Sunday, June 14, 2026
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दुधवा नेशनल पार्क की मोटिवेटर नाजरुन निशा को जहरीले सांप ने काटा, खुद ही बाइक चलाकर पहुंचीं अस्पताल

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लखीमपुर खीरी। दुधवा नेशनल पार्क की मोटिवेटर नाजरुन निशा ने एक बार फिर साहसिक काम से सुर्खियां बटोरी हैं। उन्होंने लखीमपुर खीरी के जहरीले सांप करैत को रेस्क्यू किया। इस कार्य के दौरान सांप ने उनको काट भी लिया। इसके बाद भी नाजरुन निशा बाइक चलाकर अस्पताल पहुंच गईं और इलाज कराया।

नाजरुन निशा को सूचना दी गई कि रविवार को लखीमपुर खीरी में एक नाले के पास बेहद जहरीला सांप देखा गया है। नाजरुन निशा ने फिर साहस दिखाया जहरीले सांप को पकड़ा। इस दौरान जहरीले सांप ने उनको काट लिया, लेकिन उन्होंने सांप को नहीं छोड़ा और नाजरुन खुद ही बाइक चलाकर अस्पताल पहुंचीं। उन्होंने वहां पर अपना इलाज कराया।

दुधवा नेशनल पार्क की मोटिवेटर नाजरुन 300 से ज्यादा जहरीले सांपों का रेस्क्यू कर चुकी हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपना वीडियो भी पोस्ट किया और लिखा कि रेस्क्यू के दौरान अचानक मुझे सांप ने काट लिया। घबराने की कोई बात नहीं है, मैंने तुरंत अस्पताल जाकर आवश्यक उपचार और इंजेक्शन लगवा लिया है तथा अब मैं पूरी तरह सुरक्षित हूं।

इसके साथ ही सलाह दी कि यदि किसी को सांप काट ले, तो घबराएं नहीं और किसी भी प्रकार के घरेलू उपचार पर भरोसा न करें। आप तुरंत नज़दीकी अस्पताल पहुंचकर चिकित्सकीय सहायता लें। सही समय पर इलाज ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।

दुधवा नेशनल पार्क में ‘मोटिवेटर’ (वन्यजीव रेस्क्यूअर) के रूप में कार्यरत नाजरून निशा साहसी व प्रेरणादायक महिला हैं। लखीमपुर खीरी जिले के अपने गांव में 19 वर्ष की उम्र में सांप पकड़ने की शुरुआत करने वाली नाजरीन अब दुधवा के आस-पास के गांवों के लिए एक रक्षक बन चुकी हैं।

वर्ष 2022 में दुधवा टाइगर रिजर्व में मोटिवेटर के रूप में जुड़ने के बाद उन्होंने वन्यजीव विशेषज्ञों से औपचारिक प्रशिक्षण लिया।निशा अब तक आबादी वाले क्षेत्रों से 300 से अधिक जहरीले सांप और दस से अधिक मगरमच्छ सुरक्षित निकालकर जंगलों में छोड़ चुकी हैं।

उन्होंने महज दो मिनट में एक 18-फुट लंबे विशाल अजगर का रेस्क्यू करके तहलका मचा दिया था, जो कि उनके सबसे कठिन ऑपरेशनों में से एक था। उनके इस साहसिक कार्य से दुधवा से सटे लगभग 50 गांवों के निवासियों को जंगली जानवरों के खतरे से सुरक्षा और राहत मिली है।

क्रू की सैलरी, तेल या मेंटनेस… कहां खर्च होती है भारतीयों विमानों की कमाई; DGCA ने दिया एक-एक पैसे का हिसाब

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नई दिल्ली। आज के समय में व्यक्ति की पहचान के लिए फिंगर प्रिंटिंग का इस्तेमाल किया जाता है। क्राइम की दुनिया में भी अपराधी को पकड़ने के लिए यह एक बड़ा जरिया माना जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं फिंगरप्रिंट तकनीक का ख्याल सबसे पहले किसे आया था?

