Saturday, October 10, 2026
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Lucknow News: ड्रोन व आतिशबाजी से चमका आसमान

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लखनऊ। फीनिक्स पलासियो मॉल में शुक्रवार को आयोजित ड्रोन शो, शास्त्रीय संगीत की प्रस्तुति और रंगारंग आतिशबाजी ने लोगों को रोमांचित कर दिया। माॅल में सीता स्वयंवर की थीम पर की गई खास सजावट और हाथ से काटे गए 50 हजार से अधिक शीशों से तैयार 28 फीट ऊंचे शिव धनुष की प्रतिकृति लोगों के आकर्षण का केंद्र रही। 500 ड्रोन के हुए शो ने लोगों को लुभाया। अभिनेत्री साक्षी मलिक भी कार्यक्रम में शामिल हुईं। आयोजकों ने बताया कि मॉल की सज्जा में 36 दिन लगे और 50 से अधिक लोगों ने योगदान दिया। फीनिक्स पलासियो में 11 से 20 अक्तूबर तक दुर्गा पूजा का आयोजन होगा। इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम और अन्य गतिविधियां भी होंगी।

फिनिक्स पलासियो मॉल में हुआ ड्रोन शो। 

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Lucknow News: आरडीएसओ में सतर्कता पर निबंध प्रतियोगिता

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लखनऊ। आरडीएसओ के सतर्कता विभाग की ओर से सतर्कता जागरूकता अभियान के तहत केंद्रीय विद्यालय में निबंध लेखन प्रतियोगिता आयोजित की गई। निबंध का विषय समृद्धि से सत्यनिष्ठा था। इसमें कक्षा छह से 12 तक के 50 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। आरडीएसओ की सतर्कता टीम ने विद्यार्थियों को नैतिक मूल्यों का पालन करने और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को निभाने के लिए प्रेरित किया गया।

यूपी: मुफ्त राशन के लिए नया मोबाइल खरीदना जरूरी नहीं, भ्रामक खबरों का खंडन; जानें पूरा अपडेट

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उत्तर प्रदेश खाद्य एवं रसद विभाग ने सोशल मीडिया पर मुफ्त राशन प्राप्त करने के लिए नया मोबाइल खरीदने और ओटीपी सत्यापन अनिवार्य किए जाने को लेकर फैलाई जा रही अफवाहों पर विराम लगा दिया है।  विभाग के अपर आयुक्त सत्यदेव की ओर से जारी स्पष्टीकरण में कहा गया है कि मुफ्त राशन प्राप्त करने के लिए किसी भी लाभार्थी को नया मोबाइल खरीदने की कोई आवश्यकता नहीं है।विभाग ने आमजन से ऐसी भ्रामक सूचनाओं पर ध्यान न देने की अपील की है। खाद्य एवं रसद विभाग के अनुसार, प्रदेश में उचित दर दुकानों पर स्थापित ई-पॉस मशीनों से इलेक्ट्रॉनिक वेइंग स्केल के जरिए तौलकर पहले की तरह ही पारदर्शी तरीके से राशन वितरित किया जा रहा है। यदि किसी लाभार्थी का फिंगरप्रिंट पहली बार में मैच नहीं होता, तो उसे उसी दिन दो अतिरिक्त मौके दिए जाते हैं। इसके बाद भी बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण न होने पर आइरिस (आंखों की पुतली) स्कैन का विकल्प उपलब्ध है। इसके अलावा, राशन कार्ड में दर्ज परिवार का कोई भी अन्य सदस्य सत्यापन कराकर खाद्यान्न प्राप्त कर सकता है।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि ओटीपी आधारित वितरण की सुविधा कोई नई व्यवस्था नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू होने के बाद वर्ष 2017 से ही निरंतर प्रभावी है। यह सुविधा केवल उन अत्यंत वृद्ध, दिव्यांग या गंभीर रूप से बीमार राशन कार्ड धारकों के लिए एक वैकल्पिक उपाय है, जिनका किसी भी तरह से बायोमीट्रिक या आइरिस मिलान संभव नहीं हो पाता।

आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में 3.41 करोड़ से अधिक राशनकार्डों में से मात्र 83,093 कार्डों पर ही ओटीपी आधारित वितरण हुआ है, जो कुल लेनदेन का नगण्य हिस्सा है। इसलिए इसके लिए नया मोबाइल खरीदने की बात पूरी तरह तथ्यहीन और भ्रामक है।

यूपी: प्रदेश के कई जिलों में आज का अवकाश घोषित, बंद रहेंगे 1 से 8 तक के स्कूल; बीएसए ने जारी किया आदेश

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उत्तर प्रदेश के कई जिलों में शनिवार को ‘पितृ विसर्जन’  के अवसर पर स्कूलों में छुट्टी की घोषणा की गई है। उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद, प्रयागराज के सचिव से मिले निर्देशों के क्रम में संबंधित जिलों के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों ने इस संबंध में आधिकारिक पत्र जारी कर दिए हैं। धार्मिक परंपराओं और त्यौहार के महत्व को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है ताकि छात्रों और शिक्षकों को किसी तरह की असुविधा न हो।

बहराइच, रायबरेली, अमेठी और सुल्तानपुर में छुट्टियां

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बहराइच में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आशीष कुमार सिंह ने बताया कि बेसिक शिक्षा परिषद प्रयागराज के निर्देशों के तहत शनिवार को जिले के सभी परिषदीय स्कूल बंद रहेंगे। इसके साथ ही रायबरेली, अमेठी और सुल्तानपुर जिलों में भी पितृ विसर्जन के अवसर पर परिषदीय स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है। हालांकि अमेठी में माध्यमिक कॉलेजों में यह छुट्टी लागू नहीं होगी, केवल बेसिक शिक्षा विभाग के तहत संचालित स्कूल ही बंद रहेंगे।

कक्षा 1 से 8 तक के स्कूलों में लागू रहेगा आदेश
बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार, विभाग के नियंत्रण में संचालित कक्षा 1 से 8 तक के सभी परिषदीय और मान्यता प्राप्त प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शनिवार को पठन-पाठन का कार्य स्थगित रहेगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह अवकाश मुख्य रूप से बेसिक शिक्षा के अंतर्गत आने वाले विद्यालयों पर लागू होगा।

यूपी: सीएम योगी का निर्देश, शोभायात्रा और विसर्जन मार्गों पर नहीं लगेंगी मांस-मदिरा की दुकानें; लगेंगे कैमरे

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शारदीय नवरात्र, दशहरा और छठ महापर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को सुरक्षा, यातायात, सफाई और बिजली व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए हैं। शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कानून-व्यवस्था की समीक्षा करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि शोभायात्रा और प्रतिमा विसर्जन मार्गों पर मांस-मदिरा की दुकानें नहीं लगने दी जाएंगी। प्रमुख देवी मंदिरों में 24 घंटे सीसीटीवी से निगरानी की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 11 अक्तूबर से शुरू हो रहे शारदीय नवरात्र से छठ महापर्व तक विशेष सतर्कता बरती जाए। विंध्याचल धाम, देवीपाटन शक्तिपीठ, मां शाकुंभरी देवी और नैमिषारण्य स्थित मां ललिता देवी मंदिर समेत प्रमुख धार्मिक स्थलों पर अतिरिक्त पुलिसकर्मी तैनात किए जाएं। यहां निर्बाध बिजली आपूर्ति और सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम सुनिश्चित हों। वरिष्ठ अधिकारी स्वयं क्षेत्र में उतरकर व्यवस्थाओं की निगरानी करें और लापरवाही न बरतें।विसर्जन स्थलों पर तैनात होंगे गोताखोर
शोभायात्रा और विसर्जन मार्गों पर बिजली के तार दुरुस्त कराने, जर्जर खंभों व ट्रांसफार्मरों की जांच और क्षतिग्रस्त सड़कों, पुलियों व गड्ढों की मरम्मत कराने के निर्देश दिए गए। पर्याप्त रोशनी, सफाई और अतिक्रमण हटाने के साथ विसर्जन स्थलों पर गोताखोर व जल पुलिस की तैनाती होगी।
संवेदनशील क्षेत्रों में बढ़ेगी गश्त
मुख्यमंत्री ने शांति समितियों की बैठकें कराने तथा धर्मगुरुओं, आयोजन समितियों और स्थानीय नागरिकों से संवाद बनाए रखने को कहा। संवेदनशील इलाकों में पुलिस गश्त बढ़ाने, दुर्गा पूजा पंडालों में सुरक्षा, डीजे के निर्धारित मानकों के पालन, प्रतिमाओं की सुरक्षित ऊंचाई और रावण दहन स्थलों पर सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्रमुख स्थलों पर सीसीटीवी व ड्रोन से निगरानी और सोशल मीडिया पर नजर रखी जाएगी। अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। भीड़ के मद्देनजर यातायात डायवर्जन, पार्किंग और अतिरिक्त बसों की व्यवस्था भी की जाएगी।

