Saturday, February 21, 2026
Home Blog Page 154

Delhi Blast : धमाके का 535 किलोमीटर दूर जुड़ा तार, पुलिस खंगाल रही-60 दिन पहले क्यों लखनऊ आई थी शाहीन

0

Delhi Blast : दिल्ली ब्लास्ट सहित कई आतंकी कनेक्शन में गिरफ्तार हुए डॉक्टर शाहीन और डॉक्टर परवेज को आमने-सामने बैठाकर बात की जाएगी। इसके बाद आगे की कड़ी जुड़ सकेगी। दिल्ली में (10 नवंबर) सोमवार की शाम को लाल किले के पास विस्फोटक लदी कार में अचानक जोरदार धमाका हुआ। विस्फोट में 13 लोगों की मौत हो गई, जबकि 20 से अधिक लोग घायल हैं। इनमें तीन की हालत गंभीर है। इस धमाके के कई राज्यों से कनेक्शन खंगाले जा रहे हैं।इसमें दिल्ली से 535 किलोमीटर दूर यूपी की राजधानी लखनऊ खासी चर्चा में है। यहां से एक नाम सामने आया है, जो है डॉक्टर शाहीन सिद्दकी। दिल्ली बम ब्लास्ट में इसे संदिग्ध माना जा रहा है। डॉक्टर शाहीन सिद्दकी के तार अब नए सिरे से लखनऊ से जुड़ रहे हैं।

उच्चपदस्थ सूत्रों के मुताबिक, डॉ. शाहीन सिद्दकी दो माह (60 दिन) पूर्व राजधानी लखनऊ आई थी। हालांकि वह कहां ठहरी थी और किन लोगों से संपर्क में थी। इस बारे में पता लगाया जा रहा है। उसके राजधानी आने की जानकारी जम्मू-कश्मीर पुलिस को भी दी गई है। यह जानकारी मिलने के बाद डॉ. शाहीन और डॉ. परवेज के पड़ोसियों से नए सिरे से पूछताछ की जा रही है।लखनऊ से इस तरह जुड़ रही हैं कड़ियां

दिल्ली में आतंकी हमले और फरीदाबाद के डॉक्टरों के आतंकी माड्यूल की कड़ियों को जोड़ रही जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए राजधानी निवासी डॉ. परवेज अंसारी पर शक गहराता जा रहा है। जम्मू-कश्मीर पुलिस उसे फरीदाबाद ले गई है, जहां तमाम एजेंसियां उससे पूछताछ कर रही हैं।

 

शुरुआती पड़ताल में उसके बेहद कट्टरपंथी होने के सुराग तो मिले हैं, लेकिन फरीदाबाद माड्यूल में उसकी संलिप्तता का कोई ठोस सुराग अभी हाथ नहीं लगा है। अब जांच एजेंसियां उसके घर से बरामद मोबाइल, टैबलेट, लैपटॉप और हार्ड डिस्क को खंगालने में जुटी हैं।

अधिकिारियों को शक-परवेज माड्यूल का हिस्सा हो सकता है

सूत्रों की मानें, तो परवेज का अपनी बहन डॉ. शाहीन और उसके मित्र डॉ. मुजम्मिल के संपर्क में होने की जानकारी मिली है। हालांकि उसकी आतंकी गतिविधियों में संलिप्तता का कोई ठोस प्रमाण नहीं मिलने की वजह से अभी तक गिरफ्तार नहीं किया गया है। अधिकारियों को शक है कि वह फरीदाबाद के डॉक्टरों के उस माड्यूल का हिस्सा हो सकता है, जो आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के इशारे पर देश के कई शहरों में आतंकी हमले अंजाम देने की साजिश रच रहा था।

शादी से मिला था सुराग

श्रीनगर में डॉ. आदिल की शादी में उसके कई डॉक्टर मित्रों का जमावड़ा हुआ था। विवाह समारोह के अगले दिन भारतीय सैनिकों को निशाना बनाकर धमकी भरे पोस्टर लगाए गए, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां चौकन्नी हो गईं। जांच में डॉ. आदिल का इसमें हाथ होने के प्रमाण मिलने पर गहनता से छानबीन की गई तो फरीदाबाद से डॉ. मुजम्मिल और डॉ. शाहीन की गिरफ्तारी के दौरान उनके पास से बड़ी मात्रा में विस्फोटक और हथियार बरामद हुए।

