पिता की चिता की आग ठंडी भी नहीं हो पाई और शमशान घाट पर ही लड़ बैठे परिजन (भाइयों), जमकर चली लाठियां!!
अमरोहा के तिगरी गंगा धाम में अंतिम संस्कार के दौरान उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब दो पक्ष(परिजनों) किसी बात को लेकर आमने-सामने आ गए। कहासुनी देखते ही देखते मारपीट में बदल गई और दोनों ओर से लाठी-डंडे चलने लगे। हालात इतने बिगड़ गए कि अंतिम संस्कार में शामिल लोगों में भगदड़ मच गई। घटना में पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए है। इनमें एक की हालत गंभीर बताई जा रही है।
नई दिल्ली। हिंदू पंचांग के अनुसार, भाद्रपद माह में आने वाली पूर्णिमा को भाद्रपद पूर्णिमा (Bhadrapada Purnima 2026) कहा जाता है। हिंदू धर्म में इस पर्व का विशेष महत्व है। इसी दिन से पितृ पक्ष की शुरुआत होती है। इस दिन भगवान विष्णु और पितरों की पूजा-अर्चना करने का विधान है।धार्मिक मान्यता के अनुसार, साधना करने से भक्त को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है और पितरों की कृपा प्राप्त होती है। आइए इस आर्टिकल में हम आपको भाद्रपद पूर्णिमा की तिथि, शुभ मुहूर्त और उपायों के बारे में बताते हैं।
भाद्रपद पूर्णिमा 2026 डेट और शुभ मुहूर्त (Bhadrapada Purnima 2026 Date and Shubh Muhurat)
वैदिक पंचांग के अनुसार, भाद्रपद पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 25 सितंबर को रात 11 बजकर 06 मिनट पर होगी। वहीं, इस तिथि का समापन 26 सितंबर को रात 11 बजकर 18 मिनट पर होगा। उदया तिथि के अनुसार, भाद्रपद पूर्णिमा 26 सितंबर को मनाई जाएगी। इस दिन चन्द्रोदय शाम को 06 बजकर 09 मिनट पर होगा।















