Monday, February 16, 2026
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NRI महिला ने Mutual Fund से कमाए 1.35 करोड़, दिया 0 Tax! इनकम टैक्स विभाग ने भेजा नोटिस फिर इस ट्रिक से कोर्ट में जीत गई केस

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नेशनल डेस्क: मुंबई से ताल्लुक रखने वाली एक NRI महिला ने भारत में इक्विटी और डेट म्यूचुअल फंड में निवेश कर लगभग 1.35 करोड़ रुपये का शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन कमाया। खास बात यह रही कि उन्होंने इस कमाई पर भारत में कोई टैक्स नहीं चुकाया। वजह थी—उनकी टैक्स रेजिडेंसी सिंगापुर में होना और भारत-सिंगापुर टैक्स संधि का सही इस्तेमाल।

जब महिला ने इनकम टैक्स रिटर्न फाइल किया, तो उन्होंने भारत-सिंगापुर डबल टैक्सेशन अवॉयडेंस एग्रीमेंट (DTAA) का हवाला दिया। उनका कहना था कि इस तरह का कैपिटल गेन टैक्स लगाने का अधिकार भारत का नहीं, बल्कि सिंगापुर का है।

टैक्स विभाग की आपत्ति और बढ़ता विवाद
इनकम टैक्स विभाग इस दावे से सहमत नहीं हुआ। विभाग का तर्क था कि म्यूचुअल फंड यूनिट्स की वैल्यू भारत में मौजूद एसेट्स से निकलती है, इसलिए टैक्स भारत में लगना चाहिए। इसी आधार पर महिला को नोटिस भेजा गया और उनका दावा खारिज कर दिया गया।

महिला ने इसके बाद डिस्प्यूट रेजोल्यूशन पैनल (DRP) में अपील की, लेकिन वहां भी उन्हें राहत नहीं मिली। मामला आगे बढ़ता गया और आखिरकार पहुंचा इनकम टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल (ITAT), मुंबई।

ITAT में निर्णायक बहस
ITAT में महिला की ओर से सबसे अहम दलील यह दी गई कि म्यूचुअल फंड यूनिट्स को कंपनी के शेयरों के बराबर नहीं रखा जा सकता। DTAA में शेयरों से होने वाले कैपिटल गेन और “अन्य संपत्तियों” से होने वाले गेन के लिए अलग नियम हैं।

इस केस में आर्टिकल 13(5) लागू किया गया, जिसके अनुसार ऐसी संपत्ति से होने वाली आय पर टैक्स लगाने का अधिकार केवल उसी देश को होता है, जहां निवेशक टैक्स रेजिडेंट है। चूंकि महिला टैक्स उद्देश्यों के लिए सिंगापुर की रेजिडेंट थीं, इसलिए टैक्स का अधिकार भी सिंगापुर को ही बनता है, भारत को नहीं।

ट्रिब्यूनल का साफ फैसला
ITAT मुंबई ने महिला की दलीलों को स्वीकार कर लिया। ट्रिब्यूनल ने स्पष्ट किया कि भारतीय कानून के तहत म्यूचुअल फंड कंपनियां नहीं, बल्कि ट्रस्ट के रूप में बनाए जाते हैं। इसलिए उनकी यूनिट्स को “शेयर” नहीं माना जा सकता। इसी आधार पर ट्रिब्यूनल ने फैसला सुनाया कि महिला को म्यूचुअल फंड से हुए कैपिटल गेन पर भारत में टैक्स नहीं देना होगा।

क्या आने वाला है बड़ा आर्थिक तूफान? रॉबर्ट कियोसाकी ने दी चौंकाने वाली चेतावनी

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बिजनेस डेस्कः मशहूर किताब ‘रिच डैड पुअर डैड’ के लेखक और फाइनेंशियल एक्सपर्ट रॉबर्ट कियोसाकी ने नए साल की शुरुआत में ही वैश्विक अर्थव्यवस्था को लेकर बड़ी चेतावनी दे दी है। हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर किए गए एक पोस्ट में उन्होंने दुनिया की आर्थिक स्थिति को बेहद कमजोर बताया है, खासतौर पर चीन की अर्थव्यवस्था को सबसे नाजुक कड़ी करार दिया है।

