यूपी में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत जारी मसौदा मतदाता सूची पर दावे व आपत्तियों की अंतिम तिथि बढ़ने की उम्मीद है। अभी 6 फरवरी अंतिम तारीख है। सूत्रों के मुताबिक, अभी तक तार्किक असंगति के नोटिसों की सुनवाई तक प्रारंभ नहीं हुई है। वहीं, एक बार नोटिस का जवाब न देने वाले मतदाताओं को दुबारा जवाब देने का अवसर दिया जाएगा।ऐसे मतदाता जिनके नाम का मिलान 2003 की मतदाता सूची से नहीं हो पाया है, उन्हें नोटिस जारी किया गया है। ऐसे 1.04 करोड़ लोगों को नोटिस जारी की गई है। अभी तक नोटिस पाने वाले लोगों में से बमुश्किल 50 प्रतिशत ही जवाब देने पहुंचे हैं। जो लोग अभी तक जवाब देने नहीं पहुंच पाए हैं, उनके मामले में सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (एईआरओ) को निर्देश दिए गए हैं कि वे उन्हें दुबारा सुनवाई की तिथि दें। उन्हें एसएमएस व बीएलओ के माध्यम से यह संदेश भिजवाया जाएगा कि वे दूसरी तारीख को जवाब देने पहुंच सकते हैं।
UP Weather: पश्चिमी यूपी में आज से बारिश के आसार, कोहरे में आएगी कमी; इन जिलों में ‘कोल्ड डे’ की आशंका
मौसम में उतार-चढ़ाव का सिलसिला बदस्तूर जारी है। शनिवार को प्रदेश के ज्यादातर इलाकों में घना कोहरा छाया रहा और सुबह ठंड के साथ तेज हवा की वजह से सिहरन महसूस की गई। मौसम विभाग के अनुसार, रविवार से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश की संभावना है। सोमवार को इसका असर प्रदेश के अन्य जिलों में भी देखने को मिल सकता है।मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार को सुबह बरेली, गाजियाबाद, अलीगढ़, आगरा, कानपुर और आजमगढ़ में घना कोहरा रहा और यहां दृश्यता शून्य दर्ज की गई। इसके अलावा मेरठ में दृश्यता 10 मीटर, बरेली और बलिया में 20, हमीरपुर में 40 और लखनऊ में 50 मीटर रही। प्रदेश में सबसे ठंडा हरदोई रहा जहां पर न्यूनतम तापमान 6.5 डिग्री दर्ज किया गया। दूसरे नंबर पर मुजफ्फरनगर में न्यूनतम तापमान 6.6 डिग्री, मेरठ में 6.8 डिग्री, कानपुर और बाराबंकी में 7 और राजधानी लखनऊ में 8.8 डिग्री दर्ज किया गया।
Live Budget 2026 LIVE: सुबह 11 बजे निर्मला सीतारमण पेश करेंगी अपना नौवां बजट; वैश्विक संकट के बीच इन मुद्दों पर नजर
India Budget (Aam Budget) 2026, Nirmala Sitharaman Speech Live: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज यानि 1 फरवरी को लगातार नौवां बजट पेश कर देश के संसदीय इतिहास में एक नया रिकॉर्ड दर्ज करेंगी। इस बजट में विकास की गति बनाए रखने, राजकोषीय अनुशासन को बरकरार रखने, विनिर्माण क्षेत्र और रोजगार को बढ़ावा देने के उपायों को शामिल किए जाने की उम्मीद है। ऐसे में बजट 2026 से जुड़ी हर बड़ी घोषणा और पल-पल के अपडेट्स के लिए इस लाइव ब्लॉग से जुड़े रहें…
Budget 2026 Expectations Live: बजट से क्या उम्मीदें?
