लखनऊ- घोसी उपचुनाव में सपा ने उतारा प्रत्याशी, सुधाकर सिंह के बेटे सुजीत सिंह को प्रत्याशी बनाया , शिवपाल सिंह यादव ने नाम का ऐलान किया
काशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन का बड़ा फैसला…स्पर्श दर्शन पर अस्थायी रोक, जानिए कैसे होंगे बाबा के दर्शन
वाराणसी: शीतकाल में वर्ष के अंतिम दिनों तथा छुट्टियों के सीजन में श्रद्धालुओं की अत्यधिक भीड़ के मद्देनजर वाराणसी के श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में स्पर्श दर्शन पर अस्थायी रोक लगी हुई है। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्वभूषण मिश्र ने बताया कि 24 दिसंबर से बढ़ती भीड़ को देखते हुए कुछ निर्णय लिए गए हैं। दर्शन के लिए विशेष व्यवस्था, किसी भी तरह का प्रोटोकॉल या विशेष अनुरोध स्वीकार करना संभव नहीं हो पा रहा है।
‘श्रद्धालुओं को झांकी दर्शन ही कराया जा रहा’
विश्वभूषण मिश्र ने बताया कि श्रद्धालुओं को झांकी दर्शन ही कराया जा रहा है। स्पर्श दर्शन पर अस्थायी रोक लगा दी गई है। यह व्यवस्था तीन जनवरी तक लागू रहेगी। समीक्षा के बाद आगे पुन: निर्णय लिया जाएगा। मंदिर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह निर्णय श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है। श्रद्धालुओं से अनुरोध किया गया है कि वे स्पर्श दर्शन या किसी अन्य विशेष सुविधा के लिए आग्रह न करें तथा सामान्य दर्शन व्यवस्था में सहयोग करें।
कब तक रहेंगे ऐसा?
मंदिर न्यास ने बताया कि तीन जनवरी को स्थिति की पुन: समीक्षा की जाएगी। यदि उस समय भीड़ कम पाई जाती है, तो परिस्थितियों के अनुसार आगे आवश्यक निर्णय लिया जाएगा। तब तक विशेष दर्शन व्यवस्था बंद रहेगी। साथ ही यह भी कहा गया है कि मंदिर में दर्शन आस्था का विषय है, न कि सुविधा या प्रतिष्ठा का। इसलिए सभी श्रद्धालुओं से बार-बार अपील की जा रही है कि वे सहयोग करें।
गोरखपुर में 4 दिन तक छुपा रहा हत्या का राज, 6 फीट गहरे गड्ढे की खुदाई में निकली पत्नी की लाश—ऐसे हुआ सनसनीखेज खुलासा!
Gorakhpur News: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। जहां बेलघाट थाना क्षेत्र के बेईली कुंड गांव में एक युवक ने अपने अवैध संबंध के शक में अपनी 25 वर्षीय पत्नी खुशबू की गला दबाकर हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपी ने साक्ष्य छुपाने के लिए घर के पीछे लगभग 6 फीट गहरा गड्ढा खोदकर शव को दफना दिया।
चार दिन तक फैलाई झूठी खबर
हत्या के बाद आरोपी अर्जुन ने ससुराल में अफवाह फैला दी कि उसकी पत्नी रुपये और मोबाइल लेकर कहीं चली गई है। चार दिन बाद आरोपी के पिता श्याम नारायण की सूचना पर पुलिस ने मामले की जांच की, जिससे हत्या का खुलासा हुआ। पुलिस ने शव को गड्ढे से निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
लुधियाना से लौटा था पति
पुलिस के अनुसार, अर्जुन मूल रूप से लुधियाना में मजदूरी करता था। करीब 15 दिन पहले वह गांव लौटा था। उसी दौरान उसने पत्नी खुशबू की हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को जमीन में दफनाकर उसने लोगों को गुमराह करना शुरू कर दिया।
