लखनऊ- सीएम योगी ने आगरा हादसे का लिया संज्ञान, मृतकों के परिजनों के प्रति प्रकट की संवेदना, आगरा डीएम को राहत कार्य में तेजी के निर्देश
पुलिस कांस्टेबल सुनील शुक्ला के गंभीर आरोप
पुलिस कांस्टेबल सुनील शुक्ला के गंभीर आरोप, पुलिस सिस्टम और अधिकारियों पर उठाए सवाल, मुझे अपनी जान का खतरा- सुनील शुक्ला, अपने ही विभाग के लोगों से डर- सुनील शुक्ला, घर में अंदर से ताला लगाकर रहने की कही बात, मुख्यमंत्री और DGP से लगाई सुरक्षा की गुहार, PGI क्षेत्र में रहते हैं कांस्टेबल सुनील शुक्ला, भगत सिंह को बताया अपना आदर्श, शहीद हो जाऊंगा लेकिन सिस्टम सुधरना चाहिए- सुनील शुक्ला
यूपी में बड़ा हादसा: दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे पर दो की मौत, एक 19 तो दूसरे की उम्र 20 साल; बनाते थे फर्नीचर
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे पर रविवार दोपहर एक भीषण सड़क हादसा हुआ। इस दुर्घटना में दो युवकों की मौके पर ही जान चली गई। यह घटना भोजपुर थाना क्षेत्र के पट्टी गांव के सामने हुई।दोनों युवक बाइक पर सवार होकर जा रहे थे। उनकी बाइक एक ट्रक से पीछे से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतकों की पहचान दीपक और सागर के रूप में हुई है। दीपक की आयु 19 वर्ष थी, जबकि सागर 20 वर्ष का था।
UP: मंत्री न बनाए जाने पर सोशल मीडिया पर छलकी विधायक की पीड़ा, पोस्ट शेयर कर जताई नाराजगी
उत्तर प्रदेश सरकार का रविवार को मंत्रिमंडल का विस्तार हो गया। कुल आठ लोगों को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया। इस बीच भाजपा विधायक आशा मौर्य ने मंत्रिमंडल में शामिल न किए जाने पर सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा की है। हालांकि कुछ देर बाद उन्होंने अपनी पहली पोस्ट को डिलीट करके दूसरी पोस्ट की। उन्होंने अपनी पहली पोस्ट में लिखा था कि आप सभी पत्रकार बंधुओं, पूरे देश, प्रदेश से आये फ़ोन कॉल, सोशल मीडिया पर शुभचिंतकों, समर्थकों एवं स्नेह रखने वाले प्रत्येक व्यक्ति का हृदय से आभार एवं धन्यवाद। आपका स्नेह और विश्वास ही मेरी सबसे बड़ी ताकत है लेकिन यह भी अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि आज भारतीय जनता पार्टी को समर्पित कार्यकर्ताओं, विशेषकर हम जैसे मौर्य समाज के संघर्षशील एवं निष्ठावान लोगों की आवश्यकता नहीं दिखाई दे रही, बल्कि बाहर से आए हुए बागी एवं दलबदलू नेताओं को प्राथमिकता दी जा रही है। वर्षों से पार्टी और संगठन के लिए समर्पण भाव से कार्य करने वाले कार्यकर्ताओं की उपेक्षा कहीं न कहीं पीड़ादायक है। फिर भी हम समाज, सम्मान और स्वाभिमान की लड़ाई पूरी मजबूती के साथ लड़ते रहेंगे।

