Thursday, May 28, 2026
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एटा, खेत में संदिग्ध हालत में आग लगी, HT लाइन की चिंगारी से आग की आशंका, किसानों ने आग पर पाया काबू, निधौली थाना क्षेत्र का मामला

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मथुरा, व्यापारी को बंधक बनाकर लूट मामला, परिवार सहित व्यापारी से लूट, करीब 20 लाख रुपये की लूट, 4 टीमों का गठन कर जांच जारी, सुरीर इलाके का मामला

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लखनऊ, कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत का केजरीवाल पर हमला, AAP के दो-तिहाई सांसद पार्टी छोड़ गए- राजपूत, नेतृत्व पर उठाए सवाल, संजय सिंह को बताया सच का नेता

लखनऊ, सपा प्रतिनिधिमंडल पर हमला

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लखनऊ, सपा प्रतिनिधिमंडल पर हमले का मामला, 29 अप्रैल को गाजीपुर जाएंगे अखिलेश यादव, पीड़ितों से करेंगे मुलाकात

 

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लखनऊ, IAS की तैयारी कर रही छात्रा से दुष्कर्म मामला, कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर वारदात, फ्लैट में घुसकर दुष्कर्म का आरोप, आरोपी अमित कुमार गिरफ्तार, ब्लैकमेलिंग कर 35 हजार रुपये वसूले गए

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लखनऊ, आईजीपी में रश्मिरथी पर्व का भव्य आयोजन, मुख्यमंत्री योगी ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया, रश्मिरथी से संवाद स्मारिका का विमोचन किया, तीन दिवसीय पर्व का हुआ शुभारंभ, दिनकर की रचना पर सीएम ने दिया संदेश

Auraiya News: सहायक उपकरणों के लिए दिव्यांगजन करें आवेदन

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औरैया। पिछले तीन साल से यदि दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण नहीं मिले हैं, तो वे आवेदन करते हुए सहायक उपकरण पा सकते हैं। इसके लिए दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग की ओर से पात्रों के आवेदन वेबसाइट पर मांगे गए हैं। जरूरी प्रपत्रों के साथ जानकारी देकर योजना का लाभ उठाया जा सकता है। यही नहीं आवेदन करने के बाद ब्लॉक स्तर पर विभाग की ओर से शिविरों का भी आयोजन किया जाएगा।

सीडीओ संत कुमार ने बताया कि दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के द्वारा कृत्रिम अंग व सहायक उपकरण योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में ऐसे दिव्यांगजन जिन्हें तीन वर्षों में सहायक उपकरण नहीं मिले हैं। उन्हें लाभ देने के लिए वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन मांगे हैं। वांछित पात्र प्रपत्र अपलोड करते हुए आवेदन ब्लॉक स्तरीय शिविरों में जमा कर सकते हैं। दिव्यांग पेंशन, दिव्यांग शादी विवाह प्रोत्साहन पुरस्कार योजना के लिए ऑनलाइन आवेदनों का प्रचार किया जा रहा है। शिविर में दिव्यांगजन अपने पास उपलब्ध प्रमाण पत्रों दिव्यांग प्रमाण पत्र, आय प्रमाण-पत्र, निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, आधार कार्ड की प्रति, दो दिव्यांगता फोटो, मोबाइल नंबर व अन्य जानकारी देनी होगी।

ब्लॉक शिविर आयोजन की तिथि
सदर ब्लॉक सभागार 27 अप्रैल
अजीतमल ब्लॉक सभागार 28 अप्रैल
भाग्यनगर ब्लॉक सभागार 29 अप्रैल
बिधूना ब्लॉक सभागार 30 अप्रैल
अछल्दा ब्लॉक सभागार 4 मई
सहार ब्लॉक सभागार 5 मई
एरवाकटरा ब्लॉक सभागार 6 मई

Auraiya News: समर स्पेशल ट्रेन पहले ही दिन आधा घंटे देरी से आई

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दिबियापुर। रेलवे स्टेशन फफूंद को रेलवे प्रशासन ने नौ दिन के लिए समर स्पेशल ट्रेन की सौगात दी है। सूबेदारगंज से चलकर एनसीआर के दादरी जाने वाली ट्रेन का स्टॉपेज कानपुर सेंट्रल व इटावा के बीच फफूंद स्टेशन पर दिया गया है। बृहस्पतिवार को यह ट्रेन पहले दिन ही आधे घंटे की देरी से पहुंची। वहीं, अन्य ट्रेनें भी लेट होने से यात्रियों को परेशान होना पड़ा।

समर स्पेशल अप रात 12: 03 बजे के स्थान पर 12: 33 बजे स्टेशन पहुंची। वहीं,डाउन ट्रेन निर्धारित समय 11: 25 बजे के स्थान पर 11:55 बजे आई। पहले दिन ट्रेन आने पर कुछ यात्री ही ट्रेन से रवाना हुए। इसके अलावा अप अवध एक्सप्रेस 45 मिनट, गोविंदपुरी से अलीगढ़ जाने वाली पैसेंजर ट्रेन व कानपुर सेंट्रल से इटावा की ओर जाने वाली पैसेंजर 30 मिनट, गोमती एक्सप्रेस एक घंटा देरी से आई। वहीं, कानपुर जाने वाली ऊंचाहार एक्सप्रेस एक घंटा , नेता जी और महानंदा एक्सप्रेस 30 मिनट लेट आने से यात्री परेशान हुए।

