Wednesday, February 18, 2026
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NZ W vs BAN W: न्‍यूजीलैंड ने आखिरकार चखा पहली जीत का स्‍वाद, बांग्‍लादेश को एकतरफा मैच में बड़े अंतर से रौंदा

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नई दिल्‍ली। प्‍लेयर ऑफ द मैच ब्रूक हालीडे (69) और कप्‍तान सोफी डिवाइन (63) की उम्‍दा पारियों के बाद जेस कर (3 विकेट) व ली ताहुहू (3 विकेट) के दम पर न्‍यूजीलैंड ने आईसीसी महिला वनडे वर्ल्‍ड कप 2025 में जीत का स्‍वाद चखा।

न्‍यूजीलैंड ने गुवाहाटी में खेले गए टूर्नामेंट के 11वें मैच में बांग्‍लादेश को 100 रन से पटखनी दी। कीवी टीम की यह तीन मैचों में पहली जीत रही और वो प्‍वाइंट्स टेबल में तीसरे स्‍थान पर पहुंच गई है।

न्‍यूजीलैंड ने पहले बल्‍लेबाजी की और निर्धारित 50 ओवर में 9 विकेट खोकर 227 रन बनाए। जवाब में बांग्‍लादेश की पूरी टीम 39.5 ओवर में 127 रन पर ढेर हो गई। बांग्‍लादेश की कोई बैटर अर्धशतक नहीं जमा सकी।

कर-ताहुहू का आक्रमण

228 रन के लक्ष्‍य का पीछा करने उतरी बांग्‍लादेश की शुरुआत रोसमैरी मायर ने बिगाड़ी। उन्‍होंने ओपनर शरमीन अख्‍तर (3) को क्‍लीन बोल्‍ड किया। जेस कर ने जल्‍द ही दूसरी ओपनर रुबया हैदर (4) को डिवाइन के हाथों कैच आउट कराया।

उदयपुर में राजस्थान का पहला एआई ट्रैफिक सिग्नल शुरू, एंबुलेंस-दमकल की सायरन की भी होगी पहचान

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नई दिल्ली। राजस्थान में पहली बार एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) आधारित ट्रैफिक सिग्नल का ट्रायल उदयपुर में शुरू हो गया है। यह स्मार्ट सिस्टम चौराहों पर वाहनों की भीड़ के आधार पर ट्रैफिक लाइट को स्वतः नियंत्रित करेगा, जिससे ड्राइवरों को जाम में खड़े रहने से राहत मिलेगी।

एआई ट्रैफिक सिस्टम का काम

ट्रैफिक डीएसपी अशोक आंजना ने बताया कि सुबह और शाम शहर में ट्रैफिक का दबाव बढ़ जाता है। एआई सिस्टम यह पहचान करेगा कि किस लेन में ज्यादा वाहन हैं और उसी लेन की रेड लाइट को ग्रीन सिग्नल दे देगा। इसके लिए फतहपुरा चौराहे पर हाई रेजोल्यूशन कैमरे और सेंसर लगाए गए हैं। प्रारंभिक ट्रायल कुछ दिनों तक इसी चौराहे पर किया जाएगा।

आपातकालीन वाहन को प्राथमिकता

सिस्टम एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसी आपातकालीन सेवाओं के सायरन को भी पहचान कर तुरंत सिग्नल ग्रीन कर देगा, जिससे राहत वाहन बिना बाधा के रास्ता पार कर सकेंगे।

डेटा और कंट्रोल

एआई सिग्नल पूरे दिन ट्रैफिक दबाव की जानकारी रिकॉर्ड करेगा और इस डेटा का विश्लेषण कर अन्य चौराहों पर इसे लागू करने की योजना बनाई जाएगी। पूरे सिस्टम को मोबाइल एप से कंट्रोल किया जा सकेगा।