इसी मामले की कड़ियों को जोड़ते हुए डॉ. शाहीन के भाई डॉ. परवेज के राजधानी स्थित दोनों आवासों को खंगाला गया है। अब परवेज के घर से बरामद इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स से ही उसकी संलिप्तता का पता चलेगा। जांच एजेंसियां इन गैजेट्स के जरिये यह भी पता लगा रही है कि बीते कुछ महीनों के दौरान वह कहां-कहां गया था और किन लोगों के संपर्क में थाशाहीन के पिता सईद अंसारी ने कही ये बात

आतंकी घटना को अंजाम देने के लिए एकत्र किए गए विस्फोटक के साथ फरीदाबाद से पकड़ी गई डॉ. शाहीन डेढ़ वर्ष से परिवार के संपर्क में नहीं थी। पूछताछ में शाहीन के पिता सईद अंसारी ने यह दावा किया है। उन्होंने बताया कि उनके तीन बच्चे हैं, जिसमें बड़ा बेटा शोएब है। डॉ. शाहीन दूसरे, जबकि डॉ. परवेज तीसरे नंबर पर हैं। लोकसेवा आयोग से चयनित होकर शाहीन कानपुर के गणेश शंकर विद्यार्थी मेडिकल कॉलेज में बतौर असिस्टेंट प्रोफेसर काम कर चुकी है।

 

परिजनों ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में कुछ वर्ष काम करने के बाद वर्ष 2013 में बिना कोई नोटिस दिए शाहीन ने वहां जाना छोड़ दिया था। शाहीन की शादी महाराष्ट्र निवासी जफर हयात से हुई थी। आपसी विवाद के कारण वर्ष 2015 में दोनों अलग हो गए। उधर, अनुपस्थित रहने की वजह से वर्ष 2021 में मेडिकल कॉलेज ने डॉ. शाहीन को बर्खास्त कर दिया था।

आठ दिन पहले हुई थी डॉ. परवेज से बात

पिता सईद ने बताया कि वह हर हफ्ते परवेज से फोन पर बात करते हैं। आखिरी बार उनकी परवेज से फोन पर चार नवंबर को बात हुई थी। वह आईआईएम रोड स्थित मुतक्कीपुर के तकवा कॉलोनी में मकान बनवाकर रहता है।

 

एक सप्ताह से उनकी बेटे से बात नहीं हुई। पिता सईद खंदारी बाजार में करीब 200 स्क्वाॅयर फीट के तीन मंजिला मकान में रहते हैं। वह वन विभाग से सेवानिवृत्त हैं। एटीएस ने सईद के घर से मोबाइल फोन और हार्ड डिस्क को कब्जे में लिया है।

शाहीन के भाई परवेज के घर से लैपटॉप बरामद

पुलिस सूत्रों के अनुसार डॉ. मुजम्मिल के पास मिले कार में एके 47 बरामद किया गया था। पूछताछ में मुजम्मिल ने डॉ. शाहीन का नाम लिया था। इसके बाद शाहीन गिरफ्तार की गई। छानबीन में सामने आया कि शाहीन अपने भाई डॉ. परवेज के संपर्क में थी। इसके बाद मंगलवार सुबह करीब आठ बजे एटीएस और जम्मू-कश्मीर पुलिस परवेज के आईआईएम रोड स्थित मकान पर पहुंची। घर पर ताला लगा था, जिसे तोड़कर टीम भीतर दाखिल हुई। एटीएस को परवेज के घर से एक लैपटॉप मिला हैकार पर मिला इंटीग्रल यूनिवर्सिटी का पास

परवेज के घर के बाहर एक कार खड़ी मिली। कार पर इंटीग्रल यूनिवर्सिटी का पास लगा था। छानबीन में पता चला कि परवेज वहां पर काम करता था। कार परवेज के भाई शोएब के नाम है, जो सहारनपुर में रजिस्टर्ड है। फरीदाबाद से बरामद कार परवेज के नाम रजिस्टर्ड है।

करीब चार घंटे तक खुफिया एजेंसियों ने परवेज का घर खंगाला। एटीएस ने आस पड़ोस के लोगों से भी परवेज के बारे में जानकारी जुटाई है। माना जा रहा है कि परवेज को उसके साथियों के पकड़े जाने की भनक लग गई थी, जिसके बाद वह घर से भाग निकला था।

डॉ. परवेज ने एक सप्ताह पहले दिया था इस्तीफा

इंटीग्रल विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार प्रो. मोहम्मद हासिर सिद्दीकी के मुताबिक डॉ. परवेज अंसारी ने एक सप्ताह पहले ही संस्थान से इस्तीफा दे दिया था। डॉ. परवेज सईद अंसारी मेडिसिन विभाग में सीनियर रेजिडेंट के रूप में काम कर रहे थे। उनका इस्तीफा तत्काल मंजूर भी हो गया था।