आपको बता दें कि इस क्रांतिकारी तकनीक की नींव स्कॉटलैंड के चिकित्सक और वैज्ञानिक हेनरी फॉल्ड्स ने रखी थी। उन्होंने दुनिया के सामने यह साबित किया कि हर व्यक्ति की उंगलियों के निशान पूरी तरह से अलग होते हैं। आइए जानें इस महान वैज्ञानिक की कहानी।

13 साल की उम्र में नौकरी

हेनरी फॉल्ड्स का जन्म 1 जून 1843 को स्कॉटलैंड के बीथ शहर में हुआ था। शुरुआत में उनका परिवार काफी खुशहाल और संपन्न था, लेकिन बैंक ऑफ ग्लासगो के डूबने के कारण उनके परिवार पर आर्थिक संकट टूट पड़ा। हालात इतने खराब हो गए कि सिर्फ 13 साल की उम्र में हेनरी को अपनी पढ़ाई छोड़कर नौकरी करनी पड़ी।

उन्होंने अपने करियर की शुरुआत एक क्लर्क के रूप में की और बाद में एक शॉल बनाने वाले के पास ट्रेनी की तरह काम करना शुरू कर दिया, लेकिन हेनरी के अंदर सीखने की ललक कम नहीं हुई थी। कुछ सालों बाद उन्होंने खुद के दम पर दोबारा पढ़ाई शुरू की। उन्होंने ग्लासगो यूनिवर्सिटी से गणित, तर्कशास्त्र और क्लासिक्स की शिक्षा ली। इसके बाद चिकित्सा विज्ञान में अपनी रुचि के चलते उन्होंने एंडरसन कॉलेज से डॉक्टर की डिग्री हासिल की।

भारत से जापान तक दीं अपनी सेवाएं

डॉक्टर बनने के बाद हेनरी फॉल्ड्स चर्च ऑफ स्कॉटलैंड के मेडिकल मिशनरी बन गए। साल 1871 में उन्हें भारत के दार्जिलिंग में स्थित गरीबों के अस्पताल में सेवा देने के लिए भेजा गया। इसके दो साल बाद वे जापान पहुंचे, जहां उन्होंने टोक्यो के सुकिजी इलाके में पहला स्कॉटिश मिशन अस्पताल खोला और मेडिकल छात्रों को पढ़ाने के लिए एक सेंटर भी स्थापित किया।

जापान में रहते हुए उन्होंने हैजा और रेबीज जैसी खतरनाक बीमारियों को फैलने से रोकने में बड़ी भूमिका निभाई। यही नहीं, उन्होंने जापान की पहली नेत्रहीन सहायता संस्था और नेत्रहीनों के लिए स्पेशल स्कूल की शुरुआत करने में भी अपना अहम योगदान दिया।

मिट्टी के बर्तनों से आया फिंगरप्रिंट का ख्याल

1870 के दशक में जब हेनरी टोक्यो में काम कर रहे थे, तब वे एक अमेरिकी आर्कियोलॉजिस्ट एडवर्ड सिल्वेस्टर मोर्स के साथ ओमोरी क्षेत्र में चल रही एक खुदाई को देखने गए। वहां उन्होंने पुराने मिट्टी के बर्तनों पर कुम्हारों की उंगलियों के निशान देखे। बस, यहीं से उनके दिमाग में एक आइडिया आया कि क्या हर व्यक्ति के फिंगरप्रिंट अलग होते हैं?

