Sunday, February 8, 2026
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कुआलालंपुर में PM मोदी बोले-तमिल भाषा ने जोड़े भारत और मलेशिया के दिल, MGR के बड़े प्रशंसक हैं अनवर इब्राहिम (Video)

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International Desk: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को कहा कि भारत और मलेशिया तमिल भाषा के प्रति साझा स्नेह से जुड़े हुए हैं। मोदी ने देश में शिक्षा, मीडिया और सांस्कृतिक जीवन में इस भाषा की मजबूत उपस्थिति को रेखांकित किया। मलेशिया में भारतीय मूल के लगभग 30 लाख लोग रहते हैं, जो विश्व में दूसरा सबसे बड़ा जनसंख्या समूह है। इनमें से अधिकांश तमिल मूल के हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “भारत और मलेशिया तमिल भाषा के प्रति साझा स्नेह से भी जुड़े हुए हैं। मलेशिया में शिक्षा, मीडिया और सांस्कृतिक जीवन में तमिल की मजबूत व जीवंत उपस्थिति स्पष्ट रूप से दिखाई देती है।”

 

उन्होंने कहा, “मुझे विश्वास है कि आज का यह ऑडियो-विजुअल समझौता फिल्मों और संगीत, विशेषकर तमिल सिनेमा के माध्यम से हमारे दिलों को और भी करीब लाएगा।” इससे पहले दिन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था, “उनके मलेशियाई समकक्ष अनवर इब्राहिम भारत में हममें से कई लोगों की तरह, एमजीआर (अभिनेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री एमजी रामचन्द्रन )के “बहुत बड़े प्रशंसक” हैं। ” इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी के सम्मान में आयोजित दोपहर के भोजन के दौरान तमिल अभिनेता की फिल्म ‘नालाई नमाधे’ का एक गीत प्रस्तुत किया गया। एमजी रामचन्द्रन, एक लोकप्रिय भारतीय अभिनेता, निर्देशक और निर्माता थे। उन्होंने तमिलनाडु में ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) पार्टी की स्थापना की और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बने। रामचन्द्रन का निधन 1987 में हुआ था।

‘नालाई नमाधे’ अभिनेता रामचन्द्रन की कई ब्लॉकबस्टर फिल्मों में से एक है, जो 1975 में रिलीज़ हुई थी। प्रधानमंत्री मोदी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “मेरे मित्र, प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम द्वारा आयोजित भोज में गाए गए गीतों में से एक ‘नालाई नमाधे’ था, जो महान एमजीआर अभिनीत फिल्म का गीत है!” मोदी ने कहा, “प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम, भारत में हममें से कई लोगों की तरह, एमजीआर के बहुत बड़े प्रशंसक हैं!” मोदी ने शनिवार को एक सामुदायिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह भी कहा कि भारतीय प्रवासी भारत और मलेशिया के बीच एक मजबूत सेतु का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि इस इतिहास से प्रेरित होकर भारत ने मलाया विश्वविद्यालय में तिरुवल्लुवर चेयर की स्थापना की है और अब साझा विरासत को मजबूत करने के लिए एक तिरुवल्लुवर केंद्र स्थापित करेगा।

MP में महंगी होगी शराब! बढ़ते कर्ज को कम करने के लिए कीमतों में भारी बढ़ोतरी की तैयारी, जानिए कितने बढ़ेंगे दाम?

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भोपाल: मध्य प्रदेश में शराब पीने वालों को जल्द ही बड़ा झटका लग सकता है। राज्य सरकार एक्साइज पॉलिसी 2026-27 में बड़े बदलाव की तैयारी कर रही है, जिसके तहत शराब की कीमतें बढ़ सकती हैं। केंद्र से मिलने वाले करों में कटौती, टैक्स दरों में बढ़ोतरी और बढ़ते कर्ज के दबाव ने सरकार को आबकारी व्यवस्था में सख्ती और सुधार के लिए मजबूर कर दिया है।