 

उन्होंने इस्तीफे का कारण व्यक्तिगत बताया था। इंटीग्रल विश्वविद्यालय प्रशासन ने डॉ. परवेज के कामकाज को संतोषजनक बताया है। इस तरह की घटना में लिप्त होने पर हैरत भी जताई। रजिस्ट्रार के मुताबिक, कामकाज में कभी भी शिकायत नहीं आई थी, हालांकि इंटीग्रल प्रशासन ने डॉ. परवेज के इस्तीफे की कॉपी उपलब्ध नहीं कराई।

Auraiya: घर में घुसकर वृद्ध की सिर कूचकर की हत्या, चारपाई पर पड़ा था खून से लथपथ शव, जांच में जुटी पुलिस

0

Auraiya News: अजीतमल क्षेत्र में बुधवार रात को किराने की दुकान चलाने वाले वृद्ध की घर के बरामदे में सोते समय सिर कूचकर हत्या कर दी गई। सुबह परिजनों ने उनका शव खून से लथपथ देखा, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।औरैया जिले में अजीतमल क्षेत्र के ग्राम मोहारी में बुधवार रात को घर में सो रहे वृद्ध की सिर कूचकर हत्या कर दी गई। सुबह परिजन के जागने पर घटना की जानकारी हुई। सूचना पर पहुंची पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। मोहारी निवासी प्रेमसिंह शर्मा का घर हाईवे पर ही बना हुआ है। वह हाईवे किनारे ही किराने की दुकान का संचालन करते हैं। रोज की तरह वह बुधवार रात को दुकान बंद कर घर में बने बरामदे में सोने चले गए थे।परिवार के बाकी सदस्य घर के अंदर सो रहे थे। सुबह जब परिजन उठे, तो देखा कि प्रेमसिंह का शव चारपाई पर खून से लथपथ पड़ा था। उनके सिर पर किसी भारी चीज से प्रहार किया गया था। घटना की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। परिजन में कोहराम मचा है। अभी परिजन हत्या का कारण नहीं बता पा रहे हैं। पुलिस जांच में जुटी है।

Sant Premanand Maharaj: भक्ति और प्रेम का अद्भुत संगम, संत प्रेमानंद की आंखों से बहे आंसू, श्रद्धालुओं की आंखें भी हुई नम

0

Sant Premanand Maharaj: संत प्रेमानंद महाराज अचानक दाऊ जी की नगरी में पहुंचे तो पूरे क्षेत्र में “राधे-राधे” की गूंज छा गई। लोग उनके दर्शन करने के लिए जुटने लगे। करीब नौ बजे संत प्रेमानंद पीले वस्त्र धारण किए अपने साथियों के साथ आधा दर्जन कारों और एक दर्जन बाइक के काफिले में मंदिर पहुंचे। उनके पहुंचते ही मंदिर परिसर में हजारों श्रद्धालु जुट गए। तीन मंजिला मंदिर भवन भक्तों से भर गया।

 

संत प्रेमानंद महाराज की आंखों से बहे आंसू

संत प्रेमानंद ने गर्भगृह में पहुंचकर दाऊ जी महाराज और रेवती मैया के दर्शन किए। दर्शन के दौरान उनकी आंखों से आंसू बह निकले, यह देखकर श्रद्धालु भी भावुक हो गए। उनकी भी आंखें नम हो गई। सेवायत दामोदर पांडेय ने उन्हें दाऊ जी महाराज का अंगवस्त्र और प्रसाद भेंट किया।

 

मंदिर में 15 मिनट तक रहे संत

करीब 15 मिनट तक संत प्रेमानंद मंदिर परिसर में रहे। उन्होंने दाऊ जी महाराज की स्तुति की और भक्तों के साथ “राधे-राधे” का संकीर्तन किया। जब वे मंदिर से बाहर निकले तो उन्हें देखने के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। भीड़ को संभालने में पुलिस को भी काफी मशक्कत करनी पड़ी।

संत प्रेमानंद के अचानक आगमन से दाऊ जी की नगरी का माहौल भक्ति और आनंद से भर गया। श्रद्धालु उन्हें देखकर राधे-राधे बोलने लगे और सबकी आंखें नम हो गई।

लंदन में ऐतिहासिक प्रतिष्ठित भारतीय रेस्तरां ‘वीरास्वामी’ बंद होने के कगार पर, ब्रिटिश शेफ्स ने कहा-‘विरासत मिटाना अनुचित’