ससुराल में फैलाई झूठी कहानी
अर्जुन ने ससुराल में कहा कि खुशबू तीन हजार रुपये और मोबाइल लेकर कहीं चली गई है। उसकी मां को बेटे पर शक हुआ और उन्होंने पिता श्याम नारायण को सूचना दी। इसके बाद श्याम नारायण ने पुलिस को बताया और मामला सामने आया।
पुलिस को भी किया गुमराह
पुलिस ने जब जांच शुरू की तो अर्जुन लगातार बयान बदलता रहा। पहले कहा पत्नी घर छोड़कर चली गई, फिर दावा किया कि खुशबू ने आत्महत्या की, और शव को राप्ती नदी में बहा दिया। लेकिन पुलिस की सख्ती और पूछताछ के बाद उसने कबूल किया कि उसने पत्नी की हत्या की और शव घर के पीछे जमीन में दफना दिया।
मोबाइल फोन बना हत्या की वजह
जांच में पता चला कि अर्जुन को पत्नी के नए मोबाइल फोन पर शक हुआ। फोन पर आने वाली कॉल्स को लेकर विवाद और गहराने के बाद उसने पत्नी की हत्या कर दी।
शादी और परिवार
अर्जुन और खुशबू की शादी 25 जून 2023 को हुई थी। खुशबू के माता-पिता का पहले ही निधन हो चुका है। मायके में उसके दो नाबालिग भाई (गोलू-13, कन्हैया-11) और एक बहन आकांक्षा (8) हैं।
आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने अर्जुन को गिरफ्तार कर लिया है। सीओ खजनी शिल्पी कुमारी ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कड़ाके की ठंड और कोहरे ने बढ़ाई किसानों की चिंता, फसलें हो रही प्रभावित; सहायता की मांग कर रहे किसान
प्रयागराज: उत्तर प्रदेश में प्रयागराज के मेजा क्षेत्र में लगातार पड़ रहे घने कोहरे और ठंड से किसानों की चिंता बढ़ गई है। विशेष रूप से सरसों की फसल पर इसका प्रतिकूल असर देखा जा रहा है। सुबह-शाम लंबे समय तक छाए रहने वाले कोहरे के कारण खेतों में नमी अत्यधिक बढ़ गई है, जिससे सरसों के पौधों में रोग लगने की आशंका है और कई स्थानों पर फसल पीली पड़ने लगी है।
क्या कहते है किसान?
किसानों के अनुसार, कोहरे की वजह से पौधों को पर्याप्त धूप नहीं मिल पा रही है, जिससे उनकी बढ़वार रुक गई है। इसके चलते फूलों और फलियों के बनने की प्रक्रिया भी प्रभावित हो रही है। कई खेतों में सरसों की पत्तियों पर सफेद धब्बे और फफूंद जैसे लक्षण दिखाई देने लगे हैं, जो उत्पादन पर बड़ा असर डाल सकते हैं।
सहायता की मांग कर रहे किसान
वहीं, परवा गांव के किसान मोहनलाल पटेल ने बताया कि इस साल सरसों की फसल अच्छी थी, लेकिन पिछले कई दिनों से घना कोहरा पड़ने के कारण पौधे कमजोर हो गए हैं। उनके अनुसार, खेत में नमी बढ़ने से रोग फैलने का डर बना हुआ है। वहीं, हुल्का गांव के किसान योगेश यादव ने कहा कि धूप न निकलने से फसल की बढ़वार रुक गई है और यदि जल्द मौसम साफ नहीं हुआ तो भारी नुकसान हो सकता है। किसानों ने कृषि विभाग से मार्गदर्शन और सहायता की मांग की है। उनका कहना है कि समय पर सलाह और दवाइयों की जानकारी मिलने से नुकसान को कुछ हद तक रोका जा सकता है। कुछ किसानों ने फसल बीमा का मुद्दा भी उठाया और मांग की कि यदि नुकसान अधिक होता है तो उन्हें बीमा योजना के तहत मुआवजा मिलना चाहिए।
कृषि विशेषज्ञों ने क्या कहा?
