Thursday, September 24, 2026
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यूपी: योगी बोले- प्रदेश में हर सप्ताह होगा बड़ा भर्ती इवेंट, छह महीने में एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देंगे

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जो कर नहीं पाए, वे हमेशा बोलेंगे। जिन्होंने अपनी अकर्मण्यता और अक्षमता से उत्तर प्रदेश को बीमारू बनाया, उनके निकम्मेपन और निठल्लेपन को यूपी और देश देख चुका है। ऐसे लोगों को आज यूपी पुलिस या प्रदेश की व्यवस्था पर बोलने का कोई अधिकार नहीं होना चाहिए। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि विपक्ष गिनता जाए, सरकार नियुक्तियां देती जाएगी। शनिवार को 818 युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए गए, रविवार को 912 को दिए जा रहे हैं और अब 22 सितंबर को फिर नियुक्ति पत्र वितरित किए जाएंगे। अगले छह महीने में एक लाख नौजवानों को सरकारी नौकरी देने के साथ प्रदेश में हर सप्ताह एक बड़ा भर्ती इवेंट होगा।

मुख्यमंत्री योगी रविवार को लोक भवन में उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की लिपिक संवर्ग सीधी भर्ती-2023 के नियुक्ति पत्र वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने पुलिस उपनिरीक्षक गोपनीय, पुलिस सहायक उपनिरीक्षक लिपिक और पुलिस सहायक उपनिरीक्षक लेखा के पदों पर चयनित 912 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। मुख्यमंत्री योगी ने सभी नवचयनित अभ्यर्थियों को यूपी पुलिस का हिस्सा बनने पर बधाई दी

पारदर्शी चयन शासन के प्रति विश्वास का प्रतीक
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जब किसी योग्य अभ्यर्थी का चयन शुचितापूर्ण और पारदर्शी परीक्षा के माध्यम से होता है तो यह केवल उसके परिवार के लिए उपलब्धि नहीं होती, बल्कि शासन के प्रति आम आदमी के विश्वास का भी प्रतीक बनता है। 2017 से पहले भर्ती प्रक्रिया की विसंगतियों के कारण नौजवानों में निराशा और हताशा थी। भाई-भतीजावाद ने पूरे सिस्टम को इस तरह जकड़ रखा था कि पारदर्शिता और शुचिता की कल्पना नहीं की जा सकती थी।

उन्होंने कहा कि भर्ती का विज्ञापन आते ही युवाओं के मन में यह भाव आता था कि बिना सिफारिश और लेनदेन के चयन नहीं हो पाएगा। परीक्षा और चयन प्रक्रिया की शुचिता पर सवाल खड़े होते थे और पेपर लीक के मामले सामने आते थे। मुख्यमंत्री योगी ने आरोप लगाया कि यूपी पुलिस में ऐसी भर्तियां भी हुईं, जिनमें परीक्षा कोई देता था और नियुक्ति पत्र किसी दूसरे को मिलता था। जो अभ्यर्थी आवेदन तक नहीं करते थे, उन्हें नियुक्ति पत्र बांट दिए जाते थे और योग्य अभ्यर्थियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया जाता था।

नियुक्ति से तैनाती तक सिफारिश की जरूरत नहीं
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 में सरकार बनने के बाद भर्ती प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सुधार किए गए। पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड, लोक सेवा आयोग, अधीनस्थ सेवा चयन आयोग और शिक्षा से जुड़ी भर्ती प्रक्रियाओं में बदलाव किया गया। समूह ग और घ की भर्ती से साक्षात्कार समाप्त किया गया, ताकि योग्य अभ्यर्थी को किसी स्तर पर भेदभाव का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि अब विज्ञापन से लेकर परीक्षा, नियुक्ति पत्र, प्रशिक्षण और जिलों में तैनाती तक किसी अभ्यर्थी को सिफारिश कराने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। किसी के साथ भेदभाव भी नहीं होगा। हर व्यक्ति को उसकी योग्यता, क्षमता और प्रदर्शन के आधार पर अवसर मिलेगा। 

