Friday, September 25, 2026
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राहुल गांधी के ‘वोट चोरी’ आरोप पर BJP का वार, सुधांशु त्रिवेदी बोले- मीडिया रिपोर्ट को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया

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नेशनल डेस्क : भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बृहस्पतिवार को राहुल गांधी के ”वोट चोरी” आरोप को ”बेबुनियाद” करार देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से ईर्ष्या और चुनावों में अपनी पार्टी को मिल रही हार के कारण कांग्रेस नेता निर्वाचन आयोग के अंदर मतभेदों पर आई एक मीडिया रिपोर्ट को ”बढ़ा-चढ़ाकर” पेश करने की कोशिश कर रहे हैं।भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने यहां पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए, गांधी को ”प्रपंच शिरोमणि” कहा और आरोप लगाया कि बृहस्पतिवार को कांग्रेस नेता ने अपनी प्रेस वार्ता में कंप्यूटर के माध्यम से जो तथ्य पेश किए, वे अज्ञात और संदिग्ध स्रोतों से लिये गए थे। त्रिवेदी ने कहा, ”निर्वाचन आयोग में सभी निर्णय सर्वसम्मति से लिये गए। ऐसा कोई सबूत नहीं है कि निर्णय बहुमत के आधार पर लिये गए हों।”भाजपा नेता ने अंग्रेजी दैनिक ‘इंडियन एक्सप्रेस’ में प्रकाशित रिपोर्ट की सच्चाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि इसमें निर्वाचन आयोग या किसी भी निर्वाचन आयुक्त की कोई टिप्पणी नहीं है, यहां तक कि परोक्ष रूप से भी नहीं। उन्होंने सवाल किया, ”इस रिपोर्ट का आधार क्या है?” त्रिवेदी ने कहा कि राहुल गांधी प्रधानमंत्री मोदी के प्रति अपनी निराशा और ईर्ष्या की वजह से, और साथ ही कांग्रेस को चुनावों में मिल रही हार के कारण, ऐसी मीडिया रिपोर्ट को सिर्फ ”बढ़ा-चढ़ाकर” पेश कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ”पिछले 70 साल में, भाजपा का हर दशक में उत्थान हुआ है और कांग्रेस का हर दशक में पतन हुआ है। ऐसा इसलिए है, क्योंकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एक ऐसे नेता हैं जो जमीनी स्तर से गहराई से जुड़े हुए हैं।”भाजपा नेता ने तंज कसते हुए कहा, ”राहुल गांधी जमीन से उड़े हुए नेता हैं।” त्रिवेदी ने कहा, ”वह हर दूसरे महीने विदेश जाते हैं, वहां से ज्ञान प्राप्त कर लौटते हैं और बेबुनियाद तथ्य पेश करने की कोशिश करते हैं।” भाजपा के राज्यसभा सदस्य ने राहुल गांधी के इस बयान की भी आलोचना की कि उन्होंने कभी किसी ऐसे नेता को नहीं देखा जिसे सत्ता-विरोधी लहर का सामना न करना पड़ा हो। त्रिवेदी ने कहा कि शायद राहुल गांधी को अब भी यह एहसास नहीं है कि कांग्रेस पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में पिछले कई दशक से सत्ता से बाहर है।

भाजपा नेता ने कहा कि गांधी परिवार के नेतृत्व में कांग्रेस के खिलाफ सत्ता-विरोधी लहर इतनी जबरदस्त है कि उन्हें उत्तर प्रदेश में अपनी रायबरेली और अमेठी लोकसभा सीट जीतने के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि समाजवादी पार्टी के समर्थन के बिना कांग्रेस ये दो सीट नहीं जीत सकती। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाद्रा ने केरल की वायनाड लोकसभा सीट मुस्लिम लीग के समर्थन से जीती थी। त्रिवेदी ने कहा कि सच तो यह है कि जब से राहुल गांधी और सोनिया गांधी ने पार्टी की कमान संभाली है, कांग्रेस को अधिक सत्ता विरोधी लहर (एंटी-इनकम्बेंसी) का सामना करना पड़ रहा है। असल में, कांग्रेस के भीतर ही गांधी परिवार के खिलाफ ‘एंटी-इनकम्बेंसी’ है।

 

SDM अपूर्वा यादव के घर गूंजी किलकारी : जुड़वा बेटों की पहली तस्वीर शेयर कर लिखा भावुक पोस्ट

