Friday, February 20, 2026
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तीर्थस्थलों में बढ़ती श्रद्धालु संख्या बेहतर व्यवस्थाओं का प्रमाण: केशव प्रसाद मौर्य

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने बृहस्पतिवार को कहा कि राज्य के प्रमुख तीर्थस्थलों पर श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या बेहतर प्रबंधन और सुविधाओं का प्रमाण है। विधान परिषद में सवालों का जवाब देते हुए उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने स्पष्ट किया कि सरकार तीर्थस्थलों पर व्यवस्थाओं की निगरानी करती है, जबकि ‘सुगम दर्शन’ शुल्क का निर्णय संबंधित मंदिर ट्रस्ट या प्रबंधन समिति द्वारा लिया जाता है।

अयोध्या में ‘सुगम दर्शन’ पर कोई शुल्क नहीं
मौर्य ने साफ किया कि राम मंदिर अयोध्या में ‘सुगम दर्शन’ के लिए कोई शुल्क निर्धारित नहीं किया गया है। वहीं काशी विश्वनाथ मंदिर का प्रबंधन उसके मंदिर न्यास परिषद द्वारा किया जाता है, जो दर्शन संबंधी व्यवस्थाओं और संभावित शुल्क पर निर्णय लेता है।

काशी में ‘सुगम दर्शन’ के आंकड़े
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि जनवरी 2025 से जनवरी 2026 के बीच काशी में ‘सुगम दर्शन’ के लिए लगभग 10.7 लाख श्रद्धालुओं को दर्शन पर्ची जारी की गई। उन्होंने कहा कि मंदिरों में सुगम दर्शन शुल्क लागू करने का फैसला संबंधित ट्रस्ट द्वारा लिया जाता है और राज्य सरकार सुरक्षा तथा आधारभूत सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करती है।

 काशी विश्वनाथ धाम के बाद बढ़ी श्रद्धालुओं की संख्या
मौर्य के अनुसार काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर के निर्माण के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वर्ष 2017 में जहां लगभग 77 लाख श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे थे, वहीं वर्ष 2025 में यह आंकड़ा बढ़कर 17 करोड़ से अधिक हो गया।

 विदेशी श्रद्धालुओं की संख्या में इजाफा
उन्होंने बताया कि विदेशी श्रद्धालुओं की संख्या में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वर्ष 2014 में लगभग 28 हजार विदेशी श्रद्धालु आए थे, जबकि वर्ष 2024 में यह संख्या करीब 3.99 लाख और वर्ष 2025 में 3.21 लाख रही।

पवित्रता और पारदर्शिता पर जोर
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार तीर्थस्थलों की पवित्रता और सुव्यवस्थित संचालन के लिए प्रतिबद्ध है। यदि किसी भी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि बेहतर व्यवस्थाओं और बुनियादी सुविधाओं के कारण देश-विदेश के श्रद्धालुओं का विश्वास लगातार बढ़ रहा है।

फिल्म ‘यादव जी की लव स्टोरी’ के विरोध में उतरी भाजपा, नाराज कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन

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संभल: आगामी फिल्म ”यादव जी की लव स्टोरी” के निर्माताओं और अभिनेताओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने के एक दिन बाद बृहस्पतिवार को भाजपा कार्यकर्ताओं ने यहां विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने फिल्म की रिलीज पर प्रतिबंध लगाने की मांग करते हुए प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा।

विरोध-प्रदर्शन का नेतृत्व गुन्नौर निर्वाचन क्षेत्र के पूर्व भाजपा विधायक अजीत कुमार राजू यादव ने किया और बहजोई में जिला कलेक्ट्रेट तक मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों ने बाद में जिला मजिस्ट्रेट को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें फिल्म की रिलीज रोकने की मांग की गई। बुधवार को पुलिस ने बीएनएस की प्रासंगिक धाराओं के तहत फिल्म के निर्माता, निर्देशक और मुख्य अभिनेताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया था, जिसमें शिकायत की गई है कि फिल्म की विषयवस्तु से समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचा सकती है और सामाजिक सद्भाव बिगड़ सकता है।

