Wednesday, March 4, 2026
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Auraiya News: फाग गायन की टोली में अब युवा शामिल

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औरैया। समय के साथ होने वाले बदलाव का असर पारंपरिक संगीत पर भी दिखाई देता है। इसमें फाग गायन भी शामिल है।होली पर ढोलक, झाल और मंजीरे पर गाया जाने वाला फाग अब बहुत ही कम स्थानों पर सुनने को मिलता है। ऐसे में रुरुगंज क्षेत्र में बुजुर्गों ने इसमें युवाओं को भी शामिल किया है। यहां कोई युवा ढोलक तो कोई मंजीरे बजाकर फाग गायन में अपनी भूमिका निभा रहा है।
रुरुगंज गांव के लोगों का कहना है कि एक समय था जब वसंत पंचमी के बाद से ही गांवों में जगह-जगह मतवालों की टोली बैठकर फाग गाती हुई मिलती थी। यह क्रम होली के दिन तक चलता था। इसके बाद जिस दिन होलिका दहन होता था, उस दिन होली जलने से पूर्व भी गांव के एक सार्वजनिक स्थान पर लोग जुटते थे और फाग का गायन करते थे।इसके बाद जोगिरा गाते हुए होलिका दहन होता था। देर रात को लोग सोने जाते थे। फिर सुबह उठकर लोगों के दरवाजे-दरवाजे घूमकर फाग का गायन करते हुए घूमते थे।
महिलाएं घर की छतों से उनके ऊपर रंगों की बारिश करती थी, लेकिन समय के साथ सब बदल गया। नई पीढ़ी होली के दिन डीजे लगाकर जगह-जगह झूमती नजर आती है। ऐसे में युवाओं का फाग के प्रति लगाव बढ़ाने के लिए बुजुर्ग अब अपनी टोली में युवाओं को शामिल करने लगे हैं। उन्हें फाग का महत्व भी समझ आने लगा है। राग से लेकर वाद्य यंत्र बजाने की तरकीब भी वह समझने लगे हैं।

टोली में शामिल
होली के उपलक्ष्य में रोजाना फाग गायन का हिस्सा बन रहे हैं। मंजीरा बजाकर टोली का हिस्सा बने हैं। फाग की राग अब समझ आने लगी है।

लय ठीक हो रही
फाग की टोली में ढोलक बजाने की जिम्मेदारी मिली है। गायन भी आने लगा है। राग में कुछ हद तक कमजोरी है। अगले साल तक लय आ जाएगी।-धर्मेंद्र कुमार

फोटो-12- रुरुगंज में होली के मौके पर भाग गाती युवाओं की टोली। संवाद

फोटो-12- रुरुगंज में होली के मौके पर भाग गाती युवाओं की टोली। संवाद

Auraiya News: किसान की आत्महत्या को लेकर तहसील प्रशासन की जांच शुरू

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बिधूना। धान और मक्का की फसल खराब होने से आर्थिक तंगी झेल रहे एक किसान ने कर्ज के दबाव में आकर आत्महत्या कर ली थी।रविवार को हुई इस घटना को लेकर तहसील प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। जांच में घर में आपसी विवाद होने की बात सामने आ रही है।
कोतवाली क्षेत्र के गांव बरका पुरवा निवासी किसान मुकेश चंद्र ने वर्ष 2017 में रुरुगंज स्थित बैंक से किसान क्रेडिट कार्ड के तहत अपनी मां के साथ संयुक्त खाते पर 1.50 लाख रुपये का ऋण लिया था। परिजन के अनुसार फसल लगातार खराब होने से वह ऋण की अदायगी नहीं कर सके। ब्याज सहित यह रकम बढ़कर करीब चार लाख रुपये तक पहुंच गई थी। ऐसे में बैंक द्वारा डिफाल्टर घोषित करते हुए बाहर लगाए गए बोर्ड पर 3,48,753 रुपये बकाया दर्शाया गया।
परिजन का आरोप है कि 25 फरवरी से 28 फरवरी तक बैंक कर्मचारियों द्वारा लगातार रुपये जमा करने का दबाव बनाया जा रहा था। 25 फरवरी को बैंक की टीम घर पहुंची थी। 28 फरवरी को प्रबंधक ने फोन कर रकम जमा करने को कहा। इससे मुकेश मानसिक रूप से काफी परेशान हो गए थे। एक वर्ष पूर्व ऋण वसूली के लिए आरसी भी काटी जा चुकी थी।

