केजीएमयू में धर्मांतरण प्रकरण को लेकर हुए विवाद के बाद राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। उन्होंने केजीएमयू प्रशासन पर पीड़िताओं को धमकाने और आरोपियों को संरक्षण देने के गंभीर आरोप लगाए। धर्मांतरण के मामले में शुक्रवार को केजीएमयू में हुए विवाद के बाद राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। उन्होंने प्रकरण में अब तक हुई कार्रवाई के बारे में सीएम को जानकारी दी। केजीएमयू परिसर में हुए विवाद और वहां के प्रशासन के रवैया के बारे में भी बताया।
आतिशी वीडियो मामले पर विधानसभा में हंगामा, पंजाब पुलिस के खिलाफ हुई नारेबाजी
नेशनल डेस्कः दिल्ली विधानसभा के स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने आतिशी वीडियो मामले को विधानसभा के खास अधिकारों का उल्लंघन और सदन का अपमान बताया है। विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि आतिशी वीडियो की जांच विधानसभा के खास अधिकारों का उल्लंघन और अपमान है और इस साजिश में शामिल प्रशासनिक अधिकारियों पर कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी। दिल्ली विधानसभा में भाजपा विधायक अभय वर्मा के यह मुद्दा उठाने के बाद सदन को संबोधित करते हुए विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि दिल्ली विधानसभा ने विपक्ष के कहने पर वीडियो को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा था और जालंधर पुलिस के अधिकारी साजिश एक के तहत दिल्ली विधानसभा के कामकाज में दखल कैसे दे सकते हैं।
विधायक अभय गुप्ता ने मांग की कि पंजाब पुलिस दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्रा के खिलाफ केस दर्ज करे, जिस वीडियो को दिल्ली विधानसभा पहले ही फोरेंसिक जांच के लिए भेज चुकी है, उसकी एक दिन के अंदर जांच हो और फिर उसे फर्जी घोषित किया जाए। इस मुद्दे पर दिल्ली विधानसभा में हंगामे के बीच पंजाब पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की गई। स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने सदन को भरोसा दिलाया कि सदन इस मामले में दखल देने वाले पंजाब पुलिस के अधिकारियों की कानूनी जांच करेगा और जिम्मेदार अधिकारियों को जवाबदेह ठहराया जाएगा। विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि आतिशी का वीडियो दिल्ली असेंबली की प्रॉपर्टी है और किस आधार पर किसी बाहरी राज्य का अधिकारी असेंबली की प्रॉपर्टी का इंस्पेक्शन कर सकता है। उन्होंने कहा कि दिल्ली असेंबली की कार्यवाही की वीडियो रिकॉर्डिंग करने की किसी को भी इजाज़त नहीं है। गुप्ता ने आगे कहा कि इस मामले पर हाउस में एक प्रस्ताव भी पास किया गया है और इस मामले के लिए पंजाब प्रशासन पूरी तरह से ज़िम्मेदार है। उन्होंने कहा कि इस मामले में सभी ज़रूरी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
आतिशी के वीडियो से छेड़छाड़: जालंधर पुलिस
इस मामले पर चल रहे विवाद के बीच, जालंधर पुलिस कमिश्नरेट के एक प्रवक्ता ने कहा कि विधायक और दिल्ली असेंबली में विपक्ष की नेता आतिशी का एक एडिटेड और छेड़छाड़ किया हुआ वीडियो फोरेंसिक जांच के लिए डायरेक्टर, फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी, पंजाब (SAS नगर) को भेजा गया था। 9 जनवरी की फोरेंसिक रिपोर्ट के मुताबिक, सोशल मीडिया पर चल रहे वीडियो क्लिप में आतिशी ने “गुरु” शब्द नहीं कहा था। इसके अलावा, वीडियो के साथ जानबूझकर छेड़छाड़ की गई ताकि कैप्शन में ऐसे शब्द शामिल हो सकें जो आतिशी ने कभी नहीं कहे। यह वीडियो कपिल मिश्रा के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से डाउनलोड किया गया था और वीडियो अपलोड करने और सर्कुलेट करने के बारे में इकबाल सिंह की शिकायत के आधार पर FIR दर्ज की गई है। आतिशी के कई वीडियो क्लिप सोशल अपलोड किए गए हैं, जिनमें कथित तौर पर उन्हें गुरुओं के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करते हुए दिखाया गया है, साथ ही इनमें अत्यंत भड़काऊ कैप्शन भी लिखे गए हैं।
हर साल विदेशों से कितना पैसा भारत भेजते हैं NRI? देश की GDP में कितना बड़ा है प्रवासी भारतीयों का योगदान?