दस लाख प्रति चौराहा खर्च

एक चौराहे पर एआई सिस्टम लगाने में लगभग 10 लाख रुपए का खर्चा आता है। अधिकारियों का कहना है कि यदि ट्रायल सफल रहा तो इसे शहर के अन्य व्यस्त चौराहों पर भी लागू किया जाएगा, जिससे उदयपुर में स्मार्ट और कुशल ट्रैफिक प्रबंधन की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा सकेगा।

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में आत्मघाती हमला, हमलावर सहित 3 की मौत

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नई दिल्ली। पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में शुक्रवार को हुए आत्मघाती हमले में तीन आतंकवादी मारे गए। स्थानीय पुलिस ने पाकिस्तानी मीडिया आउटलेट डॉन को बताया कि डेरा इस्माइल खान में दो आतंकवादियों के बीच गोलीबारी के बाद एक आत्मघाती विस्फोट हुआ।

डीआई खान पुलिस के जनसंपर्क अधिकारी याकूब खान ने कहा, “विस्फोट के बाद गोलीबारी की आवाजें सुनाई दे रही हैं।” उन्होंने कहा, “एक आत्मघाती हमलावर और दो आतंकवादी अब तक मारे गए हैं। ऑपरेशन जारी है।”

यह हमला पाकिस्तानी वायु सेना द्वारा इस क्षेत्र में हवाई हमले किए जाने के कुछ दिनों बाद हुआ है, जिसमें महिलाओं और बच्चों सहित 30 लोग मारे गए थे। पाकिस्तानी लड़ाकू जेट जेएफ -17 ने तिराह घाटी में स्थित मत्रे दारा गांव पर आठ एलएस -6 बम गिराए, जिससे नरसंहार हुआ।

पाकिस्तान में आतंकी हमलों में वृद्धि

पाकिस्तान में आतंकवादी हमलों में वृद्धि देखी गई है, खासकर केपी और बलूचिस्तान में, जिनमें मुख्य रूप से पुलिस, कानून प्रवर्तन एजेंसियों के कर्मियों और सुरक्षा बलों को निशाना बनाया गया है।

प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान द्वारा 2022 में सरकार के साथ संघर्ष विराम समझौता तोड़ने के बाद हमले बढ़ गए हैं। हाल ही में, केपी के कई क्षेत्रों – जिसमें बन्नू, पेशावर, करक, लक्की मारवात और बाजौर शामिल हैं – में आतंकवादी हमलों की एक श्रृंखला देखी गई है, विशेष रूप से पुलिस कर्मियों को निशाना बनाकर।

अमेरिका के टेनेसी में मिलिट्री प्लांट में ब्लास्ट, कई लोगों के मारे जाने की खबर

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नई दिल्ली। अमेरिका के टेनेसी राज्य में एक मिलिट्री एक्सप्लोसिव फैक्ट्री में भीषण धमाके में कई लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग लापता बताए जा रहे हैं।

यह हादसा इतना भयावह था कि धमाके की आवाज मिलों दूर तक सुनाई दी और कई घरों की दीवारें तो हिल गई। अधिकारियों ने आपातकालीन टीमों को प्रभावी ढंग से काम करने देने के लिए जनता से इस क्षेत्र से दूर रहने का अनुरोध किया है।

मिलिट्री एक्सप्लोसिव फैक्ट्री में भीषण धमाका

स्थानीय निवासियों के अनुसार, विस्फोट से आस-पास के घर भी हिल गए और आपातकालीन सेवाओं को तुरंत चालू किया गया। हिकमैन काउंटी शेरिफ ऑफिस की रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना नैशविले से लगभग 60 मील दक्षिण-पश्चिम में स्थित बक्सनॉर्ट के पास एक्यूरेट एनर्जेटिक सिस्टम्स में हुई।

MLC Election: समाजवादी पार्टी के बाद कांग्रेस ने जारी की शिक्षक-स्नातक एमएलसी प्रत्याशियाें की सूची,भाजपा का इंतजार