कियोसाकी ने लिखा कि मौजूदा हालात ऐसे हैं कि दुनिया को सिर्फ एक छोटे से “इवेंट” की जरूरत है, जो पूरी आर्थिक व्यवस्था को हिला सकता है। उन्होंने इतिहास का उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे 1914 में आर्चड्यूक फ्रांज फर्डिनेंड की हत्या ने पहला विश्व युद्ध शुरू कर दिया था, वैसे ही आज भी कोई अप्रत्याशित घटना बाजारों को बड़े संकट में डाल सकती है।

हालांकि, यह पहला मौका नहीं है जब कियोसाकी ने इस तरह की चेतावनी दी हो। वे पिछले एक दशक से लगातार बाजारों में बड़े उतार-चढ़ाव और आर्थिक संकट की आशंका जताते रहे हैं।

हर आर्थिक संकट सभी के लिए नुकसानदायक नहीं

कियोसाकी का मानना है कि हर आर्थिक संकट सभी के लिए नुकसानदायक नहीं होता। उन्होंने साफ कहा कि मुश्किल वक्त में ज्यादातर लोग गरीब हो जाते हैं, लेकिन जो तैयार रहते हैं, वे और अमीर बनते हैं। यही वजह है कि वे संकट को सिर्फ खतरा नहीं, बल्कि अवसर भी मानते हैं।

उनके अनुसार, बढ़ता वैश्विक कर्ज, राजनीतिक तनाव और कमजोर होती अर्थव्यवस्थाएं हालात को बेहद संवेदनशील बना देती हैं, जहां एक छोटा झटका भी बड़े वित्तीय तूफान में बदल सकता है। हालांकि पोस्ट में उन्होंने कोई ठोस आंकड़े नहीं दिए, लेकिन उनकी बातों का सीधा संबंध आज की वैश्विक चुनौतियों से जुड़ता है—जैसे चीन की सुस्त होती ग्रोथ, दुनिया भर में बढ़ता कर्ज और बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव।

कियोसाकी की यह पोस्ट भले ही धन्यवाद से शुरू हुई हो लेकिन जल्द ही यह वैश्विक संकट की चेतावनी में बदल गई। वे लगातार रिटेल निवेशकों को यह सलाह देते रहे हैं कि डर के बजाय तैयारी करें, क्योंकि मुश्किल समय में सस्ती संपत्तियों में निवेश कर बड़ा फायदा कमाया जा सकता है। यही बेबाक सोच उन्हें निवेशकों के बीच इतना लोकप्रिय बनाती है।

कुलदीप सेंगर…बृजभूषण सिंह निर्दोष हैं- WFI अध्यक्ष अध्यक्ष संजय सिंह बबलू का बड़ा बयान

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गोंडा: भारतीय कुश्ती संघ (डब्ल्यूएफआई) के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय सिंह ‘बबलू’ एक दिवसीय दौरे पर गोंडा जिले के नवाबगंज पहुंचे। इस दौरान उन्होंने नंदिनी गौ माता का आशीर्वाद लिया और भारतीय जनता पार्टी के सांसद करण भूषण सिंह से मुलाकात की। दौरे के दौरान संजय सिंह ने मीडिया से बातचीत में पहलवानों से जुड़े विवादों और कुश्ती के भविष्य को लेकर कई अहम बयान दिए।

कुलदीप सेंगर को बताया निर्दोष
संजय सिंह ने कुलदीप सेंगर मामले में प्रतिक्रिया देते हुए उन्हें निर्दोष बताया और कहा कि मामला न्यायालय में विचाराधीन है। उन्होंने पहलवान विनेश फोगाट द्वारा बृजभूषण शरण सिंह पर लगाए गए आरोपों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि अब विनेश फोगाट कुश्ती में सक्रिय नहीं हैं। उन्होंने कहा, “अब उनकी कुश्ती समाप्त हो चुकी है, वह अब खेल में नहीं हैं।”

