Friday, February 13, 2026
Home Blog Page 28

पत्रकार सामाजिक सरोकारों से जुड़ कर सकारात्मक पत्रकारिता के माध्यम से समाज को नई दिशा दिखाने का काम करें- वासुदेव देवनानी

0

जयपुर। राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने पत्रकारों का आह्वान किया है कि वे सामाजिक सरोकारों से जुड़ कर सकारात्मक पत्रकारिता के माध्यम से समाज को नई दिशा दिखाने और मार्गदर्शन देने का कार्य करें। साथ ही लोकतन्त्र को मजबूत बनाने एवं नई पीढ़ी में देश भक्ति की भावना पैदा करने और हमारे देश की सनातन संस्कृति को उजागर करने का काम भी करे तभी भारत विश्व का सिरमोर बन सकेगा।

PunjabKesari

 

विधानसभाध्यक्ष देवनानी गुरुवार सायं जयपुर के राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में नेशनल मीडिया फाउंडेशन,नई दिल्ली द्वारा आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे।

देवनानी ने पत्रकारों से अपील की कि वे लोकतन्त्र के चौथे स्तंभ की अपनी भूमिका का सही अर्थों में पूरा करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत @ 2047 की कल्पना को साकार करने में सहभागी बनें । उन्होंने बताया कि आज भारत विश्व की तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक ताकत बनने जा रहा है और भविष्य में भारत के दुनिया की सबसे बड़ी आर्थिक  ताकत बनने की भी उम्मीद है। विधानसभाध्यक्ष ने कहा कि भारत ने कभी आक्रमण के जरिए दुनिया पर अपना दबदबा बनाना नहीं चाहा। हमारा महान देश किसी तरह विश्व की महाशक्ति भी बनना नहीं चाहता बल्कि, हम अपने सनातन मूल्यों के द्वारा पूरे विश्व के लिए एक महान मार्गदर्शक बनना चाहते है और दुनिया के महानायक बन कर विश्व में शान्ति, सद्भाव, प्रेम, विश्वास और अपनत्व की भावना विकसित करने में विश्वास रखते है। पूरी दुनिया हमारा अपना परिवार हैं तथा विश्व बंधुत्व और अहिंसा हमारा मूल मंत्र है, जिसके कारण हम पहले भी विश्व गुरु थे,आज भी है और आगे भी विश्व गुरु बने रहेंगे।

 

देवनानी ने कहा कि आज विश्व की परिस्थितियों एक नाजुक मोड़ पर खड़ी है। ऐसे में पत्रकारों को सत्य को उजागर कर जन जागरण के कार्य में अपनी महती भूमिका को निभाना होगा। आज हमारे पड़ोसी देश बांगला देश में हो रहे मानवाधिकारों के हनन की घटनाओं को लेकर कोई भी नहीं बोल रहा, ऐसे में भारतीय मीडिया को विश्व के सामने सही तस्वीर को उजागर करने के लिए आगे आना चाहिए। साथ ही अपनी गुरुत्तर जिम्मेदारियों को समझते हुए ऐसी कोई भी अतिरंजित खबरे देने से भी परहेज करना चाहिए जिससे भारत की सुरक्षा आवश्यकताओं को तनिक भी खतरा उत्पन्न हो जाए।

 

नेशनल मीडिया फाउंडेशन द्वारा पत्रकारों की विभिन्न सुविधाओं और पत्रकारों के लिए सुरक्षा कानून बनाने संबंधी मांग पर टिप्पणी करते हुए देवनानी ने कहा कि सबसे पहले तो आप सभी को ही एकजुट होने की जरूरत है तथा सही राजनीतिक दृष्टिकोण रखते हुए अपने आसक्त होने और अनासक्ति के बारे में मनन और विवेचना करनी चाहिए।

 

देवनानी ने पत्रकारों को आत्ममंथन करने की सीख भी दी और कहा कि पहले अख़बारों की दिशा और दशा तय करने में संपादक की निर्णायक भूमिका होती थी, आज वही अधिकार धीरे-धीरे मालिकों के हाथों में सिमटता जा रहा है। परिणामस्वरूप संपादकीय स्वतंत्रता सिमट रही है और पत्रकारिता पर व्यावसायिक हित हावी होते दिखाई देते हैं। समाचार चयन से लेकर प्रस्तुति तक, लाभ और प्रभाव का दबाव साफ़ महसूस किया जा सकता है। ऐसे में मीडिया का लोकतांत्रिक चरित्र कमजोर पड़ता है। जब तक अख़बारों की बागडोर पुनः पत्रकारों और संपादकों के हाथों में नहीं आती, तब तक मीडिया सही अर्थों में लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ बनने की अपनी भूमिका पूरी नहीं कर पाएगा।उन्होंने बताया कि राजस्थान सरकार ने अन्य प्रदेशों की तुलना में पत्रकारों के हितों का अधिक ध्यान रखते हुए उनकी पेंशन,चिकित्सा आदि सुविधाओं के संबंध में सकारात्मक कदम उठाए है। अन्य प्रदेशों को भी इनका अनुकरण करना चाहिए।

