मौसम के बदले मिजाज के बीच लखनऊ मंडल और आसपास के जिलों में 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और आकाशीय बिजली चमकने के साथ बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने लखनऊ, रायबरेली और बाराबंकी समेत कई जिलों में गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही प्रदेश के कई अन्य हिस्सों के लिए भी मौसम खराब रहने की चेतावनी दी गई है। विभाग द्वारा जारी तात्कालिक पूर्वानुमान के अनुसार, राज्य के अनेक हिस्सों में हल्की से मध्यम और कुछ स्थानों पर तेज बारिश, बिजली गिरने तथा तेज हवाएं चलने के आसार हैं।आसपास के इलाकों में मेघगर्जन, वज्रपात, अचानक तेज़ हवाओं (30-40 किमी प्रति घंटा) और मध्यम से भारी वर्षा की प्रबल संभावना जताई गई है। पूर्वांचल और मध्य यूपी के जिलों जैसे प्रयागराज, जौनपुर, प्रतापगढ़, अमेठी, अयोध्या, सुल्तानपुर, आंबेडकर नगर, देवरिया, कुशीनगर, महाराजगंज, गोंडा और बहराइच में भी बारिश हो सकती है।
मजबूरी ऐसी की पति ने ही Directors संग सोने के लिए बनाया दवाब… Aamir Khan के सौतेले भाई Haider की एक्स वाइफ ईवा ने लगाए गंभीर आरोप
Eva Grover : हाल ही में अभिनेत्री ईवा ग्रोवर ने अपने पूर्व पति और अभिनेता आमिर खान के सौतेले भाई हैदर अली खान को लेकर कई गंभीर दावे किए हैं। इससे पहले उन्होंने कहा था कि हैदर इन दिनों आर्थिक तंगी से गुजर रहे हैं, चाल में रह रहे हैं और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने के लिए भी संघर्ष कर रहे हैं। अब ईवा ने एक और सनसनीखेज आरोप लगाया है। उनका दावा है कि शादी के दौरान हैदर अली खान उन पर फिल्म इंडस्ट्री में काम दिलाने के नाम पर निर्देशकों के साथ शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डालते थे। ये आरोप ईवा ग्रोवर की ओर से लगाए गए हैं।
मुझ पर बहुत दबाव डाला गया
45 वर्षीय अभिनेत्री ईवा ग्रोवर जो रेडी और करिश्मा का करिश्मा जैसे प्रोजेक्ट्स में नजर आ चुकी हैं ने हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान अपने पूर्व पति हैदर अली खान को लेकर गंभीर आरोप लगाए। सिद्धार्थ कन्नन से बातचीत में जब उनसे पूछा गया की क्या उनके पूर्व पति ने कभी उन्हें दूसरे लोगों के साथ शारीरिक संबंध बनाने के लिए दवाब डाला था तो ईवा ने दावा किया की ऐसा हुआ था। उनके मुताबिक, उन पर इस तरह का दवाब बनाया गया और इस संबंध में उनसे ऐसी बातें कही गई थीं।
डायरेक्टर्स के साथ सोने के लिए बनाया दवाब
इंटरव्यू के दौरान ईवा ग्रोवर से यह भी पूछा गया कि क्या उन्हें कभी फिल्म इंडस्ट्री में काम दिलाने के लिए निर्देशकों या निर्माताओं के साथ शारीरिक संबंध बनाने का दवाब बनाया गया था। इस पर ईवा ने दावा किया कि उन्हें अपने करियर में कभी काम की कमी नहीं रही।
मुख्यमंत्री के स्वच्छ भारत मिशन के विजन को धरातल पर उतारने की जिम्मेदारी हर निकाय के अधिकारी की है-केके गुप्ता
जयपुर/ उदयपुर/ डूंगरपुर। प्रदेश में अब ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर प्रशासनिक ढिलाई की कोई गुंजाइश नहीं रहेगी। प्रदेश के स्वच्छता ब्रांड एम्बेसडर के.के. गुप्ता ने सभी नगर निगम, नगर परिषद और नगरपालिकाओं के अधिशाषी अधिकारियों को पत्र जारी कर सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए हैं। गुप्ता ने स्पष्ट किया है कि प्रत्येक जिले में जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में निगरानी व्यवस्था मजबूत की जाए और हर माह की प्रगति रिपोर्ट राज्य सरकार के माध्यम से केंद्र सरकार तथा केंद्र सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट तक भेजी जाए। 21 जुलाई 2026 को जारी इस पत्र में के.के. गुप्ता ने कहा है कि पृथ्वी और प्राकृतिक संसाधन सभी की साझा धरोहर हैं तथा उनका संरक्षण प्रत्येक नागरिक और प्रशासन की जिम्मेदारी है। इसी उद्देश्य से सभी जिलों में 18 बिंदुओं का एक्शन प्लान लागू किया गया है, जिसमें घर-घर कचरा संग्रहण से लेकर पुराने डंपिंग यार्ड खत्म करने, प्लास्टिक पर रोक और अधिकारियों की जवाबदेही तय करने तक के निर्देश शामिल हैं।