साढ़े नौ लाख से अधिक युवाओं को मिली नियुक्ति

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 के बाद भर्ती प्रक्रिया में किए गए बदलावों का परिणाम है कि साढ़े नौ लाख से अधिक युवाओं को उत्तर प्रदेश शासन में सेवा का अवसर मिला है। भर्ती की कई प्रक्रियाएं आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि यूपी बीमारू राज्य की स्थिति से उभरा है और आज देश के उन राज्यों में है, जो खुद को रेवेन्यू सरप्लस कह सकते हैं। नौ-साढ़े नौ वर्षों में प्रदेश की अर्थव्यवस्था और प्रति व्यक्ति आय तीन गुना हुई है। अब यूपी के नौजवानों और नागरिकों के सामने पहचान का संकट नहीं है। नए निवेश आ रहे हैं और नए अवसर उपलब्ध हो रहे हैं।

दंगा और कर्फ्यू वाले यूपी की बदली पहचान
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश के लोगों को प्रदेश से बाहर अपनी पहचान छिपानी पड़ती थी। यूपी में अवसर नहीं थे। हर दूसरे दिन दंगे होते थे और महीनों कर्फ्यू रहता था। बरेली, अलीगढ़, मेरठ और मुजफ्फरनगर समेत अलग-अलग हिस्सों में दंगों की स्थिति रहती थी।

उन्होंने कहा कि उस समय माफिया सामान्य नागरिक और व्यापारी ही नहीं, बल्कि प्रशासन, पुलिस और न्यायपालिका से जुड़े लोगों के लिए भी चुनौती बने हुए थे। माफिया का काफिला निकलता था तो दूसरे लोगों के वाहन रोक दिए जाते थे। आज कोई माफिया असलहा लहराते हुए खुली जीप में उपद्रव करने का दुस्साहस नहीं कर सकता।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि उपद्रवग्रस्त प्रदेश को उत्सवपूर्ण प्रदेश के रूप में बदला गया है। उत्तर प्रदेश की छवि कर्फ्यू मुक्त और माफिया मुक्त प्रदेश के रूप में बनी है। कुंभ और महाकुंभ से लेकर पर्व-त्योहार, वीवीआईपी दौरे और स्थानीय आयोजन सकुशल संपन्न हो रहे हैं। इस बदलाव में यूपी पुलिस की बड़ी भूमिका है।

अब देश में होती है यूपी पुलिस के मॉडल की चर्चा
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 से पहले मध्य और पश्चिम उत्तर प्रदेश के कई जिलों और कस्बों में जिन परिवारों के पास क्षमता थी, वे अपनी बेटियों को पढ़ाई के लिए प्रदेश से बाहर रिश्तेदारों या हॉस्टल में रखते थे। जिनके पास साधन नहीं थे, वे बेटियों को घर बैठाने को मजबूर थे। उन्होंने कहा कि आज कोई राह चलती बेटी को छेड़ने का दुस्साहस नहीं कर सकता। ऐसा करने वाले को मालूम है कि उसका अंजाम क्या होगा। यूपी के प्रति बदले नजरिए में यूपी पुलिस का बड़ा योगदान है। आज देश में यूपी पुलिस के मॉडल की चर्चा होती है और लोग पूछते हैं कि यूपी में दंगे और उपद्रव क्यों नहीं हो रहे हैं।

पेपर लीक करने वालों के लिए बनाया कठोर कानून

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 में यूपी पुलिस के आधे से ज्यादा पद खाली थे। प्रदेश में चार लाख पुलिस बल की आवश्यकता थी, लेकिन दो लाख से भी कम पुलिसकर्मी थे। भर्तियां न्यायालयों में अटकी हुई थीं। सरकार ने भर्ती व्यवस्था में सुधार कर प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया।

