Tuesday, June 2, 2026
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मेरिट में छात्राओं का दबदबा देख CM योगी का तंज, बोले- लड़के शायद झाड़ू-पोछा में व्यस्त

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लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने माध्यमिक एवं उच्च्तर माध्यमिक परीक्षाओं में छात्राओं के मुकाबले छात्रों की कम संख्या के मद्देनजर सोमवार को कहा कि छात्राएं घर के काम में सहयोग करने के बावजूद बेहतर अंक प्राप्त कर रही हैं लिहाजा छात्रों को उनका अनुसरण करना चाहिए। माध्यमिक शिक्षा विभाग की परीक्षाओं में उच्च अंक प्राप्त करने वाले छात्र एवं छात्राओं के सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री ने मेधा सूची में छात्राओं के मुकाबले छात्रों की कम संख्या होने का जिक्र किया।

223 छात्र-छात्राओं का सम्मान किया
उन्होंने कहा, “इस अवसर पर मैं देख रहा था कि इस समारोह मे 223 छात्र-छात्राओं का सम्मान किया जा रहा है, जिनमे छात्रों की संख्या 85 है और छात्राओं की संख्या 138 है, यानी छात्राओं की संख्या मेधा सूची में अधिक है, छात्र कम हैं। प्रदेश स्तर पर हाईस्कूल की परीक्षा में 115 बच्चों में 34 छात्र हैं, 81 छात्राएं हैं। इंटरमीडिएट की टॉप की सूची में देखें तो छात्र नौ हैं, छात्राएं 14 हैं।

ये संख्या बता रही हैं कि छात्राएं ज्यादा मेहनत करती
आदित्यनाथ ने कहा, “यह संख्या बताती है कि छात्राएं ज्यादा मेहनत करती हैं और ज्यादा मेहनत करके ज्यादा अंक प्राप्त करने की सामर्थ्य भी रखती हैं। जबकि हम लोग यह मानते थे कि छात्राएं घर में अपनी माता का भी सहयोग करती हैं।” मुख्यमंत्री ने तंज भरे लहजे में कहा, “लेकिन लगता है कि अब परिवर्तन आ गया है और छात्र घर में झाड़ू-पोछा ज्यादा लगाने लग गए हैं… या लगता है कि मां-बाप उनसे ज्यादा काम ले रहे हैं, सब्जी लेने के लिए भेजते होंगे। घर और मोहल्ले में भी हो सकता है कि कुछ झाड़ू लगा रहे होंगे। इसीलिए छात्रों के अंक इतने कम हैं और छात्राएं मेहनत कर रही हैं और मेरिट स्थान में उन्होंने अच्छा स्थान प्राप्त किया है।

छात्रों को उनसे अनुसरण करना चाहिए 
आदित्यनाथ ने यह भी कहा कि यह एक सुखद लक्षण है, लेकिन छात्रों के लिए भी एक प्रेरणा भी होनी चाहिए कि छात्राएं घर में परिवार का सहयोग करते हुए भी अच्छे अंक प्राप्त कर रही हैं और मेरिट में ज्यादा संख्या में स्थान प्राप्त कर रही हैं, तो छात्रों को कम से कम उनका ही अनुसरण कर लेना चाहिये। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर बालिकाओं की शिक्षा की जरूरत पर जोर देते हुए कहा, “मेरा मानना है कि बेटी पढ़ेगी तो आगे बढ़ेगी और देश और समाज को भी आगे बढ़ाएगी, यह इस रिजल्ट के माध्यम से एक संदेश बहुत स्पष्ट आ गया हम सबके सामने है।

