सहारनपुर- युवक की गोली मारकर हत्या, पत्नी को यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा दिलाने आया था युवक, प्रेम विवाह को लेकर हत्या की आशंका, पत्नी ने परिजनों पर लगाया आरोप, रामपुर मनिहारान थाना क्षेत्र की घटना
इंटरनेशनल डेस्क: दक्षिणी इराक के नासिरिया शहर के पास रविवार को एक यात्री बस के दुर्घटनाग्रस्त होने से कम से कम 21 लोगों की मौत हो गई और 19 अन्य घायल हो गए। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बस तेज रफ्तार के कारण अनियंत्रित होकर पलट गई और उसमें भीषण आग लग गई।
अस्पताल में मची चीख-पुकार
हादसे के बाद बस के भीतर फंसे यात्रियों को निकालने की कोशिश की गई, लेकिन आग इतनी भयावह थी कि 21 लोगों ने मौके पर या अस्पताल में दम तोड़ दिया। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि घायलों में से अधिकांश की स्थिति गंभीर बनी हुई है और वे गंभीर रूप से झुलस गए हैं।
प्रधानमंत्री ने दिए जांच के आदेश
इराकी प्रधानमंत्री अली अल-जैदी ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है और दुर्घटना के कारणों की जाँच के आदेश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों को विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। गौरतलब है कि इराक में खराब सड़कों, तेज रफ्तार और यातायात नियमों के उल्लंघन के कारण आए दिन ऐसे दर्दनाक हादसे होते रहते हैं।
Hardoi News: उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के समदखेड़ा गांव में 19 वर्षीय युवती की उसके पिता और 2 भाइयों ने कथित तौर पर रात में बिना बताए घर से बाहर जाने पर पीट-पीटकर हत्या कर दी। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने जांच को गुमराह करने के लिए उसके शरीर पर सांप के काटने जैसे निशान बनाए और शव को एक बाग में जलाने का प्रयास किया।
मां की शिकायत पर पूरा परिवार सलाखों के पीछे
मिली जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने बताया कि इस मामले में मृतका शुभी की मां मितलेश की शिकायत पर 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। यह घटना 3 और 4 जून की मध्य रात्रि के बीच हुई, जब शुभी लगभग आधी रात घर से निकली और करीब 4 बजे सुबह वापस लौटी। पुलिस के अनुसार, इस बात से नाराज होकर उसके पिता रामदयाल तथा भाइयों मुनेश और सुरेश ने उसकी पीट-पीट कर हत्या कर दी। रविवार को पुलिस ने इस मामले में तीनों आरोपियों और मुनेश की पत्नी माधुरी को गिरफ्तार कर लिया।
फांसी और सांप काटने का झूठा ड्रामा बेनकाब
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने शव पर गला घोंटे जाने जैसे निशान भी बनाए ताकि यह प्रतीत हो कि मौत फांसी लगाने से हुई है, और बाद में शव को जलाने का प्रयास किया गया। अपर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी क्षेत्र) सुबोध कुमार गौतम ने बताया कि आरोपियों ने सुई की मदद से शरीर पर सांप के काटने जैसे झूठे निशान बनाए ताकि मामला भ्रमित किया जा सके। अधिकारी ने बताया कि गहन पूछताछ के दौरान सभी चारों आरोपियों ने अपराध स्वीकार कर लिया है।
नेशनल डेस्क: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फ़ाउंडर अभिजीत दिपके ने कहा है कि अगर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान परीक्षाओं और भर्ती टेस्ट में कथित गड़बड़ियों को लेकर 13 जून तक इस्तीफ़ा नहीं देते हैं, तो वह देश के अलग-अलग राज्यों और शहरों में विरोध-प्रदर्शन करेंगे।
