Tuesday, August 4, 2026
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दिबियापुर ठेकेदार से रंगदारी मांगने का आरोप, युवक के खिलाफ प्राथमिकी

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दिबियापुर। नगर पंचायत में सरकारी ठेकेदार को धमका कर रंगदारी मांगने के मामले में ठेकेदार की तहरीर पर ने प्राथमिकी दर्ज की है। मामले की पुलिस जांच कर रही है।कंचौसी बाजार निवासी ठेकेदार ओमजी पांडेय ने तहरीर में बताया कि उन्हें नगर पंचायत दिबियापुर में सड़क व नाली निर्माण का सरकारी टेंडर मिला है। इस पर विपक्षी विकास अवस्थी ने 28 मई को समय करीब 3:30 बजे औरैया रोड स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर के पास मिलकर पांच फीसदी कमीशन की मांग की। आरोप है कि उसने धमकी दी कि अगर दिबियापुर में काम करवाना है तो ठेके की कीमत का पांच फीसदी रुपये देना ही होगा।आरोप है कि रुपये देने से मना करने पर आरोपी ने गालियां देते हुए धमकी दी। बताया कि इसके बाद आरोपी लगातार फेसबुक आईडी व व्हाट्सएप ग्रुप पर निजी नंबर से उनके खिलाफ पोस्ट कर रहा है। इससे समाज में उनकी छवि धूमिल हो रही है। काम का गलत तरीके से वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल भी किया गया।

आरोप लगाया कि उसे फोन कर पांच फीसदी रुपये देने का दबाव भी बनाया जा रहा है। पीड़ित ने बताया कि आरोपी पूर्व में भी दबाव बनाकर कई बार धन उगाही कर चुका है। प्रभारी निरीक्षक सत्य प्रकाश सिंह ने बताया कि पीड़ित ठेकेदार की तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है।

आरोप लगाया कि उसे फोन कर पांच फीसदी रुपये देने का दबाव भी बनाया जा रहा है। पीड़ित ने बताया कि आरोपी पूर्व में भी दबाव बनाकर कई बार धन उगाही कर चुका है। प्रभारी निरीक्षक सत्य प्रकाश सिंह ने बताया कि पीड़ित ठेकेदार की तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है।

UP: ‘चिल्लाओगी नहीं तो मारेंगे नहीं…’, बेटे से बोले- तुम्हें तो रोज देखता हूं स्कूल जाते हुए, कानपुर लूटकांड

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Kanpur Shyamnagar Robbery News: शिक्षक शरद चंद्र त्रिपाठी के घर में घुसे तीन नकाबपोश बदमाशों ने तमंचे और चाकुओं की नोक पर शिक्षिका पत्नी और बेटे को बंधक बनाकर लूटपाट की। बदमाशों को घर और रास्तों की पूरी जानकारी थी। पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल के निर्देश पर पुलिस टीम खुलासे के लिए जुटी हुई है और कई संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है।

कानपुर में शिक्षक शरद चंद्र त्रिपाठी के घर पर हुई लूट से पहले बदमाशों ने घर की रेकी की थी। यही वजह है कि तीनों नकाबपोश सिर्फ कैमरे में ही कैद हो पाए। शरद की पत्नी रचना ने बताया कि तमंचा पकड़े बदमाश ने उन्हें किचन में पीछे से बाल पकड़कर खींचा और एक हाथ से कनपटी पर तमंचा रख दिया।

बदमाश हाथों में दो बड़े चाकू लिए थे
उन्हें अच्छी तरह पता था कि वारदात के वक्त घर पर उन्हें सिर्फ मां-बेटा ही मिलेंगे। रचना के मुताबिक जब बदमाश ने उनके मुंह से हाथ हटाया तो वह उसके पैरों पर गिर कर उन्हें व उनके बेटे को बख्श देने की मिन्नतें करने लगी। इस पर दूसरा बदमाश बोला, ऐसा ही होगा। रचना के मुताबिक सामने खड़े बदमाश हाथों में दो बड़े चाकू लिए थे। चमचमाते हुए चाकू देखकर लग रहा था कि नए खरीदकर लाए गए हों। तीनों की उम्र 30-35 वर्ष के बीच रही होगी। 

बदमाशों के पास किसका फोन आया था
शिक्षक की पत्नी रचना ने पुलिस को बताया कि जिस वक्त बदमाश उनके घर पर लूट कर रहे थे तभी तमंचा पकड़े बदमाश के फोन पर किसी का फोन आया था लेकिन उसने बिना बात किए ही काट दिया था। पुलिस अब शिक्षक के घर के पास टावर का बीटीएस खंगाल रही है।

