Sunday, February 15, 2026
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यूपी: अखिलेश यादव ने दोहराई अजित पवार की मौत की जांच की मांग, कहा- दृश्यता के बाद क्यों हुई दुर्घटना

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सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि जनगणना में पिछड़ी, अगड़ी, दलित और आदिवासी समेत सभी जातियों की गिनती होनी चाहिए। जातियों की गिनती का कालम शामिल होना चाहिए। जातीय जनगणना होने से हर जाति की संख्या का पता चल जाएगा। उससे हर जाति को हक और सम्मान दिलाने में आसानी होगी। कोविड काल में वैक्सीन लगवाने से बहुत लोगों की जान गई। हमारी मांग है कि जातीय जनगणना में लोगों की मौत के कारण और बीमारी की भी जानकारी लिखी जाए।अखिलेश ने शुक्रवार को कन्नौज दौरे पर मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि भाजपा सरकार ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का अपमान किया है। शंकराचार्य ने जो बातें कहीं हैं, सरकार के पास उनका जवाब नहीं है। असम के मुख्यमंत्री के बयान पर सपा अध्यक्ष यादव ने कहा कि उन्हें असम के लिए कुछ नहीं करना है सिर्फ कुर्सी पर बने रहने के लिए नफरत फैलाते हैं।

अजित पवार की मौत जांच का विषय
अखिलेश यादव ने हवाई यात्राओं को सुरक्षित बनाए जाने की मांग करते हुए कहा कि जब विकसित भारत का सपना देखा जा रहा है, तो सब नए हवाई जहाज आने चाहिए। जहाजों की अच्छे से मेंटिनेंस हो। महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजीत पवार की मौत पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि जब हवाई जहाज सही था, विजिबिलिटी (दृश्यता) थी, तो दुर्घटना कैसे हो गई। यह जांच का विषय है।

अयोध्या जेल प्रकरण: बंदियों के फरार मामले में एक और डिप्टी जेलर निलंबित…इसलिए हुई कार्रवाई; जानें मामला

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अयोध्या जेल से दो बंदियों के फरार होने के शुक्रवार को डीजी जेल ने एक और डिप्टी जेलर को निलंबित किया है। उसके खिलाफ भी विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं। प्रकरण में अब तक जेल अधीक्षक समेत 12 अफसरों पर निलंबन की कार्रवाई हो चुकी है।जिला जेल अयोध्या से 28 जनवरी की रात बैरक की दीवार में सेंध लगाकर दो बंदी फरार हो गए थे। इसमें अमेठी के मुसाफिरखाना का गोलू अग्रहरि उर्फ सूरज और सुल्तानपुर का शेर अली शामिल था। दोनाें पर हत्या, डकैती, दुष्कर्म जैसे गंभीर मामले दर्ज हैं। प्रकरण में डीआईजी जेल अयोध्या रेंज शैलेंद्र कुमार मैत्रेय की रिपोर्ट पर जेल अधीक्षक उदय प्रताप मिश्रा, जेलर जितेंद्र कुमार यादव, डिप्टी जेलर मयंक त्रिपाठी, हेड जेल वार्डर हरिहर प्रसाद व त्रिपुरारी मिश्र और जेल वार्डर सुरेश कुमार दुबे, जयप्रकाश यादव, सुनील कुमार, रमेश सहानी, रवि यादव व मनोज को निलंबित कर दिया गया था। अब शुक्रवार को एक अन्य डिप्टी जेलर राजू उर्फ राजदीप को भी निलंबित कर दिया गया है।

 

बिना चेकिंग बैरक में चले गए थे बंदी

डीआईजी शैलेंद्र कुमार ने बताया कि रोजाना शाम को चेकिंग होने के बाद ही बंदियों को बैरकों के भीतर किया जाता है। जांच में सामने आया कि फरार हुए बंदी अपने साथ कोई उपकरण ले गए थे, जिसकी मदद से दीवार की ईटों को निकाला और वहां से भाग निकले। इससे स्पष्ट हुआ कि बैरक में भेजने से पहले इनकी चेकिंग नहीं की गई थी। चेकिंग की जिम्मेदारी डिप्टी जेलर राजू की थी। इस लापरवाही की वजह से उनको निलंबित किया गया है।

डीजी जेल ने कही ये बात

डीजी जेल पीसी मीणा ने बताया कि प्रकरण में एक और डिप्टी जेलर की लापरवाही उजागर हुई है। इसलिए उसको निलंबित कर विभागीय कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं। गहनता से मामले की जांच जारी है। जो भी दोषी होंगे उन सभी पर कार्रवाई की जाएगी।

