Thursday, February 19, 2026
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Kanpur: अब एक एजेंसी को मिलेगी ट्रेनों की सफाई और चादर-कंबल की जिम्मेदारी, जवाबदेही भी होगी तय

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रेलवे बोर्ड ने ट्रेनों में साफ-सफाई, चादर-कंबल और यात्री सुविधाओं की मॉनिटरिंग के लिए ऑन-बोर्ड सेवा (ओबीएचएस) नीति को मंजूरी दे दी है। नई नीति से ट्रेनों में विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलेंगी और संबंधित कंपनियों की जवाबदेही भी तय होगी। यह व्यवस्था कानपुर सेंट्रल, गोविंदपुरी, पनकी धाम व अनवरगंज स्टेशनों से गुजरने वाली ट्रेनों में लागू होगी।

अभी तक ट्रेनों में सफाई और लिनेन के लिए अलग-अलग एजेंसियां काम करती थीं, जिससे जवाबदेही तय करना मुश्किल होता था। नई नीति के तहत, अब शुरुआत से अंत तक की पूरी जिम्मेदारी एक ही प्रतिष्ठित एजेंसी को दी जाएगी। रेलवे बोर्ड ने इस एजेंसी के चयन के लिए अनुभव और प्रतिष्ठा के कड़े मानक तय किए हैं। इस सेवा की मॉनिटरिंग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित टूल्स से की जाएगी। सफाई कर्मियों को अपने काम की जियो-टैग्ड और टाइम-स्टैम्प्ड फोटो एप पर अपलोड करनी होगी।

सफाई का नया शेड्यूल और जवाबदेही नई नीति में सफाई का एक विस्तृत शेड्यूल भी जारी किया गया है। शौचालयों की सफाई सुबह छह से नौ बजे और रात आठ से दस बजे के बीच हर घंटे होगी। अन्य समय पर प्रत्येक दो घंटे पर सफाई की जाएगी। रेलवे बोर्ड के निदेशक (पर्यावरण व गृह व्यवस्था प्रबंधन) लव शुक्ला ने उत्तर-मध्य रेलवे सहित सभी जोन को इस संबंध में पत्र जारी किया है। पहले चरण में हर जोन की पांच चुनिंदा ट्रेनों में यह व्यवस्था शुरू की जाएगी, जिसमें कानपुर से होकर गुजरने वाली वंदे भारत और शताब्दी जैसी ट्रेनें भी शामिल होंगी।

कर्मचारियों की योग्यता और दंड का प्रावधान नई नीति के तहत, कोच अटेंडेंट या सुपरवाइजर के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 12वीं पास और आईटीआई अनिवार्य कर दी गई है। उन्हें सफाई के साथ-साथ प्राथमिक चिकित्सा और छोटे-मोटे रिपेयरिंग का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। यदि कोई स्टाफ यात्री से दुर्व्यवहार करता है या सफाई में लापरवाही बरतता है, तो संबंधित एजेंसी पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा और उसे ब्लैक लिस्ट भी किया जा सकता है।

नई नीति को लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यात्रियों से स्टार-रेटिंग भी ली जाएगी, जिससे सर्विस देने वाली कंपनी का रिपोर्ट कार्ड भी तैयार होगा। – शशिकांत त्रिपाठी, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, उत्तर-मध्य रेलवे

Auraiya News: कार ने मोपेड को मारी टक्कर, दंपती और बेटा घायल

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बेला। थानाक्षेत्र के दिबियापुर रोड पर गांव पटना से निकली नहर पुल के पास बुधवार सुबह तेज रफ्तार कार ने मोपेड सवार दंपती को टक्कर मार दी। हादसे में दंपती व उनका छह साल का बेटा घायल हो गया। पुलिस ने घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया।

 