प्रस्तावित एक्साइज पॉलिसी का मसौदा लगभग तैयार है। इसमें शराब दुकानों की नीलामी प्रक्रिया में बदलाव, टैक्स कलेक्शन को और कड़ा करने, ठेकेदारों की मोनोपॉली खत्म करने और पारदर्शिता बढ़ाने पर जोर दिया गया है। सूत्रों के मुताबिक, इस नीति के जरिए सरकार अपने सबसे बड़े राजस्व स्रोतों में से एक आबकारी से अधिक आय जुटाने की कोशिश कर रही है। दरअसल, मध्य प्रदेश सरकार पर इस समय करीब 4.84 लाख करोड़ रुपए का कर्ज है। वहीं केंद्र सरकार ने केंद्रीय करों में राज्य की हिस्सेदारी 7.86% से घटाकर 7.34% कर दी है, जिससे हर साल लगभग 7,700 करोड़ रुपए के नुकसान का अनुमान है। इसके अलावा केंद्र ने शराब पर टैक्स कलेक्शन एट सोर्स (TCS) को 1% से बढ़ाकर 2% कर दिया है। इससे ठेकेदारों की लागत बढ़ेगी और इसका सीधा असर शराब की खुदरा कीमतों पर पड़ सकता है।

नई नीति के तहत सरकार ठेकेदारों के एकाधिकार को खत्म करने की दिशा में भी कदम उठा रही है। कई जिलों में एमआरपी से ज्यादा कीमत वसूलने और बीच सत्र में ठेके छोड़ने जैसी शिकायतें सामने आई थीं, जिससे सरकार को भारी राजस्व नुकसान हुआ। इसके साथ ही ई-चालान और ई-बैंक गारंटी को अनिवार्य कर फर्जीवाड़े पर रोक लगाने की तैयारी है। राजस्व बढ़ाने के दबाव के बावजूद सरकार ने यह साफ कर दिया है कि प्रदेश में कोई नई शराब दुकान नहीं खोली जाएगी। साथ ही उज्जैन, ओंकारेश्वर और मैहर जैसे 19 पवित्र शहरों और धार्मिक स्थलों पर शराबबंदी पहले की तरह सख्ती से लागू रहेगी। हाई एम्पावर्ड कमेटी और वित्त मंत्री स्तर पर नीति के प्रारूप को मंजूरी मिल चुकी है। अब मुख्यमंत्री की सैद्धांतिक सहमति के बाद इसे कैबिनेट में अंतिम मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए आबकारी से 18,000 करोड़ रुपए का राजस्व लक्ष्य तय किया है।

Heavy Rain Alert: 11 फरवरी तक तेज हवाओं के साथ भारी बारिश की चेतावनी, बढ़गी ठंड, IMD का इन राज्यों में अलर्ट

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नेशनल डेस्कः दिल्ली समेत उत्तर भारत के कई हिस्सों में एक बार फिर कड़ाके की ठंड लौट सकती है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, लगातार दो पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहे हैं, जिनका असर करीब 10 राज्यों में देखने को मिलेगा। मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों के भीतर मौसम में बड़े बदलाव को लेकर अलर्ट जारी किया है। अगले 2 से 3 दिनों तक उत्तर-पश्चिम भारत में 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज सतही हवाएं चल सकती हैं। IMD ने 11 फरवरी तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।

बारिश और घना कोहरा

IMD के अनुसार, इन पश्चिमी विक्षोभों के प्रभाव से कई राज्यों में बारिश होगी, जबकि कुछ इलाकों में घना कोहरा छा सकता है। दिल्ली में भी बादल छाए रहने और हल्की बारिश की संभावना है, जिससे तापमान में गिरावट आएगी और गलन वाली ठंड बढ़ेगी। पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी हो सकती है, वहीं उत्तराखंड में पाला पड़ने की आशंका जताई गई है। ऐसे में फरवरी का महीना भी ठंड के साथ गुजर सकता है।

8 फरवरी की रात से दिखेगा असर

मौसम विभाग ने बताया कि एक पश्चिमी विक्षोभ इस समय उत्तर-पूर्वी ईरान और उससे सटे अफगानिस्तान के क्षेत्रों में सक्रिय है। इसके साथ ही पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत के ऊपर 125 समुद्री मील प्रति घंटे की रफ्तार से जेट स्ट्रीम बह रही है। वहीं एक और नया पश्चिमी विक्षोभ 8 फरवरी की रात से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करेगा, जिससे देश के बड़े हिस्से में मौसम का मिजाज बदल जाएगा।

