Tuesday, February 24, 2026
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घूसखोरी मामला: कंपनियों तक बिचौलिये पहुंचाते थे टेंडर के गोपनीय दस्तावेज, तय होता था कमीशन; बड़ा खुलासा

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10 लाख की रिश्वतखोरी के मामले में लखनऊ में सीबीआई की तफ्तीश में बड़ा खुलासा हुआ है। वाटर एंड पावर कंसल्टेंसी सर्विसेज लिमिटेड (वापकोस) के आरोपी अफसर टेंडर की गोपनीय जानकारी व दस्तावेज बिचौलिये को देते थे। बिचौलिओं के जरिये डील होने के बाद ये अहम जानकारी ठेका लेने वाली कंपनियों को दी जाती थी। इसके बाद टेंडर प्रक्रिया में सिर्फ औपचारिकता होती थी।सीबीआई ने शनिवार को वापकोस के प्रोजेक्टर मैनेजर पंकज दुबे, इकाना इंटरप्राइज के प्रोपराइटर बबलू सिंह यादव, बिचौलिये राहुल वर्मा व बबलू के अलावा पंकज के ड्राइवर शुभम पाल को गिरफ्तार किया था।

इस तरह पूरा रैकेट करता था काम

उड़ीसा में इमली प्रसंस्करण इकाई का 11.81 करोड़ रुपये का ठेका देने के एवज में बबलू बिचौलिओं के जरिये रिश्वत की किस्त की ये रकम पंकज को पहुंचा रहा था। एफआईआर में एक और बिचौलिया गोपाल मिश्रा भी नामजद है। जांच में सामने आया कि जो भी टेंडर निकलते थे, उसकी पूरी गोपनीय जानकारी पंकज, गोपाल को देता था।

गोपाल उन कंपनियों से संपर्क करता था, जो टेंडर के लिए इच्छुक होती थीं। जो कंपनी टेंडर की अपेक्षा 6-10 प्रतिशत रिश्वत देने को तैयार होती थी, उनसे वह डील फाइनल करता था। फिर उससे टेंडर संबंधी पूरी जानकारी साझा करता था। कंपनी उसी आधार पर टेंडर प्रक्रिया में शामिल होती थी। इससे उसको टेंडर मिल जाता था। इकाना इंटरप्राइज को मिले टेंडर में भी इसी तरह का खेल हुआ।

गोपाल के पास यूपी और दिल्ली की थी जिम्मेदारी

कई वर्षों से वापकोस के आरोपी अफसर रिश्वतखोरी का खेल करते आ रहे थे। अब तक करोड़ों रुपये की रिश्वत ले चुके हैं। खुद न फंसें इसलिए बिचौलियों के जरिये ही डील होती थी। जांच के मुताबिक गोपाल मिश्रा यूपी और दिल्ली की कंपनियों के ठेकेदारों से संपर्क करता था। इन दोनों प्रदेशों की जिम्मेदारी उसी के पास थी।

रिश्वत के होते थे तीन हिस्से

सीबीआई के केस में वापकोस के पंकज दुबे के अलावा भबद्युत्ती भूटिया व अभिषेक ठाकुर भी आरोपी हैं। रिश्वत की जो रकम मिलती थी, उसके बराबर के तीन हिस्से करते थे। हालांकि जांच में ये भी पता चला है कि कुछ मामलों में पंकज अधिक रकम लेता था। डील भी सबसे अधिक वही करता था, क्योंकि विभाग की अहम जिम्मेदारी उसी के पास थी। मामले में ईडी की भी इंट्री हो सकती है, क्योंकि बड़ी रकम का खेल ये गिरोह कर चुका है।

बिजली निजीकरण: निजी क्षेत्र को दी जाएंगी छह जल विद्युत परियोजनाएं, 42 साल के लिए लीज पर देने का टेंडर हुआ जारी

