मुजफ्फरनगर – पीड़ित परिवार के आवास पहुचे मंत्री दिनेश खटीक, 3 दिन पहले मोनू की पिटाई के बाद हुई थी मौत, मंत्री ने परिवार को मदद दिलाने का दिया आश्वासन, मंत्री सहित पूर्व विधायक अन्य नेता मोनू के घर पहुंचे, संरक्षण देने वाले पर भी होगी सख्त कार्रवाई,- दिने, बुढ़ाना कोतवाली कस्बे का मामला
पति के जेल जाने के बाद पत्नी,पिता ने संभला गैंग
वाराणसी- पति के जेल जाने के बाद पत्नी,पिता ने संभला गैंग, स्मैक का अवैध कारोबार में संलिप्त हुआ परिवार, पुलिस ने पत्नी ,पति,एक सहयोगी को किया अरेस्ट, 16 लाख रुपए के साथ 56.40 ग्राम स्मैक बरामद, बरामद हुए स्मैक की कीमत करीब 10 लाख रुपए
दो महीने मुठभेड़ के बाद पकड़ा था सरगना राजेश , वाराणसी के चोलापुर थाना क्षेत्र का मामला
डॉयल-112 के सिपाही ने बचाई युवक की जान,
मेरठ – डॉयल-112 के सिपाही ने बचाई युवक की जान, दरवाजा तोड़कर फांसी से युवक को उतारा, CPR देकर युवक की मौके पर जान बचाई , युवक को तत्काल अस्पताल में कराया भर्ती ,, गर्लफ्रेंड से झगड़े के बाद फांसी पर लटका था विशाल, सिपाही सिद्धांत तोमर के साहस, सूझबूझ से बची जान, गंगानगर के कसेरु बक्सर में हुई घटना
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मेले के झूले पर शुरू हुआ लेबर पेन, 40 फीट ऊपर हवा में ही बच्चे को दिया जन्म – अस्पताल पहुंचने से पहले ही तोड़ा दम
Aligarh News: उत्तर प्रदेश में अलीगढ़ जिले के विजयगढ़ में आयोजित बाबा जाहरवीर के प्रसिद्ध मेले में 18 अगस्त की रात एक दिल दहला देने वाली घटना घटी। दर्शन के लिए आई एक गर्भवती महिला ने झूले में बच्चे को जन्म दे दिया, लेकिन नवजात को बचाया नहीं जा सका। कुछ ही पलों में मन्नत मांगने आई खुशियों से भरी यह यात्रा दुख में बदल गई।
बच्चे के लिए मांगी मन्नत, पर नसीब में आया गम
मानिकपुर गांव की रहने वाली शिवानी जो पहली बार मां बनने वाली थीं, अपने परिवार के साथ बाबा जाहरवीर के दर्शन करने विजयगढ़ मेले में पहुंची थीं। उन्होंने पूरे विश्वास के साथ बाबा से अपने होने वाले बच्चे के लिए मन्नत मांगी। परिवार में खुशी का माहौल था और दर्शन के बाद सभी मेले में घूमने निकले।
झूले में चढ़ते ही शुरू हुई प्रसव पीड़ा
दर्शन के बाद शिवानी अपने परिवार के साथ मेले में लगे एक 40 फीट ऊंचे झूले में बैठ गईं। झूला चलते ही शिवानी की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। कुछ ही मिनटों में उन्हें तेज प्रसव पीड़ा होने लगी और चलते झूले में ही उन्होंने बच्चे को जन्म दे दिया। इस दृश्य को देखकर झूले में बैठे अन्य लोग और परिवार घबरा गए। शोर सुनकर झूले को तुरंत रोका गया और शिवानी व नवजात को तुरंत नजदीकी स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया।
नहीं बचाया जा सका नवजात
अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने जांच की, लेकिन दुर्भाग्यवश नवजात को मृत घोषित कर दिया गया। डॉक्टरों के अनुसार, मां शिवानी की हालत अब स्थिर है, लेकिन नवजात की जान नहीं बच पाई।
अखिलेश बोले- DM अचानक अति सक्रिय हो गये हैं,…. निर्वाचन आयोग की यह बात झूठ है कि एफिडेविट नहीं दिया गया”
लखनऊ: समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव ने 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान मतदाता सूची में गड़बड़ी के उनके आरोपों पर उत्तर प्रदेश के तीन जिलाधिकारियों की ओर से “अचानक सक्रियता” दिखाने पर बुधवार को सवाल उठाया और भाजपा सरकार, निर्वाचन आयोग व स्थानीय प्रशासन के बीच “साठगांठ” की जांच की मांग दोहराई।
एफिडेविट मिला ही नहीं, तो जिलाधिकारी जवाब किस बात का दे रहे हैं