दूसरे से उनका गला दबाकर बोला कि अगर चिल्लाओगी नहीं तो किसी को मारेंगे भी नहीं… सिर्फ रुपये लेकर चले जाएंगे। तब तक दो बदमाश बेटे देवांश को भी पकड़कर ले आए।र बेटे को देख मुंह दबाने वाला बदमाश ही उससे बोला… तुम्हें तो मैं रोज स्कूल जाते हुए देखता हूं। बदमाशों की बातों से स्पष्ट है कि वे तीनों शरद के घर से लेकर देवेश के स्कूल के बीच ही कहीं रहते हैं।

फिंगर प्रिंट, तो मिले पर फुट प्रिंट नदारद
तीनों बदमाश शिक्षक के घर में घुसे कहां से यह भी पहेली बना हुआ है। बेटे देवेश के मुताबिक तीनों गेट बंद थे इसलिए तीनों के बगल की बाउंड्री फांदकर या फिर छत के रास्ते घर में आने की आशंका है। हालांकि, पुलिस को कहीं पर भी पैरों, चप्पलों या जूतों के कोई निशान नहीं मिले हैं। वहीं, पुलिस को गेट खुला छूट जाने के कारण बदमाशों के गेट से ही अंदर आने की आशंका है। फॉरेंसिक टीम को अलमारियों से बदमाशों के फिंगर प्रिंट मिले हैं।

घर से पूरी तरह परिचित थे बदमाश
रचना और देवेश ने बताया कि अलग कमरे में सात अलमारियां हैं। तीनों बदमाश सभी की चाबियां लेकर उनके साथ उस कमरे में पहुंचे और जिन पांच अलमारियों में गहने और नकदी थी और सिर्फ उन्हीं अलमारियों को खोला। जिन दो अलमारियों में सिर्फ कपड़े थे उन्हें नहीं खोला। इसके बाद बदमाश पूजा वाले कमरे में भी ले गए। वहां रखे बक्से को खुलवाकर उसमें रखे भगवान के रुपये और सिक्के भी निकाल ले गए। ऐसे में पुलिस को बदमाशों के घर से पूरी तरह से परिचित होने की आशंका है।

बदमाशों ने इलाके के शिवसिंह का नाम भी लिया
रचना और देवेश ने बताया कि लूटपाट के दौरान एक बदमाश ने बोला था कि वह इलाके में रहने वाले शिवसिंह को अच्छी तरह जानता है। पुलिस सूत्राें के अनुसार शिवसिंह के अलावा नौकरानी प्रियंका और उसके शराबी पति को थाने लाकर पूछताछ की जा रही है। जल्द ही बदमाशों का सुराग लगेगा।

पूर्व में हो चुकी लूट की वारदातें

  • 16 अप्रैल 2025 को पनकी के शिवालिक अपार्टमेंट में डिब्बा कारोबारी के घर घुसे नकाबपोश बदमाशों ने गन पॉइंट पर उनकी पत्नी से चेन और अन्य गहने लूटे थे।
  • 25 जुलाई 2026 में श्यामनगर में ही घर में घुसे नकाबपोश बदमाशों ने सास-बहू को पीटकर लूट लिया था।
  • 22 जुलाई 2026 को हनुमंत विहार में डेयरी में घुसकर बाइक सवार बदमाशों ने संचालक के बेटे से 50 हजार रुपये लूटे।
  • मार्च 2026 में गुजैनी हाईवे पर पिता-पुत्री से बैग छीनकर भागे लुटेरे।
  • मई 2026 में दामोदनगर स्थित ज्लैवर्स की दुकान से गहने लेकर भागा लुटेरा।
  • नौबस्ता, रामादेवी व श्यामनगर चौराहे पर लगे कैमरे खराब।

वारदात के खुलासे के लिए सात दिन का समय पुलिस टीम को दिया गया है, लेकिन वारदात एक-दो दिन में ही खुल जाएगी। अपर पुलिस आयुक्त विपिन ताडा और डीसीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता देर रात तक खुलासे के लिए श्यामनगर में ही काम कर रहे हैं।  -रघुबीर लाल, पुलिस कमिश्नर

ये है पूरा मामला
चकेरी के श्यामनगर-सी ब्लॉक में सोमवार को दिनदहाड़े शिक्षक के घर घुसे तीन बदमाशों ने परिवार को बंधक बनाकर करीब 12 लाख की लूटपाट की। तमंचे और चाकू के बल पर चाबी लेकर पांच अलमारियों से गहने, नकदी समेट ले गए। बदमाशों ने घर में करीब 40 मिनट तक वारदात को अंजाम दिया। इस दौरान पास-पड़ोस के लोगों को भनक तक नहीं लगी।

सीसीटीवी में तीन बदमाश कैद
करीब एक घंटे बाद जब नौकरानी पहुंची तो उसने किचन में बंद मां-बेटे को निकाला। पुलिस और फॉरेंसिक की टीम ने जांच की। डीसीपी सत्यजीत गुप्ता ने बताया कि मोहल्ले के एक सीसीटीवी कैमरे के फुटेज में बाइक सवार तीन बदमाश कैद हुए हैं। उनकी तलाश की जा रही है।

