Saturday, February 14, 2026
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Zomato CEO Change: Zomato के CEO दीपेंद्र गोयल ने दिया इस्तीफा, अब अलबिंदर ढींडसा संभालेंगे पद

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Zomato CEO Change: एटर्नल ग्रुप  Zomato से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। कंपनी के CEO दीपेंद्र गोयल ने इस्तीफा दे दिया है। अब अलबिंदर ढींडसा यह पद संभालेंगे। 1 फरवरी 2026 से कंपनी की कमान अब ब्लिंकिट के मौजूदा सीईओ अलबिंदर ढींडसा के हाथों में होगी।

दीपिंदर गोयल ने एक्स पर शेयर किया पोस्ट

दीपिंदर गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किया कि शेयरधारकों की मंजूरी के बाद वे अब कंपनी के बोर्ड में वाइस चेयरमैन की नई भूमिका निभाएंगे। उन्होंने बताया कि अलबिंदर ढींडसा, जिन्होंने ब्लिंकिट को घाटे से उबारकर मुनाफे की राह पर पहुँचाया है, अब पूरे एटर्नल ग्रुप के सीईओ होंगे और रोजमर्रा के व्यावसायिक फैसलों का नेतृत्व करेंगे।

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इस्तीफे के पीछे क्या है वजह?

गोयल ने अपने इस फैसले के पीछे एक बेहद दिलचस्प वजह बताई है। उन्होंने कहा, “हाल के दिनों में मेरा झुकाव कुछ ऐसे नए आइडियाज की ओर बढ़ा है जिनमें बहुत ज्यादा जोखिम और प्रयोग शामिल हैं। ऐसे प्रयोग एक पब्लिक कंपनी (Public Company) के दायरे में रहकर करना मुश्किल होता है।” गोयल भारत में एक लिस्टेड कंपनी के सीईओ पर होने वाली कानूनी जिम्मेदारियों और जवाबदेही के दबाव को भी इस बदलाव की एक वजह मानते हैं।

क्या बदलेगा और क्या रहेगा पहले जैसा?

  • एग्जीक्यूशन का केंद्र: अब सभी ऑपरेशनल फैसले अलबिंदर ढींडसा लेंगे।
  • गोयल की भूमिका: वे कंपनी की दीर्घकालिक रणनीति, कल्चर, लीडरशिप और एथिक्स (नैतिकता) जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर मार्गदर्शन देते रहेंगे।
  • ESOP का त्याग: गोयल ने एक बड़ा कदम उठाते हुए अपने सभी अनवेस्टेड शेयर (ESOPs) वापस कंपनी के पूल में डाल दिए हैं, ताकि आने वाले नए लीडर्स को वेल्थ क्रिएशन का मौका मिल सके।

एक अरब ग्राहकों का सपना

दीपिंदर गोयल ने स्पष्ट किया कि वे कंपनी से पूरी तरह अलग नहीं हो रहे हैं। उन्होंने अपने जीवन के 18 साल इस कंपनी को दिए हैं और उनका सपना आज भी वही है—एटर्नल ग्रुप को भारत की सबसे मूल्यवान कंपनी बनाना और एक अरब ग्राहकों तक पहुंचना।

‘गर्भावस्था के दौरान मारपीट करने से मेरा बच्चा मृत पैदा हुआ’, महिला ने पति और ससुराल वालों पर लगाए गंभीर आरोप

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भदोही: उत्तर प्रदेश के भदोही में एक महिला ने आरोप लगाया है कि गर्भावस्था के दौरान दहेज की मांग को लेकर पति और ससुराल वालों द्वारा प्रताड़ित किए जाने और मारपीट किए जाने के कारण उसके जुड़वां बच्चों में से एक बच्चा मृत पैदा हुआ। पुलिस ने बताया कि सिविल लाइंस इलाके की रहने वाली रुबीना बानो (19) की शिकायत पर महिला के पति और उसके परिवार के पांच सदस्यों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