उन्होंने कहा कि पेपर लीक कराने या भर्ती से जुड़े अवैध धंधे में शामिल लोगों के खिलाफ ऐसा कानून बनाया गया, जिसमें आजीवन कारावास की सजा और पूरी संपत्ति जब्त करने तक का प्रावधान है। भर्ती की प्रक्रियाओं को दुरुस्त कर पुलिस में खाली पदों को भरने का काम आगे बढ़ाया गया।

छह हजार से बढ़कर 60 हजार हुई प्रशिक्षण क्षमता
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि पहले प्रदेश में छह हजार पुलिसकर्मियों को एक साथ प्रशिक्षण देने की भी क्षमता नहीं थी। आज यूपी पुलिस 60 हजार पुलिसकर्मियों को एक साथ प्रशिक्षण देने की क्षमता अर्जित कर चुकी है। उन्होंने कहा कि इतने बड़े प्रदेश में पहले 10 हजार महिला पुलिसकर्मी भी नहीं थीं। अब यह संख्या 44 हजार से अधिक हो चुकी है। वर्तमान में चल रही भर्ती प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद इस वर्ष के अंत तक महिला पुलिसकर्मियों की संख्या 50 हजार तक पहुंच जाएगी।

फॉरेंसिक इंस्टीट्यूट से साइबर थानों तक बढ़ी ताकत

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि पुलिस बल की संख्या बढ़ाने के साथ उसकी स्किलिंग पर भी ध्यान दिया गया। उत्तर प्रदेश स्टेट फॉरेंसिक इंस्टीट्यूट की स्थापना की गई। इसके लिए एयरपोर्ट के पास पुलिस की 110 एकड़ भूमि को कब्जे से मुक्त कराया गया। हर रेंज में फॉरेंसिक लैब उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि सात शहरों में पुलिस कमिश्नरेट व्यवस्था लागू की गई। यूपी एसएसएफ और एसडीआरएफ का गठन किया गया। हर जिले में साइबर थाने और प्रत्येक थाने में साइबर हेल्प डेस्क स्थापित की गई है। पीएसी की समाप्त की गई 34 कंपनियों को दोबारा गठित किया गया। तीन महिला पीएसी बटालियन बनाई गईं, जिन्हें बढ़ाकर छह किया जा रहा है।

Auraiya News: जानलेवा हमले के दोषी को 10 वर्ष की सजा

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औरैया। अपर सत्र न्यायाधीश विनय प्रकाश सिंह की अदालत ने दो साल पुराने जानलेवा हमले के मामले में फैसला सुनाया है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद आरोपी अछल्दा थाना क्षेत्र के गांव नगला धुंधे इटैली निवासी अवनीश को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषी पर 27 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा न करने पर दोषी को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। सजा पाने वाला दोषी पहले से ही जिला कारागार इटावा में निरुद्ध है।थाना अछल्दा में वादी जनवेद ने मुकदमा दर्ज कराते हुए बताया था कि सात जुलाई 2024 की रात में करीब दो बजे वह घर में और पास में स्थित दूसरे मकान में बड़ा भाई जितेंद्र अपने बच्चों के साथ सो रहा था। तभी अवनीश यादव घर में घुस आया और सो रहे भाई जितेंद्र पर फावड़े व डंडों से वार किया। हमले में भाई को गंभीर चोटें आईं। शोर सुनकर वादी मौके पर पहुंचा तो वहां जितेंद्र मरणासन्न हालत में पड़ा मिला।गंभीर हालत में उसे सैफई इलाज के लिए ले जाया गया। मामले में पुलिस ने वादी की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया। विवेचना कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। यह मुकदमा अपर सत्र न्यायालय में चला व शनिवार को मुकदमे का फैसला सुनाया गया।

इससे पहले अभियोजन पक्ष ने रात में घर में घुसकर जानलेवा हमले के दोषी को कठोर सजा देने की बहस की। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद एडीजे विनय प्रकाश सिंह ने जानलेवा हमले के आरोपी को दोषी करार दिया।