महिला सुरक्षा पर विशेष जोर
महिला शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई, थानों में मिशन शक्ति केंद्रों के प्रभावी संचालन और एंटी रोमियो स्क्वॉड की चेकिंग तेज करने को कहा गया। स्टंटबाजी करने वालों के खिलाफ अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए।

यूपी: विधान परिषद चुनाव, सात प्रत्याशियों ने वापस लिया पर्चा, अब 152 मैदान में; जानें पूरा गणित

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उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 खंड स्नातक और खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में चुनावी मुकाबले की तस्वीर साफ हो गई है। शुक्रवार को सात प्रत्याशियों ने नामांकन वापस ले लिया। इनमें तीन खंड स्नातक और चार खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के प्रत्याशी शामिल हैं। अब कुल 152 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। इन सभी सीटों पर 23 अक्टूबर को सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक मतदान होगा। चुनाव में कुल 14.18 लाख मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करेंगे।

पहचान पत्र दिखाना अनिवार्य

मतदान के लिए मतदाताओं को अपना पहचान पत्र दिखाना होगा। यदि निर्धारित पहचान पत्र उपलब्ध नहीं है, तो आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड समेत 10 वैकल्पिक पहचान पत्रों में से किसी एक का इस्तेमाल किया जा सकेगा।

वाराणसी में सबसे ज्यादा प्रत्याशी

निर्वाचन क्षेत्रों में प्रत्याशियों की संख्या की बात करें तो वाराणसी खंड स्नातक सीट पर सबसे अधिक 24 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। बरेली-मुरादाबाद खंड शिक्षक सीट पर 17 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। वहीं, लखनऊ खंड स्नातक और गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक सीट पर 16-16 प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं।

आगरा खंड स्नातक, इलाहाबाद-झांसी खंड स्नातक और लखनऊ खंड शिक्षक सीट पर 13-13 प्रत्याशी मैदान में हैं। अब नामांकन वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी 11 निर्वाचन क्षेत्रों में चुनावी मुकाबले की तैयारी तेज हो गई है। 23 अक्टूबर को होने वाला मतदान इन प्रत्याशियों के राजनीतिक भविष्य का फैसला करेगा।

यूपी: प्रदेश में मौसम का सबसे ज्यादा असर, आंधी-बारिश संग गिरे ओले, हादसों में चार की मौत; फसलों को भी नुकसान

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उत्तर प्रदेश में शुक्रवार दोपहर बाद मौसम ने अचानक करवट ली। कई जिलों में तेज आंधी और बारिश के साथ ओले गिरे। इस दौरान हुए हादसों में चार लोगों की मौत हो गई। मृतकों में संभल और कासगंज का एक-एक व्यक्ति, जबकि फिरोजाबाद के दो लोग शामिल हैं।मौसम में अचानक आए बदलाव का सबसे ज्यादा असर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में देखने को मिला। तेज आंधी के कारण कई स्थानों पर पेड़ और होर्डिंग गिर गए। कुछ जगहों पर घरों को भी नुकसान पहुंचा। हादसों के साथ ही खेतों में खड़ी फसलों को भी नुकसान होने की खबर है।

बरेली में ओलावृष्टि, अवध और पूर्वांचल में बादल

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में बारिश के साथ ओले गिरे। बरेली में भी ओलावृष्टि दर्ज की गई। वहीं, अवध और पूर्वांचल के जिलों में बादलों की आवाजाही बनी रही। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में शनिवार को भी कहीं-कहीं छिटपुट बूंदाबांदी होने की संभावना है। अचानक बदले मौसम के कारण लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।