यूपी: सिपाही भर्ती परीक्षा में आवेदन को लेकर आया बड़ा अपडेट, 3 फरवरी तक आवदेन में कर सकते हैं संशोधन

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प्रदेश पुलिस में सिपाही नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती 2025 के अभ्यर्थियों को ऑनलाइन आवेदन पत्र में संशोधन करने का अवसर दिया गया है। उप्र पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के परीक्षा नियंत्रक ने बताया कि विभिन्न स्रोतों से प्राप्त आग्रहों के दृष्टिगत अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए 31 जनवरी को सुबह 6 बजे से 3 फरवरी की सुबह 6 बजे तक आवेदन पत्र में संशोधन करने के लिए अवसर देने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने इस बाबत अधिक जानकारी के लिए बोर्ड की वेबसाइट का अवलोकन करने को कहा है।

इन पदों पर हाेनी है भर्ती

सिपाही नागरिक पुलिस – 10469
सिपाही पीएसी/सशस्त्र पुलिस – 15131
सिपाही विशेष सुरक्षा बल – 1341
सिपाही घुड़सवार पुलिस – 71
जेल वार्डर (पुरुष) – 3279
जेल वार्डर (महिला) – 106

यूपी: पूरे प्रदेश में विशेष मतदाता पंजीकरण अभियान आज से, सभी बूथों पर बीएलओ दिखाएंगे मसौदा मतदाता सूची

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प्रदेश में 31 जनवरी को मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए विशेष मतदाता पंजीकरण अभियान चलेगा। सभी बूथों पर बीएलओ सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक मौजूद रहेंगे। वह मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में काटे गए 2.89 करोड़ लोगों के नाम की सूची मतदाताओं को दिखाएंगे। मौके पर ही नाम जुड़वाने को फॉर्म-6 भरने की सुविधा मिलेगी।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) नवदीप रिणवा ने निर्देश दिए हैं कि सभी डीएम यह सुनिश्चित करें कि प्रत्येक बूथ पर समय से बीएलओ पहुंचे। ऐसे लोग जो एक जनवरी 2026 को 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके हैं उनको मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म-6 भरने की सुविधा मिलेगी।

महिलाओं का नाम जोड़ने पर विशेष जोर
उधर, यूपी में एसआईआर में सबसे ज्यादा नाम महिलाओं के कटे हैं। ऐसे में अब सभी जिलों में बूथवार महिलाओं का नाम वोटर लिस्ट में जोड़ने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। सभी सहायक निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को अपने-अपने बूथ पर छूटी हुई महिलाओं को जोड़ने पर विशेष ध्यान देने के आदेश दिए गए हैं।

1073 प्रवासी भारतीयों ने मतदाता बनने को भरा फॉर्म

यूपी में अब तक 1073 प्रवासी भारतीयों ने मतदाता बनने को फॉर्म-6 ए भरा है। चुनाव आयोग दूसरे देशों में रह रहे प्रवासी भारतीयों का मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए विशेष जागरूकता अभियान चलाया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) नवदीप रिणवा ने निर्देश हैं कि वह प्रवासी भारतीयों को मतदाता फॉर्म भरवाने पर जोर दें। 18 वर्ष से अधिक उम्र के ऐसे लोग जो भारत की नागरिकता रखते हैं और रोजगार, शिक्षा व अन्य कारणों से विदेश में निवास कर रहे हैं, पर किसी अन्य देश की नागरिकता न ग्रहण की हो, वे मतदाता बन सकते हैं। ऑनलाइन फॉर्म voters.eci.gov.in व ईसीआईनेट मोबाइल एप के माध्यम से भरे जा सकेंगे। प्रवासी भारतीयों के नाम मतदाता सूची में शामिल होंगे लेकिन मतदाता पहचान पत्र नहीं मिलेगा। चुनाव में वह पासपोर्ट दिखाकर ही अपना वोट डाल सकेंगे।

Lucknow: जाली कागजात भी तैयार करता था धर्मांतरण का गवाह ‘सारिक’; फिर डॉ. रमीज से करवाया था निकाह

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केजीएमयू की महिला रेजीडेंट के यौन शोषण और धर्मांतरण के प्रयास का आरोपी डॉ. रमीज के करीबी सारिक खान को पुलिस ने शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने आरोपी को जेल भेज दिया। सारिक आगरा की महिला डॉक्टर के धर्मांतरण कराने का गवाह था। आरोपी ने महिला डॉक्टर पर दबाव भी बनाया था।छानबीन में सामने आया है कि सारिक जाली दस्तावेज भी तैयार करता था। धर्मांतरण के बाद महिलाओं का नया नाम रखा जाता था। उसी नाम पर जाली कागजात तैयार होते थे। पुलिस ने आरोपी से सवाल जवाब किए। सारिक से पूछा गया कि अब तक उसने कितनी महिलाओं के धर्मांतरण कराए हैं। इस सवाल पर आरोपी ने चुप्पी साध ली।