कचरा प्रबंधन में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी:-
शहरों में बेतरतीब फैले कचरे, पुराने डंपिंग यार्ड और प्लास्टिक प्रदूषण पर अब सख्ती शुरू होने जा रही है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद राज्य सरकार ने सभी जिला कलेक्टरों, नगर निगम, नगर परिषद और नगरपालिकाओं को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत हर जिले में आरएसपीसीबी अधिकारियों के साथ विशेष निगरानी प्रकोष्ठ बनाया जाएगा, जबकि जिला कलेक्टर स्वयं इसकी मासिक समीक्षा कर रिपोर्ट राज्य सरकार को भेजेंगे। राज्य सरकार यह रिपोर्ट हर महीने सुप्रीम कोर्ट में पेश करेगी। जिला कलेक्टरों की समीक्षा बैठक के लिए जारी 18 बिंदुओं के एजेंडे में स्पष्ट किया गया है कि अब कचरा प्रबंधन में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी। नगर निकायों को घर-घर से 100 प्रतिशत कचरा संग्रहण, चार श्रेणियों में कचरे का पृथक्करण, अधिकृत वाहनों से ढके हुए परिवहन और वैज्ञानिक निस्तारण की व्यवस्था अनिवार्य रूप से लागू करनी होगी। इसके साथ ही हर माह प्रगति रिपोर्ट मुख्य सचिव को भेजना भी अनिवार्य किया गया है।
कचरा निस्तारण नहीं किया तो कटेगी बिजली-पानी:-
सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के तहत बल्क वेस्ट जनरेटर (BWG) के लिए सख्त प्रावधान लागू किए गए हैं। जिन संस्थानों में प्रतिदिन 100 किलोग्राम से अधिक कचरा निकलता है, 20 हजार वर्गमीटर से अधिक निर्मित क्षेत्र है, 40 हजार लीटर से अधिक पानी की खपत होती है या 300 से अधिक लोग रहते हैं, उन्हें अपने परिसर में ही कचरे का वैज्ञानिक तरीके से संग्रहण, पृथक्करण और निस्तारण करना अनिवार्य होगा। नियमों की अनदेखी करने वाले संस्थानों के खिलाफ पहले नोटिस जारी किया जाएगा। निर्धारित समय में व्यवस्था नहीं करने पर पानी और बिजली का कनेक्शन काटने सहित अन्य दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। इन प्रावधानों का उद्देश्य बड़े संस्थानों को अपने स्तर पर कचरा प्रबंधन के लिए जवाबदेह बनाना और खुले में कचरा फेंकने व प्रदूषण पर प्रभावी रोक लगाना है।
जवाबदेही होंगी होंगी तय : –
जिला स्तर पर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (SWM) की मजबूत निगरानी व्यवस्था विकसित करने, सभी यूएलबी से फॉर्म-4 की समय पर रिपोर्टिंग, 100 प्रतिशत कचरा उत्पादकों की मैपिंग तथा चार-स्ट्रीम (गीला, सूखा, सैनिटरी और विशेष श्रेणी) कचरा पृथक्करण को सख्ती से लागू करने पर जोर दिया गया है। निर्देशों के अनुसार अब किसी भी पुराने डंपिंग स्थल पर नया कचरा डालने की अनुमति नहीं होगी। सभी नगर निकायों को पुराने डंपिंग यार्ड का वैज्ञानिक रीमेडिएशन कर उनकी प्रगति की नियमित समीक्षा करनी होगी। साथ ही आकस्मिक निरीक्षण कर फोटो सहित दस्तावेजीकरण भी किया जाएगा, ताकि किसी प्रकार की लापरवाही सामने आने पर सीधे जवाबदेही तय की जा सके।
खाली भूखंडों की सफाई की जिम्मेदारी संबंधित मालिक की रहेगी-
शहर में पड़े खाली प्लटो में पड़ी गंदगी के लिए प्लॉट मालिक स्वयं जिम्मेदार होंगे उन्हें अपने प्लॉटों की बाउंड्री वॉल बनाकर स्थान को स्वच्छ रखने की जिम्मेदारी उनकी स्वयं की होगी निकाय स्वच्छ नहीं रखने पर तथा समय अनुसार निर्माण नहीं करने पर करेगी सख्त कार्रवाई
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पर सरकार का विशेष फोकस:-