Auraiya News: घने काले बादल छाने से दोपहर ढाई बजे हो गया अंधेरा

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औरैया। हर दिन मौसम करवट बदल रहा है। शनिवार को जहां दिन में धूप खिली तो ढाई बजे के करीब आसमान में इस कदर बादल छा गए कि अंधेरा सा हो गया। सड़कों पर वाहन चालक हेड लाइट जलाकर चले। वहीं कुछ देर के लिए बारिश हुई। वहीं शाम के समय बूंदाबांदी हुई। इस बारिश ने गर्मी से काफी हद तक राहत दी।

कृषि मौसम वैज्ञानिक डॉ. राम पलट सिंह ने बताया कि शनिवार को क्षेत्र का अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम 25 डिग्री रहा। इस दौरान करीब एक मिमी बारिश दर्ज की गई। बारिश भले ही कम हुई हो लेकिन इससे मौसम में बनी उमस और गर्मी से लोगों को काफी राहत मिली। बारिश को धान की फसल के लिए भी लाभदायक बताया जा रहा है। खेतों में खड़ी धान की फसल को इस समय पानी की आवश्यकता है।

Auraiya News: बिलराया-पनवाड़ी मार्ग के बहुरेंगे दिन, 71.21 करोड़ से होगा 10 मीटर चौड़ा

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औरैया। जिले की प्रमुख व्यापारिक और आवागमन की धुरी कहे जाने वाले बिलराया-पनवाड़ी मार्ग पर जल्द ही राहगीरों को गड्ढों और हिचकोलों से मुक्ति मिलेगी। लंबे समय से खस्ताहाल स्थिति में पड़े जालौन रोड से यमुना पुल तक के मार्ग के नवनिर्माण और चौड़ीकरण का रास्ता पूरी तरह साफ हो चुका है। पीडब्ल्यूडी ने इस परियोजना के लिए प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति हासिल कर ली है। हालांकि बारिश के चलते फिलहाल निर्माण कार्य अटका है, लेकिन विभागीय अधिकारियों का दावा है कि बारिश का दौर थमते ही धरातल पर काम शुरू करा दिया जाएगा।जालौन रोड से यमुना पुल और दिबियापुर से ककोर मार्ग जिला मुख्यालय व आसपास के जनपदों को जोड़ने वाला प्रमुख रास्ता है। खस्ताहाल सड़क के कारण काफी समय से वाहन चालकों और स्थानीय लोगों में रोष था। इस सड़क के बनने से दर्जनों गांवों के साथ अंतरप्रांतीय आवागमन भी सुलभ हो जाएगा। वाहनों के बढ़ते दबाव को देखते हुए लोक निर्माण विभाग ने सड़क को दोनों ओर चौड़ा करने का खाका तैयार किया है।इससे दिबियापुर मार्ग लगभग 10 मीटर चौड़ा हो जाएगा। इससे दो बड़े वाहन बिना किसी रुकावट के एक साथ गुजर सकेंगे। हालांकि इस मार्ग को फोरलेन करने से लेकर कई अन्य प्रस्ताव भी इससे पहले भेजे जा चुके हैं लेकिन वित्तीय स्वीकृति न मिलने की वजह से जिले का यह अहम मार्ग लोगों के लिए परेशानी का सबब बना है। अब चौड़ीकरण के साथ नए सिरे से निर्माण होने से लोगों को काफी राहत मिलेगी।