बेटे प्रशांत ने बताया कि वर्ष 2011 में भी केसीसी का ऋण लिया गया था, जिसे सरकार के माफ करने पर बचा हुआ रुपया जमा कर दिया गया था।
बेटे ने बताया कि वर्ष 2017 में दोबारा ऋण लिया गया था। वर्ष 2020 में खातेदार दादी का निधन हो गया, इसके बाद पूरा दबाव पिता पर आ गया। इस वर्ष करीब 20 बीघा में धान की फसल खराब हो गई। बाद में मक्का बोई गई, उसमें भी नुकसान हुआ। पिता कहते थे कि गेहूं की फसल अच्छी होगी तो कुछ रकम जमा कर देंगे, लेकिन बैंक का रुपया जमा न होने पर रविवार को किसान ने बिशनपुर पुलिया के पास फंदे से लटक कर जान दे दी थी।

मंगलवार को तहसील बिधूना के नायब तहसीलदार हरि किशोर व लेखपाल सचिन यादव मृतक किसान के घर पहुंचे और परिजनों से जानकारी ली। लेखपाल ने प्रारंभिक जांच में बैंक ऋण का मामला सामने आया है। एसडीएम गारिमा सोनकिया ने बताया कि जांच में किसान पर बैंक का कर्ज करीब चार लाख होना बताया गया हैं। वह लोक अदालत में जाने की बात भी कह रहे थे।

एसडीएम ने बताया कि जांच में यह भी सामने आया कि किसान का घर में किसी बात को लेकर विवाद हुआ जिससे यह कदम उठाया है। उधर, मामले की जांच हो रही है।

Holi 2026: जमकर उड़ेंगे आज रंग और गुलाल, रंगों से सराबोर होकर लोग उत्साह से मनाएंगे होली का पर्व

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अलीगढ़ जिले में आज जमकर उड़ेंगे अबीर और गुलाल। रंगों से सराबोर होकर लोग उत्साह से होली का पर्व मनाएंगे। चंद्र ग्रहण के कारण 3 मार्च को रंग वाली होली नहीं खेली गई, जिसके चलते 4 मार्च को जमकर गुलाल उड़ेगा और रंगों की बरसात होगी।

2 मार्च रात को जगह-जगह होलिका दहन किया गया, जिसमें हजारों स्थानों पर हवन और पूजा के साथ होलिका भस्म हुई। प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। पुलिस ने शहर से लेकर गांवों तक मजबूत व्यवस्था की है। जिला प्रशासन ने सभी मजिस्ट्रेटों को एक्टिव किया है और पुलिस के खुफिया तंत्र को पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया है।

नगर निगम ने सफाई, स्ट्रीट लाइटिंग और पानी की आपूर्ति की पूरी तैयारी की है। सुबह से दोपहर तक सभी सड़कों, चौराहों, मोहल्लों और गलियों में रंगों का माहौल होगा। बच्चों से लेकर बुजुर्गों, महिलाओं और युवाओं तक सभी जमकर होली खेलेंगे। बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर फूलों और रंगों से होली खेली जाएगी। प्रशासन ने शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए विशेष निगरानी रखी है, ताकि त्योहार खुशी और भाईचारे के साथ संपन्न हो। 

होली का यह उत्सव सामाजिक समरसता का प्रतीक है। लोग एक-दूसरे पर रंग लगाकर मिलन मनाएंगे। हालांकि कुछ संवेदनशील इलाकों में सतर्कता बरती गई है।

होली की धूम: मथुरा, काशी और अयोध्या समेत पूरे यूपी में रंग, रस व राग का उल्लास; मस्ती में निकलेंगी टोलियां

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फागुन की मस्ती में सराबोर होकर काशी बुधवार को अपने अंदाज में होली मनाएगी। रंगभरी एकादशी से रंगोत्सव का छाया उल्लास आज दूना होगा। घरों से लेकर मंदिरों तक अबीर-गुलाल उड़ेंगे। उधर, शाहजहांपुर में रंगों की फुहार और उल्लास के बीच बुधवार को छोटे और बड़े लाट साहब का जुलूस निकाला जाएगा।