इसके बाद उन्होंने कई लोगों के उंगलियों के निशान जमा किए और उन पर गहरा अध्ययन किया। आखिरकार वे इस नतीजे पर पहुंचे कि दुनिया में हर इंसान के फिंगरप्रिंट अलग होते हैं और ये जीवनभर कभी नहीं बदलते।

जब फिंगरप्रिंट से बचाई एक निर्दोष की जान

हेनरी फॉल्ड्स की इस खोज का पहली बार क्राइम फील्ड में इस्तेमाल तब हुआ, जब टोक्यो अस्पताल में चोरी हुई। पुलिस ने शक के आधार पर एक व्यक्ति को आरोपी मान लिया, लेकिन फॉल्ड्स ने घटनास्थल पर मिले फिंगरप्रिंट मिलाकर उस व्यक्ति को निर्दोष साबित किया।

बाद में असली चोर पकड़ा गया और इतिहास में यह पहला केस दर्ज हुआ, जब फिंगरप्रिंट के जरिए किसी को न्याय मिला और असली अपराधी की पहचान हुई। साल 1880 में हेनरी ने नेचर जर्नल में अपना यह खोज पब्लिश कराया और दुनिया को बताया कि अपराध की जांच में फिंगरप्रिंट कितने कारगर साबित हो सकते हैं। इस महान वैज्ञानिक का निधन 24 मार्च 1930 को हुआ, लेकिन उनका यह काम आज भी फॉरेंसिक साइंस की रीढ़ बना हुआ है।

क्रू की सैलरी, तेल या मेंटनेस… कहां खर्च होती है भारतीयों विमानों की कमाई; DGCA ने दिया एक-एक पैसे का हिसाब

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नई दिल्ली। भारत में एविएशन सेक्टर तेजी के साथ बढ़ रहा है। देश में अब फ्लाइट का सफर किसी लग्जरी की जगह जरूरत बनता जा रहा है। इसके लिए हवाई यात्रा को और बेहतर बनाया जा रहा है। देश में नए और बेहतर प्लेन भी शुरू किए जा रहे हैं।

भारत का एविएशन सेक्टर नई ऊंचाइयां छू रहा है। यात्रियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, एयरलाइंस रिकॉर्ड संख्या में विमानों के ऑर्डर देकर अपने बेड़े का विस्तार कर रही हैं और देश भर में नए एयरपोर्ट बनाए जा रहे हैं।

केंद्र सरकार ने भी विमानन बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए पिछले साल दिसंबर में नई एयरलाइंस अल हिंद एयर और फ्लाईएक्सप्रेस को परिचालन के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) दे दिया।

इनके अलावा उत्तर प्रदेश स्थित शंख एयर को पहले ही एनओसी मिल चुका है। इस एयरलाइन के 2026 में परिचालन शुरू होने की संभावना है।

एविएशन सेक्टर के लिए सबसे बड़ी चुनौती

भारत के एविएशन सेक्टर की इस विकास की कहानी के पीछे एक बड़ी आर्थिक चुनौती है जो एयरलाइंस के मुनाफे पर भारी पड़ रही है और वो है एविएशन फ्यूल की लागत।

डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) के वित्त वर्ष 2023-24 के डेटा के मुताबिक, भारतीय एयरलाइंस अपने ऑपरेटिंग खर्च का करीब 40 प्रतिशत विमान के ईंधन और तेल पर खर्च करती हैं।

आसान शब्दों में बात कही जाए तो एयरलाइन पर खर्च होने वाले हर 100 रुपये में से करीब 40 रुपये सिर्फ ईंधन पर खर्च होते हैं।

ये आंकड़े बताते हैं कि तेल ही एयरलाइंस के लिए सबसे बड़ा ऑपरेटिंग खर्च बना हुआ है, जो रखरखाव, यात्री सेवाओं और कर्मचारियों के वेतन सहित अन्य सभी लागतों से कहीं ज्यादा है।

DGCA ने दिया एक-एक पैसे का हिसाब

DGCA के डेटा से पता चलता है कि विमान का ईंधन और तेल कुल ऑपरेटिंग खर्च का 39.4% है। एयरलाइंस टिकट के किराये का सबसे ज्यादा खर्च तेल पर ही खर्च करती हैं।

‘नौकरी से खुश हूं मगर देश सेवा के लिए राजनीति में जाना चाहता हूं; बरेली के हेड कांस्टेबल का इस्तीफा हुआ वायरल