0

London: ब्रिटेन के कुछ प्रमुख खानसामा बृहस्पतिवार को लंदन के सबसे पुराने भारतीय रेस्तरां में से एक ‘वीरास्वामी’ को बचाने की मुहिम में शामिल हुए। इस रेस्तरां के पट्टे को लेकर गतिरोध पैदा हो गया है जिससे रीजेंट स्ट्रीट से इसे हटाए जाने का खतरा उत्पन्न हो गया है। ‘द टाइम्स’ में प्रकाशित एक खुले पत्र में, साइरस टोडीवाला, रेमंड ब्लैंक और मिशेल रूक्स जैसे जाने-माने शेफ और रेस्तरां मालिकों ने विक्ट्री हाउस के मालिक क्राउन एस्टेट से अपील की है कि वह ‘जिम्मेदारी से काम करें’। विक्ट्री हाउस में अप्रैल 1926 से लगभग 100 वर्षों से यह रेस्तरां स्थित है।

 

 

 

गत गर्मियों में, ‘वीरास्वामी’ के मालिक MW ईट को सूचित किया गया कि उनके पट्टे का नवीनीकरण नहीं किया जाएगा, क्योंकि क्राउन एस्टेट भवन की ऊपरी मंजिलों पर स्थित कार्यालयों के लिए भूतल के स्वागत क्षेत्र का विस्तार करना चाहता है। खानसामों ने पत्र में लिखा, ‘‘ऐसे रेस्तरां को कार्यालय में परिवर्तित करना अनुचित होगा। इससे लंदन के रेस्तरां परिदृश्य और हमारी पर्यटन अर्थव्यवस्था, जो शहर के अद्वितीय और विविध स्थलों पर फलती-फूलती है, दोनों के लिए एक गंभीर क्षति होगी।” उन्होंने कहा, ‘‘जैसा कि क्राउन जानता है, विरासत को न तो स्थानांतरित किया जा सकता है और न ही इतिहास को बदला जा सकता है।

 

 

 

वीरास्वामी को जीवित रखना क्राउन की ज़िम्मेदारी का एक ऐसा काम है जो लंदन को दुनिया के सबसे बेहतरीन खान-पान और पर्यटन शहरों में से एक के रूप में प्रतिष्ठा दिलाता है।” क्राउन एस्टेट का स्वामित्व ब्रिटेन के महाराजा के पास ‘‘शाही अधिकार’ के तौर पर होता है, जिसका अर्थ है कि महाराजा अपने शासनकाल के दौरान इस संपत्ति के मालिक होते हैं। हालांकि यह उनकी निजी संपत्ति नहीं है। इसलिए, वह सीधे तौर पर इसकी संपत्तियों का प्रबंधन या निर्णय नहीं लेते हैं, और इस संपत्ति से होने वाली आय ब्रिटिश राजकोष में जमा कराई जाती है। रंजीत मथरानी ने कहा,‘‘हमने इसे पोषित किया है, संवारा है और समय के साथ तालमेल बिठाया है। यह शायद दुनिया का सबसे पुराना और इतना समृद्ध इतिहास वाला रेस्तरां है, और अगर यह अपना स्थान खो देता है तो यह एक त्रासदी होगी।”

 

 

 

मथरानी MW ईट ग्रुप के तहत अपनी बहनों नमिता और कैमेलिया पंजाबी के साथ मिलकर लंदन में चटनी मैरी और अमाया जैसे अन्य लोकप्रिय भारतीय रेस्तरां चलाते हैं। वीरास्वामी की स्थापना एडवर्ड पामर और मुगल राजकुमारी फैजान निसा बेगम ने की थी। पामर जनरल विलियम पामर के प्रपौत्र थे। जनरल विलियम पामर भारत के पहले गवर्नर जनरल वॉरेन हेस्टिंग्स के सैन्य और निजी सचिव थे। वीरास्वामी का पट्टा इस साल जून के अंत में समाप्त हो गया था। लेकिन एमडब्ल्यू ईट की कानूनी कार्यवाही की वजह से अगले साल अदालत में सुनवाई होने तक रेस्तरां चलता रहेगा।

Post office scheme: कमाल का ऑफर! ये स्कीम गारंटी से हर किसी को बनाएगी लखपति, जानें निवेश का धांसू तरीका

0

नेशनल डेस्क: अगर आप ऐसी सरकारी योजना की तलाश में हैं, जहां पैसा सुरक्षित भी रहे और बढ़िया मुनाफा भी मिले, तो डाकघर की रिकरिंग डिपॉजिट (Post Office RD) स्कीम आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प हो सकती है। यह योजना छोटी-छोटी मासिक बचत को पांच साल में एक बड़ी रकम में बदल देती है और इस पर सरकार की पूरी गारंटी होती है।

 

क्या है पोस्ट ऑफिस आरडी स्कीम?

