Saturday, February 14, 2026
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क्यों बढ़ाए गए दिल्ली मेट्रो के किराए? DMRC ने बताई बड़ी वजह

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नेशनल डेस्क : Delhi Metro Rail Corporation (DMRC) ने सोमवार (25 अगस्त 2025) से किराए में बढ़ोतरी का ऐलान किया है। यह बदलाव यात्रा की दूरी के हिसाब से लागू किया गया है। DMRC का कहना है कि पिछले 8 सालों से किराए में कोई बदलाव नहीं हुआ था, जिसकी वजह से आर्थिक बोझ बढ़ गया था और किराया बढ़ाना मजबूरी बन गया।

क्यों बढ़ाए गए किराए?

DMRC ने किराया बढ़ाने के पीछे कई वजहें बताईं:

  1. कोविड-19 का असर – कोरोना काल में यात्रियों की संख्या बहुत घट गई थी, जिससे आय पर गहरा असर पड़ा।
  2. कर्ज़ चुकाना – मेट्रो को जापान की एजेंसी JICA से लिया गया कर्ज़ लौटाना है, जिसकी किश्तें अभी जारी हैं।
  3. पुरानी ट्रेनों की मरम्मत – 15–20 साल पुरानी हो चुकी ट्रेनों की समय-समय पर मरम्मत करनी पड़ती है।
  4. नेटवर्क का रखरखाव – ट्रैक, स्टेशन और मशीनों की देखभाल पर हर साल भारी खर्च होता है।
  5. कर्मचारियों का वेतन – हजारों कर्मचारियों की तनख्वाह भी संचालन लागत में शामिल है।

नया किराया (25 अगस्त से लागू)

  • शून्य से 2 किमी तक → ₹11 (पहले ₹10)
  • 2 से 5 किमी तक → ₹21 (पहले ₹20)
  • 5 से 12 किमी तक → ₹32 (पहले ₹30)
  • 12 से 21 किमी तक → ₹43 (पहले ₹40)
  • 21 से 32 किमी तक → ₹54 (पहले ₹50)
  • 32 किमी से अधिक → ₹64 (पहले ₹60)

एयरपोर्ट लाइन पर भी असर

DMRC ने बताया कि एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन पर भी 5 रुपये तक का अतिरिक्त किराया बढ़ाया गया है।

DMRC का क्या कहना है?

DMRC ने साफ किया कि यह बढ़ोतरी न्यूनतम रखी गई है। इसका उद्देश्य यात्रियों को सुलभ और किफायती सार्वजनिक परिवहन देना है, साथ ही परिचालन और रखरखाव की लागत को संतुलित करना है।

ताऊ की बेटी से कई सालों से था अफेयर, तीन दिन पहले की लव मैरिज; अब छोड़ दी दुनिया…जानिए वजह

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मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ में एक युवक ने रिश्तों को शर्मसार करते हुए अपनी तहेरी बहन के साथ लव मैरिज कर ली। दोनों के बीच कुछ सालों से अफेयर चल रहा था, जिसके चलते तीन दिन पहले ही उसने ताऊ की बेटी से शादी रचा ली। लेकिन, अब उसने एक खौफनाक कदम उठा लिया है और इस दुनिया को अलविदा कर दिया है।

तीन दिन पहले की थी शादी 
बता दें कि मेरठ के तहसील मवाना के रहने वाले एक जिम ट्रेनर पुनीत का पिछले कुछ सालों से अपने ही ताऊ की लड़की मुस्कान से अफेयर चल रहा था। परिजनों को इस बात की जानकारी हुई। उन्होंने इस बात का विरोध किया। लेकिन, ये दोनों एक दूसरे को छोड़ने के लिए तैयार नहीं थे। जिसके बाद उन्होंने तीन दिन पहले एक दूसरे से शादी कर ली और अपने इस रिश्ते को नाम दे दिया।