बदमाश ने कनपटी पर तमंचा लगा दिया
भल्ला टटियन निवासी शरदचंद्र त्रिपाठी श्यामनगर के एक प्राइवेट स्कूल में शिक्षक हैं। सोमवार करीब 11:45 बजे शरद स्कूल में थे। घर में पत्नी रचना और बेटा देवांश (17) थे। रचना ने पुलिस को बताया कि वह किचन में खाना बना रही थीं। तभी पीछे से आए बदमाश ने इनकी कनपटी पर तमंचा लगा दिया। बगल के कमरे से देवांश आया तो उसे भी दो बदमाशों ने चाकू की नोक पर बंधक बना लिया। तीनों बदमाशों के चेहरे रुमाल और गमछे से ढके हुए थे।

पांच अलमारियां खोलीं, जेवर और नकदी समेट ले गए
बेटे ने एक बदमाश से भिड़ने का प्रयास किया तो बदमाश ने बेटे पर चाकू से हमला कर दिया। इससे वह घायल हो गया। इसके बाद बदमाशों ने रचना से अलमारियों की चाबी ली। दोनों को दूसरे कमरे में ले जाकर उनके सामने एक-एक कर सभी पांच अलमारियां खोलीं, जिसमें रखे जेवर और नकदी समेट ले गए।

Kanpur: गोविंदपुरी पुराने पुल के पास चार मंजिला फर्नीचर शोरूम में भीषण आग, एहतियातन बंद कराया गया पुराना पुल

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Kanpur News: गोविंदपुरी स्थित एक चार मंजिला फर्नीचर शोरूम में मंगलवार सुबह भीषण आग लग गई। आग की लपटें तेज होने पर एहतियातन गोविंदपुरी पुराना पुल बंद कर दिया गया। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की आधा दर्जन गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू किया।
शहर के गोविंदपुरी पुराने पुल के पास स्थित एक चार मंजिला फर्नीचर शोरूम में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग की विकराल लपटों और काले धुएं ने पूरी चार मंजिला इमारत को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे आसपास के इलाके में अफरा-तफरी और हड़कंप मच गया। घटना की गंभीरता और सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने गोविंदपुरी पुराने पुल पर वाहनों का आवागमन पूरी तरह बंद करा दिया है।

शॉर्ट सर्किट की आशंका, देखते ही देखते जला पूरा शोरूम

फर्नीचर कारोबारी गौरव भसीन ने बताया कि आग अचानक कैसे लगी, इसके सटीक कारणों का फिलहाल पता नहीं चल सका है। हालांकि, प्राथमिक तौर पर आशंका जताई जा रही है कि हादसा शॉर्ट सर्किट की वजह से हुआ है। शोरूम में ज्वलनशील फर्नीचर और लकड़ी का सामान अधिक होने के कारण आग ने देखते ही देखते पूरी इमारत को अपनी आगोश में ले लिया और चार मंजिला शोरूम लगभग पूरी तरह जलकर खाक हो गया।

फायर ब्रिगेड की आधा दर्जन गाड़ियां मौके पर

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। दमकल की आधा दर्जन (6 से अधिक) गाड़ियां लगातार आग पर काबू पाने के प्रयास में जुटी हुई हैं। एहतियात के तौर पर आसपास की दुकानों और इमारतों को खाली करा लिया गया है ताकि आग को आगे फैलने से रोका जा सके और कोई जनहानि न हो।

जीवन धारा: बिना आदर्श के जीवन सिर्फ घटनाओं का संग्रह है, स्पष्ट दृष्टिकोण रखने का सूत्र कारगर

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मनुष्य का जीवन एक ऐसी यात्रा है, जिसमें उसे हर दिन चुनाव करने पड़ते हैं। हर क्षण यह तय करना पड़ता है कि हम किस दिशा में बढ़ रहे हैं। और, इस यात्रा में सबसे बड़ा सवाल यह नहीं है कि हमारे पास कितनी शक्ति, ज्ञान या सफलता है, बल्कि यह है कि हम किस उद्देश्य की ओर बढ़ रहे हैं। मैंने अपने जीवन में अनेक प्रतिभाशाली लोगों को देखा। उनमें असाधारण बुद्धि थी, गजब की याददाश्त थी, जटिल समस्याओं को हल करने की क्षमता थी, लेकिन केवल बुद्धि किसी मनुष्य को महान नहीं बनाती। बुद्धि तो एक उपकरण है और उसका मूल्य इस बात से तय होता है कि वह किस आदर्श की सेवा कर रही है।

