Tuesday, February 17, 2026
Home Blog Page 93

Auraiya News: सर्दी की छुट्टी के बाद शुरू होगा निपुण आकलन

0

औरैया। जिले में चिह्नित 100 के करीब परिषदीय स्कूलों के बच्चों का निपुण आकलन अब सर्दी की छुट्टी के बाद होगा। दिसंबर माह में प्रस्तावित यह अभियान अब 27 जनवरी से शुरू होगा।इसके लिए डीएलएड प्रशिक्षुओं के जनवरी माह के पहले सप्ताह में प्रशिक्षण शुरू हो जाएंगे। महानिदेशक स्कूल शिक्षा की ओर से जारी किए गए निर्देश के बाद जिले में निपुण आकलन की तैयारी शुरू कर दी गई है। परिषदीय विद्यालयों में निपुण आकलन 27 जनवरी से शुरू होंगे।यह आकलन एप के जरिये ऑनलाइन किया जाएगा। इसे फरवरी तक पूरा किया जाना है। इस आकलन में बच्चों के अक्षर ज्ञान बारीकी समझी जाएगी। इसमें सर्वे में कक्षा एक व दो के बच्चों की भाषा व गणित की दक्षता का आकलन करने के लिए इस बार नोटों को चुना गया है।

डीएलएड प्रशिक्षु ऑनलाइन एप के जरिये कक्षा एक के बच्चों को 20 रुपये तक के नोट और सिक्कों की पहचान कराएंगे। इन्हें सही बता पाने वाले बच्चों को ही निपुण माना जाएगा। वहीं कक्षा दो के बच्चों से 100 रुपये तक की नोट की पहचान कराई जाएगी। भाषा में शब्दों की पहचान, मिलाकर शब्दों को पढ़ने की दक्षता भी देखी जाएगी।

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संजीव कुमार ने बताया कि 27 जनवरी से जिले में निपुण आकलन शुरू होगा। इसे लेकर डीएलएड प्रशिक्षुओं का प्रशिक्षण शुरू कराए जा रहे हैं। चयनित स्कूलों में यह काम फरवरी माह में पूरा करा लिया जाएगा।

Auraiya News: सात राजकीय स्कूलों में 37 लाख रुपये से बनेंगी कक्षाएं

0

औरैया। राजकीय स्कूलों में छात्रों की संख्या बढ़ाने की कवायद शुरू कर दी गई है। इसके तहत जिले के सात राजकीय स्कूलों को चुना गया है, जहां 37 लाख रुपये से अतिरिक्त कक्षाओं का निर्माण कराया जाएगा।जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली समिति ने इसका प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। इन स्कूलों में कक्षाएं कम होने से सीटों की संख्या नहीं बढ़ पा रहीं थीं।राजकीय स्कूलों में छात्रों की संख्या न बढ़ने के संदर्भ में प्रधानाचार्याें से बात की गई तो कुछ ने बताया कि स्कूल में अतिरिक्त कक्षाएं नहीं हैं। अगर छात्र बढ़ते भी हैं तो उनको बैठाने की व्यवस्था नहीं है।इस पर जिला विद्यालय निरीक्षक को जांच कर ऐसे स्कूलों की सूची तैयार करने को कहा गया। निरीक्षण कर स्कूलों की व्यवस्थाएं देखीं गईं तो मानपुर, नसीराबाद, करमूपुर, भैसोल, अयाना, एरवाकटरा व सहार में अतिरिक्त कक्षाओं की आवश्यकता महसूस की गई।इन स्कूलों में एक-एकअतिरिक्त कक्षाओं के निर्माण के लिए 37 लाख रुपये खर्च होने का आकलन किया गया। जिला विद्यालय निरीक्षक ने यह प्रस्ताव प्रोजेक्ट अलंकार के तहत जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली कमेटी के समक्ष प्रस्तुत किया। प्रस्ताव पास होने के बाद इन स्कूलों में कक्षाओं का निर्माण शुरू कराया जाएगा।सात राजकीय स्कूलों में अतिरिक्त कक्षाओं की आवश्यकता महसूस की गई थी। इन स्कूलों में छात्र संख्या बढ़ सकती है। जिला विद्यालय निरीक्षक प्रदीप कुमार मौर्य ने बताया कि