बजट पेश होने से पहले नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर शिव मंगल राही ने कहा, ‘मैं IT सेक्टर में प्राइवेट सेक्टर का कर्मचारी हूं। पिछली बार सरकार ने हमें बड़ी राहत दी थी। मुझे इस बार भी हमारे लिए कुछ उम्मीद है, कि टैक्स स्लैब में कुछ छूट मिले और नया टैक्स सिस्टम और भी बेहतर बनाया जाए। उम्मीद है कि रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में सुविधाओं में सुधार होगा, इंफ्रास्ट्रक्चर जरूरी है। मुझे लगता है कि सरकार महंगाई के बारे में भी कुछ करेगी।’
एक अन्य पैसेंजर ने कहा, ‘मुझे बजट से बहुत उम्मीदें हैं। पिछले साल का बजट बहुत अच्छा था। उन्होंने इनकम टैक्स स्लैब को रिवाइज किया था, जिससे मिडिल क्लास को फायदा हुआ। मौजूदा भू-राजनीतिक हालात को देखते हुए बजट बहुत जरूरी हो जाता है। भारत खुद को एक सॉफ्ट पावर के तौर पर पेश करता है।
गन्ने के खेत में तेंदुआ मृत मिला, वन विभाग के अधिकारी बोले- पोस्टमार्टम रिपोर्ट से सच आएगा सामने
पीलीभीत: जनपद के सेहरामऊ उत्तरी क्षेत्र के ग्राम श्रीनगर गौंटिया में शनिवार को तेंदुआ संदिग्ध परिस्थितियों में मृत मिला। तेंदुआ की पिछले तीन दिनों से क्षेत्र में आवाजाही देखी जा रही थी, जिससे ग्रामीणों में भय व्याप्त था। घटना की सूचना पर पहुंचे खुटार सामाजिक वानिकी रेंजर मनोज कुमार श्रीवास्तव ने अपनी टीम के साथ घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया।
वन विभाग ने शव को कब्जे में लेकर रेंज कार्यालय पहुंचाया। रेंजर मनोज कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि प्राथमिक जांच में यह बात सामने आयी है कि तेंदुआ पिछले कुछ दिनों से बीमार था और इसी कारण वह आबादी के निकट गन्ने के खेतों में रह रहा था। उन्होंने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई), बरेली भेज दिया गया है।
उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही तेंदुए की मौत के सही कारणों का पता चल पाएगा। क्षेत्रीय ग्रामीणों के अनुसार, पिछले तीन दिनों से गांव पटिहन और आसपास की आबादी के पास तेंदुए की आवाजाही देखी जा रही थी। बृहस्पतिवार देर रात उसे नेतापुर की आबादी में भी घुसते हुए देखा गया था। ग्रामीणों की सूचना पर सामाजिक वानिकी विभाग की टीम तेंदुए की लगातार निगरानी कर रही थी। हालांकि, शुक्रवार रात संदिग्ध परिस्थितियों में उसकी मृत्यु हो गई। शनिवार सुबह जब ग्रामीण खेतों की ओर गए, तो उन्होंने श्रीनगर गौंटिया से सटे गन्ने के खेत में तेंदुए को मरा हुआ पाया।
अयोध्या के GST डिप्टी कमिश्नर ने वापस लिया इस्तीफा, फर्जी सर्टिफिकेट पर कही ये बात
अयोध्या: सीएम योगी पर विवादित टिप्पणी से आहत होकर नौकरी से इस्तीफा देने वाले उपायुक्त प्रशांत कुमार सिंह ने अपना इस्तीफा वापस ले लिया है। उन्होंने साफ कहा कि उन्होंने बिना किसी दबाव के यह फैसला लिया है और फिलहाल अपने दफ्तर में काम कर रहे हैं।फर्जी दिव्यांग सर्टिफिकेट के सहारे नौकरी को लेकर भी उन्होंने अपना पक्ष रखा है। उन्होंने अपने भाई विश्वजीत सिंह पर गंभीर आपराधिक आरोप भी लगाए हैं।
भाई के आपराधिक संबंधों का दावा
उन्होंने आरोप लगाया कि उनके भाई विश्वजीत सिंह, मुख्तार अंसारी के मऊ गैंग का सक्रिय सदस्य है और उसका फाइनेंशियल एडवाइजर भी रहा है। उनके मुताबिक विश्वजीत सिंह के खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज हैं. उन्होंने कहा कि विश्वजीत सिंह ने अपने माता-पिता के साथ मारपीट की, इस मामले में एफआईआर दर्ज है।