बच्चे पहला गुरु अभिभावक
आदित्यनाथ ने कहा कि हाई स्कूल और इंटरमीडिएट के छात्र-छात्राओं की आयु ऐसी है कि इसी समय उन्हें सही दिशा प्रदान करनी चाहिए तभी उनका भविष्य उज्ज्वल होगा। उन्होंने कहा कि किसी भी बच्चे का अभिभावक उसका पहला गुरु होता है लेकिन आज हो क्या रहा है हम लोग अक्सर देखते हैं कि बच्चा रो रहा है तो माता-पिता उसको संतुष्ट करने के लिए उसे अपना स्मार्टफोन दे देते हैं। आदित्यनाथ ने आह्वान करते हुए कहा कि बच्चों को ऐसे दूसरे कार्यों के साथ जोड़ा जाए जो उसका रचनात्मक विकास कर सकें। उन्होंने कहा, “दो-तीन वर्ष के बच्चे को आप स्मार्टफोन पकड़ा रहे हैं, वीडियो गेम के साथ जोड़ रहे हैं। उसके घातक परिणाम भी हम सबको देखने को मिल रहे हैं। हम सबको यह बातें याद रखनी होगी कि भारत में ज्ञान की कितनी समृद्धि परंपरा रही है। विद्या को भारत ने बहुत विस्तृत रूप से माना है।

चोरी के शक में दुकानदार ने हदें की पार: दलित किशोरी को पेड़ से बांधकर पीटा, वीडियो वायारल

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देवरिया: उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में चोरी के आरोप में 14 वर्षीय दलित किशोरी को पेड़ से बांधकर उसकी पिटाई किए जाने की घटना सामने आई है। पुलिस ने घटना का कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद आरोपी दुकानदार को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने सोमवार को बताया कि तरकुलवा थाना क्षेत्र के मिश्रौली गांव निवासी हरिकेश गुप्ता (24) की किराने की दुकान है।

चोरी के शक में किशोरी को पकड़ा
आरोप है कि उसने दुकान में चोरी के संदेह में गांव की 14 वर्षीय किशोरी को पकड़ लिया। ग्रामीणों के मुताबिक, गुप्ता ने किशोरी के बाल पकड़कर उसे पहले पूरे गांव में घुमाया और फिर अपने मकान के बाहर नीम के पेड़ से बांधकर उसकी पिटाई की। एक राहगीर ने घटना का वीडियो बनाकर उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित कर दिया।

S/C एक्ट के तहत पुलिस ने दर्ज किया केस 
ग्रामीणों के अनुसार, घटना की सूचना मिलने पर तरकुलवा पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और किशोरी को मुक्त कराया। पुलिस ने बताया कि पीड़िता दलित समुदाय से है। उसने बताया कि आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।

मौके पर पीड़िता को पुलिस ने छुड़वाया 
पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) सुनील कुमार रेड्डी ने बताया कि रविवार को सूचना मिली कि मिश्रौली गांव में किराने की दुकान में चोरी के संदेह में दुकानदार ने एक लकड़ी को पकड़ लिया है और उसकी पिटाई कर रहा है। उन्‍होंने बताया कि सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने पीड़ित लड़की को छुड़ाया और आरोपी को गिरफ्तार कर मामले की जांच शुरू कर दी।

₹18600 से घटकर ₹11000 हुआ वेतन, तो 4 परिचालकों ने उठाया आत्मघाती कदम… पुलिस ने समय रहते टाला बड़ा हादसा

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Lucknow News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के हाई-सिक्योरिटी वाले वीवीआईपी जोन में दुबग्गा डिपो के 4 संविदा सिटी बस परिचालकों ने मुख्यमंत्री आवास के निकट आत्मदाह का प्रयास किया। हालांकि मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों और गौतमपल्ली थाना पुलिस ने समय रहते हस्तक्षेप कर चारों को हिरासत में ले लिया। पुलिस के अनुसार सभी सुरक्षित हैं और क्षेत्र में कानून-व्यवस्था सामान्य है।

