Sunday, August 9, 2026
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औरैया में 20 किलो फफूंदी लगे लड्डू नष्ट:दो दुकानों पर छापा, खुले में बिक रही रंगीन आलू फिंगर भी कराई नष्ट

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औरैया में त्योहारों के बीच खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने अभियान चलाया। बिधूना तहसील में दो मोतीचूर लड्डू निर्माण इकाइयों पर छापेमारी की गई। इस दौरान एक इकाई में 20 किलो फफूंदी लगे मोतीचूर के लड्डू मिले, जिन्हें मौके पर गड्ढा खोदकर नष्ट कराया गया। टीम ने खुले में बिक रही रंगीन आलू फिंगर भी नष्ट कराई।

जिलाधिकारी बृजेश कुमार के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी विजय कुमार श्रीवास ने रामलीला मैदान स्थित मोतीचूर लड्डू निर्माण इकाई पर छापा मारा। टीम ने वहां भंडारित बूंदी और मोतीचूर के लड्डुओं के नमूने लिए। इसके बाद मोहल्ला किशोरगंज स्थित दूसरी निर्माण इकाई की भी जांच की गई और बूंदी व लड्डू के नमूने संग्रहित किए गए।

20 किलो फफूंदी लगे लड्डू मिले

किशोरगंज की इकाई में जांच के दौरान 20 किलोग्राम मोतीचूर के लड्डू फफूंद लगे मिले। खाद्य सुरक्षा टीम ने इन्हें खाने योग्य न मानते हुए मौके पर ही गड्ढा खोदकर नष्ट करा दिया। कार्रवाई के दौरान चंद्रपुर तिराहा पर ठेलों पर खुले में बिक रही रंगीन आलू फिंगर भी टीम ने नष्ट कराई। विक्रेताओं को भविष्य में खाद्य पदार्थों में ऐसे रंगों का इस्तेमाल नहीं करने की हिदायत दी गई।

नमूनों की रिपोर्ट के बाद होगी कार्रवाई

विभाग की ओर से सभी संबंधित खाद्य कारोबारियों को सुधार नोटिस जारी किए जा रहे हैं। टीम द्वारा लिए गए सभी खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए खाद्य विश्लेषक की प्रयोगशाला भेजे गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, जांच रिपोर्ट में मिलावट या खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के तहत कार्रवाई की जाएगी।

विभाग ने लोगों से मिलावटी या दूषित खाद्य पदार्थों की जानकारी खाद्य सुरक्षा विभाग के औरैया कार्यालय को देने की अपील की है। अधिकारियों ने बताया कि त्योहारों को देखते हुए मिलावट के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।

औरैया में रेशम उत्पादन की नई तकनीकों का प्रदर्शन:’मेरा रेशम मेरा अभिमान’ अभियान के तहत किसानों को जानकारी

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औरैया के राजकीय रेशम फॉर्म उम्मेदपुर में शनिवार दो बजे एक तकनीकी प्रदर्शन कार्यक्रम आयोजित किया गया। सेंट्रल सिल्क बोर्ड के ‘मेरा रेशम मेरा अभिमान’ अभियान के तहत हुए इस कार्यक्रम में उम्मेदपुर और आसपास के गांवों के लगभग 55 किसानों ने भाग लिया।

इस दौरान क्षेत्रीय रेशम उत्पादन अनुसंधान केंद्र, गोंडा के वैज्ञानिक श्री छत्रपाल ने किसानों को रेशम उत्पादन की विभिन्न तकनीकों का सजीव प्रदर्शन किया। इसमें विशुद्धीकरण तकनीक, सूट रियरिंग तकनीक, शहतूत का पौधा लगाने की विधि और शहतूत की नर्सरी तैयार करने की तकनीक शामिल थी।

वैज्ञानिक ने इन तकनीकों के बारे में विस्तृत जानकारी देने के साथ-साथ उनका व्यावहारिक प्रदर्शन भी किया। किसानों को बताया गया कि कैसे इन आधुनिक विधियों का उपयोग करके रेशम उत्पादन को बेहतर बनाया जा सकता है।

