Saturday, February 14, 2026
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फिर करवट लेगा मौसम! कल से 2 फरवरी तक गरज-चमक संग मूसलाधार बारिश; बर्फबारी, ओले और तेज हवाओं का खतरा, IMD ने जारी किया Heavy Rain Alert

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Weather Alert : भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के बड़े हिस्से में आने वाले दिनों के दौरान मौसम के गंभीर रूप से बिगड़ने की चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार कई राज्यों में बारिश, ओलावृष्टि, आंधी-तूफान, तेज हवाएं, बर्फबारी, घना कोहरा और कोल्ड वेव की स्थिति बन सकती है। उत्तर भारत से लेकर दक्षिण भारत तक मौसम का व्यापक असर देखने को मिलेगा।

कई राज्यों में ओलावृष्टि की संभावना
मौसम विभाग के मुताबिक हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई इलाकों में अलग-अलग स्थानों पर ओले गिर सकते हैं। वहीं 28 जनवरी को बिहार में गरज-चमक के साथ भारी बारिश और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका है। इसी दिन सिक्किम में भी कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि हो सकती है।

नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस करेगा असर
IMD के अनुसार 30 जनवरी की रात से एक नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करेगा। इसके चलते 1 और 2 फरवरी को पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों और उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में कई जगह बारिश और बर्फबारी होने की संभावना है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश और बर्फबारी
27 जनवरी को जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश में तथा 27 और 28 जनवरी को उत्तराखंड में कई स्थानों पर बारिश और बर्फबारी हो सकती है। कुछ इलाकों में भारी बारिश या भारी हिमपात की चेतावनी भी जारी की गई है। इन क्षेत्रों में हवाओं की रफ्तार 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

तापमान में गिरावट का अनुमान
उत्तर-पश्चिम भारत में अगले दो दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना है। इसके बाद धीरे-धीरे तापमान में बढ़ोतरी हो सकती है। मध्य भारत, उत्तर महाराष्ट्र और गुजरात में भी न्यूनतम तापमान में गिरावट का अनुमान लगाया गया है।

कई राज्यों में घना कोहरा और कोल्ड वेव
हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 28 से 30 जनवरी के बीच घना कोहरा छा सकता है। उत्तराखंड में 29 और 30 जनवरी को, जबकि उत्तर प्रदेश, उत्तर मध्य प्रदेश, राजस्थान और बिहार में 28 और 29 जनवरी को कोहरे का असर देखने को मिलेगा। इसके साथ ही हिमाचल प्रदेश में 29 से 31 जनवरी तथा पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में 28 से 31 जनवरी के बीच कोल्ड वेव की स्थिति बन सकती है।

दक्षिण भारत में भी भारी बारिश का दौर
मौसम विभाग के अनुसार केरल में जनवरी के आखिरी तीन दिनों (29 से 31 जनवरी) के दौरान कई जिलों में तेज बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं। तमिलनाडु में भी इसी अवधि में भारी वर्षा के साथ आंधी-तूफान की चेतावनी जारी की गई है।

मैदानी और मध्य भारत पर भी असर
पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में 29 से 31 जनवरी के बीच हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। मध्य प्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना और कर्नाटक में भी अच्छी बारिश के आसार हैं। दिल्ली, बिहार, सिक्किम और छत्तीसगढ़ में खासतौर पर 29 जनवरी को बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

तटीय और केंद्र शासित प्रदेशों में भी चेतावनी
अरुणाचल प्रदेश, पुडुचेरी, रायलसीमा, माहे, कराईकल, लक्षद्वीप और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

Rajasthan News: फ्री इलाज योजना में 50 फीसदी से ज्यादा क्लेम रिजेक्ट, सरकार ने योजना प्रभारियों को थमाए नोटिस