वही, कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि घने कोहरे की स्थिति में खेतों में जल निकासीस पर विशेष ध्यान देना चाहिए और रोग नियंत्रण के लिए उचित दवाओं का छिड़काव करना चाहिए। उनका मानना है कि मौसम साफ होते ही हल्की धूप मिलने से फसल को राहत मिल सकती है। फिलहाल, क्षेत्र के किसान मौसम में सुधार की उम्मीद लगाए हुए हैं।
3 साल relationship में रहीं हेमा और पूजा; अब रचाई शादी, परिवार ने भी अपनाया…बहू का ससुराल में हुआ ऐसे स्वागत
महोबा: उत्तर प्रदेश के महोबा जिले से दो युवतियों की एक अनोखी प्रेम कहानी सामने आई है। दोनों युवतियां एक दूसरे से बहुत प्यार करती है और तीन साल तक रिश्ते में रहने के बाद उन्होंने एक दूसरे से शादी रचा ली। इनमें से एक युवती हेमा ने पुरुष बनकर अपनी प्रेमिका पूजा से दिल्ली की अदालत में कोर्ट मैरिज की। खास बात यह है कि दोनों के परिवारों ने भी इस रिश्ते को स्वीकार कर लिया और दोनों को बेटा-बहू के रूप में अपनाया है।
कैसे शुरू हुई प्रेम कहानी
चरखारी कस्बे के छोटा रमना मोहल्ले की रहने वाली हेमा (20) अपने परिवार के साथ दिल्ली में रहती है। बचपन से ही हेमा को लड़कों जैसे कपड़े पहनने और रहन-सहन का शौक था। उसका ननिहाल मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के चंदला क्षेत्र के लबरहा गांव में है। वहीं उसकी मुलाकात पूजा (18) से हुई, जो उसी गांव की रहने वाली है। धीरे-धीरे दोनों में दोस्ती हुई और फिर मोबाइल पर बातचीत शुरू हो गई। यह दोस्ती प्यार में बदल गई।
तीन साल से था रिलेशनशिप
करीब तीन साल तक दोनों एक-दूसरे को समझती रहीं। समाज और रिश्तेदारों के विरोध के बावजूद दोनों ने 6 अक्टूबर को दिल्ली में कोर्ट मैरिज कर ली। शादी के बाद हेमा अपनी पत्नी पूजा को लेकर महोबा के चरखारी गांव पहुंची। उन्हें देखने के लिए गांव में लोगों की भीड़ जमा हो गई। दोनों की शादी को लेकर पहले परिवार वाले नहीं मान रहे थे, लेकिन फिर उन्होंने दोनों को स्वीकार कर लिया और हेमा के परिवार ने बहू के स्वागत में पारंपरिक रस्में निभाईं, जैसे मुंह दिखाई, बधाई गीत और अन्य रीति-रिवाज।
हेमा कराएगी जेंडर चेंज सर्जरी
पूजा का कहना है कि उसने दिल से हेमा को अपना पति माना है और किसी भी दबाव के आगे नहीं झुकी। वहीं हेमा ने बताया कि वह भविष्य में जेंडर चेंज सर्जरी कराने की कोशिश करेगी, हालांकि सर्जरी न होने पर भी दोनों साथ रहेंगे। वहीं, हेमा की मां फूलबती ने कहा कि उन्हें इस शादी से कोई आपत्ति नहीं है। बच्चों की खुशी में ही परिवार की खुशी है।
उम्र बढ़ाकर बनवा दिए 350 फर्जी वोटर! पंचायत चुनाव से ठीक पहले संभल में बड़ा खुलासा—48 लोगों पर FIR से मचा हड़कंप
Sambhal News: उत्तर प्रदेश में संभल जिले के असमोली थाना क्षेत्र के बिलालपत गांव में पंचायत चुनावों से ठीक पहले मतदाता सूची में फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। फर्जी दस्तावेजों के जरिए वोटर आईडी बनवाने के आरोप में 48 लोगों के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। आरोप है कि आधार में छेड़छाड़ करके 12 साल के बच्चों की उम्र बढ़ा दी गई और उनका वोटर कार्ड बनवाया गया।
कैसे सामने आया मामला?