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लखनऊ : उत्तर प्रदेश में शिक्षक-स्नातक एमएलसी की 11 सीटों के लिए चुनाव भले ही अगले वर्ष यानी 2026 में होंगे, लेकिन राजनीतिक दल अपने पत्ते खोल रहे हैं। समाजवादी पार्टी के गुरुवार को पांच प्रत्याशियों का नाम घोषित करने के बाद आज कांग्रेस ने भा अपने पांच उम्मीदवारों के नाम की घोषणा कर दी। इन दोनों दलों के पांच-पांच प्रत्याशी का नाम घोषित करने से तो यह तय हो गया है कि इस चुनाव में गठबंधन नहीं होगा।

उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय ने एमएलसी की सभी 11 सीटों पर कांग्रेस के अकेले चुनाव लड़ने की घोषणा की है। राय ने स्नातक और शिक्षक की पांच सीटों पर कांग्रेस प्रत्याशियों के नाम घोषित किये। सपा से गठबंधन के सवाल पर राय ने कहा कि यह सिंबल का चुनाव नहीं है, इसलिए इसमें कोई गठबंधन की बात नहीं है।

वाराणसी से शिक्षक व स्नातक प्रत्याशी 

कांग्रेस ने वाराणसी से शिक्षक प्रत्याशी के रूप में संजय प्रियदर्शी व स्नातक प्रत्याशी अरविंद सिंह पटेल का नाम फाइनल किया है। पार्टी ने लखनऊ से स्नातक सीट पर देवमणि तिवारी, मेरठ से विक्रांत वशिष्ठ व आगरा से रघुराज पाल को प्रत्याशी बनाया गया है। अन्य छह प्रत्याशियों के नाम जल्द घोषित किए जाएंगे।

अजय राय ने कहा कि कांग्रेस शिक्षकों अधिवक्ताओं व युवाओं के मुद्दों को लेकर संघर्ष करेगी। उन्होंने नकली कफ सीरप के मुद्दे पर भाजपा सरकार को घेरा। राय ने कहा प्रदेश के 13 जिलों में ड्रग इंस्पेक्टर नहीं है। इनमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के क्षेत्र गोरखपुर में भी ड्रग इंस्पेक्टर नहीं है।

अजय राय ने बसपा की रैली को लेकर मायावती पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि मायावती ने 18 वर्ष बाद कांशीराम को याद किया। भाजपा की गाड़ी से बसपा कार्यकर्ताओं को रैली में पहुंचाया गया। मायावती की यह रैली वंचितों को भ्रमित करने के साथ बिहार चुनाव को प्रभावित करने की साजिश है।

राय ने कहा कि रायबरेली में हरिओम वाल्मीकि की हत्या के मुद्दे पर न तो मायावती बोल रही और न ही दूसरे दल। कांग्रेस उस परिवार के साथ है। कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल आज हरिओम के परिवार को आर्थिक सहयोग देने जा रहा था, जिसे पुलिस ने रोक दिया है। प्रदेश मुख्यालय में राय व अन्य नेताओं ने मुलायम सिंह यादव की पुण्यतिथि पर उनके चित्र पर माल्यार्पण भी किया।

MVVNL: त्योहारों में बिजली देने के निर्देश, दूसरी तरफ शटडाउन जारी

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लखनऊ : केस एक –  न्यू कैंपस बिजली उपकेंद्र से संबंधित बिठौली, सीतापुर रोड सहित आसपास क्षेत्र में ट्रांसफार्मर मरम्मत कार्य के कारण दस अक्टूबर को सुबह 11 बजे से दोपहर दो बजे तक बिजली नहीं रहेगी। पुरनिया व गोयल बिजली उपकेंद्र से संबंधित क्षेत्र में पेड़ों की छंटाई व मरम्मत कार्य के कारण दस अक्टूबर को सेक्टर सी, डी, एच, के, ए, जी, ई, एल, आई, एम, क्यू, पी, दुर्गा काम्प्लेक्स, अलीगंज के आसपास बिजली संकट सुबह दस बजे शाम पांच बजे तक रहेगा।