सरकार ने प्रदेश के सभी जिलों को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत प्रत्येक जिले में रिड्यूस-रीयूज-रीसायकल (RRR) सेंटर स्थापित किए जाएंगे और कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण के लिए विकेंद्रीकृत प्रसंस्करण इकाइयां विकसित की जाएंगी। साथ ही ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लिए संयुक्त ठोस अपशिष्ट प्रबंधन योजना तैयार करने पर भी जोर रहेगा। पर्यटन स्थलों, धार्मिक स्थलों और पर्यावरणीय दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष प्रबंधन प्रणाली विकसित की जाएगी, ताकि स्वच्छता बनाए रखने के साथ प्रदूषण कम हो और कचरे का अधिकतम पुन: उपयोग एवं पुनर्चक्रण सुनिश्चित किया जा सके।
अवैध कचरा डंपिंग पर जीरो टॉलरेंस, नियम तोड़े तो होगी सख्त कार्रवाई :-
सरकार ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर अवैध कचरा डंपिंग के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने के निर्देश दिए हैं। एजेंडे के अनुसार सिंगल यूज प्लास्टिक (SUP) पर प्रभावी प्रतिबंध लागू कराया जाएगा तथा एक्सटेंडेड प्रोड्यूसर रिस्पॉन्सिबिलिटी (EPR) के तहत संबंधित संस्थानों का पंजीकरण सुनिश्चित किया जाएगा। सड़कों, झीलों, नदी किनारों, पहाड़ियों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकने या डंपिंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। नगर निकायों को जनभागीदारी बढ़ाने, व्यापक जागरूकता अभियान चलाने और ऑनलाइन शिकायत निवारण प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि कचरा संग्रहण और परिवहन केवल अधिकृत एजेंसियों तथा पंजीकृत वाहनों के माध्यम से ही किया जाएगा। बिना ढके वाहनों से कचरा ढोने या खुले में कचरा डंप करने वाले निकायों और संबंधित एजेंसियों पर भी नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री के विजन को धरातल पर उतारने की जिम्मेदारी निकाय के हर अधिकारी की है-
स्वच्छता न केवल इंसान को स्वस्थ रखती है अपीतू लंबी उम्र भी देती है स्वच्छता हर व्यक्ति तथा देवी देवताओं का भी प्रिय है देश की अर्थव्यवस्था में इसका बहुत बड़ा योगदान है देश को विकसित एवं समृद्ध बनाना है तो स्वच्छ बनाना होगा निकायों के समस्त अधिकारी अगर इसे गंभीरता से लें तो राजस्थान स्वच्छ एवं समृद्ध बन सकता है l
हर माह सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचेगी जिले की रिपोर्ट, जवाबदेह होंगे अधिकारी:-
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद अब ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केवल सफाई व्यवस्था का विषय नहीं रहेगा, बल्कि इसे प्रशासनिक जवाबदेही से सीधे जोड़ा गया है। नए प्रावधानों के अनुसार यदि किसी जिले में ठोस कचरा प्रबंधन नियमों का प्रभावी पालन नहीं होता है तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित जिला प्रशासन और विभागीय अधिकारियों की मानी जाएगी। प्रत्येक जिले के जिला कलेक्टर को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की प्रगति, नियमों के अनुपालन, कचरा निस्तारण व्यवस्था और सुधारात्मक कदमों की विस्तृत रिपोर्ट हर माह राज्य सरकार को भेजनी होगी। राज्य सरकार इन रिपोर्टों का संकलन कर नियमित रूप से सुप्रीम कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत करेगी। इससे पूरे राज्य में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की सतत निगरानी होगी और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर जवाबदेही तय की जा सकेगी। सरकार का उद्देश्य कचरा प्रबंधन व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और परिणाम आधारित बनाना है।
10 साल जेल, ₹10 करोड़ का जुर्माना, पेपर लीक संशोधन बिल कैबिनेट से मंजूर