 

विधानसभाध्यक्ष देवनानी ने कहा कि आज मीडिया में प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया के कई स्वरूप हो गए है लेकिन आज भी प्रिंट मीडिया का महत्व कम नहीं हुआ है। ऐसे में पत्रकारों को अपने उत्तरदायित्वों को पूरी निष्पक्षता और ईमानदारी से पूरा करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आजादी के आंदोलन और आपातकाल में पत्रकारों की भूमिका अहम रही थी। आज इसी मिशनरी भावना से पत्रकारों को महाराणा प्रताप और सूरजमल जैसे राजस्थान के वीर सपूतों और रणबांकुरों की वीर गाथाओं, पन्ना धाय और मीरा जैसी विभूतियों के साथ राजस्थान के समृद्ध इतिहास, कला, संस्कृति, हेरिटेज, पर्यटन आदि को प्रमुखता से उजागर करने में अपनी ऊर्जा लगानी चाहिए। साथ ही गहराई में जाकर सत्य को उजागर करना चाहिए और जन सरोकारों को प्रमुखता देते हुए तथा समाज की प्रतिभाओं को आगे लाने का काम करना एवं  सामाजिक परिवर्तन का वाहक बनते हुए जनता की आवाज बनना चाहिए।

 

उन्होंने अपने शिक्षा मंत्री के कार्यकाल में स्कूली शिक्षा पाठ्यक्रम में अकबर महान के स्थान पर महाराणा प्रताप महान पाठ को जोड़ने तथा नई पीढ़ी के बालकों को देश के महान नायकों के बारे में जानकारी देने के लिए  200  महापुरुषों की जीवनियों को पाठ्यक्रम में जोड़ने के बारे में भी जानकारी दी और पत्रकारों से अपील की कि वे राजस्थान के शौर्य, वीरता, त्याग, संघर्ष और विजयी इतिहास को नई पीढ़ी के सामने लाने का कार्य करे ताकि देश का भावी नागरिक हमारी सभ्यता और संस्कृति से सुसंस्कृत हो सके।

 

इस अवसर पर विधानसभाध्यक्ष देवनानी ने नेशनल मीडिया फाउंडेशन की स्मारिका का लोकार्पण करने के साथ ही उत्कृष्ट कार्य करने वाले पत्रकारों और समाज सेवा से जुड़े लोगों को अवॉर्ड और स्मृति चिन्ह प्रदान किए। प्रारम्भ में नेशनल मीडिया फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेन्द्र जैन ने विधानसभाध्यक्ष देवनानी का स्वागत किया और राष्ट्रीय सलाहकार डॉ. ओ. पी. यादव ने फाउंडेशन की अब तक की उपलब्धियों और गतिविधियों की जानकारी दी और बताया कि सम्मेलन में 11 प्रदेशों के पत्रकार प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

February 2026 School Holidays: फरवरी में कब-कब बंद रहेंगे स्कूल? जानें त्योहारों की पूरी डिटेल

0

नेशनल डेस्क: फरवरी 2026 छात्रों के लिए बेहद अहम महीना माना जा रहा है, क्योंकि इसी दौरान देशभर में बोर्ड परीक्षाओं की शुरुआत होती है। इस समय मिलने वाली छुट्टियां आमतौर पर पढ़ाई और रिवीजन के लिए होती हैं, लेकिन कुछ धार्मिक त्योहारों और क्षेत्रीय अवसरों के चलते स्कूल-कॉलेज बंद भी रह सकते हैं। हालांकि, छुट्टियों का निर्धारण राज्य सरकार, शिक्षा बोर्ड और स्कूल के अकादमिक कैलेंडर पर निर्भर करता है।

फरवरी 2026 में कौन-कौन से त्योहार पड़ रहे हैं

फरवरी महीने की शुरुआत संत रविदास जयंती से होगी। 1 फरवरी 2026 को यह पर्व मनाया जाएगा, जो रविवार के दिन पड़ रहा है। इस अवसर पर हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, चंडीगढ़ समेत कई राज्यों में restricted holiday रहती है। रविवार होने के कारण स्कूल पहले से बंद रहेंगे।

12 फरवरी 2026 को महर्षि दयानंद सरस्वती जयंती मनाई जाएगी। यह दिन मुख्य रूप से Arya Samaj institutions में मनाया जाता है। आमतौर पर इसे स्कूलों में पूर्ण अवकाश के रूप में घोषित नहीं किया जाता।

महाशिवरात्रि और क्षेत्रीय छुट्टियों का असर

15 फरवरी 2026 को महाशिवरात्रि का पर्व है, जो इस बार रविवार को पड़ेगा। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र जैसे कई राज्यों में इसे gazetted या restricted holiday के रूप में मान्यता दी जाती है। रविवार होने के कारण स्कूल बंद रहेंगे, हालांकि कुछ राज्यों में अतिरिक्त अवकाश भी घोषित किया जा सकता है।

