Friday, February 13, 2026
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UP News: ‘वोट चोरी करके जीते पीएम मोदी…’ अजय राय बोले- कौशल राज शर्मा ने कराई वोट चोरी; इनाम में मिली दिल्ली

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राजधानी लखनऊ में गुरुवार को मॉल एवेन्यू स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय पर उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय ने प्रेस वार्ता कर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि पार्टी की ओर से 23 अगस्त से न्याय योद्धा बनाए जाएंगे। इसके लिए कार्यशाला होगी। न्याय योद्धा विभिन्न स्थानों पर फर्जी मुकदमे में फंसाए गए लोगों की मदद करेंगे। वोट चोरी भी रोकेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद वोट चोरी करके जीते हैं। यही वजह है कि वाराणसी में सात राउंड के बाद बेवसाइट पर अपडेशन बंद किया गया था। अब दोबारा इस तरह का खेल नहीं हो पाएगा। उसके लिए पुख्ता रणनीति बनाई जा रही है। आरोप लगाया कि वाराणसी में तत्कालीन कमिश्नर कौशल राज शर्मा ने वोट चोरी कराई। अब उन्हें इसका इनाम मिला है और वो दिल्ली पहुंच गए हैं।

अधिवक्ताओं की समस्याओं को लेकर भी आंदोलन चलाया जाएगा

राय ने आगे कहा कि आगरा में वोट चोरी करने का विरोध करने पर महानगर अध्यक्ष अमित सिंह व अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर दी गई है। इन सभी को न्याय दिलाने के लिए कार्य किया जाएगा। इसी तरह अधिवक्ताओं की विभिन्न समस्याओं को लेकर भी आंदोलन चलाया जाएगा। खाद को लेकर किसान परेशान हैं। यह प्रदेश सरकार की नाकामी है। राज्यपाल को ज्ञापन भेज रहे हैं। जल्द ही पूरे प्रदेश में खाद की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।

हाईकोर्ट में सरकार का पक्ष: 50 से कम बच्चों वाले स्कूलों का नहीं होगा विलय, एक किमी से दूर नहीं होंगें स्कूल

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यूपी में परिषदीय स्कूलों के विलय पर सरकार ने बड़ा एलान किया है। अब 50 से कम बच्चों वाले स्कूलों का विलय नहीं होगा। ना ही कोई स्कूल एक किमी से दूर होगा। विलय मामले में अब हाईकोर्ट में 1 सितंबर को सुनवाई होगी।

उत्तर प्रदेश के परिषदीय स्कूलों के विलय मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में बृहस्पतिवार को मुख्य न्यायमूर्ति की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने विशेष अपीलों पर सुनवाई की। इस दौरान राज्य सरकार ने मुख्य न्यायमूर्ति अरुण भंसाली और न्यायमूर्ति जसप्रीत सिंह की खंडपीठ के समक्ष जवाब दाखिल किया। इसमें कहा कि सरकार 50 से कम बच्चों वाले स्कूलों का विलय या पेयरिंग नहीं करेगी। इसके साथ ही प्राथमिक स्कूलों की दूरी एक किमी से दूर नहीं होगी। राज्य सरकार के अपर महाधिवक्ता अनुज कुदेसिया ने बताया कि सरकार के इस निर्णय को प्रदेश के सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों को भेज दिया गया है। आगे की कार्रवाई इसके तहत हो रही है। मामले की अगली सुनवाई 1 सितंबर को होगी।

दरअसल, बीती 24 जुलाई को हाईकोर्ट ने विलय प्रक्रिया में उजागर हुई स्पष्ट अनियमितताओं के मद्देनजर सीतापुर के स्कूलों के विलय पर यथास्थिति बरकरार रखने का आदेश दिया था। कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि यह अंतरिम आदेश देते समय अदालत ने स्कूलों के विलय या मर्जर की सरकार की नीति और इस पर अमल करने की मेरिट पर कुछ नहीं किया है। 