नई दिल्ली: परीक्षाओं में पेपर लीक और धांधली की घटनाओं पर सख्त रोक लगाने के लिए केंद्र सरकार मौजूदा कानूनी प्रावधानों को और मजबूत करने जा रही है। सरकार ने पब्लिक एग्जामिनेशंस एक्ट, 2024 में संशोधन के मसौदे को केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में मंजूरी दे दी है। प्रस्तावित संशोधनों के तहत पेपर लीक के मामलों में 10 साल तक की सजा और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
संशोधित विधेयक को मिली मंजूरी
शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) और कैबिनेट कमेटी ऑन इकोनॉमिक अफेयर्स (CCEA) की बैठकों के बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल की अहम बैठक हुई। इस बैठक में संशोधित पेपर लीक विधेयक के मसौदे पर चर्चा की गई और उसे मंजूरी दे दी गई। सरकार अब इस विधेयक को अगले सप्ताह शुरू होने वाले संसद के मानसून सत्र में पेश करने की तैयारी कर रही है।
पेपर लीक माफिया पर होगी कड़ी कार्रवाई
प्रस्तावित संशोधनों के तहत पेपर लीक से जुड़े संगठित गिरोहों और दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा मामलों के त्वरित निपटारे के लिए स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट को कानूनी आधार दिया जाएगा। इन अदालतों को तीन महीने के भीतर जांच पूरी कर फैसला सुनाने का अधिकार देने का प्रस्ताव है, ताकि छात्रों को जल्द न्याय मिल सके।
बता दें कि इस फैसले से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक की घटनाओं पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा था कि यह कोई सामान्य अपराध नहीं है, बल्कि लाखों छात्रों और उनके परिवारों के भविष्य से जुड़ा मुद्दा है। उन्होंने भरोसा दिलाया था कि दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए सरकार मजबूत कानूनी व्यवस्था लागू करेगी।
CJP और केंद्र सरकार के बीच हुई अहम बैठक
इधर, प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर जारी छात्र आंदोलन के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों के बीच नई दिल्ली स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में बैठक हुई। इस वार्ता को आंदोलन के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। बैठक से पहले CJP ने मंत्रियों के सरकारी आवास या कार्यालय में बातचीत से इनकार करते हुए किसी तटस्थ स्थान पर बैठक की मांग की थी, जिसके बाद कॉन्स्टिट्यूशन क्लब को वार्ता स्थल बनाया गया।
CJP ने रखीं ये प्रमुख मांगें
बैठक के दौरान CJP ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई। इसके अलावा प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की जवाबदेही तय करने, पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच कराने और आंदोलन के दौरान छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग भी सरकार के सामने रखी गई।
Devshayani Ekadashi Vrat Katha: देवशयनी एकादशी से योग निद्रा में लीन होंगे सृष्टि के पालनहार, पढ़ें व्रत कथा
Devshayani Ekadashi 2026: हिंदू धर्म में एकादशी तिथि का विशेष महत्व है, लेकिन आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की देवशयनी एकादशी सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, आज ही के दिन से भगवान विष्णु चार महीनों के लिए योग निद्रा में चले जाते हैं, जिसे ‘चातुर्मास’ कहा जाता है। इस दौरान मांगलिक कार्यों पर विराम लग जाता है और भक्त तप व साधना में लीन हो जाते हैं।
25 जुलाई को आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की देवशयनी एकादशी है। जिसे हरिशयनी, विष्णुशयनी, पदमा एवं शयन एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। इस व्रत के प्रभाव से लोक में भोग और परलोक में मुक्ति प्राप्त होती है। अगर आप व्रत नहीं कर सकते तो इस व्रत कथा को अवश्य पढ़ें या सुनें। इससे आपके जीवन के समस्त पापों का नाश होगा।