18 फरवरी 2026 को Losar (Tibetan New Year) मनाया जाएगा। यह पर्व खासतौर पर सिक्किम में मनाया जाता है, जहां स्कूल और कॉलेजों में अवकाश रहने की संभावना रहती है।

इसके बाद 19 फरवरी 2026 को छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती है। महाराष्ट्र में यह दिन विशेष महत्व रखता है और राज्यभर के स्कूल-कॉलेजों में छुट्टी रहती है।

फरवरी में नेशनल हॉलिडे नहीं, वीकेंड ही रहेंगे सहारा

फरवरी 2026 में कोई बड़ा national holiday नहीं पड़ रहा है। ऐसे में छात्रों को शनिवार-रविवार और बोर्ड परीक्षा के शेड्यूल के अनुसार मिलने वाले ब्रेक पर ही निर्भर रहना होगा।

छात्रों और अभिभावकों के लिए जरूरी सलाह

छात्रों और अभिभावकों को सलाह दी जाती है कि वे छुट्टियों को लेकर अपने-अपने स्कूल या कॉलेज की आधिकारिक holiday list जरूर जांचें। बोर्ड परीक्षाओं के बीच मिलने वाले ब्रेक का सही इस्तेमाल रिवीजन और प्रैक्टिस के लिए करना फायदेमंद रहेगा। त्योहारों के दौरान परिवार के साथ समय बिताएं, लेकिन पढ़ाई का संतुलन बनाए रखना जरूरी है।

Budget 2026: रेल यात्रियों के लिए खुशखबरी! ट्रेन का सफर होगा सस्ता, आधी हो सकती है टिकट की कीमतें

0

नेशनल डेस्कः आम बजट 2026 से पहले करोड़ों रेल यात्रियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आ रही है। केंद्र सरकार वरिष्ठ नागरिकों को ट्रेन टिकट पर मिलने वाली पुरानी रियायत को दोबारा शुरू करने पर विचार कर रही है। यदि इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो बुजुर्ग महिलाओं को 3000 रुपये का टिकट सिर्फ 1500 रुपये में और पुरुषों को 1800 रुपये में मिल सकता है। यह फैसला कोरोना काल के बाद वरिष्ठ यात्रियों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकता है।

यूनियन बजट 2026 पर टिकी हैं यात्रियों की नजरें

देशभर के रेल यात्री आगामी यूनियन बजट 2026 से कई उम्मीदें लगाए बैठे हैं। हर साल की तरह इस बार भी आम आदमी को उम्मीद है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट में उनकी जेब को राहत देने वाले कुछ अहम ऐलान करेंगी। इसी बीच, सीनियर सिटीजंस के लिए टिकट किराए में छूट बहाल किए जाने की खबर ने यात्रियों की उम्मीदें बढ़ा दी हैं।

सीनियर सिटीजंस को फिर मिल सकती है पुरानी रियायत

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भारतीय रेलवे कोरोना महामारी से पहले लागू सीनियर सिटीजन कंसेशन को फिर से शुरू करने पर गंभीरता से विचार कर रहा है। बताया जा रहा है कि इस मुद्दे पर रेल मंत्रालय और वित्त मंत्रालय के बीच बातचीत भी हो चुकी है। यदि बजट 2026 में इस प्रस्ताव को हरी झंडी मिलती है, तो यह वरिष्ठ नागरिकों के लिए किसी बड़े तोहफे से कम नहीं होगा।

किन यात्रियों को मिलेगा लाभ?

– 58 वर्ष या उससे अधिक उम्र की महिला यात्रियों को सभी श्रेणियों में 50 प्रतिशत तक की छूट मिलेगी।

– 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के पुरुष यात्रियों को 40 प्रतिशत तक की छूट का लाभ मिलेगा।

यह छूट स्लीपर क्लास से लेकर एसी फर्स्ट क्लास तक लागू हो सकती है, जिससे लंबी दूरी की यात्रा करने वाले बुजुर्गों को बड़ी आर्थिक राहत मिलेगी।

3000 रुपये का टिकट आधी कीमत में

कोरोना से पहले लागू नियमों के अनुसार, यदि किसी महिला वरिष्ठ नागरिक का टिकट 3000 रुपये का है, तो उसे सिर्फ 1500 रुपये ही चुकाने होंगे। वहीं, पुरुष वरिष्ठ नागरिकों को 40 प्रतिशत छूट मिलने पर उसी टिकट के लिए केवल 1800 रुपये का भुगतान करना पड़ेगा। इससे तीर्थ यात्रा, पारिवारिक मिलन और जरूरी सफर काफी सस्ता हो जाएगा।

कोरोना काल में क्यों रोकी गई थी छूट?

