गाजियाबाद ( संजय मित्तल ): दीपावली की रात नंदग्राम थाना क्षेत्र में पत्नी ने घर का दरवाजा नहीं खोला तो पति ने खुद पर डीजल डालकर आग लगा ली। आग लगने पर उसने पड़ोसियों का दरवाजा पीटकर मदद की गुहार लगाई। जब तक लोगों ने दरवाजा खोला, तब तक युवक काफी जल चुका था।

लोगों ने कपड़ा और मिट्टी डालकर आग बुझाई और पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी। पुलिस ने झुलसे युवक को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां से दिल्ली रेफर कर दिया गया। उपचार के दौरान युवक की मंगलवार की दोपहर मौत हो गई।
पत्नी ने नहीं खोला दरवाजा तो पति ने आग लगाकर दी जान, घटना CCTV में कैद
Chhath Puja 2025 Samagri List: छठ पूजा की संपूर्ण सामग्री लिस्ट नोट कीजिए, कहीं अधूरी न रह जाए आपकी पूजा
Chhath Puja Samagri List: छठ पूजा एक प्रमुख भारतीय त्योहार है जिसे खासतौर पर बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश और नेपाल में मनाया जाता है। छठ पूजा की शुरुआत नहाय-खाय के साथ होती है और इसका समापन सूर्यदेव को सुबह अर्घ्य देने के साथ होता है। इस बार छठ पूजा की शुरुआत शनिवार, 25 अक्टूबर 2025 को होगी और समापन मंगलवार, 28 अक्टूबर 2025 को प्रातः कालीन अर्घ्य के साथ होगा।

छठ व्रती 36 घंटे का कठोर निर्जला व्रत रखते हैं
हर साल कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि से नहाय-खाय से चार दिवसीय महापर्व छठ पूजा की शुरुआत हो जाती है। छठ पूजा हिन्दू धर्म के सबसे कठिन व्रतों में से एक हैं। इस महापर्व के दौरान छठ व्रती आमतौर पर 36 घंटे का कठोर निर्जला व्रत रखते हैं, जिसमें पानी और भोजन दोनों का त्याग किया जाता है। यह व्रत खरना के दिन शुरू होता है और उगते सूर्य को अर्घ्य देने के बाद ही पारण किया जाता है। वहीं, इस पूजा में कुछ चीजों का इस्तेमाल आवश्यक रूप से किया जाता है। इस सामग्री के बिना पूजा अधूरी मानी जाती है। वहीं, जो लोग पहली बार इस खास व्रत को रख रहे हैं, वे यहां पूजा सामग्री (Chhath Puja 2025 Samagri List) की लिस्ट देख सकते हैं।

ये है लोक आस्था महापर्व छठ पूजा सामग्री लिस्ट
पीतल का पात्र, फल, सुपारी, चावल, सिंदूर, फूल, एक थाली, पान, गाय का घी, शहद, धूप, शकरकंदी, सुथनी, गुड़, सूप, बड़ा वाला नींबू, पानी वाला, नारियल, मिठाई, गुड़, अरवा का चाल, गंगा जल, बांस की दो बड़ी टोकरियां, पीतल का एक लोटा, ठेकुआ का भोग, गेहूं, चावल का आटा, साधक के लिए नए कपड़े, 5 पत्तियां लगे हुए गन्ने, मूली, अदरक और हल्दी का हरा पौधा

छठ पूजा में इन नियमों का करें पालन
छठ पूजा के दौरान व्रत रखने वाले व्रती को पलंग या तखत पर नहीं सोना चाहिए।
वह जमीन पर चादर बिछाकर सो सकता है।
इस पर्व के चार दिन तक व्रती को नए वस्त्र धारण करने चाहिए।
इसके अलावा मांस और मदिर का सेवन भूलकर भी नहीं करना चाहिए।
ऐसा करने से जातक को छठी मैया की नाराजगी का सामना करना पड़ सकता है।
किसी से वाद-विवाद न करें। साथ ही बड़े बुजुर्गों और महिलाओं का अपमान न करें।
छठ पूजा के दौरान सात्विक भोजन का सेवन करना चाहिए।