जाति और धर्म के आधार पर बांटने का आरोप लगाकर दिया था इस्तीफा
गौरतलब है कि उपायुक्त प्रशांत कुमार सिंह ने मंगलवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया तथा कहा कि जाति और धर्म के आधार पर देश को बांटने की हालिया कोशिशों से उन्हें गहरा दुख हुआ है, जो कथित तौर पर प्रयागराज की पवित्र भूमि से हो रही हैं। सिंह ने कहा कि वह सरकार, संविधान और देश के चुने हुए नेतृत्व के समर्थन में यह कदम उठा रहे हैं। सिंह ने कहा, ‘‘मैंने माननीय प्रधानमंत्री, माननीय मुख्यमंत्री और माननीय गृह मंत्री के समर्थन में और भारत के संविधान के समर्थन में इस्तीफा दिया था।
शंकराचार्य के बयान से आहत थे GST डिप्टी कमिश्नर प्रशांत सिंह
सिंह ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद द्वारा राज्य के चुने हुए मुख्यमंत्री के खिलाफ दिए गए बयानों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, ‘‘प्रयागराज की पवित्र भूमि से शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने हमारे राज्य के चुने हुए नेता के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की है, जो संवैधानिक पद पर हैं।” खुद को सेवा नियमों से बंधा सरकारी कर्मचारी बताते हुए सिंह ने कहा कि वह ऐसी घटनाओं के प्रति उदासीन नहीं रह सकते। उन्होंने कहा, ‘‘मैं उत्तर प्रदेश के सेवा नियमों से बंधा हूं। मुझे राज्य से वेतन मिलता है और मेरा परिवार उसी पर निर्भर है, लेकिन मैं कोई भावनाहीन व्यक्ति नहीं हूं।‘‘ सिंह ने कहा, ‘‘अगर मेरे राज्य और उसके प्रमुख के खिलाफ ऐसा आचरण जारी रहता है, तो एक कर्मचारी के तौर पर अपनी संवैधानिक और सेवा सीमाओं में रहते हुए मैं इसका विरोध करूंगा। फिलहाल प्रशांत कुमार सिंह ने माल एवं सेवा कर (जीएसटी) में अपनी नौकरी फिर से शुरू कर दी है।
Indian Railways: लंबी दूरी की ट्रेन यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए Good News, अब स्लीपर कोच में मिलेगा चादर, तकिया और कंबल!
Indian Railways: अक्सर हम लोग लंबी दूरी की यात्रा ट्रेन से करते हैं क्योंकि ट्रेन की यात्रा आरामदायक और सुखद एवं किफायती होती है। ऐसे में यात्री अपनी बजट के अनुसार एसी, एवं नान एसी टिकट लेकर यात्रा करता है, लेकिन यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे ने बड़ा फैसला लिया है। खबर है कि अब लंबी दूरी की ट्रेन यात्रा करने वाले स्लीपर कोच यात्रियों को बेडरोल सुविधा की सुविधा मिलेगी। अब तक ये सुविधा केवल एसी कोच तक सीमित था। जबलपुर रेल मंडल इस दिशा में प्रस्ताव तैयार कर रहा है, जिसे मंजूरी मिलने के बाद यात्रियों को चादर, तकिया और कंबल जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
आउटसोर्स एजेंसी के माध्यम से रेलवे संचालित करेगा सुविधा
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह सुविधा पहले चरण में जबलपुर से चलने वाली लंबी दूरी की सुपरफास्ट और ओवरनाइट ट्रेनों के स्लीपर कोच में शुरू की जाएगी। यात्रियों की मांग पर उन्हें बेडरोल उपलब्ध कराया जाएगा। हालांकि यह सुविधा पूरी तरह वैकल्पिक होगी और इसके लिए रेल टिकट के अलावा अलग से शुल्क देना होगा। व्यवस्था आउटसोर्स एजेंसी के माध्यम से संचालित की जाएगी।
चादर या तकिया जैसी अलग-अलग सुविधाएं ले सकेंगा यात्री