एक जहाज की कल्पना कीजिए। वह अत्यंत शक्तिशाली हो सकता है, उसके इंजन विशाल हो सकते हैं, उसमें नवीनतम उपकरण हो सकते हैं। लेकिन, यदि उसे यही नहीं पता कि पहुंचना किस बंदरगाह तक है, तो उसकी सारी शक्ति बेकार हो जाएगी। वह समुद्र में भटकता रहेगा। मनुष्य का जीवन भी ऐसा ही है। यदि उसके पास कोई आदर्श नहीं है, तो वह परिस्थितियों का दास बन जाता है। वह समाज की अपेक्षाओं के अनुसार जीता है, भीड़ की इच्छाओं के अनुसार सोचता है और क्षणिक लाभों के लिए फैसले लेता है। उसे लगता है कि वह आगे बढ़ रहा है, लेकिन वास्तव में वह केवल बह रहा होता है।आदर्श जीवन को दिशा देता है। यह वह तारा है, जिसकी रोशनी हमें रास्ता दिखाती रहती है। मैं यह नहीं कह सकता कि मैंने अंतिम सत्य को पा लिया। शायद कोई भी मनुष्य ऐसा नहीं कह सकता। लेकिन, सत्य की खोज का आदर्श मेरे लिए इतना महत्वपूर्ण था कि उसने मेरे जीवन को दिशा दी। उसने मुझे कठिनाइयों में धैर्य दिया, असफलताओं में साहस दिया और सफलताओं में विनम्रता दी। यही किसी आदर्श की वास्तविक शक्ति है। वह हमें केवल लक्ष्य नहीं देता, वह हमारे चरित्र का निर्माण भी करता है। लोग अक्सर सफलता को सर्वोच्च मूल्य मान लेते हैं। वे पूछते हैं कि कितना धन कमाया? कितनी शोहरत मिली? कितनी शक्ति प्राप्त हुई? लेकिन, ये प्रश्न पर्याप्त नहीं हैं। एक व्यक्ति अत्यंत सफल होने के बावजूद भीतर से खाली हो सकता है।

मैंने एक बार कहा था कि सफलता का नहीं, मूल्यवान बनने का प्रयास करो। इसका कारण यही है कि मूल्य किसी बाहरी उपलब्धि से नहीं, बल्कि उस आदर्श से उत्पन्न होता है, जिसके प्रति हम समर्पित रहते हैं। यदि आपका आदर्श केवल स्वयं का लाभ है, तो आपका संसार भी उतना ही छोटा रह जाएगा। लेकिन, यदि आपका आदर्श सत्य, न्याय, करुणा या मानवता की सेवा है, तो आपका जीवन व्यक्तिगत सीमाओं से ऊपर उठने लगेगा। इसलिए, मैं कहूंगा कि जिस व्यक्ति के जीवन में कोई आदर्श नहीं है, वह वास्तव में उस जहाज के समान है, जो समुद्र में तो चल रहा है, पर उसे यह पता नहीं कि पहुंचना कहां है।
सूत्र: स्पष्ट दृष्टिकोण रखें
जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि बुद्धिमान होना नहीं, बल्कि सही आदर्श चुनना है। ज्ञान, शक्ति और सफलता तभी सार्थक हैं, जब वे सत्य, करुणा, न्याय और मानवता की सेवा में लगें। जिस व्यक्ति के जीवन में स्पष्ट उद्देश्य होता है, वही कठिनाइयों में धैर्य, असफलताओं में साहस और सफलताओं में विनम्रता बनाए रखता है।

यूपी में बड़ा हादसा: आईएलजीआईएम कंपनी में भीषण आग, दीवार और बीम गिरने से दो फायरकर्मियों की मौत, तीन घायल

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ग्रेटर नोएडा की ईकोटेक-3 थाना क्षेत्र स्थित आईएलजीआईएम कंपनी में सोमवार देर रात आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। कंपनी में इलेक्ट्रॉनिक चिप बनाने का काम होता है। आग की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और फायर सर्विस की टीमें कई दमकल वाहनों के साथ मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू किया।

पुलिस के अनुसार सोमवार की मध्यरात्रि में आईएलजीआईएम कंपनी में आग लगने की सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना मिलते ही ईकोटेक-3 थाना पुलिस और फायर सर्विस की टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची। दमकलकर्मियों ने आग बुझाने की कार्रवाई शुरू कर दी।

आग बुझाने के दौरान कंपनी की साइड की एक दीवार और लोहे का बीम अचानक गिर गया। इसकी चपेट में आने से पांच फायर सर्विस कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे में दो फायरकर्मियों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य का उपचार चल रहा है।

इसी दौरान कंपनी की एक साइड की दीवार और लोहे का बीम भरभराकर नीचे गिर गया। मलबे की चपेट में फायर सर्विस के मुख्य आरक्षी चालक राजपाल सिंह, फायरमैन मनीष कुमार, मुख्य आरक्षी चालक तीरथपाल सिंह, फायरमैन अमित कुमार और फायरमैन रोहित यादव आ गए।