कोतवाली कन्नौज क्षेत्र के हसनपुर गांव निवासी उदय प्रताप (35), पत्नी संगीता (30) और बेटा देव (6) के साथ मोपेड से बेला थानाक्षेत्र के गांव बलिदासपुर स्थित रिश्तेदारी में आए थे। सुबह आठ बजे वापस जाते समय पटना स्थित नहर पुल के पास तेज रफ्तार कार ने मोपेड में टक्कर मार दी। हादसे में तीनों सड़क पर गिरकर लहूलुहान हो गए। वहीं चालक कार लेकर मौके से भाग गया। सूचना मिलते ही परिजन और पुलिस मौके पर पहुंची। तीनों घायलों को एंबुलेंस की मदद से सीएचसी सहार में भर्ती कराया। थानाध्यक्ष गंगादास गौतम ने बताया कि कार की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। तहरीर मिलने पर प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।

Auraiya News: बैकफुट पर जिला पंचायत, नमो कंस्ट्रक्शन को ब्लैकलिस्ट करने का आदेश निरस्त

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औरैया। जिला पंचायत की ओर से इटावा की फर्म नमो कंस्ट्रक्शन एंड सप्लायर्स को ब्लैक लिस्ट किए जाने के आदेश को जिला पंचायत ने निरस्त कर दिया। हाईकोर्ट के सख्त रुख के बाद जिला पंचायत ने यह निर्णय लिया है। 17 फरवरी को हाईकोर्ट में भी जिला पंचायत ने निरस्तीकरण आदेश को प्रस्तुत किया। इसके बाद हाईकोर्ट ने याचिका निस्तारित कर दी।जिला पंचायत ने नमो कंस्ट्रक्शन एंड सप्लायर्स को चार नवंबर 2025 को टेंडर में प्रतिभाग करने के दौरान ब्लैकलिस्ट कर दिया था। इसके विरोध में फर्म संचालक रिषी परिहार की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी। छह फरवरी को याचिका पर हुई सुनवाई में हाईकोर्ट ने यह आश्चर्य जताया था कि आखिर कैसे किसी फर्म को ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है। खुद को फंसता देख जिला पंचायत के अधिवक्ता की ओर से तीन दिन में फर्म को ब्लैकलिस्ट करने का आदेश निरस्त करने का आश्वासन देकर समय मांगा गया था। इस पर हाईकोर्ट ने 17 फरवरी को आदेश के साथ पेश होने के लिए कहा था। 17 फरवरी को फिर से मामले की सुनवाई हाईकोर्ट में हुई।

इस दौरान जिला पंचायत के अधिवक्ता ने अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत औरैया सुभाष चंद्र भारतीय द्वारा जारी चार नवंबर 2025 के आदेश को निरस्त किए जाने का आदेश पेश किया। इसे हाईकोर्ट ने रिकॉर्ड में शामिल करते हुए याचिका निस्तारित कर दी।

किसी को नहीं भेजी गई आदेश के निरस्तीकरण की प्रतिलिपि
नमो कंस्ट्रक्शन एंड सप्लायर्स को 4 नवंबर को ब्लैकलिस्ट करने का आदेश अपर मुख्य अधिकारी ने जारी किया था। इसकी प्रतिलिपि उन्होंने शासन से लेकर, जिला पंचायत अध्यक्ष, जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग समेत अन्य को भेजा था। लेकिन 9 फरवरी को जब यह आदेश हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद निरस्त किया गया तो केवल जिला पंचायत अध्यक्ष को ही इसकी प्रतिलिपि भेजी गई। ऐसे में जिन विभागों को फर्म को ब्लैकलिस्ट करने का आदेश मिला था, उन्हें तो शायद यह पता भी नहीं कि यह आदेश अब प्रभावी ही नहीं रहा।

Auraiya News: कन्नौज रेलवे स्टेशन पर दिखीं लापता महिलाएं और बच्चे

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बिधूना। कोतवाली क्षेत्र के गांव बंथरा से मंगलवार तड़के लापता हुईं दो महिलाओं और उनके पांच बच्चों का सुराग पुलिस के हाथ लगा है। सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर पता चला है कि महिलाएं बच्चों के साथ कन्नौज रेलवे स्टेशन तक पहुंची हैं। पुलिस की टीमें अब रेलवे स्टेशन के आगे और संभावित जगहों पर उनकी तलाश कर रही है।