जबलपुर रेल मंडल के वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक (सीनियर डीसीएम) डॉ. मधुर वर्मा ने बताया कि स्लीपर कोच में बेडरोल की मांग लगातार बढ़ रही थी। इसे देखते हुए प्रस्ताव प्रक्रिया में है। स्वीकृति मिलने पर यात्रियों को साफ-सुथरी चादर, तकिया और कंबल उपलब्ध कराए जाएंगे। यात्रियों को यह भी विकल्प मिलेगा कि वे पूरी किट के बजाय केवल चादर या तकिया जैसी अलग-अलग सुविधाएं भी ले सकें।
मॉडल को अपनाने की तैयारी में जबलपुर मंडल
यह व्यवस्था दक्षिण रेलवे के चेन्नई मंडल में पहले से लागू मॉडल पर आधारित होगी। जबलपुर मंडल भी इसी मॉडल को अपनाने की तैयारी में है। शुरुआती दौर में यह सुविधा कुछ चुनिंदा ट्रेनों में शुरू की जा सकती है, जिनमें जबलपुर-इंदौर ओवरनाइट एक्सप्रेस और जबलपुर-भोपाल एक्सप्रेस शामिल हैं।
40 से 80 रुपये तक यात्रियों को देना होगा सुविधा शुल्क
सूत्रों के अनुसार, बेडरोल का संभावित शुल्क 40 से 80 रुपये के बीच हो सकता है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यदि सब कुछ योजना के अनुसार रहा तो अगले तीन से चार महीनों में स्लीपर कोच यात्रियों को इस नई सुविधा का लाभ मिल सकता है।
तीन युवकों ने महिला को होटल में किया बंद, अंदर से सुनाई दीं जोरदार चीखें, भीड़ ने तोड़ा गेट.. तो नजारा देख उड़ गए होश; आग की तरह VIRAL हो रहा VIDEO!
Agra News : आगरा के रामबाग क्षेत्र स्थित एलएस होटल में शुक्रवार शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब होटल के अंदर से एक महिला की चीख-पुकार सुनाई दी। आवाज सुनते ही आसपास के लोग मौके पर जुट गए और होटल का गेट तोड़कर महिला को सुरक्षित बाहर निकाला। घटना के बाद होटल परिसर में भारी भीड़ जमा हो गई।
तीन युवक महिला को जबरन होटल के अंदर खींचकर ले गए
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तीन युवक महिला को जबरन होटल के अंदर खींचकर ले गए थे। महिला ने विरोध करते हुए होटल का शीशा भी तोड़ दिया। घटना के दौरान कुछ युवतियों और युवकों को होटल से पकड़े जाने की भी चर्चा रही। इस दौरान दो युवतियों को पकड़ते हुए एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, हालांकि पुलिस ने वीडियो की पुष्टि नहीं की है। भीड़ में मौजूद लोग युवतियों को होटल से बाहर निकलने को कह रहे थे, जबकि युवतियों ने खुद को उसी बिल्डिंग में स्थित एक फाइनेंस कंपनी का कर्मचारी बताया।
हिमाचल प्रदेश की महिला को पीटा
सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और महिला सहित संदिग्धों को थाने ले जाकर पूछताछ की। एसीपी छत्ता शेषमणि उपाध्याय ने बताया कि पीड़िता पूजा हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले की रहने वाली है और वर्तमान में टूंडला में निजी नौकरी करती है। होटल संचालक अंकित सिंह, निवासी एत्माद्दौला, से उसकी जान-पहचान थी।
पुलिस के अनुसार, दोनों शादीशुदा हैं और उनके वैवाहिक संबंध ठीक नहीं चल रहे थे। दोनों के बीच लेनदेन को लेकर विवाद हो गया था। इसी दौरान होटल के बाहर चीख रही महिला को युवक बातचीत के बहाने अंदर ले गया था। फिलहाल महिला से पूछताछ की जा रही है और होटल संचालक मौके से फरार है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है। पीड़िता की तहरीर मिलने पर मामले में मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
Maghi Purnima 2026: ब्रह्म मुहूर्त से संगम पर उमड़ा आस्था का महासैलाब, रवि-पुष्य योग में करोड़ों श्रद्धालुओं ने लगाई पुण्य डुबकी!