हादसे के बाद मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों और अन्य दमकलकर्मियों ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को मलबे से बाहर निकालकर एंबुलेंस की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने फायरमैन रोहित यादव और मुख्य आरक्षी चालक तीरथपाल सिंह को मृत घोषित कर दिया। वहीं, मुख्य आरक्षी चालक राजपाल सिंह, फायरमैन मनीष कुमार और फायरमैन अमित कुमार का उपचार जारी है। पुलिस के मुताबिक तीनों की हालत खतरे से बाहर है।

घटना की सूचना के बाद पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और राहत-बचाव कार्य का जायजा लिया। मलबे में किसी अन्य व्यक्ति के दबे होने की आशंका को देखते हुए एसडीआरएफ की टीम को भी मौके पर बुलाया गया। एसडीआरएफ और पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर राहत एवं बचाव कार्य किया। फिलहाल आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है। आग लगने के कारणों का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है। पुलिस ने मृत फायरकर्मियों के शवों को कब्जे में लेकर आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। हादसे के संबंध में अन्य अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।

Lucknow Kanpur Expressway: एक्सप्रेसवे धंसने से अफसरों की किरकिरी, स्पीड लिमिट कम करने पर विचार

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लखनऊ कानपुर एक्सप्रेसवे का टोल देश में सबसे महंगा है। एनएचएआई का पूरा फोकस टोल वसूली पर है। न कि यात्रियों के सफर को सुहाना बनाने पर। यही वजह है कि बीस दिन में पांच बार सड़क धंस चुकी है, जिससे अफसरों की किरकिरी हो रही है। सूत्र बताते हैं कि सड़क की गुणवत्ता सुधारने की जगह स्पीड लिमिट कम करने पर विचार किया जा रहा है। अभी स्पीड लिमिट 120 किमी प्रतिघंटे की है। जिसे कम कर 100 किमी तक किया जा सकता है।

दरअसल, बीती 13 जुलाई को लखनऊ कानपुर एक्सप्रेस का उद्घाटन हुआ था। 63 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे को बनाने पर नेशनल हाइवे अथाॅरिटी ऑफ इंडिया एनएचएआई ने 42 साै करोड़ रुपये से अधिक खर्च किया है। खास बात यह है कि एक्सप्रेसवे पर एक तरफ का टोल 275 रुपये प्रति चार पहिया वाहन है। जोकि देश में सबसे महंगा है। महंगे टोल को लेकर सोशल मीडिया पर एनएचएआई अफसरों की खिंचाई पहले ही हो चुकी है। खास बात यह है कि पिछले बीस दिनों में एक्सप्रेसवे पर पांच जगहों पर सड़क धंस चुकी है। सड़क धंसने पर एनएचएआई अफसरों की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। गुणवत्ता से समझाैता करने के आरोप भी लगाए जा रहे हैं।

महंगा टोल, सुविधाएं नदारद
सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में भी काम करने वाले एसएस उप्पल बताते हैं कि सड़क धंसने से वाहन दुर्घटना के शिकार हो सकते हैं। इससे सड़क हादसों की संख्या में वृद्धि होगी। उप्पल सवाल उठाते हैं कि इतना महंगा टोल वसूलने के बावजूद यात्रियों को बेहतर व सुरक्षित सफर देने में एनएचएआई विफल साबित हो रहा है। केंद्र व राज्य सरकार को इस ओर ध्यान देने की जरूरत है।

घटा सकते हैं स्पीड लिमिट
सूत्र बताते हैं कि लखनऊ कानपुर एक्सप्रेसवे पर सड़क धंसने से एनएचएआई अफसरों की किरकिरी हो रही है। अफसरों को ऐसा लग रहा है कि स्पीड लिमिट कम होने से हादसे नहीं होंगे तथा लोग सुरक्षित रहेंगे। कार व हलके वाहनों के लिए स्पीड लिमिट 120 किमी प्रतिघंटे है, जबकि बस व ट्रकों के लिए यह 80 से 100 किमी प्रतिघंटा है। लिहाजा इनकी लिमिट कम करने पर विचार किया जा रहा है। इन्हें क्रमश: 100 व 60 से 80 किमी प्रतिघंटा किया जा सकता है। हालांकि स्पीड लिमिट को लेकर अफसर आधिकारिक रूप से कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। 

मिट्टी की पटाई में बरती लापरवाही

रोड इंजीनियरिंग विशेषज्ञ इंजी. सुनील गुप्ता बताते हैं कि बारिश के सीजन में सड़कों का धंसना आम बात है लेकिन बात एक्सप्रेसवे की हो तो ऐसा नहीं होना चाहिए। सड़क निर्माण के दैारान मिट्टी की पटाई और फिर उसे धंसने से बचाने के लिए रोड रोलर ढंग से चलाने की जरूरत होती है। ऐसा नहीं होने पर मिट्टी धसक जाती है और सड़क हादसे की वजह बन जाती है। हालांकि एक्सप्रेसवे की सड़कें इतनी जल्दी धंस रही हैं, इसे एनएचएआई के विशेषज्ञों को करीब से समझना चाहिए।