गांव बंथरा निवासी सरिता और संजना मंगलवार को अपने पांच बच्चों शीतल, शिवन्या, शिवा, रिया और श्रद्धा के साथ घर से अचानक लापता हो गई थीं। सुबह जब परिजन की नींद खुली और घर में सन्नाटा देखा तो उनके होश उड़ गए। खोजबीन के बाद भी जब कोई सुराग नहीं मिला तो परिजन ने अनहोनी की आशंका जताते हुए पुलिस सूचना दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए बिधूना पुलिस ने गांव से लेकर मुख्य चौराहों तक के सीसीटीवी कैमरे खंगाले। जांच में पुलिस को महिलाएं बच्चों के साथ पैदल गांव से बाहर जाती दिखीं।
बेला चौराहे से उन्होंने तिर्वा की ओर जाने वाला ऑटो पकड़ा। अंतिम बार उन्हें कन्नौज रेलवे स्टेशन के फुटेज में देखा गया है। राहत की बात यह है कि अब तक की फुटेज में महिलाओं के साथ कोई बाहरी व्यक्ति नजर नहीं आ रहा है। पुलिस ने जब दोनों महिलाओं की कॉल डिटेल निकलवाई तो पाया कि घर छोड़ने से पहले उनकी अंतिम बातचीत पतियों से हुई थी। इसके बाद से दोनों के मोबाइल बंद हैं जिससे पुलिस को उनकी सटीक लोकेशन ट्रेस करने में कठिनाई आ रही है।

पुलिस टीम लगातार काम कर रही है। कन्नौज रेलवे स्टेशन पर लापता महिलाओं और बच्चों को देखा गया है। जल्द ही सफलता मिलने की संभावना है।- मुकेश बाबू चौहान, कोतवाल

औरैया: नहर में गिरी कार, डूबने से महिला समेत तीन की मौत

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यूपी के औरैया जिले के अछल्दा थाना इलाके के तुरुकपुर गांव के नजदीक निकली निचली गंग नहर में एक कार गिर गई। इस भीषण दुर्घटना में एक महिला और दो पुरुषों सहित कुल तीन लोगों की डूबने से मौत हो गई। यह घटना रात के समय बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे के नीचे से निकली नहर में हुई, जब कार इटावा की तरफ जा रही थी। सुबह के समय ग्रामीणों ने नहर में एक कार पड़ी देखी।
उन्होंने तत्काल इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी पंकज मिश्रा अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद कार को नहर से बाहर निकलवाया। कार के अंदर से तीन लोगों के शव बरामद हुए। इस दुर्घटना की जानकारी मिलने पर सिंचाई विभाग ने एहतियातन नहर का पानी बंद करवा दिया है। मृतकों की पहचान राजीव कुमार गुप्ता (50), पत्नी मधू गुप्ता (48), शुभम गुप्ता (27) निवासीगण भरथना इटावा के रूप में हुई है।

UP: ‘संघ की सबसे बड़ी समस्या हिंदू समाज, जनकल्याण में लगाएं मंदिरों की कमाई’; RSS प्रमुख ने दिए सवालों के जवाब

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आरएसएस के सौ वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में लखनऊ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने कहा मंदिरों की आय समाज निर्माण में लगे, जिम्मा भक्तों के पास हो। उन्होंने कहा कि हमें हिंदू समाज को जगाना पड़ रहा। संघ प्रमुख ने इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में प्रबुद्धजनों के सवालों के जवाब दिए।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने कहा कि मंदिरों की कमाई का बड़ा हिस्सा जन कल्याण में लगना चाहिए। वे आरएसएस के सौ वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में लखनऊ में अपने दो दिवसीय प्रवास के दौरान अंतिम दिन इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित प्रमुख जन गोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने अलग-अलग क्षेत्रों से आए प्रबुद्धजनों के सवालों के जवाब दिए। लालता प्रसाद मिश्र के सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि संघ की सबसे बड़ी समस्या हिंदू समाज ही है क्योंकि हमें उन्हें जगाने में काफी मेहनत करनी पड़ रही है।

