नई दिल्ली। गुजरात के सूरत शहर में एक एम्ब्रॉयडरी यूनिट वाली इमारत में गुरुवार सुबह आग लगने के बाद गैस सिलिंडर फट गए। इस दर्दनाक हादसे में दो लोगों की मौत हो गई और नौ अन्य बुरी तरह जल गए। सुबह का वक्त था, लोग अभी नींद में थे कि अचानक धमाके की आवाज ने पूरे इलाके को हिला दिया।
तीसरी मंजिल पर लगी आग
घटना सुबह करीब 5:30 बजे कपोदरा इलाके के भरतनगर में रचना सर्कल के पास वाली इमारत की तीसरी मंजिल पर हुई। वहां एम्ब्रॉयडरी का काम होता था और आठ गैस सिलिंडर स्टोर किए गए थे।
फायर विभाग के अधिकारी ने बताया कि आग लगते ही दो सिलिंडर फट गए, जिससे आग और तेजी से फैल गई। एक सिलिंडर तो फायर ब्रिगेड पहुंचने से पहले ही फट चुका था। चार फायर स्टेशनों की गाड़ियां पहुंची, लेकिन पहले ही धमाका हो चुका था।
दमकलकर्मी ने 11 लोगों को बचाया
जैसे ही सूचना मिली, चार अलग-अलग फायर स्टेशनों से दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। अधिकारी ने कहा कि पहुंचते ही देखा कि आग पूरे तीसरे तल्ले पर भड़क रही थी। फायरमैनों ने इमारत के तीसरे फ्लोर पर लगी शीट तोड़ी और अंदर फंसे लोगों को बाहर निकाला। कुल 11 लोगों को बचाया गया।
बचाए गए 11 लोगों में से नौ को हल्की से मध्यम जलन के निशान थे, जबकि दो लोगों की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। सभी घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। फायर अधिकारी ने बताया कि घायलों की स्थिति स्थिर है, लेकिन दो परिवार अब हमेशा के लिए टूट गए हैं।
सिलिंडर स्टोर करने का खतरा एक बार फिर सामने
यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि फैक्टरियों और छोटी यूनिटों में गैस सिलिंडर कितने खतरनाक हो सकते हैं। सुबह-सुबह का यह हादसा उन मजदूरों की जिंदगी ले गया जो रोज कमाने के लिए निकलते हैं।
पुलिस और फायर विभाग अब पूरे मामले की जांच कर रहे हैं कि आग लगने की असली वजह क्या थी और सिलिंडर कहां से और कैसे स्टोर किए गए थे।