मथुरा, वाराणसी, अयोध्या सहित पूरा प्रदेश होली के रंग में रंग गया है। हर तरफ उल्लास का माहौल है। लोग होली पर मस्ती में नजर आ रहे हैं। जगह-जगह हो रहे आयोजनों में लोग रंगों में सरोबार हो रहे हैं। ढोल-नगाड़े के साथ लोग मस्ती में झूम रहे हैं।

उधर, फागुन की मस्ती में सराबोर होकर काशी बुधवार को अपने अंदाज में होली मनाएगी। रंगभरी एकादशी से रंगोत्सव का छाया उल्लास आज दूना होगा। घरों से लेकर मंदिरों तक अबीर-गुलाल उड़ेंगे। बुधवार को श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में रंग, रस और राग का उल्लास छाया रहेगा।

श्रद्धालु बाबा के साथ होली खेलेंगे और उन्हें भजन और होली गीत सुनाएंगे। होली पर बुधवार को देवाधिदेव की नगरी अपने अंदाज में रहेगी। सुबह ही लोग मैदागिन से ढोल मजीरा बजाते हुए श्री काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचेंगे और अबीर-गुलाल खेलने के साथ बाबा को भजन और होली गीत सुनाएंगे। श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में टेसू यानी पलाश के फूलों के बने रंगों से होली खेली जाएगी। काशी की होली पर होली बरात निकालने की भी परंपरा रही है। भगवान शिव के स्वरूप होंगे। घोड़े पर अड़भंगी स्वरूपों में दिखेंगे। खासकर युवाओं की टोलियां बरात के साथ भांग व ठंडई छान व अबीर गुलाल से सराबोर होंगे। सबके चेहरे रंग-बिरंगे नजर आएंगे।

शाहजहांपुर में आज निकलेगी छोटे-बड़े लाट साहब की सवारी
शाहजहांपुर में रंगों की फुहार और उल्लास के बीच बुधवार को छोटे और बड़े लाट साहब का जुलूस निकाला जाएगा। होली के लिए लाट साहब की खातिरदारी पूरे दिन जारी रही। बुधवार सुबह नौ बजे बड़े लाट साहब का जुलूस प्रारंभ होगा। लाट साहब पैदल ही कूंचालाला से लाए जाएंगे। चौकसीनाथ मंदिर में माथा टेकने के बाद सराफा बाजार में भैंसागाड़ी पर सवार कराया जाएगा।

गत वर्षों की तरह भैंसागाड़ी अर्द्धसैनिक बल के घेरे में रहेगी। इस बीच लाट साहब का स्वागत जूते-चप्पल और झाड़ू से किया जाएगा। रंग-गुलाल की फुहारों के बीच लाट साहब की सवारी चौक कोतवाली में पहुंचेगी। जहां परंपरागत तरीके से उन्हें सलामी के साथ नजराना दिया जाएगा।

एरवाकटरा झपकी आने से कार वाहन से भिड़ी, एक ही परिवार के आठ लोग घायल

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एरवाकटरा (औरैया)। आगरा की ओर से आ रही एक कार के चालक को झपकी आने से वह नियंत्रण खो बैठा और आगे जा रहे वाहन से टकरा गई। हादसे में दिल्ली निवासी एक ही परिवार के बच्चों समेत आठ लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को सैफई स्थित अस्पताल भेज दिया गया।

हादसा आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर गांव उमरैन स्थित पुल के पास मंगलवार तड़के करीब चार बजे हुआ। दिल्ली स्थित डिफेंस कॉलोनी थाना क्षेत्र के इंद्रा कैंप निवासी 60 वर्षीय छोटेलाल परिवार के साथ लखनऊ जा रहे थे। मंगलवार सुबह करीब चार बजे जब उनकी कार गांव उमरैन स्थित एक्सप्रेसवे पुल के पास पहुंची, तभी 30 वर्षीय चालक रोहित को झपकी आ गई। इससे कार अनियंत्रित होकर आगे चल रहे किसी वाहन से जा टकराई।