डॉ. श्वेता श्रीवास्तव और कर्नल एमके सिंह के सवाल के जवाब में डॉ. मोहन भागवत ने कहा कि मंदिरों से होने वाली आय को जन कल्याण के लिए लगाना चाहिए और इसकी बागडोर सरकार के हाथों में न होकर जिम्मेदार भक्तों के पास होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि देश के प्रमुख मंदिरों के संचालन और आय के जन कल्याण के लिए खर्च किए जाने की प्रक्रिया पारदर्शी हो और निष्पक्ष व ईमानदार संस्था की निगरानी में हो। उन्होंने कहा कि संघ इस दिशा में आगे तैयारी कर रहा है, जल्द परिणाम देखने को मिलेगा।
‘सरकार हम चला रहे, यह एक भ्रम’
इस दौरान दीनानाथ श्रीवास्तव ने सवाल किया कि यह कहां तक सही है कि भाजपा सरकार को संघ ही संचालित करता है। इस पर उन्होंने कहा कि ऐसा भ्रम अक्सर हो जाता है। हमारे पास ऐसा कोई रिमोट कंट्रोल नहीं है।
उन्होंने कहा कि सरकार चलाना बेहद कठिन काम है, इसलिए हम तो सिर्फ अपना ही काम करते हैं। हां, हम सुझाव दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि हालांकि सरकार का विरोध करने वाले हमें भी गालियां देते हैं लेकिन सत्ता में बैठे कई लोग बहुत अच्छा काम भी कर रहे हैं।
दिलीप कुमार ने सवाल किया कि भाजपा की सरकार बनते ही कुछ अवसरवादी लोग अपने फायदे के लिए संघ में शामिल हो जाते हैं जिससे समर्पित कार्यकर्ता भी उदासीन हो जाते हैं। इसके जवाब में उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को अपने समर्पण की जांच करानी चाहिए। संघ की कार्यपद्धति फूलप्रूफ है क्योंकि संघ देश के उत्थान के लिए समर्पित कार्यकर्ता से केवल लेता ही है, उसे देता कुछ नहीं। अगर अवसरवादी लोग आ भी जाते हैं तो वे संघ में ज्यादा दिन टिक नहीं पाते क्योंकि उन्हें पता चल जाता है कि हमसे उन्हें कोई लाभ नहीं मिलने वाला है।

पहला रोजा आज: शहर में इबादत और रौनक का माहौल, जारी की गई हेल्पलाइन, बाजारों में दिखी रौनक

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आज पहला रोजा है। शहर में इबादत और रौनक का माहौल है। बुधवार को रमजान उल मुबारक का चांद नजर आते ही सभी ने एक दूसरे को मुबारक बात दी। चांद दिखाई देने की पुष्टि होते ही मस्जिदों में तरावीह की नमाज अदा की गई। ऐशबाग ईदगाह स्थित इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया की ओर से चांद देखने की व्यवस्था की गई। वहां सुन्नी धर्मगुरु मौलाना खालिद रशीद के साथ शहर के तमाम लोगों ने चांद का दीदार किया। चांद दिखाई देने की जैसे ही मौलाना खालिद रशीद ने पुष्टि की वैसे ही मौजूद लोगों में खुशी का माहौल बन गया।

 

सभी ने एक दूसरे को रमजान की मुबारकबाद दी। कुछ ही देर में सोशल मीडिया के माध्यम से उनका यह संदेश पूरे शहर में फैल गया। जिसके बाद देर रात तक लोगों में एक दूसरे को रमजान की मुबारकबाद देने का सिलसिला चलता रहा।

जारी किए गए हेल्पलाइन नंबर

शिया समुदाय के लिए हेल्पलाइन : मजलिसे उलेमा ए हिंद की ओर से शिया समुदाय के लिए विशेष हेल्पलाइन शुरू की है। इससमें रोजा, नमाज, जकात आदि से जुड़े सवाल व्हाट्सएप से भेजने व कॉल न करने की अपील की गई है। पुरुषों के लिए मौलाना रजा हैदर जैदी (9833028596) और महिलाओं के लिए आलिमा जहरा नकवी (17390026883) से संपर्क किया जा सकता है।