‘सॉरी मुस्कान, मुझे माफ कर देना…’
इसके बाद शनिवार रात को पुनीत ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। ये खौफनाक कदम उठाने से पहले उसने एक वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड किया। इस वीडियो में उसने मरने की वजह बताई। उसने बताया कि इस शादी के बाद वह काफी शर्मिंदा है। वो अपने परिवार और समाज के सामने शर्मिंदा है। मैं अपने परिवार की निगाहों में गिर चुका हूं, मुझे शर्म आ रही है। मैं अपने ताऊ-ताई से निगाह मिलने लायक नहीं हूं, जो मेरे मां-पिता की तरह थे। इससे आगे उसने कहा, सॉरी मुस्कान, मुझे माफ कर देना। उसने वीडियो शेयर कर फिर फंदा लगाया और जान दे दी।

सिगरेट-शराब के शौकीनों को बड़ा झटका… अब जाम छलकाना होगा और भी महंगा, केंद्र सरकार जारी करेगी नए नियम

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नेशनल डेस्क : भारत में वस्तु एवं सेवा कर (GST) दरों में जल्द ही बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। सूत्रों के अनुसार नई दरें 22 सितंबर 2025 से लागू हो सकती हैं। इसके लिए GST काउंसिल की बैठक 3 और 4 सितंबर को दिल्ली में आयोजित की जाएगी। इस बैठक में वित्त मंत्रालय द्वारा दिए गए सुझावों पर चर्चा होगी। माना जा रहा है कि यह बदलाव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा स्वतंत्रता दिवस पर दिए गए संकेतों के अनुरूप होगा।

सिर्फ दो स्लैब रह सकते हैं

अभी GST प्रणाली में कई तरह के टैक्स स्लैब हैं, लेकिन काउंसिल की बैठक में 12% और 28% वाले स्लैब को हटाने का प्रस्ताव रखा जाएगा। अगर यह प्रस्ताव पास हो जाता है तो देश में सिर्फ दो स्लैब – 5% और 18% ही बचेंगे। इससे टैक्स प्रणाली और आसान हो जाएगी और उपभोक्ताओं व कारोबारियों दोनों को राहत मिलेगी।

तंबाकू-सिगरेट पर 40% टैक्स का प्रस्ताव

बैठक में तंबाकू और सिगरेट जैसे उत्पादों पर टैक्स बढ़ाने पर भी विचार होगा। अभी इन पर 28% टैक्स लगता है, लेकिन नया प्रस्ताव इन्हें बढ़ाकर 40% (Sin Tax) करने का है। इसके अलावा सिगार, अन्य धूम्रपान उत्पादों और शराब जैसे अल्कोहलिक पेय पदार्थों पर भी राज्यों की ओर से सिन टैक्स पहले से लगाया जाता है।

सरकार की सिफारिशें तैयार

सूत्रों का कहना है कि सरकार ने GST स्लैब में बदलाव को लेकर अपनी विस्तृत सिफारिशें पहले ही काउंसिल को भेज दी हैं। इन्हीं सुझावों के आधार पर बैठक में चर्चा होगी और अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

उपभोक्ताओं और कारोबारियों को राहत

विशेषज्ञों का मानना है कि इस बदलाव से टैक्स व्यवस्था ज्यादा सरल हो जाएगी। उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी क्योंकि टैक्स स्ट्रक्चर आसान होगा, वहीं कारोबारियों के लिए भी कागजी कार्रवाई और जटिलताओं में कमी आएगी।

फिल्म इंडस्ट्री से फिर आई बुरी खबरः दिनेश मंगलुरु के बाद एक और फेमस स्टार का निधन, अस्पताल में ली अंतिम सांस