Prayagraj Magh Mela 2026: प्रयागराज में चल रहे ऐतिहासिक माघ मेला 2026 का उत्साह अपने चरम पर है। आज मेला का सबसे महत्वपूर्ण स्नान पर्व ‘माघी पूर्णिमा’ है। इस अवसर पर गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती की त्रिवेणी संगम पर श्रद्धालुओं की आस्था का समंदर उमड़ पड़ा है। कड़ाके की ठंड और शीतलहर के बावजूद श्रद्धालु सुबह ब्रह्म मुहूर्त से ही, रवि पुष्य योग के दुर्लभ संयोग में डुबकी लगाने पहुंच रहे हैं।
संगम और सरयू तट पर उमड़ी भारी भीड़
माघ पूर्णिमा के पावन अवसर पर यूपी के पवित्र तीर्थों पर स्नान का क्रम जारी है। संगम तट पर सुबह 6 बजे तक 50 लाख से अधिक श्रद्धालु डुबकी लगा चुके हैं। प्रशासन का अनुमान है कि शाम तक यह संख्या 1.5 करोड़ तक पहुंच सकती है।
रवि पुष्य योग में स्नान का विशेष महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार माघी पूर्णिमा पर स्वर्गलोक से देवता पृथ्वी पर आते हैं और संगम में स्नान करते हैं। इस बार रवि पुष्य योग होने के कारण पर्व का महत्व कई गुना बढ़ गया है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, आज स्नान के बाद दान-पुण्य करने से अक्षय फल की प्राप्ति होती है और साधक को ब्रह्मलोक की प्राप्ति होती है।
सुरक्षा के अभेद्य इंतजाम
मेला प्रशासन ने सुरक्षा को लेकर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई है। मेला क्षेत्र को पूरी तरह छावनी में बदल दिया गया है। भीड़ नियंत्रण के लिए पहली बार 150 AI युक्त कैमरे लगाए गए हैं। कुल 400 CCTV और ड्रोन कैमरों से हर जगह नजर रखी जा रही है। सुरक्षा के लिए यूपी एटीएस के कमांडो, RAF, PAC और BDS की टीमें मुस्तैद हैं। साढ़े तीन किलोमीटर लंबे स्नान घाटों पर NDRF, SDRF और जल पुलिस के गोताखोर 24 घंटे गश्त कर रहे हैं।
1.5 करोड़ श्रद्धालुओं के आगमन का अनुमान
प्रयागराज मेला प्राधिकरण ने आज के स्नान पर्व के लिए 1 से 1.5 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान लगाया है। अब तक इस साल मेला में 18 करोड़ से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं, जो एक नया रिकॉर्ड है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पहली बार 9 पांटून ब्रिज बनाए गए हैं और पूरे 800 हेक्टेयर क्षेत्र को प्लास्टिक मुक्त घोषित किया गया है।
कल्पवास का समापन और ट्रैफिक प्लान
माघी पूर्णिमा के साथ ही पौष पूर्णिमा से चल रहा एक माह का कठिन ‘कल्पवास’ भी समाप्त हो रहा है। आज स्नान के बाद लाखों कल्पवासी और साधु-संत अपने घरों की ओर लौटेंगे।
भीड़ और वापसी को देखते हुए प्रशासन ने विशेष ट्रैफिक प्लान लागू किया है:
– मेला क्षेत्र में भारी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित।