धर्मांतरण के मामले में अब तक चार लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। बताया जा रहा है कि धर्मांतरण कराने वाले काजी की उम्र 90 के पार है। यही नहीं, वह गंभीर बीमारी से ग्रसित भी है। यही वजह है कि पुलिस आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर रही है।

सारिक के मोबाइल फोन में पुलिस को कई अहम सुराग मिले हैं। पुलिस का कहना है कि मोबाइल फोन को फोरेंसिक टीम के पास भेजा जाएगा। आरोपी ने काफी डाटा मिटा दिए हैं। डाटा रिकवरी के बाद गिरोह से जुड़े लोगों के बारे में जानकारी मिल सकेगी। 

ठिकाने बदलकर रह रहा था आरोपी

पूछताछ में आरोपी ने बताया कि गिरफ्तारी के डर से वह ठिकाने बदल-बदलकर रह रहा था। वह दिल्ली, बरेली, पीलीभीत, उत्तराखंड और अन्य ठिकानों पर छिपा था। पुलिस ने आरोपी के मददगारों के बारे में भी पूछताछ की है। सारिक ने कहा कि वह निर्दोष है।

सारिक ने साजिश के तहत उसे फंसाने की बात कही। आरोपी के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हुआ था, जिसके बाद पुलिस उसकी तलाश में पीलीभीत पहुंची थी। एसीपी चौक राजकुमार सिंह का कहना है कि आरोपी से पूछताछ की गई है। आरोपी का डा. रमीज और उसके माता पिता से आमना सामना कराया जाएगा।

पासपोर्ट बनवाकर विदेश भागने की फिराक में था

एसीपी चौक ने बताया कि पीलीभीत के पंजाबियन गली मोहल्ला फील खाना निवासी सारिक विदेश भागने की फिराक में था। उसने पासपोर्ट भी बनवा लिया था। आरोपी के खिलाफ 25 हजार रुपये का इनाम था। पूछताछ में उसने बताया कि वह रमीज का दोस्त था। उसके कहने पर ही वह निकाह के जाली कागजात और अन्य व्यवस्थाएं करता था।

लड़कियों का ब्रेन वॉश करता था डॉ. रमीज

सारिक ने बताया कि उसके पिता अजहर खान की रमीज के पिता सलीमुद्दीन और काजी सैयद जाहिद हसन राणा से अच्छी दोस्ती थी। रमीज लड़कियों का ब्रेन वॉश करता था। वह पीड़िताओं को उनके धर्म की कमियां बताकर झांसे में लेता था। फिर धर्मांतरण के लिए प्रेरित करता था। इसमें सारिक मदद करता था। सारिक ने रमीज के साथ मिलकर लड़कियों के अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने की बात भी कबूल की है।

Lucknow: हिंदी में व्याकरण जांच के लिए एआई मॉडल लाएगा आईआईटी कानपुर, नकल और दोहराव पकड़ने के लिए भी होगा टूल

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देश-प्रदेश के विश्वविद्यालयों में शोध व अन्य कोर्स करने वाले छात्रों द्वारा हिंदी में तैयार करने वाले प्रस्तावों में होने वाली व्याकरण की कमियों को जल्द ही आसानी से दूर किया जा सकेगा। इसके लिए आईआईटी कानपुर जल्द ही एक एआई आधारित मॉडल लाएगा। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) में हाल ही में आयोजित दो दिवसीय एआई मंथन में आए आईआईटी कानपुर के प्रो. अर्नब भट्टाचार्या ने यह जानकारी दी।उन्होंने बताया कि अभी तक अंग्रेजी में व्याकरण की कमियों को दूर करने व जांचने के लिए ही टूल उपलब्ध है। आईआईटी जल्द ही हिंदी में व्याकरण जांचने के लिए वेब आधारित टूल लांच करेगा। इससे हिंदी में लिखी जाने वाली पीएचडी थीसिस आदि के लिए छात्रों को काफी मदद मिलेगी, क्योंकि यह देखने में आया है कि इंजीनियरिंग बैक ग्राउंड व अन्य छात्र भी हिंदी में व्याकरण की अपेक्षाकृत ज्यादा गलतियां करते हैं।