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राजस्थान में मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना (MAA) के तहत सरकारी अस्पतालो  के क्लेम बड़ी संख्या में बीमा कंपनियों ने रिजेक्ट कर दिए हैं। अधूरे दस्तावेज और गलत जानकारी के चलते कई अस्पतालों में तो लगभग 60 प्रतिशत तक क्लेम रिजेक्ट हो गए। जिससे मरीजों पर बीमारी के इलाज के लिए खुद भुगतान करना पड़ा। इस योजना में ज्यादातर मरीज गरीबी की रेखा के नीचे की श्रेणी वाले हैं, जो प्राइवेट अस्पतालों में इलाज करवाने में सक्षम नहीं है। यह स्थिति तब है जब सरकार इस योजना के तहत बीमा कंपनियों को करोड़ों रुपए के प्रीमियम का भुगतान कर रही है। अब मेडिकल एजुकेशन कमिश्नर नरेश गोयल ने प्रदेश के 28 सरकारी अस्पतालों में योजना प्रभारियों व के तहत क्लेम बुक करने वाले  कार्मिकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब मांगा है। गौरतलब है कि  MAA योजना के तहत भर्ती मरीजों के इलाज का खर्च बीमा कंपनी द्वारा वहन किया जाता है। इसके लिए अस्पताल प्रशासन को मरीज से संबंधित बीमारी, इलाज और अन्य जरूरी दस्तावेज पोर्टल पर अपलोड करने होते हैं। दस्तावेज पूरे होने पर बीमा कंपनी इलाज की राशि संबंधित सरकारी अस्पताल के खाते में ट्रांसफर करती है। लेकिन कई सरकारी अस्पतालों में अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही के चलते मरीजों की जानकारी और जरूरी दस्तावेज अधूरे या गलत अपलोड किए जा रहे हैं। इसी कारण बीमा कंपनियां बड़ी संख्या में क्लेम रिजेक्ट कर रही हैं।

 

48 फीसदी से ज्यादा तक क्लेम रिजेक्ट

प्रदेश के कई सरकारी अस्पतालों में लगभग 60 फीसदी से ज्यादा तक बीमा क्लेम रिजेक्ट होने के मामले सामने आए हैं। सबसे ज्यादा खराब स्थिति सिरोही के राजकीय मेडिकल कॉलेज से जुड़े अस्पताल की है, जहां जून 2025 से नवंबर 2025 के बीच 60  फीसदी से ज्यादा क्लेम रिजेक्ट हुए। अस्पताल प्रशासन को जारी किए गए नोटिस में कहा गया है कि MAA  योजना में यहां 3.45 करोड़ रुपए के क्लेम राशि बुक की गई। इसमें से 1.28 करोड़ रुपए के ही क्लेम पास हुए जबकि 1.72 करोड़ रुपये के क्लेम रिजेक्ट हो गए।

चिकित्सा मंत्री के प्रभारी जिले में हालात खराब

बीकानेर जिले के सरकारी अस्पतालों की स्थिति सबसे चिंताजनक बताई जा रही है। जिले के छह सरकारी अस्पतालों में 25 से 42 फीसदी तक क्लेम रिजेक्ट हुए हैं। बीकानेर चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर का प्रभारी जिला भी है। इसके अलावा जयपुर के सांगानेरी गेट महिला चिकित्सालय, जनाना हॉस्पिटल चांदपोल, सैटेलाइट हॉस्पिटल बनीपार्क और सेठी कॉलोनी स्थित अस्पतालों में भी बड़ी संख्या में क्लेम रिजेक्ट किए गए हैं।

इन अस्पतालों को जारी हुए नोटिस

नोटिस पाने वाले अस्पतालों में झालावाड़ का जनाना हॉस्पिटल, श्री राजेन्द्र सामान्य हॉस्पिटल, कोटा का न्यू मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल और सुल्तानपुर सीएचसी, भरतपुर का राज बहादुर मेमोरियल हॉस्पिटल, अजमेर का सैटेलाइट हॉस्पिटल और महिला चिकित्सालय, जयपुर के जनाना हॉस्पिटल चांदपोल, बनीपार्क सैटेलाइट हॉस्पिटल, सांगानेरी गेट महिला चिकित्सालय और सेठी कॉलोनी स्थित एस.आर. गोयल अस्पताल शामिल हैं। इसके अलावा बीकानेर के पीबीएम महिला एवं चिल्ड्रन हॉस्पिटल, कैंसर, टीबी, ईएनटी और मानसिक स्वास्थ्य संस्थान, बाड़मेर, बूंदी, करौली, सीकर, चित्तौड़गढ़, डूंगरपुर, हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर और सिरोही के जिला अस्पतालों में भी 20 से 48 फीसदी तक क्लेम रिजेक्शन दर्ज किया गया है।

Rajasthan News: डीपफेक वीडियो मामले में छलका ऋतु बनावत का दर्द, मुख्य आरोपी को सम्मानित किए जाने पर उठे सवाल