सुन्नी समुदाय के लिए हेल्पलाइन : इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया, ईदगाह की ओर से भी हेल्पलाइन शुरू की गई है। मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने कहा कि रोजा, नमाज, जकात और सहरी-इफ्तार से जुड़े मसाइल जानना जरूरी है। नंबर 9415023970, 9335929670, 9415102947, 7007705774, 9140427677 पर उलमा सवालों के जवाब देंगे। ramzanhelpline2005@gmail.com पर मेल भी कर सकते हैं।

मस्जिदों में तरावीह की नमाज शुरू

चांद की तस्दीक के साथ ही शहर की मस्जिदों में तरावीह की नमाज अदा करने का सिलसिला शुरू हो गया। नमाजियों की कतारें देर रात तक लगी रहीं और कुरआन की तिलावत के साथ रमजान की शुरुआत हुई। ईदगाह की जामा मस्जिद में नमाजियों की काफी भीड़ रही। नमायियों के लिए यहां टेंट तक लगाना पड़ा। सुन्नी धर्म गुरू मौलाना खालिद रशीद ने यहां तरावीह की नमाज अदा कराई। इस मौके पर उन्होंने रमजान को सब्र, तकवा और इंसानियत का महीना बताते हुए लोगों से अमन-चैन बनाए रखने और जरूरतमंदों की मदद करने की अपील की।

इसके अलावा शहर की मस्जिद नदवुल उलमा, मस्जिद दरगाह शाह मीना शाह, मस्जिद उमर, बिल्लौजपुरा, मस्जिद इब्राहीमी बिल्लौजपुरा, मस्जिद कच्चा हाता, मस्जिद धनिया मैरी मौलवीगंज, मस्जिद तकिया वाली बिल्लौजपुरा, मस्जिद फूल कटोरा घासमंडी ठाकुरगंज, मस्जिद सुबहानिया, पाटानाला चौक, शादाब कॉलोनी, कल्याणपुर स्थित मस्जिद अबू बक्र, जामा मस्जिद मलेसेमऊ गोमती नगर, मस्जिद ईदगाह मलेसेमऊ गोमती नगर समेत सुन्नी समुदाय की सभी मस्जिदों में तरावीह की नमाज का सिलसिला देर रात तक जारी रहा।

मौलाना खालिद रशीद बोले-रक्तदान और इंजेक्शन से नहीं टूटता रोजा

सुन्नी धर्मगुरु मौलाना खालिद रशीद ने स्पष्ट किया कि रोजे की हालत में रक्तदान करने या इंजेक्शन लगवाने से रोजा नहीं टूटता। उन्होंने कहा कि रमजान का असली पैगाम इंसानियत, भाईचारा और जरूरतमंदों की मदद है। उन्होंने लोगों से अपील की कि रमजान को अमन और शांति के साथ मनाएं, गरीबों और कमजोर तबकों की सहायता करें तथा समाज में सौहार्द बनाए रखें।

 

LIVE यूपी विधानमंडल सत्र Live: आरोप-प्रत्यारोप के बीच सत्ता पक्ष तैयार, विपक्ष लगातार घेरने की कोशिश में

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यूपी विधानमंडल का बजट सत्र जारी है। आरोप-प्रत्यारोप के बीच विपक्ष सरकार को लगातार घेरने की कोशिश कर रहा है। वहीं, सत्ता पक्ष भी पूरी तरह तैयार नजर आ रहा है। देखें, आज की कार्यवाही से जुड़े सभी अपडेट: 

ऊर्जा मंत्री एके शर्मा और सपा सदस्यों के बीच जमकर जुबानी तीर चले

बुधवार को बिजली व्यवस्था के मुद्दे पर ऊर्जा मंत्री एके शर्मा और सपा सदस्यों के बीच जमकर जुबानी तीर चले। वहीं, शिक्षामित्रों के मानदेय, ग्रामीण क्षेत्रों में उनकी तैनाती और शिक्षकों को चिकित्सकीय सुविधा दिये जाने पर बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री संदीप सिंह ने सदन में जवाब दिया। आज भी सदन के हंगामे और शोरशराबे युक्त होने के आसार हैं।

