आगरा घना कोहरा बना हादसों की वजह, इनर रिंग रोड पर कई वाहन टकराए, टोल निर्माण की वजह से रास्ता बंद, मिट्टी डालकर किया गया मार्ग अवरुद्ध, मिट्टी के ढेर से टकराईं कई गाड़ियां, हादसों से मौके पर अफरा-तफरी मची, आगरा के थाना एकता क्षेत्र की घटना
लखनऊ- यूपी बनेगा देश का अग्रणी फार्मा हब, सीएम के विजन से बनेगा अग्रणी फार्मा हब, योगी सरकार करेगी फार्मा कॉन्क्लेव का आयोजन, 3 फरवरी को “फार्मा कॉन्क्लेव 1.0” का आयोजन, कॉन्क्लेव की थीम इन्वेस्टमेंट अपॉर्च्युनिटीज इन UP,सीएम योगी आदित्यनाथ करेंगे कॉन्क्लेव का उद्घाटन, देश-दुनिया की अग्रणी फार्मा कंपनियां लेंगी हिस्सा, फार्मा,मेडिकल डिवाइस सेक्टर से निवेश को मिलेगा बढ़ावा, 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में मजबूती, रोजगार, इनोवेशन और स्वास्थ्य क्षेत्र में नए अवसर खुलेंगे
Hathras News: उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले से शादी टूटने का एक मामला सामने आया है, जहां धूमधाम से हुई शादी महज एक महीने के भीतर ही खत्म हो गई। शादी के बाद पति-पत्नी के बीच लगातार झगड़े होने लगे, जिसके बाद दुल्हन ने पति के साथ रहने से साफ मना कर दिया। मामला बढ़ने पर पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।
धूमधाम से हुई शादी, कुछ ही दिनों में शुरू हुआ विवाद
यह पूरा मामला हाथरस गेट कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला कैलाश नगर का है। यहां रहने वाले एक युवक की शादी आगरा की एक युवती से हुई थी। युवक बेकरी में काम करता है। परिवार की रजामंदी से शादी बड़े धूमधाम से कराई गई थी। लेकिन शादी के कुछ ही दिनों बाद दोनों के बीच विवाद शुरू हो गए।
रोज के झगड़ों से दुल्हन हुई मानसिक रूप से परेशान
बताया जा रहा है कि रोज-रोज के झगड़ों से परेशान होकर दुल्हन मानसिक रूप से काफी दुखी रहने लगी। उसने तय कर लिया कि इस तरह तनाव में रहने से बेहतर है कि वह अलग हो जाए। युवती ने अपने मायके वालों को पूरी बात बताई। सूचना मिलते ही आगरा से उसके परिजन हाथरस पहुंचे और बेटी से विस्तार से बातचीत की।
ससुराल छोड़ने का फैसला, समझाने पर भी नहीं मानी दुल्हन
दुल्हन ने साफ शब्दों में कहा कि वह अब पति के साथ नहीं रहना चाहती। उसने बताया कि कुछ ऐसी वजहें हैं जिनके कारण वह इस रिश्ते को आगे नहीं बढ़ा सकती और अपनी इच्छा से अलग होना चाहती है। परिजनों ने उसे समझाने की कोशिश की, लेकिन जब वह अपने फैसले पर अड़ी रही तो दोनों पक्षों में विवाद बढ़ गया।
मामला पहुंचा थाने, पुलिस की मौजूदगी में हुई बातचीत
मामला बढ़ता देख मामला पुलिस तक पहुंच गया। हाथरस गेट कोतवाली में दोनों पक्षों को बुलाया गया। पुलिस की मौजूदगी में काफी देर तक बातचीत चली। आखिरकार आपसी सहमति से पति-पत्नी के अलग-अलग रहने पर समझौता हो गया।
आपसी सहमति से अलग हुए दोनों, युवक बोला– दुख तो है
युवक ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यदि उसकी पत्नी उसके साथ नहीं रहना चाहती तो वह उसे मजबूर नहीं कर सकता, लेकिन एक महीने में शादी टूटने का उसे गहरा दुख है। पुलिस ने बताया कि दोनों पक्षों की सहमति से मामला शांत करा दिया गया है और फिलहाल कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की गई है।
घर से विद्यालय जाने की कहकर निकली छात्रा को युवक बस स्टैंड ले पहुंचा। यहां उसको बुर्का पहना रहा था, उसी समय कुछ लोगों ने देख लिया। पुलिस को सूचना देते बुर्का पहनाने का वीडियो भी बना लिया। सूचना पाकर पहुंची पुलिस युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।शहर के बीचों-बीच स्थित रोडवेज स्टैंड पर शनिवार की सुबह एक युवक छात्रा को साथ लेकर पहुंचा। यहां एक स्थान पर ले जाकर उसको बुर्का पहनाने लगा। यह देखकर वहां मौजूद लोगों ने उसका वीडियो बनाते हुए पुलिस को सूचना देकर बुला लिया। जानकारी मिलते ही पुलिस के साथ ही विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल व आरएसएस के कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए।
महाराष्ट्र के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने शाम पांच बजे एनसीपी की नेता सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई। विमान हादसे में उनके पति अजित पवार के निधन के बाद उन्हें उपमुख्यमंत्री बनाया गया है। वह राज्य की पहली उपमुख्यमंत्री बनी हैं।