इस हादसे में चालक रोहित समेत छोटेलाल (60), तारा देवी (56), मोहित (29), विपिन कुमारी (35), माही (12), यदु (4) और मन्नो (4) गंभीर रूप से घायल हो गए।
सूचना मिलते ही एक्सप्रेसवे सुरक्षा टीम मौके पर पहुंची और घायलों को सैफई स्थित अस्पताल ले जाया गया। थाना प्रभारी निरीक्षक विनेश जादौन ने बताया कि जानकारी के बाद घायलों को सैफई ले जाया गया था। वहां उनका उपचार जारी है।

Holi 2026: हुड़दंग करने वालों से निपटेगी दिल्ली पुलिस, 15,000 जवान तैनात; नशे में गाड़ी चलाने वालों पर सख्ती

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दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए संवेदनशील स्थानों, प्रमुख चौराहों, बाजारों और आवासीय क्षेत्रों में टीमें तैनात की जाएंगी। पुलिस ने जबरदस्ती रंग लगाने से बचने और सार्वजनिक स्थानों पर उपद्रव नहीं करने की अपील की है।

होली समारोह के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए बुधवार को दिल्ली में 15,000 से अधिक पुलिस कर्मियों को तैनात किया जाएगा। शराब पीकर गाड़ी चलाने तथा मोटरसाइकिल से स्टंट रोकने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए संवेदनशील स्थानों, प्रमुख चौराहों, बाजारों और आवासीय क्षेत्रों में टीमें तैनात की जाएंगी। पुलिस ने जबरदस्ती रंग लगाने से बचने और सार्वजनिक स्थानों पर उपद्रव नहीं करने की अपील की है। जिला पुलिस, यातायात कर्मियों और पीसीआर इकाइयों सहित पुलिसकर्मी पूरे शहर में गहन गश्त करेंगे। शराब पीकर या लापरवाही से वाहन चलाने और मोटरसाइकिल से खतरनाक स्टंट करने पर अंकुश के लिए विशेष जांच अभियान चलाए जाएंगे। अधिकारियों ने बताया कि प्रमुख सड़कों पर नाके लगाए जाएंगे।

रॉन्ग साइड वाहन चलाने वालों के खिलाफ भी एफआईआर होगी। सीसीटीवी कैमरों से भी विशेष नजर रखी जाएगी। पीसीआर कॉल पर त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त व्यवस्था की गई है।

नाबालिग ने वाहन चलाया तो रजिस्टर्ड मालिक के खिलाफ कार्रवाई होगी
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (ट्रैफिक) दिनेश कुमार गुप्ता ने कहा नाबालिग या बिना अनुमति के गाड़ी चलाते हुए पकड़े गए तो वाहन के रजिस्टर्ड मालिक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि पैदल चलने वालों और गाड़ी चलाने वालों की सुरक्षा पक्का करने के लिए पूरे इंतज़ाम किए गए हैं। गुप्ता ने चेतावनी दी कि सोशल मीडिया पर बताए गए नियमों को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।

होली के हुडदंग के दौरान शराब पीकर नशे में खतरनाक तरीके से वाहन चलाया तो दिल्ली ट्रैफिक पुलिस एफआईआर दर्ज कर सकती है। दिल्ली पुलिस के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त दिनेश कुमार गुप्ता ने बताया कि बड़ी होली के दिन यानी दुलेंडी को हुडदंगियों को पकड़ने के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस 140 चौराहों और प्रमुख मार्गों पर चेकिंग पॉइंट बनाएगी।  एल्कोमीटर (शराब मापने वाला यंत्र) के साथ पूरी दिल्ली में 70 ट्रैफिक पुलिस की टीमें तैनात की जाएंगी।

अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त ने बताया कि शराब पीकर खतरनाक ढंग के वाहन चलाने वालों के चालान के अलावा प्राथमिकी भी दर्ज की जा सकती है। हालांकि उस समय की परिस्थितियों देखकर निर्णय लेंगे।

Holi 2026: रंगों में आज रंगेगी दिल्ली, अबीर-गुलाल की बौछार के बीच मनेगी होली का त्योहार, उमंग और दिखेगा उल्लास