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मुंबई. फिल्म इंडस्ट्री से आज एक के बाद एक बुरी खबरें सामने आ रही हैं। हाल ही में केजीएफ स्टार दिनेश मंगलुरु के निधन की खबर सामने आई थी। वहीं, अब पता चला है कि जाने माने एक्टर और बीजेपी नेता जॉय बनर्जी इस दुनिया में नहीं रहे। उनका आज कोलकाता के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में निधन हो गया। उनके यूं दुनिया से चले जाने की खबर ने उनके फैंस और करीबियों को मायूस कर दिया है।

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जॉय बनर्जी को डायबिटीज और सीओपीडी की शिकायत थी और उन्हें 15 अगस्त को सांस लेने में तकलीफ के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन फिर उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया था। लेकिन सोमवार को अचानक उनकी हालत बिगड़ गई और उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन भगवान को कुछ और ही मंजूर था। जॉय बनर्जी ने 63 साल की उम्र में 25 अगस्त को सुबह 11:35 बजे कोलकाता के एक निजी अस्पताल में आखिरी सांस ली।

 

इस दुखद खबर के सामने आते ही पूरे बंगाली सिनेमा में शोक की लहर दौड़ गई है और उनके चाहने वाले काफी मायूस हो गए हैं।

जॉय बनर्जी सिर्फ एक्टिंग जगत के ही नहीं राजनीति जगत में भी काफी फेमस थे। वह दो बार बीजेपी के टिकट पर सांसदी का चुनाव भी लड़ चुके थे।

एक्टिंग करियर की बात करें तो जॉय बनर्जी ने चर्चित फिल्म ‘अपरूपा’ से अपने  करियर की शुरुआत की और पहली ही फिल्म से दर्शकों का ध्यान खींचने में सफल रहे। इसके बाद उन्होंने ‘मिलन तिथि’, ‘अभागिनी’, ‘हीरक जयंती’, ‘जीवन मरण’, ‘तुमि कर’, ‘दीपशिखा’ और ‘पेन्नम कोलकाता’ जैसी फिल्मों में काम किया।

Himachal: मणिमहेश यात्रा पर गए पंजाब के तीन श्रद्धालुओं की हुई मौत

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भरमौर। मणिमहेश यात्रा पर गए पठानकोट के दो श्रद्धालुओं की मौत हो गई है। दोनों श्रद्धालुओं के शवों को भरमौर लाया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक पठानकोट के जिला सुजानपुर के 18 वर्षीय अमन को कल रात रेस्क्यू किया गया था और गौरीकुंड में उसने दम तोड़ दिया। ऑक्सीजन की कमी के कारण इस श्रद्धालु की मौत हुई है। वहीं दूसरे श्रद्धालु की मौत कुगती ट्रैक पर हुई है। उसके शव को माउंट ट्रेनिंग व एनडीआरएफ की टीम द्वारा भरमौर लाया जा रहा है। मृतक का नाम 18 वर्षीय रोहित है और वह भी पठानकोट का ही रहने वाला है जिसकी ठंड की वजह से मौत हुई है। इसके अलावा एक और अन्य व्यक्ति की मौत हुई है जिसका नाम अनमोल है जो गुरदासपुर का निवासी बताया गया है। इसकी मौत भी ऑक्सीजन की कमी के कारण हुई है। घटना की पुष्टि एडीएम भरमौर कुलबीर सिंह राणा ने की है।

उन्होंने कहा कि पिछले कल से ही मणिमहेश यात्रा पर अस्थाई रूप से रोक लगा दी गई है। श्रद्धालुओं को सुरक्षा की दृष्टि के मध्यनजर सुरक्षित स्थानों पर ही रुकने के लिए कह दिया गया है। जानकारी के अनुसार, पठानकोट भरमौर नेशनल हाईवे कलसूंई जांगी और दुर्गेठी में बंद है जिसके कारण वाहनों की आवाजाही भी पूरी तरह से ठप है।