केस दो- सर्वोदय नगर, इंजीनियरिंग कालेज बिजली उपकेंद्र से संबंधित क्षेत्र में भी बिजली संकट शुक्रवार को रहेगा। गोमती नगर के विश्वास खंड के विवेक खंड दो, तीन ग्वारी बिजली उपकेंद्र से संबंधित विकास खंड पांच व ग्वारी गांव में भी मरम्मत व पेड़ों की छंटाई के नाम पर शटडाउन रहेगा। वृंदावन योजना के सेक्टर 12 बिजली उपकेंद्र से संबंधित बरौली, सेक्टर एक का क्षेत्र सुबह दस बजे से शाम पांच बजे तक प्रभावित रहेगा।

यह दाे मामले हैं, कई जगह तो बिना बताए अभियंता मरम्मत के नाम पर शटडाउन ले रहे हैं। एक तरफ ऊर्जा मंत्री व प्रबंधन से जुड़े अधिकारी कह रहे हैं कि उपभाेक्ताओं को त्योहारों में भरपूर बिजली दो और दूसरी तरफ सितंबर व अक्टूबर 2025 माह को मरम्मत माह के रूप में मना रहे हैं। दोहरी नीति का खामियाजा उपभोक्ताओं को उठाना पड़ रहा है।

साल के शुरू माह फरवरी में मरम्मत कार्य माह मनाया गया। बिजली विभाग अप्रैल तक मरम्मत के नाम पर शटडाउन लेता रहा। इसके अलावा रिवैम्प डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम के अंतर्गत केबल बदलने का काम जो जनवरी 2025 में खत्म हो जाना चाहिए था, उसे भी प्रबंधन ग्रेस पीरियड देकर अभी तक करवा रहा है। इसके कारण दर्जनों मोहल्ले की बिजली काटी जा रही है। वहीं एरियर बंच केबल बदलने के नाम पर शटडाउन घंटों के लिए लिया जा रहा है। इन दो कामों के अलावा अक्टूबर माह में शटडाउन लेने का सिलसिला शुरू हो गया है।

दीपावली पर प्रदेश के बीएड डिग्री वाले अभ्यर्थियों को बड़ा उपहार, BTC के बराबर मान्यता, NIOS से कर सकेंगे ब्रिज कोर्स

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लखनऊ: योगी आदित्यनाथ सरकार ने दीपावली पर प्रदेश के बीएड डिग्री धारकों को बड़ा उपहार दिया है।

सरकार ने बीएड डिग्री धारकों के हित में बड़ा फैसला लिया है। पीडीपीईटी कोर्स के लिए आवेदन प्रक्रिया एक नंवबर से शुरू की जा रही है। यह मामला वर्ष 2005 से लंबित था। उस समय B.Ed अभ्यर्थियों को प्राथमिक शिक्षक भर्ती में शामिल नहीं किया गया था, जिससे हजारों उम्मीदवार वर्षों तक पात्रता को लेकर संघर्ष करते रहे। सरकार के इस निर्णय से अब उन्हें न्याय और अवसर दोनों मिलने जा रहे हैं।

उत्तर प्रदेश के शिक्षा विभाग ने बीएड डिग्री वालों के लिए Professional Development Programme for Elementary Teachers (PDPET) कोर्स को मंजूरी दे दी है। इस ब्रिज कोर्स को पूरा करने के बाद बीएड डिग्री वाले अभ्यर्थियों को बीटीसी के बराबर मान्यता मिल जाएगी। इससे वह प्राइमरी कक्षाओं यानी कक्षा एक से 5 तक के छात्रों को पढ़ाने के लिए भी पात्र हो जाएंगे।

