छतरपुर (राजेश चौरसिया): जिला छतरपुर में कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने अवैध उत्खनन के मामले में बड़ा एक्शन लेते हुए 8 करोड़ से अधिक का जुर्माना लगाकर हलचल मचा दी है। यह कार्रवाई मेसर्स स्वास्तिक इंटर प्राइजेज सीमा खरे द्वारा स्वीकृत लीज अंशभाग से बाहर खुदाई करने पर हुई है, जिस पर 8 करोड़ रु. से अधिक का जुर्माना लगाया है। जांच में स्वीकृत क्षेत्र से बाहर 40 प्रतिशत यानि 2880 घनमीटर ग्रेनाइट का अवैध खनन कर विक्रय होना पाया गया।
प्रस्तुत प्रकरण के अवलोकन में खनिज निरीक्षक के प्रतिवेदन दिनांक 03.01.2023 के अनुसार मेसर्स स्वास्तिक इंटर प्राइजेज, 117/पी/16 काकादेव कानपुर (उ०प्र०) को ग्राम मलका तहसील महाराजपुर के खसरा नंबर 470 रकवा 2.700हे. क्षेत्र पर खनिज ग्रेनाइट हेतु स्वीकृत उत्खनि पट्टा का सीमांकन दिनांक 24.02.2022 एवं दिनांक 16.12.2022 को राजस्व निरीक्षक महाराजपुर एवं हल्का पटवारी मलका, ऊजरा, नुना, गुरसारी द्वारा मेरी उपस्थिति में किया गया। सीमांकन के समय मेसर्स स्वास्तिक इंटर प्राइजेज को स्वीकृत उत्खनि पट्टा क्षेत्र के अंश भाग 1.020 हे. क्षेत्र पर 45 मीटर लम्बाई, 40 मीटर चौड़ाई एवं 10 मीटर की गहराई में सीमा खरे पत्नि सुभाष खरे के द्वारा अवैध खनन किया जाना पाया गया साथ ही सीमा खरे द्वारा मेसर्स स्वास्तिक इंटर प्राइजेज को स्वीकृत खदान क्षेत्र के शेष भाग पर पत्थर की शिल्ली एवं खनन सक्रिया से निकला मलवा डाला जाना पाया गया।
सीमा खरे पत्नि सुभाष खरे निवासी इन्द्रप्रस्थ गार्डन सागर रोड छतरपुर जिला छतरपुर म०प्र० को खसरा नंबर 470 के अंश भाग रकवा 3.000हे. क्षेत्र पर खनिज ग्रेनाइट हेतु उत्खनि पट्टा स्वीकृत होकर संचालित है। पट्टेदार द्वारा अपने स्वीकृत क्षेत्र के बाहर मेसर्स स्वास्तिक इंटर प्राइजेज को स्वीकृत उत्खनि पट्टा के अंशभाग 1.020हे. मे 45 मीटर लम्बाई, 40 मीटर चौड़ाई एवं 10 मीटर की गहराई में अवैध खनन किया जाना पाया गया है। पट्टेदार सीमा खरे द्वारा स्वीकृत लीज के संबंध में प्रस्तुत अनुमोदित खनन योजना अनुसार खदान की ऊपरी सतह से औसतन 6 मीटर की गहराई तक मिट्टी एवं बेदर्ड ग्रेनाइट ओवरवर्डन के रूप में मौजूद होना बताया गया है, साथ ही उत्खनित खनिज ग्रेनाइट के कुल योग का 40 प्रतिशत बिकी योग्य एवं शेष 60 प्रतिशत वेस्टेज (अनुउपयोगी) बताया गया है।
सीमा खरे द्वारा स्वीकृत क्षेत्र के बाहर 7200 घनमीटर का 40 प्रतिशत यानि 2880 घनमीटर ग्रेनाइट का अवैध खनन कर विक्रय किये जाना पाया गया है। अनावेदिका सीमा खरे द्वारा स्वीकृत पट्टा से अधिक अवैध उत्खनन पाये जाने पर मध्यप्रदेश खनिज (अवैध खनन, परिवहन, तथा भण्डारण का निवारण) नियम 2022 के अन्तर्गत (मध्यप्रदेश राजपत्र दिनांक 08 अप्रैल 2022 मे हुये संशोधन अनुसार) नियम 18(2) के उपनियम (1) के अधीन अधिरोपित अर्थशास्ति की राशि के समतुल्य राशि, पर्यावरण क्षतिपूर्ति के रूप में शास्ति के अतिरिक्त अधिरोपित की जाएगी। अर्थशास्ति एवं पर्यावरण क्षतिपूर्ति की रकम कुल शास्ति होगी।
सीमा खरे द्वारा स्वीकृत क्षेत्र के बाहर 45X40X4 = 7200 घनमीटर का 40 प्रतिशत यानि 2880 घनमीटर ग्रेनाइट का अवैध खनन कर विकय किये जाने पर 2880 घनमीटर ग्रेनाइट का अवैध उत्खनन किये जाने पर रॉयल्टी राशि रू. 1000 प्रति घनमीटर के मान से रॉयल्टी राशि रू.28,80,000 होती है। रॉयल्टी राशि का 15 गुना अर्थशास्ति की राशि रू.4,32,00,000 के समतुल्य रू.4,32,00,000 कुल शास्ति की राशि रू.8,64,00,000 (आठ करोड़ चौसठ लाख रूपये मात्र) अधिरोपित की जाती है एवं प्रशमन की राशि रु.1000 का भुगतान होने पर प्रकरण का प्रशमन किया जा सकेगा।कलेक्टर ने खनिज अधिकारी को निर्देशित किया है कि अधिरोपित शास्ति पंजी में संधारित कराते हुये वसूली की कार्रवाई करवाई जाए। लिहाजा कलेक्टर के इस कठोर कदम से हलचल मच गई है।