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उत्तर प्रदेश सरकार छह लघु जल विद्युत परियोजनाओं को 42 वर्ष के लिए निजी क्षेत्र को लीज पर देने की तैयारी में है। इसके लिए उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम ने टेंडर जारी कर दिया है। टेंडर के अनुसार 1.5 करोड़ रुपये प्रति मेगावाट के अग्रिम प्रीमियम पर निजी कंपनियों को परियोजनाएं सौंपी जाएंगी और वे 42 वर्षों तक उनका संचालन करेंगी।प्रदेश में 300 मेगावाट की रिहंद, 99 मेगावाट की ओबरा, 72 मेगावाट की माताटीला (ललितपुर) और 72 मेगावाट की खारा जल विद्युत परियोजनाएं पहले से संचालित हैं। इसके अतिरिक्त छह लघु जल विद्युत परियोजनाएं भी हैं, जिनके पास करोड़ों रुपये मूल्य की जमीन और अन्य संपत्तियां हैं। लीज पर प्रस्तावित परियोजनाओं में भोला (2.7 मेगावाट), सलावा (3 मेगावाट), निर्गजनी (5 मेगावाट), चित्तौरा (3 मेगावाट), पलरा (0.6 मेगावाट) और सुमेरा (1.5 मेगावाट) शामिल हैं। ये सभी अपर गंगा नहर पर स्थित लगभग 90 से 97 वर्ष पुरानी परियोजनाएं हैं।

वहीं, टेंडर जारी होते ही ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े संगठनों ने इसका विरोध शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि परियोजनाएं राज्य सरकार के अधीन ही रहनी चाहिए, क्योंकि निजी कंपनियों की नजर इनके साथ जुड़ी बेशकीमती जमीन और संपत्तियों पर भी है। संगठनों ने मुख्यमंत्री से मामले में हस्तक्षेप की मांग की है।

टेंडर निरस्त होने तक आंदोलन जारी रहेगा- एआईपीईएफ

ऑल इंडिया पॉवर इंजीनियर्स फेडेरेशन के अध्यक्ष शैलेंद्र दुबे ने छह लघु जल विद्युत परियोजनाओं को 42 वर्षों के लिए निजी कंपनियों को लीज पर देने के निर्णय का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि अपर गंगा नहर में वर्षभर पानी उपलब्ध रहता है, जिससे इन परियोजनाओं में लगातार बिजली उत्पादन संभव है।

सीमित निवेश से इनके पुनरुद्धार और आधुनिकीकरण का खर्च एक वर्ष में निकाला जा सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि टेंडर में स्थापित क्षमता 15.5 मेगावाट के बजाय 6.3 मेगावाट दर्शाई गई और संपत्तियों का मूल्य कम आंका गया है। उन्होंने टेंडर निरस्त होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी है।

आरक्षण खत्म करने की साजिश- पावर ऑफिसर्स एसोसिएशन

पॉवर ऑफिसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष आरपी केन और कार्यवाहक अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने आरोप लगाया कि लघु जल विद्युत परियोजनाओं को लीज पर देना निजीकरण की नई रणनीति है। उनका कहना है कि इससे कर्मचारियों की छंटनी होगी और आरक्षण व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। निजी कंपनियां अपनी शर्तों पर नियुक्तियां करेंगी तथा सरकारी संपत्तियों के दुरुपयोग की आशंका है। उन्होंने मुख्यमंत्री से टेंडर निरस्त कर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

इग्नू में प्रवेश की अंतिम तिथि फिर बढ़ी, अब छात्र 28 फरवरी तक कर सकेंगे आवेदन

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औरैया। तिलक महाविद्यालय में संचालित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) के जनवरी 2026 सत्र में प्रवेश की प्रक्रिया को अब और गति मिलने वाली है। प्रवेश की अंतिम तिथि बढ़ाकर 28 फरवरी कर दी गई है।

तिलक महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. डा. रवि कुमार ने बताया कि इग्नू का पाठ्यक्रम न केवल शिक्षा प्रदान करता है बल्कि यह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में भी अत्यंत महत्त्वपूर्ण और सहायक है।

समन्वयक उपनिदेशक डा. अनामिका सिन्हा ने जानकारी दी कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति के उन विद्यार्थियों को शुल्क में 50 प्रतिशत छूट दी जाएगी, जिनकी वार्षिक पारिवारिक आय 2.50 लाख रुपये से कम है।