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सुरक्षा के लिहाज से पुलिस ने संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात किया है। प्रमुख चौराहों पर निगरानी बढ़ाई गई है और हुड़दंग व नशे में वाहन चलाने पर सख्ती के निर्देश दिए गए हैं। ट्रैफिक पुलिस ने भी विशेष प्लान लागू किया है ताकि मुख्य मार्गों पर जाम की स्थिति न बने।

होली के त्योहार को लेकर तैयारियां तो दो दिन पहले ही हो गईं थीं लेकिन चंद्रग्रहण की वजह से रंगोत्सव एक दिन बाद यानी आज बुधवार को मनाया जाएगा। इसके लिए सड़क से लेकर छतों तक जश्न मनाने की तैयारी है। माहौल खराब न हो इसके लिए पुलिस ने भी अपनी तैयारी की हुई है।

राजधानी के बाजारों में देर रात तक रौनक रही। गुलाल, पिचकारियां और सफेद कुर्तों की खरीदारी जोरों पर रही। मिठाई की दुकानों पर गुझिया और ठंडाई के लिए भीड़ उमड़ी। सोसाइटियों और आरडब्ल्यूए ने सामूहिक होली मिलन कार्यक्रमों के लिए डीजे, रेन डांस और सांस्कृतिक आयोजनों की व्यवस्था की है। पार्कों और क्लबों में मंच सज चुके हैं, रंगों की टंकियां तैयार हैं और आयोजन समितियां अंतिम तैयारियों में जुटी रहीं।

सुरक्षा के लिहाज से पुलिस ने संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात किया है। प्रमुख चौराहों पर निगरानी बढ़ाई गई है और हुड़दंग व नशे में वाहन चलाने पर सख्ती के निर्देश दिए गए हैं। ट्रैफिक पुलिस ने भी विशेष प्लान लागू किया है ताकि मुख्य मार्गों पर जाम की स्थिति न बने। बच्चों में रंग खेलने का उत्साह चरम पर है तो बुजुर्गों के लिए यह त्योहार रिश्तों को ताजा करने का अवसर है। आज सुबह राजधानी रंगों से सराबोर होगी। ढोल की थाप, डीजे की धुन और हंसी-ठिठोली के बीच दिल्ली कुछ घंटों के लिए अपनी रोजमर्रा की भागदौड़ भूलकर सिर्फ रंग, रिश्ते और उल्लास का उत्सव बन जाएगी।

होली पर नहीं रहेगा ड्राई डे
दिल्ली सरकार ने इस वर्ष घोषित ड्राई डे की सूची में रंगों की होली (दुलंडी) को शामिल नहीं किया है। आबकारी विभाग ने इस वर्ष गणतंत्र दिवस, महाशिवरात्रि, ईद-उल-फितर, राम नवमी और महावीर जयंती पर शराब की दुकानें बंद करने का निर्णय लिया है, लेकिन होली के दिन दुकानों को बंद रखने का प्रावधान नहीं किया गया है। होली पर शराब की दुकानें खुली रहेंगी।

Supreme Court: मुआवजा देने में देरी पर कौन भरेगा जुर्माना? सुप्रीम कोर्ट ने तय किया नियोक्ता का दायित्व

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सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कर्मचारी मुआवजा अधिनियम, 1923 के तहत मुआवजे की राशि जमा करने में देरी पर जुर्माना भरने की जिम्मेदारी नियोक्ता की होगी, न कि बीमा कंपनी की। जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस पीबी वराले की पीठ ने इसे सामाजिक कल्याण कानून बताते हुए कर्मचारियों के हित में उदार व्याख्या पर जोर दिया।

सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया कि कर्मचारी मुआवजा अधिनियम, 1923 के तहत मुआवजे की राशि जमा करने में देरी होने पर जुर्माना भरने का दायित्व नियोक्ता का होगा। शीर्ष कोर्ट ने कहा, यह कानून कर्मचारियों की शिकायतों के निवारण के लिए बनाया गया एक सामाजिक कल्याण कानून है। जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस पीबी वराले की पीठ ने कहा, इस अदालत ने अपने कई फैसलों में इस अधिनियम की उदार और उद्देश्यपूर्ण व्याख्या पर जोर दिया है, जो कर्मचारियों के हित में है, क्योंकि यह एक सामाजिक कल्याण कानून है। पीठ ने दिल्ली हाईकोर्ट के मई, 2025 के आदेश को चुनौती देने वाली एक बीमा कंपनी द्वारा दायर अपील पर अपना फैसला सुनाया।

