तक के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनने लगी हैं। राजधानी में गुरुवार को दोपहर में कुछ देर के लिए आसमान में बादल तो छाए, लेकिन सूरज की तपिश ने इसे बेअसर कर दिया। आसमान से बरसती आग में बाहर निकलना दूभर हो रहा था। 40 से अधिक जिलों में लू ने लोगों की परेशानी बढ़ाई।

मौसम विभाग का कहना है कि शुक्रवार और शनिवार को भी करीब 30 जिलों में गर्मी का प्रकोप बना रहेगा, जिसमें लखनऊ भी शामिल है। रविवार से मौसम में बदलाव होगा, पर इसका ज्यादा असर पूर्वी यूपी के कुछ जिलों में ही दिखेगा। हालांकि, 30 जून तक मानसून मध्य यूपी तक पहुंचने का पूर्वानुमान है। दक्षिण-पश्चिम मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है।

वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, अगले चार दिनों में मानसून प्रदेश के कई हिस्सों तक पहुंचेगा। इसकी शुरुआत पूर्वी यूपी के गोरखपुर, देवरिया और आसपास के जिलों से होगी। 29 जून तक मानसूनी वर्षा का असर लखनऊ समेत आसपास जिलों तक पहुंचने के आसार बन रहे हैं। 30 जून से एक जुलाई के बीच अधिकांश इलाकों में मध्यम से भारी बरसात के पूर्वानुमान हैं।

यूपी में मरीजों को अब नहीं भटकना पड़ेगा, तैयार हो रहा 310 अस्पतालों का एकीकृत इमरजेंसी नेटवर्क

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राज्य ब्यूरो, लखनऊ। आकस्मिक स्थिति में विशेषज्ञ अस्पताल के लिए रेफर मरीज को एक से दूसरे अस्पताल भटकना नहीं पड़ेगा। सरकार 310 अस्पतालों का एकीकृत ट्रामा एवं इमरजेंसी नेटवर्क (यूपीटीइएन) बना रहा है।

जो मरीज को नजदीकी अस्पताल में भर्ती करायेगा। पहले 48 घंटें का इलाज मुफ्त होगा। इस योजना को लागू करने पर सैद्धांतिक सहमति बन गयी है।

मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता में हुयी बैठक में कहा गया कि सड़क दुर्घटनाओं, गंभीर जलने, हृदयघात, स्ट्रोक, सेप्सिस, विषाक्तता तथा प्रसूति एवं बाल चिकित्सा संबंधी आपात स्थितियों के प्रभावी प्रबंधन के लिए समन्वित एवं एकीकृत प्रणाली का अभाव है। यूपीटीइएन इसमें कारगर हो सकती है।

यह पहल प्रत्येक नागरिक को आपात स्थिति में गोल्डन आवर के भीतर विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य ( एसीएस) अमित घोष ने बताया कि यूपीटीइएन को एकीकृत, त्रिस्तरीय, बहु-चरणीय एवं केंद्रीकृत नेतृत्व आधारित नेटवर्क के रूप में विकसित किया जाएगा।

इसके अंतर्गत स्तर-1 में 11 शीर्ष एवं प्रमुख चिकित्सा शिक्षा संस्थानों को शामिल किया जाएगा स्तर-2 में 36 मेडिकल कालेजों को जोड़ा जाएगा। स्तर-3 पर प्राथमिक स्तर पर मरीजों के स्थिरीकरण (स्टेबलाइजेशन) हेतु 126 केंद्र चिह्नित है।

इसके अतिरिक्त प्रारंभिक चरण में 137 निजी चिकित्सा संस्थानों को भी इस नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। यूपीटीईएन के प्रथम चरण में कुल 310 चिकित्सा इकाइयों एवं केंद्रों को शामिल किया जाएगा। आवश्यकता के अनुसार भविष्य में इस नेटवर्क का विस्तार भी किया जा सकेगा।

परियोजना को व्यवहारिकता के आधार पर तीन चरणों में लागू किए जाने का प्रस्ताव है। यूपीटीईएन को राज्य की 108 एम्बुलेंस सेवा तथा 112 आपातकालीन सेवा के साथ भी एकीकृत किया जाएगा, जिससे आपातकालीन चिकित्सा प्रतिक्रिया प्रणाली को और अधिक तीव्र एवं प्रभावी बनाया जा सके।

प्रस्तावित व्यवस्था के अंतर्गत आपातकालीन उपचार के प्रथम 48 घंटों तक निःशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने तथा नेटवर्क को टेलीमेडिसिन एवं डिजिटल स्वास्थ्य प्रणालियों के साथ एकीकृत करने का भी प्रावधान किया गया है।