21 अगस्त तक मौजूदा स्थिति बरकरार रखने का आदेश दिया था

अदालत के सामने सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से पेश किए गए विलय के कुछ दस्तावेजों में साफ अनियमितताएं सामने आई थीं। राज्य सरकार की ओर से इनका स्पष्टीकरण देने का समय मांगा गया था। इसके मद्देनजर कोर्ट ने सीतापुर जिले में स्कूलों की विलय/ पेयरिंग प्रक्रिया पर 21 अगस्त तक मौजूदा स्थिति बरकरार रखने का आदेश दिया था।

पहली विशेष अपील सीतापुर के पांच बच्चों ने, और दूसरी भी वहीं के 17 बच्चों ने अपने अभिभावकों के जरिये दाखिल की है। इनमें स्कूलों के विलय में एकल पीठ द्वारा बीती 7 जुलाई को दिए गए फैसले को चुनौती देकर रद्द करने का आग्रह किया गया है। याचियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ एलपी मिश्र व अधिवक्ता गौरव मेहरोत्रा ने दलीलें दीं। जबकि, राज्य सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता अनुज कुदेसिया ने मुख्य स्थाई अधिवक्ता शैलेंद्र कुमार सिंह के साथ बहस की। 

एकल पीठ ने विलय आदेश को चुनौती देने वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया था

गौरतलब है कि बीती 7 जुलाई को स्कूलों के विलय मामले में एकल पीठ ने प्रथामिक स्कूलों के विलय आदेश को चुनौती देने वाली दोनों याचिकाओं को खारिज कर दिया था। न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की एकल पीठ ने यह फैसला सीतापुर के प्राथमिक व उच्च प्रथामिक स्कूलों में पढ़ने वाले 51 बच्चों समेत एक अन्य याचिका पर दिया था।

इनमें बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा बीती 16 जून को जारी उस आदेश को चुनौती  देकर रद्द करने का आग्रह किया गया था। इसके तहत प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों की संख्या के आधार पर उच्च प्राथमिक या कंपोजिट स्कूलों में विलय करने का प्रावधान किया गया था।

UP: बांग्लादेशी और रोहिंग्या नागरिकों के फर्जी आधार बनाने के गिरोह के 6 सदस्य गिरफ्तार, एटीएस ने दबोचा

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यूपी एटीएस ने बांग्लादेशी और रोहिंग्या नागरिकों के फर्जी आधार कार्ड बनाने के गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार किया है। एटीएस ने प्रदेश के अलग-अलग जिलों में छापेमारी की।
एटीएस की टीम ने प्रदेश के अलग-अलग जिलों में छापेमारी कर बांग्लादेशी और रोहिंग्या नागरिकों के फर्जी आधार बनाने वाले गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार किया है।एटीएस को उनके पास से फर्जी आधार कार्ड बरामद हुए हैं।

गिरफ्तार किए गए आरोपी आजमगढ़, मऊ, गाजियाबाद, औरैया और गोरखपुर के रहने वाले हैं।

बदायूं में कुत्ते के घाव चाटने से 2 साल के बच्चे की मौत, गांव में फैल गया डर! CMO ने दी ये कड़ी चेतावनी

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Badaun News: उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में एक दुखद घटना सामने आई है। जहां सहसवान तहसील के सुजातगंज बेला गांव में 2 साल के मासूम अदनान की मौत हो गई। कुछ दिनों पहले एक आवारा कुत्ते ने बच्चे के खुले घाव को चाट लिया था, जिसके बाद बच्चे को रेबीज के लक्षण दिखने लगे। समय पर इलाज ना मिलने की वजह से मासूम की जान चली गई। इस घटना के बाद पूरे गांव में भय का माहौल बन गया।

मौत की वजह बनी लापरवाही
डॉक्टरों का कहना है कि अदनान के परिवार वालों को तुरंत अस्पताल जाकर एंटी-रेबीज की वैक्सीन लगवानी चाहिए थी, लेकिन वे इस मामले में लापरवाही बरत गए। सीएमओ बदायूं डॉ. रामेश्वर मिश्रा ने बताया कि सही समय पर वैक्सीन ना लगवाने की वजह से यह दर्दनाक घटना हुई। उन्होंने सभी से अपील की है कि इस तरह की किसी भी घटना को हल्के में ना लें और तुरंत चिकित्सा सहायता लें।