अध्ययन केंद्र पर हिंदी, अंग्रेजी, समाजशास्त्र, राजनीति विज्ञान, इतिहास जैसे पारंपरिक विषयों के साथ-साथ विभिन्न आनर्स पाठ्यक्रम एवं रोजगारपरक डिप्लोमा कोर्स भी एक्टिवेट हैं।

इग्नू समन्वयक डा. राजेश कुमार का कहना है कि उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा और अपने करियर को नई दिशा देने के लिए विद्यार्थी समय रहते तिलक महाविद्यालय औरैया केंद्र पर संपर्क करें। 28 फरवरी तक प्रवेश लें।v

औरैया के नवी मोहन गांव में शुक्रवार देर रात 24 भेड़ों की धारदार हथियार से हत्या ,दहशत में पशुपालक

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सहायल(औरैया)। नवी मोहन गांव में शुक्रवार देर रात किसी ने बाड़े में घुसकर 24 भेड़ों की धारदार हथियार से हत्या कर दी। अन्य पर प्रहार कर घायल कर दिया। शनिवार सुबह पहुंचे पशुपालक ने घटना पता लगने पर यूपी-112 पर सूचना दी। सहायल थाने से पहुंची पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण करते हुए छानबीन की। घायल भेड़ों का उपचार पशु चिकित्सकों ने किया। पशु क्रूरता को देखकर ग्रामीण व अन्य पशुपालक दहशत में नजर आए।

पशुपालक राम लखन ने बताया कि बाड़े से कुछ दूर पर उनका घर है। रोज की तरह वह भेड़ों का चारा देने के बाद घर चले गए। बाड़े में कुल 70 भेड़ें थीं। शनिवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे उन्हें देखने गया तो 24 मृत मिली। किसी ने धारदार हथियार से उन्हें मार डाला था। जबकि, 15 के करीब घायल मिलीं। जानकारी होने पर घटनास्थल पर सहायल थानाध्यक्ष विनोद राजपूत, दारोगा राजीव सिंह और लेखपाल पवन दीक्षित पहुंचे। वहीं घायल भेड़ों के इलाज में पशु चिकित्सक जुट गए हैं। पुलिस पूरे मामले की जांच में लगी है।

घटना को देखते हुए गांव के ही कुछ अन्य पशुपालकों से पूछताछ की गई। कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिए जाने की चर्चा भी रही। फिलहाल, पुलिस का मानना है कि किसी रंजिश में घटना को अंजाम दिया गया है। थानाध्यक्ष विनोद राजपूत ने बताया मामले की जांच से की जा रही है। जल्द ही आरोपित को पकड़ा जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर भेड़ों की मौत के पीछे की वजह पता लग सकेगी।

औरैया में पांच वर्षीय मासूम से हैवानियत, 10 रुपये का लालच देकर किया कुकर्म

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बिधूना (औरैया)। घर से खेत की ओर जा रहे पांच साल के मासूम से बाइक सवार युवक ने कुकर्म किया। 10 रुपये देने का लालच देकर आरोपित उसे कुछ दूर खेत में ले गया। वहां जाकर हैवानियत की। घटना कुदरकोट क्षेत्र के एक गांव में रविवार दोपहर एक बजे के बाद की है।

बच्चे के घर पहुंचने पर उसे रोता देख स्वजन ने जानकारी की तो घटना पता लगी। यूपी-112 पर सूचना दी गई। कुदरकोट थाना समेत बिधूना कोतवाली की पुलिस पहुंची। उपचार और मेडिकल परीक्षण के लिए बच्चे को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बिधूना लाया गया। नाती के साथ हुई घटना के संबंध में दादा ने तहरीर दी। आरोपित की तलाश में पुलिस लग गई है।

कुदरकोट क्षेत्र के एक गांव निवासी पांच वर्षीय मासूम व उसका भाई घर पर अकेले थे। उसके स्वजन खेत पर काम करने गए थे। दोपहर में उनके पास जाने के लिए मासूम निकले थे। रास्ते में उसे एक अपाचे बाइक सवार युवक मिला। उसने बच्चों को अकेला पाकर खेत तक छोड़ देने की बात कही। पैदल चलने से थक चुके मासूमों ने उसकी बात मान ली।