बताया गया है कि ग्रीष्मकालीन स्पेशल ट्रेन नौ दिन तक सूबेदारगंज से रात 8:05 बजे चलकर रात 11 बजे कानपुर सेंट्रल पहुंचेगी। कानपुर सेंट्रल पर पांच मिनट के स्टॉपेज के बाद ट्रेन का अगला स्टॉपेज फफूंद स्टेशन पर रात 12:03 पर होगा। यह ट्रेन इटावा, टूंडला, हाथरस अलीगढ़ व खुर्जा के रास्ते सुबह 05:15 बजे दादरी पहुंचेगी। वापसी में दादरी से सुबह 07:15 पर सूबेदारगंज के लिए रवाना होगी। डाउन रूट पर यह समर स्पेशल का फफूंद स्टेशन पर पहुंचने का समय 11:25 बजे है।

UP: ‘पापा मेरे शव को हाथ न लगाएं’, कड़वी यादों और अपमान ने छीनीं प्रियांशु की सांसें, दो पन्नों में लिखा दर्द

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रैंक परीक्षार्थी का नाम प्रतिशत विद्यालय का नाम

 मृदुल 94.40 चौधरी सुघर सिंह इंंटर कॉलेज, जसवंतनगर
2 याचिका सिंह 94.00 चौधरी सुघर सिंह इंंटर कॉलेज, जसवंतनगर
3 प्रीति पाल 93.00 चौधरी सुघर सिंह इंंटर कॉलेज, जसवंतनगर
4 मोनिका 92.80 चौधरी सुघर सिंह इंंटर कॉलेज, जसवंतनगर
5 अदिति दीक्षित 92.60 चौधरी सुघर सिंह इंंटर कॉलेज, जसवंतनगर
5 पल्लवी 92.60 चौधरी सुघर सिंह इंंटर कॉलेज, जसवंतनगर
6 स्वार्थी 92.20 चौधरी सुघर सिंह इंंटर कॉलेज, जसवंतनगर
7 मुस्कान यादव 92.00 चौधरी सुघर सिंह इंंटर कॉलेज, जसवंतनगर
7 वंशिका 92.00 चौधरी सुघर सिंह इंंटर कॉलेज, जसवंतनगर
7 नव्या पाल 92.00 आरएसएम इंटर कॉलेज हरीहरपुर, इटावा
8 शिवानी सिंह 91.80 शिवाजी इंटर कॉलेज कटरा समशेर खां, इटावा
9 निखिल 91.60 मां नारायणी इंटर कॉलेज, जसवंतनगर
10 अभिव्यक्ति यदुवंशिका 91.40 चौधरी सुघर सिंह इंंटर कॉलेज, जसवंतनगर

UP: ‘पापा मेरे शव को हाथ न लगाएं’, कड़वी यादों और अपमान ने छीनीं प्रियांशु की सांसें, दो पन्नों में लिखा दर्द

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Kanpur Court Suicide Case: कानपुर कचहरी में पिता के उत्पीड़न से तंग आकर एक युवा वकील ने सुसाइड नोट लिखकर जान दे दी। सुसाइड नोट में उसने बचपन की कड़वी यादों और पिता द्वारा बार-बार किए गए अपमान को अपनी मौत की वजह बताया है।

कानपुर में कचहरी की पांचवीं मंजिल से छलांग लगाकर जान देने से पहले प्रशिक्षु अधिवक्ता प्रियांशु श्रीवास्तव ने दो पेज के सुसाइड लोट लिखा है कि उनकी आखिरी इच्छा है कि सुसाइड नोट जो भी देखे उसे आखिरी तक पढ़े। पिता राजेंद्र कुमार की डांट, उलाहने और निर्वस्त्र कर घर से निकालने की धमकी उन्हें जिंदगी भर सालती रही। पिता से रिश्ते में इस कदर दूरी आ गई कि उन्हें लिखना पड़ गया… ऐसे पिता भगवान किसी को भी न मिले। पिता उसका शव भी न छू पाएं… पापा जीत गए, उन्हें जीत मुबारक हो।

करीब 24 वर्ष की उम्र में जान देने वाले प्रियांशु ने लिखा कि लॉ 2025 में किया है। बचपन में छह साल की उम्र में चुपके से फ्रिज में रखा मैंगोशेक पी लेने पर पिता ने निर्वस्त्र कर घर से निकाल दिया था। वह शर्मिंदगी जहन में बैठ गई। आगे लिखा कि पढ़ाई के लिए दबाव, अधूरी तैयारी पर पीटना तो फिर भी ठीक था लेकिन हर पल शक की नजर से देखना हर मिनट का हिसाब लेना, कहीं न कहीं मानसिक टार्चर ही रहा।