रेबीज क्या है और कैसे बचाव करें?
सीएमओ डॉ. मिश्रा ने बताया कि रेबीज एक खतरनाक वायरस है जो कुत्ते, बिल्ली, लोमड़ी, बंदर जैसे जानवरों के काटने या घाव को चाटने से फैलता है। अगर किसी व्यक्ति के घाव पर संक्रमित जानवर की लार लग जाए, तो वह इस बीमारी से संक्रमित हो सकता है। उन्होंने कहा कि रेबीज से बचाव के लिए समय पर एंटी-रेबीज वैक्सीन लगवाना बहुत जरूरी है। बदायूं जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन उपलब्ध है। उन्होंने लोगों से कहा कि किसी भी संदेह या समस्या पर डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें और वैक्सीन जरूर लगवाएं।

गांव में दहशत, कई लोगों को लगे इंजेक्शन
अदनान की मौत की खबर फैलते ही उसके परिवार के साथ-साथ गांव के लगभग 20 लोग एहतियातन रेबीज का टीका लगवाने अस्पताल पहुंचे। सीएमओ ने फिर दोहराया कि इलाज से बेहतर बचाव है और कोई भी लापरवाही जीवन के लिए खतरनाक साबित हो सकती है।

पहले भारत को मुगलों ने लूटा, फिर अंग्रेजों ने…जो कुछ बचा वो कांग्रेस और सपा ने तबाह किया: सीएम योगी

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एटा: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) ने सत्ता के लिए सबका साथ लिया मगर विकास सिर्फ अपने अपने परिवारों का किया है। उन्होंने कहा, पहले भारत को मुगलों ने लूटा, फिर अंग्रेजों ने तबाह किया और जो कुछ बचा रह गया, कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने तबाही का नया मंजर पैदा कर देश के सामने पहचान का संकट खड़ा कर दिया। आज डबल इंजन सरकार की साफ नीयत, स्पष्ट नीति और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की वजह से उत्तर प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों पर पहुंचा है।

‘कांग्रेस या सपा की नीयत कभी सबके विकास की नहीं रही’
सीएम योगी ने कहा कि कांग्रेस हो या सपा, इनकी नीयत कभी सबके विकास की नहीं रही। इन्होंने साथ तो सबका लिया, लेकिन विकास सिर्फ अपने परिवार का किया। इनके समय में न व्यापारी सुरक्षित था, न बेटी सुरक्षित थी। यही वजह रही कि देश और प्रदेश पिछड़ते चले गए। उन्होंने कहा कि आज मोदी सरकार और डबल इंजन की यूपी सरकार ने सबका साथ, सबका विकास के मंत्र से देश और प्रदेश को नई पहचान दी है। उन्होंने कहा कि 8-9 साल पहले एटा की पहचान अपराध और माफिया के गढ़ के रूप में थी। गरीबों की जमीन पर कब्जा होता था, उनकी सुनवाई नहीं होती थी। जब नागरिक की संपत्ति ही सुरक्षित न हो, तब सरकार उसके कल्याण के लिए क्या करेगी। यही स्थिति तब थी। लेकिन आज एटा बेहतरीन कानून व्यवस्था और निवेश की नई पहचान बना है।

‘3000 से अधिक लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार मिला’
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि सरकार के स्तर पर जवाहरपुर थर्मल पावर प्लांट से 1500 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है और उसके बगल में सीमेंट परिवार ने 750 करोड़ रुपये का नया प्लांट लगाया है। इससे 500 लोगों को प्रत्यक्ष और 3000 से अधिक लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार मिला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस निवेश से सिर्फ सीधे रोजगार ही नहीं, बल्कि ट्रांसपोर्ट, व्यापार और डिस्ट्रीब्यूशन चैनल से जुड़े हजारों लोगों को भी काम का अवसर मिला है। यही है आत्मनिर्भर भारत की नींव, यही है विकसित भारत की आधारशिला।

जमीन के लालच में हैवान बना पति, पत्नी और 3 बच्चियों को नदी में फेंका; बहराइच में दिल दहला देने वाला कांड