कंचौसी/दिबियापुर घने कोहरे ने बिगाड़ी चाल, घंटों देर से पहुंच रहीं ट्रेनें

0

कंचौसी/दिबियापुर। घने कोहरे ने ट्रेनों की चाल मंद कर दी है। इससे एक घंटे का सफर तीन घंटे में पूरा हो रहा है। ऐसे हालात में यात्री थकान महसूस करते हुए परेशान हो रहे हैं। ट्रेनें घंटों देर से आने के कारण यात्री स्टेशन पर बैठने को मजबूर हैं। उधर, फफूंद में कई ट्रेनें लेट रहीं।बृहस्पतिवार की रात दिल्ली से चली फरक्का एक्सप्रेस साढ़े पांच घंटे से अधिक देरी से कंचौसी स्टेशन पर पहुंची। यात्रियों ने बताया कि ट्रेनें लेट होने से यात्रा उबाऊ हो रही है। एक्सप्रेस ट्रेनें पैसेंजर से भी धीमी गति से चल रही हैं। दूरस्थ स्थानों पर जाने वालों के लिए यह स्थिति काफी दिक्कत भरी है। वहीं, चंडीगढ़ से प्रयागराज तक जाने वाली ऊंचाहार एक्सप्रेस भी अपने समय से पांच घंटे की देरी से कंचौसी पहुंची।

इसी तरह दिल्ली की ओर जाने वाली फरक्का और ऊंचाहार एक्सप्रेस अपने समय से कई घंटे की देरी से स्टेशन पहुंची। दैनिक यात्रियों की लाइफ लाइन कही जाने वाली मेमू व पैसेंजर एक से डेढ़ घंटे की देरी से आई। इससे कानपुर, इटावा, लखनऊ, बनारस, फतेहपुर, प्रयागराज, दिल्ली, अछल्दा, रूरा, पनकी धाम, गोविंदपुरी, झींझक, फिरोजाबाद, टूंडला आदि स्थानों पर जाने वाले यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में स्टेशन अधीक्षक दरबारी कुमार ने बताया कि कोहरे की वजह से ट्रेनें लेट चल रही हैं।

उधर, फफूंद स्टेशन पर कई ट्रेनें घंटों लेट आ रही हैं। फफूंद स्टेशन पर शुक्रवार को ऊंचाहार एक्सप्रेस एक घंटा, फफूंद से कानपुर सेंट्रल मेमो एक घंटा, फफूंद से कानपुर सेंट्रल पैसेंजर दो घंटा, आगरा से लखनऊ जाने वाली सुपरफास्ट इंटरसिटी एक्सप्रेस तीन घंटा, टूंडला से कानपुर सेंट्रल मेमू 2:45 घंटा, स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस 2:30 घंटा, नेताजी एक्सप्रेस छह घंटे लेट आईं।

वहीं, गोमती एक्सप्रेस एक घंटा सहित

औरैया धर्म रक्षा के लिए बलिदान देने वाले गुरु गोबिंद सिंह के बेटों की कुर्बानी सुनाकर डीएम ने बच्चों में भरा जोश

0

औरैया। धर्म रक्षा के लिए बलिदान देने वाले गुरु गोबिंद सिंह के पुत्र जोरावर सिंह व फतेह सिंह की स्मृति में शुक्रवार को वीर बाल दिवस मनाया गया।औरैया। धर्म रक्षा के लिए बलिदान देने वाले गुरु गोबिंद सिंह के पुत्र जोरावर सिंह व फतेह सिंह की स्मृति में शुक्रवार को वीर बाल दिवस मनाया गया।कलक्ट्रेट में बच्चों को बुलाकर दिल्ली में आयोजित हुए कार्यक्रम में पीएम के संबोधन को सुनाया गया। इसके बाद बच्चों को दोनों साहिबजादों की कुर्बानी की गाथा सुनाई गई।
वीर बाल दिवस व साहिब गुरु तेग बहादुर के 350वें शहीदी वर्ष पर लखनऊ में हुए कार्यक्रम को भी दिखाया गया। इसके बाद डीएम डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने छात्र-छात्राओं को जोरावर सिंह व फतेह सिंह की कहानी सुनाई। कहा कि गुरु गोबिंद सिंह के बच्चों को इस्लाम न कबूलने पर जिंदा दीवार में चुनवा दिया गया था।