नकल या दोहराव जांचने के लिए भी विकसित होगा टूल
कार्यक्रम में छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने व्याकरण के साथ ही हिंदी में प्लैगरिज्म (नकल या दोहराव) को जांचने के लिए भी टूल लाने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि इसके लिए कानपुर विश्वविद्यालय आईआईटी कानपुर का अपेक्षित सहयोग भी करेगा।

इस पर प्रो. भट्टाचार्या ने कहा कि वे प्लैगरिज्म जांच के लिए भी एआई आधारित टूल ला सकते हैं। हालांकि इसके लिए अपेक्षाकृत ज्यादा बजट व संसाधनों की जरूरत पड़ेगी। उन्होंने कहा कि कानपुर विवि इसके लिए अपेक्षाकृत सहयोग करेगा तो आईआईटी कानपुर इसके लिए भी एआई टूल विकसित करेगा। अभी सिर्फ अंग्रेजी में ही प्लैगरिज्म जांचने के लिए टूल उपलब्ध हैं।

एआई का खुद का डाटा और मॉडल देंगे
आईआईटी कानपुर भारतजेन एआई ईको सिस्टम बनाने पर काम कर रहा है। एआई के क्षेत्र में अभी तक अधिकतर चीजें दूसरे देशों की प्रयोग में लाई जा रही हैं। प्रो. भट्टाचार्या ने कहा कि एआई के मामले में भारत को आत्मनिर्भर बनाने की जरूरत है। इस दिशा में सोवरजेन एआई मॉडल की आवश्यकता है, जो न केवल खुद का डेटा, भाषा और संस्कृति पर आधारित हो।

देश के एक दर्जन आईआईटी, ट्रिपलआईटी व आईआईएम मिलकर भारतजेन एआई ईको सिस्टम पर काम कर रहे हैं। इसमें हम एआई का अपना खुद का डाटा, खुद का मॉडल, खुद की चैट जीपीटी व जेमिनी देंगे। भारतीय भाषाओं की एकता पर समन्वय प्रोजेक्ट तैयार किया जा रहा है, क्योंकि भारतीय भाषाएं एक-दूसरे के काफी करीब हैं। हमारा उद्देश्य भारत को इस क्षेत्र में भी आत्मनिर्भर बनाना है।

प्रभात की खबरों का विस्तार 7 भारत न्यूज के साथ

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*1* प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज के साथ फोन पर बात की और द्विपक्षीय साझेदारी को मजबूत करने पर चर्चा की। अमेरिकी की सैन्य कार्यवाही के बाद पहली बार दोनों नेताओं ने बात की है।

 

*2* शाह बोले-असम में 64-लाख घुसपैठिए, 7 जिलों में इनका बहुमत, कांग्रेस ने राज्य को बंदूक-गोली, संघर्ष और युवाओं की मौत के अलावा क्या दिया

 

*3* भारत जल्द बनेगा दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवसथा, ICAI में बोले वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल

 

*4* अजित पवार की विरासत आगे बढ़ाएंगी सुनेत्रा पवार, आज चुना जाएगा विधायक दल का नेता, लेंगी डिप्टी CM की शपथ

 

*5* मुंबई पहुंचीं अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार, आज शाम ले सकती हैं डिप्टी CM की शपथ

 

*6* अजित पवार के निधन के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा बदलाव होता दिख रहा है। उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार डिप्टी सीएम बन सकती हैं। आज एनसीपी विधायक दल की बैठक में उन्हें नेता चुना जा सकता है। वहीं, सीएम फडणवीस ने कहा कि उप मुख्यमंत्री के फैसले पर एनसीपी का जो भी फैसला होगा, हमें मंजूर होगा।

 

*7* अहमदाबाद से लंदन जा रही एअर इंडिया की फ्लाइट AI171 के भीषण हादसे को छह महीने से ज्यादा समय बीत चुका है, लेकिन 260 जिंदगियां छीन लेने वाली इस त्रासदी की गुत्थी अब तक सुलझ नहीं पाई है। विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) की जांच अभी जारी है और एजेंसी हर संभावित कारण को परख रही है

 

*8* उत्तर पश्चिम भारत में 3 फरवरी तक बारिश-बर्फबारी की चेतावनी, चलेंगी तेज हवाएं; दिल्ली में बरसेंगे बादल

 

*9* जयशंकर ने अरब देश के विदेश मंत्रियों से की मुलाकात, सहयोग- शांति समेत इन मुद्दों पर हुई चर्चा

 