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बरेली। जीआरपी जंक्शन के एक हेड कांस्टेबल मो. जमशेद का त्याग पत्र इंटरनेट मीडिया पर जमकर प्रसारित हो रहा है। जमशेद ने अपने त्यागपत्र में लिखा है कि वह पुलिस की नौकरी से संतुष्ट हैं मगर वर्तमान में देश में सांप्रदायिकता बढ़ती जा रही है।

जिसे काम करने के लिए उन्हें राजनीति में जाना है। जमशेद ने ये पत्र एसएसपी बरेली किये लिखा है। हालांकि, एसएसपी अनुराग आर्य का कहना है कि अभी उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं है।

इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित पत्र के अनुसार, जमशेद ने लिखा है कि उनकी पोस्टिंग फतेहगंज पूर्वी थाने में हैं मगर वर्तमान में वह जीआरपी बरेली जंक्शन पर तैनात हैं। उन्होंने लिखा है कि जब से उन्होंने पुलिस सेवा ज्वाइन की तब से वर्दी ने उन्हें बहुत सम्मान दिया, वह पुलिस की नौकरी से संतुष्ट हैं।

मगर वर्तमान में देश में सांप्रदायिकता बढ़ती जा रही है। जिससे मेरे भारत मेरे प्रदेश में आदमी एक दूसरे का दुश्मन बन रहा है। उन्होंने आगे लिखा कि वह इस सांप्रदायिकता को कम करने के लिए और देश सेवा के लिए राजनीति में जाना चाहते हैं। जिसकी वजह से पुलिस सेवा से त्यागपत्र दे रहे हैं। मामले में एसपी अनुराग आर्य का कहना है कि अभी उन्हें इस तरह का कोई त्यागपत्र नहीं मिला है नहीं इस मामले की जानकारी है।

सेल्सफोर्स साउथ एशिया की CEO अरुंधति भट्टाचार्य का दावा: भारत के पास है AI का नेतृत्व करने का दम

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नई दिल्ली। सेल्सफोर्स साउथ एशिया की प्रेसिडेंट और सीईओ अरुंधति भट्टाचार्य का कहना है कि अगर भारत अपनी प्रतिभा को शोध और बेहतर कौशल के साथ जोड़ ले, तो देश वैश्विक एआई इकोसिस्टम में बहुत अहम योगदान दे सकता है। भारत के पास एआई में नेतृत्व करने के लिए टैलेंट, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और एंटरप्रेन्योरशिप वाली ऊर्जा है।

भट्टाचार्य ने बताया, “भारत की खास जरूरतों से बहुत सारे नवाचार सामने आएंगे, चाहे वह मल्टीलिंगुअल एआई हो, कम लागत वाले मॉडल हों या ऐसे उपाय जो बहुत बड़े पैमाने पर काम कर सकें। साथ ही, हमें रिसर्च एंड डेवलपमेंट (आरएंडडी) पर और भी बहुत कुछ करने की जरूरत है। सिर्फ प्रतिभा काफी नहीं है।”

एआई की बढ़ती जरूरतों के बीच सबसे टिकाऊ गुण कोई तकनीकी कौशल नहीं, बल्कि जिज्ञासा है।

उन्होंने कहा, “अगर मैंने अपने अलग-अलग पड़ावों वाले सफर से कुछ सीखा है, तो वह यह है कि बदलाव के लिए तैयार रहना, सीखते रहना और जिज्ञासु बने रहना ही लंबे समय तक चलने वाले करियर की पहचान है। काम का भविष्य एआइ से बचकर निकलने के बारे में नहीं है। यह उसका नेतृत्व करने की हिम्मत रखने के बारे में है।”

अब देश भर में मशहूर होगी फिरोजाबाद की कचौड़ी और टिक्की चाट, योगी सरकार दिलाएगी नई पहचान