कार्यक्रम में केंद्र के वरिष्ठ तकनीकी सहायक श्री फैयाज अहमद भट, राजकीय रेशम फॉर्म उम्मेदपुर के प्रभारी श्री राघवेंद्र सिंह और रेशम विभाग के कई कर्मचारियों ने भी सक्रिय रूप से हिस्सा लिया। किसानों ने वैज्ञानिकों और तकनीकी सहायकों द्वारा बताई गई तकनीकों को ध्यान से सुना और उन पर विस्तार से चर्चा की।

जैविक कृषि पर दो दिवसीय प्रशिक्षण शुरू:अपेक्षा समिति ने किसानों के लिए किया आयोजन, जैविक खेती से घटेगी लागत, बढ़ेगी किसानों की आय

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औरैया में अपेक्षा महिला एवं बाल विकास समिति ने किसानों के लिए जैविक एवं प्राकृतिक कृषि विषय पर दो दिवसीय रिफ्रेशर प्रशिक्षण का आयोजन किया। इस प्रशिक्षण का शुभारंभ समिति की सचिव रीना पाण्डेय ने प्रतिभागियों का स्वागत कर किया।

प्रशिक्षण में कानपुर से आए संदर्भ व्यक्ति जितेंद्र कुमार ने किसानों से परिचय प्राप्त किया और खेती से जुड़ी उनकी समस्याओं, अपेक्षाओं तथा चुनौतियों पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि खेती को केवल उत्पादन के रूप में नहीं, बल्कि प्रकृति, संसाधन, लागत और आय के बीच संतुलन के रूप में देखा जाना चाहिए।

जितेंद्र कुमार ने प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के महत्व को समझाया। उन्होंने बताया कि धरती, जल, जंगल, हवा, सूर्य का प्रकाश और बारिश जैसे संसाधन प्रकृति से हमें पहले से प्राप्त हैं, और किसान का मुख्य योगदान उसकी बुद्धि और श्रम है।

उन्होंने किसानों को खेती की लागत कम करने और आमदनी बढ़ाने पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी। इस दौरान रासायनिक खाद और बाहरी इनपुट पर निर्भरता से मिट्टी के स्वास्थ्य, खेती की लागत और मानव स्वास्थ्य पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों पर भी चर्चा हुई। किसानों को स्थानीय एवं प्राकृतिक संसाधनों के आधार पर खेती करने के लिए प्रेरित किया गया।

प्रशिक्षण में फसल विविधीकरण, प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन के माध्यम से आय बढ़ाने के विभिन्न उपाय बताए गए। उदाहरण के तौर पर, गन्ने से रस व गुड़ तैयार कर उसमें सोंठ, मूंगफली और मोरिंगा जैसे फ्लेवर जोड़कर उत्पाद का मूल्य बढ़ाने की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया गया। इसके लिए गन्ना अनुसंधान संस्थान, लखनऊ से प्रशिक्षण प्राप्त करने की जानकारी भी दी गई।

किसानों को परवल, सेम, हल्दी, सूरन, सब्जियां और पपीते जैसी फसलें खेत की मेड़ या छोटे क्षेत्रों में लगाकर अतिरिक्त आय अर्जित करने के तरीके भी सिखाए गए। प्रशिक्षक ने कहा कि “मोटिवेशन नहीं, ट्रांसफॉर्मेशन जरूरी है” और खेती में वास्तविक बदलाव छोटे-छोटे प्रयोगों तथा उनके परिणामों से ही आएगा। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य किसानों को लागत घटाने, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और कृषि आय बढ़ाने के व्यावहारिक उपायों से जोड़ना है।

लखनऊ में साढ़े 3 साल की बच्ची से अश्लील हरकत:आरोपी युवक गिरफ्तार, नशे में घर के बाहर खेल रही मासूम को बनाया निशाना

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लखनऊ में बंथरा पुलिस ने साढ़े तीन साल की नाबालिग बच्ची से अश्लील हरकत करने के मामले में एक युवक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। यह घटना बंथरा थाना क्षेत्र में हुई थी।

पुलिस के अनुसार, 20 जुलाई 2026 को बंथरा थाना क्षेत्र के एक गांव में रहने वाले व्यक्ति ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उसकी साढ़े तीन वर्षीय बेटी घर के दरवाजे पर खेल रही थी, जबकि बच्ची की मां छत पर मौजूद थी।