नोबेल नहीं मिला तो भड़क गए ट्रंप: बोले-हर युद्ध रोकने के लिए मिलना चाहिए था; भारत-पाकिस्तान पर किया ये दावा

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप नोबेल शांति पुरस्कार नहीं मिलने से नाराज हैं। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने आठ युद्ध सुलझाए हैं, इसलिए उन्हें हर युद्ध के लिए एक यानी कुल आठ नोबेल शांति पुरस्कार मिलने चाहिए थे। शुक्रवार को सिरैक्यूज में एक रैली के दौरान ट्रंप ने पुरस्कार नहीं देने के फैसले पर नॉर्वे की आलोचना की। उन्होंने कहा कि अमेरिका को यह पुरस्कार नहीं मिलना देश के लिए एक ऐसा दाग है, जिसे मिटाया नहीं जा सकेगा।

ट्रंप बोले- नोबेल पुरस्कार की साख हमेशा के लिए खत्म हो गई
ट्रंप ने कहा कि कुछ कट्टरपंथी विचारधारा वाले लोगों ने नोबेल शांति पुरस्कार की साख हमेशा के लिए खत्म कर दी है। उन्होंने कहा कि अमेरिका यह नहीं भूलेगा कि नॉर्वे ने उसे यह पुरस्कार नहीं दिया। ट्रंप ने अपने रिकॉर्ड का जिक्र करते हुए कहा कि आठ युद्ध सुलझाने के लिए उन्हें आठ नोबेल शांति पुरस्कार मिलने चाहिए थे।
भारत-पाकिस्तान युद्ध टलवाने और पांच करोड़ जानें बचाने का दावा
ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने परमाणु हथियारों से लैस भारत और पाकिस्तान को युद्ध में उलझने से रोका और इससे पांच करोड़ लोगों की जान बचाई। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोका, जिससे पूरा मध्य पूर्व तबाह होने से बच गया। ट्रंप के मुताबिक, इसका असर यूरोप और संभवतः अमेरिका तक पड़ सकता था। ये सभी दावे ट्रंप ने अपने संबोधन में किए।
नवी पिल्लई को नोबेल मिलने पर क्या बोले ट्रंप?
इस साल नोबेल शांति पुरस्कार दक्षिण अफ्रीका की पूर्व संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख नवी पिल्लई को दिया गया है। ट्रंप ने पुरस्कार विजेता पर तंज कसते हुए कहा कि संयुक्त राष्ट्र में काम करने वाली एक उदारवादी विचारों की व्यक्ति को यह पुरस्कार मिला है, जिसके बारे में उन्होंने पहले कभी नहीं सुना था। हालांकि, उन्होंने पिल्लै को बधाई भी दी।

ओबामा को नोबेल मिलने पर भी सवाल उठाते रहे हैं ट्रंप
अमेरिका के चार राष्ट्रपति नोबेल शांति पुरस्कार प्राप्त कर चुके हैं। इनमें थियोडोर रूजवेल्ट, वुडरो विल्सन, जिमी कार्टर और बराक ओबामा शामिल हैं। ओबामा को 2009 में राष्ट्रपति बनने के पहले ही साल यह पुरस्कार मिला था। ट्रंप लंबे समय से ओबामा को पुरस्कार दिए जाने पर सवाल उठाते रहे हैं। उनका कहना है कि ओबामा को बिना कुछ किए ही नोबेल पुरस्कार मिल गया था।

आईपीएस अधिकारियों के लिए नया नियम: तकनीक-साइबर सुरक्षा की ट्रेनिंग जरूरी, वार्षिक रिपोर्ट पर भी पड़ेगा असर?