हाईकोर्ट ने अधिनियम की धारा 4ए(3)(बी) के तहत लगाए गए जुर्माने का भुगतान करने का दायित्व बीमा कंपनी पर डाला था। शीर्ष न्यायालय ने 23 फरवरी को सुनाए फैसले में कहा कि उक्त कानून के उद्देश्यों के विवरण का अवलोकन करने से यह स्पष्ट हो जाता है कि यह कानून संसद द्वारा लाया गया एक सामाजिक कल्याण कानून है, जिसका उद्देश्य रोजगार के दौरान या रोजगार के समय होने वाली दुर्घटनाओं के मामले में कर्मचारियों की शिकायतों का निवारण करना और उन्हें शीघ्रता से पर्याप्त मुआवजा प्रदान करना है।

कोर्ट ने फैसले में इस बात पर दिया जोर
कोर्ट ने फैसले में नोट किया कि व्यावसायिक चालक के रूप में कार्यरत एक कर्मचारी की फरवरी, 2017 में वाहन चलाते समय मृत्यु हो गई थी। उसके कानूनी वारिसों ने दिल्ली सरकार के श्रम विभाग के आयुक्त के समक्ष 1923 के अधिनियम के तहत मुआवजे की मांग करते हुए एक दावा याचिका दायर की थी। नवंबर, 2020 में, आयुक्त ने माना कि इस मामले में नियोक्ता और कर्मचारी का संबंध मौजूद था और चूंकि मौत काम (रोजगार) के दौरान हुई थी, इसलिए नियोक्ता दावेदारों को मुआवजा देने के लिए उत्तरदायी था।

आयुक्त ने ब्याज सहित मुआवजे की राशि 7,36,680 रुपये निर्धारित की। यह देखते हुए कि वाहन वैध रूप से बीमित था और दुर्घटना बीमा अवधि के दौरान हुई थी, आयुक्त ने नियोक्ता को मुआवजा अदा करने का आदेश दिया। नियोक्ता को मुआवजे की राशि बीमा कंपनी से वसूल करने का उत्तरदायित्व भी दिया गया। शीर्ष अदालत ने यह भी कहा कि आयुक्त ने नियोक्ता को एक महीने के भीतर मुआवजा अदा न करने पर कारण बताओ नोटिस भी जारी किया था कि मुआवजे की राशि के 50 प्रतिशत से अधिक का जुर्माना क्यों न लगाया जाए।

बीमा कंपनी ने मुआवजा और ब्याज चुकाने की हामी भरी
नियोक्ता ने इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी जिसने मई 2025 में आदेश पारित किया। हाईकोर्ट ने जुर्माना भरने का दायित्व भी बीमा कंपनी पर डाल दिया। बीमा कंपनी ने अधिनियम के तहत जुर्माने के भुगतान के लिए दायित्व निर्धारित करने के आदेश से असंतुष्ट होकर सुप्रीम कोर्ट में अपील की। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा, बीमा कंपनी ने अधिनियम की धारा 4ए(3)(बी) के तहत मुआवजे और ब्याज सहित 7,36,680 रुपये की राशि का भुगतान करने की अपनी जिम्मेदारी निर्विवाद रूप से स्वीकार की और जिसमें जिसमें मृत्यु की तारीख से भुगतान तक का अतिरिक्त ब्याज भी शामिल है।

आठ हफ्ते में जुर्माना भरे नियोक्ता
पीठ ने कहा, जब कानून स्वयं नियोक्ता को एक महीने के भीतर भुगतान करने के लिए बाध्य करता है, तो इस दायित्व को किसी कॉन्ट्रैक्ट के अधीन या वैधानिक दायित्व को दरकिनार करने के रूप में स्वीकार नहीं किया जा सकता है, क्योंकि यह उक्त प्रावधान के तहत परिकल्पित विधायी आशय की अवहेलना के समान होगा। अपील को स्वीकार करते हुए अदालत ने हाईकोर्ट के उस आदेश को रद्द कर दिया जिसमें बीमा कंपनी पर जुर्माना अदा करने का दायित्व लगाया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा, नियोक्ता का दायित्व है कि वह आयुक्त द्वारा दिनांक 8 फरवरी, 2021 के आदेशानुसार 2,57,838 रुपये का जुर्माना आज से आठ सप्ताह के भीतर अदा करे।