तभी थाना क्षेत्र के लतीफ नगर निवासी 22 वर्षीय रोहित कुमार मिश्रा शराब के नशे में वहां से गुजर रहा था। वह रुका और मासूम बच्ची के साथ अश्लील हरकतें करने लगा।

बच्ची की मां ने छत से यह सब देखा और शोर मचाना शुरू कर दिया। महिला को शोर मचाते देख आरोपी युवक मौके से भाग निकला।

परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बच्ची के साथ आपत्तिजनक हरकत करने और पॉक्सो एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज की। मामले के खुलासे और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की दो टीमें गठित की गईं।

तलाश के दौरान, पुलिस टीम ने शनिवार, 8 अगस्त को आरोपी रोहित कुमार मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करते हुए उसे जेल भेज दिया है।

सनी देओल बोले- 1947 के बंटवारे में परिवार टूटकर संभले:उसे हमने फिल्म में दिखाया, उसका सबसे ज्यादा असर पंजाब में हुआ

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बॉलीवुड अभिनेता सनी देओल ने कहा कि उन्होंने 1947 के बंटवारे से जुड़ी कई कहानियां अपने बुजुर्गों से सुनी हैं। तब कई परिवार टूट गए थे। बाद में संभलने के लिए कैसे उन्होंने कश्मकश की, यही चीज हमने बंटवारा 1947 फिल्म में दिखाने की कोशिश की है। सनी देओल अपनी नई फिल्म के प्रमोशन के लिए बीते दिनों लखनऊ में थे। उन्होंने तब यह बात कही।

सनी ओर उनके बेटे करण देओल ने खास बातचीत की। इस दौरान सनी देओल ने फिल्म की कहानी, बंटवारे से जुड़ी यादों, फिल्म को लेकर अपनी उम्मीदों पर बात की। इसके अलावा, करण ने फिल्म की शूटिंग, पिता के साथ और उनके अपने प्रति व्यवहार को लेकर बात की। साथ ही दोनों पिता-पुत्र ने लखनऊ आने के अनुभव भी साझा किए। सवाल : बंटवारे पर पहले भी बहुत सारी फिल्में बनी हैं। यह फिल्म उनसे कितना अलग होगी?

जवाब : फिल्म के जैसे बहुत सारे ऐसे टॉपिक होते हैं, जिस पर बहुत काम हुआ होता है। इस फिल्म में जो बताने की कोशिश की गई है, शायद वह अब तक किसी ने कहा या बताया न हो। बंटवारे का सबसे ज्यादा असर पंजाब में हुआ। वहां लोगों को यह नहीं पता था कि कल सुबह उठकर क्या होगा। बंटवारे में एक फैमिली कैसे टूटती है, संभलती है और इकट्ठा होती है, उसे दिखाया है।

सवाल : करण, इस फिल्म में किरदार निभाना कितना चुनौतीपूर्ण रहा?

जवाब : यह फिल्म मेरे लिए बिल्कुल अलग जोन की थी। बहुत हार्ड वर्क किया। इसके लिए आदिशक्ति एक्टिंग वर्कशॉप गया। राज और आमिर सर के साथ काफी काम किया। करण के जवाब के बीच में सनी देओल बोले कि राज संतोषी ने इस कहानी को काफी सेलिब्रेट किया और सब हो गया।

दैनिक भास्कर से बातचीत के दौरान करण ने अपने घर के एक्सपीरियंस भी शेयर किए।
दैनिक भास्कर से बातचीत के दौरान करण ने अपने घर के एक्सपीरियंस भी शेयर किए।

सवाल : इस फिल्म में आपका जोश और जुनून गदर फिल्म के जैसा लगा। क्या शूटिंग के समय आपको गदर की याद आई?

जवाब : हमने यह कहानी साल 2010 में सुनी थी। उस समय से यह कहानी हमारे अंदर बस गई थी। आमिर ने भी इस कहानी को सुन रखा था, फिर हमने आमिर से कहा कि हम इसे बनाएंगे और फिल्म बन गई।

सवाल : शूटिंग करते वक्त आपको क्या याद आया? उस दर्द को कितना महसूस किया?