छह महीने के ब्रिज कोर्स PDPET काे NIOS कर सकता है संचालित

असल में प्राथमिक शिक्षकों के लिए व्यावसायिक विकास कार्यक्रम( Professional Development Programme for Elementary Teachers) छह महीने का ब्रिज कोर्स है। इस कोर्स का संचालन नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूल (NIOS) करता है। असल में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए इस ब्रिज कोर्स को तैयार किया गया है, जिसमें मुख्य तौर पर बीएड डिग्री वाले अभ्यर्थियों को प्राइमरी कक्षाओं के टीचिंग मैथर्ड के बारे में बताया जाता है, जिसे उत्तर प्रदेश सरकार ने मंजूरी दे दी है। यानी यूपी में इस ब्रिज कोर्स को करने वाले बीएड डिग्री वाले अभ्यर्थी प्राइमरी कक्षाओं के बच्चों को पढ़ाने के पात्र होंगे।

एक से शुरू हो रही आवेदन प्रक्रिया

NIOS छह महीने के ब्रिज कोर्स PDEPT के लिए आवेदन प्रक्रिया आयोजित करता है। अगले सत्र में दाखिला के लिए एक नंवबर से आवेदन किया जा सकता है। आवेदन NIOS की आधिकारिक वेबसाइट dledbr.nios.ac.in पर जाकर किया जा सकता है। छह महीने का यह ब्रिज कोर्स ऑनलाइन उपलब्ध है। कोर्स में दाखिला लेने के बाद ट्रेनिंग दिसंबर 2025 से मई 2026 तक चलेंगी।

सुप्रीम कोर्ट ने बीएड डिग्री को प्राइमरी कक्षाओं के लिए माना था अपात्र

सुप्रीम कोर्ट ने बीते वर्ष एक अहम आदेश में बीएड डिग्री को प्राइमरी कक्षाओं यानी कक्षा एक से पांच तक के बच्चों को पढ़ाने के लिए अपात्र माना था। शीर्ष कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि बीएड डिग्री धारी प्राइमरी कक्षाओं यानी कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों को नहीं पढ़ा सकेंगे। प्राइमरी कक्षाओं को बीटीसी-डीएलएड वाले ही पढ़ा सकेंगे। इससे बड़ी संख्या में बीएड डिग्रीधारी प्राइमरी कक्षाओं को पढ़ाने के लिए अपात्र हो गए थे।

AI Monitoring of Animals: उत्तर प्रदेश में वन्यजीवाें की निगरानी एआइ से कराने की तैयारी

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लखनऊ : प्रदेश सरकार मानव-वन्यजीव संघर्ष नियंत्रित करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) का सहारा लेने जा रही है। जंगल से आबादी की तरफ आने वाले रास्तों में थर्मल सेंसर युक्त कैमरे लगाने की योजना है।

इन कैमरे की जद में जानवरों के आते ही मोबाइल फोन पर संदेश जारी हो जाएगा। जंगल से बाहर की तरफ वन्यजीव के आते ही अलर्ट जारी होने से सुरक्षा प्रबंधन में आसानी हो जाएगी। इससे जान-माल के नुकसान को कम किया जा सकेगा।

वन विभाग उन संवेदनशील क्षेत्रों को चिह्नित कर रहा है, जहां मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं अधिक होती हैं। इन कैमरों को इन्हीं स्थानों पर लगाया जाएगा। प्रदेश में मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। इसका मुख्य कारण जंगलों का लगातार कम होना और वन्यजीवों का बढ़ना है।

बाघ व तेंदुओं की संख्या भी तेजी से बढ़ी है। वर्ष 2018 की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में बाघों की संख्या 173 थी जबकि 2022 की गणना में इनकी संख्या 222 हो गई है। इसी प्रकार तेंदुओं की संख्या 2019 में 415 थी वह भी 2022 में बढ़कर 870 हो गई है। वर्तमान में इनकी संख्या एक हजार से अधिक का अनुमान है। जंगल में बाघों की बढ़ती संख्या के कारण तेंदुए जंगल के बाहरी हिस्सों में खासकर बस्तियों के आस-पास रहने लगे हैं। भेड़िए भी अपना आतंक फैलाए हुए हैं।