मार्च 2020 में कोविड-19 महामारी के दौरान सरकार ने अनावश्यक यात्राओं को रोकने और सोशल डिस्टेंसिंग सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सीनियर सिटीजन कंसेशन को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया था। हालांकि अब हालात पूरी तरह सामान्य हो चुके हैं और रेलवे की आर्थिक स्थिति में भी सुधार आया है, इसके बावजूद यह सुविधा अभी तक बहाल नहीं हो पाई थी।

इस छूट की सबसे खास बात इसकी सरल प्रक्रिया थी। टिकट बुक करते समय यात्रियों को केवल अपनी सही उम्र दर्ज करनी होती थी। चाहे टिकट IRCTC की वेबसाइट से लिया जाए या रेलवे रिजर्वेशन काउंटर से, उम्र सत्यापित होते ही किराए में छूट अपने आप लागू हो जाती थी। न तो किसी अतिरिक्त दस्तावेज की जरूरत पड़ती थी और न ही किसी अलग कार्ड की।

 

‘डोनाल्ड ट्रंप ने PM मोदी पर कराया था तंत्र-मंत्र’, फिर हमने ठीक किया…, बाबा के इस बयान से मची खलबली

0

नेशनल डेस्क : यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) के नियमों को लेकर चल रहे देशव्यापी विरोध के बीच सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को अहम फैसला सुनाया। शीर्ष अदालत ने विवादित प्रावधानों पर रोक लगाते हुए केंद्र सरकार और यूजीसी को निर्देश दिया कि वे नए सिरे से नियमों का मसौदा तैयार करें। इसके लिए एक विशेष समिति गठित करने को भी कहा गया है, ताकि सभी पक्षों की आपत्तियों पर विचार हो सके।

अदालत के फैसले के बीच सोशल मीडिया पर अजीब दावा

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तुरंत बाद अयोध्या के संत परमहंस आचार्य के एक बयान ने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी। आचार्य ने दावा किया कि यूजीसी के विवादित नियम किसी नीतिगत सोच का नहीं, बल्कि “तंत्र-मंत्र” का नतीजा थे। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर वशीकरण किया, जिसकी वजह से ऐसे नियम बने।

PunjabKesari

“विदेशी ताकतों की जलन” का आरोप

मीडिया से बातचीत में परमहंस आचार्य ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के बढ़ते अंतरराष्ट्रीय प्रभाव से कुछ विदेशी ताकतें असहज हैं। उनके मुताबिक, इसी कारण अप्रत्यक्ष तरीकों का सहारा लिया गया। आचार्य ने यह भी दावा किया कि गहन ध्यान और वैदिक मंत्रों के जरिए इस कथित प्रभाव को समाप्त किया गया।

पहले तीखा विरोध, अब बदला सुर

यूजीसी नियमों को लेकर परमहंस आचार्य पहले भी खुलकर नाराजगी जता चुके हैं। उन्होंने इन नियमों को समाज में विभाजन पैदा करने वाला बताया था और सरकार पर कड़े आरोप लगाए थे। यहां तक कहा गया था कि यदि नियम लागू हुए तो देश में गंभीर सामाजिक हालात बन सकते हैं। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद उनका रुख नरम पड़ता दिखा। आचार्य ने उम्मीद जताई कि सरकार ऐसे फैसले नहीं करेगी जो देश के विकास को नुकसान पहुंचाएं।

PunjabKesari

इच्छामृत्यु से पूजा तक

विवाद के चरम पर आचार्य ने यह तक कह दिया था कि नियम वापस नहीं लिए गए तो वे इच्छामृत्यु का रास्ता अपनाएंगे। बिहार चुनावों का हवाला देते हुए उन्होंने राजनीतिक नुकसान की भविष्यवाणी भी की थी। लेकिन अदालत की रोक के बाद उन्होंने प्रधानमंत्री की कुशलता और दीर्घायु के लिए पूजा-पाठ जारी रखने की बात कही।

India-EU: भारत-ईयू समझौते से पाकिस्तान की टेक्सटाइल पर संकट? PAK विश्लेषक बोलें- आर्थिक जंग तेज होने की आशंका

0

भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुए ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) ने दक्षिण एशिया में नई आर्थिक हलचल पैदा कर दी है। जहां भारत के लिए यह करार निर्यात और निवेश के बड़े अवसर खोलता है, वहीं पाकिस्तान के कारोबारी जगत में इसे लेकर गहरी चिंता दिख रही है। वित्तीय विश्लेषकों का कहना है कि यह समझौता पाकिस्तान की टेक्सटाइल समेत कई निर्यात उद्योगों के लिए चुनौती बन सकता है।हाल ही में भारत-ईयू एफटीए के तहत 27 देशों वाले यूरोपीय ब्लॉक में भारत के 93 प्रतिशत निर्यात को शुल्क-मुक्त पहुंच मिलेगी। इसके साथ ही ईयू से भारत में लग्जरी कारों और वाइन का आयात सस्ता होगा। पाकिस्तान के विश्लेषकों का मानना है कि इससे यूरोपीय बाजार में भारतीय उत्पादों की प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और पाकिस्तान का बाजार हिस्सा घट सकता है, खासकर टेक्सटाइल सेक्टर में।