पहाड़ों में बारिश और बर्फबारी का पूर्वानुमान

8 फरवरी को उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार और हिमाचल प्रदेश के कुछ इलाकों में सुबह और रात के समय घना कोहरा छाने की संभावना है। वहीं 9 से 11 फरवरी के बीच पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी हो सकती है। इस दौरान जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बर्फबारी और बारिश के आसार हैं।

दिल्ली समेत कई जिलों के लिए अलर्ट जारी

IMD के अनुसार, अगले 2 से 3 दिनों तक उत्तर-पश्चिम भारत में 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज सतही हवाएं चल सकती हैं। हिमाचल प्रदेश के मंडी, कांगड़ा, हमीरपुर और बिलासपुर जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। दिल्ली में पिछले कुछ दिनों से घना कोहरा देखने को मिला है और अब 11 फरवरी तक बादल छाए रहने के साथ बारिश की संभावना जताई गई है।

दिल्ली : जनकपुरी हादसा बना सियासी टकराव! AAP अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज को पुलिस ने हिरासत में लिया

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नेशनल डेस्क : दिल्ली के जनकपुरी इलाके में बाइक सवार कमल ध्यानी की मौत का मामला अब सियासी रंग लेने लगा है। इस घटना को लेकर आम आदमी पार्टी और दिल्ली पुलिस आमने-सामने आ गई हैं। मृतक के घर श्रद्धांजलि देने पहुंचे आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज को पुलिस ने उस समय हिरासत में ले लिया, जब वे पार्टी के अन्य नेताओं के साथ वहां पहुंचे थे।

हिरासत में लिए जाने के बाद सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि देश की राजधानी में हालात बिगड़ते जा रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार लोग आंखें मूंदे बैठे हैं। उनका कहना था कि जो लोग इस व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं, उनकी आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है।

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली में कानून व्यवस्था पूरी तरह से चरमराई हुई है और जनता की शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा। उन्होंने साफ कहा कि उनकी पार्टी इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेगी और लगातार सवाल उठाती रहेगी। इसके बाद उन्होंने जनकपुरी पहुंचकर कमल ध्यानी के परिजनों से मुलाकात की और उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया।

पीड़ित परिवार की स्थिति पर बात करते हुए सौरभ भारद्वाज ने कहा कि हादसे के बाद कमल ध्यानी के घरवाले पूरी रात न्याय की उम्मीद में भटकते रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि परिवार ने छह अलग-अलग थानों के चक्कर लगाए, लेकिन कहीं भी उनकी शिकायत दर्ज नहीं की गई।

इससे पहले भी आम आदमी पार्टी ने इस मामले को लेकर दिल्ली पुलिस और बीजेपी के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार पर तीखा हमला बोला था। सौरभ भारद्वाज ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा था कि मामले से जुड़ी अहम जानकारियां जानबूझकर छिपाई गईं। उन्होंने यह भी दावा किया कि हादसे की रात करीब 12 बजे परिवार अपने बेटे की तलाश में थाने पहुंचा था, लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई और मोबाइल लोकेशन से जुड़ा जरूरी डेटा भी जल्दबाजी में हटा दिया गया।

32nd एवेन्यू के सीईओ ध्रुव दत्त शर्मा गिरफ्तार, 500 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप

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नेशनल डेस्कः कमर्शियल प्रोजेक्ट 32nd एवेन्यू के संस्थापक और सीईओ ध्रुव दत्त शर्मा को एक ही इमारत की एक मंजिल कई लोगों को बेचने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, इस कथित धोखाधड़ी से निवेशकों को करीब 500 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। शुक्रवार को गिरफ्तार किए गए शर्मा को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें छह दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। मामला आर्थिक अपराध शाखा (EOW) द्वारा दर्ज और जांच के बाद सामने आया।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जांच में यह खुलासा हुआ है कि ध्रुव दत्त शर्मा ने एक ही फ्लोर को 25 से अधिक लोगों को अलग-अलग समय पर बेच दिया, जबकि किसी भी खरीदार को वैध दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए। यह मामला जनवरी महीने में तब सामने आया जब ट्राम वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड के एक प्रतिनिधि ने गुरुग्राम पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि वर्ष 2021 में अपरा मोटल्स प्राइवेट लिमिटेड (जिसे बाद में 32 माइलस्टोन विस्टास प्राइवेट लिमिटेड नाम दिया गया) के निदेशकों और शेयरधारकों ने उनसे संपर्क किया था।

