लखीमपुर-भीड़ बढ़ाने का साधन बनी आशा वर्कर, पदयात्रा में जा रही आशा वर्कर की मौत, आशा वर्कर की सड़क हादसे में मौत, ऑटो में सवार 4 अन्य आशा वर्कर घायल, CHC अधीक्षक को लेकर परिजनों में आक्रोश , खमरिया के रहा चौराहे पर आशा वर्कर की मौत
Bahraich\Lakhimpur Kheri: उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्र में वन्यजीवों का आतंक बढ़ता जा रहा है। बहराइच और लखीमपुर खीरी जिले में बीते गुरुवार को हुई घटनाओं ने ग्रामीणों में खौफ और आक्रोश पैदा कर दिया है।
बहराइच में बाघ और भेड़िया के हमले
बहराइच के कतर्नियाघाट वन्य जीव प्रभाग के ककरहा रेंज स्थित धर्मपुर बेझा गांव में 48 वर्षीय किसान भिखान आर्य खेत में काम कर रहे थे। इसी दौरान बाघ ने उन पर हमला कर दिया और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। ग्रामीणों का कहना है कि बाघ कई दिनों से इलाके में घूम रहा था और उसका वीडियो 3 दिन पहले सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, लेकिन वन विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की। उसी दिन बहराइच के गजाधरपुर गांव में संतोष की 3 वर्षीय बेटी जाह्नवी घर के बाहर खेल रही थी, तभी भेड़िया ने उसे उठा लिया। ग्रामीणों ने लाठी-डंडे लेकर पीछा किया, लेकिन भेड़िया गन्ने के खेत में घुसकर गायब हो गया। डीएफओ राम सिंह यादव ने बताया कि बच्ची की तलाश में 28 टीमें लगातार सर्च अभियान चला रही हैं। पिछले 67 दिनों में जिले में भेड़ियों के हमले में 5 बच्चों समेत 7 लोग मारे जा चुके हैं और 34 से अधिक घायल हुए हैं।
लखीमपुर खीरी में बाघ का हमला
लखीमपुर खीरी के ग्राम पटिहन में 12 वर्षीय ट्विंकल अपने दादा को खाना देने के बाद लौट रही थी। तभी खेत में छिपा बाघ उस पर टूट पड़ा। बाघ ने उसे गर्दन से पकड़कर खेत की ओर खींचने की कोशिश की। दादा और ग्रामीणों की समय पर मदद से बच्ची को छुड़ाया गया, लेकिन गंभीर हालत में उसे पलिया अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
ग्रामीणों का गुस्सा और वन विभाग की कार्रवाई
ग्रामीणों का आरोप है कि बाघ कई दिनों से इलाके में नजर आ रहा था और इसकी जानकारी वन विभाग को दी गई थी, लेकिन विभाग ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। बहराइच और लखीमपुर खीरी में लगातार हो रही ऐसी घटनाओं से लोग डर के साए में जीने को मजबूर हैं। डीएफओ सूरज कुमार ने कहा कि घटनास्थल पर तेंदुए के पगचिह्न मिले हैं और पीड़ित परिवार को नियम के अनुसार आर्थिक सहायता दी जाएगी।
स्थिति चिंताजनक
तराई क्षेत्र में वन्यजीव हमलों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बाघ और भेड़ियों के लगातार हमलों से स्थानीय लोग सुरक्षा की मांग कर रहे हैं और वन विभाग पर कड़ी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं।
नेशनल डेस्क: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में अपनी पहली पारी खेल रही लोक गायिका और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की उम्मीदवार मैथिली ठाकुर शुरुआती रुझानों में अलीनगर विधानसभा क्षेत्र में आगे चल रही हैं। चुनाव से ठीक एक महीने पहले ही भाजपा में शामिल हुईं 25 वर्षीय ठाकुर ने कहा कि उनका मकसद सिर्फ बिहार की जनता की सेवा करना है।
उन्होंने बताया, “मैं जीत या हार के बारे में कभी नहीं सोचती। ये 30 दिन की मेरी यात्रा ही मेरे लिए सबसे बड़ी सीख रही। मुझे विश्वास है कि मैं यहां रहकर लोगों की सेवा करूंगी, और इसके लिए मैं मानसिक रूप से पूरी तरह तैयार हूं।”
लोक गायिका ने अपनी चुनावी शुरुआत को जीवन का सबसे बड़ा निर्णय बताया। उन्होंने कहा, “इन 30 दिनों में लोगों के बीच रहकर जो अनुभव और सीख मिली, वह किसी किताब या किसी और जगह से नहीं मिल सकती थी। इस एक महीने ने मेरा जीवन बदल दिया।”
इससे पहले अक्टूबर में एक साक्षात्कार में ठाकुर ने बताया था कि उनका उद्देश्य बिहार की सेवा करना है। उन्होंने कहा, “मैं यह सेवा अपने लोक गीतों के माध्यम से कर रही थी, इसलिए विदेश जाने का कभी मन नहीं था। मैं अपनी संस्कृति को आगे बढ़ाना चाहती हूं और अगर राजनीति मुझे यह अवसर दे तो इससे महत्वपूर्ण कुछ नहीं होगा। मेरा मकसद राजनीति करना नहीं, बल्कि अपने क्षेत्र की सेवा करना है।”