कार्यक्रम में डीएम ने गुरु गोबिंद सिंह व उनके वीर सुपुत्रों के चित्र पर पुष्प अर्पित किए। इस दौरान स्कूल के छात्र-छात्राओं के साथ केक काटा और उन्हें उपहार में लंच बाक्स दिए। इस मौके पर सीडीओ संत कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी सुरेंद्र कुमार त्रिपाठी, जिला प्रोबेशन अधिकारी अशोक कुमार समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

बिधूना अछल्दा रेलवे क्रॉसिंग परमिनट बंद रही क्रॉसिंग जाम से जूझते रहे राहगीर

0

बिधूना। अछल्दा रेलवे क्रॉसिंग पर शुक्रवार दोपहर 45 मिनट तक क्रॉसिंग बंद रही। इससे क्रॉसिंग के दोनों तरफ जाम लग गया। लोगों को जाम की समस्या से जूझना पड़ा।दिल्ली-हावड़ा रूट के अछल्दा रेलवे क्रॉसिंग पर शुक्रवार दोपहर लगभग एक बजे फाटक बंद हुआ। इसके बाद लगातार ट्रेनों के आवागमन से देर तक फाटक नहीं खोला गया। ऐसे में अछल्दा-फफूंद व बिधूना मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। दोपहर लगभग 1:45 बजे फाटक खोला गया। इस दौरान जल्दी निकलने की होड़ में ट्रैक पर बाइकों ने बड़े वाहनों का रास्ता रोक लिया। इससे यहां भी लोगों को काफी देर तक जाम से जूझना पड़ा।

मौके पर आरपीएफ व पीआरडी किर्मयों ने वाहनों को हटवाकर यातायात सामान्य करवाया। राहगीरों ने बताया कि जाम के चलते पैदल निकलने में भी परेशानी का सामना करना पड़ा।

यूपी: पूरे प्रदेश के स्कूल-कॉलेजों में आज अवकाश घोषित, बीएसए और जिला विद्यालय निरीक्षकों को आदेश जारी

0

Holiday on December; 27 दिसंबर को पूरे प्रदेश के स्कूल और कॉलेजों में अवकाश रहेगा। शासन के द्वारा सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों और बीएसएस को इससे सूचित करा दिया गया है। गुरु गोबिंद सिंह की जयंती पर शनिवार को राजधानी के सभी बेसिक और माध्यमिक शिक्षण संस्थानों में छुट्टी रहेगी। माध्यमिक शिक्षा विभाग के निर्देश पर जिला विद्यालय निरीक्षण ने सभी प्रधानाचार्यों को आदेश जारी किया गया है। आदेश के अनुसार, उत्तर प्रदेश शासन की ओर से घोषित अवकाशों की सूची में 27 दिसंबर को गुरु गोबिंद सिंह जयंती पर छुट्टी शामिल की गई है। इस आधार पर सभी विद्यालयों में अवकाश रहेगा।

एडेड महाविद्यालयों के 115 शिक्षकों को मिला एकल तबादला

उच्च शिक्षा विभाग ने लंबे समय से इंतजार कर रहे अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) महाविद्यालयों के शिक्षकों को एकल तबादले का लाभ दिया है। इसके तहत 115 शिक्षकों को तबादले का लाभ मिला है। इसमें प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर व एसोसिएट प्रोफेसर शामिल हैं। उच्च शिक्षा विभाग के संयुक्त सचिव शकील अहमद सिद्दीकी की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि एकल तबादले की अनुमति दोनों महाविद्यालयों के प्रबंध तंत्र की अनापत्ति के आधार पर दी गई है। इससे संबंधित पूरा उत्तरदायित्व संबंधित प्रबंध तंत्र का होगा। इस संबंध में कोई भी सूचना गलत पाए जाने पर एकल तबादले का आदेश स्वत: निरस्त माना जाएगा।