जवाब : जिस घर में हमारा बचपन गुजरा है, वहां हमारे बुजुर्ग बैठकर बंटवारे की कहानियों पर बात करते थे, उसे सुनकर हम बड़े हुए। उनकी बातें सुनकर हमें बहुत दुख होता था कि ऐसा भी हुआ है। उस समय वह बातें हमारे अंदर बैठ गईं और जब यह कहानी सुनाई गई तो हमने उस से खुद को बहुत जल्दी कनेक्ट कर लिया। फिर हमें तमाम पुरानी चीजें याद आ गईं।

बातचीत में सनी देओल ने बेटे करण देओल को एक बार रोककर खुद जवाब दिया।
बातचीत में सनी देओल ने बेटे करण देओल को एक बार रोककर खुद जवाब दिया।

सवाल : सनीजी, आपने गदर की शूटिंग लखनऊ में की। ऐसे में शहर को कैसे याद करते हैं? यहां का जायका, जुबान या इमारतें क्या पसंद हैं?

जवाब : लखनऊ से जो एक्सपीरियंस मिलता है, उसे कभी नहीं भूल सकता। लोग बहुत प्यार देते हैं। मुझे हमेशा यहां स्पेशल फील होता है। जब भी आता हूं तो यह सोचता हूं कि दोबारा लखनऊ कब आने को मिलेगा।

योगी, केशव, ब्रजेश तिरंगा लेकर 2km पैदल चले:CM बोले- वंदे मातरम का अपमान नहीं चलेगा; 30 हजार बच्चे-युवा पहुंचे

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लखनऊ में काकोरी ट्रेन एक्शन दिवस पर रविवार को तिरंगा यात्रा निकाली गई। सीएम योगी, दोनों डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक और यूपी भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी हाथ में तिरंगा लेकर पैदल चले। यात्रा के दौरान योगी के एक तरफ ब्रजेश पाठक तो दूसरी तरफ केशव मौर्य और पंकज चौधरी नजर आए। योगी ने बच्चों और पंकज चौधरी के साथ सेल्फी भी ली।

देशभक्ति के गानों, ‘वंदे मातरम’ और ‘भारत माता की जय’ के नारों के बीच तिरंगा यात्रा सुबह 9.20 बजे मुख्यमंत्री आवास (5, कालिदास मार्ग) से शुरू हुई। 30 मिनट में 2 किमी का सफर तय कर यात्रा विधानभवन पहुंची। यात्रा में कैबिनेट मंत्रियों, भाजपा नेताओं और स्कूली बच्चों-युवाओं समेत 30 हजार लोग शामिल हुए। बच्चे 101 फिट का तिरंगा लेकर विधानसभा पहुंचे।

यूपी महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव और प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष पूजा पाल भी तिरंगा यात्रा में शामिल हुईं। अपर्णा ने कहा- Gen-Z हमारे साथ है। इस यात्रा को कामयाब बना रहा है।

इससे पहले, योगी ने कहा-

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कांग्रेस के समय में घर पर तिरंगा लगाने के लिए लड़ाई लड़नी पड़ती थी। पीएम मोदी ने 140 करोड़ भारतीयों को घर के ऊपर तिरंगा लगाने की आजादी दी। अब यह नहीं चल सकता कि रहेंगे भारत में और भारत के प्रतीकों, महापुरुषों, राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत को अपमानित करेंगे।

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बता दें कि काकोरी ट्रेन एक्शन दिवस 9 अगस्त 1925 को लखनऊ के पास काकोरी में हुई ऐतिहासिक घटना की याद में मनाया जाता है। इस दिन क्रांतिकारियों ने अंग्रेजों का खजाना सरकारी खजाने से रोकड़ा (धन) जब्त कर स्वतंत्रता संग्राम के लिए हथियार खरीदने का ऐतिहासिक कदम उठाया था।

तिरंगा यात्रा की 3 तस्वीरें-

तिरंगा यात्रा के दौरान सीएम योगी ने बच्चों के साथ सेल्फी ली। यूपी BJP अध्यक्ष पंकज चौधरी भी तस्वीर के लिए योगी के करीब आए।
तिरंगा यात्रा के दौरान सीएम योगी ने बच्चों के साथ सेल्फी ली। यूपी BJP अध्यक्ष पंकज चौधरी भी तस्वीर के लिए योगी के करीब आए।
तिरंगा यात्रा में सीएम योगी के साथ दोनों डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक भी नजर आए।
तिरंगा यात्रा में सीएम योगी के साथ दोनों डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक भी नजर आए।
तिरंगा यात्रा सीएम आवास से निकलकर विधानसभा आकर समाप्त हुई।
तिरंगा यात्रा सीएम आवास से निकलकर विधानसभा आकर समाप्त हुई।