परिचालकों के मुताबिक दुबग्गा सिटी बस स्टेशन पर तैनात करीब 350 संविदा कर्मचारियों को प्रशासन सीधे संविदा से हटाकर एस नामक निजी कंपनी के अधीन कर रहा है। उनका आरोप है कि नई व्यवस्था में वेतन 18,600 से घटाकर 11,000 कर दिया गया है। पिछले कई दिनों से वे अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। सोमवार करीब 11 बजे मांगों पर सुनवाई न होने पर 4 परिचालक सीएम आवास की ओर बढ़े और ज्वलनशील पदार्थ छिड़ककर आत्मघाती कदम उठाने का प्रयास किया।

ITBP जवान की मां का कटा हाथ 10 दिन बाद जांच के लिए भेजा, हिस्टोपैथोलॉजी रिपोर्ट खोलेगी अस्पतालों की पोल

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Kanpur News: उत्तर प्रदेश के कानपुर में पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के बीच करीब 10 दिन तक चले गतिरोध के बाद भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के एक जवान की मां का कटा हुआ दाहिना हाथ जांच के लिए जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के पैथोलॉजी विभाग को सौंप दिया गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। चिकित्सकों के अनुसार, जांच रिपोर्ट आने में 20 दिन से एक माह तक का समय लग सकता है। जिम्मेदारी को लेकर भ्रम और बायोमेडिकल कचरा निपटान नियमों के कथित उल्लंघन के कारण कटा हुआ हाथ कई दिनों तक रेलबाजार थाने के मालखाने में रखा रहा, जिससे विवाद खड़ा हो गया।

महाराजपुर स्थित 32वीं बटालियन में तैनात आईटीबीपी जवान विकास सिंह की मां निर्मला देवी (56) को सांस लेने में तकलीफ और हृदय संबंधी जटिलताओं के कारण 13 मई को कृष्णा अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान उनकी स्थिति स्थिर हो गई लेकिन उनका दाहिना हाथ काला पड़ने लगा, जिसके बाद 17 मई को उन्हें पारस अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने गैंगरीन की आशंका जताते हुए आपात स्थिति में उनका हाथ काट दिया। विवाद तब शुरू हुआ, जब कटे हुए अंग को नष्ट करने या जांच के लिए सुरक्षित रखने के बजाय परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल के हस्तक्षेप के बाद 25 मई को कृष्णा और पारस अस्पताल के खिलाफ कथित चिकित्सीय लापरवाही तथा उपचार में देरी के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई।

पूर्वी क्षेत्र के पुलिस उपायुक्त सत्यजीत गुप्ता ने बताया कि कटे हुए हाथ को रविवार को जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के पैथोलॉजी विभाग को सौंप दिया गया। उन्होंने बताया कि हिस्टोपैथोलॉजी जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पैथोलॉजी विभाग की प्रमुख डॉ. लुबना खान ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में फोरेंसिक पैथोलॉजी जांच की सुविधा नहीं है लेकिन हिस्टोपैथोलॉजी जांच के लिए नमूना स्वीकार कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि जांच पूरी होने के बाद संरक्षित अंग पुलिस को लौटा दिया जाएगा। पुलिस ने दोनों अस्पतालों से उपचार संबंधी रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज जब्त कर लिए हैं तथा संबंधित चिकित्सकों को बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस जारी किए हैं।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) हरिदत्त नेमी ने पारस अस्पताल को कारण बताओ नोटिस जारी कर कटे हुए अंग को परिजनों को सौंपे जाने पर स्पष्टीकरण मांगा है। पारस अस्पताल के यूनिट प्रमुख (बिक्री एवं विपणन) नितिन सारस्वत ने बताया कि शल्यक्रिया परिजनों की लिखित सहमति और स्थापित चिकित्सा प्रक्रियाओं के अनुरूप की गई थी। उन्होंने बताया कि निर्मला देवी की हालत स्थिर है और अस्पताल जांच में सहयोग कर रहा है।

