Friday, February 13, 2026
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शाहजहांपुर के जलालाबाद का नया नाम अब परशुरामपुरी होगा! गृह मंत्रालय से यूपी सरकार को मिली NOC

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर के जलालाबाद कस्बे का नाम परशुराम पूरी रखे जाने की मिली अनुमिति को लेकर केन्द्रिय मंत्री जितिन प्रसाद ने सीएम योगी और गृह मंत्री अमितशाह और सीएम योगी को धन्यवाद दिया है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट का कहा- हृदय से आभार, वंदन एवं अभिनंदन! आपके मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में आए इस निर्णय ने सम्पूर्ण सनातनी समाज को गर्व का क्षण प्रदान किया है। भगवान परशुराम जी के चरणों में कोटि-कोटि नमन! आपकी कृपा मात्र से ही इस पुनीत कार्य में निमित्त बन सका। आपकी कृपा दृष्टि संपूर्ण जगत पर बनी रहे।

स्थानीय स्तर पर नागरिकों में हर्ष का माहौल
आप को बता दें कि केंद्र सरकार के सचिव कुंदन कुमार ने मुख्य सचिव को पत्र भेज कर कहा है कि नाम बदलने को लेकर कोई आपत्ति नही है। सरकार की तरफ से एनओसी जारी किए जाने के बाद स्थानीय स्तर पर नागरिकों में हर्ष का माहौल है। सचिव कुंदन कुमार की तरफ से जारी आदेश में कहा गया है कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय की सिफारिश को देखते हुए उत्तरप्रदेश सरकार को नए नाम की वर्तनी देवनागरी (हिंदी), रोमन (अंग्रेजी) और क्षेत्रीय भाषाओं में लिखते हुए आवश्यक राजपत्र अधिसूचना जारी करना होगा।

नाम बदलने को लेकर हिन्दू संगठन कर रहा था मांग
गौरतलब है कि भगवान परशुराम की धरती जलालाबाद का नाम बदलने को लेकर स्थानीय स्तर पर हिन्दू संगठन लगातार मांग करते आ रहे हैं। हिन्दू संगठनों की मांग पर जून 2025 के दौरान प्रदेश के प्रमुख सचिव ने केंद्रीय गृह मंत्रालय के सचिव को पत्र भेजकर नाम परिवर्तन की स्वीकृति शीघ्र देने की अपेक्षा की थी, ताकि इससे संबंधित कार्य आगे बढ़ाया जा सके। प्रमुख सचिव की ओर से केंद्रीय गृह सचिव को भेजे पत्र में कहा गया था कि जलालाबाद भगवान परशुराम की जन्मस्थली है।

केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद ने उठाई थी मांग 
वहां भगवान परशुराम का काफी पुराना ऐतिहासिक मंदिर भी है इसलिए जलालाबाद का नाम परशुरामपुरी रखे जाने की मांग की जाती रही है। नगर पालिका परिषद ने मार्च 2018 व सितंबर 2023 में इस मांग के प्रस्ताव बोडर् बैठक में भी पारित किए। अप्रैल में शाहजहांपुर के डीएम ने बोडर् की बैठक में पारित प्रस्ताव संलग्न कर नाम परिवर्तन को अपनी संस्तुति सहित पत्र शासन को भेजा था। दूसरे केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद ने बीते अप्रैल में ही लोगों की आस्था को देखते हुए नगर का नाम परशुरामपुरी घोषित किए जाने की मांग शासन से की थी।

NDA के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार सीपी

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NDA के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन ने नामांकन दाखिल कर दिया है।* पीएम नरेंद्र मोदी पहले प्रस्तावक बने। नामांकन के दौरान गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा समेत कई नेता मौजूद थे।

हिन्दू जागरण समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष की झड़प

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मऊ- हिन्दू जागरण समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष की झड़प, सिटी मजिस्ट्रेट के साथ राष्ट्रीय अध्यक्ष की झड़प, अवैध निर्माण को लेकर दिया था ज्ञापन, सिटी मजिस्ट्रेट ने कराई थी जांच, पाया गया असत्य, हुआ है नियम विरुद्ध निर्माण- संगठन नेता सुजीत सिंह, आग बबूला हुए मजिस्ट्रेट कहा, “करा दूंगा FIR”, मऊ के कलक्ट्रेट परिसर का मामला

किशोरी को अपहरण कर दुष्कर्म का मामला,

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हापुड़- किशोरी को अपहरण कर दुष्कर्म का मामला, अपहरण कर दुष्कर्म के आरोपी को सजा, न्यायालय ने 20 वर्ष की सजा सुनाई, आरोपी पर 15 हजार का अर्थदंड लगाया, 2019 में गढ़ कोतवाली में दर्ज हुआ था केस

 

 