एक लाख रुपये नकद और एक बुलेट मांगा 
पुलिस निरीक्षक सच्चिदानंद पांडे ने बताया कि रुबीना की शादी मई 2024 में मिर्जापुर जिले के चिलह पुलिस थाना इलाके के रहने वाले सलमान शाह (24) से हुई थी। पांडे ने कहा कि अपनी शिकायत में महिला ने आरोप लगाया कि, ‘‘शादी के तुरंत बाद उसके पति सलमान, ससुर वकील शाह, ननद नसीमा, और रिश्तेदार सुहैल, मुन्ना और सरताज कथित तौर पर उसे परेशान करने लगे और उससे कहते थे कि दहेज में कम सामान मिला है।” उन्होंने बताया कि आरोपी महिला से एक लाख रुपये नकद और एक बुलेट मोटरसाइकिल की मांग कर रहे थे।

कमरे में बंद करके की मारपीट 
शिकायत के अनुसार, जब रुबीना गर्भवती हुई और उसने मांगें मानने से इनकार किया तो उसके ससुराल वालों ने कथित तौर पर उसे कई बार कमरे में बंद कर दिया और उसके साथ मारपीट की। पांडे ने बताया कि 21 मई 2025 को आरोपियों ने कथित तौर पर रुबीना को एक कमरे में बंद कर दिया और उसकी बुरी तरह पिटाई की और उसके पेट पर लात भी मारी, जिसके बाद उसकी हालत बिगड़ गई। उसके पिता को सूचना दी गई और उसे भदोही में उसके मायके भेज दिया गया।

जुड़वां बच्चों से एक बच्चा मृत 
पुलिस निरीक्षक ने बताया कि बाद में 29 मई को रुबीना ने जुड़वां बच्चों को जन्म दिया, लेकिन एक बच्चा मृत पैदा हुआ वहीं दूसरे बच्चे की इलाज के बाद जान बच गई। उन्होंने बताया कि रुबीना ने मंगलवार को पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक को लिखित शिकायत दी, जिसके बाद देर शाम प्राथमिकी दर्ज की गई। पांडे ने बताया कि पुलिस ने छह आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है और जांच की जा रही है।

सभी 75 जिलों के मशहूर व्यंजनों की दावत! जनोत्सव के रूप में मनाया जाएगा UP दिवस 2026, CM Yogi ने बताया इस बार क्या होगा खास…..

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लखनऊ : इस वर्ष उत्तर प्रदेश दिवस-2026 को जनोत्सव के रूप में मनाया जाएगा जिसमें प्रदेश के प्रत्येक जनपद की सक्रिय सहभागिता, सांस्कृतिक विविधता और विकास यात्रा प्रदर्शित की जाएगी। 24 से 26 जनवरी तक चलने वाले इस आयोजन में उत्तर प्रदेश की संस्कृति, शिल्प, व्यंजन और विकास की उपलब्धियों को जनभागीदारी के माध्यम से एक ही मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा, “यह केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रदेश की पहचान, उपलब्धियों और संभावनाओं को जनसहयोग के साथ प्रदर्शित करने का अवसर है।”

अमित शाह रहेंगे मुख्य अतिथि 
उन्होंने सभी व्यवस्थाओं में गरिमा, अनुशासन और समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष उत्तर प्रदेश दिवस के मुख्य अतिथि के रूप में भारत सरकार के गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह उपस्थित रहेंगे, जिससे आयोजन को राष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान मिलेगी। राजधानी लखनऊ स्थित राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर मुख्य समारोह आयोजित होगा और इसका सीधा प्रसारण पूरे प्रदेश में किया जाएगा। बयान में कहा गया कि उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर ‘विकसित भारत–विकसित उत्तर प्रदेश’ की थीम पर विशेष प्रदर्शनी और शिल्प मेला आयोजित किया जाएगा। इसमें प्रदेश की विकास यात्रा, नवाचार, बुनियादी ढांचा, उद्योग, कृषि, महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की उपलब्धियों को प्रदर्शित किया जाएगा।