नेपाल और बांग्लादेश में हाल ही में ‘जेन ज़ेड’ (Gen Z) के विरोध-प्रदर्शनों के बारे में पूछे जाने पर, दिपके ने रविवार को ज़ोर देकर कहा कि CJP का आंदोलन शांतिपूर्ण रहा है और इसकी तुलना पड़ोसी देशों में हुए प्रदर्शनों से नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि CJP सिर्फ़ ‘जेन ज़ेड’ के लिए है और यह किसी भी राजनीतिक पार्टी से नहीं जुड़ेगा। कॉकरोच जनता पार्टी ने 6 जून को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन किया था और देश में पेपर लीक के कथित मामलों को लेकर केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग की थी।
रविवार रात X पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में दिपके ने कहा, “मैंने पहले कहा था कि अगर धर्मेंद्र प्रधान शनिवार (13 जून) तक इस्तीफ़ा नहीं देते हैं, तो आंदोलन बड़े पैमाने पर होगा। उसी दिशा में आगे बढ़ते हुए, अगर प्रधान इस्तीफ़ा नहीं देते हैं, तो मैं व्यक्तिगत रूप से अलग-अलग शहरों और राज्यों में जाकर उनके इस्तीफ़े की मांग को लेकर विरोध-प्रदर्शन करूंगा।” उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी में आंदोलन के अगले चरण की योजनाओं के बारे में भी बात की।
दिपके ने कहा, “अगर राज्यों में विरोध-प्रदर्शन के बाद भी धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफ़ा नहीं देते हैं, तो हमारे पास दोबारा आंदोलन करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा। तब देश के अलग-अलग हिस्सों से छात्र नई दिल्ली में इकट्ठा होंगे और शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन करेंगे।” दिपके ने कहा, “जब तक प्रधान इस्तीफ़ा नहीं देते, हम नहीं रुकेंगे। उन्हें एक करोड़ से ज़्यादा छात्रों का भविष्य बर्बाद करने की नैतिक ज़िम्मेदारी लेनी चाहिए।” इससे पहले, यहां एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिपके ने कहा कि CJP आंदोलन, जो ‘कॉकरोच’ शब्द को लेकर एक ऑनलाइन व्यंग्यात्मक प्लेटफ़ॉर्म के तौर पर शुरू हुआ था, उसकी तुलना कुछ पड़ोसी देशों में हुए आंदोलनों से नहीं की जा सकती।
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अयोध्या में उत्तर प्रदेश पुलिस के विशेष कार्य बल (STF) के साथ हुई मुठभेड़ में इनामी बदमाश मारा गया। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी।
Lucknow News: अयोध्या में उत्तर प्रदेश पुलिस के विशेष कार्य बल (STF) के साथ हुई मुठभेड़ में इनामी बदमाश मारा गया। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार रविवार देर रात हुई इस मुठभेड़ में गोरखपुर के विधनापार निवासी भानु प्रताप सिंह (38) घायल हो गया और उसे उपचार के लिए अयोध्या मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। उसने बताया कि सिंह के खिलाफ 40 मुकदमे दर्ज हैं।
तीन जिलों से ₹1.65 लाख का था इनाम
एसटीएफ के अपर पुलिस महानिदेशक अमिताभ यश ने बताया कि भानु प्रताप पर आजमगढ़ पुलिस ने एक लाख रुपए, आंबेडकर नगर पुलिस ने 50 हजार और गोरखपुर पुलिस ने 15 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। पुलिस की ओर से जारी बयान में कहा गया कि रविवार देर रात एसटीएफ की प्रयागराज इकाई को भानु प्रताप सिंह के बारे में सूचना मिली थी और जब उसे रोकने की कोशिश की तो बदमाश ने गोलीबारी शुरू कर दी। इसमें कहा गया कि पुलिस की जवाबी कार्रवाई में बदमाश गोली लगने से घायल हो गया। पुलिस ने उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां उसकी मौत हो गई। बयान में कहा गया कि भानु प्रताप सिंह के खिलाफ हत्या, लूट और रंगदारी जैसी गंभीर धाराओं में 40 मुकदमे दर्ज हैं।