Cyprus: ब्रिटिश मिलिट्री बेस की वजह से साइप्रस फिर बना पश्चिम एशिया युद्ध का निशाना, ड्रोन हमले से बढ़ी चिंता

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यदि यह कहावत ‘भूगोल ही भाग्य है’ सच साबित होती है, तो साइप्रस इसका सबसे सटीक उदाहरण है। चाहे यूनानी, फारसी, रोमन, ओटोमन हों या ब्रिटिश, छोटा सा साइप्रस कई लोगों के लिए अनमोल संपत्ति रहा है। कारण यह है कि यह दुनिया के सबसे पुराने संघर्ष-प्रधान क्षेत्रों में से एक के पास मौजूद है और हाल ही में इसके विशाल ऊर्जा संसाधनों के कारण भी।

हमले पर क्या बोले ब्रिटिश पीएम?
यह हमला इसलिए अहम है क्योंकि 1974 में तुर्की के हमले के बाद पहली बार किसी तीसरे देश ने साइप्रस की जमीन पर हमला किया है। इससे साफ संकेत मिलता है कि ईरान और अमेरिका-इस्राइल के बीच का संघर्ष अब नए इलाकों तक फैल रहा है। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीएर स्टार्मर की सरकार ने कहा कि यह हमला उस फैसले का नतीजा नहीं है, जिसमें ब्रिटेन ने अमेरिका को अपने अड्डों के इस्तेमाल की अनुमति दी थी। हालांकि माना जा रहा है कि अगर ईरान या उसका सहयोगी संगठन हिजबुल्ला ब्रिटेन को संदेश देना चाहते हैं, तो साइप्रस का अकरोटिरी बेस उनके लिए आसान निशाना है, क्योंकि यह मध्य-पूर्व से काफी नजदीक है।

हम किसी सैन्य कार्रवाई का हिस्सा नहीं- क्रिस्टोडौलाइड्स
साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलाइड्स ने साफ कहा है कि उनका देश किसी सैन्य कार्रवाई में हिस्सा नहीं ले रहा है और न ही लेगा। लेकिन जमीन पर मौजूद ब्रिटिश अड्डों की वजह से साइप्रस सीधे खतरे में आ गया है। सुरक्षा बढ़ाने के लिए ग्रीस ने चार एफ-16 लड़ाकू विमान और दो युद्धपोत भेजे हैं। फ्रांस भी अपना युद्धपोत और एंटी-ड्रोन सिस्टम भेज रहा है। जर्मनी और ब्रिटेन ने भी अतिरिक्त सैन्य सहायता देने की घोषणा की है।

भौगोलिक स्थिति साइप्रस की बड़ी ताकत भी और कमजोरी भी
साइप्रस पहले खुद को तटस्थ रखने की कोशिश करता था, लेकिन यूरोपीय संघ की सदस्यता और मौजूदा सरकार की पश्चिम समर्थक नीति के बाद वह खुलकर पश्चिमी देशों के साथ खड़ा दिख रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि साइप्रस की भौगोलिक स्थिति ही उसकी सबसे बड़ी ताकत भी है और कमजोरी भी। कुल मिलाकर, साइप्रस एक बार फिर अपनी भौगोलिक स्थिति की वजह से बड़ी शक्तियों के संघर्ष में फंस गया है। अब उसकी सबसे बड़ी चुनौती यह है कि वह खुद को आने वाले खतरों से कैसे सुरक्षित रखे।

Airtel Plan: सिर्फ ₹1849 में साल भर की छुट्टी, बार-बार रिचार्ज कराने का टेंशन हमेशा के लिए खत्म

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अगर आप बार-बार रिचार्ज कराने के झंझट से बचना चाहते हैं और अपना एयरटेल नंबर पूरे साल एक्टिव रखना चाहते हैं, तो कंपनी के पास आपके लिए कुछ शानदार विकल्प हैं। एयरटेल ने बजट यूजर्स को ध्यान में रखकर 365 दिनों की वैलिडिटी वाले बेहद किफायती प्लान पेश किए हैं।