: कोहरे में नहीं दिखी सड़क…शारदा नदी में घुसी कार, माझी और साधुओं ने बचाई चार युवकों की जान; देखें वीडियो

0

पीलीभीत के पूरनपुर क्षेत्र में शुक्रवार रात हादसा हो गया। शारदा पार इलाके जा रहे कार कोहरे के कारण सड़क से उतरकर शारदा नदी में घुस गई। कार में सवार चार युवक किसी तरह बाहर निकले और कार के ऊपर खड़े होकर चीखने लगे। नदी किनारे रहने वाले कल्पवासी साधुओं के सहयोग माझी ने चारों युवकों को बाहर निकाला। उत्तराखंड के खटीमा से शारदा पार जा रही कार शुक्रवार रात घने कोहरा के कारण शारदा नदी में घुस गई। हादसा पीलीभीत के पूरनपुर क्षेत्र में धनारा घाट के समीप हुआ। कार में चार युवक सवार थे। नदी में घुसी कार से निकलकर चारों युवक कार के ऊपर खड़े होकर आधा घंटा तक चीखते रहे। उनकी आवाज सुनकर स्थानीय युवक व वहां कल्पवास कर रहे साधुओं ने चारों युवकों को बांस के सहारे सुरक्षित बाहर निकाला और उनकी जान बचाई।जानकारी के मुताबिक लखीमपुर खीरी के संपूर्णनगर निवासी अर्जुन गुप्ता, अभिषेक गुप्ता, आदित्य वर्मा, अनंत रघुवंशी कार में सवार होकर खटीमा से शारदा पार जा रहे थे। घने कोहरे के कारण उनकी कार सड़क से उतरकर शारदा नदी में घुस गई। कार सवार युवक गाड़ी के शीशे खोलकर बमुश्किल बाहर निकले और कार के ऊपर चढ़कर मदद के लिए चीखने लगे।

बांस के सहारे युवकों को बाहर निकाला

नदी किनारे कुछ दूरी पर दुकान चलाने वाले गांव चंदिया हजारा निवासी पप्पू ने उनकी आवाज सुनकर घटना की जानकारी कल्पवास पर नदी किनारे रहने वाले बाबा राघवदास व अन्य साधुओं को दी। बाबा राघवदास ने मौके पर पहुंचकर नदी घाट पर रहने वाले बबलू माझी को फोन कर घटना की जानकारी देकर मौके पर बुलाया। बबलू माझी ने साधुओं के सहयोग से लंबे बांस के सहारे चारों युवकों को बमुश्किल नदी के बाहर निकाला।

 

नदी में भीगने से चारों युवक ठिठुर रहे थे। बाबा राघवदास ने आग जलाई, तब जाकर युवकों को राहत मिली। बाद में सूचना पर पहुंची पुलिस चारों युवकों को अपने साथ ले गई। हजारा एसओ शरद यादव ने बताया कि कार में लखीमपुर के संपूर्णनगर के युवक थे, जिनको घर भिजवा दिया गया है। रात में नदी से कार को नहीं निकाला जा सका। वहीं शनिवार सुबह घटना की जानकारी पर तमाम लोग नदी में डूबी कार को देखने पहुंचे। पुलिस ने कार को नदी से बाहर निकालने के लिए प्रयास शुरू किए।

: कोहरे में नहीं दिखी सड़क…शारदा नदी में घुसी कार, माझी और साधुओं ने बचाई चार युवकों की जान; देखें वीडियो

UP: कार्बाइड गन से पूर्वांचल में 65 बच्चों की आंखों की रोशनी गई, दीपावली पर 300 रुपये में बिक रही थी बंदूक