मणिमहेश जाने वाले सभी श्रद्धालुओं से सुरक्षित स्थानों पर रुकने की अपील प्रशासन द्वारा की गई है। जब तक मौसम में सुधार नहीं होता है यात्रा पर अस्थाई तौर से रोक रहेगी। पिछले 24 घंटे से लगातार हो रही बारिश के कारण यहां जन जीवन पूरी तरह से अस्त व्यस्त हो गया है। जगह-जगह लैंडस्लाइड होने के चलते रास्ते बंद हो गए हैं। कई जगह यात्री बीच रास्ते में ही फंसे हुए हैं, जिन्हें वही रुकने की अपील की जा रही है।

इसके अलावा चंबा से लेकर हड़सर तक विभिन्न स्थानों पर भारी बारिश के चलते फंसे श्रद्धालुओं के लिए भरमौर के कई लोग मदद के लिए आगे आए हैं, उन्होंने यात्रियों को अपने घरों में आश्रय देने का आग्रह किया है। इनमें भरमौर के लहाल निवासी काकू, रेहला थोबू निवासी रिशु रिहाल, दिनका निवासी राज सिंह, ढकोग़ निवासी अनिल कुमार, डंडारड़ा निवासी ममता ठाकुर, खनी निवासी गणेश शर्मा आदि स्थानीय स्वयंसेवियों ने भी यात्रियों से आग्रह किया है कि वे बेझिझक उनके घरों में आ जाएं।

उन्हें खाने, पीने, सोने आदि की सभी सुविधाएं निशुल्क दी जाएंगी। उन्होंने यात्रियों से आग्रह किया है कि वे मौसम को देखकर अनावश्यक अपनी जान को जोखिम में न डाले तथा जहां जहां वे फंसे या रुके हुए हैं, वहीं नजदीकतम घरों में आश्रय के लिए जाएं, बेशक वे मणिमहेश जा रहे हों या बापिस अपने घर जा रहे है। मौसम साफ होने के बाद ही आगे की यात्रा करें।

उत्तराखंड के सेब ने भरी उड़ान: पहली बार पौड़ी गढ़वाल से UAE को निर्यात, भविष्य में बढ़ेगी मांग

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नेशनल डेस्क। उत्तराखंड के किसानों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। पहली बार उत्तराखंड सरकार ने पौड़ी गढ़वाल से 1.2 मीट्रिक टन सेब संयुक्त अरब अमीरात (UAE) को निर्यात किए हैं। यह एक ऐतिहासिक कदम है जिसके बाद अब 8 मीट्रिक टन अतिरिक्त सेब समुद्री रास्ते से भेजने की भी योजना है। इस पहल से उत्तराखंड के सेब उत्पादकों के लिए अंतर्राष्ट्रीय बाज़ारों के दरवाज़े खुल गए हैं।

‘किंग रोट’ किस्म के सेब से हुई शुरुआत

इस निर्यात का संचालन कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) ने किया। एपीडा के अधिकारियों ने बताया कि यह एक तरह का परीक्षण था ताकि यह देखा जा सके कि उत्तराखंड के सेब अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में कैसा प्रदर्शन करते हैं।

इस परीक्षण शिपमेंट में उत्तराखंड के प्रसिद्ध ‘किंग रोट’ किस्म के सेब भेजे गए जो अपनी कुरकुरी बनावट, बेहतरीन स्वाद और प्राकृतिक मिठास के लिए जाने जाते हैं। अधिकारियों ने कहा कि यह परीक्षण सफल रहा तो भविष्य में इसका विस्तार किया जाएगा।

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किसानों को मिलेगा फायदा, बढ़ सकती है आय

गढ़वाल के सांसद अनिल बलूनी ने इस उपलब्धि को गढ़वाल और पूरे उत्तराखंड के लिए गर्व का विषय बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार किसानों की उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित कर रही है और वैश्विक बाजारों तक उनकी पहुंच बना रही है जिससे उनकी आय में बढ़ोतरी हो रही है।