पत्रकारों से बात करते हुए, भाजपा नेता यादव ने आरोप लगाया कि फिल्म में कुछ पात्रों को आपत्तिजनक तरीके से चित्रित किया गया है। उन्होंने कहा, ”हमारी मांग है कि यह फिल्म रिलीज नहीं होनी चाहिए। समाज पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाली ऐसी किसी भी फिल्म को अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।’

UP ATS के हाथ लगी बड़ी सफलता, 31 वर्षों से फरार आतंकी को पंजाब से किया गिरफ्तार

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लखनऊ: प्रतिबंधित खालिस्तान कमांडो फोर्स (केसीएफ) से जुड़े एक आतंकवादी को उत्तर प्रदेश आतंकवाद-रोधी दस्ता (एटीएस) और नोएडा पुलिस की संयुक्त टीम ने पंजाब से गिरफ्तार किया है। वह 1995 में जमानत मिलने के बाद से फरार था।

अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आरोपी की पहचान सुखविंदर सिंह ढिल्लों उर्फ ​​दयाल सिंह उर्फ ​​राकेश शर्मा छिंदा के तौर पर हुई है, जो मूल रूप से पंजाब के कपूरथला का रहने वाला है। उसे 18 फरवरी को मोहाली जिले से पकड़ा गया, जहां वह छिपा हुआ था। अधिकारियों के अनुसार, ढिल्लों कथित तौर पर प्रतिबंधित संगठन का सक्रिय सदस्य था और गौतमबुद्ध नगर के सेक्टर-20 पुलिस थाने में शस्त्र अधिनियम के तहत दर्ज एक मामले में वांछित था।

ढिल्लों को अप्रैल 1993 में इस मामले में गिरफ्तार किया गया था, तब उसके कब्जे से एके-56 राइफल और 121 कारतूस मिले थे, और बाद में दिसंबर 1993 में अदालत ने उसे जमानत दे दी थी। अधिकारियों ने बताया कि जमानत मिलने के बाद ढिल्लों कुछ मौकों पर अधिकारियों के सामने पेश हुआ, लेकिन 16 अगस्त 1995 से वह फरार हो गया।

NEET की तैयारी, प्यार का वादा और फिर धोखा? लखनऊ में कैब ड्राइवर पर दुष्कर्म व छोड़ने का गंभीर आरोप

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET की तैयारी करने आई एक युवती ने कैब ड्राइवर पर प्रेमजाल में फंसाकर दुष्कर्म करने, मंदिर में शादी का झांसा देने और बेटी के जन्म के बाद छोड़ देने का गंभीर आरोप लगाया है। वाराणसी की रहने वाली पीड़िता ने चिनहट थाने में शिकायत दर्ज कर न्याय की गुहार लगाई है। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने नशीला पदार्थ पिलाकर शारीरिक संबंध बनाए, गर्भवती होने पर मंदिर में शादी की और बाद में उसे व नवजात बच्ची को अपनाने से इनकार कर दिया।

वाराणसी से लखनऊ तक का सफर
पीड़िता वाराणसी के मेलूपुर क्षेत्र की रहने वाली है। दिसंबर 2022 में वह मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिए लखनऊ आई थी। चिनहट के नौबस्ता इलाके में किराए का कमरा लेकर उसने गोमतीनगर स्थित कोचिंग सेंटर में दाखिला लिया। आने-जाने के लिए वह कैब बुक करती थी।जुलाई 2023 में उसने एक कैब बुक की, जिसे बाराबंकी निवासी आदित्य यादव चला रहा था। यहीं से दोनों के बीच बातचीत की शुरुआत हुई।

रोजाना सफर से बढ़ी नजदीकियां
युवती के मुताबिक, आरोपी ने उसे रोजाना लाने-ले जाने का प्रस्ताव दिया। सुविधा को देखते हुए उसने हामी भर दी। नियमित सफर के दौरान बातचीत बढ़ी और दोस्ती हो गई। पीड़िता का कहना है कि उसने कार चलाना सीखने की इच्छा जताई, जिस पर आरोपी ने मुफ्त में सिखाने की बात कही। इसी दौरान वह प्रेम का इजहार भी करने लगा, जिसे युवती शुरुआत में नजरअंदाज करती रही।