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फिरोजाबाद। एक जनपद एक व्यंजन (ओडीओसी) योजना के तहत शहर के प्रमुख व्यंजन कचौड़ी और आलू की टिक्की को देश भर पहचान मिलने जा रही है। प्रदेश सरकार द्वारा 25-29 सितंबर के मध्य ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपोजीशन मार्ट में उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 का आयोजन प्रस्तावित है। इसमें पहली बार ओडीओसी के तहत प्रदेश भर में चयनित प्रमुख व्यंजनों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी।

योगी सरकार ने प्रदेश के प्रमुख व्यंजनों को बढ़ावा देने के लिए ओडीओसी योजना का शुभारंभ किया। इसमें फिरोजाबाद में दुकानों और ठेलों बनने वाली कचौड़ी और आलू की टिक्की का चयन किया गया है। यह शहर वासियों के लिए सुबह के नाश्ते का प्रमुख व्यंजन है। सुबह से ही दुकानों और ठेलों पर कचौड़ी के शौकीनों की भीड़ लगी रहती है।

ऐसे चार प्रमुख फूड वेंडर्स का चयन दो श्रेणियों में पैकेज्ड उत्पाद और लाइव किचन श्रेणी में करते हुए तत्काल सूचना मुख्यालय को उपलब्ध कराएं, जिससे चयनित फूड वेंडर्स की आवश्यकताओं के अनुरूप व्यवस्थाएं निर्धारित में पूरी की जा सकें।

अंबानी, अनिल और अदाणी की रेयर अर्थ मिनरल्स पर नजर, तीनों ने दिखाई दिलचस्पी; चीन का तिलिस्म तोड़ने की तैयारी!

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नई दिल्ली। रेयर अर्थ मिनरल्स पर एकाधिकार रखने वाले चीन को आने वाले समय में भारत से कड़ी टक्कर मिल सकती है। दरअसल, भारत के तीन बड़े बिजनेसमैन मुकेश अंबानी, अनिल अग्रवाल और गौतम अदाणी ने रेयर-अर्थ मिनरल्स  के बड़े भंडार को प्रोसेस की टेक्नोलॉजी विकसित करने में दिलचस्पी दिखाई है। यानी ये कंपनियां भारत में मौजूद रेयर अर्थ मिनरल्स के भंडार को प्रोसेस करने की टेक्नोलॉजी विकसित करने की इच्छा जताई है।
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आज के समय में रेयर अर्थ मिनरल्स ऑटो सेक्टर से लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री और डिफेंस तक में बड़े स्तर पर इस्तेमाल होता है। इसके बिना आज के समय में किसी भी देश के लिए सर्वाइव करना बड़ा मुश्किल हो सकता है। यही कारण की सभी देश रेयर अर्थ मिनरल्स पर तेजी से काम कर रहे हैं। भारत ने तो अपने बजट में रेयर्थ अर्थ कॉरिडोर की घोषणा की थी।

10 कंपनियों ने रेयर अर्थ मिनरल्स पर दिखाई दिलचस्पी

एक सूत्र न्यूज एजेंसी रॉयटर्स को बताया कि नई दिल्ली रेयर-अर्थ के लिए चीन पर भारत की निर्भरता कम करना चाहती है। मुकेश अंबानी की रिलायंस, अनिल अग्रवाल की वेदांता और गौतम अदाणी की कंपनियां इस प्रोजेक्ट में दिलचस्पी दिखा रही हैं। ये तीनों कंपनियां उन लगभग 10 कंपनियों में शामिल हैं, जिन्होंने दक्षिणी राज्य में ‘रेयर-अर्थ’ सुविधाएं स्थापित करने में दिलचस्पी दिखाई है।

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दुबई से लेकर ओमान-ऑस्ट्रेलिया तक; विदेशी बाजारों में छाएंगे भारतीय फर्नीचर! FTA से खुले बंपर मुनाफे के रास्ते