‘एक जनपद-एक व्यंजन’ होगा आयोजन का प्रमुख आकर्षण 
इस वर्ष ‘एक जनपद–एक व्यंजन’ आयोजन का प्रमुख आकर्षण होगा, जिसमें हर जनपद के पारंपरिक व्यंजन एक ही परिसर में उपलब्ध कराए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने संस्कृति उत्सव 2025-26 के अंतर्गत प्रस्तावित सांस्कृतिक कार्यक्रमों को उत्तर प्रदेश दिवस से जोड़ने और लोक, शास्त्रीय एवं समकालीन कला रूपों को मंच प्रदान करने के निर्देश दिए। 24 जनवरी के मुख्य समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले गणमान्य नागरिकों को आमंत्रित किया जाएगा ताकि प्रदेश की सामूहिक उपलब्धियों का सम्मान किया जा सके।

सुर्खियों में मुलायम परिवार: अपर्णा यादव से प्रतीक लेंगे तलाक! सोशल मीडिया पर सियासी हलचल तेज

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के संरक्षक रहे मुलायम सिंह यादव का परिवार एक बार फिर सुर्खियों में है। उनके बेटे प्रतीक यादव के आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट से साझा की गई एक पोस्ट के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। पोस्ट में प्रतीक यादव ने अपर्णा यादव से तलाक की बात कही है, जिसके बाद कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।

मासिक समीक्षा बैठक में नहीं पहुंची अपर्णा यादव 
इस घटनाक्रम के बीच अपर्णा यादव का एक अहम सरकारी बैठक में शामिल न होना भी चर्चा का विषय बन गया है। 21 जनवरी को लखनऊ में समाज कल्याण विभाग की योजनाओं को लेकर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला एवं मासिक समीक्षा बैठक में राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता चौहान मौजूद रहीं, लेकिन राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव बैठक में नहीं पहुंचीं। बैठक में उनकी कुर्सी खाली देखी गई, जिससे अटकलों को और बल मिला।

विधानसभा चुनाव में सपा छोड़ बीजेपी में शामिल हुई थी अपर्णा यादव 
अपर्णा यादव का राजनीतिक सफर भी लगातार सुर्खियों में रहा है। मुलायम सिंह यादव की बहू होने के बावजूद उन्होंने कई मौकों पर भाजपा की नीतियों और नेताओं की सार्वजनिक रूप से सराहना की। वर्ष 2014 में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान की तारीफ की थी। इसके बाद 2017 में उन्होंने योगी आदित्यनाथ सरकार के कार्यों की प्रशंसा की। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इन्हीं बयानों के बाद उन्होंने 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी का दामन थामा। राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर भी वे भाजपा के पक्ष में बयान देती नजर आईं।

सोशल मीडिया पोस्ट यादव परिवार को लेकर राजनीतिक बहस तेज
अब पति प्रतीक यादव के सोशल मीडिया पोस्ट के बाद अपर्णा यादव एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में हैं। प्रतीक यादव ने पोस्ट में निजी आरोप लगाए हैं, जिन पर अभी तक अपर्णा यादव की ओर से कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। पूरे मामले ने प्रदेश की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है।

क्या 9 साल की लड़की ने दिया बच्चे को जन्म… जानें वायरल वीडियो की पूरी सच्चाई

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नेशनल डेस्क: पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर हरियाणा के कैथल से जुड़ी एक बेहद चौंकाने वाली खबर तेजी से वायरल हो रही है। दावा किया जा रहा है कि कैथल की एक 9 साल की बच्ची ने बच्चे को जन्म दिया है और उसे उसके 11 साल के भाई ने प्रेग्नेंट किया था। वायरल वीडियो में एक महिला पुलिस अधिकारी की स्पीच के साथ नवजात शिशु के साथ बच्ची को भी दिखाया जा रहा है, जिससे लोग इसे सच मान बैठे।