लखनऊ में बढ़ते जा रहे अग्निकांड, लोकबंधु अस्पताल के वन स्टॉप सेंटर में आग लगने से अफरा-तफरी

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लखनऊ। राजधानी लखनऊ के लोकबंधु अस्पताल परिसर, आशियाना के वन स्टॉप सेंटर में शुक्रवार को आग लग गई। सुबह करीब पांच बजे आग लगने से अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। फायर विभाग को सूचना दी गई। इस दौरान कर्मचारियों ने आधा घंटे में कड़ी मशक्कत कर आग पर काबू पाया।

अस्पताल परिसर में आशा ज्योति केंद्र का संचालन होता है। सुबह करीब पांच बजे शार्ट सर्किट से वन स्टॉप सेंटर के वेटिंग हाल के फॉलसीलिंग से धुआं निकलने लगा। दस मिनट में आग की लपटे दिखने लगीं। थोड़ी देर में ही धुंआ बिल्डिंग में भरने लगा। हालांकि इस दौरान घटनास्थल पर कोई मरीज नहीं था। धुआं बढ़ने से सुरक्षा कर्मचारियों को सांस लेने में दिक्कत होने लगी।

अस्पताल के कर्मचारी फायर एक्सटिंग्विशर की मदद से आग बुझाने में सफल रहे। तड़के शॉर्ट सर्किट से आग लग गई, जिससे भवन में धुआं भर गया। इससे सुरक्षा कर्मचारियों को सांस लेने में दिक्कत हुई। कर्मचारी घटना स्थल की तरफ भागे। फायर एश्टिग्यूसर से कर्मचारियों ने आग बुझाने का प्रयास किया। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका।

यूपी में ‘सूर्य घर योजना’ का नया रिकॉर्ड, 6.2 लाख घरों की छतों पर लगे सोलर पैनल; देश में नंबर वन बना उत्तर प्रदेश

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डिजिटल डेस्क, लखनऊ। उत्तर प्रदेश ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में स्वच्छ और सस्ती ऊर्जा की दिशा में एक ऐतिहासिक मुकाम हासिल किया है। ‘प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना’ (PMSGY) के तहत प्रदेश में अब तक 6.2 लाख से अधिक घरों को सौर ऊर्जा से रोशन किया जा चुका है। जून 2026 में हुई प्रगति समीक्षा बैठक के आंकड़ों के अनुसार, यूपी ने अपने 11.27 लाख परिवारों के लक्ष्य का 50 प्रतिशत से अधिक हिस्सा पूरा कर लिया है। इस शानदार प्रदर्शन के साथ, देश के कुल सोलर रूफटॉप इंस्टॉलेशन में 17 प्रतिशत की हिस्सेदारी दर्ज कर उत्तर प्रदेश ने खुद को देश के अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित कर लिया है।

हर दिन 2100 घरों पर लग रहे पैनल

योजना को जमीन पर उतारने की रफ्तार में यूपी ने अभूतपूर्व तेजी दिखाई है। यूपी नेडा (UPNEDA) के डायरेक्टर रविन्दर सिंह ने बताया कि प्रदेश ने मार्च, अप्रैल और मई 2026 में लगातार तीन महीनों तक 50 हजार से अधिक घरों में सोलर प्लांट लगाकर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया है। आंकड़ों की बात करें तो जून 2025 में जहां हर दिन लगभग 500 प्लांट लग रहे थे, वहीं मई 2026 तक यह आंकड़ा उछलकर 2100 प्रतिदिन पहुंच गया है। हाल ही में यूपी ने मात्र 22 दिनों में 50 हजार इंस्टॉलेशन पूरे किए हैं, जो देश में सबसे तेज स्थापना दर है।

लोन और वेंडर्स की प्रक्रिया होगी और आसान

समीक्षा बैठक में अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि प्रत्येक आवेदन को हर हाल में इंस्टॉलेशन में बदला जाए। इसके लिए बैंकों के स्तर पर ऋण आवेदनों के समयबद्ध अप्रूवल और तुरंत भुगतान (Disbursal) पर जोर दिया जा रहा है। यूपी नेडा डायरेक्टर ने निर्देश दिए कि निष्क्रिय वेंडर्स को हटाया जाए या सक्रिय किया जाए और जरूरत के अनुसार नए वेंडर्स जोड़े जाएं। सरकार का फोकस इस बात पर भी है कि सोलर पैनल लगने के बाद उपभोक्ताओं के बिजली बिल में होने वाली बचत का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग इस योजना से जुड़ सकें।