बजरंग पुनिया प्रतिबंधित पहलवान
बृजभूषण शरण सिंह से जुड़े आरोपों को लेकर संजय सिंह ने कहा कि इस मामले में कुछ समय का इंतजार किया जाना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि आने वाले महीनों में पूरी सच्चाई सामने आ जाएगी और आरोप लगाने वाले पहलवानों की स्थिति भी स्पष्ट हो जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले में केवल चार पहलवानों ने आरोप लगाए थे। बजरंग पुनिया द्वारा लगाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए संजय सिंह ने कहा कि बजरंग पुनिया प्रतिबंधित पहलवान हैं और अब उनका कुश्ती से कोई लेना-देना नहीं रह गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग कुश्ती को छोड़कर राजनीति में रुचि ले रहे हैं। उन्होंने कहा, “अगर राजनीति करनी है तो खुलकर कीजिए, लेकिन कुश्ती में राजनीति न घुसाइए।”

विनेश फोगाट खेलना चाहें तो उनका स्वागत है
विनेश फोगाट के संभावित रूप से कुश्ती में लौटने के सवाल पर संजय सिंह ने कहा कि यदि वह खेलना चाहें तो उनका स्वागत है और हर संभव मदद की जाएगी, लेकिन यह सब डब्ल्यूएफआई के नियमों और रेगुलेशंस के तहत होगा। उन्होंने बताया कि चयन ट्रायल के लिए नियम है कि खिलाड़ी ने संबंधित वर्ष में किसी राष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक जीता हो। उन्होंने कहा कि विनेश फोगाट ने वर्ष 2024 और 2025 में किसी भी राष्ट्रीय प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं लिया है।

मुलायम सिंह यादव की तस्वीर के साथ सपा कार्यकर्ता ने संगम में लगाई डुबकी; नेताजी अमर रहे का लगाया नारा

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प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज माघ मेले में सपा कार्यकर्ता ने आज स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव की तस्वीर के साथ संगम में पावन डुबकी लगाई। सौरभ राम नामक कार्यकर्ता ने मुलायम सिंह यादव की तस्वीर के साथ खुद भी डुबकी लगाई और नेताजी अमर रहे का नारा लगाया। डुबकी लगाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

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मुलायम सिंह यादव की प्रतिमा न लगाने का दिया था निर्देश
माघ मेले में सेक्टर 6 में श्रद्धेय मुलायम सिंह यादव स्मृति सेवा संस्थान का शिविर लगा है। प्रयागराज मेला प्राधिकरण ने इस बार स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव की प्रतिमा न लगाने का निर्देश दिया था। इसके बाद सपा कार्यकर्ताओं और नेताओं ने भगवान राधा कृष्ण की प्रतिमा शिविर में स्थापित की है, हालांकि अब सपा कार्यकर्ता द्वारा स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव की तस्वीर के साथ डुबकी लगाने को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही है। अब देखना यह है कि प्रयागराज मेला प्राधिकरण इस मामले में क्या कदम उठाता है।

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महाकुंभ में लगाया था शिविर 

महाकुंभ मेला 2025 में पहली बार श्रद्धेय मुलायम सिंह यादव स्मृति सेवा संस्थान का शिविर लगा था। प्रयागराज के सपा नेता संदीप यादव की ओर से यह शिविर लगाया जाता है, हालांकि इस बार शिविर में विवादों के बाद संदीप यादव के खिलाफ गुंडा एक्ट के तहत कार्यवाही कर दी गई है। इसके बाद संदीप यादव अंडरग्राउंड हो गया है। नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने एक जनवरी को माघ मेले में पहुंचकर शिविर का उद्घाटन भी किया था।

छेड़छाड़ के आरोपी ने युवती को ट्रेन से फेंका, गंभीर हालत में पीड़िता का ट्रॉमा सेंटर में चला रहा इलाज