एक बच्चे का फायदा उठा उसे कुछ दूर पर ले जाकर खेत में ले गया। आरोप है कि युवक ने उसके साथ कुकर्म किया। उसे रोता वहीं छोड़ भाग निकला। काफी देर तक बच्चा खेत में दर्द से सिसकता रहा। जैसे-तैसे घर पहुंचा और उसके कपड़ों की हालत व पीड़ा को देख स्वजन ने जानकारी की। उसने रोते हुए पूरी बात बताई।

इसके बाद यूपी-112 पर सूचना देकर पुलिस को घटना बताई गई। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक मुकेश बाबू चौहान ने बताया कि मामले की जांच कराई जा रही है। बच्चे के स्वजन से पूछताछ की गई। उन्होंने युवक द्वारा कुकर्म किए जाने की बात कही। मुकेश बाबू का कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट आने पर आरोपों की पुष्टि हो सकेगी।

नाती के साथ हुई घटना दादा ने तहरीर में बताई

नाती के साथ हुई घटना को लेकर दादा ने तहरीर दी। उन्होंने पुलिस को बताया कि पत्नी गेहूं के खेत पर पानी लगाने के लिए गई थी। घर पर दोनों नाती थे। एक की उम्र सात तो दूसरा करीब पांच वर्षीय है। दोनों दादी के पास जाने के लिए घर से निकले थे। लिफ्ट देने के साथ रुपये का लालच देकर दोनों को बाइक पर बैठा लिया गया। पांच वर्षीय नाती के साथ गलत हरकत की गई है।

ठगे जा रहे राजधानी लखनऊ के विद्युत उपभोक्ता, उनको जानकारी ही नहीं और पोस्ट से Pre Paid हो रहे बिजली मीटर

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लखनऊ : उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड इस समय अपने उपभोक्ताओं को अंगुलियों पर नचा रहा है। जी हां कभी बेहतर बिजली के लिए घंटों शटडाउन तो भी पोस्ट पेड से प्री पेड मीटर करने का काम किया जा रहा है।

उपभोक्ताओं ने कारण पूछा तो बताया गया कि एरियल बंच केबल लगाया जा रहा है। इससे तारों का मकड़जाल हटेगा और लाइन लास व बिजली चोरी रुकेगी। डेढ़ वर्ष यह पूरा कार्यक्रम रिवैम्प डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम योजना के तहत चला। उपभोक्ता अभी इससे उबरे ही थे कि अब मीटर बदलने शुरू हो गए।

विरोध किया तो उनकी बिजली काट दी

उपभोक्ताओं ने विरोध किया तो उनकी बिजली काट दी गई और कानूनी दांव पेंच बताए गए। यही नहीं मीटर की खूबियां भी बताई गई। उपभोक्ता ने मीटर लगवाने शुरू कर दिए। स्मार्ट मीटर उपभोक्ता के परिसर में लगे ही थे कि डेढ़ से दो माह में मीटरों को प्री पेड करना शुरू कर दिया।
उपभोक्ता उपेन्द्र ने बिजली उपकेंद्र पर जाकर पूछा कि उनका बिजली बिल नहीं आया है तो अभियंता इसका जवाब नहीं दे सके। फिर किसी तरह मालूम हुआ कि मीटर प्री पेड कर दिया गया है। इसी कारण बिल नहीं आ रहा है और सिक्योरिटी से बिल कट रहा है और खत्म होते ही बिल माइनस में जाएगा और फिर भी जमा नहीं किया तो कनेक्शन कट जाएगा।

मीटर रातों रात प्री पेड

ऐसे सैकड़ों उपभोक्ता परेशान है, क्योंकि उपभोक्ता के मीटर रातों रात प्री पेड हो जा रहे हैं। उपभोक्ताओं का तर्क है कि अगर निजी एजेंसी जो मीटर लगा रही है वह पंजीकृत मोबाइल नंबर पर फोन करके सिर्फ बता दें कि आपका मीटर प्री पेड कर दिया जा रहा है और अधिक जानकारी के लिए इस नंबर पर संपर्क करके रिचार्ज करने के तरीके या संबंधित एप से जानकारी ले सकते हैं।

ऐसा कुछ नहीं किया जा रहा है। इससे उपभोक्ता परेशान हैं। विभाग के अधिकारी कह रहे हैं कि हेल्पलाइन नंबर 1912 पर शिकायत करे। करीब पंद्रह लाख राजधानी में बिजली उपभोक्ता हैं, सभी के मीटर को प्री पेड करने की योजना है।