रोजगार और अर्थव्यवस्था में ‘ग्रीन बूम’

‘पीएम सूर्य घर योजना’ केवल बिजली बचाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह यूपी की अर्थव्यवस्था के लिए भी एक गेमचेंजर साबित हो रही है। इस योजना के जरिए प्रदेश में 2000 मेगावाट से अधिक की स्वच्छ ऊर्जा क्षमता जोड़ी जा चुकी है। रूफटॉप सोलर उद्योग में प्रतिदिन 40 से 50 करोड़ रुपये का भारी-भरकम कारोबार हो रहा है। सबसे अहम बात यह है कि इस पूरी प्रक्रिया में अब तक 80 हजार से अधिक लोगों को रोजगार के नए अवसर मिले हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जनभागीदारी और सरकार के स्पष्ट विजन के कारण यूपी अब स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में देश का ग्रोथ इंजन बन गया है।

⁠किसानों को गन्ने का FRP ना देने पर सरकार का कड़ा एक्शन! 81 शुगर मिलों को नोटिस, 7 मिलों से वसूली शुरू

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नई दिल्ली| देश में इन दिनों चीनी को लेकर चर्चा तेज है। भारत ने घरेलू स्टॉक को मजबूत रखने और कीमतों को नियंत्रित करने के उद्देश्य के साथ ही चीनी और इथेनॉल की आपूर्ति बनाए रखने के लिए निर्यात पर रोक लगाई है। इसी बीच चीनी किसानों के लिए एक गुड न्यूज सामने आई है। किसानों को गन्ने का FRP ना देने पर शुगर मिलों के खिलाफ कड़ा एक्शन लिया जा रहा है।

7 मिलों से वसूली शुरू

किसानों को गन्ने का उचित और लाभकारी मूल्य (FRP) दिलाने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। महाराष्ट्र विधान परिषद में सहकारिता मंत्री बाबासाहेब पाटिल ने एक सवाल का जवाब में बताया कि साल 2025-26 चीनी सीजन के दौरान FRP के लंबित भुगतान को लेकर 81 चीनी मिलों को नोटिस जारी किए हैं। इसके साथ ही ₹232.79 करोड़ के बकाया भुगतान के लिए 7 कारखानों के खिलाफ वसूली की कार्यवाही पहले ही शुरू कर दी गई है।

98.33 प्रतिशत भुगतान पूरा

सहकारिता मंत्री ने सदन को बताया कि चीनी मिलों की ओर से गन्ने के भुगतान में देरी के बाद कानूनी नियमों के अनुसार प्रक्रिया शुरू की गई थी। उन्होंने बताया कि 81 मिलों को नोटिस जारी किए गए हैं, जबकि बकाया भुगतान की वसूली के लिए अब तक सात इकाइयों के खिलाफ रेवेन्यू रिकवरी सर्टिफिकेट (RRC) की कार्यवाही शुरू की गई है।

हिमाचल में नहीं चलेंगी इलेक्ट्रिक बसें? HRTC ने डिलीवरी लेने से किया इनकार; क्या है वजह?

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शिमला। हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के बेड़े में शामिल होने वाली ई बसों के लिए इंतजार बढ़ता जा रहा है। एचआरटीसी द्वारा दोबारा करवाए गए ट्रायल में बस एक रूट पर फेल हो गई है। इसमें कोई तकनीकी खामी नहीं आई लेकिन 180 किमी की तय माइलेज यह नहीं दे पाई।

15 रूटों पर दोबारा ट्रायल करवाया गया था। 14 रूटों पर ट्रायल सफल हो गया है केवल एक रूट पर ही माइलेज कम आई है। एचआरटीसी प्रबंधन ने बसों की डिलीवरी लेने से इंकार कर दिया है। निगम ने तर्क दिया है कि टेंडर की शर्तों के अनुसार जब तक बस तैयार नहीं होगी तब तक डिलीवरी नहीं ली जाएगी।

कंपनी ने पहले 100 बसों को सोलन स्थित एचआरटीसी की वर्कशाप में भेज दिया था। अब इन बसों को यहां से दोबारा परवाणु शिफ्ट कर दिया गया है। निगम प्रबंधन ने निर्णय लिया है कि सड़क की स्थिति का आकलन राज्य लोक निर्माण विभाग की तकनीकी टीम से करवाया जाएगा। निगम के प्रबंध निदेशक डा. निपुण जिंदल की ओर से इस संबंध में लोक निर्माण विभाग को लिखा गया है।