नेशनल डेस्कः भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में सिर्फ देश के अंदर रहने वाले लोग ही नहीं, बल्कि विदेशों में रहने वाले प्रवासी भारतीय (NRI) भी बड़ी भूमिका निभाते हैं। दुनिया के अलग-अलग देशों में काम कर रहे NRI जो कमाई करते हैं, उसका एक बड़ा हिस्सा वे अपने परिवार और निवेश के लिए भारत भेजते हैं।
यह पैसा न सिर्फ आम लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाता है, बल्कि देश के विदेशी मुद्रा भंडार (Foreign Exchange Reserves) को भी मजबूती देता है। इसी वजह से भारत आज दुनिया के उन देशों में शामिल है, जहां सबसे ज्यादा रेमिटेंस (विदेश से भेजा गया पैसा) आता है।
साल 2025 में टूटा रिकॉर्ड, सबसे ज्यादा रेमिटेंस भारत आया
साल 2025 में प्रवासी भारतीयों ने भारत को रिकॉर्ड तोड़ रकम भेजी। RBI (भारतीय रिज़र्व बैंक) की रिपोर्ट के अनुसार वित्त वर्ष 2025 में NRI ने भारत को 135 बिलियन डॉलर (करीब 11 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा) भेजे। यह अब तक का सबसे बड़ा रेमिटेंस आंकड़ा है। वित्त वर्ष 2024 में यह रकम 118.7 बिलियन डॉलर थी। यानी एक साल में करीब 14% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इससे साफ है कि विदेशों में काम कर रहे भारतीयों की कमाई और भारत से उनका जुड़ाव दोनों लगातार बढ़ रहे हैं।
पिछले 10 सालों में लगातार बढ़ा NRI का योगदान
बीते एक दशक में भारत को मिलने वाली रेमिटेंस में लगातार इजाफा हुआ है। आईटी, हेल्थकेयर, कंस्ट्रक्शन, इंजीनियरिंग, मिडिल ईस्ट, अमेरिका, यूरोप और ऑस्ट्रेलिया में काम कर रहे भारतीय इस रकम का बड़ा हिस्सा भेजते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार अमेरिका और खाड़ी देशों (UAE, सऊदी अरब, कतर) से सबसे ज्यादा पैसा आता है। डिजिटल ट्रांसफर और UPI जैसी सुविधाओं से पैसा भेजना आसान हुआ है। इसी वजह से हर साल रेमिटेंस का आंकड़ा नए रिकॉर्ड बना रहा है।
देश की GDP में कितना योगदान देते हैं NRI?
प्रवासी भारतीय सिर्फ पैसा ही नहीं भेजते, बल्कि देश की आर्थिक रफ्तार भी बढ़ाते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक NRI से आने वाला पैसा भारत की GDP में करीब 3% तक योगदान देता है। यह पैसा सीधे आम लोगों की जेब में जाता है और फिर यही पैसा बाजार में खर्च होता है।
प्रवासी भारतीयों ने कितने पैसे भारत भेजे?
(आंकड़े बिलियन डॉलर में)
PunjabKesari
NRI का पैसा कहां-कहां खर्च होता है?
जो पैसा विदेशों से भारत आता है, उसका इस्तेमाल कई जरूरी क्षेत्रों में होता है:
घर और रियल एस्टेट
घरेलू खर्च और कंज्यूमर गुड्स
शिक्षा (स्कूल, कॉलेज, कोचिंग)
स्वास्थ्य और इलाज
बैंक सेविंग, FD और निवेश
इससे बाजार में नकदी बढ़ती है। मांग (डिमांड) बढ़ती है। रोजगार के नए अवसर बनते हैं और अर्थव्यवस्था को स्थिरता मिलती है।
विदेशी मुद्रा भंडार को भी मिलता है सहारा
NRI द्वारा भेजा गया पैसा डॉलर के रूप में आता है, इससे भारत का फॉरेक्स रिज़र्व मजबूत होता है। रुपये की स्थिति अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेहतर होती है। आर्थिक संकट के समय यह रकम देश के लिए ढाल का काम करती है।
कुल मिलाकर क्या समझें?
