लखनऊ- पश्चिम बंगाल में CM योगी करेंगे प्रचार, 2 रोड शो, 2 जनसभा करेंगे सीएम, उत्तर 24 परगना के कल्याणी में रोड शो, 11.50 बजे कल्याणी में रोड शो, हुगली के धानेखाली में करेंगे जनसभा, 2.05 बजे धानेखाली में करेंगे जनसभा, कोलकाता के दम दम में करेंगे रोड शो, 3.25 बजे दम दम में करेंगे रोड शो, कोलकाता के राजारहाट गोपालपुर में सभा, 4.10 बजे राजारहाट गोपालपुर करेंगे जनसभा।
बेटी की शादी करके लौट रहे मां-बाप और बेटे की सड़क हादसे में मौत
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में एक दिल को झकझोर देने वाली तस्वीर सामने आई है। यहां बेटी की शादी करके लौट रहे मां-बाप और बेटे की सड़क हादसे में मौत हो गई। इस हादसे में पांच लोगों की जान गई थी। ससुराल से आई नवविवाहित बेटी ने परिवार के पालतू डॉग ‘रुद्र’ को अपने हाथों से जमीन में दफनाया।
रविवार सुबह मां-बाप और भाई की अर्थियों को एक गाड़ी में रखकर गोरखपुर के राजघाट श्मशान घाट लाया गया। यहां भतीजे ने तीनों लोगों की चिताओं को मुखाग्नि दी। एक साथ तीन चिताओं को जलता देख, हर किसी के आंखें नम हो गईं।
कानपुर देहात में नकली-घटिया तेल पर बड़ी कार्रवाई, 28 हजार लीटर सीज; कई कंपनियों के प्रोडक्ट बैन* कानपुर देहात।
कानपुर देहात में नकली-घटिया तेल पर बड़ी कार्रवाई, 28 हजार लीटर सीज; कई कंपनियों के प्रोडक्ट बैन*
कानपुर देहात।
ब्रांडेड नाम पर घटिया खाद्य तेल बेचने के मामले में खाद्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। छापेमारी के दौरान लिए गए सैंपल फेल होने के बाद विभाग ने कई कंपनियों के उत्पादों पर तत्काल प्रतिबंध लगा दिया है।
कार्रवाई के तहत मयूर कंपनी और बावर्ची कंपनी के प्रोडक्ट बैन किए गए हैं। इसके अलावा वैभव एडिबल और अग्रवाल एग्रो के तेल पर भी रोक लगाई गई है। खाद्य विभाग ने करीब 28 हजार लीटर संदिग्ध तेल सीज किया है, जिसमें मयूर कंपनी का 18,822 लीटर और अग्रवाल एग्रो का 9,955 लीटर तेल शामिल है।
अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिन बैच नंबर के सैंपल फेल हुए हैं, उन सभी प्रोडक्ट की बिक्री तत्काल प्रभाव से बंद कराई जाए। साथ ही जहां-जहां यह तेल सप्लाई हुआ है, वहां भी बिक्री रोकने के आदेश जारी किए गए हैं। इस कार्रवाई से खाद्य कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।
Luxury Housing Sales: लग्जरी हाउसिंग में गुरुग्राम अव्वल, ₹24,120 करोड़ की बिक्री के साथ मुंबई को पछाड़ा
नई दिल्लीः गुरुग्राम में 10 करोड़ रुपए या उससे अधिक कीमत वाले लक्जरी घरों की बिक्री 2025 में मूल्य के हिसाब से 80 प्रतिशत बढ़कर 24,120 करोड़ रुपए पर पहुंच गई। मूल्य के लिहाज से गुरुग्राम ने मुंबई को पीछे छोड़ दिया है। एक रिपोर्ट से यह जानकारी मिली है। रियल एस्टेट सलाहकार ‘इंडिया सॉथबीज इंटरनेशनल रियल्टी’ (आईएसआईआर) और डेटा विश्लेषक कंपनी सीआरई मैट्रिक्स द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) स्थित गुरुग्राम ने 10 करोड़ रुपए और उससे अधिक कीमत वाले मकानों की बिक्री के कुल मूल्य के मामले में मुंबई को पीछे छोड़ दिया। इस श्रेणी में गुरुग्राम में 24,120 करोड़ रुपए के, जबकि मुंबई में 21,902 करोड़ रुपए के घरों की बिक्री हुई।
आंकड़ों के मुताबिक, गुरुग्राम में 10 करोड़ रुपए और उससे अधिक कीमत वाले लक्जरी घरों की बिक्री पिछले कैलेंडर वर्ष में लगभग तीन गुना होकर 1,494 इकाई पर पहुंच गई, जो 2024 में 519 इकाई रही थी। मूल्य के आधार पर बिक्री 2024 के 13,384 करोड़ रुपए से बढ़कर 2025 में 24,120 करोड़ रुपए हो गई। रिपोर्ट कहती है, ”मुंबई पारंपरिक रूप से देश का सबसे महंगा रियल एस्टेट बाजार रहा है, लेकिन 2025 के दौरान 10 करोड़ रुपए और उससे अधिक कीमत वाले लक्जरी घरों की कुल बिक्री के मूल्य के मामले में गुरुग्राम उससे आगे निकल गया।”
इंडिया सॉथबीज इंटरनेशनल रियल्टी की निदेशक (एरिया) टीना तलवार ने कहा, ”खास बात यह है कि यह वृद्धि अब केवल पुराने प्रतिष्ठित इलाकों तक सीमित नहीं है। द्वारका एक्सप्रेसवे, गोल्फ कोर्स रोड और गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड जैसे उभरते बाजार सामूहिक रूप से संरचनात्मक विस्तार को गति दे रहे हैं जिसे बुनियादी ढांचे में सुधार, बेहतर परियोजनाओं की पेशकश और बेहतर संपर्क का समर्थन मिल रहा है।”
सीआरई मैट्रिक्स के सह-संस्थापक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अभिषेक किरण गुप्ता ने कहा कि पिछले दो साल में लक्जरी खंड में लगभग 10 गुना वृद्धि से खरीदारों का सतत भरोसा, मजबूत पूंजी प्रवाह और उच्च संपदा वाले व्यक्तियों (एचएनआई) की बढ़ती संख्या का संकेत मिलता है।
आशियाना हाउसिंग पुणे में बनाएगी बुजुर्गों के लिए आवास, 1,800 करोड़ रुपए के राजस्व की उम्मीद
नई दिल्लीः रियल एस्टेट कंपनी आशियाना हाउसिंग ने पुणे में 28.55 एकड़ जमीन खरीदी है। कंपनी इस भूमि पर बुजुर्गों के लिए एक विशेष आवासीय परियोजना विकसित करेगी, जिससे उसे 1,800 करोड़ रुपए के राजस्व की उम्मीद है। कंपनी ने शेयर बाजार को दी सूचना में बताया कि महाराष्ट्र के पुणे में मावल तालुका के वडगांव में इस जमीन का अधिग्रहण किया गया है। बुजुर्गों के लिए आवासीय परियोजना विकसित करने के उद्देश्य से किया गया यह कंपनी का अब तक का सबसे बड़ा भूमि सौदा है।
आशियाना हाउसिंग के संयुक्त प्रबंध निदेशक अंकुर गुप्ता ने कहा कि कंपनी इस क्षेत्र में बुजुर्गों के घरों की भारी मांग को पूरा करने के लिए जमीन की तलाश में थी। कंपनी के अनुसार, 20 लाख वर्ग फुट के कुल बिक्री योग्य क्षेत्र वाली इस परियोजना से 1,800 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त होने का अनुमान है।
जापान का वित्त वर्ष 2025-26 में व्यापार घाटा 1700 अरब येन, लगातार पांचवें वित्त वर्ष में दर्ज किया घाटा
तोक्योः जापान का वित्त वर्ष 2025-26 में व्यापार घाटा 1700 अरब येन (10.7 अरब डॉलर) रहा। सरकार ने बुधवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि लगातार पांचवें वित्त वर्ष में व्यापार घाटा दर्ज किया गया है। वित्त मंत्रालय के अनुसार, निर्यात में पिछले वर्ष की तुलना में चार प्रतिशत की वृद्धि हुई जबकि आयात केवल 0.5 प्रतिशत बढ़ा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के जापान और अन्य देशों से आयात पर लगाए गए ऊंचे शुल्क वैश्विक मोटर वाहन विनिर्माताओं और अन्य उद्योगों के लिए बड़ा झटका साबित हुए हैं। गत वित्त वर्ष में अमेरिका को जापान का कुल निर्यात 6.6 प्रतिशत घटा जबकि मोटर वाहन निर्यात में 16 प्रतिशत की गिरावट आई।
मार्च में जापान का व्यापार अधिशेष एक साल पहले की तुलना में हालांकि 26 प्रतिशत बढ़ा, जो निर्यात क्षेत्र के पिछले झटकों से उबरने का संकेत है। मार्च में निर्यात लगभग 11.7 प्रतिशत और आयात करीब 10.9 प्रतिशत बढ़ा। इस बीच, ईरान युद्ध से पश्चिम एशिया से तेल आपूर्ति में बाधा की आशंका भी जापान के लिए चिंता का विषय बनी हुई है क्योंकि वह लगभग अपनी पूरी तेल और गैस जरूरतों का आयात करता है। ऊर्जा के अलावा, तेल की कमी नेफ्था आधारित उत्पादों के उत्पादन को भी प्रभावित कर सकती है जो चिकित्सा आपूर्ति एवं अन्य प्लास्टिक के लिए महत्वपूर्ण हैं।
जापानी सरकार ने जनता को आश्वस्त करते हुए कहा है कि देश के पास ऐसी आपात स्थिति के लिए 254 दिन का तेल भंडार है। आपूर्ति को स्थिर रखने के लिए सरकार इस भंडार से कुछ आपूर्ति कर सकती है। जापान इसके अलावा एशिया के अधिकतर तेल एवं गैस की आपूर्ति के मुख्य मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य का विकल्प भी तलाश रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य युद्ध के कारण प्रभावी रूप से बंद है।
Rupee Fall: लगातार तीसरे दिन गिरा रुपया, डॉलर के मुकाबले आज इतनी आई गिरावट
मुंबईः रुपए में बुधवार को लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में गिरावट आई और यह 39 पैसे टूटकर 93.83 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर रहा। अमेरिका-ईरान शांति वार्ता को लेकर अनिश्चितता से पश्चिम एशिया में संघर्ष कम होने की उम्मीदें कमजोर हुई हैं। इसके साथ कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई जिससे घरेलू मुद्रा पर दबाव बढ़ा। विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने बताया कि घरेलू शेयर बाजारों में गिरावट और विदेशी पूंजी की निरंतर निकासी ने भी भारतीय मुद्रा पर दबाव डाला। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 93.69 प्रति डॉलर पर खुला।
कारोबार के दौरान डॉलर के मुकाबले 93.87 के निचले स्तर तक पहुंचा। अंत में घरेलू मुद्रा डॉलर के मुकाबले 93.83 (अस्थायी) पर रही जो पिछले बंद भाव से 39 पैसे की गिरावट है। रुपया मंगलवार को 28 पैसे की गिरावट के साथ 93.44 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा कि कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी और अमेरिका-ईरान वार्ता को लेकर अनिश्चितता के कारण रुपये में गिरावट आई है। विदेशी पूंजी की निकासी के दबाव के कारण रुपए में नकारात्मक रुझान रहने का अनुमान है।
चौधरी ने कहा, ”हालांकि, अमेरिकी डॉलर के कमजोर होने से रुपए में तेज गिरावट को रोका जा सकता है। डॉलर के मुकाबले रुपए का हाजिर भाव 93.60 से 94.20 रुपए के दायरे में रहने का अनुमान है।” इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.07 प्रतिशत की गिरावट के साथ 98.15 पर रहा। घरेलू शेयर बाजारों में सेंसेक्स 756.84 अंक यानी 0.95 प्रतिशत की गिरावट के साथ 78,516.49 अंक पर जबकि निफ्टी 198.50 अंक यानी 0.81 प्रतिशत टूटकर 24,378.10 अंक पर बंद हुआ।
अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड का भाव 1.29 प्रतिशत की बढ़त के साथ 99.75 डॉलर प्रति बैरल रहा। शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) मंगलवार को बिकवाल रहे थे और उन्होंने 1,918.99 करोड़ रुपए के शेयर बेचे।
stock market crash: शेयर बाजार में मचा कोहराम, सेंसेक्स 800 अंक धड़ाम, ये है बड़ा कारण
Share Market 23 April: गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत भारी गिरावट के साथ हुई, जिससे निवेशकों में चिंता बढ़ गई। बाजार खुलते ही सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में तेज गिरावट देखने को मिली और कुछ ही मिनटों में बाजार लाल निशान में चला गया।
सेंसेक्स में तेज गिरावट
BSE का 30 शेयरों वाला प्रमुख Index Sensex अपने पिछले बंद स्तर 78,516 के मुकाबले गिरकर 77,983 पर खुला। इसके बाद गिरावट और बढ़ गई और कुछ ही समय में यह 800 अंक से ज्यादा टूटकर लगभग 77,693 के आसपास ट्रेड करता दिखा। इस तेज गिरावट ने बाजार में शुरुआती ट्रेडिंग से ही दबाव बना दिया और निवेशकों में बेचैनी बढ़ गई। National Stock Exchange का निफ्टी भी कमजोर शुरुआत के साथ खुला। यह अपने पिछले बंद 24,378 के मुकाबले गिरकर 24,202 पर खुला और आगे और फिसलते हुए 24,134 के स्तर तक पहुंच गया।
गिरावट के पीछे कारण
विशेषज्ञों के अनुसार, इस गिरावट के पीछे अंतरराष्ट्रीय कारण प्रमुख रहे। अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज स्ट्रेट को लेकर बढ़ते तनाव और कच्चे तेल (crude oil) की कीमतों में उछाल ने वैश्विक बाजारों पर दबाव बनाया है। इसके अलावा अमेरिकी बाजार पहले ही गिरावट के साथ बंद हुए थे, जिसका असर एशियाई बाजारों पर भी देखने को मिला।
Asian markets में भी गिरावट
जापान का निक्केई इंडेक्स शुरुआती कारोबार में लगभग 650 अंक तक गिर गया। वहीं हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स और दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स भी दबाव में नजर आए और लाल निशान में कारोबार करते दिखे।