दो किमी तक वनवे बना एक्सप्रेसवे
लखनऊ कानपुर एक्सप्रेसवे पर मरम्मत कार्य चल रहा है। सोशल मीडिया पर एक्सप्रेसवे का वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक्सप्रेसवे का दो किलोमीटर तक वनवे बनाया गया है। एक ओर ट्रकों, जेसीबी से मरम्मत हो रही है, दूसरी ओर एक ही रास्ते से वाहनों की आवाजाही चल रही है। वहीं, सोशल मीडिया पर एनएचएआई अफसरों की कार्यशैली को भी कठघरे में खड़ा किया जा रहा है।

नए सिरे से बना रहे पुल की सड़क

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर खराब हुई सड़क की मरम्मत हो रही है। इसी क्रम में किमी संख्या 64 पर बने दो साै मीटर लंबे पुल की सड़क को पूरा उखाड़कर नए सिरे से बनाया जा रहा है। इसके लिए डायवर्जन भी किया गया है। सड़क सुधारी गई थी, लेकिन एनएचएआई मुख्यालय कार्य से संतुष्ट नहीं था, जिसकी वजह से कार्यदायी संस्था पर नाराजगी जताते हुए पूरे पुल की सड़क को नए सिरे से बनाने का निर्देश दिए गए। माैके पर तैनात एनएचआई के गार्ड वाहनों को कॉशन के साथ निकाल रहे हैं। बुधवार तक काम पूरा होने की उम्मीद है।

यूपी का अनुपूरक बजट: नए एक्सप्रेसवे, छात्राओं को मुफ्त स्कूटी और ग्रामीण इलाकों में मूलभूत सुविधाओं पर फोकस

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यूपी विधानमंडल के दोनों सदनों में मंगलवार को राज्य सरकार अनुपूरक बजट पेश करेगी, जिसका आकार 50 से 70 हजार करोड़ रुपये तक हो सकता है। केवल ग्राम्य विकास विभाग को ही 16 हजार करोड़ से अधिक रुपये देने का प्रावधान किया जाना है। राज्य सरकार वर्ष 2026-27 के अपने पहले अनुपूरक बजट में विकास योजनाओं को गति देने के लिए खजाना खोल सकती है। वह अपनी महत्वाकांक्षी परियोजनाओं जैसे नए एक्सप्रेसवे, छात्राओं को मुफ्त स्कूटी, ग्रामीण इलाकों में मूलभूत सुविधाओं वाली योजनाओं, स्वास्थ्य सुविधाओं में बढ़ोतरी आदि के लिए बजट में प्रावधान करने जा रही है।

इस वित्त वर्ष के पहले अनुपूरक बजट में ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और विकास से जुड़ी योजनाओं को खास तवज्जो मिलने जा रही है। इसके तहत मनरेगा और वीबी-ग्राम जी के लिए कुल 16402.46 करोड़ रुपये की अनुपूरक मांग रखी गई है। इसमें अकेले वीबी-ग्राम जी के लिए 13,902.46 करोड़ रुपये और मनरेगा सामग्री मद में 2,500 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित है। वीबी-ग्राम जी के तहत सबसे बड़ा प्रावधान सामग्री मद में 5,445.85 करोड़ रुपये का है। इसके अलावा श्रमांश (अन्य) के लिए 4,609.37 करोड़ रुपये, अनुसूचित जाति श्रमांश के लिए 2,675.63 करोड़ रुपये, अनुसूचित जनजाति श्रमांश के लिए 133.78 करोड़ रुपये और प्रशासनिक मद में 1,037.83 करोड़ रुपये की अतिरिक्त धनराशि प्रस्तावित है। मनरेगा के लिए सामग्री मद में 2,500 करोड़ रुपये की मांग रखी गई है।

अधूरी योजनाओं को पूरा करने पर भी रहेगा जोर
अनुपूरक बजट में नई योजनाओं के साथ चालू वित्तीय वर्ष में पहले से स्वीकृत योजनाओं को गति देने और अधूरी परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त धन की व्यवस्था पर भी सरकार का जोर रहने की संभावना है। खासतौर पर अवस्थापना, औद्योगिक विकास, ग्रामीण विकास, शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में अतिरिक्त बजट का प्रावधान किए जाने की तैयारी है।

यूपी: आज पूरी ताकत के साथ दिखेगा मानसून, इन 40 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी; यहां होगा वज्रपात