आज के समय में हर महीने मोबाइल रिचार्ज की तारीख याद रखना काफी सिरदर्द भरा काम हो सकता है। इसी समस्या को सुलझाने के लिए देश की दिग्गज टेलीकॉम कंपनी भारती एयरटेल (Airtel) कुछ ऐसे प्रीपेड प्लान लेकर आई है, जिनमें आपको एक बार पैसे खर्च करने हैं और फिर पूरे साल यानी 365 दिनों तक रिचार्ज की कोई चिंता नहीं करनी है।

चाहे आपको सिर्फ अपना सिम कार्ड चालू रखना हो या फिर आपको ढेर सारा डेटा चाहिए, एयरटेल के पास हर किसी की जरूरत के लिए अलग-अलग सालाना पैक मौजूद हैं। आइए जानते हैं इन प्लान्स की पूरी डिटेल

सबसे सस्ता विकल्प: ₹1849 वाला प्लान
यह एयरटेल का अब तक का सबसे कम कीमत वाला सालाना प्लान है। यह उन लोगों के लिए बेहतरीन है जो फोन का इस्तेमाल मुख्य रूप से कॉल करने के लिए करते हैं या फिर अपने सेकेंडरी सिम को कम खर्चे में एक्टिव रखना चाहते हैं।

  • वैलिडिटी: पूरे 365 दिन
  • कॉलिंग: देश भर में किसी भी नेटवर्क पर अनलिमिटेड मुफ्त कॉल
  • रोमिंग: फ्री नेशनल रोमिंग
  • SMS: साल भर के लिए कुल 3,600 फ्री SMS
  • डेटा: इस प्लान में डेटा नहीं मिलता है। अगर आपको कभी इंटरनेट की जरूरत पड़े, तो आप अलग से डेटा वाउचर ले सकते हैं।

2. ₹2249 वाला प्लान
अगर आप चाहते हैं कि साल भर अनलिमिटेड कॉलिंग के साथ-साथ आपको थोड़ा बहुत इंटरनेट डेटा भी मिल जाए, ताकि इमरजेंसी में ईमेल या मैसेज चेक किए जा सकें, तो यह प्लान आपके लिए बेस्ट है।

  • वैलिडिटी: 365 दिन
  • कॉलिंग: अनलिमिटेड लोकल और एसटीडी कॉल
  • SMS: कुल 3,600 SMS
  • डेटा: इस प्लान में आपको 30GB एकमुश्त डेटा मिलता है। इसमें रोजाना की कोई लिमिट नहीं है, आप जब चाहें इसे खर्च कर सकते हैं।

3. हर दिन 2GB डेटा

  • अगर आप दिन भर सोशल मीडिया पर एक्टिव रहते हैं, वीडियो स्ट्रीम करते हैं या वर्क-फ्रॉम-होम करते हैं, तो एयरटेल का यह प्रीमियम पैक आपके काम आएगा।
  • डेटा: हर दिन 2GB हाई-स्पीड डेटा
  • 5G ऑफर: अगर आप 5G कवरेज वाले क्षेत्र में हैं और आपके पास 5G फोन है, तो आप अनलिमिटेड 5G डेटा का मजा ले सकते हैं।
  • कॉलिंग: अनलिमिटेड कॉल और रोजाना 100 SMS
  • वैलिडिटी: 365 दिन

आपके लिए कौन सा प्लान है बेस्ट?

  • सिर्फ सिम एक्टिव रखने के लिए ₹1849 वाला प्लान सबसे किफायती है।
  • कभी-कभार इंटरनेट चलाने के लिए ₹2249 वाला प्लान चुनें, इसमें डेटा की कोई डेली लिमिट नहीं है।
  • बिना रुके इंटरनेट चलाना चाहते हैं तो 2GB प्रतिदिन वाला प्रीमियम प्लान सबसे सही रहेगा।
  • एयरटेल के ये 365 दिनों वाले प्लान न केवल पैसे बचाते हैं, बल्कि आपको बार-बार की भागदौड़ से भी आजादी देते हैं।