प्रवासी भारतीय भारत की आर्थिक रीढ़ हैं
2025 में रिकॉर्ड 135 बिलियन डॉलर की रेमिटेंस
GDP में करीब 3% योगदान
घरेलू खपत और निवेश को मिलती है ताकत
भारत दुनिया में सबसे ज्यादा रेमिटेंस पाने वाला देश बना हुआ है
समुद्र में ट्रंप की दादागिरी! अमेरिकी नौसेना ने कैरेबियन सागर में जब्त किया एक और तेल टैंकर
इंटरनेशनल डेस्कः समुद्र में अमेरिका की सख्त कार्रवाई लगातार जारी है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाले अमेरिकी प्रशासन ने शुक्रवार, 9 जनवरी को एक और तेल टैंकर पर कब्जा कर लिया। यह कार्रवाई कैरेबियन सागर में की गई, जहां ‘ओलिना’ नाम के तेल टैंकर को अमेरिकी सेना ने जब्त कर लिया।
इस कार्रवाई से साफ है कि ट्रंप प्रशासन वेनेजुएला से जुड़े प्रतिबंधित तेल टैंकरों के खिलाफ सख्त रुख अपनाए हुए है और ऐसे जहाजों को निशाना बनाना जारी रखे हुए है।
अमेरिकी मरीन और नौसेना की संयुक्त कार्रवाई
अमेरिकी सदर्न कमांड (Southern Command) ने बताया कि यह कार्रवाई अमेरिकी मरीन और नौसेना की संयुक्त टीम द्वारा की गई। कमान ने जहाज जब्त करने की घोषणा करते हुए कहा, “अपराधियों के लिए कोई सुरक्षित ठिकाना नहीं है।”
सोशल मीडिया पर वीडियो जारी, तलाशी की तस्वीरें सामने आईं
अमेरिकी सदर्न कमांड ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर इस जब्ती की पुष्टि की। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि अमेरिकी हेलीकॉप्टर टैंकर पर उतर रहा है, नौसेना के जवान जहाज पर चढ़कर तलाशी ले रहे हैं और पूरे ऑपरेशन को पूरी सुरक्षा के साथ अंजाम दिया गया।
अब तक अमेरिका पांच तेल टैंकर कर चुका है जब्त
‘ओलिना’ पांचवां तेल टैंकर है, जिसे अमेरिका ने हाल के समय में जब्त किया है। यह सभी कार्रवाइयां वेनेजुएला के तेल उत्पादों के वैश्विक वितरण पर नियंत्रण के उद्देश्य से की जा रही हैं। अमेरिका का आरोप है कि ये टैंकर अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों का उल्लंघन कर रहे थे।
इससे पहले भी दो टैंकरों पर हुई थी बड़ी कार्रवाई
इससे पहले अमेरिका ने उत्तरी अटलांटिक और कैरेबियन सागर में वेनेजुएला से जुड़े दो प्रतिबंधित तेल टैंकरों को जब्त किया थाइनमें से एक टैंकर ‘बेला-1’ था, जिस पर रूसी झंडा लगा हुआ था। इसके अलावा एम/टी सोफिया नाम के एक और तेल टैंकर को भी अमेरिकी सेना ने अपने नियंत्रण में ले लिया था।
महीनों से पीछा कर रही थी अमेरिकी सेना
अमेरिकी सेना पिछले एक महीने से एम/टी सोफिया टैंकर पर नजर बनाए हुए थी। अमेरिका का कहना है कि यह टैंकर वेनेजुएला के पास प्रतिबंधित तेल ले जा रहा था और अमेरिकी नाकेबंदी से बचने की कोशिश कर रहा था, इसी वजह से आखिरकार उसे जब्त कर लिया गया।
वेनेजुएला के तेल व्यापार पर बढ़ता दबाव
इन लगातार कार्रवाइयों से साफ है कि अमेरिका वेनेजुएला के तेल व्यापार को और उससे जुड़े देशों व कंपनियों को कड़ा संदेश दे रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे अमेरिका, वेनेजुएला, रूस और चीन के बीच तनाव और बढ़ सकता है।
Surya Grahan 2026 : ग्रहण का साया या खुशियों का आगमन ? जानिए 2026 के पहले सूर्य ग्रहण का आपकी राशि पर क्या होगा असर