‘हफ्तेभर में आरोपियों का एनकाउंटर करो, नहीं तो CM ऑफिस के सामने करेंगे आत्मदाह’, विनीत राय की हत्या पर पिता की चेतावनी

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Ghazipur News: उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में होटल संचालक और होटल एसोसिएशन अध्यक्ष आलोक राय के बेटे विनीत राय की हत्या के बाद परिवार ने पुलिस पर दबाव बढ़ा दिया है। आलोक राय ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर आरोपी मुठभेड़ में ढेर नहीं हुए तो वे परिवार समेत मुख्यमंत्री कार्यालय के सामने आत्मदाह करेंगे। न्याय मिलने तक परिवार विनीत का तेरहवीं संस्कार भी नहीं करेगा।

गौरतलब है कि विनीत राय की शुक्रवार रात गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। वारदात के बाद कटरा गैंग का सरगना शंकर पांडेय और अन्य आरोपी फरार हो गए। पुलिस की 4 टीमें बिहार और आसपास के जिलों में दबिश दे रही हैं। अब तक 8 संदिग्ध हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। आलोक राय ने आरोप लगाया कि कटरा गैंग को कुछ पुलिसकर्मियों का संरक्षण मिलता रहा, जिसके कारण अपराध जारी रहे। उन्होंने गोरा बाजार चौकी प्रभारी एवं पूर्व सर्विलांस प्रभारी शिवाकांत मिश्रा पर शंकर पांडेय से करीबी संबंध का भी आरोप लगाया। एडीजी पीयूष मोडिर्या और डीआईजी वैभव कृष्ण ने शनिवार को घटनास्थल का निरीक्षण किया। डीजीपी राजीव कृष्ण ने आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। कोतवाली प्रभारी महेंद्र सिंह को लाइन हाजिर किया गया है।

इस मामले को लेकर गाजीपुर में इंटरनेट मीडिया पर सक्रिय गिरोहों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। पुलिस का कहना है कि कटरा गैंग जैसे समूह वॉट्सएप और इंटरनेट मीडिया के जरिए युवाओं को जोड़कर संगठित होते हैं। वहीं परिवार से मिलने पहुचे भाजपा एमएलसी धर्मेंद्र सिंह ने भी पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए। धर्मेंद्र ने कहा कि परिवार का कहना है कि घटना से पहले ही उन्होंने आशंका व्यक्त करते हुए पुलिस को इस गैंग के बारे में अवगत करा दिया था, बावजूद इसके उच्चाधिकारियों की ओर से कोई कार्रवाई न होना निराशाजनक है । उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्पष्ट संदेश है कि अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाए। इस मामले को हम लखनऊ में भी उच्चाधिकारियों के सामने उठाएंगे। दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

Etawah News: केक काटकर मनाया गया शेरनी आशी व जया का जन्मदिन

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इटावा। इटावा सफारी पार्क में शेरनी नीरजा एवं कान्हा की मेटिंग से जन्मीं दो अर्ध वयस्क शेरनी आशी व जया का दूसरा जन्मदिन सोमवार को केक काटकर मनाया गया। इटावा सफारी पार्क के उप निदेशक डॉ. विनय कुमार सिंह ने बताया कि शेरनी नीरजा ने 31 मई 2024 को तीन शावकों को जन्म दिया था।14 दिन बाद एक शावक की मौत हो गई थी। शेरनी नीरजा ने अपने शावकों की देखभाल नहीं की थी। इसपर सफारी पार्क के कीपर अजय एवं आसिफ ने उनकी हैंड रियरिंग कर उन्हें पालकर बड़ा किया। अब यह दोनों शावक अर्ध वयस्क हो चुके हैं और अपने अन्य एक भाई एवं दो बहनों के साथ ब्रीडिंग सेंटर में उछल कूद कर रहे हैं।