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मैनपुरी : उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में एसडीएम (SDM) के पद पर तैनात पीसीएस अधिकारी अपूर्वा यादव के घर किलकारी गूंजी है। उन्होंने अपने जुड़वा बेटों की पहली तस्वीर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर साझा कर इस खुशी को अपने प्रशंसकों व शुभचिंतकों के साथ साझा किया है। शेयर की गई तस्वीर में अपूर्वा यादव और उनके पति विशाल त्यागी अपनी गोद में दो बच्चों को थामे नजर आ रहे हैं।

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‘हम दोनों से चार लोगों का परिवार’
अपूर्वा यादव ने जुलाई 2026 में जुड़वा बेटों को जन्म दिया था। पिछले कई महीनों से मातृत्व अवकाश (Maternity Leave) पर चल रहीं एसडीएम अपूर्वा यादव ने 24 सितंबर 2026 को अपने बेटों की पहली झलक साझा की। फोटो के साथ कैप्शन में उन्होंने लिखा: “हम दोनों से चार लोगों का परिवार. दो प्यारे बच्चे, चार छोटे-छोटे पैर और आगे ढेर सारा प्यार…”। उनकी इस पोस्ट के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लगातार बधाइयां मिल रही हैं।

Apoorva yadav SDM Success Story Such is the story of becoming an officer  from an engineer | इस शहर की पहली महिला SDM हैं अपूर्वा यादव, ऐसी है  इंजीनियर से अफसर बनने

TCS की नौकरी और अमेरिका जाने का मौका छोड़ चुनी प्रशासनिक सेवा
मूल रूप से यूपी के मैनपुरी जिले की रहने वाली अपूर्वा यादव ने यूपी बोर्ड से 12वीं करने के बाद कंप्यूटर साइंस में बीटेक किया था। इसके बाद उनकी नौकरी प्रमुख आईटी कंपनी टीसीएस (TCS) में लग गई। चेन्नई में नौकरी के दौरान उन्हें अमेरिका जाने का अवसर भी मिला था, लेकिन कॉरपोरेट क्षेत्र की नौकरी में मन न लगने के कारण उन्होंने वर्ष 2013 में यूपीपीएससी (UPPSC) परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी।

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तीन बार असफलता के बाद चौथे प्रयास में पाई 13वीं रैंक
हिंदी माध्यम की छात्रा रहीं अपूर्वा यादव को शुरुआती तीन प्रयासों में असफलता का सामना करना पड़ा था। हालांकि, हिम्मत न हारते हुए उन्होंने शास्त्री नगर में रहने वाले अपने बड़े भाई अजय यादव के पास रहकर निरंतर तैयारी जारी रखी। आखिरकार कड़े संघर्ष और मेहनत के दम पर चौथे प्रयास में उन्होंने यूपीपीसीएस 2016 की परीक्षा में पूरे प्रदेश में 13वीं रैंक हासिल की और एसडीएम बनीं। उनके पिता गोपीचंद्र यादव अपर मुख्य अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हो चुके हैं। अपूर्वा यादव और विशाल त्यागी का विवाह साल 2022 में हुआ था।

‘पहले जेल में डाला, अब एनकाउंटर का डर’, सोनम वांगचुक बोले- मेरी जान को खतरा

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नेशनल डेस्कः जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने बृहस्पतिवार को आशंका जताई कि सरकार के खिलाफ आवाज उठाने के कारण उन्हें ”मुठभेड़” में मारा जा सकता है। उन्होंने लेह में पिछले साल हुई हिंसा के मामले में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग की। लद्दाख को राज्य का दर्जा देने और छठी अनुसूची के तहत संरक्षण की मांग को लेकर 24 सितंबर, 2025 को हुए प्रदर्शन के दौरान चार लोगों की मौत हो गई थी।

हिंसा की उस घटना को एक साल पूरा होने के मौके पर एक सभा को संबोधित करते हुए वांगचुक ने कहा कि उन्हें अपनी जान के खतरे को लेकर चेतावनियां मिली हैं और यदि इससे देश को जागरूक करने में मदद मिलती है तो वह कोई भी नतीजा भुगतने के लिए तैयार हैं। वांगचुक ने कहा, ”उन्होंने मुझे जेल में डाला। अब इस बात की भी आशंका है कि कहीं मुझे मुठभेड़ में मार दिया जाये। लोग मुझसे कहते हैं, ‘आपको मुठभेड़ में मार दिया जायेगा’।