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नई दिल्ली। हाल ही में किए गए मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) से भारत के फर्नीचर क्षेत्र को निर्यात और घरेलू उत्पादन को महत्वपूर्ण बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि इन व्यापार समझौतों के तहत शुल्क छूट न केवल घरेलू कंपनियों को विदेशी बाजारों में प्राथमिकता प्रदान मिलेगी, बल्कि भारत में क्षमता विस्तार और नए निवेश को भी प्रोत्साहित करेगी।

भारत ने मारीशस, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), आस्ट्रेलिया, ईएफटीए ब्लाक और ओमान के साथ एफटीए लागू किए हैं। इसके अलावा न्यूजीलैंड और ब्रिटेन के साथ ऐसे समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं और यूरोपीय संघ के साथ वार्ता के समापन की घोषणा की है।

इसके अलावा कई अन्य देशों के साथ भी समान व्यापार समझौतों पर बातचीत जारी है जिनमें इजरायल, कनाडा, पेरू, चिली, गल्फ कोआपरेशन काउंसिल (बहरीन, कुवैत, कतर और सऊदी अरब) और यूरेशियन इकोनामिक यूनियन (आर्मेनिया, बेलारूस, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान और रूस) शामिल हैं।

विमेंस टी-20 वर्ल्डकप में नौवीं बार भारत Vs पाकिस्तान:टीम इंडिया 6 बार जीती; कप्तान फातिमा सना का खेलना मुश्किल

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विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप में आज भारत और पाकिस्तान का मुकाबला एजबेस्टन स्टेडियम में शाम 7 बजे शुरू होगा। टूर्नामेंट में दोनों टीमों का यह पहला मैच होगा। भारत पिछले टी-20 वर्ल्ड कप में सेमीफाइनल तक पहुंचा था। वहीं पाकिस्तान ग्रुप स्टेज से बाहर हो गया था।

भारत और पाकिस्तान के बीच 16 टी-20 मुकाबले हुए हैं। इनमें भारत ने 13 और पाकिस्तान ने 3 मैच जीते हैं। टी-20 वर्ल्ड कप में दोनों टीमें 8 बार आमने-सामने हुई हैं। भारत ने 6 और पाकिस्तान ने 2 मैच जीते हैं।

पिछले साल पहली बार वनडे वर्ल्ड कप जीतने वाली भारतीय टीम अब टी-20 वर्ल्ड कप जीतकर लगातार दूसरा ICC खिताब हासिल करना चाहेगी। वहीं पाकिस्तान की टीम हाल ही में बांग्लादेश को टी-20 सीरीज में 3-0 से हराकर टूर्नामेंट में पहुंची है।

फातिमा की फिटनेस पर सस्पेंस

शनिवार को प्रैक्टिस के दौरान पाकिस्तानी कप्तान फातिमा सना चोटिल हो गईं। टीममेट आयशा जफर का शॉट उनके दाएं घुटने पर लगा। चोट के बाद वे अभ्यास नहीं कर सकीं। उनका खेलना मुश्किल माना जा रहा है।

शेफाली-मंधाना पर बड़ी जिम्मेदारी

  • भारत की सबसे बड़ी ताकत उसका टॉप ऑर्डर है। शेफाली वर्मा 1 जनवरी 2025 के बाद भारत की सबसे सफल बैटर रही हैं। उन्होंने 21 मैचों में 677 रन बनाए, 6 अर्धशतक लगाए और उनका स्ट्राइक रेट 159.29 रहा। वहीं स्मृति मंधाना ने 18 मैचों में 572 रन बनाए। इसमें एक शतक और तीन अर्धशतक शामिल हैं।
  • कप्तान हरमनप्रीत कौर भारत की सबसे अनुभवी खिलाड़ी होंगी। उनकी कप्तानी में भारत ने टी-20 वर्ल्ड कप के 19 मुकाबलों में 13 जीते और 6 हारे हैं। हरमनप्रीत ने 2025 के बाद 19 मैचों में 486 रन बनाए हैं। जेमिमा रोड्रिग्स (465 रन), ऋचा घोष (268 रन) और दीप्ति शर्मा मिडिल ऑर्डर को मजबूती देते हैं।
  • गेंदबाजी में श्री चरणी ने 2025 के बाद 20 मैचों में 28 विकेट लिए हैं। दीप्ति शर्मा 23 और अरुंधति रेड्डी 20 विकेट के साथ उनका साथ दे रही हैं।

तीसरे नंबर पर किसे मौका?