Surya Grahan 2026 zodiac predictions : खगोलीय घटनाओं में सूर्य ग्रहण को सबसे प्रभावशाली और रहस्यमयी माना जाता है। विज्ञान के लिए यह भले ही एक खगोलीय दृश्य हो, लेकिन ज्योतिष शास्त्र में इसका गहरा आध्यात्मिक और मानवीय महत्व है। साल 2026 की शुरुआत के साथ ही, ब्रह्मांड एक बड़ी हलचल का गवाह बनने जा रहा है। साल का पहला सूर्य ग्रहण न केवल आकाश में एक अद्भुत दृश्य रचेगा, बल्कि अपनी ऊर्जा से 12 राशियों के जीवन को भी प्रभावित करेगा। माना जाता है कि जब अंधकार सूर्य को ढकता है, तो उसका सीधा असर हमारी किस्मत और मानसिक स्थिति पर पड़ता है। इस बार का ग्रहण कुछ राशियों के लिए वरदान साबित होने वाला है, जिससे उनके बरसों से रुके हुए काम पूरे होंगे और धन की वर्षा होगी। वहीं, कुछ राशियों के लिए यह समय थोड़ा सतर्क रहने का है, क्योंकि सितारों की चाल उनकी खुशियों और सेहत पर ‘ग्रहण’ लगाने की कोशिश कर सकती है। तो आइए जानते हैं कि साल 2026 का यह पहला सूर्य ग्रहण किन जातकों की किस्मत के सितारे चमकाने वाला है और किन्हें आने वाले संकटों से सावधान रहने की जरूरत है।
इन राशियों की चमकेगी किस्मत
मेष राशि
मेष राशि के जातकों के लिए यह ग्रहण करियर में नए रास्ते खोल सकता है। मान-सम्मान में वृद्धि होगी और लंबे समय से रुका हुआ धन वापस मिल सकता है। प्रेम जीवन में गर्माहट बनी रहेगी।
सिंह राशि
सूर्य सिंह राशि का स्वामी है। ग्रहण के बाद आपके आत्मविश्वास में गजब की वृद्धि होगी। पैतृक संपत्ति से लाभ होने के योग हैं। जो लोग रिलेशन में हैं, वो शादी के बंधन में बंध सकते हैं।
धनु राशि
धनु राशि के लिए विदेश यात्रा या उच्च शिक्षा के योग बन रहे हैं। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी और समाज में आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी। जो लोग काम की तलाश में थे, उन्हें कोई अच्छी जॉब मिल सकती है।
इन राशियों को रहना होगा संभलकर
वृष राशि
वृष राशि के जातकों को अपने खर्चों पर नियंत्रण रखना होगा। फिजूलखर्ची के कारण बजट बिगड़ सकता है। वाणी पर संयम रखें, अन्यथा अपनों से विवाद हो सकता है।
कन्या राशि
कन्या राशि के जातकों को स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही भारी पड़ सकती है। कार्यक्षेत्र में सहकर्मियों के साथ तालमेल बिठाने में दिक्कत आ सकती है। निवेश करने से बचें।
मकर राशि
पारिवारिक कलह की स्थिति बन सकती है। यात्रा के दौरान सावधानी बरतें और किसी भी दस्तावेज पर बिना पढ़े हस्ताक्षर न करें।
खुशियों पर न लगे ग्रहण, इसलिए करें ये उपाय
ग्रहण समाप्त होने के बाद अपनी सामर्थ्य अनुसार अनाज, काले तिल या वस्त्रों का दान करें।
ग्रहण काल के दौरान ‘ॐ सूर्याय नम:’ या महामृत्युंजय मंत्र का मानसिक जाप करें।
ग्रहण के बाद पूरे घर में गंगा जल छिड़कें और स्वयं भी स्नान करें।
खान-पान की वस्तुओं में ग्रहण लगने से पहले ही तुलसी का पत्ता डाल दें ताकि वे अशुद्ध न हों।
UP Weather: विक्षोभ के असर से बदला मौसम का मिजाज, घटा कोहरा और चढ़ने लगा पारा; दो दिन ठंड से आंशिक राहत
माैसम विभाग का कहना है कि अगले दो दिनों के दाैरान गलन भरी पछुआ के तेवर ढीले होंगे, कोहरे का घनत्व घटेगा और दिन व रात के तापमान में अभी 2 से 4 डिग्री की और बढ़त के संकेत हैं। उत्तर प्रदेश में विक्षोभ के असर से माैसम का मिजाज बदल गया है। शुक्रवार को सुबह नोएडा, गाजियाबाद और बुलंदशहर में हल्की बूंदाबांदी हुई। वहीं मथुरा में बूंदाबांदी के साथ ओले भी गिरे। तराई व पश्चिमी इलाकों में सुबह के समय धना कोहरा रहा। पूर्वानुमानों के मुताबिक प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में दिन चढ़ने के साथ गुनगुनी धूप खिली। साथ ही कई जिलों में दिन के तापमान में हल्की बढ़त दर्ज की गई।