क्या कहते हैं पाकिस्तानी विश्लेषक?
पाकिस्तान के वित्तीय विशेषज्ञ मुहम्मद अली साया ने चेतावनी दी है कि भारत ने “नई आर्थिक लड़ाई” शुरू कर दी है। उनके मुताबिक, पाकिस्तान को कठिन प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार रहना होगा। उन्होंने बताया कि GSP+ दर्जा होने के बावजूद पाकिस्तान की टेक्सटाइल निर्यात स्थिति कमजोर हो सकती है, क्योंकि भारत को अब शून्य शुल्क का लाभ मिलेगा।

टेक्सटाइल और अन्य निर्यात पर असर क्यों?
पाकिस्तान को ईयू ने 2014 में जीएसपी+ का दर्जा दिया था, जिससे यूरोप को उसके टेक्सटाइल निर्यात में 108 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। हालांकि यह दर्जा दिसंबर अगले वर्ष समाप्त होने वाला है। विश्लेषक अली शान का कहना है कि भारत-समझौते के बाद पाकिस्तान की प्रतिस्पर्धी बढ़त खत्म हो सकती है।

पाक पर कितना असर?
टेक्सटाइल, चावल और कपास निर्यात पर दबाव बढ़ेगा।
भारतीय उत्पाद ईयू में कम कीमत पर उपलब्ध हो सकते हैं।
रोजगार और निर्यात मार्जिन पर असर पड़ सकता है।
बाजार एक बार हाथ से निकलने पर वापस पाना मुश्किल होगा।

सरकार और उद्योग की चिंता
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वह ईयू के संपर्क में है ताकि संभावित नुकसान से निपटा जा सके। वहीं, बिजनेसमैन पैनल प्रोग्रेसिव के अध्यक्ष साकिब फैयाज मागून ने सरकार से निर्यातकों को ज्यादा प्रोत्साहन देने की मांग की है। उनका कहना है कि EU पाकिस्तान का सबसे बड़ा निर्यात गंतव्य है और कुल निर्यात का 25 प्रतिशत हिस्सा वहीं जाता है।

होजरी मैन्युफैक्चरर्स एंड एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के प्रमुख फैसल अरशद के अनुसार, भारत-ईयू एफटीए से भारतीय निर्यातक आक्रामक कीमतों पर सामान बेच सकते हैं, जिससे पाकिस्तान की हिस्सेदारी घटेगी। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को टैक्स में राहत, सस्ती ऊर्जा और आसान निर्यात प्रक्रियाओं जैसे कदम उठाने होंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर समय रहते सुधार नहीं किए गए, तो पाकिस्तान के लिए ईयू बाजार में टिके रहना कठिन हो जाएगा।

UGC: यूजीसी के बहाने बढ़त लेने के मूड में सपा-बसपा, सर्वोच्च न्यायालय के फैसले पर टिकी भाजपा की नजर

0

यूजीसी ने जहां भाजपा के चुनावी समीकरण गड़बड़ा दिए हैं, वहीं सपा-बसपा दोनों ही इसका लाभ उठाने की कोशिश कर रही हैं। सपा-बसपा दोनों ही पार्टियों की नजर इस बार ब्राह्मण सहित सामान्य वोट बैंक पर है जो यूजीसी के कारण भाजपा से नाराज चल रहा है। सपा का आकलन है कि यदि सामान्य वर्ग का एक हिस्सा वोट भी उसके साथ वापस आ जाता है तो विधानसभा चुनाव में वह बढ़त हासिल कर सकती है। वहीं, प्रदेश में अपनी मजबूत वापसी के लिए कोशिश कर रही बसपा एक बार फिर ब्राह्मणों को साधकर 2007 का करिश्मा दोहराना चाहती है।

समाजवादी पार्टी इस समय हरिशंकर तिवारी के बेटे विनय शंकर तिवारी को आगे रखकर प्रदेश के ब्राह्मणों के बीच छोटी-छोटी बैठक कराकर अपने से जोड़ने की कोशिश कर रही है। माता प्रसाद पांडेय को नेता प्रतिपक्ष बनाकर भी उसने ब्राह्मणों को एक संदेश देने का काम किया है। अखिलेश यादव ने यूजीसी विवाद के बाद जिस तरह ‘किसी के साथ भी अन्याय न होने’ की बात कही है, उसे ब्राह्मणों सहित अन्य सामान्य वर्ग को साधने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

ये इतिहास सपा के साथ

समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता आईपी सिंह ने अमर उजाला से कहा कि यूपी का अब तक का इतिहास रहा है कि जो लोकसभा चुनाव में बढ़त हासिल करता है, प्रदेश में उसकी सरकार बनती है। भाजपा ने 2014 के लोकसभा चुनाव में बढ़त हासिल की थी, उसे 2017 में यूपी में सरकार बनाने का अवसर मिला। उसने 2019 के लोकसभा चुनाव में यूपी में बढ़त हासिल की और 2022 में भी सरकार बनाई।

लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव में यूपी में भाजपा को झटका लगा, जबकि समाजवादी पार्टी ने शानदार बढ़त हासिल की। सपा ने कांग्रेस के साथ मिलकर यूपी की 43 सीटों पर जीत हासिल की। विधानसभा वार इस परिणाम का आकलन करें तो समाजवादी पार्टी को 235 विधानसभा सीटों पर साफ बढ़त मिलती हुई दिखाई देती है। यही कारण है कि सपा अपना प्रदर्शन बेहतर करने के लिए पीडीए वर्ग के साथ-साथ ब्राह्मणों और अन्य सामान्य वर्ग को साधने की कोशिश कर रही है। आईपी सिंह का दावा है कि इस बार समाजवादी पार्टी प्रदेश में सरकार बनाने में सफल रहेगी।

समाजवादी पार्टी का अनुमान है कि यूजीसी विवाद के साथ-साथ स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद विवाद से भी उसको लाभ हो सकता है।

बसपा को अपनी मजबूत वापसी का भरोसा

मायावती यूपी में एक बार फिर अपने पैरों पर खड़ी होने की पुरजोर कोशिश कर रही हैं। बसपा का अनुमान है कि यूजीसी विवाद बढ़ने पर ब्राह्मण मतदाता भाजपा से दूर छिटकते हैं तो वे उसके पास आ सकते हैं और उसके लिए 2007 का ‘जिताऊ समीकरण’ तैयार हो सकता है। सतीश चंद्र मिश्रा के नेतृत्व में बसपा ने एक बार फिर ब्राह्मणों को साधने की कोशिशें शुरू कर दी हैं। यूजीसी विवाद ने पार्टी को नई उम्मीद देने का काम किया है।

बसपा प्रवक्ता फैजान खान ने अमर उजाला से कहा कि उनकी नेता मायावती ने साफ कह दिया है कि किसी के साथ भी अन्याय नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर यह निर्णय किया गया होता तो आज यह तनाव की स्थिति पैदा न होती। उन्होंने कहा कि विभिन्न समाजों के बीच जो तनावपूर्ण माहौल बन रहा है, उसे हर हालत में टालने की कोशिश की जानी चाहिए। फैजान खान ने दावा किया कि उनकी नेता मायावती के नेृत्व में हर वर्ग को न्याय सुनिश्चित होगा।

जानबूझकर संघर्ष बढ़ाने की कोशिश कर रही भाजपा- अजय कुमार लल्लू

उत्तर प्रदेश के पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने आरोप लगाया कि भाजपा जानबूझकर एक संघर्ष की स्थिति पैदा करना चाहती है जिससे लोगों का असली मद्दों से ध्यान भटक जाए। उन्होंने कहा कि उनके नेता राहुल गांधी ओबीसी समुदाय की ज्यादा भागीदारी देने की बात करते हैं। उन्होंने ही जातिगत आरक्षण का मुद्दा उठाकर भाजपा को इस मुद्दे पर सामने आने के लिए मजबूर कर दिया। लेकिन भाजपा ओबीसी समुदाय को कुछ देना नहीं चाहती, लिहाजा वह लोगों के बीच तनाव बढ़ाकर कुछ करने से बचने की कोशिश कर रही है।

अजय कुमार लल्लू ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकारों ने मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और ओडिशा में ओबीसी समुदाय को जो अधिकार दिए हैं, भाजपा उसे उन्हें नहीं देना चाहती। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे पर मुखर रहेगी और ओबीसी समुदाय का हित सुरक्षित करेगी।

सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का इंतजार – भाजपा

भाजपा अभी इस मुद्दे पर कुछ भी कहने से बचने की कोशिश कर रही है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने शुक्रवार को कहा कि यह मुद्दा सर्वोच्च न्यायालय के सामने विचाराधीन है। ऐसे में पार्टी इस मुद्दे पर कुछ नहीं कहेगी। लेकिन उन्होंने कहा कि भाजपा किसी भी वर्ग के साथ कोई अन्याय नहीं होने देगी।

 