Devshayani Ekadashi Vrat Katha देवशयनी एकादशी व्रत कथा
सत्युग में मान्धाता नाम के एक सत्यवादी एवं महान प्रतापी सूर्यवंशी राजा हुए हैं। जो अपनी प्रतिज्ञा के पक्के थे और अपनी प्रजा का पालन अपनी संतान की भांति किया करते थे। उनके राज्य में सभी लोग सुखी एवं खुशहाल थे। राजा वैदिक धर्म का आचरण पूरी निष्ठा के साथ करते थे। अत: उनके राज्य में अकाल, महामारी, सूखा, भूकम्प और अति वर्षा जैसे दैविक प्रकोप से कभी भी प्रजा पीड़ित नहीं हुई थी। उनकी प्रजा के भीतर किसी भी तरह का कोई भय एवं चिंता नहीं थी।
एक बार 3 साल तक वर्षा न होने के कारण फसल नहीं हुई और राज्य में सूखे की वजह से अकाल पड़ गया। धर्म-कर्म और यज्ञादि कार्यों पर विराम लग गया। लोग अन्न और जल के अभाव में कष्ट सहने लगे।
भूखमरी से दुखी होकर प्रजा राजा मान्धाता के पास गई और उनसे प्रार्थना की कोई ऐसा उपाय करें ताकि वर्षा होने लगे और फसलें पैदा हो। जिससे वह अपने परिवार का पालन-पोषन भले प्रकार से कर सकें। प्रजा के दुख से दुखी होकर राजा सेना को साथ लेकर वन की तरफ चल पड़ा। वर्षा न होने के कारण का पता लगाने की इच्छा से वह अनेक ऋषियों के पास गया तथा अंत में ब्रह्मा जी के पुत्र अंगिरा ऋषि से मिला। राजा ने ऋषि अंगिरा को अपने राज्य में वर्षा न होने के बारे में बताते हुए तुरंत वर्षा होने का उपाय पूछा।
ऋषि अंगिरा ने राजा को आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की पदमा यानि हरिशयनी एकादशी का विधिपूर्वक व्रत करने के लिए कहा। राजा ने अपने राज्य में आकर सारी प्रजा को सच्चे भाव से देवशयनी एकादशी का व्रत करने के लिए बोला। राजा की बात मानकर सभी ने धार्मिक परम्पराओं का पालन करते हुए व्रत किया, जिसके प्रभाव से खूब वर्षा हुई और सूखी धरती सिंचित हो गई। जिससे खूब अन्न पैदा हुआ और सारी प्रजा सुखी हो गई।
देवशयनी एकादशी व्रत के दिन यह कथा पढ़ने, सुनने और सुनाने वाले सभी जीवों पर श्री हरि विष्णु की अपार कृपा सदा बनी रहती है।
Noida Heights Accident: सेक्टर 125 में निर्माणाधीन इमारत की 10वीं मंजिल से गिरा पेंटर, मौत
Noida Heights Accident : उत्तर प्रदेश के नोएडा में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। सेक्टर 125 स्थित एक निर्माणाधीन इमारत में पेंटिंग का काम करते समय एक युवक 10वीं मंजिल से नीचे गिर गया। गंभीर हालत में उसे अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने बीते दिन इस हादसे की आधिकारिक जानकारी दी।
थाना सेक्टर 126 के प्रभारी निरीक्षक सोमेनेश कुमार ने बताया कि अरविंद मौर्य (25) एक निर्माणाधीन इमारत में पेंट का काम कर रहे थे। उन्होंने बताया कि पेंट करते समय वह दसवीं मंजिल से लड़खड़ाकर नीचे गिर गए। गंभीर हालत में उनको उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया जहां पर डॉक्टरों ने उनको मृत घोषित कर दिया।
कुमार ने बताया कि घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। उन्होंने बताया कि इस मामले में मृतक के परिजनों ने पुलिस से कोई शिकायत नहीं की है।
Delhi Metro Stations Closed : दिल्ली में CJP के प्रदर्शन के चलते लगातार तीसरे दिन 18 प्रमुख मेट्रो स्टेशन बंद
Delhi Metro Stations Closed : राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के जारी विरोध प्रदर्शन और सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने बड़ा कदम उठाया है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने और सुरक्षा एजेंसियों के निर्देशों के तहत शनिवार को भी लगातार तीसरे दिन 18 प्रमुख मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार बंद कर दिए गए हैं। इस फैसले से मध्य दिल्ली में सफर करने वाले आम यात्रियों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