नशीला पदार्थ पिलाकर संबंध बनाने का आरोप
पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने धीरे-धीरे उसका भरोसा जीत लिया। परिवार से मिलवाने की बात पर वह टालता रहा। एक दिन बहाने से अपने कमरे पर बुलाया और चाय में नशीला पदार्थ मिलाकर पिला दिया। युवती के अनुसार, वह बेहोश हो गई और उसी दौरान आरोपी ने शारीरिक संबंध बनाए। होश आने पर उसे घटना का अंदेशा हुआ। करीब एक महीने बाद उसे गर्भवती होने की जानकारी मिली।

मंदिर में शादी का दावा
गर्भवती होने की जानकारी मिलने पर युवती ने शादी का दबाव बनाया। आरोप है कि आरोपी ने उसे चंद्रिका देवी मंदिर में दो दोस्तों की मौजूदगी में शादी करने का भरोसा दिलाया। इसके बाद दोनों पति-पत्नी की तरह रहने लगे।पीड़िता का कहना है कि आरोपी ने बच्चे को स्वीकार करने और साथ निभाने का वादा किया था।

बेटी के जन्म के बाद बदला व्यवहार
पीड़िता के मुताबिक, गर्भावस्था के शुरुआती महीनों में वह आरोपी के बाराबंकी स्थित घर भी रही। हालांकि परिवार से मिलवाने की बात लगातार टलती रही।2 फरवरी को उसने एक निजी अस्पताल में बेटी को जन्म दिया। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद आरोपी उसे चिनहट के किराए के कमरे पर ले आया। तीन दिन तक साथ रहने के बाद दवा लाने का बहाना बनाकर घर से निकला और वापस नहीं लौटा।

फोन पर इनकार, मां-बेटी बेसहारा
युवती का आरोप है कि कई बार फोन करने पर आरोपी ने साफ कहा— “तुम मेरी पत्नी नहीं हो, जहां जाना है जाओ।” इसके बाद उसने फोन बंद कर लिया। पीड़िता ने बताया कि आरोपी के दोस्तों से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने भी उसे ब्लॉक कर दिया। आर्थिक तंगी के कारण नवजात बच्ची के लिए दूध और जरूरी सामान खरीदना भी मुश्किल हो गया है। पिता का पहले ही देहांत हो चुका है और मां को इस घटना की जानकारी नहीं है।

पुलिस में शिकायत, जांच जारी
युवती ने चिनहट थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, आरोप गंभीर हैं और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म, धोखाधड़ी और अन्य संबंधित धाराओं में सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

Kanpur: अब एक एजेंसी को मिलेगी ट्रेनों की सफाई और चादर-कंबल की जिम्मेदारी, जवाबदेही भी होगी तय

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रेलवे बोर्ड ने ट्रेनों में साफ-सफाई, चादर-कंबल और यात्री सुविधाओं की मॉनिटरिंग के लिए ऑन-बोर्ड सेवा (ओबीएचएस) नीति को मंजूरी दे दी है। नई नीति से ट्रेनों में विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलेंगी और संबंधित कंपनियों की जवाबदेही भी तय होगी। यह व्यवस्था कानपुर सेंट्रल, गोविंदपुरी, पनकी धाम व अनवरगंज स्टेशनों से गुजरने वाली ट्रेनों में लागू होगी।

अभी तक ट्रेनों में सफाई और लिनेन के लिए अलग-अलग एजेंसियां काम करती थीं, जिससे जवाबदेही तय करना मुश्किल होता था। नई नीति के तहत, अब शुरुआत से अंत तक की पूरी जिम्मेदारी एक ही प्रतिष्ठित एजेंसी को दी जाएगी। रेलवे बोर्ड ने इस एजेंसी के चयन के लिए अनुभव और प्रतिष्ठा के कड़े मानक तय किए हैं। इस सेवा की मॉनिटरिंग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित टूल्स से की जाएगी। सफाई कर्मियों को अपने काम की जियो-टैग्ड और टाइम-स्टैम्प्ड फोटो एप पर अपलोड करनी होगी।