माैसम विभाग का कहना है कि अगले दो दिनों के दाैरान गलन भरी पछुआ के तेवर ढीले होंगे, कोहरे का घनत्व घटेगा और दिन व रात के तापमान में अभी 2 से 4 डिग्री की और बढ़त के संकेत हैं। प्रयागराज, कानपुर, बरेली, आगरा, अलीगढ़, आजमगढ़ और गोरखपुर में घने कोहरे की वजह से दृश्यता शून्य हो गई।आंचलिक माैसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि प्रदेश में सक्रिय विक्षोभ के असर से अगले दो दिनों में दिन व रात के तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की बढ़त की संभावना है। इस दाैरान पछुआ अपेक्षाकृत कम ठंडी होगी और गलन व कड़ाके की ठंड से आंशिक राहत मिलेगी। विक्षोभ का असर खत्म होने के बाद 12 जनवरी से दोबारा पारे में गिरावट के साथ माैसम फिर से करवट लेगा।
दाल-रोटी नहीं चलती…”: विराट कोहली के भाई विकास ने ‘एक्सपर्ट’ मांजरेकर पर कसा तंज
स्पोर्ट्स डेस्क : भारतीय क्रिकेट के सुपरस्टार विराट कोहली एक बार फिर चर्चा के केंद्र में हैं, लेकिन इस बार वजह उनका खेल नहीं बल्कि सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस है। न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी वनडे सीरीज से पहले कोहली के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास और सिर्फ वनडे खेलने के फैसले पर सवाल उठे हैं। इसी बीच विराट के भाई विकास कोहली ने एक रहस्यमयी पोस्ट शेयर किया, जिसे फैंस ने सीधे तौर पर पूर्व क्रिकेटर और कमेंटेटर संजय मांजरेकर पर निशाना माना। यह पोस्ट देखते ही देखते वायरल हो गया।
विकास कोहली का पोस्ट बना चर्चा का विषय
विकास कोहली ने सोशल मीडिया पर बिना किसी का नाम लिए लिखा,“लगता है लोगों की दाल-रोटी नहीं चलती, बिना विराट कोहली का नाम लिए।” हालांकि उन्होंने किसी ‘एक्सपर्ट’ का जिक्र नहीं किया, लेकिन क्रिकेट फैंस और सोशल मीडिया यूजर्स ने इसे संजय मांजरेकर की हालिया टिप्पणी का जवाब माना। विकास पहले भी कई मौकों पर विराट के समर्थन में खुलकर सामने आते रहे हैं, और यह पोस्ट भी उसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है।
संजय मांजरेकर की टिप्पणी से शुरू हुआ विवाद
यह पूरा मामला तब गरमाया जब संजय मांजरेकर ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो पोस्ट किया। इसमें उन्होंने विराट कोहली के टेस्ट क्रिकेट छोड़ने के फैसले पर सवाल उठाए। मांजरेकर ने कहा कि कोहली ने अपने करियर के आखिरी पांच सालों में टेस्ट क्रिकेट में औसत गिरने की वजह तलाशने और खुद को फिर से ढालने की पर्याप्त कोशिश नहीं की। उन्होंने यह भी कहा कि टेस्ट क्रिकेट बल्लेबाज की असली परीक्षा लेता है, जबकि वनडे क्रिकेट टॉप-ऑर्डर बल्लेबाजों के लिए “सबसे आसान फॉर्मेट” माना जा सकता है। मांजरेकर की यह टिप्पणी कई कोहली फैंस को नागवार गुजरी।
‘फैब 4’ की तुलना और कोहली का जिक्र
मांजरेकर की बातों में जो रूट, स्टीव स्मिथ और केन विलियमसन जैसे खिलाड़ियों का उदाहरण भी शामिल था। उन्होंने कहा कि जब ये खिलाड़ी टेस्ट क्रिकेट में नए रिकॉर्ड बना रहे हैं, तब कोहली का इस फॉर्मेट से दूरी बनाना उन्हें निराश करता है। इसी तुलना ने बहस को और तेज़ कर दिया, क्योंकि कभी विराट कोहली को ‘फैब 4’ में सबसे आगे माना जाता था।
फैंस ने विकास के पोस्ट को बताया करारा जवाब
सोशल मीडिया पर विराट के समर्थकों ने विकास कोहली के पोस्ट को “सटीक” और “करारा जवाब” बताया। कई यूज़र्स ने कहा कि कुछ क्रिकेट एक्सपर्ट्स जानबूझकर विराट का नाम लेकर सुर्खियां बटोरते हैं। वहीं कुछ लोगों ने यह भी माना कि मांजरेकर की आलोचना उनके निजी विश्लेषण का हिस्सा है और इसे व्यक्तिगत हमला नहीं माना जाना चाहिए।
