इटावा। नगला भिखन गांव की प्रगतिशील किसान मंत्रवती शाक्य ने परंपरागत खेती को छोड़कर फलों की खेती को अपनाकर स्वावलंबन की राह दिखाई है। स्ट्रॉबेरी की खेती से शुरुआत कर उन्होंने ड्रैगन फ्रूट और तरबूज जैसी फसलों से अच्छी आय अर्जित की है। उनकी इस उपलब्धि के लिए उन्हें दो बार मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित भी किया जा चुका है, और अब वे लखपति दीदी के रूप में पहचानी जाती हैं।
एक साधारण किसान परिवार से आने वाली मंत्रवती शाक्य ने सीमित आय में परिवार के भरण-पोषण की चुनौती का सामना किया। कोरोना काल में भी उन्होंने धैर्य बनाए रखा और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़कर आधुनिक व लाभकारी खेती की ओर कदम बढ़ाए। स्ट्रॉबेरी से शुरू हुई उनकी यात्रा में ड्रैगन फ्रूट, तरबूज और रागी जैसी फसलों को शामिल करने से उनकी वार्षिक आय लाखों रुपये तक पहुंच गई।
प्रगतिशील खेती से मिली पहचान
किसान दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंत्रवती को प्रगतिशील महिला किसान के रूप में सम्मानित किया। इससे पहले भी उन्हें मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित किया जा चुका है। मंत्रवती ने बताया कि खेती ने न केवल उनकी आर्थिक स्थिति सुधारी है, बल्कि उन्हें सम्मान भी दिलाया है, जो अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनका मानना है कि सही मार्गदर्शन, धैर्य और अवसर मिलने पर ग्रामीण महिलाएं हर चुनौती को पार कर आत्मनिर्भर बन सकती हैं। उनकी सफलता से प्रेरित होकर क्षेत्र की अन्य महिलाएं भी पारंपरिक खेती छोड़कर बागवानी की ओर आकर्षित हो रही हैं।