इस वीडियो में महिला पुलिस अधिकारी खुद को कैथल सिटी थाना प्रभारी बताते हुए कहती नजर आती हैं कि उनके सामने ऐसा मामला आया था, जिसमें एक 9 साल की बच्ची अपने ही भाई की वजह से गर्भवती हुई और बाद में उसने बच्चे को जन्म दिया। इसी बयान और बच्ची के वीडियो को जोड़कर सोशल मीडिया पर सनसनी फैलाई जा रही है।

हालांकि, इस पूरे मामले पर अब कैथल पुलिस ने सच्चाई सामने रख दी है। कैथल पुलिस की ओर से DSP ललित कुमार ने आधिकारिक बयान जारी कर साफ किया है कि इस वायरल खबर में कोई भी सच्चाई नहीं है। उन्होंने बताया कि सिटी थाना प्रभारी गीता की जो स्पीच वायरल की जा रही है, वह लगभग एक साल से ज्यादा पुरानी है और महिला सुरक्षा से जुड़े एक सेमिनार की है। इस भाषण का कैथल में किसी वास्तविक घटना से कोई संबंध नहीं है।

DSP ललित कुमार ने कहा कि वायरल किए जा रहे वीडियो में जिस बच्ची और नवजात शिशु को दिखाया गया है, वह भी इस कथित घटना से जुड़ा नहीं है। पुलिस ने कैथल जिले के सभी थानों से जांच करवा ली है और इस तरह का कोई भी मामला कहीं दर्ज नहीं है। यह खबर पूरी तरह फर्जी और भ्रामक है।

कैथल पुलिस ने लोगों को आगाह करते हुए कहा है कि सोशल मीडिया पर इस तरह की झूठी और सनसनीखेज सूचनाएं फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी वीडियो या खबर को साझा करने से पहले उसकी सत्यता जरूर जांचें और केवल आधिकारिक व विश्वसनीय स्रोतों पर ही भरोसा करें।

ट्रंप पर लटकी टैरिफ की तलवार, एक फैसला बनेगा अमेरिका की बर्बादी ! सैकड़ों अरब पड़ेंगे लौटाने

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Washington: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अगर सुप्रीम कोर्ट उनके प्रशासन के खिलाफ फैसला देता है, तो अमेरिका को लगाए गए टैरिफ (आयात शुल्क) की रकम वापस करनी पड़ सकती है। उन्होंने माना कि ऐसा करना आसान नहीं होगा और इससे कई लोगों को नुकसान भी हो सकता है। ट्रंप ने कहा,“मुझे नहीं पता सुप्रीम कोर्ट क्या फैसला देगा। अब तक हमने टैरिफ के जरिए सैकड़ों अरब डॉलर की कमाई की है। अगर हम केस हार गए, तो हमें पूरी कोशिश करनी पड़ेगी कि वह पैसा वापस किया जाए।” राष्ट्रपति ट्रंप ने यह भी कहा कि टैरिफ सिर्फ पैसे कमाने का जरिया नहीं हैं, बल्कि इससे अमेरिका को राष्ट्रीय सुरक्षा में भी बड़ा फायदा मिला है। उन्होंने कहा कि टैरिफ के कारण देश की अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है और अमेरिका की स्थिति दुनिया में बेहतर हुई है।