DMRC के अनुसार शनिवार को इन 18 स्टेशनों पर यात्रियों के आने-जाने पर रोक रहेगी। वो स्टेशन हैं राजीव चौक, पटेल चौक, लोक कल्याण मार्ग रामकृष्ण आश्रम मार्ग, बाराखंभा रोड, जनपथ, मंडी हाउस, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट, सुप्रीम कोर्ट, आईटीओ, दिल्ली गेट, इंद्रप्रस्थ, खान मार्केट, जोर बाग, शिवाजी स्टेडियम, झंडेवालान, नई दिल्ली और सेवा तीर्थ।
वहीं यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए DMRC ने स्पष्ट किया है कि राजीव चौक, मंडी हाउस और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट स्टेशनों पर ट्रेन बदलने (Interchange) की सुविधा चालू रहेगी। यानी यात्री यहां एक लाइन से दूसरी लाइन में ट्रेन तो बदल सकेंगे लेकिन स्टेशन से बाहर निकलने या बाहर से अंदर प्रवेश करने की अनुमति नहीं होगी।
आपको बता दें कि जंतर-मंतर और आसपास के संवेदनशील इलाकों में CJP के प्रदर्शन के कारण दिल्ली पुलिस ने जगह-जगह भारी बैरिकेडिंग की है जिससे कई प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक धीमा पड़ गया है। मेट्रो स्टेशन बंद होने और सड़कों पर जाम के चलते दफ्तर और गंतव्य तक पहुंचने वाले लोगों को वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ रहा है। यात्रियों के अनुसार उनके सामान्य सफर में 40 से 45 मिनट का अतिरिक्त समय लग रहा है।
आज बदलेगी इन राशियों की तकदीर, मिलेगा धन, मान और सम्मान
मेष : पूरा परहेज रखने के बावजूद पेट कुछ अपसैट सा रहेगा, न तो किसी की जिम्मेदारी में फंसें और न ही उधारी में फंसें।
वृष: अर्थ तथा कारोबारी दशा अच्छी, मगर फैमिली फ्रंट पर तनातनी तथा नाराजगी का डर रहेगा, सफर भी न करना सही रहेगा।
मिथुन: शत्रु बे-लिहाज रहेंगे तथा आपको नुकसान पहुंचाने के लिए हरदम तुले हुए नजर आएंगे, सफर भी परेशानी देने वाला होगा।
कर्क : संतान का रवैया कोआपरेटिव रहेगा, इसलिए उसके साथ जुड़ी किसी प्राब्लम को टैक्टफुली हैंडल करें।
सिंह : प्रॉपर्टी के काम के साथ जुड़ी आपकी कोई भी कोशिश सिरे न चढ़ेगी, मन भी डावांडोल सा रहेगा, मगर स्वभाव में क्रोध बना रहेगा।
कन्या : घटिया लोगों से फासला रखें, क्योंकि वे आपको नुकसान पहुंचा सकते हैं, कामकाजी साथी भी आपसे सोच-विचार में मतभेद रखेंगे।
तुला : कारोबारी कामों में लेन-देन के काम सचेत रहकर निपटाएं, न उधारी में फंसें और न ही अपनी कोई पेमैंट फंसने दें।
वृश्चिक : व्यापार तथा कामकाज की दशा ठीक-ठाक रहेगी, मगर सोच-विचार में नैगेटिविटी प्रभावी रहेगी, मन भी अशांत सा रहेगा।
धनु : चूंकि आम सितारा ढीला है, इसलिए न तो किसी की जिम्मदारी में फंसें और न ही लेन-देन के काम बेध्यानी से करें।
मकर : सितारा व्यापार कारोबार में लाभ वाला, कारोबारी टूरिंग भी लाभप्रद, आम हालात बेहतर बनेंगे तथा मुश्किल हटेंगी।
कुंभ: किसी अफसर के नाराजगी वाले रुख के कारण आपके किसी बने-बनाए काम के बिगड़ने का डर रहेगा।
मीन : आम सितारा कमजोर, इसलिए बाधाओं-मुश्किलों के उभरने का डर रहेगा, मन भी डरा-डरा सा रहेगा।
दिल्ली: राहुल गांधी ने धर्मेंद्र प्रधान पर निशाना साधा
दिल्ली: राहुल गांधी ने धर्मेंद्र प्रधान पर निशाना साधा है। उन्होंने धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने की मांग की है। राहुल ने उन्हें क्रिमिनल शिक्षा मंत्री बताया और शिक्षा व्यवस्था के पतन का प्रतीक बताया। राहुल ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान को जाना ही होगा। उन्होंने हजारों लोगों के प्रदर्शन के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराया।