सीएम योगी के संबोधन की 3 बड़ी बातें-

1. ‘हमारा युवा प्रतिभाशाली और ऊर्जा का प्रतीक है’ सीएम योगी ने कहा- वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे हो रहे हैं। पूरे देश में इसका गान हो रहा है। काकोरी ट्रेन एक्शन में हमारे युवाओं ने अंग्रेजों की जड़ों को हिलाने का काम किया था। आज भी हमारा युवा प्रतिभाशाली और ऊर्जा का प्रतीक है। वह देश की हर चुनौती का सामना करने का सामर्थ्य रखता है। इसलिए जरूरी है कि युवाओं की इस ऊर्जा को आगे बढ़ाने के लिए सही मंच मिले।

2. ‘युवा देश और समाज की चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार रहें’ उन्होंने कहा- युवाओं को अपनी पारंपरिक शिक्षा के साथ-साथ देश और समाज के सामने आने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए भी खुद को तैयार करना चाहिए। इसी भावना के साथ दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी BJP आज पूरे देश में ‘तिरंगा यात्रा’ शुरू कर रही है।

3. ‘1947 के बाद जो काम होना था, उसमें 75 साल क्यों लग गए?’ योगी ने कहा- 1947 के तुरंत बाद जो काम किया जाना चाहिए था, राष्ट्रीय गीत, राष्ट्रगान और राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति जो सम्मान दिखाया जाना चाहिए था, उसे होने में 75 साल क्यों लग गए? वजह यह थी कि कुछ लोगों के लिए सत्ता सबसे ऊपर थी। इसके उलट प्रधानमंत्री मोदी ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना रखते हैं।

दावा- फुकेट-दिल्ली फ्लाइट के पायलट का डोप टेस्ट पॉजिटिव:टर्बुलेंस में फंसी थी फ्लाइट; 137 यात्री सवार थे, 17 लोग घायल

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एअर इंडिया की फुकेट से दिल्ली आ रही फ्लाइट के एक पायलट का डोप टेस्ट में सैंपल पॉजिटिव आने का दावा किया गया है। यह टेस्ट 4 अगस्त को फ्लाइट के दिल्ली पहुंचने के बाद किया गया था। टेस्ट साइकोएक्टिव सब्सटेंस के लिए किया गया था। द टाइम्स ऑफ इंडिया ने कई सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी है।हालांकि, एअर इंडिया ने इसकी पुष्टि नहीं की है।

दरअसल, 4 अगस्त को एअर इंडिया की एयरबस A320 फ्लाइट टर्बुलेंस, यानी तेज हवा के झटकों में फंस गई थी। इस दौरान विमान अचानक करीब 300 फीट नीचे आ गया। फ्लाइट में 137 यात्री और 8 क्रू मेंबर सवार थे। जांच पूरी होने तकत फ्लाइट क्रू को उड़ान ड्यूटी से हटा दिया गया है।

विमान की छत में दरारें…2 तस्वीरें…

एअर इंडिया ने कहा- टेस्ट हुआ, नतीजे हमें नहीं मिले

एअर इंडिया के प्रवक्ता ने कहा कि हमें जानकारी है कि लागू प्रोटोकॉल के तहत उड़ान के बाद पायलटों की स्क्रीनिंग की गई थी। हालांकि, टेस्ट के नतीजे एअर इंडिया के साथ साझा नहीं किए गए हैं। इसलिए हम किसी भी निष्कर्ष पर टिप्पणी करने की स्थिति में नहीं हैं।

उन्होंने आगे कहा कि एअरलाइन सिविल एविएशन नियमों के तहत क्रू मेंबर्स का नियमित ड्रग टेस्ट कराती है। यह किसी खास उड़ान और ऑपरेशनल घटना से अलग प्रक्रिया है। जरूरत के मुताबिक हम संबंधित अधिकारियों के साथ सहयोग करते रहेंगे।