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उत्तर प्रदेश में सावन की शुरुआत अच्छी बारिश के साथ हुई है। सोमवार को प्रदेश के तराई, पूर्वांचल और पश्चिमी यूपी के ज्यादातर इलाकों में कहीं हल्की तो कहीं मध्यम बारिश हुई। सोमवार को सीतापुर में सर्वाधिक 80.2 मिमी बारिश दर्ज हुई। वहीं प्रयागराज में 63 मिमी, कानपुर में 62.9 मिमी, मिर्जापुर में 56 मिमी, सहारनपुर में 42 मिमी बारिश हुई। इसी तरह प्रदेश के दोनों संभागों के ज्यादातर इलाकों में बारिश देखने को मिली।

बारिश के असर से तापमान में गिरावट आई। माैसम विभाग का कहना है कि मंगलवार और बुधवार को प्रदेश में बादलों की सक्रियता और बढ़ेगी साथ ही बारिश का जोर भी बढ़ेगा।मंगलवार के लिए मौसम विभाग ने प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी संभाग के 40 जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। वहीं 56 जिलों में गरज-चमक के साथ वज्रपात की आशंका जताई गई है।

क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि चार से छह अगस्त के दौरान प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश होने की संभावना है।

इन जिलों में है भारी बारिश का येलो अलर्ट

बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, भदोही, जौनपुर, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थ नगर, लखीमपुर खीरी, फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, उन्नाव, रायबरेली, सहारनपुर, मधुरा, हाथरस, कासगंज, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, बदायूं व आस पास के क्षेत्र।

यहां है गरज चमक के साथ वज्रपात की आशंका

सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थ नगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई, फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, उन्नाव, लखनऊ, बाराबंकी, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मधुरा, हाथरस, कासगंज, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल, बदायूं, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी, ललितपुर व आस पास के क्षेत्र।

 

Stock Market Astrology: मंगल, बुध, शुक्र की बदली चाल, बाजार में उतार चढ़ाव के बाद तेजी

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Stock Market Astrology: 31 जुलाई को बाजार बंद होने के बाद 1 अगस्त को शुक्र राशि बदल कर सिंह राशि से कन्या राशि में आ गए हैं। शुक्र पहले राहु और केतु के मध्य फंसे हुए थे जबकि अब राशि बदल कर मंगल और शनि की दृष्टि में आ गए हैं। क्योंकि मंगल ने भी 2…

Stock Market Astrology: 31 जुलाई को बाजार बंद होने के बाद 1 अगस्त को शुक्र राशि बदल कर सिंह राशि से कन्या राशि में आ गए हैं। शुक्र पहले राहु और केतु के मध्य फंसे हुए थे जबकि अब राशि बदल कर मंगल और शनि की दृष्टि में आ गए हैं। क्योंकि मंगल ने भी 2 अगस्त को राशि बदल ली है और मंगल अब बुध के साथ मिथुन राशि में गोचर कर रहे हैं और चौथी दृष्टि के साथ शुक्र को देख रहे हैं।

इसके अलावा इस सप्ताह 5 अगस्त को बुध राशि बदल कर कर्क राशि में चले जाएंगे और गुरु के साथ युति करेंगे। सूर्य का गोचर 3 अगस्त से अश्लेषा नक्षत्र में हो रहा है। कुल मिला कर ग्रह स्थिति बाजार में उतार-चढ़ाव का संकेत दे रही है क्योंकि वक्री शनि का मांग के केंद्र में आना वैश्विक स्थितियों को ज्यादा प्रभावित करेगा। जिससे कच्चे तेल की कीमतों पर असर होने के साथ-साथ बाजार भी प्रभावित होंगे। इसके बावजूद बाजार उतार-चढ़ाव के बाद तेजी के साथ बंद हो सकते हैं।

3 अगस्त को चन्द्रमा शनि के उत्तर भाद्रपद नक्षत्र में मीन राशि में शनि के ऊपर गोचर करेंगे, लिहाजा ओपनिंग पर बाजार अस्थिर रहेगा। सुबह 9.51 बजे चन्द्रमा उत्तर भाद्रपद नक्षत्र के तीसरे चरण में गोचर करेंगे लिहाजा इस समय तक बाजार की चाल का इंतजार करना चाहिए क्योंकि इसके बाद ही बाजार का ट्रेंड सैट होगा। इस दिन हमें मैटल, इंफ्रा, मशीन टूल से संबंधित कंपनियों के शेयरों में तेजी का रुख देखने को मिल सकता है।

4 अगस्त को जब बाजार खुलेगा तो चन्द्रमा बुध के रेवती नक्षत्र में शनि के ऊपर से गोचर करेंगे। सुबह 10 बजे चन्द्रमा रेवती के तीसरे चरण में प्रवेश करेंगे, लिहाजा यह टाइम साइकिल बाजार के लिहाज से अहम है। यहां से बाजार की दिशा बदल सकती है इसलिए इस समय के दौरान अपनी पोजीशन का खास ध्यान रखें। इस दौरान हमें आई.टी. सैक्टर के अलावा बैंकिंग, प्रिंटिंग, पब्लिकेशन से संबंधित कंपनियों के शेयरों में तेजी का रुख देखने को मिल सकता है।