Auraiya News: किसी ने कब्जा तो किसी से रोया सुविधा शुल्क मांगे जाने दुखड़ा

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औरैया। मिशन समाधान के बाद भी कब्जे की शिकायतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। शनिवार को सदर तहसील सभागार में हुए संपूर्ण समाधान दिवस की सुनवाई में ऐसे ही मामले अधिक रहे। किसी फरियादी ने मकान और जमीन पर कब्जे की शिकायत बताई तो किसी ने मकान के नामांतरण के बदले सुविधा शुल्क मांगे जाने का आरोप लगाया। डीएम बृजेश कुमार और एएसपी अभिषेक ने शिकायतें सुनीं। शिकायतों का आंकड़ा 135 तक पहुंच गया। जिसमें से महज 15 शिकायतों को मौके पर निपटाया जा सका। वहीं अजीतमल व बिधूना तहसील में कुल 224 शिकायतें दर्ज हुईं। जिसमें महज 12 का निपटारा हुआ।नामांतरण के लिए अधिकारी मांग रहे 50 हजार
कानपुर देहात के डेरापुर तहसील के गांव औरंगाबाद निवासी जयवीर ने अधिकारियों को बताया कि नगर पालिका में मकान के नामांतरण के लिए 50 हजार रुपये की मांग की जा रही है। जयवीर ने बताया कि उनकी मां फूलमती के नाम मोहल्ला पढ़ीन दरवाजा में मकान है। मां की 31 मार्च 2025 को मौत हो गई थी। वारिसान के तौर पर भाई समेत पिता के नाम चढ़वाने के लिए दस्तावेज पालिका में आवेदन के साथ जमा किए लेकिन कार्यालय में तैनात बाबू लंबे समय से टरका रहा है। 50 हजार रुपये की मांग की है। असमर्थता जताने पर फाइल रोक दी है। ईओ को निस्तारण के लिए निर्देश दिए गए।यूपीआई भुगतान पर शुल्क लगाने पर भड़के व्यापारी
औरैया। अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल ने पीएम को संबोधित ज्ञापन एसडीएम सदर को सौंपकर यूपीआई भुगतान पर प्रस्तावित 0.4 फीसदी शुल्क न लगाए जाने की मांग की है। संगठन के जिलाध्यक्ष सुधीर पुरवार ने ज्ञापन में कहा कि देश में करीब 55 करोड़ नागरिक और व्यापारी यूपीआई का इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे में 2,000 रुपये से अधिक के भुगतान पर 0.4 फीसदी शुल्क लगाए जाने से व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ेगा। व्यापारी और नागरिक पहले से ही विभिन्न प्रकार के कर का भुगतान कर रहे हैं। ऐसे में यूपीआई लेनदेन पर अतिरिक्त शुल्क लगाया जाना उचित नहीं है। सुधीर सिंह कुशवाह, गोपालजी दुबे, अजीत मिश्रा, सल्लू बिश्नोई, बबलू मोहम्मद आदि मौजूद रहे।

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परिवार के लोगों ने पीएम आवास पर किया कब्जा
फफूंद कस्बा के मोहल्ला जुबैरी निवासी नसीमा ने हैरत में डालने वाली समस्या बताई। एएसपी को बताया कि उनके पति आमिर हसन ने पुश्तैनी मकान से हटकर प्रधानमंत्री आवास बनवाया लेकिन परिवार के लोगों ने उनके पीएम आवास पर ही कब्जा कर लिया है। परिवार को उनके ही मकान में घुसने नहीं दिया जा रहा है। धमकाया जा रहा है। इस पर एसपी ने पुलिस टीम को निस्तारण करने को कहा।

औरैया में बेखौफ चोरों का तांडव, दुकान में छत के रास्ते 55 हजार और माल की चोरी

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औरैया जिले के मुरादगंज कस्बे में दलेलनगर संपर्क मार्ग पर स्थित एक परचून की दुकान में शनिवार रात अज्ञात चोरों ने छत के रास्ते दाखिल होकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया। चोर दुकान की गोलक से 25 हजार रुपये नकद और करीब 30 हजार रुपये का किराना सामान (चावल, घी, काजू, बादाम, तेल आदि) पार कर ले गए। रविवार सुबह जानकारी मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल शुरू की।

औरैया: छत के रास्ते परचून की दुकान में घुसे शातिर, 55 हजार की नकदी व माल पार, कोतवाल बोले- जल्द होगा खुलासा