36 रूटों पर करवाया था ट्रायल

एचआरटीसी ने प्रदेश में 36 स्थानों पर इलेक्ट्रिक बसों का ट्रायल करवाया है। 15 रूटों पर खामियां पाए जाने पर दोबारा ट्रायल करवाया गया। कंपनी ने कहा था कि एक बार बैटरी चार्ज बस 180 किलोमीटर चलेगी। एक रूट पर कुछ कमी आ रही है।

11 महीने का समय दिया था

2025 में ओलेक्ट्रा ग्रीनटेक लिमिटेड को 297 बसों की खरीद का ऑर्डर जारी किया था। 424.01 करोड़ रुपये का टेंडर है। कंपनी ने 11 महीने में यह ऑर्डर पूरा करने का आश्वासन दिया था। कंपनी को नौ जनवरी तक 50 प्रतिशत यानी 149 बसों की डिलीवरी करनी थी, जिसमें कंपनी सफल नहीं हुई है।

Aadhaar Card पर सबको मिलेगा फ्री AC, सोशल मीडिया पर वायरल ‘मुफ्त एसी योजना’ का क्या है सच?

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नई दिल्ली। गर्मियां आजकल पहले की तुलना में काफी गर्म होती जा रही हैं। इसलिए, AC अब लग्जरी नहीं रहे बल्कि जरूरत बन गए हैं। ऐसे में अगर आपको फ्री AC के बारे में कोई खबर मिलती है, तो ये आसानी से आपका ध्यान खींच सकती है। हाल ही में, सोशल मीडिया पर एक वायरल वीडियो में दावा किया गया कि केंद्र सरकार आधार कार्ड के जरिए हर नागरिक को मुफ्त एयर कंडीशनर दे रही है। इस ऑफर से खुश होकर, कई लोगों ने ऑनलाइन बताए गए इंस्ट्रक्शन्स को फॉलो भी किया। हालांकि, फ्री में AC पाने के बजाय, वे अपनी सभी पर्सनल और फाइनेंशियल डिटेल खो सकते हैं। सरकार ने हाल ही में साफ किया है कि ऐसी कोई स्कीम नहीं है और नागरिकों से कहा है कि वे इस झांसे में न आएं। आइए जानते हैं इस स्कैम के बारे में।

फ्री AC योजना स्कैम

ऑनलाइन एक वायरल वीडियो सर्कुलेट हो रहा है जिसमें भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सभी आधार कार्ड धारकों के लिए फ्री AC योजना की घोषणा करते हुए दिखाई दे रहे हैं। PIB, की फैक्ट चेक यूनिट ने इस दावे को गलत बताया है। उन्होंने कहा कि वीडियो AI से बदला गया है और केंद्र सरकार ऐसी कोई योजना नहीं चला रही है।

इतना ही नहीं, अधिकारियों ने लोगों को ऐसे आकर्षक दावों पर भरोसा न करने की चेतावनी भी दी है जो बिना किसी आधिकारिक सूचना के महंगे प्रोडक्ट या बेनिफिट देने का वादा करते हैं। उन्होंने नागरिकों से ये भी आग्रह किया कि वे सरकार संबंधी किसी भी मिली जानकारी पर भरोसा करने से पहले आधिकारिक चैनलों के जरिए उसकी पुष्टि करें।

क्या विग पहनने की वजह से सिया ने की केतन की हत्या? पुलिस ने खोला मंगेतर और उसके प्रेमी की साजिश का राज

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पुणे। केतन अग्रवाल हत्या कांड मामले में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस का कहना है कि सह आरोप चेतन चौधरी ने ही केतन की मंगेतर सिया गोयल को उसे रास्ते से हटाने के लिए उकसाया था। जिसके बाद दोनों मिलकर साजिश रची और 18 जून को लोहागढ़ किले से धक्का देकर हत्या कर दी।

दरअसल, एक पुलिस अधिकारी ने शुक्रवार को बताया कि दोनों आरोपियों से पूछताछ में यह बात सामने आई है कि चौधरी ने ही सिया गोयल को लोहागढ़ किले में अग्रवाल को खत्म करने के लिए उकसाया था। इस मामले में सिया गोयल के भाई से भी पूछताछ जारी है।

केतन को नापसंद करने की वजह सिर्फ विग नहीं

मीडिया में कहा जा रहा था कि गोयल को अग्रवाल इसलिए पसंद नहीं थे क्योंकि वो विग पहनते थे। इस पर पुलिस सूत्र ने कहा कि हां, अग्रवाल विग पहनते थे ये सच है। लेकिन ये नहीं कह सकते कि सिया को उनके पसंद न आने की यही एक वजह थी।