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Bahraich News: उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले से दिल दहला देने वाली एक घटना सामने आई है। जहां एक युवक ने अपनी ही पत्नी और 3 मासूम बच्चियों को जिंदा नदी में फेंक कर मार डाला। वजह थी – जमीन हड़पने का लालच और हत्या के एक पुराने केस में गवाही से बचना।

क्या है पूरा मामला?
घटना थाना मोतीपुर क्षेत्र के रामईपुरवा (पकड़िया दीवान) गांव की है। जहां के रहने वाले अनिरुद्ध कुमार को पुलिस ने पत्नी और 3 बच्चियों की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया है।

कौन-कौन थे पीड़ित?
* सुमन – अनिरुद्ध की पत्नी (पहले उसकी भाभी थी)
* अंशिका – अनिरुद्ध की बेटी
* लाडो – अनिरुद्ध की दूसरी बेटी
* नंदिनी – अनिरुद्ध के मरे हुए भाई की 12 साल की बेटी

शिकायत किसने की?
सुमन की मां रमपता देवी (निवासी: चौधरीगांव, थाना मोतीपुर) ने पुलिस में शिकायत दी थी कि उसका दामाद अनिरुद्ध उसकी बेटी और 3 नातिनों को ले गया है और अब वे लापता हैं।

आरोपी ने कबूला जुर्म
पुलिस ने जांच शुरू की और अनिरुद्ध को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने पत्नी और 3 बच्चियों को जिंदा नदी में फेंक कर मारने की बात कबूल ली।

हत्या की वजह क्या थी?
2018 में अनिरुद्ध ने अपने सगे भाई की हत्या कराई थी, ताकि उसकी जमीन पर कब्जा कर सके। हत्या के केस में भाभी सुमन (अब पत्नी) मुख्य गवाह थी। अनिरुद्ध चाहता था कि सुमन गवाही बदल दे, लेकिन जब उसने ऐसा नहीं किया, तो अनिरुद्ध ने उसकी हत्या की साजिश रची।

कैसे दिया वारदात को अंजाम?
14 अगस्त को अनिरुद्ध ने एक साथी की मदद से सुमन और बच्चियों को मायके से बुलाया। कहा कि मंदिर दर्शन के लिए चलना है, और उन्हें लखीमपुर के खमरिया इलाके में ले गया। वहां उफनती शारदा नदी के किनारे ले जाकर चारों को नदी में फेंक दिया। पुलिस ने मौके से कपड़े और जूते बरामद किए हैं।

पुलिस की कार्रवाई
मुख्य आरोपी अनिरुद्ध गिरफ्तार हो चुका है। उसका एक साथी अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है। गोताखोरों की मदद से शवों की तलाश की जा रही है।

पुलिस का बयान
एसपी ग्रामीण दुर्गा प्रसाद तिवारी ने बताया कि अनिरुद्ध बहुत चालाकी से पूरे मामले को अंजाम दिया, लेकिन जांच में उसकी सच्चाई सामने आ गई।

गरीबों के आशियानों पर चला बुलडोजर; एक दर्जन से अधिक घरों और झोपड़ियों को तोड़ा, लोगों ने लगाया महिला बीजेपी नेता पर आरोप

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झांसी: यूपी के झांसी में गरीबों के घरों पर बुलडोजर चलाकर उन्हें बेघर कर दिया गया है। नगर निगम की अतिक्रमण टीम ने उनके घरों पर बुलडोजर चला दिया और करीब एक दर्जन से अधिक घरों और झोपड़ियों को तोड़ दिया गया। जो लोग अपने घरों से बेघर हुए है, उनका कहना है कि उनके पास राशन कार्ड, वोटर कार्ड और आधार कार्ड भी है। लेकिन, फिर भी निगर ने बुलडोजर कार्रवाई करते हुए उनके घरों को गिरा दिया।