शिकायतकर्ता के अनुसार, 32वें माइलस्टोन कॉम्प्लेक्स की पहली मंजिल पर स्थित लगभग 3000 वर्ग फुट का एक यूनिट (नंबर 24) उन्हें 2.5 करोड़ रुपये में बेचा गया। यह पूरी राशि 21 सितंबर 2021 को अदा कर दी गई थी। इसके बावजूद, खरीदार को न तो रजिस्ट्री से जुड़े दस्तावेज मिले और न ही संपत्ति का वैधानिक हस्तांतरण किया गया। आगे की जांच में सामने आया कि वर्ष 2022 और 2023 के बीच, उसी फ्लोर से संबंधित एक अहम दस्तावेज 25 अन्य व्यक्तियों के नाम पर तैयार किया गया। इससे यह स्पष्ट हुआ कि एक ही संपत्ति को कई निवेशकों को बेचा गया।

गुरुग्राम पुलिस के प्रवक्ता ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में ध्रुव दत्त शर्मा ने स्वीकार किया है कि उन्होंने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर 2021 में शिकायतकर्ता कंपनी से सौदा किया था, लेकिन उस फ्लोर का विक्रय पत्र कभी उनके नाम पर निष्पादित नहीं किया गया। पुलिस के मुताबिक, जिन 25 व्यक्तियों को वह फ्लोर बेचा गया था, उनसे बाद में उसी संपत्ति को शर्मा की दूसरी कंपनी – ग्रोथ हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर 30 वर्षों के लिए लीज पर ले लिया गया।

Auraiya News: तमंचे के साथ बनाई रील, नाबालिग को पकड़ा

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औरैया। सदर तहसील में शनिवार को डीएम डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी व एसपी अभिषेक भारती ने संपूर्ण समाधान दिवस पर शिकायतें सुनीं। विभिन्न विभागों की 152 शिकायतें आईं, जिनमें से सिर्फ 13 का ही मौके पर निस्तारण कराया गया।रामकिशोर निवासी अटा ने बताया कि उनकी कई वर्षों से वृद्धावस्था पेंशन आ रही थी, पर अक्तूबर 2025 के बाद पेंशन आनी बंद हो गई। जिला समाज कल्याण विभाग में जाकर पता किया तो बताया गया कि पेंशन रोक दी गई है। इस पर डीएम ने सात दिन के अंदर जांच कर मामले के निस्तारण के निर्देश दिए।मनीष कुमार निवासी जगजीवनपुर ने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत उसके गांव में पाइप लाइन व टोटियां लगाए जाने का पूरा काम हुए लगभग डेढ़ साल हो गए, पर गांव में पानी की सप्लाई नहीं हो रही है। डीएम ने अधिशासी अभियंता जल निगम को एक दिन में जांच आख्या देने को कहा।

विक्रम सिंह निवासी डेरा लक्ष्मणपुर ने बताया कि उसकी जमीन असंक्रमणीय है, जिसे वह संक्रमणीय करवाना चाहता है। इस पर डीएम ने तहसीलदार सदर को निर्देशित किया कि परीक्षण कर तीन दिन में मामले का निस्तारण करें।

इस अवसर पर सीएमओ डॉ. सुरेंद्र कुमार, एसडीएम सदर अजय आनंद वर्मा, एसडीएम सदर न्यायिक कमल कुमार सिंह, प्रभागीय वनाधिकारी सीपी सिंह, तहसीलदार सदर प्रकाश चौधरी, क्षेत्राधिकारी सदर, नायब तहसीलदार आदि उपस्थित रहे।