Phulera Dooj 2026: फूलेरा दूज के दिन फूलों से करें घर में ये काम, राधाकृष्ण की कृपा के साथ सकारात्मक ऊर्जा का होगा संचार

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Phulera Dooj 2026 फूलेरा दूज 2026: फाल्गुन शुक्ल द्वितीया को मनाई जाने वाली फूलेरा दूज ब्रज क्षेत्र में होली उत्सव की विधिवत शुरुआत मानी जाती है। यह दिन विशेष रूप से भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी के दिव्य प्रेम से जुड़ा है। इस अवसर पर घर को फूलों से सजाना और मुख्य द्वार पर फूलों की रंगोली बनाना अत्यंत शुभ माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के साथ-साथ इसका वैज्ञानिक और मनोवैज्ञानिक महत्व भी है।

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धार्मिक महत्व: क्यों सजाते हैं घर फूलों से?
शुभता और मंगल का प्रतीक

फूलों को सनातन परंपरा में पवित्रता और प्रसन्नता का प्रतीक माना गया है। फूलेरा दूज के दिन घर को पुष्पों से सजाने से देवी-देवताओं का स्वागत होता है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

राधा-कृष्ण कृपा की प्राप्ति
मान्यता है कि इस दिन फूलों की होली खेली गई थी। इसलिए फूलों से सजावट करने से राधा-कृष्ण की विशेष कृपा प्राप्त होती है और दांपत्य जीवन में मधुरता आती है।

स्वयं सिद्ध मुहूर्त का प्रभाव
फूलेरा दूज को स्वयं सिद्ध मुहूर्त माना जाता है। इस दिन किए गए शुभ कार्यों का फल दीर्घकाल तक मिलता है। घर को सजाना और रंगोली बनाना सौभाग्य को आमंत्रित करने का प्रतीक है।

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फूलों की रंगोली बनाने के लाभ
सकारात्मक ऊर्जा का संचार

मुख्य द्वार पर फूलों की रंगोली बनाने से घर में नकारात्मक ऊर्जा प्रवेश नहीं करती। वास्तु शास्त्र के अनुसार प्राकृतिक तत्वों का प्रयोग वातावरण को शुद्ध करता है।

मानसिक शांति और तनाव में कमी
वैज्ञानिक दृष्टि से भी फूलों की सुगंध मन को शांत करती है, तनाव कम करती है और खुशी के हार्मोन (डोपामिन) को सक्रिय करती है।

पारिवारिक सामंजस्य
रंगोली बनाना एक सामूहिक क्रिया है। जब परिवार के सदस्य मिलकर इसे बनाते हैं, तो आपसी प्रेम और सहयोग बढ़ता है।

समृद्धि और सौभाग्य
गेंदा, गुलाब और मोगरा जैसे फूल शुभ माने जाते हैं। इनसे बनी रंगोली लक्ष्मी और समृद्धि का प्रतीक मानी जाती है।

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क्या होता है इसका प्रभाव?
घर का वातावरण हल्का और आनंदमय बनता है।
वैवाहिक जीवन में प्रेम और सौहार्द बढ़ता है।
मानसिक संतुलन और आध्यात्मिक ऊर्जा में वृद्धि होती है।
शुभ कार्यों में सफलता मिलने की संभावना बढ़ती है।

फूलेरा दूज केवल एक पर्व नहीं, बल्कि प्रेम, प्रकृति और सकारात्मक ऊर्जा का उत्सव है। इस दिन फूलों से घर सजाना और रंगोली बनाना धार्मिक आस्था के साथ-साथ मानसिक और पारिवारिक सुख-शांति का भी माध्यम है। ब्रज की यह परंपरा हमें सिखाती है कि प्राकृतिक सौंदर्य और भक्ति का संगम ही जीवन में वास्तविक आनंद लाता है।