*18* कॉन्फिडेंट-ग्रुप चेयरमैन ने IT-रेड के दौरान गोली मारकर खुदकुशी की, 9000 करोड़ की संपत्ति, प्राइवेट जेट, 200 से ज्यादा कारों के मालिक थे

 

*11* तिरुपति मंदिर बोर्ड बोला-लड्डू मामले में क्लीन चिट नहीं दी, SIT चार्जशीट में घी में मिलावट के सबूत; CBI रिपोर्ट में चर्बी की पुष्टि नहीं

 

*12* क्रैश हुई चांदी, ₹1.06 लाख गिरकर ₹2.93 लाख पर आई, सोना 20 हजार रुपए सस्ता, 1.49 लाख रुपए पर आया; वजह मुनाफा वसूली

 

*13* बजट उम्मीद- सोना, चांदी सस्ते हो सकते हैं, ड्यूटी घटकर 4% होने की संभावना; 2025 में चांदी 167%, सोना 75% बढ़ा

 

*14* टी-20 वर्ल्ड कप से पहले IND-NZ का आखिरी मैच, सैमसन के फॉर्म पर नजरें; सूर्या तोड़ सकते हैं रोहित का रिकॉर्ड

 

*15* ईरान में नया राजनीतिक और सुरक्षा संकट उभर रहा है। हाल ही में जारी उपग्रह तस्वीरों से पता चला है कि इस्राइल और अमेरिका की तरफ से पिछले साल बमबारी किए गए दो प्रमुख परमाणु स्थलों इस्फहान और नतांज पर अब नई गतिविधियां शुरू हुई हैं

 

*16* ईरान में पिछले कुछ समय से बड़े पैमाने पर प्रदर्शन चल रहे हैं। पहले जहां लोग महंगाई और बेरोजगारी के खिलाफ सड़कों पर उतरे थे, लेकिन अब वहीं विरोध सरकार के खिलाफ राजनीतिक मांगों तक पहुंच गया है। सरकार की सख्ती और दखल के बाद भी ईरान में विरोध प्रदर्शन, मौतों के आंकड़े और हालात को लेकर दुनियाभर में सवाल उठ रहे हैं

 

*17* अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को एक बयान में चेतावनी दी कि अमेरिका का एक विशाल नौसैनिक बेड़ा ईरान की तरफ बढ़ रहा है। ट्रंप ने दावा किया कि यह नौसैनिक बेड़ा वेनेजुएला भेजे गए बेड़े से भी बड़ा है। ट्रंप ने ये भी दावा किया कि ईरान समझौता करना चाहता है। हालांकि इस बारे में ट्रंप ने ज्यादा जानकारी नहीं दी। ईरान ने भी ऐसे संकेत दिए हैं कि वे भी बातचीत करना चाहते हैं, लेकिन अभी तक कुछ तय नहीं है।

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पत्रकार सामाजिक सरोकारों से जुड़ कर सकारात्मक पत्रकारिता के माध्यम से समाज को नई दिशा दिखाने का काम करें- वासुदेव देवनानी

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जयपुर। राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने पत्रकारों का आह्वान किया है कि वे सामाजिक सरोकारों से जुड़ कर सकारात्मक पत्रकारिता के माध्यम से समाज को नई दिशा दिखाने और मार्गदर्शन देने का कार्य करें। साथ ही लोकतन्त्र को मजबूत बनाने एवं नई पीढ़ी में देश भक्ति की भावना पैदा करने और हमारे देश की सनातन संस्कृति को उजागर करने का काम भी करे तभी भारत विश्व का सिरमोर बन सकेगा।

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विधानसभाध्यक्ष देवनानी गुरुवार सायं जयपुर के राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में नेशनल मीडिया फाउंडेशन,नई दिल्ली द्वारा आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे।

देवनानी ने पत्रकारों से अपील की कि वे लोकतन्त्र के चौथे स्तंभ की अपनी भूमिका का सही अर्थों में पूरा करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत @ 2047 की कल्पना को साकार करने में सहभागी बनें । उन्होंने बताया कि आज भारत विश्व की तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक ताकत बनने जा रहा है और भविष्य में भारत के दुनिया की सबसे बड़ी आर्थिक  ताकत बनने की भी उम्मीद है। विधानसभाध्यक्ष ने कहा कि भारत ने कभी आक्रमण के जरिए दुनिया पर अपना दबदबा बनाना नहीं चाहा। हमारा महान देश किसी तरह विश्व की महाशक्ति भी बनना नहीं चाहता बल्कि, हम अपने सनातन मूल्यों के द्वारा पूरे विश्व के लिए एक महान मार्गदर्शक बनना चाहते है और दुनिया के महानायक बन कर विश्व में शान्ति, सद्भाव, प्रेम, विश्वास और अपनत्व की भावना विकसित करने में विश्वास रखते है। पूरी दुनिया हमारा अपना परिवार हैं तथा विश्व बंधुत्व और अहिंसा हमारा मूल मंत्र है, जिसके कारण हम पहले भी विश्व गुरु थे,आज भी है और आगे भी विश्व गुरु बने रहेंगे।