पोस्ट ऑफिस रिकरिंग डिपॉजिट (RD) एक मासिक निवेश योजना है। यह उन लोगों के लिए बनाई गई है जो हर महीने थोड़ा-थोड़ा बचाना चाहते हैं लेकिन एक साथ बड़ी रकम निवेश नहीं कर सकते। इस स्कीम में निवेशक को 60 महीने (यानी 5 साल) तक हर महीने तय रकम जमा करनी होती है। वर्तमान में इस योजना पर 6.7% वार्षिक ब्याज दर मिल रही है, जो मासिक चक्रवृद्धि ब्याज के आधार पर गणना की जाती है। इसका अर्थ है कि हर महीने ब्याज, मूलधन में जुड़ता जाता है और उस पर अगली बार फिर ब्याज मिलता यानी मुनाफा लगातार बढ़ता है।

 

5 साल में कैसे बनते हैं ₹17.84 लाख?

अगर कोई व्यक्ति हर महीने ₹25,000 इस स्कीम में निवेश करता है, तो 5 साल में उसका कुल निवेश होगा — ₹25,000 × 60 = ₹15,00,000 6.7% की ब्याज दर और मासिक कंपाउंडिंग के हिसाब से, उसे ₹2,84,148 रुपये का कुल ब्याज मिलेगा। इस तरह मैच्योरिटी के समय उसे लगभग ₹17,84,148 रुपये प्राप्त होंगे। यह पूरी तरह सरकारी गारंटी वाली योजना है, इसलिए इसमें बाजार जोखिम बिल्कुल नहीं है।

 

छोटे निवेश पर भी बड़ा फायदा

आप चाहे कम राशि से शुरुआत करें, योजना का लाभ उसी अनुपात में मिलेगा।

उदाहरण के लिए – मासिक निवेश 5 साल बाद अनुमानित रिटर्न

₹25,000 ₹17,84,148

₹10,000 ₹7,13,659

₹5,000 ₹3,56,830

इसका मतलब है कि छोटे निवेशक भी इस स्कीम से बड़ा फंड तैयार कर सकते हैं।

 

कौन कर सकता है निवेश?

➤ यह योजना हर भारतीय नागरिक के लिए खुली है।

➤ कोई भी वयस्क व्यक्ति सिंगल या ज्वाइंट खाता खोल सकता है।

➤ अभिभावक अपने बच्चों (10 वर्ष से अधिक उम्र) के नाम पर भी खाता खुलवा सकते हैं।

 

न्यूनतम निवेश: ₹100 प्रति माह

अधिकतम सीमा: कोई तय सीमा नहीं आप अपनी क्षमता के अनुसार निवेश कर सकते हैं।

इस स्कीम की खास बातें

 

➤ लोन की सुविधा:

आरडी खाता शुरू होने के एक साल बाद (12 किस्तें जमा होने के बाद) निवेशक अपने जमा पैसे पर लोन ले सकता है।

 

➤ प्री-मैच्योर क्लोजर:

जरूरत पड़ने पर 3 साल पूरे होने के बाद खाता समय से पहले बंद कराया जा सकता है।

 

➤ विलंब शुल्क:

यदि किसी माह किस्त समय पर नहीं जमा होती, तो ₹100 पर ₹1 का मामूली जुर्माना देना पड़ता है।

 

➤ नॉमिनी सुविधा:

खाता खोलते समय नॉमिनी का नाम दर्ज करना बहुत जरूरी है। यदि निवेशक की मृत्यु हो जाती है, तो पूरी राशि नॉमिनी को मिल जाती है।

 

क्यों है यह योजना खास?

सरकार द्वारा गारंटीड सुरक्षा

➤ निश्चित ब्याज दर

➤ आसान मासिक निवेश विकल्प

➤ लोन और नॉमिनी की सुविधा

➤ बाजार जोखिम से पूरी तरह मुक्त

➤ इसलिए पोस्ट ऑफिस आरडी स्कीम उन लोगों के लिए आदर्श है जो सुरक्षित और अनुशासित निवेश के जरिए धीरे-धीरे बड़ी पूंजी बनाना चाहते हैं।

जयपुर में तांत्रिक कपल का काला खेल! भूत-प्रेत के नाम पर 3 साल तक किया टॉर्चर, ठगे 1 करोड़