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एपीडा ने लुलु ग्रुप जैसी बड़ी कंपनियों के साथ भी साझेदारी की है ताकि उत्तराखंड के उत्पादों को उनकी अंतर्राष्ट्रीय खुदरा श्रृंखलाओं में जगह मिल सके। इससे किसानों को अपने उत्पादों के लिए बेहतर दाम मिलने की उम्मीद है।

उत्तराखंड के लिए कृषि निर्यात का भविष्य

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के सचिव सुनील बर्थवाल ने बताया कि उत्तराखंड में कृषि निर्यात की अपार संभावनाएं हैं। राज्य से बासमती चावल, मसाले, शहद और विभिन्न प्रकार के फलों व सब्जियों का निर्यात बढ़ाया जा सकता है।

फिलहाल सेब उत्पादन के मामले में उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश से पीछे है लेकिन हाई-डेंसिटी फार्मिंग जैसी नई तकनीकों से उत्पादन बढ़ाया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में मुकाबला कड़ा है खासकर अमेरिका, न्यूजीलैंड और यूरोप के सेबों से लेकिन बेहतर गुणवत्ता और सही मार्केटिंग से उत्तराखंड के सेब अपनी जगह बना सकते हैं।

SBI ने अपने ग्राहकों को दी अहम चेतावनी, सिर्फ इन नंबरों से आता है SBI का कॉल, बाकी कॉल्स Fake

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नई दिल्ली: अगर आप भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के खाताधारक हैं, तो यह जानकारी आपके लिए बेहद जरूरी है। देशभर में बढ़ते ऑनलाइन ठगी के मामलों को देखते हुए SBI ने अपने ग्राहकों को एक अहम चेतावनी दी है। बैंक ने बताया है कि अब धोखेबाज़ खुद को बैंक अधिकारी बताकर ग्राहकों से गोपनीय जानकारी हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन SBI ने साफ कर दिया है कि उसके असली कॉल्स किस नंबर से आते हैं – ताकि आप जालसाजों के झांसे में न फंसें।

SBI की ओर से कॉल सिर्फ इन सीरीज से ही होंगे
SBI ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्पष्ट किया है कि बैंक के ग्राहक सेवा केंद्र केवल ‘1600’ या ‘140’ से शुरू होने वाले नंबरों से ही कॉल करते हैं। यानी अगर आपको इन दोनों सीरीज से कोई कॉल आता है, तो ही वह बैंक का असली कॉल माना जाएगा। बाकी किसी भी अन्य मोबाइल या लैंडलाइन नंबर से आने वाली कॉल्स को लेकर सावधानी बरतना ज़रूरी है – चाहे सामने वाला खुद को कोई भी पदाधिकारी क्यों न बताए।

 ऐसे कॉल्स से रहें सतर्क
अगर कोई अज्ञात नंबर आपको कॉल करके बैंक की जानकारी मांगता है – जैसे आपका खाता नंबर, OTP, डेबिट कार्ड डिटेल्स, पासवर्ड या PIN — तो ऐसे में बिल्कुल भी जवाब न दें। SBI ने दोहराया है कि बैंक कभी भी ऐसी संवेदनशील जानकारियाँ फोन पर नहीं मांगता।

 धोखाधड़ी की स्थिति में कहां करें संपर्क?
अगर दुर्भाग्यवश आप किसी साइबर ठगी का शिकार हो जाते हैं या आपको संदेहास्पद कॉल आती है, तो तुरंत नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें। समय पर दी गई सूचना से फ्रॉड को रोका जा सकता है और आपकी वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित हो सकती है।

 इन बातों का विशेष ध्यान रखें:
-OTP या पासवर्ड किसी के साथ शेयर न करें
-किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें
-संदेहास्पद कॉल आने पर नंबर नोट करें और रिपोर्ट करें
-केवल 1600 और 140 सीरीज से आए कॉल्स को ही SBI का मानें