 

देवनानी ने कहा कि आज विश्व की परिस्थितियों एक नाजुक मोड़ पर खड़ी है। ऐसे में पत्रकारों को सत्य को उजागर कर जन जागरण के कार्य में अपनी महती भूमिका को निभाना होगा। आज हमारे पड़ोसी देश बांगला देश में हो रहे मानवाधिकारों के हनन की घटनाओं को लेकर कोई भी नहीं बोल रहा, ऐसे में भारतीय मीडिया को विश्व के सामने सही तस्वीर को उजागर करने के लिए आगे आना चाहिए। साथ ही अपनी गुरुत्तर जिम्मेदारियों को समझते हुए ऐसी कोई भी अतिरंजित खबरे देने से भी परहेज करना चाहिए जिससे भारत की सुरक्षा आवश्यकताओं को तनिक भी खतरा उत्पन्न हो जाए।

 

नेशनल मीडिया फाउंडेशन द्वारा पत्रकारों की विभिन्न सुविधाओं और पत्रकारों के लिए सुरक्षा कानून बनाने संबंधी मांग पर टिप्पणी करते हुए देवनानी ने कहा कि सबसे पहले तो आप सभी को ही एकजुट होने की जरूरत है तथा सही राजनीतिक दृष्टिकोण रखते हुए अपने आसक्त होने और अनासक्ति के बारे में मनन और विवेचना करनी चाहिए।

 

देवनानी ने पत्रकारों को आत्ममंथन करने की सीख भी दी और कहा कि पहले अख़बारों की दिशा और दशा तय करने में संपादक की निर्णायक भूमिका होती थी, आज वही अधिकार धीरे-धीरे मालिकों के हाथों में सिमटता जा रहा है। परिणामस्वरूप संपादकीय स्वतंत्रता सिमट रही है और पत्रकारिता पर व्यावसायिक हित हावी होते दिखाई देते हैं। समाचार चयन से लेकर प्रस्तुति तक, लाभ और प्रभाव का दबाव साफ़ महसूस किया जा सकता है। ऐसे में मीडिया का लोकतांत्रिक चरित्र कमजोर पड़ता है। जब तक अख़बारों की बागडोर पुनः पत्रकारों और संपादकों के हाथों में नहीं आती, तब तक मीडिया सही अर्थों में लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ बनने की अपनी भूमिका पूरी नहीं कर पाएगा।उन्होंने बताया कि राजस्थान सरकार ने अन्य प्रदेशों की तुलना में पत्रकारों के हितों का अधिक ध्यान रखते हुए उनकी पेंशन,चिकित्सा आदि सुविधाओं के संबंध में सकारात्मक कदम उठाए है। अन्य प्रदेशों को भी इनका अनुकरण करना चाहिए।

 

विधानसभाध्यक्ष देवनानी ने कहा कि आज मीडिया में प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया के कई स्वरूप हो गए है लेकिन आज भी प्रिंट मीडिया का महत्व कम नहीं हुआ है। ऐसे में पत्रकारों को अपने उत्तरदायित्वों को पूरी निष्पक्षता और ईमानदारी से पूरा करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आजादी के आंदोलन और आपातकाल में पत्रकारों की भूमिका अहम रही थी। आज इसी मिशनरी भावना से पत्रकारों को महाराणा प्रताप और सूरजमल जैसे राजस्थान के वीर सपूतों और रणबांकुरों की वीर गाथाओं, पन्ना धाय और मीरा जैसी विभूतियों के साथ राजस्थान के समृद्ध इतिहास, कला, संस्कृति, हेरिटेज, पर्यटन आदि को प्रमुखता से उजागर करने में अपनी ऊर्जा लगानी चाहिए। साथ ही गहराई में जाकर सत्य को उजागर करना चाहिए और जन सरोकारों को प्रमुखता देते हुए तथा समाज की प्रतिभाओं को आगे लाने का काम करना एवं  सामाजिक परिवर्तन का वाहक बनते हुए जनता की आवाज बनना चाहिए।

 