शन्नो बानो ने इस्लाम धर्म छोड़ा

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रायबरेली- शन्नो बानो ने इस्लाम धर्म छोड़ा, इस्लाम को छोड़ हिन्दू धर्म को अपनाया, हिन्दू युवक से विवाह करके शन्नो बनी सनोली, हिन्दू रीति रिवाज से अमित से की शादी, हिन्दू युवा वाहिनी के जितेंद्र सिंह ने करवाई शादी, सलोन कोतवाली क्षेत्र का मामला

 

प्रतिबंधित कोरेक्स सिरप लदी कार पलटी,

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मिर्जापुर – प्रतिबंधित कोरेक्स सिरप लदी कार पलटी, कार का पीछा कर रही MP पुलिस की गाड़ी भी पलटी, सिरप की तस्करी कर रहे युवक की गई जान, कार पलटते ही भाग गई MP की हनुमना पुलिस, ड्रमंड गंज थाना पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेजा, प्रतिबंधित कोरेक्स को पुलिस ने कब्जे में लिया, भुलईघाट के पास नेशनल हाइवे का मामला

 

 

SDM सदर राकेश कुमार सिंह हटाए गए,

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औरैया- SDM सदर राकेश कुमार सिंह हटाए गए, जिला मुख्यालय कार्यालय से अटैच किया गया , अजय कुमार वर्मा को SDM सदर औरैया बनाया गया , वीडियो क्लिप को देखते हुए जांच के आदेश दिए गए , DM इंद्रमणि त्रिपाठी ने कार्रवाई कर मामले में जांच बैठाई

 

नाबालिग ने लगाया दुष्कर्म का आरोप

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मऊ- नाबालिग ने लगाया दुष्कर्म का आरोप, खाली मकान में युवक ने किया रेप, दुष्कर्म करने वाला युवक गिरफ्तार, मामले में आया तीन और नाबालिगों का नाम, मामले में युवक की मदद करने का आरोप, पुलिस नाबालिग अभियुक्तों की खोज में जुटी , कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत का मामला

Aadhar Card: आधार कार्ड बनवाना हुआ और भी आसान, अब बार-बार आधार सेवा केंद्रों के नहीं काटने पड़ेंगे चक्कर

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नेशनल डेस्क: अब आधार कार्ड बनवाने के लिए न लंबी लाइनें लगानी होंगी, न ही बार-बार आधार सेवा केंद्रों के चक्कर काटने पड़ेंगे। सरकार ने आम जनता को बड़ी राहत देते हुए एक अहम फैसला लिया है। अब सरकारी स्कूलों में ही आधार कार्ड बनाने और अपडेट करने की सुविधा मिलेगी, जिससे खासतौर पर बच्चों, ग्रामीणों और महिलाओं को सीधा फायदा मिलेगा।

क्या है योजना?
मध्य प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में यह सुविधा चरणबद्ध तरीके से लागू की जा रही है। मध्य प्रदेश शिक्षा विभाग और UIDAI ने मिलकर 18 अगस्त से एक विशेष अभियान की शुरुआत की है। इसका मकसद है कि बच्चों को स्कूल में ही आधार कार्ड बनवाने और अपडेट कराने की सुविधा दी जाए, ताकि उन्हें छात्रवृत्ति, दाखिले और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सके।

कैसे होंगे स्कूलों में आधार केंद्र?
-हर ब्लॉक के 2 सरकारी स्कूलों में आधार सेवा केंद्र बनाए जाएंगे।
-पहले चरण में 40 जिलों के 1,068 स्कूलों को चुना गया है।
-यहां बच्चों के बायोमेट्रिक अपडेट (फिंगरप्रिंट, आई स्कैन, फोटो) किए जाएंगे।
-एक आधार कार्ड बनाने के लिए एजेंसी को 50 रुपये प्रति कार्ड का भुगतान किया जाएगा।
-60 दिनों के भीतर सभी चयनित स्कूलों में केंद्र चालू करने का लक्ष्य है।

बायोमेट्रिक अपडेट के जरूरी नियम
UIDAI के अनुसार, बच्चों को दो बार अनिवार्य रूप से आधार अपडेट कराना होता है:
पहली बार: 5 से 7 साल की उम्र में (फ्री)
दूसरी बार: 15 से 17 साल की उम्र के बीच (फ्री)
अगर समय पर ये अपडेट नहीं हुए, तो कई योजनाओं से जुड़ने में देरी हो सकती है।

लड़कियों और ग्रामीण बच्चों को प्राथमिकता
सरकार ने विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों और स्कूल जाने वाली लड़कियों पर ध्यान केंद्रित किया है। अक्सर आधार न होने या उसमें त्रुटियां होने की वजह से ये बच्चे कई सरकारी लाभों से वंचित रह जाते हैं। अब स्कूलों में कैंप लगने से न सिर्फ बच्चों का आधार बनेगा, बल्कि उनके परिवार के अन्य सदस्य भी इसे बनवा या अपडेट करवा सकेंगे।