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केंद्रीय गृह मंत्रालय ने भारतीय पुलिस सेवा यानी आईपीएस अधिकारियों के प्रशिक्षण को लेकर नई व्यवस्था की जानकारी दी है। इसके तहत अधिकारियों को नई तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, साइबर सुरक्षा और आधुनिक कार्यप्रणाली से जुड़े निर्धारित पाठ्यक्रम पूरे करने होंगे। इन पाठ्यक्रमों को पूरा करने का विवरण उनकी वार्षिक प्रदर्शन मूल्यांकन रिपोर्ट में शामिल किया जाएगा। यह व्यवस्था कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के निर्देशों के आधार पर लागू की जा रही है। इसका उद्देश्य अधिकारियों को बदलती तकनीकी जरूरतों के अनुसार प्रशिक्षित करना और उनके पेशेवर कौशल को लगातार बेहतर बनाना है।

 कर्मयोगी मंच पर क्या करना होगा?

आईगॉट कर्मयोगी एक डिजिटल प्रशिक्षण मंच है, जिसे सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के कौशल विकास के लिए तैयार किया गया है। इस मंच पर विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं। अधिकारी अपनी जरूरत और सेवा से जुड़े विषयों के अनुसार प्रशिक्षण ले सकते हैं। पाठ्यक्रम पूरा करने के साथ निर्धारित परीक्षा या मूल्यांकन की शर्तें भी पूरी करनी पड़ सकती हैं। प्रशिक्षण में नई तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, साइबर सुरक्षा और सरकारी कामकाज के आधुनिक तरीकों जैसे विषय शामिल हैं। इसका उद्देश्य सरकारी सेवाओं में डिजिटल दक्षता और कार्यक्षमता को बढ़ावा देना है।

अधिकारियों के लिए कितने पाठ्यक्रम चुने गए?

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, गृह मंत्रालय ने आईपीएस अधिकारियों के प्रशिक्षण के लिए 24 पाठ्यक्रम चुने हैं। इन्हें अधिकारियों की सेवा अवधि के आधार पर चार श्रेणियों में बांटा गया है। प्रत्येक श्रेणी में छह पाठ्यक्रम रखे जाने की जानकारी दी गई है, जिनमें से पहले तीन अनिवार्य बताए गए हैं। इन पाठ्यक्रमों को पूरा करने का रिकॉर्ड वित्त वर्ष 2026-27 की वार्षिक प्रदर्शन मूल्यांकन रिपोर्ट से जोड़ा जाएगा। हालांकि, उपलब्ध कॉपी में सभी चार श्रेणियों और उनके पाठ्यक्रमों का पूरा विवरण नहीं है। इसलिए शेष श्रेणियों के पाठ्यक्रमों की पुष्टि आधिकारिक निर्देशों से करना जरूरी है।

वर्ष 2018 या उसके बाद के अधिकारियों को क्या पढ़ना होगा?

उपलब्ध विवरण के मुताबिक, वर्ष 2018 और उसके बाद के बैच के आईपीएस अधिकारियों के लिए तीन अनिवार्य पाठ्यक्रम बताए गए हैं। इनमें उभरती तकनीकों की जानकारी, स्वापक औषधि और मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम यानी एनडीपीएस अधिनियम के तहत जांच प्रक्रिया तथा साइबर सुरक्षा की बुनियादी जानकारी शामिल है। इसके अलावा व्यक्तिगत वित्त, नेतृत्व के क्षेत्र में प्रतिक्रिया और अपराध स्थल पर मोबाइल फोन के इस्तेमाल जैसे विषयों का भी उल्लेख है। इन पाठ्यक्रमों का उद्देश्य अधिकारियों को तकनीकी बदलावों, जांच से जुड़ी प्रक्रियाओं और रोजमर्रा के प्रशासनिक कामकाज के लिए तैयार करना है।

वार्षिक मूल्यांकन पर इसका क्या असर होगा?

नई व्यवस्था में प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों को पूरा करना अधिकारियों के वार्षिक प्रदर्शन मूल्यांकन से जोड़ा जाएगा। इसका मतलब है कि अधिकारियों को केवल प्रशिक्षण में भाग लेने के बजाय निर्धारित पाठ्यक्रमों को समय पर पूरा करने पर भी ध्यान देना होगा। उपलब्ध जानकारी में वर्ष 2011 से 2017 बैच के अधिकारियों के लिए दूसरी श्रेणी का उल्लेख है, जिसकी सेवा अवधि सात वर्ष से अधिक और 16 वर्ष तक बताई गई है। हालांकि, इस श्रेणी और बाकी दो श्रेणियों के पाठ्यक्रमों का पूरा विवरण उपलब्ध नहीं है। अधिकारी सटीक नियमों, समयसीमा और पाठ्यक्रमों की सूची के लिए गृह मंत्रालय तथा कर्मयोगी मंच के आधिकारिक निर्देश देखें।