सीएम योगी सिंगापुर की 25 और जापान की 8 बड़ी कंपनियों से करेंगे मुलाकात, डेटा सेंटर से लेकर ऑटोमोबाइल तक पर रहेगा फोकस

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लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपनों के उत्तर प्रदेश को ‘मैन्युफैक्चरिंग हब ऑफ इंडिया’ बनाने के लक्ष्य के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सिंगापुर और जापान के चार दिवसीय दौरे पर आज रवाना होंगे। 2017 की म्यांमार यात्रा के बाद यह मुख्यमंत्री का पहला विदेशी दौरा होगा, जिसे प्रदेश की निवेश कूटनीति और औद्योगिक विस्तार की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 23-24 फरवरी को सिंगापुर और 25-26 फरवरी को जापान प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री 33 वैश्विक कंपनियों के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर प्रदेश में निवेश, तकनीकी सहयोग और औद्योगिक विस्तार के नए अवसरों पर चर्चा करेंगे।

 

इस यात्रा की खास बात यह होगी कि मुख्यमंत्री जी-टू-बी (गवर्नमेंट टू बिजनेस) बैठकों और राउंड टेबल मीटिंग के जरिए निवेशकों से सीधे संवाद करेंगे। यूपी के सीईओ की तरह वे निवेशकों से प्रदेश के औद्योगिक रोडमैप, नीति स्थिरता और कारोबारी संभावनाओं पर स्पष्ट और परिणाम केंद्रित बातचीत करेंगे। प्रवासी भारतीयों और उत्तर प्रदेश वासियों को संबोधित करने के साथ वे स्कूली बच्चों से भी संवाद करेंगे और प्रदेश की विकास यात्रा साझा करेंगे।

 

सरकार का मानना है कि 25 करोड़ नागरिकों की शक्ति उत्तर प्रदेश को उत्पादन और उपभोग दोनों का केंद्र बनाती है। विशाल श्रमबल, बड़ा बाजार और तेजी से विकसित हो रहा इंफ्रास्ट्रक्चर ‘मैन्युफैक्चरिंग हब ऑफ इंडिया’ के विजन की मजबूत आधारशिला हैं।

 

सिंगापुर की 25 कंपनियों के प्रतिनिधियों से मिलेंगे सीएम योगी

सिंगापुर प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री 25 कंपनियों के प्रतिनिधियों से मिलेंगे। गूगल और एसटीटी ग्लोबल जैसे निवेशकों के साथ डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर, जापफा ग्रुप और ओलम इंटरनेशनल के साथ एग्रीबिजनेस, मैपलट्री और एआई सैट्स के साथ लॉजिस्टिक्स नेटवर्क तथा एवीपीएन, जीएससी ग्रीन्स और ईडीपीआर सनसीप के साथ क्लीन व सौर ऊर्जा निवेश पर चर्चा होगी।

 

ग्रीनफील्ड वेंचर्स और ड्रीमट्रस्ट के साथ हॉस्पिटैलिटी व थीम पार्क, यूनिवर्सल सक्सेस ग्रुप के साथ पैकेजिंग, सेम्बकॉर्प के साथ इंडस्ट्रियल पार्क और सिंगापुर एयरलाइंस इंजीनियरिंग कंपनी के साथ एविएशन क्षेत्र में सहयोग की संभावनाएं तलाशी जाएंगी। टेमासेक, जीआईसी और ब्लैकस्टोन जैसे वैश्विक निवेश फंड्स के साथ पूंजी निवेश, जबकि फुलर्टन फाइनेंशियल, डीबीएस बैंक और वर्टेक्स वेंचर्स के साथ फिनटेक व स्टार्टअप सहयोग पर भी बातचीत होगी।