गोशाला में सीएम योगी ने की गोवर्धन पूजा, फिर गायों और गोवंश को खिलाई गुड़ -रोटी
गोरखपुर: दीपावली के पंच दिवसीय महापर्व की श्रृंखला के महत्वपूर्ण पर्व गोवर्धन पूजा के पावन अवसर पर गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ( Chief Minister Yogi Adityanath) बुधवार प्रात: गोरखनाथ मंदिर की गोशाला में विधि विधान से गोवर्धन पूजा की। गोपूजन के बाद मुख्यमंत्री ने गोसेवा की और प्रदेशवासियों को गोवर्धन पूजा की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि गोवंश भारत की समृद्धि का आधार रहा है। सरकार गो संरक्षण और संवर्धन के लिए कई योजनाओं के जरिये सतत प्रयास कर रही है। दीपावली के दिन सोमवार से ही गोरखपुर प्रवास कर रहे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार सुबह गोरखनाथ मंदिर की गोशाला में गोवर्धन पूजा की।
प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की
उन्होंने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजन की प्रक्रिया पूर्ण की। गायों और गोवंश को माला पहनाई, तिलक लगाया और गोमाता का आशीर्वाद लेकर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। गो पूजन के बाद मुख्यमंत्री ने गायों और गोवंश को अपने हाथों से गुड़ और केला खिलाया। इस दौरान वह गायों और गोवंश को उनका नाम लेकर पुकारते रहे और उनके पास जाकर उन्हें खूब दुलार भी किया।
गोवंश के संरक्षण और संवर्धन के लिए योजनाएं चलाई
गोवर्धन पूजा के बाद मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत करते हुए प्रदेशवासियों, अन्नदाता किसानों और पशुपालकों को गोवर्धन पूजा की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार गोवंश के संरक्षण और संवर्धन के लिए कई अभिनव कार्यक्रम संचालित कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सिफर् गोपूजन ही नहीं हो रहा है बल्कि गोवंश के संरक्षण और संवर्धन के लिए योजनाएं भी चलाई जा रही हैं।
प्रति गोवंश 1500 रुपये की दर से 6000 रुपये दे रही सरकार
योगी ने कहा कि प्रदेश में 16 लाख गोवंश ऐसे हैं जिनका भरण पोषण प्रदेश सरकार अनुदानित कर रहे है। अन्नदाता किसानों की फसल को इनसे नुकसान न हो, इस द्दष्टि से यह एक प्रयास प्रारंभ किया गया है। उन्होंने कहा कि गोवंश के लिए प्रदेश में तीन प्रकार की विशेष योजनाएं हैं। एक योजना निराश्रित गोवंश स्थल की है जिसमें हर गोवंश के लिए सरकार के स्तर पर प्रतिमाह 1500 रुपये उपलब्ध कराए जाते हैं। ऐसे ही सहभागिता योजना है। इसमें कोई भी अन्नदाता किसान गोवंश के संरक्षण और संवर्धन के साथ जुड़ता है तो उसे चार निराश्रित गोवंश की देखभाल के लिए प्रति गोवंश 1500 रुपये की दर से 6000 रुपये तक।दिए जाते हैं।
पेट्रोल डीजल में खर्च होने वाले भारत के धन को बचाने में मदद
तीसरी योजना कुपोषित परिवारों के लिए है। जो कुपोषित माताएं हैं, बच्चे हैं, उन परिवारों में उन्हें निराश्रित गो आश्रय स्थल से ब्याई हुई गाय दी जाती है। वह सेवा करें और गाय का दूध भी लें। साथ ही उन्हें 1500 रुपये प्रति महीना गाय की देखभाल के लिए दिया जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रसन्नता है कि बड़ी संख्या में लोगों ने इस योजना का लाभ लिया है और कुपोषण से सुपोषण की ओर बढ़े हैं।