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राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र के दौरान विधायक ऋतु बनावत ने प्रेस से बातचीत में अपने साथ हुए डीपफेक वीडियो मामले को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि भारी मतों से चुनाव जीतने के कुछ ही दिनों बाद उनके खिलाफ एक फर्जी और अश्लील डीपफेक वीडियो बनाकर उसे उनका बताया गया, जबकि उस वीडियो से उनका कोई लेना-देना नहीं था।विधायक ऋतु बनावत ने बताया कि इस मामले में उन्होंने अपने निर्दलीय साथियों के साथ जाकर पुलिस महानिदेशक दिनेश एम.एन. को शिकायत दी, साथ ही विधानसभा अध्यक्ष को भी पत्र लिखा। उनके हस्तक्षेप के बाद कार्रवाई हुई और कुछ सह-आरोपियों की गिरफ्तारी भी हुई, जो बाद में जेल की सजा काटकर बाहर आए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले का मुख्य अभियुक्त दिनेश मांजू, जो बाड़मेर का निवासी बताया जा रहा है, अब तक गिरफ्तार नहीं किया गया।उन्होंने कहा कि पुलिस ने कई बार उसके ठिकानों पर दबिश दी लेकिन वह हर बार फरार मिला। ऋतु बनावत ने यह भी बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री को भी पत्र लिखकर पूरे मामले से अवगत कराया और मुख्यमंत्री ने भी इस संबंध में निर्देश दिए लेकिन इसके बावजूद मुख्य आरोपी कानून की पकड़ से बाहर है।विधायक ने इस पूरे प्रकरण को और भी दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि 26 जनवरी के अवसर पर उसी मुख्य आरोपी को बाड़मेर में उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि जिस व्यक्ति पर एक महिला विधायक का डीपफेक वीडियो बनाने और उसे बदनाम करने का आरोप है, उसे किसकी सिफारिश पर सम्मानित किया गया।

ऋतु बनावत ने कहा कि अगर एक महिला विधायक के साथ ऐसा हो सकता है, तो एक आम महिला की आवाज कितनी आसानी से दबाई जा रही होगी। क्या आज भी महिलाओं को इस देश में हल्के में लिया जा रहा है? उन्होंने सरकार और बाड़मेर जिला प्रशासन से जवाब मांगते हुए पूछा कि क्या उन्हें यह जानकारी नहीं थी कि सम्मानित किया गया व्यक्ति इस गंभीर मामले का मुख्य आरोपी है।

उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे इस मामले में चुप नहीं बैठेंगी। उन्होंने कहा कि मैं अपने स्वाभिमान पर किसी को चोट नहीं पहुंचाने दूंगी। मुझे सदन के माध्यम से और सरकार से यह जवाब चाहिए कि उस दोषी को किसके रिकमेंडेशन पर सम्मानित किया गया।

Rajasthan News: हाय-हल्ला और डर का पल…, शराबी चालक की कार ने मचाया आतंक, पांच वाहन हुए बर्बाद

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राजधानी जयपुर में गुरुवार दोपहर को टोंक रोड स्थित किसान मार्ग रेड लाइट पर एक तेज रफ्तार कार का खौफनाक नजारा सामने आया। लगभग दोपहर 1 बजे, बेकाबू कार ने सड़क पर मौजूद पांच वाहनों को टक्कर मार दी और अंततः पास के मॉल की दीवार में जा घुसी।

घायल हुए लोग

हादसे में दो लोग मामूली चोटें आई हैं। तेज रफ्तार कार टोंक रोड से सांगानेर की ओर जा रही थी। फ्लाईओवर से उतरते ही कार ने दो बाइक और तीन अन्य वाहनों को जबरदस्त टक्कर मारी। टक्कर इतनी ज़ोरदार थी कि सभी वाहन गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गए। कार सीधे कमर्शियल बिल्डिंग की रेलिंग और दीवार से टकराकर रुकी।

शराब के नशे में था चालक
हादसे के समय कार का चालक शराब के नशे में था। मौके पर मौजूद लोगों ने चालक की धुनाई कर दी। आरोपी चालक की पहचान राजेश के रूप में हुई है। बजाज नगर थाना पुलिस ने राजेश को हिरासत में ले लिया है। आरोपी से पूछताछ जारी है और उसका मेडिकल परीक्षण भी करवाया गया है।