जानिए पूरा मामला 
ये पूरा मामला झांसी में सीपरी बाजार थाना क्षेत्र का है। यहां पर खालसा स्कूल के पास स्थित इन्द्रा नगर में करीब 20 सालों से गरीब परिवार अपनी झोपडी और घर बनाकर रह रहे थे। बुधवार को झांसी नगर निगम की अतिक्रमण टीम बुलडोजर लेकर यहां पहुंच गई। टीम ने इन गरीबों के घरों पर बुलडोजर चला दिया और करीब 12 घरों और झोपड़ियों को तोड़ दिया और उन्हें घरों से बेघर कर दिया।

‘सरकारी जमीन को कराया मुक्त…’
नगर निगम की टीम का कहना था कि ये सरकारी जमीन है, जिस पर कब्जा कर लिया गया था। जिस पर बुलडोजर चलाकर मुक्त कराया गया है।

महिला भाजपा नेता पर आरोप
अपने घरों से बेघर हुए लोगों का कहना था कि ये कार्रवाई एक महिला भाजपा नेता के कहने पर की गई है। उनका कहना था कि वो जमीन बेचने का काम कर रहीं थी। इस लिए हमारे घरों पर कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि हमारे पास राशन कार्ड, वोटर कार्ड और आधार कार्ड भी है, फिर भी बुलडोजर चला दिया गया।

GST Rate Rationalisation: GST में होगा बड़ा बदलाव, 12% और 28% टैक्स स्लैब होंगे खत्म, GoM ने केंद्र का प्रस्ताव किया स्वीकार

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नई दिल्ली:  देशभर में लागू वस्तु एवं सेवा कर (GST) को और सरल और पारदर्शी बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। गुरुवार को हुई महत्वपूर्ण बैठक में GST रेट रेशनलाइजेशन पर गठित मंत्री समूह (GoM) ने केंद्र सरकार के उस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया, जिसमें दो टैक्स स्लैब — 12% और 28%- को हटाने की सिफारिश की गई थी।

बैठक की अध्यक्षता बिहार के उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने की। उन्होंने बताया कि सरकार अब केवल 5%, 18% और विशेष वस्तुओं के लिए 40% की दर रखने की योजना पर आगे बढ़ेगी।

सूत्रों के अनुसार, सरकार ने वर्तमान चार स्लैब – 5%, 12%, 18% और 28% – की जगह एक नई दो-स्तरीय संरचना लाने का प्रस्ताव तैयार किया है।  इस प्रस्ताव के तहत, 5% और 18% दो प्रमुख टैक्स दरें होंगी। योजना के मुताबिक, जो वस्तुएं अब तक 12% टैक्स के दायरे में थीं, उनमें से करीब 99% सामानों को 5% स्लैब में शिफ्ट किया जाएगा। वहीं 28% टैक्स वाले करीब 90% उत्पादों और सेवाओं को 18% स्लैब में लाने की बात कही गई है।

हालांकि, कुछ खास वस्तुएं जैसे पान मसाला, तंबाकू और ऑनलाइन गेमिंग, जिन्हें सरकार ‘हानिकारक वस्तुएं’ (Demerit Goods) की श्रेणी में रखती है, उन पर 40% का विशेष टैक्स स्लैब लागू करने का प्रस्ताव है।

कौन-कौन थे इस फैसले के पीछे?
बैठक की अध्यक्षता बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने की। इस 6-सदस्यीय समूह में उत्तर प्रदेश, राजस्थान, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल और केरल के मंत्री शामिल थे।

Heavy Rain Alert: इन शहरों में भारी बारिश ने मचाई तबाही, आज भी होगी झमाझम…IMD ने जारी किया नया अलर्ट

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नेशनल डेस्क: मुंबई में मंगलवार (19 सितंबर) को हुई भारी बारिश के बाद अब लोगों के मन में यह सवाल है कि क्या आज भी बारिश का कहर जारी रहेगा? भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मौसम का ताजा अपडेट जारी किया है, जिसके अनुसार मुंबई और आसपास के इलाकों में आज भी बारिश की संभावना है, लेकिन यह मंगलवार जितनी तेज़ नहीं होगी।