जापान में आठ प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे मुख्यमंत्री
जापान प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री आठ प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे। कुबोटा और सुजुकी के साथ ऑटोमोबाइल निवेश, टोक्यो इलेक्ट्रॉन के साथ सेमीकंडक्टर, तोशिबा के साथ इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग तथा टोयो डेंसो, जापान एविएशन इलेक्ट्रॉनिक्स और नागासे एंड कंपनी के साथ ऑटोमोबाइल सप्लाई चेन सहयोग प्रमुख एजेंडा रहेंगे। कनाडेविया के साथ ग्रीन हाइड्रोजन और मारुबेनी के साथ हॉस्पिटैलिटी व रियल एस्टेट निवेश पर भी चर्चा होगी।

जी-टू-बी और राउंड टेबल बैठकों के जरिए करेंगे संवाद
दौरे के दौरान आयोजित जी-टू-बी और राउंड टेबल बैठकों में मुख्यमंत्री प्रदेश की औद्योगिक नीति, भूमि बैंक, एक्सप्रेसवे नेटवर्क, लॉजिस्टिक्स व्यवस्था और कौशल विकास से जुड़े पहलुओं पर निवेशकों के साथ संवाद करेंगे। सरकार को उम्मीद है कि इन बैठकों से निवेश प्रस्तावों को गति मिलेगी और संयुक्त परियोजनाओं का रास्ता साफ होगा। मुख्यमंत्री की यह यात्रा न केवल निवेश आकर्षित करने का प्रयास है, बल्कि वैश्विक मंच पर ‘ब्रांड यूपी’ को सशक्त रूप से स्थापित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने में अहम कदम
चार दिन के इस दौरे में मुख्यमंत्री निवेशकों के सामने नए उत्तर प्रदेश की तस्वीर रखेंगे, जहां मजबूत कानून व्यवस्था, नीति स्थिरता और तेज कनेक्टिविटी निवेश के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान कर रही है। मुख्यमंत्री का यह दौरा प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ाने और ‘मेक इन यूपीवन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था’ को वैश्विक स्तर पर मजबूती देने में अहम साबित हो सकता है।

‘सत्ता की मास्टर Key’ के लिए तन-मन-धन से करें संघर्ष, देश में बेहतर राजनीतिक माहौल की जरूरत: मायावती

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लखनऊ। बसपा प्रमुख मायावती ने रविवार को पार्टी की आल इंडिया बैठक में संगठन को मजबूत करने और ‘सत्ता की मास्टर चाबी’ हासिल करने के लिए तन, मन और धन से संघर्ष तेज करने का आह्वान किया। सात फरवरी को प्रदेश में हुई बड़ी बैठक के बाद आयोजित इस समीक्षा बैठक में राजनीतिक हालात, संसद में जारी टकराव तथा देश के सामाजिक-राजनीतिक माहौल पर विस्तार से चर्चा हुई।

 

बैठक में कहा गया कि देश में बेहतर राजनीतिक और सामाजिक वातावरण की जरूरत है ताकि बहुजन समाज के लोगों को उनके ‘अच्छे दिन’ मिल सकें। पार्टी ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में चार बार सरकार बनाकर सामाजिक परिवर्तन और आर्थिक मुक्ति के क्षेत्र में ऐतिहासिक सफलताएं हासिल की गईं और आगे भी इसी मिशन को जारी रखा जाएगा।

बहुजन मिशन से जुड़ रहे दूसरे राज्यों को लोग

बैठक में यह भी रेखांकित किया गया कि उत्तर प्रदेश के आंबेडकरवादियों की तरह अन्य राज्यों में भी लोग बहुजन मिशन से जुड़ रहे हैं। पार्टी ने संविधान निर्माता भीमराव आंबेडकर के आदर्शों को आगे बढ़ाने और संविधान को सही रूप में लागू करने की प्रतिबद्धता दोहराई।

पिछले वर्ष 19 दिसंबर को नई दिल्ली में हुई आल इंडिया बैठक के निर्देशों की समीक्षा करते हुए राज्यों से प्रगति रिपोर्ट ली गई। पार्टी पदाधिकारियों से बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने और जनाधार बढ़ाने पर जोर दिया गया। बसपा प्रमुख ने विपक्षी दलों और उनकी सरकारों पर गरीब, किसान और बहुजन विरोधी नीतियों का आरोप लगाया। कहा कि कथनी और करनी में अंतर के कारण उनकी विश्वसनीयता तेजी से घट रही है।