तस्करी पर शिकंजा: दिल्ली में करीब 10 करोड़ रुपये कीमत का मादक पदार्थ जब्त, बैंकॉक से आया यात्री गिरफ्तार

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इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कस्टम अधिकारियों ने बैंकॉक से आए एक भारतीय यात्री के पास से 9.84 किलोग्राम मारिजुआना बरामद कर उसे मादक पदार्थ तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने गुरुवार को यह जानकारी दी।एक आधिकारिक बयान के अनुसार, यात्री 26 जनवरी को टर्मिनल तीन पर पहुंचा था और स्पॉट प्रोफाइलिंग के आधार पर उसे रोका गया। इसके बाद उसे ग्रीन चैनल पर उसके सामान की एक्स-रे जांच के लिए ले जाया गया, फिर विस्तृत तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान एक हरे रंग के हैंडबैग से एक तरफ काले और एक तरफ पारदर्शी कुल नौ पॉलीबैग बरामद किए गए, जिनमें कई परतों में वैक्यूम-सील पैकेट रखे हुए थे।

बयान में कहा गया है कि डायग्नोस्टिक परीक्षण में बरामद पदार्थ प्रारंभिक तौर पर गांजा या मारिजुआना पाया गया। जब्त किए गए मादक पदार्थ की अनुमानित कीमत लगभग 9.83 करोड़ रुपये आंकी गई है। इसके बाद यात्री को 26 जनवरी को गिरफ्तार कर लिया गया और मादक पदार्थ के साथ उसे छिपाने में इस्तेमाल की गई सामग्री को एनडीपीएस अधिनियम के तहत जब्त किया गया। 

Live Kidnapping Video: शाहरुख को गाड़ी में डालकर ले गए बदमाश, मीट फैक्टरी में ले जाकर थी काटने की तैयारी

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यूपी के अलीगढ़ स्थित थाना सिविल लाइन इलाके में दिनदहाड़े एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहां तस्वीर महल स्थित साईं ढाबा के पास से एक अकाउंटेंट का तमंचे के बल पर अपहरण कर लिया गया। अपहरण की यह पूरी घटना लाइव वीडियो में कैद हो गई, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है।मीट की फैक्टरी से बरामद हुआ शाहरुख
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस एक्शन में आई और त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़ित अकाउंटेंट शाहरुख को अल-दुआ मीट फैक्टरी के परिसर से सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस ने मौके से आरोपी ठेकेदार जीशान को हिरासत में ले लिया है। साथ ही, वारदात में इस्तेमाल की गई कार को भी पुलिस ने कब्जे में ले लिया है, जो फैक्टरी स्वामी हाजी जहीर के नाम पर दर्ज बताई जा रही है।

जबरन कराना चाहता था अवैध काम
पीड़ित अकाउंटेंट शाहरुख ने ठेकेदार जीशान पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शाहरुख के अनुसार ठेकेदार उससे अकाउंट से संबंधित अवैध काम जबरन कराना चाहता था। मना करने पर उसे डराया-धमकाया जा रहा था। शाहरुख के पिछले काम के करीब 22 हजार रुपये बकाया थे। आरोपी ने बकाया पैसे देने के बहाने उसे बुलाया और फिर तमंचे के बल पर कार में डालकर ले गया।

पुलिसिया कार्रवाई जारी
इस मामले में पीड़ित शाहरुख और उसके भाई ने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए थाना सिविल लाइन में तहरीर दी है। पुलिस वायरल वीडियो और बरामद साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है।

UP: बरेली में अलंकार अग्निहोत्री के खिलाफ प्रदर्शन, भीम आर्मी ने की बर्खास्तगी के साथ संपत्ति जांच की मांग

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बरेली में भीम आर्मी (भारत एकता मिशन) के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं ने बृहस्पतिवार को प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे और वहां उन लोगों ने मुख्यमंत्री को संबोधित सात बिंदुओं पर ज्ञापन एसडीएम रत्निका श्रीवास्तव को सौंपा। उन लोगों ने निलंबित पीसीएस अफसर अलंकार अग्निहोत्री के विरुद्ध कठोर कार्रवाई कर बर्खास्त किए जाने और उनकी संपत्ति की जांच की मांग की।भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष महेंद्र पाल सागर, मंडल उपाध्यक्ष आकाश सागर, दिनेश सागर, महेश कठेरिया, बृजेश कुमार समेत पदाधिकारियों ने कहा कि बरेली के तत्कालीन सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री प्रशासनिक पद पर रहते हुए कथित रूप से जाति आधारित गतिविधियों में संलिप्त रहे। प्रशासनिक निष्पक्षता भंग की और यूजीसी 2026 के विरुद्ध उत्पन्न माहौल के बीच दिए गए इस्तीफा के संदर्भ में उनके विरुद्ध बर्खास्तगी की कार्रवाई किया जाना आवश्यक है।