0

पूर्वांचल में कार्बाइड गन से 65 बच्चों की आंखों की रोशनी चली गई। इनमें 30 बच्चे 14 साल से कम उम्र वाले हैं। दिवाली पर कार्बाइड गन का जमकर इस्तेमाल हुआ था। बीएचयू और बनारस के निजी अस्पतालों में इनका इलाज चल रही है। दीपावली पर प्लास्टिक से बनी कार्बाइड गन से पूर्वांचल के 65 बच्चों की आंखों की रोशनी चली गई है। इनकी रोशनी वापस लाने का अब सर्जरी ही विकल्प है। यूट्यूब पर देखकर 300 रुपये में प्लास्टिक के पाइप से बनाई इस गन का दो महीने पहले दिवाली पर जमकर उपयोग किया गया। आंखें जख्मी हुईं तो पूर्वांचल और बिहार से बच्चों को बीएचयू, बनारस के बाकी अस्पतालों में इलाज के लिए लाया गया। इनमें से 30 से ज्यादा बच्चों की उम्र 5 से 14 साल है। 18 से 23 साल के 10 युवाओं की आंखों की रोशनी भी गई है।कार्बाइड के चलते इन बच्चों के आंखों की काली पुतली आपस में चिपक गई। इन बच्चों का दो महीने से इलाज चल रहा है। कुछ बच्चों की सर्जरी बीएचयू के क्षेत्रीय नेत्र संस्थान में जनवरी के दूसरे हफ्ते में होना है।

दीपावली पर वाराणसी सहित आजमगढ़, गाजीपुर,मऊ, बलिया, जौनपुर सहित अन्य जिलों में बच्चों ने प्लास्टिक वाली कार्बाइड गन का जमकर इस्तेमाल किया है। बाजार में जहां पटाखे की गोली छोड़ने के लिए बंदूक 500 रुपये और उससे ज्यादा कीमत पर मिलती थी, वहीं बच्चों ने सोशल मीडिया पर कार्बाइड वाली गन बनाने का तरीका देख खुद बनाई है।

 

इनमें 300 रुपये के समान का इस्तेमाल किया। कुछ छोटे कस्बों में ठेले और छोटे दुकानदारों ने भी इसे बेचा है।

 

बीएचयू में डेढ़ महीने में 40 बच्चों का हुआ इलाज

बीएचयू के क्षेत्रीय नेत्र संस्थान के विभागाध्यक्ष प्रो. आरपी मौर्य ने बताया कि दीपावली के एक सप्ताह पहले और उसके 15 दिन बाद तक ऐसे केस आए। पिछले डेढ़ महीने में करीब पटाखे जलाने से आंख में चोट लगने वाले करीब 40 बच्चों, युवाओं का इलाज किया गया।

 

इनमें 22 केवल कार्बाइड गन से चोटिल हुए थे। पूर्वांचल के साथ ही कुछ बच्चे बिहार के अलग-अलग जिलों से आए थे। 80 फीसदी ऐसे लोग चोटिल हुए जो कार्बाइड गन चला रहे थे जबकि 20 फीसदी ऐसे लोग भी चोटिल हुए जो कि गन चलाते हुए देख रहे थे।

 

 

बीएचयू में ही बाकी नेत्र रोग के डॉक्टरों के पास भी 18 ऐसे मरीज पहुंचे हैं। बीएचयू के ही प्रो. प्रशांत भूषण और डॉ दीपक मिश्रा ने अलग-अलग दिनों में चली ओपीडी में करीब 10 से ज्यादा बच्चों को देखा है। जांच कराई तो पता चला कि बच्चों के आंखों की काली पुतली ही चिपक गई थी।

 

नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ अनुराग टंडन ने दिसंबर में आजमगढ़ के छह साल के बच्चे की सर्जरी की है। अक्तूबर से अब तक तीन ऐसी सर्जरी वो कर चुके हैं। एक बच्चे की उम्र छह साल, एक की 8 और तीसरे बच्चे की उम्र 10 साल है।

 

दो और बच्चों की सर्जरी होनी है। डॉ. टंडन के मुताबिक, आंख में कार्बाइड के कण चले जाने से आंख में काली पुतली खराब हो गई थी। काली पुतली एक पारदर्शी झिल्ली होती है। उसके खराब होने से आंखों की रोशनी चली जाती है। इसके ठीक होने की संभावना बहुत ही कम होती है। ऐसे मामले में नेत्र प्रत्यारोपण ही एक विकल्प होता है।