Post Office Scheme: पोस्ट ऑफिस की इस स्कीम में पत्नी के साथ खोलें खाता, हर महीने मिलेगा इतने का Benefit

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नेशनल डेस्क। पोस्ट ऑफिस अपने ग्राहकों को कई शानदार बचत योजनाएं प्रदान करता है जिनमें से एक है मंथली इनकम स्कीम (MIS)। यह योजना उन लोगों के लिए बेहतरीन है जो एक बार निवेश करके हर महीने एक निश्चित आय पाना चाहते हैं। अगर आप अपनी पत्नी के साथ इस योजना में एक ज्वाइंट अकाउंट खोलते हैं तो आपको हर महीने ₹9250 की फिक्स्ड इनकम मिल सकती है।

MIS स्कीम पर मिल रहा है 7.4% का ब्याज

पोस्ट ऑफिस की एमआईएस योजना में फिलहाल 7.4 प्रतिशत का सालाना ब्याज मिल रहा है। इस स्कीम में आप कम से कम ₹1,000 के साथ खाता खोल सकते हैं।

➤ सिंगल अकाउंट: इसमें अधिकतम ₹9 लाख जमा किए जा सकते हैं।

 

अब Post Office में शुरू करो म्यूचुअल फंड, हर कोई बनेगा अमीर

➤ ज्वाइंट अकाउंट: इसमें अधिकतम ₹15 लाख तक जमा किए जा सकते हैं। एक ज्वाइंट अकाउंट में अधिकतम 3 लोग शामिल हो सकते हैं।

कैसे मिलेगी ₹9250 की मंथली इनकम?

अगर आप और आपकी पत्नी मिलकर एमआईएस स्कीम के ज्वाइंट अकाउंट में अधिकतम राशि, यानी ₹15 लाख का निवेश करते हैं तो आपको हर महीने ₹9250 का ब्याज मिलेगा। यह ब्याज सीधे आपके पोस्ट ऑफिस के सेविंग्स अकाउंट में आएगा।

इस स्कीम की मैच्योरिटी अवधि 5 साल है। 5 साल पूरे होने के बाद आपका निवेश किया गया सारा पैसा भी आपके खाते में वापस ट्रांसफर कर दिया जाता है। इस योजना का लाभ उठाने के लिए आपका पोस्ट ऑफिस में एक सेविंग्स अकाउंट होना जरूरी है। यह स्कीम उन लोगों के लिए एक बेहतरीन विकल्प है जो अपनी बचत से हर महीने एक निश्चित आय चाहते हैं।

Post Office की धांसू स्कीम: ₹1 लाख लगाकर पाएं ₹23,508 का फायदा, जानें क्या है खास?

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नेशनल डेस्क। अगर आप किसी ऐसी योजना में निवेश करना चाहते हैं जहां आपका पैसा पूरी तरह से सुरक्षित रहे और साथ ही अच्छा रिटर्न भी मिल तो पोस्ट ऑफिस की बचत योजनाएं आपके लिए एक शानदार विकल्प हैं। आज हम आपको ऐसी ही एक बेहतरीन स्कीम के बारे में बताने जा रहे हैं जिसमें आप ₹1 लाख जमा करके ₹1,23,508 का फंड बना सकते हैं।

पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट (TD) स्कीम

पोस्ट ऑफिस की टाइम डिपॉजिट स्कीम बिल्कुल बैंकों की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) की तरह काम करती है। इसमें आप एक निश्चित समय के लिए पैसा जमा करते हैं और मैच्योरिटी पर आपको मूल राशि के साथ-साथ तय ब्याज भी मिलता है। इस स्कीम की सबसे खास बात यह है कि इसकी ब्याज दरें अक्सर बैंकों से बेहतर होती हैं।

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वर्तमान ब्याज दरें:

➤ 1 साल के लिए: 6.9%

➤ 2 साल के लिए: 7.0%

➤ 3 साल के लिए: 7.1%

➤ 5 साल के लिए: 7.5%

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₹1 लाख का निवेश और ₹23,508 का फायदा