भारतीय टीम मैनेजमेंट के लिए टीम सिलेक्शन भी सिरदर्द बना हुआ है। तीसरे नंबर पर यस्तिका भाटिया और भारती फुलमाली में से किसी एक को मौका मिल सकता है। दोनों खिलाड़ियों ने हाल के महीनों में अच्छा प्रदर्शन किया है।

पाकिस्तान के लिए फातिमा सबसे बड़ी उम्मीद

  • पाकिस्तान की कप्तान फातिमा सना टीम की सबसे अहम खिलाड़ी हैं। उन्होंने 2025 के बाद 12 मैचों में 335 रन बनाए हैं और 13 विकेट लिए हैं। उनका बल्लेबाजी स्ट्राइक रेट 183.06 रहा है। हाल ही में उन्होंने विमेंस टी-20 का सबसे तेज अर्धशतक लगाया था। फातिमा ने जिम्बाब्वे के खिलाफ 15 गेंदों में फिफ्टी लगाई थी।
  • पाकिस्तान की बल्लेबाजी में मुनीबा अली, आयशा जफर और आलिया रियाज अहम भूमिका निभाएंगी। मुनीबा अली ने 12 मैचों में 291 रन बनाए हैं, जबकि आयशा जफर के नाम एक शतक है।21 साल की इमन फातिमा टीम की उभरती हुई बल्लेबाज हैं। वह 2023 अंडर-19 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान की सबसे ज्यादा रन बनाने वाली खिलाड़ी थीं।
  • गेंदबाजी में पाकिस्तान की सबसे बड़ी ताकत उसकी स्पिन तिकड़ी होगी। सादिया इकबाल ने 12 मैचों में 14 विकेट लिए हैं। फातिमा सना के नाम 13 विकेट हैं, जबकि नशरा संधू 9 विकेट ले चुकी हैं। तुबा हसन बीच के ओवरों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

मौसम साफ रहेगा

बर्मिंघम में रविवार को मौसम क्रिकेट के लिए अनुकूल रहने की उम्मीद है। तापमान 10 से 19 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा। बारिश की संभावना 20 प्रतिशत है। हालांकि बादल और हवा के कारण शुरुआती ओवरों में तेज गेंदबाजों को स्विंग मिल सकती है।

एजबेस्टन की पिच कैसी रहेगी?

21 हजार दर्शकों की क्षमता वाले एजबेस्टन स्टेडियम की पिच बल्लेबाजों और गेंदबाजों दोनों को मदद देती है। नई गेंद से तेज गेंदबाजों को मूवमेंट मिलता है, जबकि मैच आगे बढ़ने पर स्पिनरों की भूमिका बढ़ती है।

इस मैदान पर महिला टी-20 इंटरनेशनल में पहली पारी का औसत स्कोर 145 रन है। 150 से ज्यादा का स्कोर चैलेंजिंग माना जाता है। यहां पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम 10 और लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम 9 मुकाबले जीत चुकी है।

पॉसिबल प्लेइंग-11

भारत: स्मृति मंधाना, शेफाली वर्मा, यास्तिका भाटिया/भारती फुलमाली, हरमनप्रीत कौर (कप्तान), जेमिमा रोड्रिग्स, ऋचा घोष (विकेटकीपर), दीप्ति शर्मा, श्रेयंका पाटिल, क्रांति गौड़, नंदिनी शर्मा, श्री चरणी।

पाकिस्तान: मुनीबा अली (विकेटकीपर), गुल फिरोजा, आयशा जफर, आलिया रियाज, फातिमा सना (कप्तान), इमन फातिमा, इरम जावेद, तुबा हसन, डायना बेग, नशरा संधू, सादिया इकबाल।