वनडे वापसी पर रहेगी नजर
इस विवाद के बीच विराट कोहली न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज़ के लिए पूरी तरह तैयार हैं। टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहने के बाद यह सीरीज़ उनके करियर के अगले चरण की अहम झलक मानी जा रही है। मैदान पर उनका प्रदर्शन ही अंततः इन तमाम बहसों का सबसे मजबूत जवाब देगा।
Gold Silver Rate Today: चांदी हुई महंगी… सोने में भी आया बंपर उछाल, जानें 10 ग्राम गोल्ड का ताजा रेट
नेशनल डेस्क : शुक्रवार, 9 जनवरी 2026 को सर्राफा बाजार में पिछले दो दिनों से चली आ रही गिरावट पर रोक लग गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार से मिले सकारात्मक संकेतों और घरेलू मांग में आई तेजी के चलते सोने और चांदी की कीमतों में एक बार फिर उछाल देखने को मिला।
MCX पर सुबह करीब 10:26 बजे 24 कैरट सोने के भाव में 310 रुपये की तेजी दर्ज की गई, जिसके बाद इसकी कीमत 1,38,052 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई। वहीं चांदी की कीमतों में भी जोरदार बढ़त रही। चांदी 2,376 रुपये महंगी होकर 2,45,700 रुपये प्रति किलो पर कारोबार करती दिखी।कीमतें क्यों बढ़ीं?
बाजार जानकारों के मुताबिक, हाल ही में सोना और चांदी निचले स्तर पर पहुंच गए थे। सोना करीब 1.38 लाख और चांदी 2.50 लाख रुपये से नीचे आ गई थी। इसे निवेशकों ने खरीदारी का अच्छा मौका माना, जिससे मांग अचानक बढ़ गई और कीमतों में उछाल आ गया। इसके अलावा देश में शादी-ब्याह का सीजन शुरू होने वाला है। दाम गिरते ही ज्वेलरी बाजार में ग्राहकों की संख्या बढ़ गई, जिससे हाजिर बाजार को मजबूती मिली।
वैश्विक स्तर पर भी अनिश्चितता बनी हुई है। अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ से जुड़ी चेतावनियों के बाद निवेशक सुरक्षित विकल्प के तौर पर फिर से सोने की ओर रुख कर रहे हैं, जिसका असर कीमतों पर पड़ा है।
आज आपके शहर में 24 कैरट सोने के भाव
दिल्ली: ₹1,38,114 (प्रति 10 ग्राम)
मुंबई: ₹1,38,000 (प्रति 10 ग्राम)
कोलकाता: ₹1,38,000 (प्रति 10 ग्राम)
चेन्नई: ₹1,39,850 (प्रति 10 ग्राम)
खरीदारी से पहले रखें ये बातें ध्यान में
विशेषज्ञों का कहना है कि साल 2026 में सोने-चांदी के लिए ‘Buy on Dips’ यानी गिरावट पर खरीदारी की रणनीति बेहतर साबित हो सकती है। हालांकि आज कीमतों में तेजी आई है, लेकिन सोना अभी भी अपने रिकॉर्ड स्तर से थोड़ा नीचे है। खरीदते समय हमेशा हॉलमार्क और HUID नंबर की जांच करें और पक्का बिल जरूर लें, ताकि शुद्धता और कीमत दोनों की गारंटी बनी रहे।
Travel Advisory: ट्रंप की सख्त ट्रैवल एडवाइजरी: इन 21 देशों में अमेरिकी नागरिकों को ट्रेवल न करने का आदेश
संभालते ही डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने अंतरराष्ट्रीय यात्राओं को लेकर अपनी सख्त नीति स्पष्ट कर दी है। 8 जनवरी 2026 को अमेरिकी विदेश विभाग ने दुनिया भर के देशों के लिए एक नई सुरक्षा रेटिंग जारी की, जिसमें 21 देशों को सबसे खतरनाक यानी ‘लेवल 4’ की श्रेणी में डाल दिया गया है। सीधे शब्दों में कहें तो, अमेरिका ने अपने नागरिकों को इन मुल्कों की ट्रेवल न करने ने की सख्त हिदायत दी है। इसकी घोषणा विदेश विभाग के कांसुलर अफेयर्स ब्यूरो ने डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘X’ के माध्यम से की।
क्या होता है लेवल-4 ट्रैवल एडवाइजरी?