आंख-गर्दन में चोटें, घायलों की 4 तस्वीरें

घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद व्हीलचेयर पर एयरपोर्ट से बाहर लाया गया।
घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद व्हीलचेयर पर एयरपोर्ट से बाहर लाया गया।
एक एअर होस्टेस की गर्दन में चोट लगी। उसे गले में नेक ब्रेस पहनाया गया।
एक एअर होस्टेस की गर्दन में चोट लगी। उसे गले में नेक ब्रेस पहनाया गया।
पैसेंजर को सिर में चोट लगी है। उसे स्ट्रैचर पर एयरपोर्ट से बाहर लाया गया।
पैसेंजर को सिर में चोट लगी है। उसे स्ट्रैचर पर एयरपोर्ट से बाहर लाया गया।
चोट लगने के बाद पैसेंजर प्लेन में ही हाथ बांधे नजर आया।
चोट लगने के बाद पैसेंजर प्लेन में ही हाथ बांधे नजर आया।

डीजीसीए जांच में कई पहलुओं को देख रहा

सूत्रों के मुताबिक, डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) इस मामले की हर पहलू से जांच कर रहा है। जांच में यह देखा जा रहा है कि टर्बुलेंस के दौरान स्थिति से निपटने का तरीका सही था या नहीं। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि यह घटना सिर्फ खराब मौसम की वजह से हुई या इसके पीछे कोई अन्य कारण था।

केंद्रीय मंत्री बोले- सरकार मामले को गंभीरता से देख रही

केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू ने 8 अगस्त को कहा था कि सरकार मामले को गंभीरता से देख रही है। उन्होंने आगे बताया कि टर्बुलेंस की घटना के बाद घायल हुए ज्यादातर यात्रियों को शुरुआती कुछ घंटों में ही अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी। करीब 24 यात्रियों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी हुई थी। उन्हें अस्पताल ले जाकर पूरी जांच कराई गई और डिस्चार्ज कर दिया गया।

टर्बुलेंस में अचानक कई फीट नीचे आ सकता है विमान

टर्बुलेंस का मतलब है हवा का बहाव अचानक बदल जाना, जिससे विमान को झटके लगने लगते हैं। इस दौरान विमान कुछ समय के लिए ऊपर-नीचे या दाएं-बाएं हिल सकता है और कभी-कभी कुछ फीट नीचे भी आ जाता है। इसी वजह से यात्रियों को लगता है कि विमान गिर रहा है। हालांकि, ज्यादातर मामलों में ऐसा नहीं होता।

टर्बुलेंस तीव्रता के लिहाज से तीन तरह के होते हैं

हल्के टर्बुलेंस: इसमें प्लेन 1 मीटर तक ऊपर-नीचे होता है। यात्रियों को पता भी नहीं चलता।

मध्यम टर्बुलेंस: इसमें जहाज 3-6 मीटर तक ऊपर-नीचे होते हैं। इससे ड्रिंक गिर सकता है।

गंभीर टर्बुलेंस: इसमें जहाज 30 मीटर तक ऊपर-नीचे होते हैं। सीट बेल्ट न लगाए रहने पर पैसेंजर उछलकर गिर सकते हैं।

क्या टर्बुलेंस की वजह से प्लेन क्रैश हो सकता है?

आधुनिक तकनीक और बेहतर सुरक्षा सिस्टम की वजह से आज टर्बुलेंस से विमान हादसे की आशंका काफी कम हो गई है। हालांकि, बेहद गंभीर टर्बुलेंस या खराब मौसम में दुर्घटना का खतरा पूरी तरह खत्म नहीं होता।

हालांकि, आज के आधुनिक विमान हर तरह के टर्बुलेंस को झेलने के हिसाब से बनाए जाते हैं। पायलटों को भी ऐसी परिस्थितियों से सुरक्षित तरीके से निपटने की विशेष ट्रेनिंग दी जाती है।

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हैदराबाद-हुबली फ्लाइट 2 घंटे हवा में चक्कर काटती रही:खराब मौसम के चलते हिलने लगा प्लेन; पैसेंजर रोते नजर आए

हैदराबाद से हुबली जा रही Fly-91 एयरलाइन की एक फ्लाइट खराब मौसम के चलते 2 घंटे हवा में ही चक्कर काटती रही। सोशल मीडिया में वायरल VIDEO में पैसेंजर रोते हुए और हाथ जोड़कर प्रार्थना करते दिख रहे हैं।