ऐसे में बसपा की जिम्मेदारी बढ़ गई है कि वह जनता के सामने एक विश्वसनीय विकल्प के रूप में उभरे।
मायावती ने यह भी कहा कि जो लोग स्वार्थवश बहुजन आंदोलन को कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं, उनसे सावधान रहने की जरूरत है।

पार्टी से की ये अपील

पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील की गई कि वे मिशन के प्रति समर्पित रहकर संघर्ष जारी रखें। बैठक में अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक समझौतों, खासकर अमेरिका के साथ संभावित डील को लेकर देश में उठ रही चिंताओं पर भी चर्चा हुई।

पार्टी ने कहा कि किसी भी समझौते में देश के किसानों और बहुजन समाज के हितों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए। बैठक के अंत में ‘बहुजन समाज को शोषित से शासक वर्ग बनाने’ के मिशन को हर हाल में आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया गया।

आधार कार्ड अपडेट कराने का आखिरी मौका, यूपी के इन पांच जिलों में लगाया जाएगा कैंप, चेक करें डेट

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लखनऊ। डाक विभाग आधार पंजीयन, अपडेट और संशोधन के लिए 31 मार्च तक 45 शिविर लगाएगा। ये शिविर लखनऊ मुख्यालय परिक्षेत्र के लखनऊ, सीतापुर, अयोध्या, बाराबंकी व रायबरेली में लगाए जा रहे हैं। इनके अलावा मुख्यालय के 17 केंद्राें पर दो पालियों में आधार पंजीयन शुरू कराया गया है।

 

लखनऊ मुख्यालय परिक्षेत्र के पोस्ट मास्टर जनरल (पीएमजी) सुनील कुमार राय ने बताया कि लखनऊ में राजेंद्र नगर, गोमतीनगर, चौक, इंदिरा नगर, निराला नगर, आवास विकास कालोनी, आलमबाग व अलीगंज डाकघर में दो पालियों में (सुबह आठ से शाम चार व सुबह 10 से शाम छह बजे तक) आधार पंजीयन, अपडेट व संशोधन किया जा रहा है।

जीपीओ, रेलवे मेल सर्विस चारबाग व सिधौली डाकघर में सुबह आठ से रात आठ बजे तक आधार संबंधी कार्य किए जा रहे हैं। अयोध्या, सीतापुर व रायबरेली डाक घर में सुबह आठ से शाम छह बजे तक, लालगंज डाक घर में सुबह आठ से शाम चार बजे तक व बाराबंकी डाकघर में सुबह आठ से शाम पांच बजे तक आधार संबंधी सेवाएं ली जा सकती हैं।

यहां लगेंगे शिविर

लखनऊ

स्थान तारीख
प्राथमिक विद्यालय सलेमपुर, गोसाईगंज 23 से 25 फरवरी
खालसा इंटर कालेज 24 फरवरी
प्राथमिक विद्यालय बहरौरा माल 26 से 28 फरवरी
ब्राइटलैंड इंटर कालेज, बीकेटी 2 से 4 मार्च
प्राथमिक विद्यालय बहरू काकोरी 5 से 7 मार्च
सीएमस गोमतीनगर 5 से 6 मार्च
प्राथमिक विद्यालय छतौनी, नगराम 9 से 11 मार्च
प्राथमिक विद्यालय सिंधरवा, मलिहाबाद 12 से 14 मार्च
प्राथमिक विद्यालय महिगवां, इटौंजा 16 से 18 मार्च
ग्रीन वैली कटरा मोहनलालगंज 16 से 18 मार्च
प्राथमिक विद्यालय ऐन बंथरा 19 से 21 मार्च
प्राथमिक विद्यालय सिसेंडी मोहनलालगंज 23 से 25 मार्च
प्राथमिक विद्यालय पारा भदरही, माल 26 से 28 मार्च
बाल निकुंज इंटर कालेज अलीगंज 29 से 31 मार्च

रायबरेली

स्थान तारीख
प्राथमिक विद्यालय भोजपुर 23 से 28 फरवरी
जीपीसीएल पब्लिक स्कूल बछरावां 2 से 7 मार्च
प्राथमिक विद्यालय, राही 9 से 14 मार्च
प्राथमिक विद्यालय नकदिलपुर 16 से 21 मार्च
पं. दीन दयाल इंटर कालेज पाराकला 23 से 28 मार्च