अन्नदाता किसान समृद्धि की ओर बढ़े हैं
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से प्रदेश में संचालित गोवर्धन योजना से अन्नदाता किसान समृद्धि की ओर बढ़े हैं। प्रदेश में कंप्रेस्ड बायोगैस और इथेनॉल बनाने से अन्नदाता किसानों को गोबर का भी दम प्राप्त हो रहा है। साथ जी ग्रीन ईंधन के माध्यम से प्रदेश के अंदर नेट जीरो के लक्ष्य को प्राप्त करने और पेट्रोल डीजल में खर्च होने वाले भारत धन को बचाने में भी मदद मिल रही है। योगी ने कहा कि गोवर्धन पूजा भारत की कृषि प्रधान अर्थव्यवस्था का प्रतीक है। भारत जैसे कृषि प्रधान देश में गोवंश का महत्व क्या है, यह गोवर्धन पूजा जैसे आयोजन इसे बताते हैं। दीपावली जैसे महापर्व के साथ इस आयोजन को जोड़कर इसकी महत्ता को और भी प्रभावी बनाया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मेरा सौभाग्य है कि मुझे गो पूजन और गोसेवा करने का अवसर प्राप्त हुआ है।
हैवानियत! भाई ने बहन की अस्मत लूटी, परिवार ने इज्जत बचाने के नाम पर नवजात की ली जान
कौशांबी (कुलदीप द्विवेदी): उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने इंसानियत और रिश्तों दोनों को शर्मसार कर दिया है। जिस भाई को बहन की रक्षा करनी थी, वही हैवान बन बैठा। चचेरे भाई ने अपनी ही बहन की अस्मत लूटी, और जब सच्चाई सामने आई तो परिवार ने समाज की इज्जत बचाने के नाम पर नवजात की जान ले ली।
घटना सरायअकिल थाना क्षेत्र के एक गांव की है। यहां 19 वर्षीय युवती को उसके ही चचेरे भाई ने हवस का शिकार बनाया। महीनों तक यह घिनौनी करतूत चलती रही, और जब युवती गर्भवती हुई तो परिवार ने इसे छिपाने की पूरी कोशिश की। मां-बाप ने पेट की सूजन को ट्यूमर बताकर डॉक्टर के पास जाने से भी मना कर दिया। 16 अक्टूबर को युवती के घर में अचानक प्रसव हो गया और एक नवजात ने जन्म लिया। जैसे ही यह खबर फैली, परिवार में अफरा-तफरी मच गई। समाज की इज्जत बचाने के नाम पर मां और मामा ने नवजात की हत्या कर शव को तालाब में फेंक दिया।
जब युवती के भाई को हकीकत का पता चला तो उसने सरायअकिल थाने में चचेरे भाई के खिलाफ दुष्कर्म की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए जांच शुरू की। कुछ ही देर में तालाब से नवजात का शव बरामद हुआ। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि नवजात की गला दबाकर हत्या की गई थी। फिलहाल सभी आरोपी चचेरा भाई, मां और मामा फरार हैं। पुलिस की कई टीमें दबिश दे रही हैं और जल्द गिरफ्तारी का दावा किया जा रहा है।
नकाबपोश दबंग लड़कों का घर के बाहर हंगामा,
नोएडा -नकाबपोश दबंग लड़कों का घर के बाहर हंगामा, एक घर के बाहर लाठी डंडे लेकर काटा हंगामा, बीच रोड पर महिला को किए अश्लील इशारे, दबंगों ने महिला के पुरुष मित्र से की थी मारपीट , बीच-बचाव के बाद गाड़ियों से किया दोनों का पीछा, मुकदमा दर्ज, एक आरोपी पुलिस की हिरासत में, थाना सेक्टर 49 क्षेत्र के सेक्टर 51 की घटना