अगर ऐसा होता है तो होने दें—ताकि देश तो जाग जाये।” उन्होंने न्यायिक जांच की रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की भी मांग की और चेतावनी दी कि यदि रिपोर्ट जारी नहीं की गई तो पुलिस गोलीबारी की जांच के लिए एक स्वतंत्र ”जन न्यायाधिकरण” का गठन किया जायेगा। पिछले साल के आंदोलन के दौरान हुई मौतों के लिए गृह मंत्री को राजनीतिक रूप से जिम्मेदार ठहराते हुए वांगचुक ने कहा कि इस घटना के लिए जवाबदेही तय की जानी चाहिए।

वांगचुक ने कहा, ”आज लद्दाख से मैं कहता हूं—अमित शाह को इस्तीफा देना चाहिए। लद्दाख में जो कुछ हुआ, उसकी जिम्मेदारी उन्हें लेनी होगी।” उन्होंने आरोप लगाया कि सुरक्षाकर्मियों ने स्थानीय युवाओं के खिलाफ एके-47 समेत स्वचालित हथियारों का इस्तेमाल किया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा नयी दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई को लेकर शाह के इस्तीफे की मांग का जिक्र करते हुए वांगचुक ने इस मांग का समर्थन किया, लेकिन लद्दाख की स्थिति पर गांधी की चुप्पी पर सवाल उठाया।

वांगचुक ने कहा, ”राहुल गांधी ने आवाज उठाई और पूछा कि छात्रों के खिलाफ ऐसे हथियारों का इस्तेमाल कैसे किया जा सकता है, उन्होंने अमित शाह के इस्तीफे की मांग की। मैं इसका समर्थन करता हूं।” उन्होंने कहा, ”लेकिन यदि उन्होंने पहले अमित शाह के इस्तीफे की मांग की थी, तो फिर लद्दाख में जो कुछ हुआ उसका क्या, जहां एके-47 का इस्तेमाल किया गया और लोगों की मौत हुई, गोलियां उनके सिर और सीने में लगीं।”

पिछले साल के प्रदर्शनों के दौरान हुई मौतों का जिक्र करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों की मौत स्वचालित हथियारों से की गई गोलीबारी में हुई। उन्होंने कहा कि लद्दाख के लिए न्याय केवल केंद्र शासित प्रदेश के लोगों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे देश की जिम्मेदारी है। लेह और लद्दाख के कई हिस्सों में 24 सितंबर की हिंसा की पहली बरसी पर बृहस्पतिवार को बंद रखा गया। लेह और कारगिल में दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे, जबकि सड़कों पर वाहनों की आवाजाही कम रही, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ। वांगचुक ने आरोप लगाया कि भारी सुरक्षा तैनाती और पाबंदियों के कारण बृहस्पतिवार के कार्यक्रम में लोगों की भागीदारी अपेक्षाकृत कम रही। उन्होंने कहा कि सीमित भागीदारी को आंदोलन की हार के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

लद्दाख पुलिस ने इन आरोपों को ”झूठा, निराधार और भ्रामक” बताते हुए कहा कि 2025 की हिंसा के पीड़ितों को श्रद्धांजलि देने के लिए आयोजित प्रार्थना सभा में शामिल होने से किसी को नहीं रोका गया था। वांगचुक ने कहा कि लद्दाख ने भारत के साथ रहने का विकल्प इसलिए चुना क्योंकि उसे लोकतंत्र और सम्मान के साथ जीने के अधिकार में भरोसा था। उन्होंने आरोप लगाया कि लद्दाख में स्थिति ने भय का माहौल पैदा कर दिया है और कहा कि यह उन लोकतांत्रिक आकांक्षाओं के विपरीत है, जिनके साथ लोगों ने भारत को चुना था। वांगचुक ने कहा कि 2014 से 2019 तक देश में चीजें अच्छी चल रही थीं, जब वे (भाजपा) सत्ता में आए थे।

उन्होंने शाह की आलोचना करते हुए कहा, ”जब से वह गृह मंत्री बने हैं, तब से हर जगह दंगों की घटनाएं हुई और अशांति का माहौल है। लद्दाख में वादे किए गए और फिर तोड़ दिए गए।” वांगचुक ने कहा, ”लद्दाख के एक तरफ चीन था और दूसरी तरफ भारत। लद्दाख ने भारत को इसलिए चुना क्योंकि हमें विश्वास था कि भारत में लोकतंत्र है और हम सिर ऊंचा करके जी सकेंगे।” उन्होंने कहा, ”और आज लद्दाख में ऐसा दमन किया जा रहा है कि मेरे विचार में चीन भी तिब्बत के साथ ऐसा नहीं कर रहा है।”