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लखनऊ: हम भले ही महिला सुरक्षा को लेकर बड़े- बड़े दावे करें लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती है। हर दिन कहीं न कहीं से महिलाओं के साथ शोषण की खबरें आ ही जाती है। ऐसा ही ताजा मामला राजधानी लखनऊ के पारा इलाके से सामने आया है। यहां की रहने वाली एक युवती के साथ छेड़छाड़ की गई। पीड़िता ने इस संबंध में थाने में प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज कराई थी। आरोप है कि शिकायत दर्ज कराने से नाराज आरोपी ने बाद में युवती को ट्रेन से नीचे फेंक दिया।

घटना के बाद पीड़िता को गंभीर हालत में इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों की पहचान की जा रही है और जल्द ही गिरफ्तारी की कार्रवाई की जाएगी।

इंस्पेक्टर काकोरी सतीश चंद्र राठौर ने बताया कि युवती का ट्रॉमा सेंटर में इलाज चल रहा है। उसके घर से आलमनगर स्टेशन तक और रास्ते में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। होश में आने पर युवती के बयान दर्ज किए जाएंगे। आरोपी कमल की तलाश में दबिश दी जा रही है।

फिलहाल इस घटना के बाद प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि शिकायत दर्ज कराने के बावजूद आरोपी बेखौफ होकर वारदात को अंजाम दे रहे हैं। पुलिस का दावा है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

संयोग,खुद के जन्मदिन के दिन जेल गए थे पूर्व CM के पुत्र, अपने बेटे के जन्मदिन पर हुए जेल से रिहा,पूर्व सीएम बोले-भावुक पल

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(रायपुर): छतीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल के लिए राहत भरी खबर आई है। बेटे के जन्मदिन पर चैतन्य को यह राहत मिली है। दरअसल छत्तीसगढ़ शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को हाई कोर्ट से जमानत मिल गई है।

चैतन्य बघेल को अपने बेटे के जन्मदिन पर मिली जमानत

चैतन्य को जमानत मिलने की खुशी में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नाच-गाकर खुशी का इजहार किया है। शराब घोटाले से जुड़े मामले को लेकर लगातार वो सुर्खियों में थे। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद चैतन्य बघेल को रायपुर सेंट्रल जेल से रिहा कर दिया गया। इनके रिहा होते ही  समर्थकों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह देखने वाला था। खुशी में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आतिशबाजी करके रिहाई का जश्न मनाया। चैतन्य बघेल की रिहाई की खुशी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता था कि उनके स्वागत करने के लिए बड़ी संख्या में समर्थक रायपुर सेंट्रल जेल के बाहर जमा हो गए थे।

जमानत मिलने पर भूपेश बघेल ने किया खुशी का इजहार

वहीं इतने महीनों बाद  बेटे चैतन्य को रिहाई मिलने पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी खुश नजर आए। खुशी जाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि यह पूरे परिवार के लिए भावुक क्षण है। भूपेश बघेल ने कहा कि “चैतन्य को उसके जन्मदिन के दिन गिरफ्तार किया गया था, और आज उनके पोते के जन्मदिन पर उसको जेल से रिहा किया जा रहा है। ये हमारे परिवार के लिए काफी भावुक करने वाला पल है।

आपको बता दें कि चैतन्य बघेल पिछले करीब 6 महीनों से जेल के अंदर थे। उनको 18 जुलाई को उनके जन्मदिन के दिन गिरफ्तार किया गया था। ये भी काफी संयोग की बात है कि जिस दिन वे जेल से बाहर आए, उसी दिन उनके बेटे का जन्मदिन है। वहीं चैतन्य बघेल की रिहाई के बाद सियासी हलकों में हलचल तेज हो गई है

यूपी: भीषण शीतलहर की चपेट में प्रदेश, लखनऊ सहित इन 34 जिलों के लिए जारी हुई चेतावनी; बाराबंकी रहा सबसे ठंडा

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Weather in UP: यूपी में भीषण शीतलहर का दौर चल रहा है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में तीन से चार डिग्री पारे गिरने का अनुमान जतया है।