Holika Dahan 2026 Upay: होलिका दहन की अग्नि में अर्पित करें ये 5 खास सामग्री, शांत होंगे ग्रह दोष, शादी और नौकरी की बाधाएं होंगी दूर

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Holika Dahan 2026 Upay: होलिका दहन भारतीय सनातन परंपरा का महत्वपूर्ण उत्सव है, जो बुराई पर अच्छाई की विजय का संदेश देता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह पर्व भगवान विष्णु के परम भक्त प्रह्लाद की आस्था और उनकी रक्षा से जुड़ा है। ज्योतिष शास्त्र में फाल्गुन पूर्णिमा की रात्रि को विशेष ऊर्जावान माना गया है। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से पूजा और अग्नि में विशेष सामग्री अर्पित करने से ग्रह दोष शांत होते हैं और जीवन की विभिन्न बाधाएं दूर होने लगती हैं।

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होलिका दहन 2026 का शुभ मुहूर्त
वैदिक पंचांग के अनुसार फाल्गुन पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 2 मार्च 2026 को शाम 5:55 बजे से होगी और समापन 3 मार्च 2026 को शाम 5:07 बजे होगा।

होलिका दहन का शुभ मुहूर्त:
3 मार्च 2026, शाम 6:22 बजे से रात 8:50 बजे तक। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस समय में पूजा और अग्नि प्रज्ज्वलन करने से विशेष पुण्य फल की प्राप्ति होती है।

11 परिक्रमा से ग्रह दोष शांति
होलिका दहन के दिन सर्वप्रथम श्रद्धा और संकल्प के साथ पूजा करें। इसके बाद अग्नि की 11 बार परिक्रमा करें। धार्मिक मान्यता है कि 11 परिक्रमा करने से कुंडली में मौजूद नकारात्मक ग्रह प्रभाव शांत होते हैं और जीवन में चल रही परेशानियों में धीरे-धीरे कमी आने लगती है। परिक्रमा के दौरान मन ही मन अपनी समस्याओं के समाधान की प्रार्थना करनी चाहिए।

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अग्नि में अर्पित करें ये विशेष सामग्री
परिक्रमा के बाद होलिका की अग्नि में निम्नलिखित वस्तुएं अर्पित करना शुभ माना गया है—

काला तिल: नकारात्मक ऊर्जा और शनि दोष को कम करने में सहायक माना जाता है।

हल्दी: मंगल और समृद्धि का प्रतीक, घर में शुभता बढ़ाती है।

पीली सरसों: सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है।

लौंग: वातावरण को शुद्ध करने वाली मानी जाती है।

खीर-पूरी: सुख, संतोष और पारिवारिक समृद्धि का प्रतीक।

मान्यता है कि इन वस्तुओं को अग्नि में समर्पित करने से जीवन में चल रही बाधाओं का शमन होता है।

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शादी और नौकरी में रुकावट दूर करने का उपाय
यदि विवाह में विलंब हो रहा हो या नौकरी-व्यवसाय में बार-बार अड़चन आ रही हो, तो होलिका दहन के शुभ मुहूर्त में उपरोक्त सामग्री अर्पित कर विशेष प्रार्थना करें।

ज्योतिष मान्यता के अनुसार यह उपाय ग्रहों के अशुभ प्रभाव को कम करता है और विवाह, करियर तथा आर्थिक क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन लाने में सहायक होता है।

आर्थिक और स्वास्थ्य लाभ
धार्मिक विश्वास है कि होलिका दहन की अग्नि में आहुति देने से कर्ज मुक्ति के योग बनते हैं और लंबे समय से चल रही आर्थिक परेशानियों में राहत मिल सकती है। साथ ही मानसिक तनाव और शारीरिक कष्टों में कमी आने की भी मान्यता है।

होलिका दहन केवल एक पारंपरिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का पर्व है। श्रद्धा और विश्वास के साथ किए गए सरल उपाय जीवन में सुख-शांति, समृद्धि और सफलता के मार्ग खोल सकते हैं।