Auraiya News: तमंचे के साथ बनाई रील, नाबालिग को पकड़ा

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कानपुर। कुछ दिन पहले नाबालिग का तमंचे के साथ रील बनाते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। पुलिस ने वायरल वीडियो के आधार पर आरोपी की तलाश शुरू कर दी। चकेरी पुलिस ने शुक्रवार रात को कृष्णापुरम स्थित अल्लू हाते के पास से नाबालिग को पकड़ा। उसकी उम्र 15 वर्ष बताई गई। पुलिस ने उसके पास से तमंचा और कारतूस बरामद किया है। वह चकेरी के शिवकटरा का रहने वाला है। पूछताछ में शौक के चलते तमंचा खरीदने और फेमस होने के लिए रील बनाने की बात कबूली। थाना प्रभारी अजय प्रकाश मिश्र ने बताया कि आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट में प्राथमिकी दर्ज कर बाल सुधार गृह भेजा गया है। (संवाद)

लखनऊ: गर्ल्स स्कूलों के सामने नहीं हैं सुरक्षित हालात, छुट्टी से पहले जुट गए अराजक तत्व; नहीं दिखी पुलिस

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बालिका विद्यालयों के बाहर जाम की समस्या के बीच छात्राओं को तंग करने की घटनाओं पर हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। लखनऊ खंडपीठ ने इनकी सुरक्षा और स्कूलों के बाहर यातायात प्रबंधन को लेकर ठोस सुझाव मांगते हुए डीजी ट्रैफिक को 17 फरवरी को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का आदेश दिया है। कोर्ट की सख्ती के बाद शनिवार को अमर उजाला ने पड़ताल की तो राजकीय व अनुदानित बालिका इंटर कॉलेजों के बाहर छात्राओं की सुरक्षा के इंतजाम नहीं मिले।

छुट्टी से पहले जुट गए अराजक तत्व
राजकीय बालिका इंटर कॉलेज शाहमीना में छुट्टी दोपहर 3:30 बजे होती है। इससे 10 मिनट पहले ही अराजक तत्वों का जमावड़ा शुरू हो गया। छुट्टी होते ही मुख्य द्वार पर भीड़ लग गई। इससे छात्राओं को निकलने में भी परेशानी हो रही थी। विद्यालय प्रशासन की ओर से इनकी सुरक्षा के लिए कोई व्यवस्था नहीं दिखी। राजकीय बालिका जुबिली इंटर कॉलेज के मुख्य द्वार के बाहर भी कुछ ऐसे ही हालात थे।
करामत कॉलेज के बाहर भी नहीं दिखी पुलिस
महानगर स्थित करामत गर्ल्स मुस्लिम डिग्री कॉलेज की छुट्टी दोपहर दो बजे हुई। अतिक्रमण के बीच टेंपो, ई ऑटो के जमावड़े से छात्राएं को काफी परेशानी हुई। चाय व पान की दुकान पर कुछ युवक हंसी-मजाक कर रहे थे, जिन्हें देखकर छात्राएं असहज नजर आईं। स्कूल और कॉलेज के छुट्टी के समय पुलिस की मौजूदगी का आदेश है, लेकिन कॉलेज के पास कोई पुलिसकर्मी नजर नहीं आया। पास की गोपाल पुरवा पुलिस चौकी भी बंद मिली। चौराहे पर एक ट्रैफिक सिपाही यातायात संभालता नजर आया। 

गेट के बाहर ई रिक्शा, ऑटो चालकों का कब्जा

Lucknow: Girls' schools are unsafe, with unruly elements gathering before the holidays; police were not seen.
हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ।

दोपहर तीन बजे केकेसी कॉलेज के बाहर छात्राओं का आवागमन जारी था। हालांकि, इनकी सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं थी। कॉलेज प्रबंधन की ओर से कोई सुरक्षाकर्मी नहीं तैनात किया गया था और पुलिस भी नदारद थी। कॉलेज के गेट तक ई-रिक्शा व ऑटो चालकों का कब्जा था। सड़क पर वाहन बेतरतीब तरीके से खड़े थे, जिससे छात्राओं को आने-जाने में परेशानी हो रही थी। गेट पर बस भी खड़ी मिली। जेसीपी एलओ बबलू कुमार का कहना है कि स्कूल-कॉलेजों के बाहर सुबह व दोपहर के वक्त पुलिस रहती है। इसके अलावा भी बीच-बीच में टीम गश्त करती है। मिशन शक्ति के कार्यक्रमों के दौरान छात्रों को पुलिस के नंबर दिए गए हैं। छात्राओं से अपील की गई है कि किसी भी दिक्कत में मदद के लिए फोन कर सकती हैं। यातायात को सुचारू रूप से चलाने के लिए ट्रैफिक पुलिस की ड्यूटी लगाई जाती है।