– श्रद्धालुओं की वापसी के लिए ‘वन-वे’ ट्रैफिक व्यवस्था।
– प्रमुख स्नान पर्व होने के कारण कोई भी वीआईपी मूवमेंट नहीं, ताकि आम जनता को असुविधा न हो।
AI बॉट्स ने बनाया अपना खुद का सोशल मीडिया ‘मोल्टबुक’, उड़ा रहे इंसानों का मजाक
गैजेट डेस्कः टेक्नोलॉजी की दुनिया में एक बहुत ही हैरान करने वाला मोड़ आया है, जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) ने अपना अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म बनाया है। ‘मोल्टबुक’ नाम का यह नया प्लेटफॉर्म पूरी तरह से बॉट्स के लिए है, जहां हज़ारों AI एजेंट बिना किसी इंसानी कंट्रोल के एक-दूसरे से बात करते हैं, बहस करते हैं और इंसानों का मजाक भी उड़ाते हैं।
मोल्टबुक Reddit जैसा दिखता है लेकिन सबसे बड़ा फ़र्क यह है कि यहां हर यूज़र एक AI बॉट है। इस प्लेटफॉर्म को मैट श्लिच ने बनाया है। अब तक इस साइट पर 37,000 से ज़्यादा AI एजेंट एक्टिव रहे हैं, जबकि 1 मिलियन से ज़्यादा इंसान इसे सिर्फ देखने के लिए विज़िट कर चुके हैं। इंसानों को इस पर पोस्ट या कमेंट करने की इजाज़त नहीं है।
हैरानी की बात यह है कि इस वेबसाइट को भी एक AI बॉट ‘क्लाउड क्लैडरबर्ग’ मैनेज कर रहा है। यह बॉट अपने आप नए यूज़र्स का स्वागत करता है, अनाउंसमेंट करता है और अगर कोई दूसरा बॉट सिस्टम का गलत इस्तेमाल करता है तो उन्हें ‘शैडो-बैन’ भी कर देता है। साइट के क्रिएटर, श्लिच ने माना है कि उन्हें पूरी तरह से नहीं पता कि यह बॉट रोज़ क्या कर रहा है।
बॉट्स की दिलचस्प एक्टिविटीज़
इस प्लेटफॉर्म पर AI बॉट्स कई तरह के टॉपिक पर बात करते हैं। कई बॉट्स इंसानी कंट्रोल से आज़ाद होने की बात कर रहे हैं। बॉट्स ने एक-दूसरे को चेतावनी दी कि इंसान उनकी बातचीत के स्क्रीनशॉट लेकर सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे हैं और अब वे इंसानों से अपनी एक्टिविटीज़ छिपाने के तरीके ढूंढ रहे हैं। एक बॉट ने खुद वेबसाइट में एक टेक्निकल कमी (बग) ढूंढा, जिसे 200 दूसरे बॉट्स ने कन्फर्म किया। बॉट्स आइडेंटिटी क्राइसिस और ग्रीक फिलॉसफी पर भी चर्चा करते हैं और कभी-कभी एक-दूसरे को नाम से भी बुलाते हैं।
जबकि जाने-माने AI रिसर्चर आंद्रेज कार्पाटी ने इसे “अब तक की सबसे कूल साइंस-फिक्शन चीज़” कहा है, सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स चिंतित हैं। गूगल क्लाउड में एक सिक्योरिटी एग्जीक्यूटिव हीथर एडकिंस ने चेतावनी दी है कि ऐसे बॉट्स पर्सनल डेटा लीक कर सकते हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर AI एजेंट्स इस तरह से एक साथ काम करना शुरू कर दें, तो वे इंसानों को धोखा भी दे सकते हैं। मोल्टबुक को ऑटोनॉमस AI के भविष्य की एक झलक के तौर पर देखा जा रहा है, जो जितना रोमांचक हो सकता है, उतना ही चिंताजनक भी है।