Auraiya News: एक्सप्रेसवे पर टकराए पांच डंपर और ट्रक, चार घायल

0

औरैया। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर कोहरे के चलते टोल के पास बृहस्पतिवार सुबह ट्रक व पांच डंपर आपस में टकरा गए। हादसे में ट्रक के केबिन में फंसे चालक समेत चार लोग घायल हो गए। घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। वाहनों के टकराने के बाद एक्सप्रेसवे पर पपीता, डस्ट व मौरंग फैलने से एक लेन पर यातायात शाम चार बजे तक बाधित रहा। पुलिस व एक्सप्रेसवे कमियों ने वाहनों व सामान को हटवाकर यातायात सामान्य कराया।सदर कोतवाली क्षेत्र से निकले बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे स्थित टोल किलोमीटर संख्या 245 पर सुबह करीब सात बजे पपीता से लदा ट्रक कोहरे के कारण अनियंत्रित होकर पलट गया। इसके बाद पीछे से आ रहे पांच डंपर ट्रक में घुस गए। हादसे में वाहनों में लदा पपीता, मौरंग और डस्ट एक्सप्रेसवे पर फैल गई। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस और एक्सप्रेसवे की राहत टीम मौके पर पहुंची। क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त वाहनों को किनारे किया गया। ट्रक की केबिन में फंसे चालक को बाहर निकाला गया। हादसे में घायल चार लोगों को पुलिस एंबुलेंस से जिला अस्पताल ले गई। सभी डंपर लोड होने के कारण उन्हें एक्सप्रेसवे से हटाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। डपंरों को खाली कराकर क्रेन की मदद से हटाया गया। इसके चलते शाम चार बजे तक एक लेन बाधित रही।

घायलों में फिरोजाबाद के थाना जसराना के गांव खुदकपुरा निवासी राधिश पाल बंगलुरू से पपीता लादकर चंदौसी जा रहे थे। हादसे में ट्रक की केबिन में फंसकर घायल हो गए। वहीं इटावा स्थित वैदपुरा के गांव नीदनपुर निवासी रोहित, मैनपुरी स्थित थाना किशनी के गांव चतुरीपुर निवासी वियोम कैश इटावा स्थित चौबिया के गांव टिसुवादेव निवासी खलासी मोनू के झांसी से डस्ट लादकर मैनपुरी जा रहे थे। हादसे में डंपर सवार तीनों घायल हो गए।

Auraiya News: बीहड़ क्षेत्र में निपुण आकलन में चुनौतीपूर्ण बना नेटवर्क

0

औरैया। जिलेभर के 144 परिषदीय स्कूलों में चल रहा निपुण आकलन सर्वे बीहड़ में पहुंचते ही चुनौतीपूर्ण बन रहा है। यहां पर नेटवर्क न मिलने की वजह से एप से सर्वे करने में डीएलएड प्रशिक्षु परेशान हो रहे हैं। ऐसे में सर्वे को पूरा करने के लिए उन्हें स्कूल परिसर के इधर से उधर चक्कर लगाने पड़ते हैं।शासन के निर्देश पर जिले में निपुण आकलन सर्वे की शुरुआत हो चुकी है। जिले में 72 टीमों को सर्वे करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। स्कूलों में डीएलएड प्रशिक्षु मोबाइल से सर्वे करने पहुंच रहे है। यहां पर बच्चों के शाब्दिक ज्ञान को एप के जरिए परखा जा रहा है लेकिन बीहड़ में नेटवर्क न आने से एप काम नहीं कर रहा है।

डीएलएड प्रशिक्षु स्कूल परिसर में नेटवर्क आने वाले स्थान को पहले जांच रहे हैं। इसके बाद बच्चों को बारी-बारी से उसी स्थान पर बुलाकर सर्वे कर रहे हैं। इसे लेकर डायट व बीएसए कार्यालय में कंट्रोल रूम से डीएलएड प्रशिक्षुओं का लगातार सहयोग भी किया जा रहा है। बीएसए संजीव कुमार ने बताया कि बीहड़ के कुछ स्कूलों में नेटवर्क की समस्या आ रही है। इसके लिए कंट्रोल रूम से सर्वे टीम का लगातार सहयोग किया जा रहा है।

सनी बना शैतान: आधी रात को घोंट दिया पत्नी का गला, हत्या के बाद साले को फोन कर बोला- लड़ाई हो गई थी

0

गुरुग्राम सेक्टर-37 थाना के अंतर्गत खांडसा में 28/29 जनवरी की रात को एक युवक ने अपनी पत्नी का गला घोंटकर हत्या कर दी। हत्या करने के बाद करीब 12 घंटे बाद 29 जनवरी को दोपहर बाद आरोपी ने अपने साले को कॉल करके पत्नी के साथ मारपीट होने के बारे में जानकारी दी थी। इसके बाद जब गुरुग्राम में रह रहा मृतका का दूसरा भाई व उसकी बहन 29 जनवरी की शाम को कमरे पर पहुंचने पर हत्या के बारे में पता चला। हत्या करने के बाद आरोपी पति भाग गया है। सूचना मिलने पर सेक्टर-37 थाने की पुलिस ने शव को कब्जे में लिया और मोर्चरी में पहुंचाया।

चार साल से रह रहे थे गुरुग्राम में
मृतका की पहचान ओरैया (उत्तर प्रदेश) के खास भरा निवासी शीलू (27) के रूप में हुई। उसकी शादी आठ साल पहले कानपुर (उत्तर प्रदेश) के रानी घाट कॉलोनी निवासी सनी दयाल के साथ हुई थी। दंपती के दो बच्चे हैं, जिसमें सात साल का बेटा व तीन साल की बेटी है। दंपती करीब 4 साल से गुरुग्राम के खांडसा में किराये पर रह रहे हैं। सनी दयाल दिहाड़ी-मजदूरी करता है। वहीं, शीलू भी कई बार दिहाड़ी का काम करती थी। बताया जा रहा है कि शीलू का कई बार अपने पति सनी दयाल के साथ झगड़ा हो चुका था, जिसमें परिवार वालों की ओर से दोनों को समझाया भी जा चुका था।