यह खुलासा तब हुआ जब जिलाधिकारी राजेंद्र पेंसिया ने गांव में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान स्थानीय निवासियों मोहम्मद कमर और मोहम्मद फारूक ने शिकायत की कि फर्जी दस्तावेजों से कई लोगों के नाम मतदाता सूची में जोड़े गए हैं।
जांच में मिले गंभीर तथ्य
डीएम के निर्देश पर गठित जांच समिति ने पुष्टि की कि 48 व्यक्तियों ने आधार कार्ड में अवैध बदलाव और अन्य जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल कर वोटर आईडी प्राप्त करने की कोशिश की। इनमें बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) को गुमराह करने का भी आरोप शामिल है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद डीएम ने सख्त कार्रवाई के आदेश दिए। इसके बाद गांव के लेखपाल गुन्नू बाबू ने असमोली थाने में तहरीर दी।
FIR और कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने 48 आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 336(2), 338, 340(2) और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 31 के तहत FIR दर्ज की है। अधिकारी मान रहे हैं कि आधार संशोधन के जरिए उम्र या अन्य विवरण बदलकर फर्जी वोटर बनाने की कोशिश की गई। जांच में और लोगों के शामिल होने की भी आशंका जताई जा रही है।
प्रशासन ने दी चेतावनी
जिला प्रशासन ने कहा कि संभल में मतदाता सूची की पूरी जांच जारी रहेगी ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया की पवित्रता बनी रहे। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर वोटर आईडी बनवाना गंभीर अपराध है, जिसे किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस और जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की धोखाधड़ी में शामिल न हों और शुद्ध मतदाता सूची तैयार करने में सहयोग करें। मामले की जांच अभी जारी है और जल्द ही आगे की कार्रवाई की उम्मीद है।
3 साल relationship में रहीं हेमा और पूजा; अब रचाई शादी, परिवार ने भी अपनाया…बहू का ससुराल में हुआ ऐसे स्वागत
महोबा: उत्तर प्रदेश के महोबा जिले से दो युवतियों की एक अनोखी प्रेम कहानी सामने आई है। दोनों युवतियां एक दूसरे से बहुत प्यार करती है और तीन साल तक रिश्ते में रहने के बाद उन्होंने एक दूसरे से शादी रचा ली। इनमें से एक युवती हेमा ने पुरुष बनकर अपनी प्रेमिका पूजा से दिल्ली की अदालत में कोर्ट मैरिज की। खास बात यह है कि दोनों के परिवारों ने भी इस रिश्ते को स्वीकार कर लिया और दोनों को बेटा-बहू के रूप में अपनाया है।
कैसे शुरू हुई प्रेम कहानी
चरखारी कस्बे के छोटा रमना मोहल्ले की रहने वाली हेमा (20) अपने परिवार के साथ दिल्ली में रहती है। बचपन से ही हेमा को लड़कों जैसे कपड़े पहनने और रहन-सहन का शौक था। उसका ननिहाल मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के चंदला क्षेत्र के लबरहा गांव में है। वहीं उसकी मुलाकात पूजा (18) से हुई, जो उसी गांव की रहने वाली है। धीरे-धीरे दोनों में दोस्ती हुई और फिर मोबाइल पर बातचीत शुरू हो गई। यह दोस्ती प्यार में बदल गई।
तीन साल से था रिलेशनशिप
करीब तीन साल तक दोनों एक-दूसरे को समझती रहीं। समाज और रिश्तेदारों के विरोध के बावजूद दोनों ने 6 अक्टूबर को दिल्ली में कोर्ट मैरिज कर ली। शादी के बाद हेमा अपनी पत्नी पूजा को लेकर महोबा के चरखारी गांव पहुंची। उन्हें देखने के लिए गांव में लोगों की भीड़ जमा हो गई। दोनों की शादी को लेकर पहले परिवार वाले नहीं मान रहे थे, लेकिन फिर उन्होंने दोनों को स्वीकार कर लिया और हेमा के परिवार ने बहू के स्वागत में पारंपरिक रस्में निभाईं, जैसे मुंह दिखाई, बधाई गीत और अन्य रीति-रिवाज।
हेमा कराएगी जेंडर चेंज सर्जरी