भीमा आर्मी के नेताओं ने कहा कि अलंकार अग्निहोत्री के प्रशासनिक पद पर रहते हुए ब्राह्मण समाज की एकजुट एवं संगठन को लेकर लगातार गतिविधि की जा रही थी। जॉइनिंग के बाद से ही उनके कार्यकाल में नेताओं एवं युवाओं के साथ नियमित बैठकर आयोजित होती थी, जिसमें जाति विशेष के संगठन एवं उत्थान पर चर्चा होती थी। भीम आर्मी के नेताओं ने आरोप लगाया कि अलंकार ने सरकारी कार्यालय को अपना निजी कार्यालय की तरह इस्तेमाल किया है। 

‘अलंकार की गतिविधियों की कराई जाए उच्चस्तरीय जांच’ 
पदाधिकारियों ने कहा कि उन्हें पता चला है कि व्हाट्सएप समूह एवं सामाजिक संस्थाओं के माध्यम से जाति आधारित नेटवर्क तैयार किया गया। यह सभी तथ्य ये संकेत देते हैं कि एक संवैधानिक पद पर आसीन अधिकारी ने सेवा, नियमों, प्रशासनिक मर्यादा तथा निष्पक्षता के सिद्धांत का उल्लंघन किया है। उन लोगों ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि अलंकार अग्निहोत्री के विरुद्ध तत्काल विभागीय जांच प्रारंभ हो और उनके कार्यकाल के दौरान की गई कथित जाति आधारित पक्षपात पूर्ण एवं समाज विभाजनकारी गतिविधियों की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए।

पदाधिकारी ने यह भी कहा है कि यदि आरोप सिद्ध होते हैं तो अलंकार अग्निहोत्री को सरकारी सेवा से बर्खास्त किया जाए और भविष्य में किसी भी सार्वजनिक पद के लिए अयोग्य घोषित कर दिया जाए। यही नहीं अलंकार अग्निहोत्री की संपत्ति की भी जांच हो। इस मामले में कलक्ट्रेट में डीएम चेंबर में जनता दर्शन में सुनवाई कर रही एसडीएम रत्निका श्रीवास्तव ने बताया कि उन्हें भीम आर्मी की तरफ से दिया गया ज्ञापन प्राप्त हुआ है, जिसे वह सक्षम स्तर पर कार्रवाई के लिए भेजेंगी।

UP: 11 फरवरी को बजट पेश करेगी योगी सरकार, सत्र के प्रारंभ में दोनों सदनों को संबोधित करेंगी राज्यपाल

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उत्तर प्रदेश का बजट सत्र 9 फरवरी को प्रारंभ होगा और 11 फरवरी को योगी सरकार बजट पेश करेगी।बजट सत्र के पहले दिन राज्यपाल आनंदी बेन पटेल विधानसभा व विधान परिषद दोनों सदनों को संयुक्त रूप से संबोधित करेंगी।

इस वर्ष पंचायत चुनाव और 2027 में विधानसभा चुनाव को देखते हुए सरकार कई लोकलुभावन योजनाओं की घोषणा कर सकती है।

आर्थिक सर्वे के 800 पन्नों का निचोड़: घरेलू मोर्चे पर मजबूती, लेकिन बाहरी चुनौतियों का डर; जानिए बड़ी बातें

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केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार संसद में आर्थिक समीक्षा 2025-26 पेश की। बजट सत्र से ठीक एक दिन पहले पेश किया गया यह दस्तावेज भारतीय अर्थव्यवस्था की दिशा और दशा का आधिकारिक रिपोर्ट कार्ड है। मुख्य आर्थिक सलाहकार (सीईए) वी. अनंत नागेश्वरन की देखरेख में तैयार किए गए इस सर्वे का लब्बोलुआब यह है कि भारत की विकास गाथा (ग्रोथ स्टोरी) मजबूत बनी हुई है, लेकिन वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच हमें सतर्क रहने की जरूरत है।यदि आपके पास पूरा दस्तावेज पढ़ने का समय नहीं है, तो यहां आसान भाषा में समझिए आर्थिक सर्वेक्षण के प्रमुख बिंदु और उनके मायने:

1. जीडीपी की रफ्तार
स्थिर और मजबूत सर्वे में अनुमान लगाया गया है कि वित्त वर्ष 2026-27 में भारत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर 6.8% से 7.2% के बीच रहेगी। हालांकि, यह चालू वित्त वर्ष (2025-26) के अनुमानित 7.4% से थोड़ी कम है, लेकिन वैश्विक मंदी के माहौल में यह आंकड़ा भारत की स्थिरता को दर्शाता है।

2. महंगाई पर लगाम 
आम आदमी के लिए राहत की बात यह है कि महंगाई ‘नियंत्रित’ है। आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल-दिसंबर 2025 के दौरान घरेलू मुद्रास्फीति औसतन 1.7% रही है। कोर इन्फ्लेशन में कमी यह संकेत देती है कि सप्लाई-साइड की स्थिति में सुधार हुआ है।

3.विदेशी मोर्चे पर चिंता 
सर्वे ने एक महत्वपूर्ण ‘विरोधाभास’की ओर इशारा किया है। जहां भारत के घरेलू फंडामेंटल मजबूत हैं, वहीं बाहरी मोर्चे पर जोखिम बरकरार हैं। विशेष रूप से पूंजी प्रवाह और करेंसी पर दबाव चिंता का विषय है। विदेशी पूंजी के सूखे के कारण 2025 में रुपये का प्रदर्शन कमजोर रहा है।

4. राजकोषीय अनुशासन 
सरकार ने अपनी वित्तीय स्थिति को सुधारा है। वित्त वर्ष 2025 में राजकोषीय घाटा जीडीपी का 4.8% रहा, जो बजट अनुमानों से बेहतर है। वित्त वर्ष 2026 के लिए इसे 4.4% तक लाने का लक्ष्य रखा गया है।

5. राज्यों की ‘मुफ्त रेवड़ी’ पर चेतावनी 
सर्वे में राज्यों द्वारा बिना शर्त नकद हस्तांतरण और वित्तीय लोकलुभावनवाद पर चिंता जताई गई है। इसमें कहा गया है कि ऐसे खर्च पूंजीगत व्यय को प्रभावित कर रहे हैं, जिससे अंततः सॉवरेन उधारी की लागत बढ़ सकती है।

6. इंफ्रास्ट्रक्चर और कैपेक्स की लंबी छलांग 
अर्थव्यवस्था को गति देने में बुनियादी ढांचे का बड़ा हाथ है: 

  • पूंजीगत व्यय: केंद्र का कैपेक्स FY18 के 2.63 लाख करोड़ रुपये से चार गुना बढ़कर FY26 में 11.21 लाख करोड़ रुपये (बजट अनुमान) हो गया है।
  • सड़क और रेलवे: हाई-स्पीड कॉरिडोर 550 किमी (FY14) से बढ़कर 5,364 किमी (दिसंबर 2025 तक) हो गए हैं। रेलवे ने FY26 में 3,500 किमी नई लाइनें जोड़ी हैं।

7. विदेशी मुद्रा भंडार का कवच 
बाहरी झटकों से निपटने के लिए भारत के पास विदेशी मुद्रा भंडार का पर्याप्त ‘बफर’ है। 16 जनवरी 2026 तक भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 701.4 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया, जो 11 महीने के आयात के लिए पर्याप्त है।

8. किस सेक्टर के लिए क्या?

  • बिजली कंपनियां: डिस्कॉम के लिए यह एक ऐतिहासिक बदलाव का साल रहा, जिन्होंने FY25 में पहली बार 2,701 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया।
  • पीएलआई स्कीम: 14 सेक्टरों में प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) स्कीम के तहत 2.0 लाख करोड़ रुपये का निवेश आया है और 12.6 लाख से अधिक रोजगार पैदा हुए हैं।
  • सेमीकंडक्टर: इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के तहत 1.60 लाख करोड़ रुपये के 10 प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है।
  • 9. गरीबी में भारी गिरावट 
    नीति आयोग के मल्टीडायमेंशनल पॉवर्टी इंडेक्स (MPI) का हवाला देते हुए सर्वे बताता है कि गरीबी 2005-06 के 55.3% से घटकर 2022-23 में 11.28% रह गई है।