मैथिली ठाकुर ने कहा कि राजनीति में उनकी रुचि कुछ साल पहले तक नहीं थी। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा ने उन्हें इस दिशा में कदम बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी युवाओं के लिए प्रेरणा हैं। उनके नेतृत्व में काम करना मेरे लिए सौभाग्य की बात है।”
Bihar Election Result 2025 Live: बिहार में विधानसभा की कुल 243 सीटों के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सुबह आठ बजे से मतगणना (Bihar Election Result 2025) जारी है। पोस्टल बैलेट के बाद अब ईवीएम की गिनती चल रही है। रुझानों में NDA ने बढ़त बनाई हुई है। वहीं महागठबंधन पीछे चल रहा हैं।

2,616 उम्मीदवारों के भाग्य का होगा फैसला
छह और 11 नवंबर को दो चरणों में हुए चुनाव में 7.45 करोड़ मतदाताओं ने 2,616 उम्मीदवारों का भाग्य तय किया था। राजग में जनता दल-यूनाइटेड (JDU), भारतीय जनता पार्टी (BJP), लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास), हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (HAM) और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) शामिल हैं। वहीं, महागठबंधन में राजद, कांग्रेस, वाम दल, विकासशील इंसान पार्टी (VIP) और इंडियन इंक्लूसिव पार्टी (IIP) शामिल हैं। दोनों गठबंधनों की ओर से मैदान में उतरे प्रमुख उम्मीदवारों में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा, राजद के तेजस्वी यादव और बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश कुमार शामिल हैं।
नेशनल डेस्कः दो चरणों में संपन्न हुये बिहार विधानसभा चुनाव के बाद अब सबकी निगाहें शुक्रवार, 14 नवंबर को होने वाली मतगणना पर टिकी हैं। मतगणना का कार्य राज्य के सभी 38 जिलों में स्थित 44 मतगणना केंद्रों पर सुबह 8 बजे से शुरू होगा। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय ने चुनाव आयोग के निर्देशानुसार मतगणना की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया है कि पूरे प्रदेश में मतगणना की प्रक्रिया सुचारू, पारदर्शी और सुरक्षित माहौल में संपन्न हो।
मतगणना के दौरान चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था की गई है। इसके लिये पर्याप्त संख्या में केंद्रीय बलों और राज्य पुलिस बलों की तैनाती की गई है, जिससे किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचा जा सके। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के वरीय अधिकारी ने बताया है कि मतगणना की प्रक्रिया पोस्टल बैलट की गिनती से शुरू होगी। इसके बाद इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) से वोटों की गिनती की जायेगी।
अधिकारी ने यह भी कहा है कि मतगणना के प्रत्येक चरण की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे और वीडियो रिकॉर्डिंग की व्यवस्था की गई है। इस संबंध में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के अधिकारियों के अनुसार‘चुनाव परिणाम पारदर्शी तरीके से घोषित किये जाएंगे। सभी मतगणना केंद्रों पर पर्यवेक्षक और एजेंटों की उपस्थिति में पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी की जाएगी।‘ प्रशासन ने सभी राजनीतिक दलों और समर्थकों से शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखने और मतगणना केंद्रों के आसपास अनावश्यक भीड़ से बचने की अपील की है।
बिहार के सात जिलों में महिलाओं ने मतदान में पुरुषों को पीछे छोड़ा
बिहार विधानसभा चुनाव में महिलाओं ने एक बार फिर मतदान में बढ़त बनाई है और राज्य के सात जिलों में महिलाओं ने पुरुषों की तुलना में 14 प्रतिशत या उससे अधिक बढ़त के साथ मतदान किया, जबकि 10 अन्य जिलों में यह अंतर 10 प्रतिशत से अधिक रहा। निर्वाचन आयोग के आंकड़ों में इसकी जानकारी दी गई। पटना राज्य का एकमात्र जिला रहा, जहां पुरुषों का मतदान प्रतिशत महिलाओं से अधिक दर्ज किया गया। पटना में जहां 60.05 प्रतिशत पुरुषों ने वोट डाले, वहीं महिलाओं का मतदान प्रतिशत 57.88 रहा। बिहार के 243 विधानसभा क्षेत्रों में छह और 11 नवंबर को दो चरणों में मतदान हुआ था और परिणाम 14 नवंबर को घोषित किए जाएंगे। इस बार राज्य में 67.13 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया, जो अब तक का सबसे अधिक है। आयोग के आंकड़ों के अनुसार, महिलाओं की वोटिंग 71.78 प्रतिशत रही, जबकि पुरुषों का मतदान प्रतिशत 62.98 रहा।