सोमवार को इटावा सफारी पार्क में इन दोनों ही शेरनी का जन्मदिन मनाया गया। इस मौके पर केक काटकर खुशियां मनाई गईं। वहीं दूसरी ओर इटावा सफारी पार्क में 10 अगस्त 2022 को जन्मे बब्बर शेर विश्वा पिछले एक माह से अस्वस्थ चल रहा था। लगातार उपचार के बाद अब वह स्वस्थ हो रहा है। वह पूरा आहार और पर्याप्त मात्रा में पानी पी रहा है।

Etawah News: खोदना था गड्ढा, बना दिया मौत का तालाब

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इटावा। कृपालपुर के ग्रामीणों ने बताया कि स्थानीय किसान भट्ठा पर ईंट की थपाई के लिए 20 हजार रुपये में प्रति बीघा के हिसाब से मिट्टी उठवाते हैं। 20 हजार रुपये में खेत में एक फीट मिट्टी उठाई जाती है। जिला प्रशासन के नियम के तहत एक खेत से करीब तीन फीट तक मिट्टी उठाई जाती है। इस हिसाब से एक किसान को प्रति बीघा के हिसाब से 60 हजार रुपये मिल जाते हैं। वहीं, कुछ किसान थोड़े रुपये के लालच में चार से पांच फीट तक मिट्टी उठवा देते हैं। इससे भट्ठों के आसपास ऐसे कई गड्ढे बारिश के दिनों में मौत के तालाब बन जाते हैं।कृपालपुर निवासी कौशल ने बताया कि ईंट-भट्ठा मालिक को खेत से तीन फीट मिट्टी उठाने के आदेश होते हैं। वहीं, मजदूर ईंटों की थपाई के लिए बार-बार पानी की जरूरत पड़ने पर खेत में ही तीन फीट के अलावा बीचोंबीच पांच या इससे अधिक गहरा गड्ढा कर पानी भर देते हैं। दो दिन से हो रही बारिश से खेत में काफी पानी भर गया।

मृतक के परिजन ने घटना के बाद ईंट भट्ठा के मुनीम व मजदूरों पर बच्चों को पत्थर फेंककर भगाए जाने का आरोप लगाया है। उनका कहना था कि बच्चों को भगाने के लिए छोटे-छोटे पत्थर के टुकड़े फेंकने पर वह घबराकर भागने लगे। इससे उनका पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में डूब गए। परिजन ने इस मामले की जांच करवाकर कार्रवाई की मांग की है।

प्रांशु की मां प्रीति ने बताया पति मनोज गुजरात में निजी कंपनी में नौकरी करते हैं। प्रीति ने तेज धूप होने की वजह से प्रांशु को बाहर जाने से रोका लेकिन उसने चचेरे भाई-बहन के साथ जिद करके चला गया। करीब ढाई घंटे बाद उसके गहरे पानी में डूबने की सूचना मिली। मां प्रीति दहाड़े मारकर बार-बार यही कह रही थी कि प्रांशु उसकी बात मान लेता तो उसकी जान बच जाती।

Etawah News: 350 पोल धराशायी, लाइनों पर गिरे 207 पेड़, 500 से अधिक गांवों की बिजली आपूर्ति ध्वस्त