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औरैया जिले के मुरादगंज कस्बे में जिला पंचायत इंटर कॉलेज के सामने दलेलनगर संपर्क मार्ग पर स्थित परचून की दुकान में शनिवार रात अज्ञात चोर छत के रास्ते घुस गए। चोर दुकान की गोलक में रखी करीब 25 हजार रुपये की नकदी के साथ लगभग 30 हजार रुपये कीमत का किराना सामान चोरी कर ले गए। रविवार सुबह घटना की जानकारी होने पर दुकानदार ने पुलिस को सूचना दी।मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच-पड़ताल शुरू कर दी है। कस्बा मुरादगंज में जिला पंचायत इंटर कॉलेज के पीछे बस्ती निवासी इमरान मंसूरी पुत्र इलयास मंसूरी दलेलनगर संपर्क मार्ग पर परचून की दुकान चलाते हैं। शनिवार शाम उनके पुत्र की तबीयत खराब होने के कारण वह जल्दबाजी में दुकान बंद कर घर चले गए।छत के रास्ते दुकान के अंदर दाखिल हुए थे चोर
दिनभर की बिक्री से प्राप्त करीब 25 हजार रुपये उन्होंने गोलक में ही छोड़ दिए थे।  रविवार सुबह दुकान के आसपास रहने वाले लोगों ने इमरान को फोन कर दुकान का साइड वाला दरवाजा खुला होने की जानकारी दी। सूचना मिलते ही वह दुकान पर पहुंचे। जांच करने पर पता चला कि अज्ञात चोर रात में छत के रास्ते दुकान के अंदर दाखिल हुए थे।

कोतवाल बोले- जल्द होगा खुलासा
चोर गोलक में रखी करीब 25 हजार रुपये की नकदी के अलावा तीन बोरी चावल, घी, बादाम, काजू, तेल के डिब्बे समेत करीब 30 हजार रुपये कीमत का सामान चोरी कर ले गए। घटना की सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर छानबीन की। कोतवाल विनोद कुमार ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है। जल्द ही चोरों को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा किया जाएगा।

देशभर में UPI पर चार्ज के खिलाफ अब विरोध तेज

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देशभर में UPI पर चार्ज के खिलाफ अब विरोध तेज होता जा रहा है। दिल्ली-NCR समेत देशभर में कई जगहों पर अब “No UPI, Only Cash” के पोस्टर लगा दिए गए हैं। दिल्ली के कई पेट्रोल और सीएनजी पंप से ऐसी तस्वीरें सामने आई हैं, जहां पर ये पोस्टर चस्पा कर दिए गए हैं। ग्राहकों से पेमेंट कैश या कार्ड में लेने की मांग की जा रही है। आपको बता दें कि पेट्रोल पंप एसोसिएशन ट्रेड यूनियन समेत कई संगठनों ने इस चार्ज का विरोध किया है और कहा है कि चार्ज लगेगा तो धीरे-धीरे सभी जगहों पर “No UPI, Only Cash” का बोर्ड लग जाएगा। दिल्ली के कश्मीरी गेट मार्केट के व्यापारियों ने यूपीआई ट्रांजेक्शन पर चार्ज लगाने के सरकार के फैसले का विरोध करने के लिए अपनी दुकानों पर ‘नो यूपीआई’ के पोस्टर लगाए हैं। व्यापारियों का ये विरोध प्रदर्शन गुरुवार को चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई) के अध्यक्ष बृजेश गोयल के नेतृत्व में हुआ। पेट्रोल पंप एसोसिएशन ने क्लियर कर दिया है कि इस चार्ज से ग्राहकों की ही परेशानी बढ़ेगी। क्योंकि पहले से ही काफी कम मार्जिन मिलता है। एक और बोझ पेट्रोप पंप मालिक नहीं संभाल पाएंगे और यूपीआई का ट्रांजेक्शन कम करना पड़ जाएगा।

लैंगिक समानता में पाकिस्तान तीसरे सबसे निचले स्थान पर, महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बेहद कम