मानव-वन्यजीव संघर्ष की इन घटनाओं पर नियंत्रण के लिए सरकार आधुनिक तकनीक का प्रयोग करने जा रही है। समय से पहले चेतावनी के लिए एआइ युक्त थर्मल कैमरे लगाए जाएंगे। यह रात में या फिर घने कोहरे में भी जानवरों की गर्मी पहचान लेते हैं। हाथी, बाघ, तेंदुआ व भेड़िया गांव की ओर बढ़ेगा तो कैमरा अलार्म या मोबाइल नोटिफिकेशन भेज देगा। इससे वन विभाग व स्थानीय लोग समय रहते सचेत हो जाएंगे। वन विभाग ने प्रभावित गांवों में बाघ मित्र बनाए हैं, इनके पास भी अलर्ट भेजकर गांव वालों को सावधान किया जाएगा।

कैमरे लगातार लाइव वीडियो या थर्मल इमेज भेजते रहते हैं। इससे वन्यजीवों की गतिविधि, दिशा और समूह के आकार का पता चल जाता है। शिकार और अवैध गतिविधियों की भी इससे रोकथाम हो सकेगी। थर्मल कैमरे यह भी दिखाते हैं कि कौन-से मार्गों से जानवर बस्तियों की ओर आते हैं। इस डाटा से कारिडोर की बाड़बंदी, सोलर फेंसिंग या अलार्म सिस्टम की योजना भी भविष्य में बनाई जा सकती है।

तमिलनाडु में एआइ निगरानी से बची हाथियों की जान

तमिलनाडु के उच्च जोखिम वाले पलक्कड़-कोयंबटूर रेलवे खंड पर एआइ निगरानी प्रणाली के कारण ही अब तक एक भी हाथी की ट्रेन हादसे में मौत नहीं हुई है। लगभग एक वर्ष में तीन हजार से अधिक हाथियों को सुरक्षित रेल लाइन पार कराया गया है। जैसे ही कोई हाथी पटरी से 100 फीट के भीतर आता है, ट्रेन चालक को तत्काल चेतावनी भेजी जाती है। एआइ निगरानी से पहले यहां अक्सर हाथियों के ट्रेन हादसे हो जाते थे।

करीब एक करोड़ आता है एक टावर पर खर्च

एआइ आधारित कैमरों से निगरानी के लिए एक टावर पर करीब एक करोड़ रुपये का खर्च आता है। इसमें तीन से चार अलग-अलग कैमरे एक टावर पर लगाए जाते हैं। इन कैमरों की रेंज दो से तीन किलोमीटर के करीब रहती है। पहले चरण में कितने टावर जरूरी हैं इसके लिए स्थान चिह्नित किया जा रहा है।

प्रदेश में मानव-वन्यजीव संघर्ष

वित्तीय वर्ष                 मृत्यु     घायल
2021-22                29      81
2022-23                57      114
2023-24                84      173
2024-25                60      221
2025-26                39       78 (आठ अक्टूबर तक)

ड्रोन आधारित ट्रेंकुलाइजर

पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री डा. अरुण कुमार सक्सेना ने बताया कि मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं हर हाल में रोकना प्रदेश सरकार की शीर्ष प्राथमिकता में शामिल है। एआइ आधारित निगरानी के लिए पिछले दिनों दो कंपनियों ने प्रस्तुतीकरण दिया था। इनसे और विस्तृत प्रस्ताव देने के लिए कहा गया है। ड्रोन आधारित ट्रेंकुलाइजर के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं। इसके जरिए दूर से ही वन्यजीवों को बेहोश किया जा सकेगा।