सबके सामने बेइज्जत करना नहीं भूलते थे पिता
टार्चर इस सीमा तक नहीं हो कि नफरत में बदल जाए। सुसाइड नोट के अनुसार पिता के कक्षा नौ में विषय के चयन से लेकर कम अंक आने पर घर से निर्वस्त्र कर निकालने की धमकी के डर से नापसंद विषय भी लेने पड़े। हाईस्कूल में अंक कम आने पर घर छोड़कर मथुरा पहुंच गया था। बचपन में चुराए गए एक रुपये के सिक्के वाली गलती को पिता सबके सामने कह कर बेइज्जत करना नहीं भूलते थे।

Kanpur Suicide bitter memories and humiliation claimed Priyanshu life his anguish penned across two pages
सुसाइड नोट – फोटो : amar ujala

जीवन में जरूरत से ज्यादा दखल दी जा रही थी
पिता को घर खर्च में मदद कर सकूं, इसलिए ट्यूशन भी पढ़ाया। अपना ऑनलाइन वर्क कर पिता को मोबाइल और बहन को फोन संग स्कूटी दिलाई। इसके बावजूद पिता शारीरिक रूप से कमजाेर होने का आरोप लगाते थे। लिखा कि उनका न तो गलत शौक है न संगत। पिता खुद का घर और ऑफिस न बना पाने का ताना देते हैं। उसके पास किसका फोन आया, कहां जा रहे हो जैसी जरूरत से ज्यादा दखल उसके जीवन में दी जा रही थी।

मां और बहन को ढेर सारा प्यार देने की बात लिखी
सुसाइड नोट के अनुसार गुरुवार को भी पिता ने मोहल्ले में सबके के सामने बेइज्जत किया। ऐसे हालातों में उसकी जीने की इच्छा खत्म हो गई। लिखा कि पापा जीत गए…उन्हें जीत मुबारक हो, क्योंकि इतनी बंदिशों और बेइज्जती के साथ वह जी नहीं सकता। आगे पिता पर कोई कार्रवाई न करने की बात लिखी है। साथ ही मां और बहन को ढेर सारा प्यार देने की बात लिखी है।

ये था पूरा मामला
पिता की डांट, समाज का दबाव और जीवन में कुछ न कर पाने की हताशा ने युवा प्रशिक्षु अधिवक्ता को मौत का रास्ता चुनने पर मजबूर कर दिया। बर्रा-8 वरुण विहार के रहने वाले 24 वर्षीय प्रियांशु श्रीवास्तव ने गुरुवार को न्यायालय भवन की पांचवीं मंजिल से कूदकर जान दे दी। उसने सुसाइड नोट में पिता राजेंद्र कुमार पर आक्रोश व्यक्त किया है। पिता से उसे इतनी नफरत थी कि उसने उन्हें शव छूने तक के लिए मना करने की बात लिखी है।

तीन घंटे पहले ही व्हाट्सएप स्टेटस पर लगाया सुसाइड नोट
लिखा है कि ऐसे पिता भगवान किसी को भी न मिले। कचहरी में गुरुवार दोपहर लगभग साढ़े तीन बजे प्रशिक्षु अधिवक्ता प्रियांशु श्रीवास्तव के न्यायालय भवन की पांचवीं मंजिल से छलांग लगा दी। आनन-फानन पुलिस और कोर्ट की सुरक्षा में तैनात विशेष सुरक्षा बल के जवान प्रियांशु को उर्सला ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। जानकारी के अनुसार, घटना से लगभग तीन घंटे पहले ही घर पर हुए विवाद के बाद प्रियांशु ने दो पेज का सुसाइड नोट लिखकर अपने व्हाट्सएप स्टेटस पर लगा दिया था।

सिर फट गया और मांस के लोथड़े बाहर आ गए
इसमें उसने कचहरी जाकर खुदकुशी करने की बात लिखी थी। इसके बाद परिजन प्रियांशु को तलाश रहे थे। प्रियांशु विधि स्नातक की परीक्षा पास करने के बाद अपने पिता राजेंद्र कुमार श्रीवास्तव के साथ बैठकर वकालत का प्रशिक्षण ले रहा था। पांचवीं मंजिल से प्रियांशु जिस जगह गिरा वहां सामान्यत: किसी का आना-जाना नहीं होता है। आसपास कूड़े का ढेर है और वहां आवाजाही का रास्ता भी बंद रहता है। ऊंचाई से गिरने के कारण प्रियांशु का सिर फट गया और मांस के लोथड़े बाहर आ गए थे। चारों ओर खून ही खून बिखरा था।

छह माह पहले स्टेनोग्राफर ने की थी खुदकुशी
एक साल के अंदर कचहरी में खुदकुशी की यह दूसरी घटना है। छह माह पहले धनतेरस के दिन 18 अक्तूबर को न्यायालय भवन की छठवीं मंजिल से कूदकर सिविल जज सीनियर डिवीजन की कोर्ट में स्टेनोग्राफर के पद पर कार्यरत नेहा संखवार ने खुदकुशी कर ली थी।