इंदिरा गांधी की हत्या के बाद स्कूल नहीं गईं प्रियंका, राहुल के साथ घर पर की पढ़ाई

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नेशनल डेस्क : कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाद्रा ने बृहस्पतिवार को कहा कि अपनी दादी एवं पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद 12 साल की उम्र से उन्होंने भाई राहुल गांधी के साथ घर पर ही पढ़ाई की थी। वाद्रा ने इस बात का खुलासा सुल्तान बतेरी स्थित राजीव गांधी मेमोरियल मॉडल आवासीय विद्यालय की 14 वर्षीय छात्रा के एक सवाल के जवाब में किया। छात्रा ने उनसे उनके बचपन और एक राजनीतिक रूप से प्रमुख परिवार में बड़े होने के अनुभव के बारे में पूछा था। उन्होंने कहा, ”आपने इंदिरा गांधी के बारे में सुना है? वह मेरी दादी थीं। हम एक ही घर में रहते थे। उस समय मैं 12 साल की थी जब उसी घर में उनकी हत्या कर दी गई थी जहां मैं रहती थी। उसके बाद मैं स्कूल नहीं गई। मैंने स्कूली शिक्षा घर पर ही ली।”

उन्होंने कहा, ”इसलिए, सिर्फ मैं और आपके पूर्व सांसद राहुल गांधी जी, हम दोनों ने घर पर अकेले पढ़ाई की। हम ज्यादा बाहर नहीं जा सकते थे। हमारे ज्यादा दोस्त नहीं थे। हम काफी हद तक घर में ही रहते थे।” वाद्रा ने छात्रा से कहा कि वह भाग्यशाली है कि वह बाहर जा सकती है, घूम सकती है और आनंद ले सकती है। जब एक अन्य छात्र ने उनके आदर्श के बारे में पूछा, तो कांग्रेस सांसद ने कहा कि उनकी प्रेरणा वह महिला है जो ”मेरे बच्चों के तीन महीने के होने के समय से मेरे घर में काम कर रही है।”

वाद्रा ने कहा, ”वह मेरी रोल मॉडल हैं क्योंकि वह बहुत मजबूत हैं। भारी कठिनाइयों के बावजूद उन्होंने मेरे घर में दिन-रात काम किया है। उन्होंने एक मां की तरह मेरे बच्चों की देखभाल और प्यार किया है। बड़े संघर्षों के बावजूद वह डटी रहीं। जब उन्होंने अपने एक बच्चे को खो दिया, तो वह अगली ही सुबह काम पर आ गईं। जब मैंने उनसे कहा कि उन्हें आराम करने और घर पर रहने की जरूरत है, तो उन्होंने मना कर दिया। उन्होंने कहा कि वह काम करना चाहती हैं।” सांसद ने कहा कि वह सातवीं कक्षा तक एक अच्छी छात्रा थीं, लेकिन उसके बाद पढ़ाई में उनका प्रदर्शन थोड़ा गिरा, हालांकि बाद में इसमें सुधार आया।

छात्रों के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि उनके पसंदीदा विषय भौतिकी, गणित और जीव विज्ञान थे। वाद्रा ने मुस्कुराते हुए कहा, ”मैं जीव विज्ञान में अच्छी थी, लेकिन गणित में नहीं।” बातचीत के दौरान वाद्रा ने कहा कि आदिवासी संस्कृति को संरक्षित और सुरक्षित करने के लिए कांग्रेस कई कदम उठाना चाहती है, क्योंकि यह ”एक राष्ट्रीय धरोहर” है। स्कूल के लिए निधि की आवश्यकता की बात स्वीकार करते हुए कांग्रेस महासचिव ने कहा, ”सुविधाओं में सुधार और निधि उपलब्ध कराने के लिए मैं जो भी कर सकती हूं, करूंगी। लेकिन एक शर्त पर-जब मैं नयी सुविधाओं का उद्घाटन करने वापस आऊंगी, तो आप मुझे सही से अपना नृत्य सिखाएंगे।”