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इटावा। रविवार शाम करीब साढ़े छह बजे आई आंधी और बारिश ने जिलेभर में भारी तबाही मचाई। करीब 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली आंधी ने बिजली व्यवस्था को सबसे अधिक नुकसान पहुंचाया। जिले में लगभग 350 बिजली के पोल धराशायी हो गए, 20 से अधिक ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त और 207 से अधिक पेड़ उखड़कर सड़कों व बिजली लाइनों पर गिर पड़े। इसके चलते शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक 500 से अधिक गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। कई स्थानों पर 24 घंटे से अधिक समय तक लोग बिना बिजली के रहने को मजबूर हुए।आंधी के शुरू होते ही बिजली निगम ने एहतियात के तौर पर जिले की आपूर्ति बंद कर दी। मौसम शांत होने के बाद रात करीब साढ़े नौ बजे से पेट्रोलिंग शुरू की गई। शहर में फ्रेंड्स कॉलोनी उपकेंद्र सहित तीन अन्य उपकेंद्रों की आपूर्ति रात करीब 1:50 बजे बहाल हो सकी। सुंदरपुर बिजलीघर से जुड़े तकिया मोहल्ला क्षेत्र में फॉल्ट आने के कारण पंजाबी कॉलोनी, बस स्टैंड समेत कई इलाकों में बिजली रात ढाई बजे के बाद आई। वहीं विजयनगर क्षेत्र में ट्रांसफार्मर में कम वोल्टेज की समस्या के कारण सुबह साढ़े चार बजे तक आपूर्ति सुचारु नहीं हो सकी। शहर के आधे हिस्से में करीब सात घंटे बाद बिजली आई जबकि कई मोहल्लों में पूरी रात आपूर्ति ठप रही।

चकरनगर। क्षेत्र में आंधी का असर सबसे अधिक ग्रामीण इलाकों में दिखाई दिया। ग्रामीण फीडर के 25 बिजली पोल टूटने से फूटाताल, कंधेसीघार, कंधेसी अड्डा, जगतोली, नगला मथुरी, राजपुर, बछेड़ी, खिरीटी, रानियां और गोहानी सहित 15 गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। बिठौली, हनुमंतपुरा और भरेह उपकेंद्र क्षेत्रों में भी कई पोल टूट गए। उदी-भरेह मार्ग पर एक ट्रांसफार्मर जमीन पर गिर गया। फूटाताल गांव में विमल सिंह के मकान की दीवार पर पेड़ गिरने से नुकसान हुआ जबकि गांव का ट्रांसफार्मर भी धराशायी हो गया। नगला महानंद में दो बिजली पोल टूट गए और दो विशाल नीम के पेड़ गिर गए। इंद्रेश सिंह यादव के मकान पर पेड़ गिरने से छत क्षतिग्रस्त हो गई। नगला चौप निवासी सुरजीत यादव के गेस्ट हाउस की बाउंड्रीवॉल भी टूट गई। एसडीओ अजय पाल गौतम ने बताया कि क्षेत्र में कुल 40 पोल और पांच ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हुए हैं। मरम्मत कार्य जारी है लेकिन सोमवार शाम तक 13 गांवों में आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी थी।

मौत का ‘कनेक्शन’: जुड़ते सेगमेंट, तो बचती जान, अब 13 पिलरों का होगा लोड टेस्ट, तकनीकी चूक ने लिखी पुल की कहानी

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हमीरपुर जिले में बेतवा नदी पर निर्माणाधीन पुल हादसे के चौथे दिन सोमवार को शासन से नामित तीन सदस्यीय विशेषज्ञ जांच टीम ने करीब साढ़े तीन घंटे तक हादसे के कारणों और निर्माण कार्य की गुणवत्ता की पड़ताल की। टूटे पिलर, स्लैब और मलबे से कोर कटिंग के साथ स्टील के नमूने लिए।

प्री-स्ट्रेसिंग का कार्य पूरा हो जाता, तो शायद हादसा न होता
इसके अलावा स्लैब के सेगमेंट भी पूरी तरह जुड़ नहीं पाए थे। यदि समय रहते प्री-स्ट्रेसिंग का कार्य पूरा हो जाता, तो शायद हादसा न होता। एडीएम नमामि गंगे सुरेश कुमार की मौजूदगी में मिथलेश कुमार, चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर (डिजाइन) फरहान बासित और जनरल मैनेजर प्रेम सिंह ने क्षतिग्रस्त पिलर, स्लैब और अन्य संरचनाओं की फोटो व वीडियो रिकॉर्डिंग कराई।