यह मामला इस समय अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। अगर अदालत यह तय करती है कि ट्रंप ने आपातकालीन शक्तियों का गलत इस्तेमाल कर टैरिफ लगाए, तो सरकार को अरबों डॉलर वापस करने पड़ सकते हैं। इसी बीच ट्रंप अपने 2026 के पहले विदेशी दौरे पर स्विट्ज़रलैंड के डावोस जा रहे हैं, जहां वे विश्व आर्थिक मंच (WEF) में वैश्विक नेताओं और बड़े उद्योगपतियों से मुलाकात करेंगे। वहां वे अमेरिका की व्यापार नीति, राष्ट्रीय सुरक्षा और वैश्विक भूमिका पर अपनी बात रखेंगे। टैरिफ, ग्रीनलैंड को लेकर बयान और वेनेजुएला के तेल से जुड़े फैसलों के कारण ट्रंप पहले ही कई देशों और सहयोगियों के निशाने पर हैं। सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला ट्रंप की आर्थिक और व्यापार नीति के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।

बिहार के इस जिले में जाली नोट रैकेट का बड़ा खुलासा, BJP के पूर्व प्रवक्ता गिरफ्तार; जानें क्या है पूरा मामला

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Bihar News: बिहार में जाली नोट के बड़े रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। हरियाणा और बिहार एसटीएफ की संयुक्त टीम ने समस्तीपुर के दलसिंहसराय अनुमंडल के अजनौल गांव में कार्रवाई की। गुरुवार को छापेमारी कर भाजपा के पूर्व जिला प्रवक्ता पंकज कुमार लाल को गिरफ्तार किया। छापेमारी के दौरान उनके घर से कई जाली नोट बरामद किए गए हैं, हालांकि बरामद राशि का अभी खुलासा नहीं किया गया है।

30 हजार रुपए लेकर 1 लाख रुपए के जाली नोट  देता था पंकज कुमार लाल

डीएसपी विवेक शर्मा के अनुसार, आरोपी पंकज कुमार लाल 30 हजार रुपए लेकर 1 लाख रुपए के जाली नोट देता था। यह कार्रवाई जाली नोट डबलिंग रैकेट से जुड़े हरियाणा में दर्ज प्राथमिकी की जांच के तहत की गई। सूत्रों के मुताबिक, हरियाणा में रुपए दोगुना करने के नाम पर ठगी और लूट की घटना में भी पंकज कुमार लाल का नाम सामने आया था। बताया गया कि चुनाव से पहले उन्होंने किसी व्यक्ति से 2 लाख रुपए लिए और 4 लाख रुपए देने का लालच दिया, लेकिन लेन-देन के बाद रास्ते में लूट की वारदात हुई।

आलीशान मकान और करोड़ों की संपत्ति का खुलासा

करीब दो साल पहले पंकज कुमार लाल ने अजनौल गांव में लगभग 3 करोड़ रुपए की जमीन खरीदी थी और वहां एक बड़ा मकान बनवाया, जो अब भी अधूरा है। इसके अलावा वे रेलवे में नीर पानी की आपूर्ति और कल्याणपुर क्षेत्र में रिक्शा एजेंसी भी चला रहे थे। छापेमारी के दौरान पूरे इलाके को घेर लिया गया और ग्रामीणों को घर के पास जाने से रोका गया। डीएसपी ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद विस्तृत जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।

 

कुशाग्र को इंसाफ: मां बोलीं- जैसे मेरे बच्चे को मारा…वैसे तीनों का गला घुटना चाहिए, सुबकते पिता ने कही ये बात

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Kushagra Murder Case: कुशाग्र हत्याकांड में इंसाफ के लिए तरस रहे माता-पिता ने कोर्ट में अपना दर्द बयां किया। मां ने कहा कि हत्यारों को फांसी मिलने पर ही उनके बेटे की आत्मा को शांति मिलेगी।

जिस बेटे को गोद में खिलाया था वही मेरी गोद में हमेशा के लिए सो रहा था। आज भी उस मंजर को याद करती हूं तो रूह कांप उठती है। घर की दीवारें, कानपुर की सड़कें बेटे की याद दिलाती थीं। उसकी यादें जीने नहीं दे रही थीं इसलिए कानपुर छोडक़र सूरत चली गई। मुझे न्याय तब मिलेगा जब तीनों फांसी पर लटकेंगे। जैसे मेरे बच्चे को मारा, वैसे इनका भी गला घुटना चाहिए। ये बातें कोर्ट का फैसला सुनने सूरत से आईं कुशाग्र की मां सोनिया ने कहीं