अमेरिकी विदेश विभाग सुरक्षा के आधार पर दुनिया को चार पैमानों पर मापता है। जब किसी देश को ‘लेवल 4’ (Do Not Travel) में रखा जाता है, तो इसका अर्थ है कि वहां जाना जान जोखिम में डालने जैसा है। इन देशों में गृहयुद्ध, आतंकवाद, अपहरण की घटनाएं या फिर बेहद अस्थिर राजनीतिक माहौल होता है। इन क्षेत्रों में अमेरिकी दूतावास या तो बंद होते हैं या उनकी पहुंच इतनी सीमित होती है कि मुसीबत पड़ने पर सरकार अपने नागरिकों की मदद नहीं कर पाएगी।
अमेरिकी विदेश विभाग दुनिया के सभी देशों के लिए चार स्तरों में ट्रैवल एडवाइजरी जारी करता है।
लेवल 1: सामान्य सावधानी बरतें
लेवल 2: अतिरिक्त सतर्कता रखें
लेवल 3: यात्रा पर दोबारा विचार करें
लेवल 4: बिल्कुल यात्रा न करें
विदेश विभाग के मुताबिक, लेवल-4 तब लागू किया जाता है जब किसी देश में हालात बेहद खतरनाक हों या वहां अमेरिकी नागरिकों तक कांसुलर मदद पहुंचाने की क्षमता सीमित हो। इस श्रेणी में आने वाले देशों में सशस्त्र संघर्ष, आतंकवाद, राजनीतिक अस्थिरता, अपहरण और गंभीर हिंसा जैसे जोखिम मौजूद रहते हैं।
वे 21 देश जहां जाने पर लगी है ‘रेड लाइन’
नई एडवाइजरी के मुताबिक, सुरक्षा और हिंसा के गंभीर खतरों के कारण निम्नलिखित देशों को ब्लैकलिस्ट किया गया है:-
एशिया व मध्य पूर्व: अफगानिस्तान, म्यांमार, ईरान, इराक, लेबनान, उत्तर कोरिया, सीरिया, यमन।
यूरोप: रूस, यूक्रेन, बेलारूस।
अफ्रीका: बुर्किना फासो, सेंट्रल अफ्रीकन रिपब्लिक, लीबिया, माली, नाइजर, सोमालिया, दक्षिण सूडान, सूडान।
अमेरिका महाद्वीप: हैती, वेनेजुएला।
कैसे तय होता है किस देश को किस लिस्ट में रखना है?