जांच टीम के सदस्य राज्य सेतु निगम के संयुक्त प्रबंध निदेशक मिथलेश कुमार ने बताया कि नमूनों को परीक्षण के लिए आईआईटी कानपुर अथवा वाराणसी भेजा जाएगा। यहां की रिपोर्ट से ही हादसे की वजह साफ हो सकेगी। शुरुआती जांच में आंधी-तूफान से ही हादसा प्रतीत हो रहा है। 

Hamirpur Betwa Bridge Tragedy The Bridge Collapse Could Have Been Averted Had Slab Segments Been Connected

टूटे पिलर की कोर कटिंग कराकर नमूने लिए
छह नंबर पिलर की माप कराई जिसकी परिधि 8.66 मीटर निकली। निर्माण में प्रयुक्त सरिया, कंक्रीट और कपलर की भी जांच की। मलबे के बड़े टुकड़ों में अंदरूनी संरचना जांची। टूटे पिलर की कोर कटिंग कराकर नमूने लिए। स्लैब और पिलर में इस्तेमाल 25 एमएम और 32 एमएम सरिया को कटवाकर सैंपल सुरक्षित किया। अधिकारियों की मौजूदगी में सभी नमूनों को सील पैक किया गया।

सभी 13 पिलरों का लोड टेस्ट होने के बाद शुरू होगा पुल का काम
बेतवा नदी पर निर्माणाधीन पुल हादसे के बाद अब निर्माण गुणवत्ता और मानकों को लेकर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। लोग लापरवाही के साथ-साथ भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे हैं। मृतकों के परिजनों से लेकर साइट पर काम करने वाले कर्मचारियों तक ने दावा किया है कि यदि निर्माण कार्य मानक के अनुरूप हुआ होता, तो पिलर इस तरह टूटकर नहीं गिरता।

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प्रत्येक पिलर की क्षमता जांची जाएगी
इन आरोपों को प्रशासन और विभाग ने भी गंभीरता से लिया है। जांच में जुटी विशेषज्ञों की टीम ने स्पष्ट किया है कि पुल के सभी 13 पिलरों की लोड टेस्टिंग कराई जाएगी। सामान्य तौर पर यह परीक्षण पुल का निर्माण पूरा होने के बाद किया जाता है, लेकिन हादसे के बाद अब दोबारा निर्माण कार्य शुरू करने से पहले ही प्रत्येक पिलर की क्षमता जांची जाएगी।

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छह परिवारों की खुशियां हमेशा के लिए उजड़ गईं
विशेषज्ञों के अनुसार लोड टेस्ट के जरिये यह परखा जाएगा कि पिलर निर्धारित भार सहन करने की स्थिति में हैं या नहीं। जांच में यदि कोई पिलर कमजोर या मानक के विपरीत पाया गया, तो उसे गिराकर दोबारा निर्माण कराया जाएगा। उधर पुल हादसे में छह परिवारों की खुशियां हमेशा के लिए उजड़ गईं।
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निर्माण कार्य जारी रखना बड़ी चूक रही
सोमवार को मौके पर पहुंची सेतु निगम की विशेषज्ञ जांच टीम ने भी माना कि मौसम विभाग के अलर्ट के बावजूद निर्माण कार्य जारी रखना बड़ी चूक रही। जांच के लिए पहुंचे सेतु निगम के संयुक्त प्रबंध निदेशक मिथलेश कुमार ने कहा कि हादसा बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और मृतकों के परिजनों के प्रति विभाग की गहरी संवेदनाएं हैं।
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सुरक्षा मानकों का पालन सर्वोच्च प्राथमिकता
उन्होंने स्वीकार किया कि आंधी-तूफान को लेकर पहले से मौसम विभाग का अलर्ट जारी था। ऐसे हालात में निर्माण कार्य बंद करा देना चाहिए था। उन्होंने कहा कि सुरक्षा मानकों का पालन किसी भी प्रोजेक्ट में सर्वोच्च प्राथमिकता होता है। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि खराब मौसम के बीच भी पुल पर काम जारी रहा।
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श्रमिकों में घटना को लेकर गहरा आक्रोश
इसे गंभीर लापरवाही माना जा रहा है। इस पर क्या कार्रवाई होगी इस संदर्भ में कुछ नहीं कहा। ग्रामीणों और श्रमिकों में घटना को लेकर गहरा आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यदि मौसम विभाग के अलर्ट को गंभीरता से लिया जाता, तो छह लोगों की जान बचाई जा सकती थी।
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निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल
हादसे के बाद से निर्माण एजेंसी, सेतु निगम और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। ऐसे में जांच रिपोर्ट अब यह तय करेगी कि हादसा सिर्फ तेज आंधी-तूफान का नतीजा था या फिर निर्माण में तकनीकी खामियां और गुणवत्ता में कमी भी इसकी बड़ी वजह रहीं।
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पुल का निर्माण पूरा होने के बाद होने वाली पिलरों की लोड टेस्टिंग इस बार पहले कराई जाएगी। दोबारा निर्माण कार्य शुरू करने से पहले सभी 13 पिलर की क्षमता जांची जाएगी। मानक के विपरीत होने पर दोबारा निर्माण कराया जाएगा।  -मिथलेश कुमार, संयुक्त प्रबंध निदेशक, सेतु निगम