सफाई का नया शेड्यूल और जवाबदेही नई नीति में सफाई का एक विस्तृत शेड्यूल भी जारी किया गया है। शौचालयों की सफाई सुबह छह से नौ बजे और रात आठ से दस बजे के बीच हर घंटे होगी। अन्य समय पर प्रत्येक दो घंटे पर सफाई की जाएगी। रेलवे बोर्ड के निदेशक (पर्यावरण व गृह व्यवस्था प्रबंधन) लव शुक्ला ने उत्तर-मध्य रेलवे सहित सभी जोन को इस संबंध में पत्र जारी किया है। पहले चरण में हर जोन की पांच चुनिंदा ट्रेनों में यह व्यवस्था शुरू की जाएगी, जिसमें कानपुर से होकर गुजरने वाली वंदे भारत और शताब्दी जैसी ट्रेनें भी शामिल होंगी।

कर्मचारियों की योग्यता और दंड का प्रावधान नई नीति के तहत, कोच अटेंडेंट या सुपरवाइजर के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 12वीं पास और आईटीआई अनिवार्य कर दी गई है। उन्हें सफाई के साथ-साथ प्राथमिक चिकित्सा और छोटे-मोटे रिपेयरिंग का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। यदि कोई स्टाफ यात्री से दुर्व्यवहार करता है या सफाई में लापरवाही बरतता है, तो संबंधित एजेंसी पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा और उसे ब्लैक लिस्ट भी किया जा सकता है।

नई नीति को लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यात्रियों से स्टार-रेटिंग भी ली जाएगी, जिससे सर्विस देने वाली कंपनी का रिपोर्ट कार्ड भी तैयार होगा। – शशिकांत त्रिपाठी, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, उत्तर-मध्य रेलवे

Auraiya News: कार ने मोपेड को मारी टक्कर, दंपती और बेटा घायल

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बेला। थानाक्षेत्र के दिबियापुर रोड पर गांव पटना से निकली नहर पुल के पास बुधवार सुबह तेज रफ्तार कार ने मोपेड सवार दंपती को टक्कर मार दी। हादसे में दंपती व उनका छह साल का बेटा घायल हो गया। पुलिस ने घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया।

 

कोतवाली कन्नौज क्षेत्र के हसनपुर गांव निवासी उदय प्रताप (35), पत्नी संगीता (30) और बेटा देव (6) के साथ मोपेड से बेला थानाक्षेत्र के गांव बलिदासपुर स्थित रिश्तेदारी में आए थे। सुबह आठ बजे वापस जाते समय पटना स्थित नहर पुल के पास तेज रफ्तार कार ने मोपेड में टक्कर मार दी। हादसे में तीनों सड़क पर गिरकर लहूलुहान हो गए। वहीं चालक कार लेकर मौके से भाग गया। सूचना मिलते ही परिजन और पुलिस मौके पर पहुंची। तीनों घायलों को एंबुलेंस की मदद से सीएचसी सहार में भर्ती कराया। थानाध्यक्ष गंगादास गौतम ने बताया कि कार की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। तहरीर मिलने पर प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।

Auraiya News: बैकफुट पर जिला पंचायत, नमो कंस्ट्रक्शन को ब्लैकलिस्ट करने का आदेश निरस्त

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औरैया। जिला पंचायत की ओर से इटावा की फर्म नमो कंस्ट्रक्शन एंड सप्लायर्स को ब्लैक लिस्ट किए जाने के आदेश को जिला पंचायत ने निरस्त कर दिया। हाईकोर्ट के सख्त रुख के बाद जिला पंचायत ने यह निर्णय लिया है। 17 फरवरी को हाईकोर्ट में भी जिला पंचायत ने निरस्तीकरण आदेश को प्रस्तुत किया। इसके बाद हाईकोर्ट ने याचिका निस्तारित कर दी।जिला पंचायत ने नमो कंस्ट्रक्शन एंड सप्लायर्स को चार नवंबर 2025 को टेंडर में प्रतिभाग करने के दौरान ब्लैकलिस्ट कर दिया था। इसके विरोध में फर्म संचालक रिषी परिहार की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी। छह फरवरी को याचिका पर हुई सुनवाई में हाईकोर्ट ने यह आश्चर्य जताया था कि आखिर कैसे किसी फर्म को ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है। खुद को फंसता देख जिला पंचायत के अधिवक्ता की ओर से तीन दिन में फर्म को ब्लैकलिस्ट करने का आदेश निरस्त करने का आश्वासन देकर समय मांगा गया था। इस पर हाईकोर्ट ने 17 फरवरी को आदेश के साथ पेश होने के लिए कहा था। 17 फरवरी को फिर से मामले की सुनवाई हाईकोर्ट में हुई।