यादव ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में सवाल किया, ” जनता का जिलाधिकारियों से एक मासूम सवाल है, क्यों इतने सालों बाद आया जवाब है?” उन्होंने कहा,”… जिस तरह कासगंज, बाराबंकी, जौनपुर के जिलाधिकारी हमारे 18000 शपथ पत्रों के बारे में अचानक अति सक्रिय हो गये हैं, उसने एक बात तो साबित कर दी है कि निर्वाचन आयोग की यह बात झूठ है कि एफिडेविट नहीं दिया गया।” पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ”अगर कोई एफिडेविट मिला ही नहीं, तो ये जिलाधिकारी जवाब किस बात का दे रहे हैं। अब सही जवाब देकर खानापूर्ति करने वाले इन जिलाधिकारियों की संलिप्तता की भी जांच होनी चाहिए।
अदालत को संज्ञान लेना चाहिए
अदालत को संज्ञान लेना चाहिए, निर्वाचन आयोग या जिलाधिकारी में से कोई एक तो गलत है ही ना? ” जौनपुर, कासगंज और बाराबंकी के जिलाधिकारियों ने एक दिन पहले, 2022 के चुनावों के दौरान मतदाताओं के नाम गलत तरीके से हटाए जाने के यादव के आरोपों का सार्वजनिक रूप से खंडन किया था। जिलाधिकारियों ने ‘एक्स’ पर अलग-अलग कहा कि नियमों के अनुसार नाम हटाए गए थे और कुछ मामलों में नाम अब भी मतदाता सूची में मौजूद हैं।
कासगंज के जिलाधिकारी प्रणय सिंह ने अपने जवाब में कहा कि अमापुर में सात मतदाताओं के नाम अभी भी मौजूद हैं, जबकि एक मतदाता की मृत्यु के बाद उचित प्रक्रिया के तहत एक नाम हटा दिया गया है। जौनपुर के जिलाधिकारी दिनेश चंद्र ने कहा कि शिकायत में चिन्हित पांच मतदाताओं की मृत्यु वास्तव में 2022 से पहले हो चुकी थी, और उनके नाम तदनुसार हटा दिए गए।
शामली भूनी टोल प्लाजा मामले को लेकर पूर्व सैनिकों में उबाल, बोले- दबंगों को गधे पर बैठाकर मुंह काला करके निकाला जाए जुलूस
Meerut News, (आदिल रहमान): मेरठ जिले के भूनी टोल प्लाजा पर कार्यरत दंबगों द्वारा सैनिक के जवान को खंबे से बांधकर मारपीट किये जाने का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। जहां इस घटना को लेकर पूरे भारत वर्ष के लोगों में आक्रोश है। वहीं शामली के पूर्व सैनिक भी इस घटना से बेहद गुस्साए हुए हैं। जिसके चलते कलेक्ट्रेट पहुंचे दर्जनों पूर्व सैनिकों ने मुख्यमंत्री के नाम डीएम को एक ज्ञापन सौंपा है। पूर्व सैनिकों का कहना है कि टोल प्लाजा पर सैनिक के साथ यह अमानवीय व्यवहार करने वाले गुंडों को गधे पर बैठाकर उनका मुंह काला करके उनके गले में तख्ती टांगकर इनका जुलूस निकाला जाये। साथ ही उक्त टोल प्लाजा पर ठेका निरस्त किया जाए। जिससे भविष्य में कोई देश की रक्षा करने वाले सैनिक के साथ इस तरह की हरकत करनी की सोच भी ना सके।

बता दे कि मंगलवार को दर्जनों पूर्व सैनिक इकठ्ठा होकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। जहां उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी अरविन्द कुमार चौहान को सौंपा। ज्ञापन में अवगत कराया गया है, कि बीती 17 अगस्त को मेरठ जिले के गांव का रहने वाला एक सैनिक जो कि ऑपरेशन सिन्दर का हिस्सा रहा है। वह अपनी छुट्टियां खत्म होने के बाद वापस देश की रक्षा के लिए अपनी डयूटी पर जाने के लिए घर से निकला था। लेकिन भुनी टोल प्लाजा पर कार्यरत कुछ दबंगों ने किसी अपराधी संगठन गिरोह की तरह सैनिक को खंबे से बांधकर व दौड़ा दौड़ाकर पीटा। जिसमें समूचे भारत वर्ष को शर्मसार कर दिया है। क्योंकि भारत में हमेशा से सेना को सर्वोच्च सम्मान दिया जाता रहा है। लेकिन टोल प्लाजा पर कार्यरत इन गुंडों ने एक सैनिक के साथ जिस यह की यह अमानवीय घटना की है। इसकी जितनी निंदा की जाए वो कम है।