‘गिरगिट की तरह रंग बदलती है सपा…’ Akhilesh Yadav के PDA दांव पर Mayawati का तीखा हमला

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UP Politics News: बहुजन समाज पार्टी अध्यक्ष मायावती ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि सपा अपनी संकीर्ण जातिवादी राजनीति और चुनावी स्वार्थ के लिए लगातार राजनीतिक रंग बदलती रही है। मायावती ने‘एक्स’ पर जारी सिलसिलेवार पोस्ट में कहा कि बसपा सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय की नीति एवं सिद्धांत पर अमल करने वाली सर्वसमाज हितैषी अंबेडकरवादी पार्टी है और उत्तर प्रदेश में 4 बार उसकी सरकार भी इसी आधार पर चली है। इसके विपरीत सपा अपनी संकीर्ण जातिवादी राजनीति और चुनावी स्वार्थ के लिए गिरगिट की तरह रंग बदलती रहती है।

 

1.जैसाकि सर्वविदित है कि बहुजन समाज पार्टी (बी.एस.पी.) ’सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय’ की नीति व सिद्धान्त पर अमल करने वाली सर्वसमाज-हितैषी अम्बेडकरवादी पार्टी है और यूपी में चार बार रही सरकार भी इसी के आधार पर चलायी है, जबकि समाजवादी पार्टी (सपा) अपनी संकीर्ण जातिवादी राजनीति व…

— Mayawati (@Mayawati) August 8, 2026

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, उन्होंने कहा कि इसी क्रम में सपा द्वारा प्रचारित कथित पीडीए अर्थात पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक में पहले पी से पिछड़े का प्रचार करने के बाद अब अपर कास्ट समाज, खासकर ब्राह्मण समाज को बसपा से तेजी से जुड़ता देखकर और उसी आधार पर पार्टी उम्मीदवार बनाए जाने से विचलित होकर सपा ने पी से पंडित कर दिया है।

ट्रैक्टर की चपेट में आई 32 वर्षीय महिला, ₹20 लाख का अस्पताल बिल, Rapido से मांगा मुआवजा

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बेंगलुरु: बेंगलुरु में रैपिडो बाइक टैक्सी दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हुईं 32 वर्षीय इंटीरियर डिज़ाइनर ने मोबिलिटी प्लेटफ़ॉर्म रैपिडो को कानूनी नोटिस भेजा है। इसमें उन्होंने दुर्घटना के लिए मुआवज़े और जवाबदेही की मांग की है।

17 जून को सानी कृष्णा काम के सिलसिले में बायरासंद्रा से डोमलुर जा रही थीं, तभी यह दुर्घटना हुई। कानूनी नोटिस के अनुसार, बाइक टैक्सी ड्राइवर कथित तौर पर लापरवाही से गाड़ी चला रहा था, जिससे टक्कर हुई और एक ट्रैक्टर कृष्णा के ऊपर से गुज़र गया। इस घटना के बाद से वह लगभग दो महीने से बिस्तर पर हैं और अभी केरल के कोझिकोड में अपने परिवार के घर पर ठीक हो रही हैं।

दुर्घटना में कृष्णा की सात पसलियां टूट गईं और उनकी प्लीहा (spleen) निकालने के लिए इमरजेंसी सर्जरी करनी पड़ी। दुर्घटना के बाद उनके चेहरे की रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी भी हुई। कानूनी नोटिस में दी गई जानकारी के अनुसार, चोटों के कारण वह चल-फिर नहीं पा रही हैं। उनके परिवार और कानूनी प्रतिनिधि अब उनके इलाज और रिकवरी के खर्च को पूरा करने के लिए आर्थिक मदद की मांग कर रहे हैं।

कृष्णा ने इंस्टाग्राम वीडियो में कहा, “मेरी इमरजेंसी स्प्लेनेक्टोमी (प्लीहा निकालने की सर्जरी) हुई और मुझे गंभीर लिवर डैमेज, 9 टूटी हुई पसलियां, फेफड़े का कोलैप्स होना और चेहरे पर चोट जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा। मेरे इलाज और अस्पताल का खर्च पहले ही 20 लाख रुपये से ज़्यादा हो चुका है, जिससे मेरे और मेरे परिवार पर इलाज और जीवन भर की देखभाल का भारी आर्थिक बोझ आ गया है।”