तांगानिका झील में बड़ा हादसा, करीब 100 यात्रियों से भरी नौका पलटी; 41 की गई जान

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किन्शासाः तंजानिया से कांगो जा रही एक नौका बृहस्पतिवार को तांगानीका झील में पलट गई, जिससे कम से कम 41 लोगों की मौत हो गई। स्थानीय अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

तांगानीका प्रांत के परिवहन मंत्री नॉरिस मुलोंगोयी ने बताया कि नाव में करीब 100 लोग सवार थे और उस पर सामान भी लदा था। उन्होंने कहा कि 49 लोगों को बाहर निकाल लिया गया है, 41 लोगों की मौत हो गई, वहीं बाकी लोगों की तलाश जारी है।

मुलोंगोयी ने बताया, “यह नौका तंजानिया के किगोमा से कांगो के तांगानीका प्रांत के कालिमी शहर जा रही थी और मैपेरा गांव के पास पलट गई।” तांगानीका झील दुनिया की सबसे बड़ी मीठे पानी की झील और रूस की बैकाल झील के बाद दुनिया की दूसरी सबसे गहरी झील है। बृहस्पतिवार को हुए इस हादसे की वजह तत्काल स्पष्ट नहीं हो सकी है।

 

नेतन्याहू ने गाजा में नरसंहार के आरोपों को बताया ‘सदी का सबसे बड़ा झूठ’

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संयुक्त राष्ट्रः इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बृहस्पतिवार को दुनियाभर के नेताओं के सामने दिए आक्रामक भाषण में इजराइल पर गाजा में नरसंहार करने के आरोपों को “सदी का सबसे बड़ा झूठ” बताया। नेतन्याहू ने ईरान के खिलाफ युद्ध छेड़ने के इजराइल के अधिकार का भी पुरजोर बचाव किया और कहा कि इस इस्लामिक देश पर हमला करना उनके द्वारा लिए गए ”सबसे आसान फैसलों में से एक” था। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने संबोधन के लिए मंच पर पहुंचते ही सदन से बाहर निकले प्रतिनिधियों को “नैतिक रूप से कायर” करार दिया।उन्होंने कहा, “इजराइल अपनी रक्षा करते हुए उन कई देशों की भी रक्षा कर रहा है, जिनके प्रतिनिधि अभी इस सदन से बाहर चले गए। मैं चाहता हूं कि आप यह भी जानें कि इनमें से कई देशों के नेता ईरान के परमाणु ठिकानों को नष्ट करने के लिए निजी तौर पर हमें धन्यवाद देते हैं।”

नेतन्याहू ने कहा, “अगर कोई और नैतिक रूप से कायर व्यक्ति अभी इस सदन में मौजूद है, तो वह भी कृपया बाहर चला जाए।”फलस्तीनी मिशन ने संयुक्त राष्ट्र के 193 सदस्य देशों में से कई से अपने अधिक से अधिक प्रतिनिधियों को महासभा कक्ष में भेजने और इजराइली प्रधानमंत्री के संबोधन के लिए नाम पुकारे जाते ही “सामूहिक रूप से महासभा कक्ष से बाहर निकलने” की अपील की थी।

 

BJP को बड़ा झटका: फतेहाबाद से 4 बार के विधायक छोटे लाल वर्मा का निधन, नेताओं में शोक की लहर

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Agra News: आगरा में फतेहाबाद विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी विधायक छोटे लाल वर्मा का गुरुवार शाम निधन हो गया। वह लगभग 73 वर्ष के थे। परिजनो के अनुसार वर्मा पिछले कुछ दिनों से बुखार से पीड़ित थे जिन्हें 2 दिन पहले आगरा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालत में सुधार नहीं होने पर उन्हे नोएडा के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां आज शाम उन्होने अंतिम सांस ली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप्र विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी समेत अनेक नेताओं ने उनके निधन पर दुख व्यक्त किया है और दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना की है।

वर्मा मौजूदा विधानसभा में चौथी बार फतेहाबाद का प्रतिनिधित्व भाजपा विधायक के तौर पर कर रहे थे हालांकि भाजपा के अलावा वह सपा और बसपा के टिकट पर भी अपनी किस्मत आजमा चुके थे। योगी ने अपने शोक संदेश में लिखा कि आगरा के फतेहाबाद विधानसभा क्षेत्र के विधायक छोटे लाल वर्मा का निधन अत्यंत दु:खद है। उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि. प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को सद्गति तथा शोकाकुल परिजनों को यह अथाह दु:ख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।