इस दौरान जिला पंचायत के अधिवक्ता ने अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत औरैया सुभाष चंद्र भारतीय द्वारा जारी चार नवंबर 2025 के आदेश को निरस्त किए जाने का आदेश पेश किया। इसे हाईकोर्ट ने रिकॉर्ड में शामिल करते हुए याचिका निस्तारित कर दी।

किसी को नहीं भेजी गई आदेश के निरस्तीकरण की प्रतिलिपि
नमो कंस्ट्रक्शन एंड सप्लायर्स को 4 नवंबर को ब्लैकलिस्ट करने का आदेश अपर मुख्य अधिकारी ने जारी किया था। इसकी प्रतिलिपि उन्होंने शासन से लेकर, जिला पंचायत अध्यक्ष, जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग समेत अन्य को भेजा था। लेकिन 9 फरवरी को जब यह आदेश हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद निरस्त किया गया तो केवल जिला पंचायत अध्यक्ष को ही इसकी प्रतिलिपि भेजी गई। ऐसे में जिन विभागों को फर्म को ब्लैकलिस्ट करने का आदेश मिला था, उन्हें तो शायद यह पता भी नहीं कि यह आदेश अब प्रभावी ही नहीं रहा।

Auraiya News: कन्नौज रेलवे स्टेशन पर दिखीं लापता महिलाएं और बच्चे

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बिधूना। कोतवाली क्षेत्र के गांव बंथरा से मंगलवार तड़के लापता हुईं दो महिलाओं और उनके पांच बच्चों का सुराग पुलिस के हाथ लगा है। सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर पता चला है कि महिलाएं बच्चों के साथ कन्नौज रेलवे स्टेशन तक पहुंची हैं। पुलिस की टीमें अब रेलवे स्टेशन के आगे और संभावित जगहों पर उनकी तलाश कर रही है।

गांव बंथरा निवासी सरिता और संजना मंगलवार को अपने पांच बच्चों शीतल, शिवन्या, शिवा, रिया और श्रद्धा के साथ घर से अचानक लापता हो गई थीं। सुबह जब परिजन की नींद खुली और घर में सन्नाटा देखा तो उनके होश उड़ गए। खोजबीन के बाद भी जब कोई सुराग नहीं मिला तो परिजन ने अनहोनी की आशंका जताते हुए पुलिस सूचना दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए बिधूना पुलिस ने गांव से लेकर मुख्य चौराहों तक के सीसीटीवी कैमरे खंगाले। जांच में पुलिस को महिलाएं बच्चों के साथ पैदल गांव से बाहर जाती दिखीं।
बेला चौराहे से उन्होंने तिर्वा की ओर जाने वाला ऑटो पकड़ा। अंतिम बार उन्हें कन्नौज रेलवे स्टेशन के फुटेज में देखा गया है। राहत की बात यह है कि अब तक की फुटेज में महिलाओं के साथ कोई बाहरी व्यक्ति नजर नहीं आ रहा है। पुलिस ने जब दोनों महिलाओं की कॉल डिटेल निकलवाई तो पाया कि घर छोड़ने से पहले उनकी अंतिम बातचीत पतियों से हुई थी। इसके बाद से दोनों के मोबाइल बंद हैं जिससे पुलिस को उनकी सटीक लोकेशन ट्रेस करने में कठिनाई आ रही है।

पुलिस टीम लगातार काम कर रही है। कन्नौज रेलवे स्टेशन पर लापता महिलाओं और बच्चों को देखा गया है। जल्द ही सफलता मिलने की संभावना है।- मुकेश बाबू चौहान, कोतवाल