सपा के बागी विधायक राकेश प्रताप सिंह थामेंगे भाजपा का दामन, अखिलेश पर लगाए परिवारवाद का आरोप

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अमेठी: उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले की गौरीगंज विधानसभा सीट से समाजवादी पा (सपा) के टिकट पर लगातार तीन बार विधायक रहे राकेश प्रताप सिंह ने आगामी 14 अक्टूबर को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने की घोषणा की है। उन्होंने सपा पर परिवारवाद और जातिवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए पार्टी छोड़ने की वजह बताई।  राकेश प्रताप सिंह ने गुरुवार को एक समाचार चैनल से बातचीत में कहा कि जहां भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाया जाए, रामचरितमानस जलाने और फाड़ने की घटनाएं हों तथा राष्ट्र और समाज के बजाय जाति और परिवार की चिंता की जाए, वहां राजनीति करना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि करीब तीन वर्ष पहले उन्होंने गौरीगंज में एक धार्मिक मंच से कहा था कि चाहे वह विधायक रहें या नहीं, टिकट मिले या नहीं और राजनीति रहे या नहीं, लेकिन रामचरितमानस जलाने-फाड़ने, तुलसीदास की लेखनी पर सवाल उठाने तथा सनातन और हिंदू धर्म के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने वालों के साथ राजनीति नहीं की जा सकती।

भाजपा में शामिल होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि उनके साथ व्यक्तिगत संबंध रखने वाले करीब 90 प्रतिशत लोग भी भाजपा की सदस्यता लेंगे। उन्होंने दावा किया कि बूथ और पोलिंग स्तर पर काम करने वाले उनके समर्थक भी उनके साथ भाजपा में शामिल होंगे। राकेश प्रताप सिंह ने कहा कि 14 अक्टूबर को भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी, राष्ट्रीय महामंत्री स्मृति ईरानी, प्रदेश सरकार के मंत्री प्रतिभा शुक्ला, कृष्णा पासवान, दारा सिंह चौहान, मयंकेश्वर शरण सिंह समेत कई राजनीतिक हस्तियों की मौजूदगी में वह भाजपा की सदस्यता ग्रहण करेंगे। उन्होंने कहा कि अयोध्या के महापौर से भी कार्यक्रम में शामिल होने का अनुरोध किया है। उन्होंने दावा किया कि सपा विधायक अभय सिंह और विनोद चतुर्वेदी भी उनके साथ भाजपा की सदस्यता ग्रहण करेंगे।

सिंह ने सपा के पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) के नारे पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि सपा के पीडीए में न‘पी’है, न‘डी’और न‘ए‘, बल्कि उसमें केवल परिवार के लोग हैं। उन्होंने राज्यसभा चुनाव का उल्लेख करते हुए सपा पर परिवार और उद्योगपति परिवारों को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने राज्यसभा में विभिन्न जातियों और वर्गों को प्रतिनिधित्व दिया है, जबकि सपा ने अपने हिस्से की सीटों पर दलित और अल्पसंख्यक वर्ग को प्रतिनिधित्व नहीं दिया। विधानसभा चुनाव लड़ने के सवाल पर राकेश प्रताप सिंह ने कहा कि इसका फैसला पार्टी का संसदीय बोडर् करेगा। उन्होंने कहा कि भाजपा से जो भी प्रत्याशी चुनाव लड़ेगा, उसकी जीत के लिए वह अपना सब कुछ न्योछावर करेंगे। राकेश प्रताप सिंह ने वर्ष 2012 में सपा के टिकट पर पहली बार विधानसभा चुनाव जीता था। इसके बाद उन्होंने 2017 और 2022 में भी सपा के टिकट पर गौरीगंज सीट से जीत दर्ज की। करीब डेढ़ दशक तक सपा की राजनीति करने के बाद अब वह भाजपा में शामिल होने जा रहे हैं।