यूपी: लखनऊ में आम आदमी के लिए बनने जा रहे हैं सस्ते फ्लैट, महज 10 लाख में मिल सकता है अपना घर; जानिए डिटेल

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एलडीए आम आदमी की पहुंच वाले करीब पांच हजार फ्लैट बनाने जा रहा है। इनके लिए जगह चिह्नित हो गई है। ये फ्लैट 10 से 30 लाख तक के होंगे। दीपावली तक इनके लिए पंजीकरण भी खोले जाने के लिए तैयारी हो रही है।एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार ने बताया कि शहर में मध्यम और अल्प आय वर्ग को किफायती दरों पर आवास उपलब्ध कराने की दिशा में पांच जगहों पर आवासीय योजनाएं लांच की जाएंगी। इनको लेकर तैयारी हो गई है। जिन जगहों पर ये योजनाएं लाई जाएंगी, उनमें सीतापुर रोड पर शिया पीजी काॅलेज के पास, शारदा नगर विस्तार, बसंतकुंज, अनंत नगर योजना और ऐशबाग योजना शामिल है।

इनमें एलआईजी व ईडब्ल्यूएस श्रेणी के फ्लैट बनाए जाएंगे, जिनका क्षेत्रफल लगभग 50 वर्गमीटर और 38 वर्गमीटर तक होगा। इनमें आवंटियों की सुविधा के लिए पैसेंजर लिफ्ट, सर्विस लिफ्ट का प्रावधान किया जाएगा। वाहनों के लिए बेसमेंट व स्टिल्ट पार्किंग की व्यवस्था होगी। इसके अलावा पार्क एवं ग्रीन एरिया विकसित किया जाएगा। इनका पंजीकरण दीपावली या उससे पहले भी खोला जा सकता है।

तीन जगहों पर बनेंगी पार्किंग

एलडीए वीसी ने ने बताया कि लोगों के सुविधा के लिए शहर में तीन जगहों पर वाहन पार्किंग भी बनाई जानी हैं। इनके लिए जगह चिह्नित हो चुकी है। इनमें एक हजार से अधिक वाहन खड़े किए जा सकेंगे। जिन जगहों पर यह बनाई जानी हैं उनमें गोमती नगर में अंबेडकर के सामने मैकेनिकल पार्किंग, पत्रकारपुरम में पार्क में तीन मंजिला भूमिगत पार्किंग और विराम खंड गोमती नगर में भूमिगत पार्किंग बनाई जाएंगी। इन पर 200 करोड़ रुपये से अधिक का बजट खर्च होगा।