औरैया: नहर में गिरी कार, डूबने से महिला समेत तीन की मौत

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यूपी के औरैया जिले के अछल्दा थाना इलाके के तुरुकपुर गांव के नजदीक निकली निचली गंग नहर में एक कार गिर गई। इस भीषण दुर्घटना में एक महिला और दो पुरुषों सहित कुल तीन लोगों की डूबने से मौत हो गई। यह घटना रात के समय बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे के नीचे से निकली नहर में हुई, जब कार इटावा की तरफ जा रही थी। सुबह के समय ग्रामीणों ने नहर में एक कार पड़ी देखी।
उन्होंने तत्काल इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी पंकज मिश्रा अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद कार को नहर से बाहर निकलवाया। कार के अंदर से तीन लोगों के शव बरामद हुए। इस दुर्घटना की जानकारी मिलने पर सिंचाई विभाग ने एहतियातन नहर का पानी बंद करवा दिया है। मृतकों की पहचान राजीव कुमार गुप्ता (50), पत्नी मधू गुप्ता (48), शुभम गुप्ता (27) निवासीगण भरथना इटावा के रूप में हुई है।

UP: ‘संघ की सबसे बड़ी समस्या हिंदू समाज, जनकल्याण में लगाएं मंदिरों की कमाई’; RSS प्रमुख ने दिए सवालों के जवाब

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आरएसएस के सौ वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में लखनऊ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने कहा मंदिरों की आय समाज निर्माण में लगे, जिम्मा भक्तों के पास हो। उन्होंने कहा कि हमें हिंदू समाज को जगाना पड़ रहा। संघ प्रमुख ने इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में प्रबुद्धजनों के सवालों के जवाब दिए।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने कहा कि मंदिरों की कमाई का बड़ा हिस्सा जन कल्याण में लगना चाहिए। वे आरएसएस के सौ वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में लखनऊ में अपने दो दिवसीय प्रवास के दौरान अंतिम दिन इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित प्रमुख जन गोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने अलग-अलग क्षेत्रों से आए प्रबुद्धजनों के सवालों के जवाब दिए। लालता प्रसाद मिश्र के सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि संघ की सबसे बड़ी समस्या हिंदू समाज ही है क्योंकि हमें उन्हें जगाने में काफी मेहनत करनी पड़ रही है।

डॉ. श्वेता श्रीवास्तव और कर्नल एमके सिंह के सवाल के जवाब में डॉ. मोहन भागवत ने कहा कि मंदिरों से होने वाली आय को जन कल्याण के लिए लगाना चाहिए और इसकी बागडोर सरकार के हाथों में न होकर जिम्मेदार भक्तों के पास होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि देश के प्रमुख मंदिरों के संचालन और आय के जन कल्याण के लिए खर्च किए जाने की प्रक्रिया पारदर्शी हो और निष्पक्ष व ईमानदार संस्था की निगरानी में हो। उन्होंने कहा कि संघ इस दिशा में आगे तैयारी कर रहा है, जल्द परिणाम देखने को मिलेगा।
‘सरकार हम चला रहे, यह एक भ्रम’
इस दौरान दीनानाथ श्रीवास्तव ने सवाल किया कि यह कहां तक सही है कि भाजपा सरकार को संघ ही संचालित करता है। इस पर उन्होंने कहा कि ऐसा भ्रम अक्सर हो जाता है। हमारे पास ऐसा कोई रिमोट कंट्रोल नहीं है।
उन्होंने कहा कि सरकार चलाना बेहद कठिन काम है, इसलिए हम तो सिर्फ अपना ही काम करते हैं। हां, हम सुझाव दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि हालांकि सरकार का विरोध करने वाले हमें भी गालियां देते हैं लेकिन सत्ता में बैठे कई लोग बहुत अच्छा काम भी कर रहे हैं।
दिलीप कुमार ने सवाल किया कि भाजपा की सरकार बनते ही कुछ अवसरवादी लोग अपने फायदे के लिए संघ में शामिल हो जाते हैं जिससे समर्पित कार्यकर्ता भी उदासीन हो जाते हैं। इसके जवाब में उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को अपने समर्पण की जांच करानी चाहिए। संघ की कार्यपद्धति फूलप्रूफ है क्योंकि संघ देश के उत्थान के लिए समर्पित कार्यकर्ता से केवल लेता ही है, उसे देता कुछ नहीं। अगर अवसरवादी लोग आ भी जाते हैं तो वे संघ में ज्यादा दिन टिक नहीं पाते क्योंकि उन्हें पता चल जाता है कि हमसे उन्हें कोई लाभ नहीं मिलने वाला है।