    10. इनोवेशन और रोजगार 
    भारत ने इनोवेशन में लंबी छलांग लगाई है। ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स में भारत की रैंकिंग 2019 के 66वें स्थान से सुधरकर 2025 में 38वें स्थान पर आ गई है। रोजगार के मोर्चे पर, नेशनल करियर सर्विस पोर्टल पर FY25 में 2.8 करोड़ से अधिक रिक्तियां मोबिलाइज की गईं। आर्थिक समीक्षा 2025-26 साफ करती है कि भारतीय अर्थव्यवस्था ने वैश्विक चुनौतियों के बीच अपनी चमक बनाए रखी है। हालांकि, राज्यों की वित्तीय स्थिति और अस्थिर वैश्विक पूंजी प्रवाह वे क्षेत्र हैं जिन पर नीति निर्माताओं को आगामी बजट में विशेष ध्यान देना होगा।

Economic Survey: आर्थिक सर्वेक्षण में RTI कानून की समीक्षा की सिफारिश, गोपनीय दस्तावेजों की सुरक्षा पर जोर

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केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को लोकसभा में आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया। इस आर्थिक सर्वेक्षण में लगभग 20 साल पुराने सूचना का अधिकार (RTI) कानून, 2005 की समीक्षा की बात कही गई है। इसके साथ ही सर्वेक्षण में यह स्पष्ट कहा गया है कि इस कानून को केवल जिज्ञासा पूरी करने या सरकार को बाहरी निगरानी के माध्यम से नियंत्रित करने के लिए नहीं बल्कि सार्वजनिक कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही और लोकतंत्र में नागरिक भागीदारी बढ़ाने के लिए बनाया गया था।

कानून में बदलाव का सुझाव
सर्वेक्षण में सुझाव दिया गया कि कानून में कुछ बदलाव किए जा सकते हैं। इनमें विचार-मंथन नोट्स, ड्राफ्ट टिप्पणियां और कार्य-पत्र तब तक खुलासे से सुरक्षित रखने की बात कही गई है जब तक वे अंतिम निर्णय का हिस्सा न बन जाएं। इसके अलावा,  सेवा रिकॉर्ड, स्थानांतरण और गोपनीय कर्मचारी रिपोर्ट को ऐसे सामान्य RTI अनुरोधों से बचाने की सिफारिश की गई है जिनका सार्वजनिक हित से कमजोर संबंध हो।
सर्वेक्षण में रखा अहम प्रस्ताव
सर्वेक्षण में यह भी प्रस्ताव रखा गया है कि कुछ मामलों में  मंत्री स्तरीय संकुचित वीटो का प्रावधान किया जाए, जिसे संसद की निगरानी में रखा जाए। हालांकि, सर्वेक्षण  में जोर देकर कहा गया है कि ये केवल सुझाव हैं और कानून की मूल भावना को कमजोर करने का उद्देश्य नहीं रखता है।
राय देने से झिझकते हैं अधिकारी’
सर्वेक्षण में यह भी बताया गया कि वैश्विक अनुभव दिखाते हैं कि पारदर्शिता तभी प्रभावी होती है जब अधिकारियों के लिए ईमानदार और खुला विचार-विमर्श संभव हो। अमेरिका, स्वीडन और ब्रिटेन में नीति ड्राफ्ट, आंतरिक नोट्स और वित्तीय दस्तावेजों को सुरक्षित रखा जाता है। भारत में, इसके विपरीत, अधिकांश ड्राफ्ट नोट्स, आंतरिक पत्राचार और व्यक्तिगत रिकॉर्ड सार्वजनिक हो जाते हैं, जिससे अधिकारी खुले तौर पर राय व्यक्त करने या साहसिक निर्णय लेने में हिचकिचा सकते हैं।
अफसर केवल अंतिम निर्णय के लिए जवाबदेह’
सर्वेक्षण में यह भी कहा गया है कि लोकतंत्र तभी मजबूत रहता है जब अधिकारी निर्णय लेने की प्रक्रिया में स्वतंत्र रूप से विचार-विमर्श कर सकें, और केवल अंतिम निर्णय के लिए जवाबदेह हों, न कि हर अधूरा विचार सार्वजनिक होने पर।