सोनिया ने बताया कि 13 साल का छोटा बेटा और पांच माह की बच्ची है। सूरत में पति का व्यापार है। बच्चों को लेकर अब वहीं शिफ्ट हो गई हूं। बेटे की यादें तो जीवनभर पीछा नहीं छोड़ेंगी लेकिन शहर छोड़ने से दर्द जरूर कम हुआ है। मुकदमे की सुनवाई के दौरान जब भी कानपुर आना होता था बेटे की यादें ताजा हो जाती थीं। कोर्ट में गवाही के दौरान वकीलों के सवाल जख्मों पर नश्तर की तरह चुभते थे।

जिसका सहारा बनी, उसी ने छीन लिया मेरा सहारा
कुशाग्र की मां ने बताया कि किसी के बताने पर रचिता को कुशाग्र को पढ़ाने के लिए रखा था। रचिता की मां की मौत हो चुकी थी लेकिन पिता की मौत वर्ष 2022 में हुई थी। जानकारी मिलने पर मैं खुद रचिता के घर खाना लेकर गई थी, उसे मदद के ताैर पर 10 हजार रुपये भी दिए थे। मुझे क्या मालूम था कि मैं जिसका सहारा बनने की कोशिश कर रही हूं वही एक दिन मुझसे मेरा सहारा बनने वाला बेटा छीन लेगी।

Kanpur Kushagra Murder Case mother said Just as my child was killed throats of all three should be strangled

कोचिंग आने-जाने का पूछ लिया था समय
कुशाग्र की मां सोनिया ने कोर्ट में बताया था कि 13 अक्तूबर 2021 को कुशाग्र के जन्मदिन पर पहली बार रचिता प्रभात को साथ लेकर आई थी और उसे अपना बाॅयफ्रेंड बताया था। इसके बाद बेटी के जन्म की पार्टी में भी प्रभात और रचिता साथ आए थे। घटना के 15 दिन पहले भी दोनों साथ घर आए थे और मेरे सामने ही बातों-बातों में कुशाग्र से पूछताछ कर रहे थे कि वह कब, किस समय और किस रास्ते से कोचिंग आता-जाता है। कुशाग्र ने नादानी में उन्हें सारी जानकारी भी दे दी थी।

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पिता बोले- मैं रो दिया तो सोनिया को कौन संभालेगा
एक बाप की डबडबाती आंखों को देखकर महसूस किया जा सकता है कि 16 साल के बेटे को खोने का दर्द क्या होता है। कोर्ट का फैसला सुनने कुशाग्र की मां सोनिया को साथ लेकर उसके पिता मनीष कनोडिया भी सूरत से आए। दिल में दर्द छिपाए, आंसुओं को रोकने की कोशिश करते रहे ताकि सोनिया कमजोर न पड़ जाए। बोले अगर मैं रो दिया तो सोनिया को कौन संभालेगा। हालांकि लाख कोशिशों के बावजूद उनकी आखों में नमी साफ झलक रही थी। कुशाग्र की हत्या भी मंगलवार को हुई और फैसला भी मंगलवार को ही आया।

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हर तारीख पर चाचा ने लखनऊ से आकर की पैरवी
कुशाग्र के हत्यारों को उनके अंजाम तक पहुंचाने में कुशाग्र के चाचा सुमित कनोडिया का विशेष योगदान रहा। सुमित लखनऊ में रहते हैं लेकिन मुकदमे की हर तारीख पर पैरवी के लिए सुबह कानपुर आ जाते और शाम को कार्यवाही खत्म होने के बाद वापस लौटते थे। सूरत में बैठे मां-बाप को मुकदमे की सारी जानकारी देते रहते थे। कोर्ट का फैसला सुनने के बाद सुमित ने कहा कि जिस दिन कुशाग्र का शव देखा था उसी दिन हत्यारों को चैन से न जीने देने की कसम खाई थी जो आज पूरी हुई।