पूर्व सैनिकों का साफतौर पर कहना है कि ऐसे बदमाशों को महज पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने भर से वे संतुष्ट नहीं है बल्कि ऐसे लोगो को तो मुँह काला करके गधे पर बैठाकर इनका जुलूस निकाला जाना चाहिए। जिससे भविष्य में कोई किसी भी सैनिक के सम्मान को ठेस पहुंचाने का दुस्साहस ना कर सके। पूर्व सैनिकों द्वारा प्रदेश सरकार से सैनिक के साथ अमानवीय हरकत करने वाले दबंगों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही किए जाने व उक्त टोल प्लाजा पर टेन्डर निरस्त किए जाने की मांग की है।
शाहजहांपुर के जलालाबाद का नया नाम अब परशुरामपुरी होगा! गृह मंत्रालय से यूपी सरकार को मिली NOC
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर के जलालाबाद कस्बे का नाम परशुराम पूरी रखे जाने की मिली अनुमिति को लेकर केन्द्रिय मंत्री जितिन प्रसाद ने सीएम योगी और गृह मंत्री अमितशाह और सीएम योगी को धन्यवाद दिया है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट का कहा- हृदय से आभार, वंदन एवं अभिनंदन! आपके मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में आए इस निर्णय ने सम्पूर्ण सनातनी समाज को गर्व का क्षण प्रदान किया है। भगवान परशुराम जी के चरणों में कोटि-कोटि नमन! आपकी कृपा मात्र से ही इस पुनीत कार्य में निमित्त बन सका। आपकी कृपा दृष्टि संपूर्ण जगत पर बनी रहे।
स्थानीय स्तर पर नागरिकों में हर्ष का माहौल
आप को बता दें कि केंद्र सरकार के सचिव कुंदन कुमार ने मुख्य सचिव को पत्र भेज कर कहा है कि नाम बदलने को लेकर कोई आपत्ति नही है। सरकार की तरफ से एनओसी जारी किए जाने के बाद स्थानीय स्तर पर नागरिकों में हर्ष का माहौल है। सचिव कुंदन कुमार की तरफ से जारी आदेश में कहा गया है कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय की सिफारिश को देखते हुए उत्तरप्रदेश सरकार को नए नाम की वर्तनी देवनागरी (हिंदी), रोमन (अंग्रेजी) और क्षेत्रीय भाषाओं में लिखते हुए आवश्यक राजपत्र अधिसूचना जारी करना होगा।
नाम बदलने को लेकर हिन्दू संगठन कर रहा था मांग
गौरतलब है कि भगवान परशुराम की धरती जलालाबाद का नाम बदलने को लेकर स्थानीय स्तर पर हिन्दू संगठन लगातार मांग करते आ रहे हैं। हिन्दू संगठनों की मांग पर जून 2025 के दौरान प्रदेश के प्रमुख सचिव ने केंद्रीय गृह मंत्रालय के सचिव को पत्र भेजकर नाम परिवर्तन की स्वीकृति शीघ्र देने की अपेक्षा की थी, ताकि इससे संबंधित कार्य आगे बढ़ाया जा सके। प्रमुख सचिव की ओर से केंद्रीय गृह सचिव को भेजे पत्र में कहा गया था कि जलालाबाद भगवान परशुराम की जन्मस्थली है।
केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद ने उठाई थी मांग
वहां भगवान परशुराम का काफी पुराना ऐतिहासिक मंदिर भी है इसलिए जलालाबाद का नाम परशुरामपुरी रखे जाने की मांग की जाती रही है। नगर पालिका परिषद ने मार्च 2018 व सितंबर 2023 में इस मांग के प्रस्ताव बोडर् बैठक में भी पारित किए। अप्रैल में शाहजहांपुर के डीएम ने बोडर् की बैठक में पारित प्रस्ताव संलग्न कर नाम परिवर्तन को अपनी संस्तुति सहित पत्र शासन को भेजा था। दूसरे केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद ने बीते अप्रैल में ही लोगों की आस्था को देखते हुए नगर का नाम परशुरामपुरी घोषित किए जाने की मांग शासन से की थी।
हिन्दू जागरण समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष की झड़प
मऊ- हिन्दू जागरण समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष की झड़प, सिटी मजिस्ट्रेट के साथ राष्ट्रीय अध्यक्ष की झड़प, अवैध निर्माण को लेकर दिया था ज्ञापन, सिटी मजिस्ट्रेट ने कराई थी जांच, पाया गया असत्य, हुआ है नियम विरुद्ध निर्माण- संगठन नेता सुजीत सिंह, आग बबूला हुए मजिस्ट्रेट कहा, “करा दूंगा FIR”, मऊ के कलक्ट्रेट परिसर का मामला