किन स्कूलों में खुलेंगे ये केंद्र?
शिक्षा विभाग की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, उन सरकारी स्कूलों की पहचान की जा रही है जहां आधार सेवा केंद्र खोले जा सकें। इसके लिए जरूरी है कि स्कूलों में बिजली, इंटरनेट और आधार कार्यों के लिए एक अलग कमरा जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हों। इन स्कूलों में आधार केंद्र शुरू करने की जिम्मेदारी चयनित एजेंसियों को सौंपी जाएगी, जिन्हें UIDAI की ओर से प्रशिक्षित स्टाफ और जरूरी उपकरण मुहैया कराए जाएंगे।

चयनित स्कूलों में UIDAI द्वारा प्रमाणित और प्रशिक्षित एजेंसी कर्मचारी नियुक्त किए जाएंगे। ये कर्मचारी आधार नामांकन, बायोमेट्रिक अपडेट और डेटा सुधार जैसे कामों को स्कूल में ही अंजाम देंगे।

वैज्ञानिकों की नई खोज: अब शरीर की गंध से पता चलेगा बीमारी का! जानिए कौन से रोग में कैसी आती है महक?

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नेशनल डेस्क: अब शरीर की गंध सिर्फ पसीना या साफ-सफाई का संकेत नहीं, बल्कि स्वास्थ्य की सूचक भी बन सकती है। ताजा वैज्ञानिक शोधों में यह सामने आया है कि शरीर से निकलने वाली गंध से कई गंभीर बीमारियों जैसे पार्किंसन, मलेरिया, कैंसर और अन्य का पता लगाया जा सकता है। आइए जानते हैं इस नए वैज्ञानिक खुलासे के बारे में…

पार्किंसन की बीमारी की गंध से पहचान
यूनिवर्सिटी ऑफ मैनचेस्टर के वैज्ञानिकों ने पार्किंसन रोग के मरीजों की त्वचा से निकलने वाले विशेष कंपाउंड्स का पता लगाया है। उन्होंने sebum के नमूनों का विश्लेषण कर 30 ऐसे volatile organic compounds (VOCs) खोजे, जो केवल पार्किंसन के मरीजों में पाए गए। इनमें eicosane और octadecanal शामिल हैं। इससे अब मात्र 3 मिनट में skin swab टेस्ट से पार्किंसन की बीमारी का पता चल सकता है। प्रोफेसर पेर्डिटा बैरन के अनुसार, यह खोज बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि पहली बार किसी बीमारी को उसकी गंध से इतनी सटीकता से पहचाना गया है।

देखें कौन से रोग में कैसी आती है गंध?

– डायबिटीज: फलों जैसी (सड़े हुए सेब जैसी) गंध

– लिवर डिजीज: सड़े अंडे या सल्फर जैसी गंध

 किडनी फेलियर: मछली या अमोनिया जैसी गंध

– टीबी (ट्यूबरकुलोसिस): बासी बीयर जैसी सांस की गंध, गीले गत्ते जैसी त्वचा की गंध

– मलेरिया: मीठी-घास जैसी गंध जो मच्छरों को आकर्षित करती है

– पार्किंसन: तेज, मस्की, पुरानी लकड़ी जैसी गंध

मलेरिया और बच्चों की गंध
2018 में केन्या में हुई एक रिसर्च में पाया गया कि मलेरिया संक्रमित बच्चों के पैर से निकलने वाली गंध में heptanal, octanal और nonanal जैसे aldehydes की अधिकता होती है। यह गंध मच्छरों को आकर्षित करती है, जिससे मलेरिया का प्रसार तेज होता है।

कुत्तों की सूंघने की क्षमता से बनी ‘आर्टिफिशियल नाक’
कुत्ते कैंसर जैसी बीमारियों की गंध पहचानने में माहिर होते हैं। MIT के वैज्ञानिक एंड्रियास मर्सिन की टीम ने RealNose.ai नाम से एक आर्टिफिशियल नाक विकसित की है, जो इंसानी गंध को पहचानने के लिए मशीन लर्निंग और इंसानी olfactory receptors का उपयोग करती है। इसका उद्देश्य कुत्तों से भी बेहतर और तेज़ गंध पहचानना है ताकि बीमारी का पता जल्द लगाया जा सके।

शरीर की गंध से बीमारी की पहचान में मददगार साबित होगी यह रिसर्च
इन शोधों से पता चलता है कि भविष्य में बिना ब्लड टेस्ट या बायोप्सी के, केवल शरीर की गंध से ही बीमारियों का पता लगाया जा सकेगा। यह एक नया डायग्नोसिस का तरीका बन सकता है, जो मरीजों के लिए सरल और जल्दी परिणाम देगा।