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ये था पूरा मामला
ढाई साल पहले हाईस्कूल के छात्र कुशाग्र की अपहरण कर हत्या के मामले में अपर जिला जज 11 सुभाष सिंह ने मंगलवार को उसकी पूर्व ट्यूशन टीचर रचिता वत्स, उसके कथित प्रेमी प्रभात शुक्ला और साथी शिवा गुप्ता को दोषी करार दिया है। तीनों को सजा गुरुवार को सुनाई जाएगी।

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लिफाफे में फिरौती का पत्र था
रायपुरवा थानान्तर्गत आचार्यनगर स्थित भगवती विला अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर चार निवासी मनीष व सोनिया कनोडिया का बेटा कुशाग्र कैंट स्थित सेठ आनंदराम जयपुरिया स्कूल का कक्षा दस का छात्र था। 30 अक्तूबर 2023 की शाम कुशाग्र कोचिंग पढ़ने के लिए घर से निकला, लेकिन वापस नहीं लौटा। परिजन ढूंढने निकले, तो अपार्टमेंट के चौकीदार ने बताया कि कुछ देर पहले एक लड़का कुशाग्र की पूर्व ट्यूशन टीचर रचिता वत्स की स्कूटी से एक लिफाफा लेकर आया था, जिसे मनीष के घर भेजा था। जब सोनिया की मां ने दरवाजे पर जाकर देखा, तो लिफाफे में फिरौती का पत्र था।

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प्रभात के घर से कुशाग्र का शव बरामद किया
कुशाग्र का अपहरण करने और 30 लाख रुपये फिरौती मांगने की बात लिखी थी। कुशाग्र की मां ने सूरत में रहने वाले अपने पति मनीष, लखनऊ में रहने वाले देवर सुमित व शहर में ही रहने वाले चचिया ससुर संजय कनोडिया को इसकी सूचना दी। संजय ने रायपुरवा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। चौकीदार के बयान के आधार पर पुलिस और परिजन स्कूटी की तलाश में रचिता के घर पहुंचे फिर रचिता के जरिये उसके कथित प्रेमी प्रभात शुक्ला और फिरौती का पत्र लेकर जाने वाले शिवा गुप्ता तक पहुंच गए। पूछताछ के बाद प्रभात के घर से कुशाग्र का शव बरामद किया।

Kanpur Kushagra Murder Case mother said Just as my child was killed throats of all three should be strangled
परिवार के साथ कुशाग्र

तीनों को अपहरण व हत्या का दोषी करार दिया
रस्सी से गला घोंटकर कुशाग्र की हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने रचिता, प्रभात और शिवा तीनों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट भेजी थी। एडीजीसी भास्कर मिश्रा ने बताया कि अभियोजन की ओर से कुशाग्र के बाबा, मां, चाचा व चौकीदार समेत 14 गवाह कोर्ट में पेश किए गए। सबूतों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने तीनों को अपहरण व हत्या का दोषी करार दे दिया है।

 