उन्होंने अपने शिक्षा मंत्री के कार्यकाल में स्कूली शिक्षा पाठ्यक्रम में अकबर महान के स्थान पर महाराणा प्रताप महान पाठ को जोड़ने तथा नई पीढ़ी के बालकों को देश के महान नायकों के बारे में जानकारी देने के लिए  200  महापुरुषों की जीवनियों को पाठ्यक्रम में जोड़ने के बारे में भी जानकारी दी और पत्रकारों से अपील की कि वे राजस्थान के शौर्य, वीरता, त्याग, संघर्ष और विजयी इतिहास को नई पीढ़ी के सामने लाने का कार्य करे ताकि देश का भावी नागरिक हमारी सभ्यता और संस्कृति से सुसंस्कृत हो सके।

 

इस अवसर पर विधानसभाध्यक्ष देवनानी ने नेशनल मीडिया फाउंडेशन की स्मारिका का लोकार्पण करने के साथ ही उत्कृष्ट कार्य करने वाले पत्रकारों और समाज सेवा से जुड़े लोगों को अवॉर्ड और स्मृति चिन्ह प्रदान किए। प्रारम्भ में नेशनल मीडिया फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेन्द्र जैन ने विधानसभाध्यक्ष देवनानी का स्वागत किया और राष्ट्रीय सलाहकार डॉ. ओ. पी. यादव ने फाउंडेशन की अब तक की उपलब्धियों और गतिविधियों की जानकारी दी और बताया कि सम्मेलन में 11 प्रदेशों के पत्रकार प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

February 2026 School Holidays: फरवरी में कब-कब बंद रहेंगे स्कूल? जानें त्योहारों की पूरी डिटेल

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नेशनल डेस्क: फरवरी 2026 छात्रों के लिए बेहद अहम महीना माना जा रहा है, क्योंकि इसी दौरान देशभर में बोर्ड परीक्षाओं की शुरुआत होती है। इस समय मिलने वाली छुट्टियां आमतौर पर पढ़ाई और रिवीजन के लिए होती हैं, लेकिन कुछ धार्मिक त्योहारों और क्षेत्रीय अवसरों के चलते स्कूल-कॉलेज बंद भी रह सकते हैं। हालांकि, छुट्टियों का निर्धारण राज्य सरकार, शिक्षा बोर्ड और स्कूल के अकादमिक कैलेंडर पर निर्भर करता है।

फरवरी 2026 में कौन-कौन से त्योहार पड़ रहे हैं

फरवरी महीने की शुरुआत संत रविदास जयंती से होगी। 1 फरवरी 2026 को यह पर्व मनाया जाएगा, जो रविवार के दिन पड़ रहा है। इस अवसर पर हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, चंडीगढ़ समेत कई राज्यों में restricted holiday रहती है। रविवार होने के कारण स्कूल पहले से बंद रहेंगे।

12 फरवरी 2026 को महर्षि दयानंद सरस्वती जयंती मनाई जाएगी। यह दिन मुख्य रूप से Arya Samaj institutions में मनाया जाता है। आमतौर पर इसे स्कूलों में पूर्ण अवकाश के रूप में घोषित नहीं किया जाता।

महाशिवरात्रि और क्षेत्रीय छुट्टियों का असर

15 फरवरी 2026 को महाशिवरात्रि का पर्व है, जो इस बार रविवार को पड़ेगा। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र जैसे कई राज्यों में इसे gazetted या restricted holiday के रूप में मान्यता दी जाती है। रविवार होने के कारण स्कूल बंद रहेंगे, हालांकि कुछ राज्यों में अतिरिक्त अवकाश भी घोषित किया जा सकता है।

18 फरवरी 2026 को Losar (Tibetan New Year) मनाया जाएगा। यह पर्व खासतौर पर सिक्किम में मनाया जाता है, जहां स्कूल और कॉलेजों में अवकाश रहने की संभावना रहती है।

इसके बाद 19 फरवरी 2026 को छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती है। महाराष्ट्र में यह दिन विशेष महत्व रखता है और राज्यभर के स्कूल-कॉलेजों में छुट्टी रहती है।

फरवरी में नेशनल हॉलिडे नहीं, वीकेंड ही रहेंगे सहारा

फरवरी 2026 में कोई बड़ा national holiday नहीं पड़ रहा है। ऐसे में छात्रों को शनिवार-रविवार और बोर्ड परीक्षा के शेड्यूल के अनुसार मिलने वाले ब्रेक पर ही निर्भर रहना होगा।