कई लोग यह सवाल पूछते हैं कि क्या अमेरिका अपनी मर्जी से किसी भी देश को प्रतिबंधित कर सकता है? इसका जवाब अमेरिकी संप्रभुता और सुरक्षा कानून में छिपा है। अमेरिकी विदेश विभाग के पास यह कानूनी शक्ति है कि वह जमीनी हकीकत, अपराध दर और स्थानीय प्रशासन के सहयोग के आधार पर रेटिंग तय करे।
बदलाव की गुंजाइश: यह लिस्ट स्थायी नहीं होती। अगर किसी देश में शांति बहाल होती है, तो उसे भविष्य में सुरक्षित श्रेणी में वापस लाया जा सकता है। इस ताजा और सख्त लिस्ट की खास बात यह है कि इसमें भारत और पाकिस्तान का नाम शामिल नहीं है। इसका मतलब है कि अमेरिकी नागरिकों के लिए इन दोनों देशों की यात्रा फिलहाल ‘लेवल 4’ के गंभीर खतरे के दायरे से बाहर है।
तेजी से फैल रहा ये वायरस! 82 की मौत, 31536 संक्रमित; Virus के कहर से मचा हाहाकार, एक गलती और गई जान …. जानें लक्षण और बचाव
UP Desk : केरल में हेपेटाइटिस A संक्रमण तेजी से फैलता जा रहा है, जिससे राज्य का स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। अब तक 31,536 से अधिक लोग इस वायरल बीमारी की चपेट में आ चुके हैं, जबकि 82 से ज्यादा मौतों की पुष्टि हो चुकी है। यह गंभीर स्थिति दूषित पानी, कमजोर स्वच्छता व्यवस्था और सुरक्षित पेयजल की कमी पर बड़े सवाल खड़े कर रही है।
लिवर फेल करने वाली संक्रामक बीमारी
हेपेटाइटिस A एक वायरल संक्रमण है, जो सीधे लिवर (यकृत) को प्रभावित करता है। इसमें लिवर में सूजन आ जाती है और गंभीर मामलों में यह बीमारी जानलेवा भी साबित हो सकती है। ऐसे में जरूरी है कि लोग इस संक्रमण के बारे में जागरूक रहें और समय रहते सावधानी बरतें।
क्या है हेपेटाइटिस A?
हेपेटाइटिस A, हेपेटाइटिस A वायरस (HAV) के कारण होने वाला संक्रमण है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, यह वायरस मुख्य रूप से दूषित पानी या भोजन के जरिए फैलता है, जिसमें संक्रमित व्यक्ति का मल मिला होता है।
अचानक लिवर को फेल कर देता
जहां साफ पानी की उपलब्धता नहीं होती और शौचालय व स्वच्छता की व्यवस्था खराब होती है, वहां यह संक्रमण तेजी से फैलता है। हेपेटाइटिस A, हेपेटाइटिस B और C से अलग होता है। आमतौर पर यह लंबे समय तक लिवर को नुकसान नहीं पहुंचाता, लेकिन कुछ मामलों में अचानक लिवर फेलियर का कारण बन सकता है।हेपेटाइटिस A के लक्षण
वायरस के संपर्क में आने के कुछ हफ्तों बाद इसके लक्षण सामने आते हैं, जिनमें शामिल हैं :-
लगातार थकान और कमजोरी
मतली, उल्टी, दस्त और त्वचा में खुजली
पेट में दर्द, खासकर पसलियों के नीचे और ऊपरी हिस्से में
भूख न लगना, हल्का बुखार और गहरे रंग का पेशाब
जोड़ों में दर्द और पीलिया (त्वचा व आंखों का पीला पड़ना)
हेपेटाइटिस A से बचाव कैसे करें?
इस संक्रमण से बचाव के लिए स्वच्छता और सतर्कता बेहद जरूरी है :-
हेपेटाइटिस A की वैक्सीन जरूर लगवाएं
केवल साफ और उबला हुआ पानी ही पिएं
अधपका या कच्चा सीफूड खाने से बचें
बाहर का खाना सोच-समझकर खाएं
हाथों की नियमित सफाई करें
अपनी व्यक्तिगत वस्तुएं किसी से साझा न करें
सुरक्षित यौन संबंध अपनाएं और नशे से दूर रहें
अगर आप संक्रमित हैं, तो दूसरों के लिए खाना न बनाएं
कोरोना से भी ज्यादा साइलेंट वायरस
केरल में फैल रहा हेपेटाइटिस A संक्रमण एक गंभीर स्वास्थ्य संकट बनता जा रहा है। थोड़ी-सी लापरवाही इस बीमारी को जानलेवा बना सकती है। यह वायरस कोरोना से भी ज्यादा साइलेंट बताया जा रहा है। सही जानकारी, समय पर वैक्सीनेशन और स्वच्छता अपनाकर इस संक्रमण से खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित रखा जा सकता है।