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कराची : विश्व आर्थिक मंच (WEF) की Global Gender Gap Report 2026 में पाकिस्तान लैंगिक समानता के मामले में तीसरे सबसे निचले स्थान पर रहा। रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान में कुल लैंगिक समानता 59.5 प्रतिशत रही। हालांकि, पिछले साल की तुलना में इसमें करीब 3 प्रतिशत अंक का सुधार हुआ है। पाकिस्तान की मीडिया रिपोर्ट ‘डॉन’ के मुताबिक, 2006 के बाद से पाकिस्तान ने अपने लैंगिक अंतर को 5.2 प्रतिशत तक कम किया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि 2026 में पाकिस्तान ने पिछले एक दशक में साल-दर-साल सबसे बड़ा सुधार दर्ज किया है। इसमें सबसे अहम योगदान शिक्षा के क्षेत्र में हुई प्रगति का रहा। रिपोर्ट में शामिल 38 निम्न-मध्यम आय वाली अर्थव्यवस्थाओं और 7 दक्षिण एशियाई देशों में पाकिस्तान का स्कोर सबसे कम रहा।

रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान आर्थिक भागीदारी और अवसर के मामले में 144वें स्थान पर रहा। हालांकि, 2025 की तुलना में इस क्षेत्र में उसकी रैंकिंग तीन स्थान सुधरी है। 2025 में पाकिस्तान 147वें स्थान पर था। पाकिस्तान में पुरुषों की श्रम बल भागीदारी 81.46 प्रतिशत है, जबकि महिलाओं की भागीदारी सिर्फ 28.21 प्रतिशत है। विधायकों, वरिष्ठ अधिकारियों और प्रबंधकों के पदों पर महिलाओं की हिस्सेदारी केवल 6.13 प्रतिशत है। वहीं, पेशेवर और तकनीकी क्षेत्र में महिलाओं की हिस्सेदारी 30.96 प्रतिशत है। समान काम के लिए वेतन समानता के मामले में पाकिस्तान 115वें स्थान पर रहा, जबकि अनुमानित अर्जित आय के मामले में उसकी रैंक 140वीं रही।

रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान में पुरुषों की साक्षरता दर 69.14 प्रतिशत है, जबकि महिलाओं की साक्षरता दर 48.52 प्रतिशत है। प्राथमिक शिक्षा में लड़कों का नामांकन 83.01 प्रतिशत और लड़कियों का 81.08 प्रतिशत रहा। वहीं, माध्यमिक शिक्षा में लड़कों का नामांकन 49.99 प्रतिशत और लड़कियों का 46.48 प्रतिशत रहा। रिपोर्ट में पाकिस्तान की शिक्षा, स्वास्थ्य, आर्थिक भागीदारी और राजनीतिक सशक्तीकरण के क्षेत्र में अलग-अलग रैंकिंग भी दी गई है। पाकिस्तान शिक्षा में 130वें, स्वास्थ्य और जीवन रक्षा में 127वें तथा राजनीतिक सशक्तीकरण में 107वें स्थान पर रहा।

छात्रावास की छत से गिरकर एनआईएसईआर भुवनेश्वर के छात्र की मौ/त

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भुवनेश्वरः भुवनेश्वर स्थित राष्ट्रीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (एनआईएसईआर) के एमएससी तृतीय वर्ष के एक छात्र की कथित रूप से छात्रावास की छत से गिरने के बाद मौत हो गई। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी।

पुलिस ने बताया कि मृत छात्र डीएसवी विनय महाराष्ट्र के नागपुर के रहने वाले थे और वह एकीकृत गणित में एमएससी के तृतीय वर्ष के छात्र थे। पुलिस के अनुसार, विनय शुक्रवार शाम परिसर में स्थित एक छात्रावास की तीसरी मंजिल से गिर गए। सुरक्षा गार्ड उन्हें तत्काल परिसर के स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां से उन्हें अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स)-भुवनेश्वर स्थानांतरित किया गया।

पुलिस ने बताया कि अस्पताल लाए जाने पर चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। जटनी के थाना प्रभारी निरीक्षक स्टालिन बिस्वाल ने कहा, प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि छात्र ने आत्महत्या की है।” उन्होंने बताया, ”शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। हमने उनके परिवार को भी घटना की जानकारी दे दी है।