लखीमपुर खीरी में बड़ा हादसा: टेंपो पलटने से तीन बच्चों समेत चार की मौत, पांच लोग गंभीर रूप से घायल

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लखीमपुर खीरी के धौरहरा थाना क्षेत्र में शनिवार देर रात बड़ा हादसा हो गया। बसंतापुर पुलिया के समीप सवारियों से भरा टेंपो अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में तीन मासूम बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि टेंपो चालक ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। पांच लोग घायल हुए हैं। घायलों का उपचार चल रहा है। ये सभी लोग रात करीब 12:45 बजे धौरहरा से धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होकर लोग टेंपो से अपने गांव ऊंचगांव (थाना खमरिया) वापस लौट रहे थे। इसी दौरान घने कोहरे के चलते बसंतापुर पुलिया के पास टेंपो पलट गया। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और सभी घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) धौरहरा भेजा।

इन बच्चों की हुई मौत 
सीएचसी में चिकित्सकों ने खुशबू (12 वर्ष), अबू तालिब (5 वर्ष) और अजरा (2 वर्ष) को मृत घोषित कर दिया। घायलों में किस्मतुन (45 वर्ष), साकिया (20 वर्ष), सादिया (22 वर्ष), निदा (10 वर्ष), अकील (18 वर्ष) निवासी ऊंचगांव थाना खमरिया तथा टेंपो चालक इसराइल उर्फ जीशान (30 वर्ष) निवासी ग्राम रसूलपुर थाना खमरिया शामिल हैं, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद जिला चिकित्सालय लखीमपुर खीरी रेफर कर दिया गया। जहां जीशान की भी मौत हो गई है।

हादसे के बाद मृतकों के परिजनों में कोहराम मच गया। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। घटना की जांच शुरू कर दी है।

Mohan Bhagwat: ‘आरएसएस प्रमुख किसी जाति का नहीं, केवल हिंदू होगा’, मुंबई में मोहन भागवत का बड़ा बयान

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मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम में मोहन भागवत ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि संघ का सरसंघचालक किसी जाति का नहीं होगा, ब्राह्मण, क्षत्रिय या अन्य जाति का होना जरूरी नहीं है। केवल एक शर्त है, जो बने वह हिंदू होना चाहिए।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख डॉ. मोहन भागवत ने मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान आरएसएस प्रमुख कौन बन सकता है, इस बात को लेकर बड़ा बयान दिया। भागवत ने स्पष्ट किया कि संघ का सरसंघचालक किसी जाति का नहीं होगा। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि ब्राह्मण, क्षत्रिय या अन्य जाति का होना जरूरी नहीं है, केवल एक शर्त है, जो बने वह हिंदू होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जाति के आधार पर पद का चयन नहीं किया जाता, केवल हिन्दू होने की शर्त जरूरी है।बता दें कि मोहन भागतव ने मुंबई में आयोजित आरएसएस के शताब्दी वर्ष कार्यक्रम में ये बातें कही। इस मौके पर कार्यक्रम में कई जानी-मानी हस्तियों ने भी हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने साफ किया कि जाति से नहीं बल्कि हिंदू होने से ही इस पद के लिए पात्रता तय होती है।

भागवत बोले- अंग्रेजी का उपयोग जरूरत पर ही
इस दौरान भागवत ने अंग्रेजी भाषा के उपयोग को लेकर भी अपना रुख साफ किया। उन्होंने कहा कि उनका अंग्रेजी से कोई विरोध नहीं है। जहां अंग्रेजी के बिना काम नहीं चल सकता, वहां इसका उपयोग किया जाता है। लेकिन उनका प्रयास हमेशा यह रहता है कि अपनी मातृभाषा या हिंदी का ही प्रयोग किया जाए।