खुद को क्राइम ब्रांच का अफसर बताकर सिपाही को धमकाया, विरोध करने पर देने लगा गाली

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लखनऊ। नौकरी लगवाने के नाम पर ठगी के आरोपित अबू साद ने खुद को क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताक एसीपी चौक कार्यालय के हेड पेशी राधे श्याम सिंह को फोन किया। मुकदमे की जानकारी मांगने का प्रयास किया। विरोध पर धमकाते हुए गाली देने लगा। पेशी हेड की तहरीर पर अबू साद के खिलाफ चौक थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।

एसीपी चौक कार्यालय में हेड पेशी पर सिपाही तैनात राधेश्याम सिंह ने बताया कि सात अक्टूबर को रात पौने नौ बजे मोबाइल पर फोन आया। उसने बताया कि मुंबई क्राइम ब्रांच का अफसर आशुतोष शर्मा बोल रहा है। उसने शालू वर्मा नाम की महिला का नाम लेते हुए उसके मुकदमे के बारे में जानकारी लेने की कोशिश की।

जब उससे कहा कि इस संबंध में विभाग के अफसरों से बात करें। इस पर वह गाली-गलौज कर धमकी देने लगा और फोन काट दिया। पेशी हेड के मुताबिक शालू वर्मा उन्नाव जनपद के अरसइंदा गुजौली की रहने वाली हैं।

उन्होंने नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का आरोप लगाते हुए अबू साद के खिलाफ ठाकुरगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। अबू साद आजमगढ़ के मुबारकपुर का रहने वाला है। पहले मामले की जांच ठाकुरगंज थाने से रवींद्र कुमार द्वारा की गई थी। उसकी रिपोर्ट एसीपी कार्यालय आई थी।

पेशी हेड के मुताबिक उन्होंने साक्ष्य के संबंध में बयान दर्ज कराने के लिए दो अक्टूबर को अबू साद को फोन किया था। इसके पूर्व भी पूर्व दारोगा रवींद्र कुमार, मुख्य आरक्षी अरुण कुमार, दारोगा अमर सिंह ने मामले की विवेचना की तो उनसे भी अबू साद ने गाली-गलौज कर अभद्रता की थी। इंस्पेक्टर चौक नागेश उपाध्याय के मुताबिक मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है।

लखनऊ में लिव-इन में रहने वाली युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, परिजनों ने की जांच की मांग

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लखनऊ। ठाकुरगंज के दौलतगंज में लिव-इन में रहने वाली 20 वर्षीय युवती इलहाम की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उनका शव असलम मंजिल स्थित फ्लैट में बेड पर पड़ा मिला। सूचना पर पहुंचे परिवारजन ने जांच की मांग की है। पुलिस पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई करने की बात कह रही है।

मृतका के मामा असद ने बताया कि कौशांबी के कोखराज स्थित राला गांव निवासी इलहाम कुछ दिनों से दौलतगंज में असलम मंजिल के फ्लैट में सीतापुर के सिधौली निवासी युवक के साथ रहती थी। मंगलवार को युवक ने असद की बड़ी बहन शैला को फोन कर बताया कि इलहाम ने आत्महत्या कर ली है।

शैला ने असद को मौके पर भेजा तो इलहाम का शव बेड पर पड़ा था। असद के मुताबिक, इलहाम के गले पर कसाव के निशान थे और शरीर पर भी खरोच थी।

उन्होंने आत्महत्या की बात से इंकार करते हुए जांच की मांग की है। ठाकुरगंज इंस्पेक्टर ओमवीर सिंह ने बताया कि मौत के कारण स्पष्ट नहीं हो सके हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

टेलीकॉम कंपनी में एक साथ करते थे काम

असद ने बताया कि दोनों ठाकुरगंज इलाके में एक निजी टेलीकॉम कंपनी में साथ ही काम करते थे। इसी दौरान दोनों की मुलाकात हुई थी। कुछ दिन बाद दोनों साथ रहने लगा।