एनसीपी के वरिष्ठ नेता छगन भुजबल ने संकेत दिया कि एनसीपी (शरद पवार गुट) के साथ विलय पर फैसला सुनेत्रा पवार ही लेंगी। उन्होंने कहा, आज हमारा काम नया नेता चुनना था। इस मुद्दे पर फैसला नेता ही करेंगे। एनसीपी विधायक संग्राम जगताप ने भी कहा कि विलय को लेकर निर्णय पार्टी नेतृत्व की ओर से लिया जाएगा।
एनसीपी के कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि सुनेत्रा पवार को विधायक दल का नेता चुने जाने से जुड़ा पत्र मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को सौंपा जाएगा। सुनेत्रा पवार को शाम को राज्य की उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ दिलाई जानी है। वह इस पद पर पहुंचने वाली राज्य की पहली महिला होंगी। शनिवार दोपहर दो बजे दक्षिण मुंबई स्थित विधान भवन में हुई बैठक में उन्हें सर्वसम्मति से एनसीपी के विधायक दल का नेता चुना गया। जब उनसे एनसीपी के दोनों गुटों के विलय को लेकर लग रही अटकलों पर सवाल किया गया, तो पटेल ने कोई टिप्पणी नहीं की
महाराष्ट्र के दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार की पत्नी और राज्यसभा सांसद सुनेत्रा पवार एनसीपी विधायक दल की बैठक के बाद राज्य विधानसभा से रवाना हुईं। उन्हें एनसीपी विधायक दल का नेता चुना गया है। वह आज शाम महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगी।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज और सर्राफा बाजार में सोने-चांदी की कीमतों बड़ी गिरावट दिखी है। बाजार के जानकारों द्वारा जताया गया ‘बुलबुला फूटने’ का अनुमान सच साबित हुआ है। शुक्रवार का दिन कीमती धातुओं के लिए ऐतिहासिक गिरावट का दिन रहा। जहां चांदी की कीमतों में एक ही दिन में ही 1 लाख रुपये से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई, वहीं सोना भी एक झटके में 33,000 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता हो गया।सोने और चांदी की कीमतों में हुई इस भारी गिरावट ने निवेशकों को चौंका कर रख दिया है।
चांदी का बुलबुला फूटा: ₹1.28 लाख तक फिसले दाम
बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, चांदी की कीमतों में आया यह भूचाल ऐतिहासिक है।
• एक दिन में गिरावट: 5 मार्च की एक्सपायरी वाली चांदी का वायदा भाव गुरुवार को 3,99,893 रुपये पर बंद हुआ था, जो शुक्रवार को क्रैश होकर 2,91,922 रुपये प्रति किलो पर आ गया। यानी एक ही दिन में चांदी 1,07,971 रुपये सस्ती हो गई।
• हाई लेवल से तबाही: गुरुवार को चांदी ने 4,20,048 रुपये का ऐतिहासिक स्तर छू लिया था। उस हाई लेवल से तुलना करें तो महज 24 घंटों के भीतर चांदी 1,28,126 रुपये टूट चुकी है।
सोना भी औंधे मुंह गिरा: ₹33,000 का गोता
सिर्फ चांदी ही नहीं, सोने की चमक भी पूरी तरह गायब हो गई है। 24 कैरेट सोने (24 Karat Gold) में भारी बिकवाली देखी गई।
• इंट्रा-डे क्रैश: 2 अप्रैल की एक्सपायरी वाला सोना गुरुवार को 1,83,962 रुपये पर था, जो शुक्रवार को गिरकर 1,50,849 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। इस तरह सोने में एक ही कारोबारी दिन में 33,113 रुपये की भारी गिरावट आई।
• रिकॉर्ड हाई से गिरावट: अगर गुरुवार के लाइफ टाइम हाई (1,93,096 रुपये) से देखें, तो सोना अपने ऊपरी स्तर से 42,247 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता हो चुका है।
क्यों आया बाजार में ऐसा भूचाल?
बाजार विश्लेषकों के अनुसार, इस ऐतिहासिक गिरावट के पीछे एक नहीं, बल्कि कई बड़े कारण हैं:
1. मुनाफावसूली: कीमतें जब अपने ऐतिहासिक उच्चतम स्तर पर पहुंचीं, तो निवेशकों ने भारी मात्रा में मुनाफावसूली शुरू कर दी, जिससे बाजार पर बिकवाली का दबाव बना।
2. डॉलर की मजबूती: अमेरिकी डॉलर और यूएस ट्रेजरी यील्ड में आई तेजी ने सोने-चांदी की चमक फीकी कर दी है। डॉलर महंगा होने से अन्य मुद्राओं वाले देशों के लिए कमोडिटी खरीदना महंगा पड़ता है, जिससे मांग घटती है।
3. फेड और ट्रंप फैक्टर: अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप के बयानों से वैश्विक तनाव में कमी के संकेत मिले हैं। इसके अलावा, यूएस फेड में जेरोम पॉवेल की जगह केविन वार्श की एंट्री की खबरों ने भी बाजार का सेंटिमेंट बदल दिया है, जिससे सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने से निवेशकों का मोहभंग हुआ है।
31 जनवरी 2026 का यह क्रैश यह साबित करता है कि बाजार में अत्यधिक तेजी के बाद करेक्शन कितना घातक हो सकता है। जानकारों का कहना है कि ईटीएफ और वायदा बाजार में अभी और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।