आगरा के फतेहपुर सीकरी से सांसद राजकुमार चाहर ने भी विधायक के निधन पर दुख जताया है। सांसद ने लिखा कि फतेहाबाद के लोकप्रिय विधायक छोटेलाल वर्मा के निधन का समाचार अत्यंत पीड़ादायक है। ईश्वर दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा शोकाकुल परिजनों एवं उनके असंख्य समर्थकों को यह अपार दु:ख सहन करने की शक्ति दें।’

महाना ने कहा कि छोटेलाल वर्मा का निधन अत्यंत दु:खद है। उनके निधन से प्रदेश ने एक अनुभवी जनप्रतिनिधि खो दिया है। उन्होंने अपने सार्वजनिक जीवन में सदैव जनता के हितों और क्षेत्र के विकास को प्राथमिकता दी। जनप्रतिनिधि के रूप में उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। विधानसभा अध्यक्ष ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोक संतप्त परिजनों को इस अपार दु:ख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है। महाना ने कहा कि दु:ख की इस घड़ी में उनकी संवेदनाएं शोकाकुल परिवार, समर्थकों और शुभचिंतकों के साथ हैं।

गैंगरे/प का आरोप, फ्री फायर और कं/डोम… BA छात्रा सु/साइड केस में पुलिस जांच के बाद बड़ा मोड़

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Jhansi News: उत्तर प्रदेश के झांसी जिले से हाल ही में आई एक छात्रा की संदिग्ध मौत की खबर ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया था।शुरुआत में गुरसरांय की रहने वाली बीए की इस छात्रा के परिजनों ने आधा दर्जन (6) युवकों पर गैंगरेप का संगीन आरोप लगाया था। लेकिन जैसे-जैसे पुलिस की तफ्तीश आगे बढ़ी, कहानी में एक अलग ही मोड़ आ गया है। पुलिस की शुरुआती जांच में गैंगरेप की बात सामने नहीं आई है, बल्कि मामला किसी और ही तरफ इशारा कर रहा है।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, मामले की शुरुआत 22 सितंबर को हुई, जब गुरसरांय के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से पुलिस को खबर मिली कि जहरीला पदार्थ खाने की वजह से एक छात्रा की अस्पताल लाते-लाते मौत हो चुकी है। उस वक्त गमजदा और गुस्साए परिवार की तहरीर पर पुलिस ने आनन-फानन में 6 नामजद लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया था। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने जब गहराई से छानबीन शुरू की, तो 2 नाबालिग आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ गए। इसके अलावा बाकी 4 नामजद युवकों को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

जांच अधिकारी जब कड़ियों को जोड़ने लगे, तो पता चला कि घटना से 2 दिन पहले यानी 20 सितंबर को 2 नाबालिग लड़के फ्री फायर गेम खेलने के बहाने बाहर निकले थे। रास्ते में ही उनकी मुलाकात इस छात्रा से हुई। पुलिस के मुताबिक, इनमें से एक नाबालिग लड़का छात्रा को लेकर एक कमरे में गया, जबकि उसका दूसरा साथी बाहर पहरा देता रहा। पूछताछ के दौरान हिरासत में लिए गए एक आरोपी ने छात्रा के साथ संबंध बनाने की बात कुबूल कर ली है।

घटनास्थल का मुआयना करने पहुंची फोरेंसिक और पुलिस टीम के हाथ एक इस्तेमाल किया हुआ कंडोम लगा है, जिसे सील कर डीएनए (DNA) मिलान के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) भेज दिया गया है। झांसी के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) विकास कुमार ने इस पूरे मामले पर जानकारी देते हुए बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतका के शरीर पर कोई भी बाहरी या अंदरूनी चोट के निशान नहीं मिले हैं। मौत की असल वजह जानने के लिए विसरा सुरक्षित रख लिया गया है, जिसे जांच के लिए लैब भेजा गया है। इसके साथ ही, पुलिस ने आरोपियों और मृतका से जुड़े सभी मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं। डिजिटल एविडेंस की फोरेंसिक जांच कराई जा रही है, हालांकि पुलिस का कहना है कि अब तक किसी भी फोन से कोई आपत्तिजनक वीडियो नहीं मिला है।