5 अगस्त को चन्द्रमा सुबह मेष राशि में अश्वनी नक्षत्र में गोचर करेंगे और 9.39 बजे नक्षत्र का चरण बदल कर अश्वनी नक्षत्र के तीसरे चरण में गोचर करेंगे। लिहाजा बाजार खुलने पर इस समय का इंतजार करें और इसके बाद बाजार की दिशा तय होने पर ही कोई ट्रेड लें। इस दिन आई.टी. सैक्टर के अलावा कम्युनिकेशन और डिफैंस सैक्टर के शेयरों में तेजी का रुख देखने को मिल सकता है।

6 अगस्त को चन्द्रमा सुबह भरणी नक्षत्र में मेष राशि में गोचर करेंगे, लिहाजा बाजार की शुरूआत पॉजिटिव रह सकती है। दोपहर 2.30 बजे चन्द्रमा नक्षत्र का चरण बदल कर चौथे चरण में आ जाएंगे, लिहाजा आखिर घंटे में बाजार की चाल बदल सकती है। इस समय के इर्द-गिर्द अपनी पोजीशन का खास ध्यान रखें। इस दिन हमें ब्यूटी, लग्जरी, एंटरटेनमैंट और एफ.एम.सी.जी. सैक्टर से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में तेजी देखने को मिल सकती है।

7 अगस्त को चन्द्रमा सुबह कृतिका नक्षत्र में वृषभ राशि में गोचर करेंगे, लिहाजा बाजार की शुरूआत अस्थिरता के साथ हो सकती है। दोपहर 1.07 बजे नक्षत्र चरण बदल कर चौथे चरण में गोचर करेंगे, लिहाजा हमें दोपहर के बाद बाजार की चाल में बदलाव देखने को मिल सकता है। इस दिन पब्लिक सैक्टर से जुड़ी कंपनियों के अलावा डिफैन्स और एफ.एम.सी.जी. और बैंकिंग सैक्टर के शेयरों पर फोकस बनता हुआ नजर आ सकता है।

3 August Petrol-Diesel Rate: फिर जारी हुई पेट्रोल-डीजल की नई कीमतें, चेक करें आज के लेटेस्ट भाव

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नई दिल्ली : अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में एक बार फिर नरमी देखने को मिल रही है। ग्लोबल मार्केट में ब्रेंट क्रूड फिसलकर 84 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ गया है। इस बीच भारतीय तेल विपणन कंपनियों ने रोजाना की तरह देश भर में पेट्रोल और डीजल के ताजा भाव जारी कर दिए हैं। हालांकि देश के प्रमुख महानगरों में ईंधन की दरों में कोई बड़ा बदलाव नहीं देखा गया है और कीमतें स्थिर बनी हुई हैं।

दिल्ली में पेट्रोल ₹102.12 प्रति लीटर और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर पर स्थिर है। मुंबई में पेट्रोल ₹111.12 प्रति लीटर और डीजल ₹97.78 प्रति लीटर बिक रहा है। वहीं कोलकाता में पेट्रोल ₹113.43 प्रति लीटर और डीजल ₹99.78 प्रति लीटर बना हुआ है।

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चेन्नई में पेट्रोल ₹107.75 प्रति लीटर और डीजल ₹99.57 प्रति लीटर दर्ज किया गया। बेंगलुरु की बात करें तो यहां पेट्रोल ₹110.93 प्रति लीटर और डीजल ₹98.79 प्रति लीटर है। हैदराबाद में पेट्रोल ₹115.74 प्रति लीटर और डीजल ₹103.90 प्रति लीटर पर उपलब्ध है।

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अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दामों में आई गिरावट का मुख्य कारण ओपेक प्लस (OPEC+) देशों का नया फैसला है। ओपेक प्लस देशों ने सितंबर महीने से रोजाना 1.88 लाख बैरल अतिरिक्त तेल उत्पादन बढ़ाने का निर्णय लिया है। बाजार में कच्चे तेल की आवक बढ़ने की संभावना के कारण ब्रेंट क्रूड की कीमतें घटकर 84 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गई हैं।

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कमोडिटी और तेल विशेषज्ञों के अनुसार वैश्विक स्तर पर सप्लाई चेन अभी पूरी तरह सुचारू नहीं हुई है। रूस-यूक्रेन संघर्ष और ईरान से जुड़ी भू-राजनीतिक चिंताओं के कारण बाजार में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। हालांकि ओपेक प्लस द्वारा सप्लाई बढ़ाए जाने से आने वाले समय में ईंधन की कीमतों में स्थिरता बने रहने या आम उपभोक्ताओं को राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।