Auraiya News: तीन दिन से घर में बंद बंदर, टीम बोली, नहीं है पकड़ने की ट्रेनिंग

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फफूंद। सात लोगों को काटकर घायल करने वाले पागल बंदर को पकड़ने में तीसरे दिन भी जिम्मेदार टालमटोल करते रहे। इससे बंदर तीसरे दिन भी घर के अंदर बंद रहा। मकान मालिक उसे खाना-पानी दे रहे हैं।उधर, बंदर बाहर निकलने की कोशिश कर रहा इससे मोहल्ले के लोग दहशत में हैं। जबकि वन विभाग की टीम जाल और बंदर पकड़ने की ट्रेनिंग न होने की बात कहकर लौट गई।कस्बे के कायस्थान मोहल्ले में कई दिनों से घूम रहे एक बंदर ने शनिवार की रात हमला कर सात लोगों को घायल कर दिया था, इससे लोग भयभीत हो गए। मोहल्ले के युवाओं ने किसी तरह बंदर को एक घर के कमरे में बंद कर दिया था। मंगलवार को घटना के तीसरे दिन तक वन विभाग की टीम बंदर पकड़ने नहीं पहुंची, इससे लोगों में दहशत का माहौल बरकरार है।

बंदर के हमले से घायल हुए मनोज दुबे, लल्ला शुक्ला, नीटू पांडे, कृपाशंकर शुक्ला आदि ने बताया कि सोमवार को वन विभाग की ओर से दो कर्मचारी आए थे, लेकिन जाल और बंदर पकड़ने की ट्रेनिंग न होने की बात कहते हुए वापस चले गए। मंगलवार को भी बंदर कमरे में ही बंद रहा। मकान मालिक उसे खाना-पानी दे रहे। वह बार-बार बाहर निकलने का प्रयास कर रहा है, लेकिन बाहर न निकल पाने पर चीख कर गुस्सा जाहिर रहा है, इससे लोगों में डर बना हुआ है।

नगर पंचायत अध्यक्ष मोहम्मद अनवर ने बताया कि बुधवार को मथुरा से बंदर पकड़ने वाली टीम आ रही है। बंदर को पकड़वाकर जंगल में छोड़ दिया जाएगा।

लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन प्लांट तैयार, संचालन फरवरी से

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औरैया। मेडिकल कॉलेज को फरवरी में एलएमओ (लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन) प्लांट की सौगात मिलने जा रही है। इस 20 हजार लीटर ऑक्सीजन क्षमता वाले इस प्लांट का निर्माण पूरा हो गया है। अब बिल्डिंग में कनेक्शन देना ही बाकी है। इसका संचालन फरवरी से शुरू किया जाएगा।मेडिकल कॉलेज में प्रत्येक सप्ताह 20 से ज्यादा ऑक्सीजन सिलिंडरों की खपत होती है। वार्डों से लेकर इमरजेंसी में इन सिलिंडरों को लेकर जाकर मरीजों को ऑक्सीजन मुहैया कराई जाती है। कई बार ऑक्सीजन सिलिंडर स्टोर से आने में लेटलतीफी भी होती है। ऐसे में मरीजों की मुश्किलें बढ़ने की संभावना भी बनी रहती है।

इन दिनों सर्दी के सीजन में श्वांस से जुड़े मरीजों की संख्या भी बढ़ी हुई है। अब ऑक्सीजन सिलिंडर की जहमत खत्म होने जा रही है। मरीजों को अब उनके बेड पर सीधे पाइप लाइन के जरिये ऑक्सीजन मुहैया कराई जाएगी।

मेडिकल कॉलेज के कैंपस में एलएमओ का स्टोर प्लांट बनकर तैयार हो चुका है। नई बिल्डिंग के ठीक सामने 20 हजार लीटर क्षमता वाले इस प्लांट का अब बिल्डिंग की पाइपलाइन से महज कनेक्शन होना है। प्लांट को तैयार करने वाली गुजरात की कंपनी इनॉक्स को कनेक्शन जोड़ने के लिए प्राचार्य ने पत्राचार किया है।

मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. पवन कुमार शर्मा ने बताया कि ऑक्सीजन प्लांट के कनेक्शन को लेकर कंपनी को कहा गया है। फरवरी से प्रत्येक बेड पर पाइप लाइन के जरिये ऑक्सीजन पहुंचने लगेगी। इससे सिलिंडर की जहमत खत्म हो जाएगी।