0

नेशनल डेस्क: राजस्थान की राजधानी जयपुर से अंधविश्वास और धोखाधड़ी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक दंपति पर आरोप लगा है कि उन्होंने भूत-प्रेत और जादू-टोने के नाम पर एक पूरे परिवार को अपने जाल में फंसाकर लगभग तीन साल में 1 करोड़ रुपये से अधिक की रकम ऐंठ ली। पीड़ित परिवार ने इस मामले में विद्याधर नगर थाने में FIR दर्ज कराई है।

ऐसे जाल में फंसाया

थाने में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार, आरोपित अंबिका प्रसाद और उनकी पत्नी विजया शर्मा ने ससुराल पक्ष के संपर्क के माध्यम से पीड़ित परिवार को मानसिक और आर्थिक रूप से वश में किया। शिकायतकर्ता ने बताया कि 2008 में शादी के बाद जीवन सामान्य चल रहा था, लेकिन 2022 में उनके कारोबार में अचानक तंगी आ गई। इसी दौरान तांत्रिक दंपति उनके घर आए और दावा किया कि परिवार पर भूत-प्रेत का साया है, जिसके कारण कारोबार ठप हो रहा है।

 

इलाज के नाम पर शुरू हुई ठगी

पीड़ित परिवार ने बताया कि तांत्रिकों ने निजी जानकारियों का प्रदर्शन कर उनका भरोसा जीता। अगस्त 2022 में, तांत्रिकों ने शिकायतकर्ता की पत्नी को बीमार बताकर डॉक्टर की दवा लेने से मना किया और अपनी ‘औषधि’ के नाम पर नकली इलाज शुरू कर दिया। इलाज का ‘रहस्य’ उजागर करने पर जान के खतरे की धमकी देकर शुरू में ही लगभग 2 लाख रुपये ऐंठ लिए गए। जब पीड़ित ने डॉक्टर से सलाह लेने की कोशिश की, तो तांत्रिक दंपति ने इसका कड़ा विरोध किया और परिवार को दूसरों से अलग-थलग करने की कोशिश की।

 

डराकर पत्नी को भी रखा अपने पास

नवंबर 2022 में स्थिति और भी गंभीर हो गई। अंधविश्वास के नाम पर तांत्रिकों ने पीड़ित की पत्नी को कुछ समय के लिए अपने साथ रखा और परिवार को एक वीडियो दिखाया, जिसमें पत्नी भूत-प्रेत का नाटक कर रही थी। जब परिवार ने उसे वापस लाने की कोशिश की, तो तांत्रिक दंपति ने उसे दहेज की तरह अपना हक बताकर रोकने की कोशिश की।

 

ब्लैकमेलिंग और धमकी के बाद FIR

पीड़ित परिवार का आरोप है कि तीन साल तक तांत्रिक दंपति नकली उपचारों और अनुष्ठानों के नाम पर बार-बार पैसे ऐंठते रहे। जब पीड़ित ने अपनी रकम वापस मांगी, तो तांत्रिकों ने उन्हें ब्लैकमेल किया और जान से मारने की धमकी दी। इस पूरे घटनाक्रम से तनाव में आए परिवार ने आखिरकार जयपुर के विद्याधर नगर थाने में धोखाधड़ी, ब्लैकमेलिंग और FIR दर्ज कराई है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए FIR दर्ज कर ली है और कहा है कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है।

इजराइलियों ने वेस्ट बैंक में फूंक दी फिलीस्तीनी मस्जिद, दीवारों पर लिखा-‘हम बदला लेंगे’…‘हमें डर नहीं’

0

International Desk: इजराइली बस्ती में रहने वाले लोगों ने वेस्ट बैंक के मध्य एक फिलीस्तीनी गांव में एक मस्जिद को देर रात आग लगा दी और उसे विरूपित कर दिया तथा विरोध स्वरूप मस्जिद की दीवारों पर नफरत भरे संदेश भी लिखे। कुछ इजराइली नेताओं ने बस्ती में रहने वाले लोगों द्वारा फलस्तीन के नागरिकों पर हाल ही में किए गए हमलों की निंदा की थी, जिसके एक दिन बाद यह घटना हुई। बृहस्पतिवार को जब ‘एपी’ का एक पत्रकार फलस्तीन के डेर इस्तिया शहर स्थित मस्जिद में पहुंचा तो वहां की एक दीवार और कुरान की कम से कम तीन प्रतियां व कुछ कालीन जला दिए गए थे।मस्जिद के एक तरफ ‘हमें डर नहीं है’, ‘हम फिर से बदला लेंगे’ और ‘निंदा करते रहो’ जैसे संदेश लिखे थे। हिब्रू में लिखी इस लिपि को समझना मुश्किल है और ऐसा लग रहा है कि यह सेना की मध्य कमान के प्रमुख मेजर जनरल एवी ब्लुथ के बारे में थी, जिन्होंने बुधवार को हिंसा की निंदा की थी। इस तरह के हमलों ने शीर्ष अधिकारियों, सैन्य नेताओं और ट्रंप प्रशासन की चिंताएं बढ़ा दी हैं।