मुंबई और ठाणे का हाल
IMD के मुताबिक, मुंबई में आज हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। पूरे दिन बादल छाए रहेंगे, लेकिन तेज बारिश के आसार कम हैं। वहीं, ठाणे, नवी मुंबई और पालघर में भी मौसम ऐसा ही रहेगा, जहाँ बीच-बीच में हल्की बारिश की संभावना है। हालांकि, रायगढ़ जिले के कुछ इलाकों में तेज बारिश हो सकती है, इसलिए वहाँ के लोगों को ज़्यादा सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

बारिश से 21 की मौत
महाराष्ट्र में बीते चार दिनों से हो रही बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। बारिश से जुड़ी घटनाओं में अब तक 21 लोगों की मौत हो चुकी है और कई लोग लापता हैं। राज्य सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य तेज़ कर दिए हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे बारिश के दौरान जारी किए गए अलर्ट का पालन करें और सुरक्षित रहें।

FB-Insta Ban: इस देश में बैन होने जा रहे हैं इंस्टाग्राम, फेसबुक और टिकटॉक, जानें क्यों लिया गया यह बड़ा फैसला?

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नेशनल डेस्क। ऑस्ट्रेलिया में 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगने जा रहा है। एक नए कानून के तहत 10 दिसंबर से 16 वर्ष से कम आयु के बच्चे फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स (ट्विटर), टिकटॉक, स्नैपचैट, रेडिट और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। संघीय सरकार ने इन कंपनियों को 10 दिसंबर तक इन खातों को हटाने का निर्देश दिया है। यह प्रतिबंध इतना सख्त है कि माता-पिता की अनुमति से भी बच्चे इन प्लेटफॉर्म का उपयोग नहीं कर सकेंगे।

प्रतिबंध क्यों लगाया जा रहा है?

यह फैसला देशभर में बहस का विषय बना हुआ है। विशेषज्ञों का एक समूह जहां इसके खिलाफ है वहीं दूसरा समूह इसका समर्थन कर रहा है। प्रतिबंध लगाने का मुख्य उद्देश्य बच्चों को सोशल मीडिया की लत और इसके हानिकारक प्रभावों से बचाना है। यह माना जा रहा है कि सोशल मीडिया की लत के कारण बच्चे वास्तविक जीवन में मिलने वाली खुशियों और सामाजिक मेलजोल से दूर होते जा रहे हैं।

दूसरी ओर कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया के माध्यम से बच्चे खुद को व्यक्त करते हैं और सामाजिक जुड़ाव महसूस करते हैं जो उनके मानसिक स्वास्थ्य के लिए जरूरी है।

PunjabKesariमाता-पिता के लिए 5 अहम सुझाव

विशेषज्ञों ने माता-पिता को इस बदलाव के लिए बच्चों को तैयार करने के लिए पांच महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं:

➤ तुरंत करें शुरुआत: 10 दिसंबर का इंतज़ार न करें। अभी से बच्चों के साथ इस बारे में बात करना शुरू करें कि यह प्रतिबंध क्यों लगाया जा रहा है।

➤ धीरे-धीरे स्क्रीन टाइम घटाएं: एक झटके में सोशल मीडिया से दूरी बनाना बच्चों के लिए मुश्किल हो सकता है। धीरे-धीरे उनके स्क्रीन टाइम को कम करें जैसे हर हफ़्ते 25% कम।

➤ विकल्प दें सिर्फ हटाएं नहीं: सोशल मीडिया के बदले बच्चों को सामूहिक गतिविधियों, खेलों, कला, संगीत या अन्य रचनात्मक कार्यों में शामिल करें।

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➤ ऑफलाइन रिश्तों को बढ़ावा दें: बच्चों को प्रेरित करें कि वे अपने दोस्तों से आमने-सामने मिलें और सामाजिक समूहों में भाग लें।

➤ खुद उदाहरण बनें: माता-पिता को भी अपना स्क्रीन टाइम कम करना चाहिए। जब आप खुद सोशल मीडिया से दूरी बनाएंगे तो बच्चे भी आपसे सीखेंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रतिबंध बच्चों को डिजिटल और वास्तविक जीवन के बीच संतुलन बनाना सिखाने का एक अच्छा मौका है। हालांकि इसे लागू करना आसान नहीं होगा लेकिन समय रहते तैयारी करने से इसका असर कम किया जा सकता है।