कहां देख सकेंगे मैच

मैच का लाइव टेलीकास्ट स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क पर होगा। लाइव स्ट्रीमिंग जियोहॉटस्टार पर उपलब्ध रहेगी। दैनिक भास्कर एप पर भी आप मैच का LIVE ब्लॉग, मोमेंट्स, रिकॉर्ड्स पढ़ सकते हैं।

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विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप की यह खबर भी पढ़िए…

6 प्लेयर्स भारत को चैंपियन बना सकती हैं; हरमन सबसे सफल कप्तान, दीप्ति टॉप ऑलराउंडर

विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप में भारत का पहला मैच कल पाकिस्तान से होगा। पिछले ही साल वनडे वर्ल्डकप जीत चुकी हरमनप्रीत की ये टीम टी-20 वर्ल्डकप की भी सबसे मजबूत दावेदार मानी जा रही है। उसमें अनुभव, फॉर्म और युवा जोश का बेहतरीन मिश्रण है। हरमनप्रीत टी-20 इंटरनेशनल में सबसे सफल कप्तान हैं। स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा की विस्फोट ओपनिंग जोड़ी है।

LDA में नौकरी-सरकारी ठेका दिलाने के नाम पर ठगी:₹30 लाख लेकर मां-बेटे ने थमाया फर्जी लेटर, ऑफिस में चेक कराने पर पता चला

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लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) में नौकरी और सरकारी ठेका दिलाने का झांसा देकर मां-बेटे ने 30 लाख रुपए ठग लिए। पीड़ित ने धोखाधड़ी, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए पुलिस से शिकायत की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

गोलागंज के बारूदखाना स्थित तकिया आजम बेग की रहने वाली पीड़ित वारिस एहसान खान ने पुलिस से की शिकायत में बताया- उनके दूर के रिश्तेदार सुमायरा रब्बानी उर्फ परवीन और उनके पुत्र अली अब्दुल्लाह ने एलडीए में नौकरी लगवाने और सरकारी ठेके दिलाने का भरोसा दिलाया था। सुमायरा एलडीए में कार्यरत बताई जाती हैं।

दो बार में लिए पैसे, 25 लाख नकद लिए

पीड़ित का आरोप है कि उनकी बातों में आकर उन्होंने जनवरी 2024 में अली अब्दुल्लाह के आईसीआईसीआई बैंक खाते में 5 लाख रुपए ट्रांसफर किए। इसके बाद मार्च 2024 में 25 लाख रुपए नकद दिए।

जांच में फर्जी निकला नियुक्ति पत्र

वारिस ने बताया कुछ समय बाद सुमायरा रब्बानी ने उन्हें एक पत्र दिया और कहा कि उनके कहने पर ही उसे लेकर एलडीए जाना। काफी समय बीतने के बाद जब उन्हें संदेह हुआ तो वह खुद एलडीए पहुंचे और पत्र की जांच कराई। वहां पता चला कि पत्र फर्जी है।

पीड़ित का कहना है कि जब उन्होंने इस बारे में आरोपियों से बात की तो उन्होंने पत्र वापस मांग लिया, लेकिन उन्होंने पत्र नहीं लौटाया।

पैसे मांगने पर दी धमकी

वारिस का आरोप है कि न तो उन्हें एलडीए में नौकरी मिली और न ही किसी प्रकार का ठेका। इसके बाद उन्होंने अपने 30 लाख रुपए वापस मांगे, लेकिन आरोपी लगातार टालमटोल करते रहे।

पीड़ित के मुताबिक, कई बार घर जाकर रकम लौटाने की मांग करने पर आरोपियों ने गाली-गलौज की, धक्का देकर भगा दिया। इसके बाद फर्जी मुकदमों में फंसाने की धमकी भी दी। कैसरबाग इंस्पेक्टर अंजनि मिश्रा ने बताया मुकदमा दर्ज करके जांच की जा रही है। आरोपियों को पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा।