Monday, June 1, 2026
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Auraiya: थाने में सुलह, गेट पर संग्राम; बीएसएफ जवान और पत्नी के बीच सड़क पर घमासान

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दिबियापुर थाना क्षेत्र में रविवार को उस समय बीच सड़क पर अफरा-तफरी और हड़कंप मच गया, जब देश की सीमा की रक्षा करने वाला एक बीएसएफ जवान अपनी ही पत्नी के साथ सरेराह गुत्थमगुत्था हो गया। अभी कुछ ही देर पहले पुलिस ने दोनों के बीच समझौता कराकर थाने से विदा किया था, लेकिन थाने के मुख्य गेट पर पहुंचते ही दोनों के बीच फिर से लात-घूंसे चलने लगे।

इस हाईवोल्टेज ड्रामे के दौरान जवान के अत्यधिक शराब के नशे में होने की बात सामने आई है। वहीं, अस्पताल में भर्ती जवान ने स्थानीय पुलिस पर ही थाने के भीतर बेरहमी से पीटने का संगीन आरोप मढ़ दिया है, जिससे प्रशासनिक गलियारों में खलबली मच गई है।साले की शिकायत पर थाने पहुंचा था जवान
पंजाब के जलालाबाद में 158 बटालियन में तैनात सीमा सुरक्षा बल के जवान का अपनी पत्नी के साथ काफी समय से घरेलू विवाद चल रहा था। रविवार को घर पर दोनों के बीच विवाद इतना बढ़ा कि मारपीट की नौबत आ गई। इसके बाद जवान के साले ने स्थानीय दिबियापुर थाने में लिखित शिकायत दर्ज करा दी।

साले द्वारा पुलिस बुलाने की भनक लगते ही जवान भी खुद थाने पहुंच गया। पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए दोनों पक्षों को काफी देर तक समझाया-बुझाया और कानूनी पचड़े से बचते हुए दोनों के बीच आपसी रजामंदी से सुलह कराकर थाने से विदा कर दिया।

बीच सड़क पर लात-घूंसे और हाईवोल्टेज ड्रामा
पुलिस को लगा कि मामला शांत हो गया है, लेकिन असली ड्रामा तो अभी बाकी था। दोनों पक्ष जैसे ही थाने के मुख्य गेट पार कर सड़क पर पहुंचे, किसी पुरानी बात को लेकर पति-पत्नी में दोबारा तीखी कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते बात इतनी बिगड़ गई कि दोनों पक्ष मर्यादा भूलकर बीच बाजार एक-दूसरे पर टूट पड़े।

बताया जा रहा है कि बीएसएफ जवान उस वक्त भारी शराब के नशे में धुत था, जिससे वह अपना मानसिक संतुलन खो बैठा और मारपीट के दौरान अचानक सड़क पर ही औंधे मुंह गिर पड़ा। सड़क पर घिसटने और गिरने के कारण उसके शरीर और सिर में काफी गंभीर चोटें आईं, जिसके बाद आनन-फानन में उसे इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया।

जवान के आरोप थाने के अंदर की गई बेरहमी से पिटाई
अस्पताल के बेड पर लेटे बीएसएफ जवान ने खुद का बचाव करते हुए दिबियापुर थाना पुलिस पर ही गंभीर और सनसनीखेज आरोप लगा दिए। जवान का दावा है कि उसके शरीर पर जो चोटें आई हैं, वे गिरने से नहीं बल्कि पुलिस द्वारा थाने के अंदर की गई बेरहमी से पिटाई के कारण लगी हैं।

मामले को बढ़ता देख सीओ सिटी अशोक कुमार सिंह ने पुलिस पर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन्हें पूरी तरह निराधार और मनगढ़ंत बताया। उन्होंने दो टूक कहा कि सोशल मीडिया पर पुलिस की छवि धूमिल करने के लिए फैलाई जा रही इस फर्जी खबर के मामले में पुलिस गहनता से जांच कर रही है और भ्रामक तथ्य फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

Auraiya: आंधी में दीवार गिरने से मलबे में दबकर महिला की मौत, ननद घायल; परिजनों में मचा कोहराम

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अजीतमल कोतवाली क्षेत्र के गांव हरपालपुर में रविवार की रात तेज आंधी और बारिश के दौरान गांव में एक ग्रामीण के घर की पक्की दीवार गिर गई। हादसे के दौरान वहां से गुजर रहीं जिला जालौन निवासी महिला जगरानी की दीवार के मलबे में दबकर मौत हो गई। वहीं उसकी ननद को गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। दोनों भंडारे का प्रसाद खाकर घर लौटी थीं।

जालौन जनपद के थाना रामपुरा क्षेत्र के गांव मढ़ेपुरा निवासी जगरानी (50) पत्नी सुरेंद्र निषाद रविवार को अजीतमल कोतवाली क्षेत्र के गांव हरपालपुर में अपने नंदोई लेकपाल निषाद के घर गई थीं। रविवार शाम वह अपनी ननद सोमवती पत्नी लेकपाल के साथ पड़ोसी गांव भीखम नगर में चल रही भागवत कथा के भंडारे में प्रसाद ग्रहण करने गई थीं। भंडारा खाने के बाद दोनों महिलाएं पैदल घर जा रहीं थी। वह जैसे ही गांव हरपालपुर के अंदर पहुंचीं, तभी अचानक तेज आंधी के साथ बारिश शुरू हो गई। इससे गांव निवासी बुद्ध सिंह के घर की बाहरी पक्की दीवार ढह गई।

रास्ते से गुजर रहीं सोमवती और जगरानी मलबे में दब गईं। चीख-पुकार सुनकर दौड़े आसपास के लोगों ने मशक्कत के बाद दोनों को बाहर निकाला। दोनों को गंभीर हालत में सीएचसी ले जाया गया। वहां डॉक्टर ने जगरानी को मृत घोषित कर दिया। ननद को मेडिकल कॉलेज चिचौली भेज दिया गया।

परिजनों ने बताया कि महिला के चार बेटियां और दो बेटे हैं। सूचना पर कोतवाली पुलिस ने जांच के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं लेखपाल विशाल गुप्ता और प्रधान प्रतिनिधि गोपाल गुर्जर ने भी घटनास्थल का मुआयना किया। कोतवाली प्रभारी ललितेश नारायण त्रिपाठी ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। घायल महिला का इलाज चल रहा है।

 

Auraiya: बेड पर मिला महिला का शव, गर्दन पर मिले चोट के निशान, पुलिस ने पति को हिरासत में लिया

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बेला थाना क्षेत्र के गांव पुरवा दुजे में सोमवार सुबह एक विवाहिता का शव उसके घर में बेड पर पड़ा मिला। गर्दन पर चोट के निशान भी मिले हैं। पुलिस को शव घर के बाहर बरामदे में रखा मिला। मायके पक्ष के लोगों ने हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस ने पति को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

थाना क्षेत्र के गांव बरहा देवी निवासी मोहिनी (23) की शादी 2024 में गांव पुरवा दुजे निवासी शिवा दोहरे से हुई थी। पति मजदूरी करता है, सोमवार को वह पास के गांव में बने मकान में लेंटर डालने जा रहा था। इसी दौरान पत्नी का शव संदिग्ध हालात में बैड पर पड़ा देख सन्न रह गया। सूचना पर थाना पुलिस व तहसील प्रशासन मौके पर पहुंचा। प्राथमिक जांच में महिला के गर्दन व अन्य जगहों पर चोट के निशान मिले हैं। वहीं महिला की मौत की सूचना पर मायके पक्ष के लोग ट्रैक्टर ट्रॉली में सवार होकर गांव पहुंचे। गांव में शव न मिलने पर परिजन बिलख पड़े। इसके बाद गुस्साए और रोते-बिलखते परिजन सीधे थाने पहुंच गए और महिला का शव देखने की मांग पर अड़ गए।

पुलिस अधिकारियों ने उन्हें ढांढस बंधाया और जानकारी दी कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा चुका है। मृतक की बहन राधा ने आरोप लगाया है कि उसकी बहन साजिश के तहत हत्या की गई है। मायके पक्ष के गंभीर आरोपों को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और मृतका के पति शिवा दोहरे को हिरासत में लेकर थाने ले आई।

इसके बाद पुलिस ने आक्रोशित परिजनों को समझाकर शांत कराया। मृतक ने सात माह पहले बच्चे को जन्म दिया था, जिसकी चार दिन बाद मौत हो गई थी। बेला के थानाध्यक्ष गंगादास गौतम ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पति को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा।

 

UP News: एलएलबी छात्रों को राहत, 40 प्रतिशत एग्रीगेट अंक पर होंगे उत्तीर्ण; इसी सत्र से प्रावधान होंगे प्रभावी

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राजधानी लखनऊ स्थित लखनऊ विश्वविद्यालय ने विधि शिक्षा में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) लागू करते हुए एलएलबी तीन वर्षीय और पांच वर्षीय पाठ्यक्रम के छात्रों को बड़ी राहत दी है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने आधिकारिक घोषणा की है कि वर्तमान शैक्षणिक सत्र से ही एनईपी के प्रावधान प्रभावी होंगे। इसके तहत एलएलबी प्रथम वर्ष के द्वितीय सेमेस्टर में अध्ययनरत विद्यार्थी भी नई व्यवस्था का लाभ प्राप्त करेंगे।विश्वविद्यालय ने परीक्षा परिणामों और शैक्षणिक सत्र को नियमित रखने के उद्देश्य से एलएलबी तीन वर्षीय और पांच वर्षीय पाठ्यक्रम के विद्यार्थियों को विषम (ऑड) सेमेस्टर से सम (ईवन) सेमेस्टर में प्रोन्नत करने का निर्णय लिया है। एनईपी के तहत सबसे बड़ा बदलाव उत्तीर्ण होने के नियमों में किया गया है।

किसी विषय में अलग-अलग उत्तीर्ण होना आवश्यक नहीं होगा

अब किसी विषय में पास होने के लिए थ्योरी और आंतरिक मूल्यांकन में अलग-अलग उत्तीर्ण होना आवश्यक नहीं होगा। छात्र को दोनों के अंकों को मिलाकर न्यूनतम 40 प्रतिशत अंक प्राप्त करने होंगे। हालांकि, पूरे सेमेस्टर के सभी विषयों में कुल प्राप्तांक 45 प्रतिशत या उससे अधिक होना अनिवार्य रहेगा।

कुलपति प्रो. जेपी सैनी ने कहा कि विधि शिक्षा को आधुनिक और छात्र-केंद्रित बनाने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम है। नई व्यवस्था विद्यार्थियों का शैक्षणिक दबाव कम करने के साथ उनके भविष्य को अधिक सुरक्षित बनाएगी। 

मूल्यांकन प्रणाली में भी बदलाव

मूल्यांकन प्रणाली में भी बदलाव किया गया है। पहले लिखित परीक्षा और आंतरिक मूल्यांकन का अनुपात 90:10 था। इसे अब 75:25 कर दिया गया है। आंतरिक मूल्यांकन में असाइनमेंट, प्रोजेक्ट और उपस्थिति को शामिल किया जाएगा।

विश्वविद्यालय का मानना है कि इससे विद्यार्थियों के समग्र मूल्यांकन को बढ़ावा मिलेगा। परीक्षा नियंत्रक कार्यालय के अनुसार, प्रथम सेमेस्टर की संशोधित मार्कशीट नए नियमों के आधार पर शीघ्र जारी की जाएगी। इसके बाद छात्र आगामी सम सेमेस्टर के परीक्षा फॉर्म भर सकेंगे।

 

UP: शिक्षा मंत्री बोलीं- अपने पहनावे पर ध्यान दें महिला शिक्षक, पता ही नहीं चलता कौन छात्र है और कौन शिक्षक

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उत्तर प्रदेश की माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री गुलाब देवी ने कहा कि शिक्षकों के ऊपर बड़ी जिम्मेदारी होती है। अभिभावक उन्हें अपना बच्चा सौंपते हैं। ऐसे में जरूरी है कि शिक्षक अपने व्यवहार और पोशाक पर भी ध्यान दें। उन्होंने कहा कि शिक्षकों का व्यवहार ऐसा होना चाहिए कि छात्र उनका सम्मान करें। शिक्षक खुद भी अनुशासित हों जिससे कि छात्र उनका अनुसरण कर सकें। महिला शिक्षक अपने पहनावे पर भी खास ध्यान दें क्योंकि अब कई बार तो पता ही नहीं चलता है कि कौन छात्र है और कौन शिक्षक? शिक्षकों को हमेशा ही अपने आचरण से विद्यार्थियों के सामने उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए।

माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी सोमवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में अमर उजाला के मेधावी सम्मान समारोह को संबोधित कर रहीं थीं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भाजपा की सरकार आने के माहौल बदला है अब नकल विहीन परीक्षा होती है पर पहले ऐसा संभव नहीं था। उन्होंने मेधावियों को जीवन में अनुशासित रहने और खूब परिश्रम करने की सलाह दी।

उन्होंने कहा कि जो लोग अनुशासित होते हैं वो व्यवस्थित होते हैं। ठीक समय से उठते हैं। ठीक से खाना खाते हैं और स्वस्थ रहते हैं और जो स्वस्थ होते हैं वो जीवन में खूब तरक्की करते हैं। उन्होंने कहा कि कठिन परिश्रम से बड़ी से बड़ी चुनौतियों से भी पार पाया जा सकता है। ऐसा कोई लक्ष्य नहीं है जिसे कठिन पश्रिम और अनुशासन से हासिल न किया जा सके।

‘बच्चों के साथ मित्रवत व्यवहार करें’
उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद अभिभावकों से भी अपील की है कि 10वीं कक्षा के बाद अभिभावक बच्चों से मित्रवत व्यवहार करें जिससे कि वो अपनी हर बात आपको बता सकें। मोबाइल का उतना ही प्रयोग करें जितना की जरूरी है। बच्चों को मोबाइल देकर व्यस्त न करें बल्कि उनके साथ बात करें। कार्यक्रम में माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री गुलाब देवी के अलावा, बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री संदीप सिंह  और अपर मुख्य सचिव बेसिक व माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा भी शामिल हुए।

ऑरेंज कैप, चमचमाती कार और 35 लाख रुपये… अकेले महफिल लूट ले गया बिहार का लाल, वैभव सूर्यवंशी ने जीते ये 5 बड़े अवॉर्ड्स

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नई दिल्ली. आईपीएल का 19वां सीजन इतिहास के पन्नों में दर्ज हो चुका है. अहमदाबाद के भव्य नरेंद्र मोदी स्टेडियम में रविवार रात को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और गुजरात टाइटंस के बीच खेले गए फाइनल मुकाबले के बाद जब अवॉर्ड सेरेमनी की शुरुआत हुई, तो वहां सिर्फ एक ही नाम गूंज रहा था वैभव सूर्यवंशी. राजस्थान रॉयल्स का यह 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज भले ही अपनी टीम को फाइनल तक नहीं ले जा सका, लेकिन पूरे टूर्नामेंट में उसने बल्ले से ऐसा कोहराम मचाया कि अवॉर्ड्स की सबसे बड़ी बारिश उन्हीं पर हुई. उन्हें पांच बड़े पुरस्कारों के साथ-साथ एक चमचमाती ‘Tata Sierra’ कार और लाखों रुपये की इनामी राशि देकर सम्मानित किया गया.

राजस्थान रॉयल्स का खिताबी सफर भले ही क्वालिफायर-2 में गुजरात टाइटन्स के हाथों हार के साथ समाप्त हो गया था, लेकिन वैभव ने अपने आखिरी मैच में भी हार नहीं मानी. उन्होंने महज 47 गेंदों में 96 रनों की आतिशी पारी रहकर यह साबित कर दिया था कि वे इस सीजन के सबसे बड़े और वास्तविक सुपरस्टार हैं.इस पूरे सीजन में वैभव ने कुल 16 पारियां खेली, जिसमें उन्होंने 48.50 की लाजवाब औसत और 237.30 की बेहद विस्फोटक स्ट्राइक रेट से कुल 776 रन कूट डाले. इस दौरान उनके बल्ले से 1 शानदार शतक और 5 अर्धशतक निकले.उनके इसी अविश्वसनीय प्रदर्शन का नतीजा था कि फाइनल के बाद सेरेमनी में हर तरफ सिर्फ वैभव का ही जलवा दिखाई दिया.
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वैभव सूर्यवंशी ने पांच अवॉर्ड जीते.
इलेक्ट्रिक सुपर स्ट्राइकर ऑफ द सीजन
वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल 2026 में सबसे खतरनाक और आक्रामक स्ट्राइक रेट के साथ बल्लेबाजी करते हुए इस खास पुरस्कार पर कब्जा जमाया. इस अवॉर्ड की रेस में शामिल होने के लिए न्यूनतम शर्त कम से कम 7 मैच खेलने और 100 गेंदों का सामना करने की थी. वैभव ने पूरे सीजन में 237.30 के अविश्वसनीय स्ट्राइक रेट से रन बनाकर सबको पीछे छोड़ दिया. उनके बाद इस लिस्ट में फिन एलन 214.11 के स्ट्राइक रेट के साथ दूसरे, प्रियांश आर्य 211.62 के साथ तीसरे और अभिषेक शर्मा 204.72 के स्ट्राइक रेट के साथ चौथे स्थान पर रहे. इस सर्वोच्च मारक क्षमता के लिए वैभव को चमचमाती ‘Tata Sierra’ कार इनाम में दी गई.
सबसे ज्यादा छक्कों का अवॉर्ड
इस सीजन वैभव की बल्लेबाजी का खौफ ऐसा था कि गेंद सीधे बाउंड्री पार ही नजर आती थी. उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में कुल 72 गगनचुंबी छक्के उड़ाए. यह आईपीएल के किसी एक सीजन में किसी भी बल्लेबाज द्वारा लगाए गए सबसे अधिक छक्कों का एक नया सर्वकालिक रिकॉर्ड है. इस शानदार उपलब्धि के लिए वैभव को 10 लाख रुपये की नकद प्राइज मनी से नवाजा गया. इस लिस्ट में सनराइजर्स हैदराबाद के अभिषेक शर्मा 43 छक्कों के साथ दूसरे स्थान पर और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के कप्तान रजत पाटीदार 41 छक्कों के साथ तीसरे स्थान पर रहे, जो वैभव के रिकॉर्ड से कोसों दूर थे.
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इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द सीजन
वैभव सूर्यवंशी को बिना किसी संशय के इस सीजन का ‘इमर्जिंग प्लेयर’ चुना गया. इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए केवल वे ही खिलाड़ी योग्य थे जिनका जन्म 1 अप्रैल 2000 के बाद हुआ हो, जिन्होंने इस सीजन से पहले 25 से कम आईपीएल मैच खेले हों और जिनके पास अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का कोई अनुभव न हो. प्रियांश आर्य और प्रिंस यादव जैसे प्रतिभावान युवा खिलाड़ी भी इस दौड़ में शामिल थे, लेकिन वैभव के अभूतपूर्व प्रदर्शन के सामने कोई टिक नहीं सका और उन्होंने इस ट्रॉफी पर अपना नाम लिखवाया.
मोस्ट वैल्युएबल प्लेयर ऑफ द सीजन
यह आईपीएल का सबसे बड़ा और प्रतिष्ठित व्यक्तिगत सम्मान माना जाता है, जो पूरे सीजन में खिलाड़ी के ऑलराउंड प्रभाव को दर्शाता है.वैभव सूर्यवंशी ने 436.5 पॉइंट्स अर्जित करके ‘मोस्ट वैल्युएबल प्लेयर ऑफ द सीजन’ का खिताब अपने नाम किया. गुजरात टाइटंस के धाकड़ तेज गेंदबाज कगिसो रबाडा इस रेस में दूसरे स्थान पर रहे. इस महा-अवॉर्ड के तहत वैभव को ट्रॉफी के साथ 15 लाख रुपये का नकद पुरस्कार मिला.पिछले सीजन में यह गौरव मुंबई इंडियंस के स्टार बल्लेबाज सूर्यकुमार यादव ने हासिल किया था.
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प्रतिष्ठित ‘ऑरेंज कैप’
पूरे टूर्नामेंट में रनों की भूख दिखाने वाले वैभव सूर्यवंशी ने कुल 776 रन बनाकर आईपीएल 2026 की प्रतिष्ठित ‘ऑरेंज कैप’ भी अपने सिर सजाई. उन्होंने खिताबी रेस में गुजरात टाइटन्स के कप्तान शुभमन गिल (732 रन) और साई सुदर्शन (722 रन) जैसे स्थापित दिग्गजों को पछाड़कर यह मुकाम हासिल किया. ऑरेंज कैप जीतने के साथ ही वैभव को सबसे ज्यादा रन बनाने के शानदार गौरव के रूप में 10 लाख रुपये की अतिरिक्त प्राइज मनी भी प्रदान की गई. वैभव सूर्यवंशी का यह प्रदर्शन केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह इस बात का प्रमाण है कि उम्र कभी भी प्रतिभा के आड़े नहीं आती. महज 15 वर्ष की आयु में, जहां बच्चे अपने करियर की दिशा तय कर रहे होते हैं, वैभव ने दुनिया की सबसे कठिन और प्रतिस्पर्धी टी20 लीग में सीनियर अंतरराष्ट्रीय गेंदबाजों की धज्जियां उड़ा कर रख दीं.
क्रिकेट पंडितों का मानना है कि वैभव का यह सीजन आईपीएल के इतिहास में किसी भी युवा खिलाड़ी द्वारा किया गया अब तक का सबसे महान प्रदर्शन है. राजस्थान रॉयल्स के प्रबंधन और प्रशंसकों को भले ही ट्रॉफी न मिलने का मलाल रहेगा, लेकिन उन्हें इस बात का संतोष और गर्व जरूर होगा कि उनके पास वैभव सूर्यवंशी के रूप में विश्व क्रिकेट का अगला सबसे चमकीला सितारा मौजूद है. आईपीएल 2026 को हमेशा वैभव के उस तूफान के लिए याद किया जाएगा जिसने क्रिकेट की पुरानी परिभाषाओं को बदलकर रख दिया.

उम्मीद है प्रधानमंत्री के तहत नीट पेपर लीक नहीं होगा, हुआ तो इस्तीफा मांगेंगे: दिग्विजय सिंह

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नेशनल डेस्कः कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने सोमवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा ‘नीट-यूजी’ की 21 जून को फिर से होने वाली परीक्षा के सफलतापूर्वक आयोजन की जिम्मेदारी ली है और ऐसे में उम्मीद की जानी चाहिए कि पेपर लीक नहीं होगा, लेकिन यदि यह होता है तो फिर उनका इस्तीफा मांगा जाएगा।

संसद की शिक्षा, महिला, बाल, युवा और खेल संबंधी स्थायी समिति के प्रमुख सिंह ने यह दावा भी किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के ”निकम्मेपन” से परेशान होकर परीक्षा की सारी जिम्मेदारी खुद ले ली है। उन्होंने समिति की बैठक के बाद यह भी कहा कि वह बैठक में हुई किसी बात पर टिप्पणी नहीं करेंगे। सिंह ने एक समाचार पोर्टल उस खबर की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े किए जिसमें कहा गया है कि उन्होंने समिति की बैठक में कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उनके ‘सिस्टम’ पर भरोसा है।

उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ”मैं एक बात जानता हूं कि धर्मेंद्र प्रधान के निकम्मेपन से प्रधानमंत्री इतने दुखी हैं कि उन्होंने अब सारी जिम्मेदारी खुद ले ली है। इसलिए पूरी जवाबदेही उनकी है। हमें पूरा भरोसा है कि यह (परीक्षा) ठीक तरह से होगी। अगर यहां भी लीक हो जाता है तो फिर हमें प्रधानमंत्री का इस्तीफा मांगना पड़ेगा।” सिंह ने समाचार पोर्टल की खबर के बारे में पूछे जाने पर कहा, ”उसका क्या स्रोत है? प्रधानमंत्री जी ने 21 जून को फिर से होने वाली नीट की परीक्षा के सफलतापूर्वक आयोजन की जिम्मेदारी ली है या नहीं ली है? उन्होंने यह जिम्मेदारी ली है।

हम उम्मीद कर रहे हैं कि कम से कम उनके तहत यह पेपर लीक तो न हो। अगर उनकी जिम्मेदारी में पेपर लीक होता है तो उनसे इस्तीफा मांगना पड़ेगा।” कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”शिक्षा संबंधी स्थायी समिति ने प्रधानमंत्री या उनके ‘सिस्टम’ को कोई क्लीन चिट नहीं दी है और दिग्विजय सिंह ने उन पर अपना विश्वास व्यक्त नहीं किया है। अंग्रेजी भाषा की एक मीडिया रिपोर्ट सूत्रों के आधार पर शरारतपूर्ण खबरें फैला रही है जिनका एजेंडा सिर्फ गुमराह करना है।”

नके मुताबिक, दिग्विजय सिंह ने कहा है कि हमें सॉलिसिटर जनरल द्वारा सूचित किया गया है कि प्रधानमंत्री व्यक्तिगत रूप से नीट की फिर से होने वाली परीक्षा की निगरानी कर रहे हैं तथा अपने छात्रों की खातिर, हमें विश्वास करना चाहिए कि परीक्षा सफलतापूर्वक आयोजित की जाएगी। कांग्रेस महासचिव ने दावा किया, ”किसी भी समझदार व्यक्ति के लिए प्रधानमंत्री और उनके ‘सिस्टम’ पर विश्वास करना असंभव है।

इस ‘सिस्टम’ ने 2024 नीट-यूजी पेपर लीक की जांच को विफल कर दिया। यह ‘सिस्टम’ इस बात से इनकार करता रहा है कि नीट-यूजी 2026 का पेपर लीक हुआ था, जबकि सच्चाई सबके सामने है। इस ‘सिस्टम’ ने न केवल उच्च शिक्षा में परीक्षा प्रशासन को बर्बाद कर दिया है, बल्कि सीबीएसई में भी ऐसा किया है।” रमेश ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार और उसकी शिक्षा प्रणाली पूरी तरह से अक्षम, भ्रष्ट और अहंकारी के रूप में बदनाम और बेनकाब हो चुकी है तथा अब यह संदर्भ से परे उद्धरणों, अफवाहों और फर्जी खबरों पर भरोसा कर रही है।

Kasol फायरिंग केस में नया खुलासा, वायरल वीडियो के बाद Social Media पर मचा बवाल… खड़े हुए कई सवाल

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पंजाब डेस्क: हिमाचल प्रदेश के कसोल में शनिवार को पंजाब से गए युवकों द्वारा फायरिंग मामले में एक नया मोड़ सामन आया है। हिमाचल प्रदेश के कसोल में पंजाब के युवकों और स्थानीय लड़कों के बीच हुई फायरिंग की घटना अब सोशल मीडिया पर चर्चा का बड़ा विषय बन गई है। घटना की वीडियो वायरल होने के बाद मामले को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। जहां पुलिस ने पंजाब के 4 युवकों को गिरफ्तार किया है, वहीं सोशल मीडिया पर कई लोग इसे एकतरफा कार्रवाई बता रहे हैं।

दरसल ये पूरी घटना 31 मई की है, जहां पर पंजाब के तरनतारन का रहने वाला 29 वर्षीय मनप्रीत सिंह अपने 4 दोस्तों के साथ घूमने के लिए कसोल हिमाचल प्रदेश पहुंचा था। इसी दौरान 6 बजे होटल की पार्किंग में किसी बात को लेकर स्थानीय युवकों के साथ उनकी बहसबाजी हो गई, जो देखते ही देखते झगड़े में बदल गई और इस दौरान एक फायरिंग जिसमें एक युवक की गोली लग गई।

लेकिन इस मामले का दूसरा एंगल सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद लोग सामने लाए है और सवाल खड़े कर रहे है, दरसल सोशल मीडिया पर लोगों का कहना है की इस झगड़े के दौरान 5-6 स्थानीय युवकों ने मनप्रीत और उसके दोस्तों के साथ मारपीट की। आरोप है कि मनप्रीत को नीचे गिराकर पीटा गया और उसके दोस्त उसे बचाने की कोशिश करते रहे। इसी दौरान स्थिति बिगड़ती चली गई।

जिसके बाद खुद को बचाने के लिए मनप्रीत ने अपनी लाइसेंसी पिस्तौल निकाली, लेकिन धक्का-मुक्की के दौरान हथियार छीनने की कोशिश हुई और इसी बीच गोली चल गई। ये गोली राजस्थान निवासी युवराज नामक युवक के पैर में लगी। फायरिंग की आवाज सुनते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई और कई लोग वहां से भाग निकले। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पंजाब के 4 युवकों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि एक युवक अभी फरार बताया जा रहा है। फरार आरोपी की तलाश के लिए पुलिस ने SIT का गठन किया है। लेकिन अब यहां सबसे अहम बात ये है की जब गोली चली है तो पिस्तौल पर उस वक्त तीनो लड़कों के हाथ थे तो FIR पर सिर्फ पंजाबी युवक पर ही क्यों हुई।

वहीं इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर सवाल उठाए जा रहे हैं कि अगर झगड़ा दोनों पक्षों के बीच हुआ था तो स्थानीय युवकों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई। लोग इसे एकतरफा कार्रवाई बताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। मिली जानकारी के अनुसार युवक ने फायरिंग अपने डिफेंस में की थी। अगर वह समय रहते अपने पिस्टल नहीं निकलाता तो कसौल निवासी कुछ युवकों ने उसे जान से मार देना था। फायरिंग के बाद से इन पंजाबी युवकों को हुल्लड़बाज कहा जा रहा था जिसका सच कुछ और ही निकला।