Mokshada Ekadashi 2025: मोक्षदा एकादशी एक विशेष व्रत है जिसे हिंदू धर्म में अत्यंत पुण्यकारी माना जाता है। यह व्रत मोक्ष और आध्यात्मिक शांति प्राप्त करने का अद्भुत अवसर प्रदान करता है। माना जाता है कि इस दिन पूरे विधि-विधान के साथ भगवान विष्णु की पूजा करने से और व्रत रखने से जीवन में आने वाली परेशानियों से छुटकारा मिलता है और मन की हर मनोकामना पूरी होती है। इस साल मोक्षदा एकादशी 1 नवंबर को रखा जाएगा। तो आइए जानते हैं कि मोक्षदा एकदाशी के शुभ मुहूर्त और पूजा विधि के बारे में-
Mokshada Ekadashi 2025 Shubh muhurat मोक्षदा एकादशी 2025 शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार, मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि 30 नवंबर 2025 को रात 9 बजकर 29 मिनट पर शुरू होगी और 1 दिसंबर 2025 को सुबह 7 बजकर 1 मिनट पर समाप्त होगी। ऐसे में उदयातिथि के अनुसार, मोक्षदा एकादशी का व्रत 1 दिसंबर 2025 को रखा जाएगा।
Significance of Mokshada Ekadashi 2025 मोक्षदा एकादशी का खास महत्व
मोक्षदा एकादशी सिर्फ एक व्रत नहीं है, बल्कि यह दो महत्वपूर्ण धार्मिक घटनाओं के साथ जुड़ा हुआ है। यह एकादशी सीधे तौर पर मोक्ष यानी जन्म और मृत्यु के चक्र से मुक्ति से संबंधित है। शास्त्रों के अनुसार, इस व्रत को विधि-विधान से करने पर व्यक्ति को वाजपेय यज्ञ जितना पुण्य मिलता है।
यह एकादशी का दिन गीता जयंती के रूप में भी मनाया जाता है। पौराणिक मान्यता है कि इसी दिन भगवान श्री कृष्ण ने कुरुक्षेत्र के मैदान में अर्जुन को श्रीमद् भगवद् गीता का ज्ञान दिया था। इसलिए इस दिन भगवान विष्णु (श्री कृष्ण) और श्रीमद् भगवद् गीता की पूजा करना विशेष फलदायी होता है।
बिजनौर में सड़क पर टूटी लव स्टोरी! ‘रिश्ता बचाने आया दामाद’… सास ने जड़ दिए चांटे, वीडियो वायरल Bijnor News: बिजनौर जिले के धामपुर कस्बे में बुधवार रात एक प्रेम कहानी सड़क पर खत्म हो गई। रोडवेज बस स्टैंड पर हुए इस हाई-वोल्टेज ड्रामे ने लोगों की भीड़ जुटा दी। गुस्से में पहुंची युवती की मां ने अपने दामाद को सार्वजनिक रूप से थप्पड़ जड़ दिए, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
चार साल पुराना रिश्ता, जो सड़क पर आकर टूटा
जानकारी के अनुसार, बुढ़नपुर गांव की युवती और गजरौला निवासी कपिल पिछले चार साल से एक-दूसरे को जानते थे। दोनों की मुलाकात नौकरी के दौरान हुई थी और दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदल गई। हालांकि, पिछले कुछ हफ्तों से दोनों के बीच मनमुटाव चल रहा था। युवती नाराज होकर अपने घर लौट आई थी और उसने कपिल से बात करना बंद कर दिया था।
बस स्टैंड बना ड्रामे का मंच
रिश्ते को बचाने की कोशिश में कपिल बुधवार रात गजरौला से धामपुर पहुंचा। रात करीब 8 बजे दोनों की मुलाकात रोडवेज बस स्टैंड पर हुई। कपिल ने सुलह की कोशिश की, लेकिन युवती ने इंकार कर दिया। इस पर दोनों के बीच कहासुनी बढ़ी और मामला हाथापाई तक पहुंच गया। इसी दौरान युवती की मां मौके पर पहुंचीं और गुस्से में उन्होंने कपिल को कई थप्पड़ जड़ दिए।
वीडियो वायरल, पुलिस पहुंची मौके पर
मारपीट के दौरान लोगों की भीड़ जमा हो गई और किसी ने पूरा वाकया मोबाइल में रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस हरकत में आई। कोतवाल मृदुल कुमार ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और सभी पक्षों को शांत कराया। इसके बाद कपिल और युवती दोनों को कोतवाली लाया गया।
एक-दूसरे पर लगाए आरोप
युवती की मां का आरोप है कि कपिल उनकी बेटी पर बेवजह पाबंदियां लगाता है और उसे मानसिक रूप से परेशान कर रहा था। वहीं, कपिल का कहना है कि उसने सिर्फ रिश्ता बचाने की कोशिश की, लेकिन लड़की और उसकी मां ने उस पर हमला किया। फिलहाल, पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाकर मामला शांत करा दिया है।