बताया जा रहा है कि अब पुलिस की जांच एक नए एंगल पर टिक गई है। आशंका जताई जा रही है कि जब इस मुलाकात की भनक गांव में धीरे-धीरे फैलने लगी, तो समाज और बदनामी के डर से घबराकर छात्रा ने यह जानलेवा कदम उठा लिया होगा। पुलिस फिलहाल उन तमाम परिस्थितियों को खंगाल रही है, जिन्होंने छात्रा को खुदकुशी के मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया। हालांकि, एसएसपी ने साफ कर दिया है कि शुरुआती जांच के आधार पर नामजद 4 अन्य लोगों को अभी कोई क्लीन चिट नहीं मिली है। पुलिस का कहना है कि जैसे ही विसरा, डीएनए और डिजिटल फोरेंसिक रिपोर्ट आएगी, पूरी तस्वीर पूरी तरह साफ हो जाएगी।

Daily horoscope : आज इन राशियों के लिए ग्रह बना रहे हैं अनुकूल संयोग

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मेष : सितारा धन लाभ वाला, कारोबारी कामों के लिए आपकी भागदौड़ अच्छा नतीजा देगी, कामकाजी टूरिंग प्लानिंग भी लाभ देगी।

वृष: जो भी सरकारी कोशिश करें पूरा जोर लगाकर करें, तैयारी के बगैर कोई सरकारी काम भी हाथ में न लें, वैसे प्रभाव दबदबा बना रहेगा।

मिथुन: कामकाजी मामलों में आप हर फ्रंट पर विजयी तो रहेंगे मगर ढीले मन के साथ कोई कोशिश न करें, वैसे आम हालात पहले जैसे रहेंगे।

कर्क : पेट के मामले में लापरवाह न रहना ठीक रहेगा, खान-पान में भी बदपरहेजी न बरतें, सफर भी परेशानी देने वाला हो सकता है।

सिंह : कारोबारी कामों के लिए पूरे जोर के साथ कोशिश करें, आम कामों के लिए आपके यत्न आगे तो बढ़ेंगे, मगर भरपूर जोर लगाना जरूरी होगा।

कन्या :  विरोधियों के कारण परेशानियां पैदा होती रहेंगी इसलिए उन्हें लाइटली डील न करें, मनोबल में टूटन का ट्रैंड बना रहेगा।

तुला: यत्न करने पर तथा जोर लगाने पर आपकी प्लानिंग, प्रोग्रामिंग कुछ आगे बढ़ सकती है, सरकारी कामों के लिए भी सितारा ढीला।

वृश्चिक: किसी भी जायदादी काम के लिए यत्न सहजता के साथ न करें, क्योंकि हल्के-फुल्के तरीके के साथ किया गया कोई भी प्रोग्राम आगे न बढ़ेगा।

धनु : कामकाजी व्यस्तता तथा भागदौड़ तो बनी रहेगी, मगर नतीजा कुछ ज्यादा न मिलेगा, मगर आम हालात अनुकुल चलेंगे।

मकर:  कारोबारी कोशिशों का फेवरेवल नतीजा बरामद न होगा, मगर आप भागदौड़ करने में कोई कसर न छोड़ेंगे।

कुंभ: व्यापार तथा कामकाजी कामों के लिए सितारा संतोषजनक, मगर सोच-विचार में नैगेटिविटी प्रभावी रहेगी।

मीन : खर्च जायज तथा फिजूल दोनों तरह का होगा, जिन खर्चों को टाला जा सके उन्हें टाल देना चाहिए, नुकसान का भी भय, इसलिए हर मोर्चे पर अलर्ट रहें।

कानपुर: कानपुर में जलभराव की समस्या पर बोलीं महापौर

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कानपुर: कानपुर में जलभराव की समस्या पर बोलीं महापौर। मेयर प्रमिला पाण्डेय ने अधिकारियों पर उठाए सवाल। महापौर प्रमिला पांडेय ने 312 तालाबों का मुद्दा उठाया। महापौर बोलीं- शहर के 312 तालाब आखिर गए कहां? ‘तालाब सुरक्षित होते तो नहीं भरता बारिश का पानी’। जलभराव को लेकर मंडलायुक्त से जांच कमेटी की मांग। नगर आयुक्त और केडीए वीसी पर भी उठाए सवाल। 312 तालाबों की मौजूदा स्थिति बताने की कही बात। अवैध कब्जों पर तत्काल कार्रवाई के भी दिए निर्देश। नगर निगम के पास बजट की कमी नहीं- महापौर। मुख्यमंत्री योगी को पत्र लिखने की बात भी बताई।