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हिंसा की बढ़ती घटनाओं पर कोई टिप्पणी नहीं की है। इजराइली सेना के सैनिक घटनास्थल पर मौजूद थे लेकिन उन्होंने टिप्पणी के अनुरोध का तुरंत जवाब नहीं दिया। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि वेस्ट बैंक में जो कुछ हो रहा है उसे लेकर चिंता है और इसके प्रभाव गाजा में हमारे प्रयासों को कमजोर कर सकते हैं।  इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हिंसा की बढ़ती घटनाओं पर कोई टिप्पणी नहीं की है। इजराइली सेना के सैनिक घटनास्थल पर मौजूद थे लेकिन उन्होंने टिप्पणी के अनुरोध का तुरंत जवाब नहीं दिया। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि वेस्ट बैंक में जो कुछ हो रहा है उसे लेकर चिंता है और इसके प्रभाव गाजा में हमारे प्रयासों को कमजोर कर सकते हैं।

 

 

 

 

 

 

बेटा दिनभर खेलता था पबजी गेम… परेशान हो कर मां ने कर लिया Suicide, बाद में लाश देख लिपट कर रोता रहा

0

नेशनल डेस्क: एक मां की चिंता और बेटे की आदतें एक परिवार के लिए दुःस्वप्न बन गईं। रक्सा की आरएस रेजीडेंसी कॉलोनी में बुधवार आधी रात को 38 वर्षीय शीला देवी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पति रविंद्र सिंह ने उन्हें पंखे से उतारकर तुरंत अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

 

बेटे का ध्यान पढ़ाई से हटकर गेम्स में

चित्रकूट के हरदौली गांव की रहने वाली शीला देवी और उनके पति रविंद्र का 13 साल का बेटा शहर के एक प्रतिष्ठित स्कूल में आठवीं कक्षा में पढ़ता है। उज्ज्वल भविष्य की उम्मीद में परिवार ने झांसी में आवास खरीदा था।

 

लेकिन बीते कुछ सालों में बेटे को मोबाइल गेम्स की लत लग गई थी। रविंद्र के दफ्तर जाने के बाद बच्चा दिन-रात गेम खेलता, और पढ़ाई में बिल्कुल ध्यान नहीं देता। जब उसे गेम न खेलने दिया जाता, तो वह रोता या झगड़ता। इस लगातार तनाव ने शीला को मानसिक रूप से पूरी तरह प्रभावित कर दिया।

 

रात के 2 बजे का भयानक मंजर

रविंद्र ने बताया कि मंगलवार रात लगभग 11 बजे तक सब सामान्य था। शीला ने बेटे की आदत के बारे में चिंता जताई थी, लेकिन करीब दो बजे जब वे उठे, तो शीला घर में नहीं मिली। दूसरे कमरे में जाने पर देखा कि वह गमछे से पंखे पर लटकी हुई थी। उन्होंने तुरंत शीला को नीचे उतारकर झांसी मेडिकल कॉलेज ले गए। डॉक्टरों ने कुछ देर प्रयास करने के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

 

पुलिस जांच में क्या मिला

सीओ सदर रामवीर सिंह के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि शीला की आत्महत्या का मुख्य कारण बेटे की मोबाइल गेमिंग लत और उससे उत्पन्न पारिवारिक तनाव था। शव का पोस्टमार्टम कराया गया और परिजन चित्रकूट ले गए।

 

बेटे की टूटती दुनिया

मां की मौत के बाद बच्चा पूरी तरह टूट गया। वह बार-बार अपनी मां को पुकारते हुए रो रहा था। परिवार के बुजुर्गों को ही उसे संभालना पड़ा। पोस्टमार्टम के बाद शव को उनके पैतृक गांव चित्रकूट ले जाया गया।

बिजनौर स्कूल में डरावना मंजर: क्लाशरूम में घुसा 3 मीटर लंबा जहरीला सांप, बच्चों में मची भगदड़; वन विभाग ने किया रेस्क्यू!