कहां कितने बच्चों का इलाज

बीएचयू में 40

डॉ अनुराग टंडन के यहां 5

डॉ आर के ओझा के यहां 10

डॉ सुनील शाह के यहां 10

(इसके अलावा भी कुछ बच्चे निजी अस्पतालों में इलाज के लिए पहुंचे हैं)

बीएचयू ने किया शोध, गुवाहाटी के सम्मेलन में भेजा

बीएचयू ने इस पर शोध कराया है जिसको गुवाहाटी में आयोजित दो दिवसीय अखिल भारतीय नेत्र चोट संस्थान के वार्षिक सम्मेलन में रेजिडेंट डॉक्टर प्रेरणा चौधरी शोध पत्र प्रस्तुत करेंगी। क्षेत्रीय नेत्र संस्थान के प्रो. दीपक मिश्रा ने बताया कि दीपावली के बाद से ही कार्बाइड वाली गन से चोटिल बच्चों के आने का सिलसिला शुरू हुआ था।

 

नेत्र चिकित्सकों की संस्था भारतीय नेत्र संगठन (इंडियन आप्थोलोमाजिकल सोसाइटी) की ओर से देश के 20 डॉक्टरों की टीम गठित की गई है। डॉक्टर कार्बाइड गन के प्रयोग से लगने वाली चोट आदि का अध्ययन कर रहे हैं।

कानपुर के बिठूर गांव मे पति को पीटते-पीटते बेलन टूटा तो बट्टे से किए 26 वार; UP: ‘बेटे का माथा चूम बोली- बड़ी गलती हुई’,

0


पुलिस ने महिला को गिरफ्तार कर कोर्ट के आदेश पर जेल भेज दिया। जेल जाने से पहले आरोपी महिला ने बेटे जैन का माथा चूमा और बोली बहुत बड़ी गलती हो गई… मेरे बच्चे का ध्यान रखना। इस मामले में देवर संतोष ने हत्या की एफ दर्ज कराई थी।

UP: लड़कों के फोन और हाफ पैंट पहनने पर बैन… मैरिज होम में शादी पर लगे रोक; पंचायत में खाप चौधरियों का फरमान

0

बागपत में खाप चौधरियों की पंचायत हुई। इसमें यह भी कहा गया कि 18 साल से कम उम्र के लड़कों के स्मार्टफोन रखने और हाफ पैंट पहनने पर बैन लगाया जाएगा। इसके अलावा शादी का निमंत्रण व्हॉट्सएप पर ही स्वीकार किया जाएगा। बागपत स्थित बड़ौत में खाप चौधरियों ने पंचायत कर बड़ा निर्णय लिया है, जिसमें लड़के के स्मार्टफोन से लेकर हाफ पैंट पहनने तक पर बैन लगाने का निर्णय गया है। साथ ही मैरिज होम में शादी को लेकर भी आपत्ति जताते हुए रोक लगाने की बात कही गई खाप चौधरियों की पंचायत में फैसला लिया गया कि लड़के और लड़कियां एक समान हैं। लड़कों के भी स्मार्टफोन रखने व हाफ पैंट पहनने पर भी पूरी तरीके से बैन लगाया जाएगा। क्योंकि लड़के हाफ पैंट पहनकर घरों और घरों से बाहर रहते हैं, जो समाज पर बुरा प्रभाव डालते हैं और यह गलत है।

पंचों ने कहा कि 18 साल से कम उम्र के लड़के को फोन देना ठीक नहीं है। खाप चौधरी ने कहा कि शादियां गांव में और घरों में ही होना ठीक हैं। मैरिज होम में शादी होने के कारण शादियां टूट जाती हैं, साथ ही व्हाट्सएप पर ही शादी के निमंत्रण कार्ड को स्वीकार करने का फैसला लिया गया।

पंचायत में मौजूद पंचों ने कहा कि इस फैसले को पूरे उत्तर प्रदेश में समाज हित को देखते हुए लागू किया जाएगा। सभी अन्य खापों से भी संपर्क कर इसे एक अभियान के रूप में चलाया जाएगा। इतना ही नहीं राजस्थान में लिए गए पंचायत के फैसले को भी सही ठहराया गया