पूजा का कहना है कि उसने दिल से हेमा को अपना पति माना है और किसी भी दबाव के आगे नहीं झुकी। वहीं हेमा ने बताया कि वह भविष्य में जेंडर चेंज सर्जरी कराने की कोशिश करेगी, हालांकि सर्जरी न होने पर भी दोनों साथ रहेंगे। वहीं, हेमा की मां फूलबती ने कहा कि उन्हें इस शादी से कोई आपत्ति नहीं है। बच्चों की खुशी में ही परिवार की खुशी है।
कुत्ता था बीमार, डिप्रेशन में बहनें: मम्मी से कहा- ‘हमने फिनाइल पी लिया’, फिर दोनों की हो गई मौत; परिवार में छाया मातम
Lucknow News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। जहां जलालपुर के दौदाखेड़ इलाके की दो सगी बहनों ने एक साथ फिनायल पीकर आत्महत्या की कोशिश की। आनन-फानन में परिजनों ने दोनों को रानी लक्ष्मीबाई अस्पताल में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान 25 वर्षीय बड़ी बहन राधा की मौत हो गई। छोटी बहन जिया उर्फ शानू को मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, लेकिन गुरुवार दोपहर उनकी भी मौत हो गई।
पालतू कुत्ते की तबीयत बिगड़ने से डिप्रेशन
परिजनों ने बताया कि दोनों बहनें घर में पाली गई जर्मन शेफर्ड डॉगी की खराब तबीयत से काफी परेशान थीं। कुत्ते की बीमारी और घर की स्थिति ने दोनों की मानसिक स्थिति को प्रभावित किया और वे डिप्रेशन में चली गईं।
पहले ही दुख झेल चुका था परिवार
इस परिवार के लिए दुख पहले ही भारी था। कोरोना काल में उनके जवान बेटे की मौत हो चुकी थी। अब दो बेटियों की मौत से परिवार पूरी तरह टूट गया है। परिजन गुलाबा देवी (मां), कैलाश चौहान (पिता) और एकलौता बेटा वीर उर्फ नीरज हैं।
परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर
परिवार की आर्थिक स्थिति भी बहुत खराब बताई जा रही है। पिता कैलाश चौहान रुई धुनाई का काम करते थे, लेकिन पिछले 6 महीने से गंभीर बीमारी के कारण बिस्तर पर हैं। छोटा बेटा पहले ही चल बसा था और बड़ा बेटा वीर प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करता है।
पूरे इलाके में मातम
इस घटना के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। लोग हैरान हैं कि दो पढ़ी-लिखी युवतियों ने अपने पालतू डॉग की बीमारी के कारण इतना बड़ा कदम क्यों उठाया। पारा पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आगे की जांच में जुटी है।
फर्जी लूट केस में 3 साल जेल! अब पलटा खेल—संभल कोर्ट के आदेश पर 13 पुलिसकर्मियों पर FIR से मचा हड़कंप, जानें पूरा मामला
Sambhal News: उत्तर प्रदेश के संभल जिले में एक फर्जी लूट मामले को लेकर अदालत ने पुलिस के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। एक व्यक्ति को झूठे आरोप में 3 साल तक जेल भेजने के मामले में संभल की अदालत ने 13 पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है। यह आदेश बुधवार को पीड़ित ओमवीर कुमार की याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया गया।
अदालत ने उठाए पुलिस की कार्रवाई पर सवाल
50 वर्षीय ओमवीर कुमार का आरोप है कि पुलिस ने किसी बड़ी सफलता को दिखाने के लिए उन्हें झूठे लूट केस में फंसा दिया। इतना ही नहीं, उन्हें मीडिया के सामने एक अंतरराष्ट्रीय चोर के रूप में पेश किया गया। ओमवीर के वकील सुकांत कुमार ने बताया कि अदालत ने इस मामले में दो इंस्पेक्टर, चार सब-इंस्पेक्टर और सात अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।
लूट के वक्त जेल में था आरोपी
पुलिस के अनुसार, 25 अप्रैल 2022 को संभल में दूध विक्रेता दुर्वेश से करीब एक लाख रुपये की लूट हुई थी। इस मामले में पुलिस ने 7 जुलाई 2022 को ओमवीर कुमार और ऋषिपाल को गिरफ्तार किया। लेकिन अदालत और जेल रिकॉर्ड से चौंकाने वाला तथ्य सामने आया। रिकॉर्ड के मुताबिक, ओमवीर उस समय बदायूं जेल में बंद थे और 11 अप्रैल से 12 मई 2022 तक आर्म्स एक्ट के एक मामले में जेल में थे। अदालत ने सवाल किया कि जब ओमवीर पहले से जेल में थे, तो वे लूट की वारदात कैसे कर सकते थे?