सीतापुर

स्थान तारीख
केतान पब्लिक स्कूल, बाबूगंज 28 फरवरी तक
एसजीडी पब्लिक स्कूल बिसवा 2 से 14 मार्च
जूनियर हाई स्कूल महोली 16 से 31 मार्च

बाराबंकी

स्थान तारीख
पंचायत भवन परा खंडौली, सोमैया नगर 23 फरवरी
पंचायत भवन नानमऊ हरख 24 से 28 फरवरी
प्राथमिक विद्यालय गडिया सफेदाबाद 2 से 5 मार्च
मिनी सचिवालय हरख 6 से 9 मार्च
पंचायत भवन सुनधियामऊ 10 से 12 मार्च
पंचायत भवन पैगंबरपुर 13 से 16 मार्च
ग्राम पंचायत लोहंगपुर हैदरगढ़ 17 से 19 मार्च
पंचायत भवन बदोसराय 20 से 23 मार्च
ग्राम पंचायत रामपुर कटरा 24 से 27 मार्च
पंचायत भवन, अमौली कलां 28 से 30 मार्च

अयोध्या

स्थान तारीख
ग्राम सचिवालय पिनावा 23 से 24 फरवरी
ग्राम सचिवालय देवई 25 से 26 फरवरी
ग्राम सचिवालय रामपुर ग्रांट 27 से 28 फरवरी
ग्राम सचिवालय लखौरी 9 से 10 मार्च
ग्राम सचिवालय दक्षिणपारा 11 से 12 मार्च
ग्राम सचिवालय कोटडीह 13 से 14 मार्च
ग्राम सचिवालय कुरुवां 16 से 18 मार्च
ग्राम सचिवालय खीहरान 19 से 20 मार्च
ग्राम सचिवालय सनाहा 23 से 25 मार्च
ग्राम सचिवालय कोटसराय 27 से 28 मार्च

 

लखनऊ यूनिवर्सिटी में लाल बारादरी का ‘नमाज गेट’ सील, बैरिकेडिंग लगने के बाद छात्र नेताओं ने किया प्रदर्शन

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लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय (लवि) में रविवार को लाल बारादरी में नमाज पढ़ने वाले गेट को सील कर दिया गया। निर्माण के लिए बैरिकेडिंग लगा दी गई। इसके विरोध में विश्वविद्यालय के कई छात्र संगठनों के पदाधिकारियों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया।

छात्र नेताओं ने बैरिकेडिंग गिरा दी। बारादरी के पास हो रहे निर्माण की सामग्री भी फेंक दी। विरोध प्रदर्शन देर तक जारी रहा। पुलिस के समझाने पर लोग माने।

लखनऊ विश्वविद्यालय ने जीर्ण-शीर्ण बारादरी की फेंसिंग की पहले से तैयारी की थी। इसको लेकर विरोध की आशंका भी थी। इसीलिए विश्वविद्यालय की कुलसचिव भावना मिश्रा ने शनिवार को हसनगंज थाना प्रभारी को पत्र लिखकर सुरक्षा व्यवस्था कराने की मांग की थी। रविवार को बारादरी के किनारे ईंटों से जोड़ाई शुरू की गई। इसी बीच छात्र नेताओं ने विरोध शुरू कर दिया।

छात्रों ने क्या कहा?

छात्र नेताओं का कहना है कि विश्वविद्यालय में मुस्लिम विद्यार्थियों के साथ भेदभाव किया जा रहा है। इस मामले में विश्वविद्यालय के निर्माण अधीक्षक डा. श्यामलेश का कहना है कि लाल बारादरी का भवन पूरी तरह से क्षतिग्रस्त है। कभी भी गिर सकता है। इसी वजह से यहां बैंक, क्लब, कैंटीन खाली कराया जाना है।

कुछ लोग दरवाजे से बारादरी से अंदर चले जाते हैं। कई बार असुरक्षित गतिविधियां भी पाई गईं। इसलिए टूटे दरवाजे बंद करने के लिए चुनाई करा दी गई। बारादरी के बाहर जाली लगाई जा रही थी, जिसका छात्रों ने विरोध शुरू कर दिया।