बच्चों को हत्या से पहले नाना-नानी के घर छोड़ गया था
मृतका शीलू के भाई कपिल में बताया 29 जनवरी की दोपहर बाद करीब 3.30 बजे उसे शीलू की मौत के बारे में पता चला। कपिल गुरुग्राम के सेक्टर-37 में नौकरी करता है और यहीं किराये पर रहता है। कपिल ने बताया कि उसका जीजा दोनों बच्चों को करीब 10 दिन पहले नाना-नानी के पास छोड़ आया था।

भाई को फोन कर बोला- बहन को संभाल लो
पुलिस जांच में सामने आया कि 28/29 जनवरी की रात को किसी बात पर झगड़ा होने के बाद सनी दयाल ने अपनी पत्नी शीलू का गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद करीब 12 घंटे बाद सनी दयाल ने 29 जनवरी की दोपहर बाद 3 बजे ओरैया के खास भरा में रहने वाले अपने छोटे साले आलोक को कॉल करके बताया कि शीलू के साथ झगड़ा होने के बाद मारपीट हो गई है, उसे आकर संभाल लो।

बड़ी बहन ने देखी सबसे पहले लाश
आलोक ने अपनी बड़ी बहन नीरज को कॉल करके सनी दयाल के फोन आने व शीलू की तबीयत खराब होने की जानकारी दी। नीरज ने अपने पति रवि ने कंपनी में कपिल के पास भेजा। इसके बाद कपिल, रवि व नीरज जब शीलू के कमरे पर गए तो वह मृत अवस्था में पड़ी थी। इसके बाद पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी गई। सूचना मिलने पर सेक्टर-37 थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और एफएसएल, फिंगरप्रिंट विशेषज्ञों की टीम से घटनास्थल का निरीक्षण कराकर साक्ष्य एकत्रित किए।

पुलिस बोली- सनी गायब है
जांच अधिकारी एसआई महेश ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है। मामले की छानबीन की जा रही है। हत्या करने बाद आरोपी सनी दयाल गायब है। उसके मोबाइल की लोकेशन के साथ ही उसके छिपने के संभावित ठिकानों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। जल्द ही शीलू के हत्यारोपी पति को गिरफ्तार किया जाएगा।

Kanpur Weather: 48 घंटे में 6.8 डिग्री लुढ़का पारा; 31 से ओलावृष्टि-बारिश के आसार, पछुआ हवा छुड़वाएगी कंपकंपी

0

कानपुर में हवाओं की बढ़ती रफ्तार और धूप कम निकलने से 48 घंटों में दिन का पारा 6.8 डिग्री लुढ़क गया है। गुरुवार शाम ठंडी हवाओं की रफ्तार बढ़ने सेे ठिठुरन भी बढ़ गई। मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि शनिवार को पश्चिमी विक्षोभ आने के बाद अगर चक्रवाती हवाओं का घेरा बना तो बारिश होगी।

31 जनवरी से दो फरवरी के बीच स्थानीय स्तर पर हल्की बारिश, ओलावृष्टि की भी संभावना है। गुरुवार को दिन भर बादल छाए रहे। 24 घंटे में दिन का अधिकतम पारा 3.9 डिग्री और रात का न्यूनतम पारा 2.6 डिग्री नीचे आ गया। करीब चार किमी प्रति घंटा की रफ्तार से बही दक्षिणी-पश्चिमी हवा ने ठंड में इजाफा कर दिया। 

पश्चिमी हवाएं मैदानी इलाकों में कंपकंपी छुड़वाएंगी
शनिवार को एक और पश्चिमी विक्षोभ पहुंचेगा। इससे हिमालयीय क्षेत्र में तेज बारिश और बर्फबारी होगी, उसके बाद पश्चिमी हवाएं कानपुर परिक्षेत्र समेत गंगा के मैदानी इलाकों में कंपकंपी छुड़वाएंगी। वरिष्ठ मौसम विशेषज्ञ डॉ. एसएन सुनील पांडेय ने बताया कि कोहरे की पर्त ऊपर की ओर चली गई है।

Kanpur Weather Temperature drops by 6.8 degrees in 48 hours hailstorm and rain expected from the 31st

सुबह और रात को हल्का कोहरा रहने की संभावना
इससे धूप नरम पड़ गई है। बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से भी नम हवाएं आ रही हैं। मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि आने वाले पांच दिनों तक बादल छाए रहेंगे। एक और दो फरवरी को तेज हवाएं चलेंगी। गरज के साथ ओलावृष्टि हो सकती है। स्थानीय स्तर पर हल्की बारिश और सुबह और रात को हल्का कोहरा रहने की संभावना है।