पुरानी रंजिश में फंसाने का आरोप
ओमवीर ने अदालत को बताया कि गांव के प्रधान से उनकी पुरानी रंजिश थी और कुछ पुलिसकर्मी प्रधान के संपर्क में थे। उनका आरोप है कि लंबित मामलों में नतीजे दिखाने के दबाव में पुलिस ने उन्हें और ऋषिपाल को जबरन गिरफ्तार किया। इसके बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उन्हें खतरनाक अपराधी बताया गया और 19 टूटी हुई मोटरसाइकिलों को बरामदगी के रूप में दिखाया गया।
‘नकारात्मक राजनीति का शिकार ना बनें…’, जाति विशेष की बैठक करने वाले जनप्रतिनिधियों को भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी ने दी चेतावनी
लखनऊ: भारतीय जनता पार्टी (BJP) की उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष पंकज चौधरी ने पार्टी के जन प्रतिनिधियों को आगाह किया है कि वे किसी तरह की ‘नकारात्मक राजनीति’ का शिकार न बनें। भाजपा के ब्राह्मण विधायकों की लखनऊ में 23 दिसंबर को हुई एक कथित बैठक को लेकर हो रही चर्चाओं के बीच पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष चौधरी ने एक बयान में पार्टी विधायकों को चेतावनी दी।
पंकज चौधरी ने दी चेतावनी
पंकज चौधरी ने दो टूक कहा, “भविष्य में अगर भाजपा के किसी जनप्रतिनिधि द्वारा इस तरह की गतिविधियों को दोहराया गया, तब ऐसी स्थिति में उसे पार्टी के संविधान के अनुरूप अनुशासन हीनता माना जाएगा।” चौधरी ने अपने बयान में किसी का नाम लिए बगैर कहा, “मीडिया में प्रसारित एक कथित समाचार के अनुसार पिछले दिनों विधानसभा सत्र के दौरान कुछ जनप्रतिनिधियों द्वारा विशेष भोज का आयोजन किया गया था जिसमें अपने समाज को लेकर चर्चा की गई।” उन्होंने कहा, “हमने जनप्रतिनिधियों के साथ सतर्कता के साथ बातचीत की है। सभी को स्पष्ट कहा गया है कि ऐसी कोई भी गतिविधि भाजपा की संवैधानिक परंपराओं के अनुकूल नहीं है। इससे समाज में गलत संदेश प्रसारित होता है।”
‘भाजपा सिद्धांतों और आदर्शों पर आधारित राजनीतिक दल’
चौधरी ने कहा कि भाजपा सिद्धांतों और आदर्शों पर आधारित राजनीतिक दल है। भाजपा और उसके कार्यकर्ता परिवार या वर्ग विशेष को लेकर राजनीति करने में विश्वास नहीं करते हैं। मीडिया में आई खबरों के मुताबिक 23 दिसंबर को कुशीनगर से भाजपा विधायक पी. एन. पाठक के लखनऊ स्थित आवास पर आयोजित एक कार्यक्रम में कथित रूप से भाजपा के ब्राह्मण बिरादरी के विधायकों की बैठक हुई थी। इसमें पूर्वांचल और बुंदेलखंड के करीब 40 विधायकों ने हिस्सा लिया था। इस बैठक का कोई ब्यौरा नहीं मिल सका है, मगर इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।