0

Bijnor News: उत्तर प्रदेश में बिजनौर जिले के ग्राम धर्मनगरी स्थित पीएम श्री कंपोजिट विद्यालय में बुधवार दोपहर एक डरावनी घटना सामने आई। लंच के समय जब बच्चे खेल रहे थे, तभी अचानक स्कूल के मैदान से एक तीन मीटर लंबा जहरीला सांप कक्षा में घुस गया। सांप को देखकर बच्चे डर के मारे इधर-उधर भागने लगे और पूरी जगह में भगदड़ मच गई। शोर सुनकर शिक्षक तुरंत बच्चों को सुरक्षित स्थान पर ले गए और उन्हें स्कूल भवन से दूर किया। घटना की सूचना विद्यालय प्रशासन ने खंड शिक्षा अधिकारी डॉ. प्रभात कुमार को दी। उन्होंने इस मामले में वन विभाग को भी जानकारी दी और मदद मांगी।

 

वन विभाग ने किया साहसिक रेस्क्यू

सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और दो प्रशिक्षित सर्प मित्रों के साथ सांप को पकड़ने की कोशिश की। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद सर्प मित्रों ने सांप को सुरक्षित पकड़ लिया। पकड़ा गया सांप घोड़ा पछाड़ प्रजाति का बताया गया है। वन विभाग के अनुसार यह प्रजाति बेहद तेज और खतरनाक होती है। यह आमतौर पर घनी झाड़ियों या खेतों में रहती है और इसकी गति घोड़े से भी तेज होती है।

 

स्कूल सुरक्षा और साफ-सफाई की अहमियत

सांप के पकड़ लिए जाने के बाद बच्चों और स्कूल स्टाफ ने राहत की सांस ली। सौभाग्य से किसी को कोई चोट नहीं आई। वन विभाग ने बाद में स्कूल परिसर का निरीक्षण किया और उन संभावित स्थानों को बंद किया, जिससे भविष्य में फिर से ऐसी घटनाएं न हों। यह घटना एक बार फिर स्कूल परिसरों में सुरक्षा और सफाई की अहमियत को उजागर करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्कूल के आसपास झाड़ियों की नियमित सफाई और निगरानी जरूरी है ताकि बच्चे सुरक्षित रह सकें।

मां ने दुधमुंहे बेटे को जलते चुल्हे में डाला; जिंदा जला मासूम, फिर किया सुसाइड…जानिए क्यों उठाया ये खौफनाक कदम

0

सोनभद्र: उत्तर प्रदेश में सोनभद्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां पर एक मां ने अपने दुधमुंहे बेटे को जलते चुल्हे में डाल दिया। यह मामला जिले के बभनी थाना क्षेत्र से सामने आया है। बताया जा रहा है कि महिला ने रात में सोते समय अपने दस माह के पुत्र को चुल्हे की आग में डालकर जला दिया और फिर फांसी लगा कर आत्महत्या कर ली। इस घटना की जानकारी के बाद इलाके में हड़कंप मच गया।

 

जानिए पूरा मामला

सूत्रों ने बताया कि आसनडीह ग्राम पंचायत के जोबेदह गांव में पतिराज की 28 वर्षीय पत्नी राजपति बुधवार शाम अपने मायके से अपने घर ससुराल आई थी। रात में सभी लोग खाना खाकर सोने चले गए थे। रात में पत्नी राजपति भी अपने 10 माह के बेटे को लेकर एक कमरे में सोने चली गई, जबकी बड़ा बेटा अपने मामा के साथ सोने चला गया था। सभी लोगों के सोने के बाद वह अपने छोटे बेटे को जलते चूल्हे में डालकर जला दिया और खुद घर के अंदर बड़ेर में साड़ी का फंदा बनाकर फांसी लगा ली। गुरूवार की सुबह जब परिजन सो कर उठे तो घटना देखकर स्तब्ध रह गए।

 

क्यों उठाया ये कदम?

राजपति का शव फांसी के फंदे पर लटक रहा था जबकी दस वर्षीय बालक का शव चुल्हे में पड़ा हुआ था। परिजनों ने घटना की जानकारी पुलिस को दिया। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने दोनों शव को कब्जे में लेकर पोस्टमाटर्म के लिए भेज दिया है। बभनी थाना के प्रभारी निरीक्षक कमलेश पाल ने बताया कि मामले की जांच हर पहलु पर की जा रही है। प्राथमिक जांच में पता चला है कि महिला ने वारदात से पहले अपने पति से फोन पर बात की थी। इसके बाद ही उसने वारदात को अंजाम दिया। परिजनों व ग्रामीणों से घटना के बारे में पूछताछ की जा रही है। पोस्टमाटर्म रिपोर्ट आने के बाद अग्रिम कार्यवाही की जाएगी।