अगर आप इस स्कीम में 3 साल के लिए ₹1 लाख का निवेश करते हैं तो 3 साल बाद मैच्योरिटी पर आपको कुल ₹1,23,508 मिलेंगे। इसका मतलब है कि आपको बिना किसी जोखिम के ₹23,508 का निश्चित और गारंटीड ब्याज मिलेगा।

इस स्कीम में निवेश की कोई अधिकतम सीमा नहीं है और आप सिर्फ ₹1,000 से भी शुरुआत कर सकते हैं। आप इसमें सिंगल अकाउंट के साथ-साथ ज्वाइंट अकाउंट भी खुलवा सकते हैं। यह योजना हर किसी के लिए एक समान ब्याज दर प्रदान करती है जिससे सभी ग्राहकों को बराबर का फायदा मिलता है।

स्कूल है या खंडहर? 100 नाम, पर रोज आते हैं सिर्फ 12 बच्चे; आगरा के इस सरकारी स्कूल की कहानी जान रह जाएंगे दंग

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Agra News: उत्तर प्रदेश में आगरा जिले के फुलहटी चौराहा पर स्थित रुक्मणि देवी मॉडल उच्च माध्यमिक विद्यालय की हालत बेहद खराब है। इस सरकारी स्कूल में लगभग 100 बच्चे नामांकन तो हैं, लेकिन रोजाना पढ़ाई के लिए केवल 10 से 12 छात्र ही आते हैं। स्कूल का भवन जर्जर स्थिति में है, जिससे बच्चों का पढ़ाई पर नकारात्मक असर पड़ रहा है।

क्लासरूम नहीं, बरामदे में पढ़ाया जाता है बच्चों को
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, विद्यालय में कक्षा 1 से 10 तक पढ़ाई होती है, लेकिन बच्चों को बैठने के लिए क्लासरूम नहीं मिलते। उन्हें बरामदे में बैठाकर पढ़ाया जाता है। यहां ब्लैकबोर्ड भी टेबल पर रखा हुआ है क्योंकि क्लासरूम उपलब्ध नहीं हैं। इस वजह से बच्चों और अभिभावकों का विश्वास टूटा हुआ है और इसलिए बच्चे कम आते हैं।

किराए के भवन में चलता स्कूल, रोज आते हैं 13 बच्चे
विद्यालय के प्रधानाचार्य अरविंद चाहर ने बताया कि यह स्कूल कई सालों से किराए के भवन में संचालित हो रहा है। यहां कुल 9 शिक्षक, एक चौकीदार और एक चपरासी सहित 16 कर्मचारी तैनात हैं। प्रधानाचार्य ने कहा कि खराब भवन की वजह से बच्चे कम आ रहे हैं, लेकिन वे बच्चों की संख्या बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। 21 अगस्त को सिर्फ 13 बच्चे स्कूल में उपस्थित थे।

खराब हालत के कारण बच्चे स्कूल नहीं आते: डीआईओएस
जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) विश्व प्रताप सिंह ने बताया कि स्कूल की खराब स्थिति और क्लासरूम की कमी के कारण बच्चे विद्यालय नहीं आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी इस समस्या पर स्टाफ का वेतन रोक दिया गया था और व्यवस्थाओं को सुधारने के लिए सख्त निर्देश दिए गए थे।

निरीक्षण के बाद होगी कार्रवाई, रोका हुआ है निर्माण कार्य
डीआईओएस ने बताया कि वे जल्द ही स्कूल का निरीक्षण करेंगे और यदि स्कूल की स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वर्तमान में यह विद्यालय किराए के भवन में चल रहा है और इसका मामला उच्च न्यायालय में लंबित है। इसलिए तब तक स्कूल परिसर में कोई निर्माण कार्य नहीं हो सकता।