छात्रों और अभिभावकों के लिए जरूरी सलाह

छात्रों और अभिभावकों को सलाह दी जाती है कि वे छुट्टियों को लेकर अपने-अपने स्कूल या कॉलेज की आधिकारिक holiday list जरूर जांचें। बोर्ड परीक्षाओं के बीच मिलने वाले ब्रेक का सही इस्तेमाल रिवीजन और प्रैक्टिस के लिए करना फायदेमंद रहेगा। त्योहारों के दौरान परिवार के साथ समय बिताएं, लेकिन पढ़ाई का संतुलन बनाए रखना जरूरी है।

Budget 2026: रेल यात्रियों के लिए खुशखबरी! ट्रेन का सफर होगा सस्ता, आधी हो सकती है टिकट की कीमतें

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नेशनल डेस्कः आम बजट 2026 से पहले करोड़ों रेल यात्रियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आ रही है। केंद्र सरकार वरिष्ठ नागरिकों को ट्रेन टिकट पर मिलने वाली पुरानी रियायत को दोबारा शुरू करने पर विचार कर रही है। यदि इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो बुजुर्ग महिलाओं को 3000 रुपये का टिकट सिर्फ 1500 रुपये में और पुरुषों को 1800 रुपये में मिल सकता है। यह फैसला कोरोना काल के बाद वरिष्ठ यात्रियों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकता है।

यूनियन बजट 2026 पर टिकी हैं यात्रियों की नजरें

देशभर के रेल यात्री आगामी यूनियन बजट 2026 से कई उम्मीदें लगाए बैठे हैं। हर साल की तरह इस बार भी आम आदमी को उम्मीद है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट में उनकी जेब को राहत देने वाले कुछ अहम ऐलान करेंगी। इसी बीच, सीनियर सिटीजंस के लिए टिकट किराए में छूट बहाल किए जाने की खबर ने यात्रियों की उम्मीदें बढ़ा दी हैं।

सीनियर सिटीजंस को फिर मिल सकती है पुरानी रियायत

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भारतीय रेलवे कोरोना महामारी से पहले लागू सीनियर सिटीजन कंसेशन को फिर से शुरू करने पर गंभीरता से विचार कर रहा है। बताया जा रहा है कि इस मुद्दे पर रेल मंत्रालय और वित्त मंत्रालय के बीच बातचीत भी हो चुकी है। यदि बजट 2026 में इस प्रस्ताव को हरी झंडी मिलती है, तो यह वरिष्ठ नागरिकों के लिए किसी बड़े तोहफे से कम नहीं होगा।

किन यात्रियों को मिलेगा लाभ?

– 58 वर्ष या उससे अधिक उम्र की महिला यात्रियों को सभी श्रेणियों में 50 प्रतिशत तक की छूट मिलेगी।

– 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के पुरुष यात्रियों को 40 प्रतिशत तक की छूट का लाभ मिलेगा।

यह छूट स्लीपर क्लास से लेकर एसी फर्स्ट क्लास तक लागू हो सकती है, जिससे लंबी दूरी की यात्रा करने वाले बुजुर्गों को बड़ी आर्थिक राहत मिलेगी।

3000 रुपये का टिकट आधी कीमत में

कोरोना से पहले लागू नियमों के अनुसार, यदि किसी महिला वरिष्ठ नागरिक का टिकट 3000 रुपये का है, तो उसे सिर्फ 1500 रुपये ही चुकाने होंगे। वहीं, पुरुष वरिष्ठ नागरिकों को 40 प्रतिशत छूट मिलने पर उसी टिकट के लिए केवल 1800 रुपये का भुगतान करना पड़ेगा। इससे तीर्थ यात्रा, पारिवारिक मिलन और जरूरी सफर काफी सस्ता हो जाएगा।

कोरोना काल में क्यों रोकी गई थी छूट?

मार्च 2020 में कोविड-19 महामारी के दौरान सरकार ने अनावश्यक यात्राओं को रोकने और सोशल डिस्टेंसिंग सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सीनियर सिटीजन कंसेशन को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया था। हालांकि अब हालात पूरी तरह सामान्य हो चुके हैं और रेलवे की आर्थिक स्थिति में भी सुधार आया है, इसके बावजूद यह सुविधा अभी तक बहाल नहीं हो पाई थी।

इस छूट की सबसे खास बात इसकी सरल प्रक्रिया थी। टिकट बुक करते समय यात्रियों को केवल अपनी सही उम्र दर्ज करनी होती थी। चाहे टिकट IRCTC की वेबसाइट से लिया जाए या रेलवे रिजर्वेशन काउंटर से, उम्र सत्यापित होते ही किराए में छूट अपने आप लागू हो जाती थी। न तो किसी अतिरिक्त दस्तावेज की जरूरत पड़ती थी और न ही किसी अलग कार्ड की।