नोटिस में रैपिडो से दुर्घटना की पूरी ज़िम्मेदारी लेने, लिखित माफ़ी मांगने और अब तक हुए सभी मेडिकल खर्चों के साथ-साथ भविष्य में होने वाले खर्चों की भरपाई करने की मांग की गई है। कृष्णा की कानूनी टीम ने कंपनी की देनदारी को 1 लाख रुपये के इंश्योरेंस भुगतान तक सीमित करने की कोशिश को भी चुनौती दी है।

वकीलों का तर्क है कि रैपिडो ऐसे एक्सीडेंट इंश्योरेंस कवरेज का प्रचार करती है जो कृष्णा के मामले में दी जा रही राशि से कहीं ज़्यादा है। दुर्घटना के बाद, रैपिडो ने कहा था कि वह मामले की जांच कर रही है और कृष्णा के परिवार के संपर्क में है। हालांकि, उनके रिश्तेदारों का दावा है कि उन्हें कंपनी से सीमित इंश्योरेंस भुगतान के अलावा कोई आर्थिक मुआवज़ा नहीं मिला है। अब उन्होंने कृष्णा की चोटों की गंभीरता और उनकी लगातार मेडिकल ज़रूरतों का हवाला देते हुए व्यापक मदद की मांग की है। कानूनी नोटिस में दुर्घटना के लिए ज़िम्मेदारी स्वीकार करने के साथ-साथ उनके इलाज और भविष्य के खर्चों की पूरी भरपाई की मांग की गई है।

Typhoon Dolphin: 144 किमी/घंटा की रफ्तार से तबाही की ओर बढ़ा टाइफून ‘डॉल्फिन’ 500 से ज्यादा उड़ानें रद्द

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जापान : दक्षिण-पश्चिमी जापान में हज़ारों लोगों को सुरक्षित जगहों पर जाने का आदेश दिया गया और शुक्रवार को 500 से ज़्यादा उड़ानें रद्द कर दी गईं, क्योंकि धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा टाइफून ‘डॉल्फिन’ इस इलाके की ओर बढ़ रहा था, जिससे तेज़ हवाएं, भारी बारिश और ऊंची लहरें उठने की आशंका थी। जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) ने बताया कि कैटेगरी 1 के इस टाइफून में हवा की अधिकतम गति 144 किमी/घंटा (89.5 मील/घंटा) थी और हवा के झोंके 198 किमी/घंटा तक पहुंच रहे थे। यह क्यूशू क्षेत्र और ओकिनावा प्रान्त के बीच द्वीपों की एक श्रृंखला के करीब पहुंच रहा था।

अधिकारियों ने कागोशिमा और ओकिनावा प्रान्तों में लगभग 260,000 निवासियों के लिए सुरक्षित जगहों पर जाने का आदेश जारी किया, जबकि टोयोटा ने शुक्रवार को नौ कारखानों में काम रोक दिया। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि ओकिनावा प्रान्त के करीब पहुंचने पर ‘डॉल्फिन’ के अपनी ताकत बनाए रखने की उम्मीद थी, जिससे तेज़ हवाओं का खतरा बढ़ गया था, ये हवाएं कुछ इमारतों को नुकसान पहुंचा सकती थीं या उन्हें गिरा सकती थीं। मौसम एजेंसी ने कहा कि बारिश की एक सीधी पट्टी – यानी तेज़ बारिश और आंधी-तूफान का एक संकरा दायरा – भी बन सकती है, जिससे बाढ़ आ सकती है।

यह बड़ा तूफ़ान क्यूशू के सबसे दक्षिणी मुख्य द्वीप के बड़े हिस्से को भी तेज़ हवाओं की चपेट में ले रहा था, जिसमें कुमामोटो प्रान्त भी शामिल था, जो पिछले हफ़्ते आए 7.1 तीव्रता के भूकंप से अभी भी उबर रहा था। कई घर गिरने के बाद कुमामोटो के लगभग 6,700 निवासी अभी भी राहत शिविरों में हैं। मौसम एजेंसी ने हीटस्ट्रोक (लू लगने) के खतरों के बारे में भी चेतावनी दी है, क्योंकि कुछ इलाकों में तापमान 36 डिग्री सेल्सियस (97 डिग्री फ़ारेनहाइट) तक पहुंचने की उम्मीद है।