Milk Price Hike : 5 रुपए बढ़ गए दूध के दाम, इस राज्य सरकार ने लिया बड़ा फैसला

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नेशनल डेस्क : जम्मू-कश्मीर के उपभोक्ताओं को आज से दूध खरीदने के लिए अपनी जेबें और ढीली करनी होंगी। जम्मू-कश्मीर डेयरी फार्मर्स एसोसिएशन (JKDFA) ने राज्य में दूध की कीमतों में ₹5 प्रति लीटर की बढ़ोतरी करने का बड़ा फैसला लिया है। दूध की यह नई दरें 1 जून से पूरे प्रदेश में प्रभावी रूप से लागू हो गई हैं।

एसोसिएशन का कहना है कि डेयरी उद्योग से जुड़े किसानों और सप्लायरों पर लगातार बढ़ रहे आर्थिक दबाव और महंगाई के कारण यह कदम उठाना बेहद जरूरी हो गया था।

विश्व दुग्ध दिवस पर एसोसिएशन का बड़ा फैसला

इस मूल्य वृद्धि की आधिकारिक घोषणा जेकेडीएफए के अध्यक्ष संदीप सिंह चिब ने ‘विश्व दुग्ध दिवस’ के अवसर पर की। उन्होंने साफ किया कि यह फैसला किसी मुनाफे के लिए नहीं, बल्कि डेयरी क्षेत्र को घाटे से उबारने के लिए लिया गया है। इस फैसले के तहत किसी एक विशेष कैटेगरी नहीं, बल्कि सभी श्रेणियों (Full Cream, Toned आदि) के दूध पर ₹5 प्रति लीटर की समान बढ़ोतरी की गई है।

Cancer Risk: आपकी ये आदतें धीरे-धीरे बढ़ा सकती हैं कैंसर का खतरा, डॉक्टर ने दी चेतावनी

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नेशनल डेस्कः कैंसर शरीर की कोशिकाओं में होने वाले जीन म्यूटेशन के कारण होता है। कुछ म्यूटेशन आनुवांशिक होते हैं, जबकि कुछ खराब जीवनशैली और हानिकारक पदार्थों के लगातार संपर्क में रहने से हो सकते हैं। डॉक्टर के अनुसार तंबाकू, प्रोसेस्ड मीट और शराब को ग्रुप-1 कार्सिनोजेन माना जाता है, जो कैंसर के खतरे को बढ़ाने का प्रमुख कारणों में शामिल हैं। इसके साथ-साथ कुछ अन्य आदतें भी शरीर को नुकसान पहुंचाती है।

रिफाइंड शुगर का अधिक सेवन

रिफाइंड शुगर का अधिक सेवन करने ले शरीर में इंसुलिन बढ़ता है, जिससे शरीर मोटा होने लगता है। मोटापे कई प्रकार के कैंसर का कारण बनता है।

प्लास्टिक के कंटेनरों में खाना गर्म करना

प्लास्टिक के कंटेनरों में खाना गर्म करने खाना भी कैंसर का एक कारण है। प्लास्टिक कि बजाय कांच या अन्य सुरक्षित बर्तनों का उपयोग करना बेहतर विकल्प हो सकता है।

रात में अंधेरे में न सोना 

विशेषज्ञों के अनुसार, रात में पर्याप्त अंधेरे में न सोना से भी स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता।

देर रात भोजन करना

देर रात भोजन करने से शरीर की प्राकृतिक जैविक घड़ी प्रभावित हो सकती है, जिससे रोग प्रतिरोधक क्षमता पर असर पड़ सकता है।

तेजी से खाना खाने की आदत

तेजी से खाना खाने से भी मोटापा और इंसुलिन को बढ़ावा मिलता है, जो कैंसर के खतरे का कारण बनता है।

डॉक्टरों का कहना है कि ये आदतें तुरंत कैंसर का कारण नहीं बनतीं, लेकिन लंबे समय बाद इनका प्रभाव शरीर पर पड़ सकता है। इसलिए हमें हमेशा स्वस्थ जीवनशैली अपनानी चाहिए और ऐसी आदतों से बचना जरूरी है।