लखनऊ, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही की प्रेस वार्ता, UP में खरीफ का रकबा 105.93 लाख हेक्टेयर पहुंचा, 2013-14 में खरीफ का रकबा 90.46 लाख हेक्टेयर था, खरीफ रकबे में 15.47 लाख हेक्टेयर यानी 17% की वृद्धि, वर्ष 2015-16 में कुल खेती 225.87 लाख हेक्टेयर थी, 2024-25 में कुल क्षेत्र बढ़कर 274.22 लाख हेक्टेयर हुआ, प्रदेश में खेती का दायरा 28.35 लाख हेक्टेयर बढ़ा, खरीफ 2016 में 23 लाख मी.टन यूरिया की खपत
पति के जेल जाने के बाद पत्नी,पिता ने संभला गैंग
वाराणसी- पति के जेल जाने के बाद पत्नी,पिता ने संभला गैंग, स्मैक का अवैध कारोबार में संलिप्त हुआ परिवार, पुलिस ने पत्नी ,पति,एक सहयोगी को किया अरेस्ट, 16 लाख रुपए के साथ 56.40 ग्राम स्मैक बरामद, बरामद हुए स्मैक की कीमत करीब 10 लाख रुपए
दो महीने मुठभेड़ के बाद पकड़ा था सरगना राजेश , वाराणसी के चोलापुर थाना क्षेत्र का मामला
डॉयल-112 के सिपाही ने बचाई युवक की जान,
मेरठ – डॉयल-112 के सिपाही ने बचाई युवक की जान, दरवाजा तोड़कर फांसी से युवक को उतारा, CPR देकर युवक की मौके पर जान बचाई , युवक को तत्काल अस्पताल में कराया भर्ती ,, गर्लफ्रेंड से झगड़े के बाद फांसी पर लटका था विशाल, सिपाही सिद्धांत तोमर के साहस, सूझबूझ से बची जान, गंगानगर के कसेरु बक्सर में हुई घटना
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मेले के झूले पर शुरू हुआ लेबर पेन, 40 फीट ऊपर हवा में ही बच्चे को दिया जन्म – अस्पताल पहुंचने से पहले ही तोड़ा दम
Aligarh News: उत्तर प्रदेश में अलीगढ़ जिले के विजयगढ़ में आयोजित बाबा जाहरवीर के प्रसिद्ध मेले में 18 अगस्त की रात एक दिल दहला देने वाली घटना घटी। दर्शन के लिए आई एक गर्भवती महिला ने झूले में बच्चे को जन्म दे दिया, लेकिन नवजात को बचाया नहीं जा सका। कुछ ही पलों में मन्नत मांगने आई खुशियों से भरी यह यात्रा दुख में बदल गई।
बच्चे के लिए मांगी मन्नत, पर नसीब में आया गम
मानिकपुर गांव की रहने वाली शिवानी जो पहली बार मां बनने वाली थीं, अपने परिवार के साथ बाबा जाहरवीर के दर्शन करने विजयगढ़ मेले में पहुंची थीं। उन्होंने पूरे विश्वास के साथ बाबा से अपने होने वाले बच्चे के लिए मन्नत मांगी। परिवार में खुशी का माहौल था और दर्शन के बाद सभी मेले में घूमने निकले।
झूले में चढ़ते ही शुरू हुई प्रसव पीड़ा
दर्शन के बाद शिवानी अपने परिवार के साथ मेले में लगे एक 40 फीट ऊंचे झूले में बैठ गईं। झूला चलते ही शिवानी की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। कुछ ही मिनटों में उन्हें तेज प्रसव पीड़ा होने लगी और चलते झूले में ही उन्होंने बच्चे को जन्म दे दिया। इस दृश्य को देखकर झूले में बैठे अन्य लोग और परिवार घबरा गए। शोर सुनकर झूले को तुरंत रोका गया और शिवानी व नवजात को तुरंत नजदीकी स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया।
नहीं बचाया जा सका नवजात
अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने जांच की, लेकिन दुर्भाग्यवश नवजात को मृत घोषित कर दिया गया। डॉक्टरों के अनुसार, मां शिवानी की हालत अब स्थिर है, लेकिन नवजात की जान नहीं बच पाई।
अखिलेश बोले- DM अचानक अति सक्रिय हो गये हैं,…. निर्वाचन आयोग की यह बात झूठ है कि एफिडेविट नहीं दिया गया”
लखनऊ: समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव ने 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान मतदाता सूची में गड़बड़ी के उनके आरोपों पर उत्तर प्रदेश के तीन जिलाधिकारियों की ओर से “अचानक सक्रियता” दिखाने पर बुधवार को सवाल उठाया और भाजपा सरकार, निर्वाचन आयोग व स्थानीय प्रशासन के बीच “साठगांठ” की जांच की मांग दोहराई।
एफिडेविट मिला ही नहीं, तो जिलाधिकारी जवाब किस बात का दे रहे हैं
यादव ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में सवाल किया, ” जनता का जिलाधिकारियों से एक मासूम सवाल है, क्यों इतने सालों बाद आया जवाब है?” उन्होंने कहा,”… जिस तरह कासगंज, बाराबंकी, जौनपुर के जिलाधिकारी हमारे 18000 शपथ पत्रों के बारे में अचानक अति सक्रिय हो गये हैं, उसने एक बात तो साबित कर दी है कि निर्वाचन आयोग की यह बात झूठ है कि एफिडेविट नहीं दिया गया।” पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ”अगर कोई एफिडेविट मिला ही नहीं, तो ये जिलाधिकारी जवाब किस बात का दे रहे हैं। अब सही जवाब देकर खानापूर्ति करने वाले इन जिलाधिकारियों की संलिप्तता की भी जांच होनी चाहिए।
अदालत को संज्ञान लेना चाहिए
अदालत को संज्ञान लेना चाहिए, निर्वाचन आयोग या जिलाधिकारी में से कोई एक तो गलत है ही ना? ” जौनपुर, कासगंज और बाराबंकी के जिलाधिकारियों ने एक दिन पहले, 2022 के चुनावों के दौरान मतदाताओं के नाम गलत तरीके से हटाए जाने के यादव के आरोपों का सार्वजनिक रूप से खंडन किया था। जिलाधिकारियों ने ‘एक्स’ पर अलग-अलग कहा कि नियमों के अनुसार नाम हटाए गए थे और कुछ मामलों में नाम अब भी मतदाता सूची में मौजूद हैं।
कासगंज के जिलाधिकारी प्रणय सिंह ने अपने जवाब में कहा कि अमापुर में सात मतदाताओं के नाम अभी भी मौजूद हैं, जबकि एक मतदाता की मृत्यु के बाद उचित प्रक्रिया के तहत एक नाम हटा दिया गया है। जौनपुर के जिलाधिकारी दिनेश चंद्र ने कहा कि शिकायत में चिन्हित पांच मतदाताओं की मृत्यु वास्तव में 2022 से पहले हो चुकी थी, और उनके नाम तदनुसार हटा दिए गए।