पूरा यूपी भीषण सर्दी की चपेट में है। शनिवार को दिन की शुरूआत कोहरे और गलन के साथ हुई। विक्षोभ के कमजोर पड़ते ही सर्द पछुआ ने सर उठाया और शुक्रवार को दिन में प्रदेश के कई जिलों में कड़ाके की ठंड पड़ी। कोहरे के प्रकोप और दिन में 10 से 15 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गलन भरी पछुआ ने लोगों की परेशानी बढ़ाई। जिन इलाकों में धूप हुई, वहां भी गलन हावी रही।माैसम विभाग का कहना है कि पहाड़ों से आ रही पछुआ के असर से प्रदेश भर में अगले तीन दिनों में दिन व रात के तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आएगी।

पूरा यूपी भीषण सर्दी की चपेट में है। शनिवार को दिन की शुरूआत कोहरे और गलन के साथ हुई। विक्षोभ के कमजोर पड़ते ही सर्द पछुआ ने सर उठाया और शुक्रवार को दिन में प्रदेश के कई जिलों में कड़ाके की ठंड पड़ी। कोहरे के प्रकोप और दिन में 10 से 15 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गलन भरी पछुआ ने लोगों की परेशानी बढ़ाई। जिन इलाकों में धूप हुई, वहां भी गलन हावी रही।माैसम विभाग का कहना है कि पहाड़ों से आ रही पछुआ के असर से प्रदेश भर में अगले तीन दिनों में दिन व रात के तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आएगी।

UP: मासूम की सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या… दरिंदों ने इसलिए छत से फेंका शव, मुठभेड़ के बाद हुए गिरफ्तार

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सिकंदराबाद औद्योगिक क्षेत्र के एक गांव में शुक्रवार शाम लापता हुई छह वर्षीय मासूम बच्ची के साथ उसी मकान में रहने वाले दो युवकों ने सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या की और शव को छत से फेंक दिया था। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को देर रात मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है।

फिरोजाबाद जनपद निवासी श्रमिक की छह वर्षीय मासूम बेटी शुक्रवार शाम को खेलते हुए अचानक लापता हो गई थी। बताया गया कि बच्ची खेलते हुए मकान की ऊपरी मंजिल पर चली गई थी, जहां पहले से ही दो अन्य युवक मौजूद थे। आरोपी नशे की हालत में थे और उन्होंने बच्ची को अकेला पाकर अपनी दरिंदगी का शिकार बनाया। विरोध करने और शोर मचाने पर बच्ची की हत्या कर दी गई और उसे तीसरी मंजिल से नीचे फेंक दिया गया।

वारदात के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों की तलाश शुरू की। देर रात पुलिस और आरोपियों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपियों की शिनाख्त राजू निवासी भगवानपुर थाना रहरा  बाजार जनपद बलरामपुर और वीरू कश्यप निवासी गोला गोरखनाथ थाना कोतवाली लखीमपुर खीरी के रूप में हुई है।

एसएसपी बुलंदशहर दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि प्रारंभिक सूचना बच्ची के तीसरी मंजिल से गिरने की थी। हिरासत में लिए गए दोनों युवक नशे की हालत में मिले हैं। पूछताछ में सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या करना सामने आया है।

वर्दी पर ट्रिपल स्टार, कार पर ACP… मऊ में रिटायर्ड इंस्पेक्टर का बेटा बना फर्जी अफसर, रौब दिखाते ही पोल खुली—पुलिस ने दबोचा

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Mau News: उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में बीते शुक्रवार शाम उस वक्त हड़कंप मच गया, जब शहर कोतवाली पुलिस ने एक फर्जी सीओ को गिरफ्तार किया। शुरू में लोग उसे असली पुलिस अधिकारी समझ बैठे, लेकिन जांच में सच्चाई सामने आते ही सभी हैरान रह गए। दरअसल, पकड़ा गया युवक सिद्धार्थनगर जिले का रहने वाला प्रभात पांडे है, जो अपने पिता की पुलिस वर्दी पहनकर खुद को सीओ बताकर मऊ पहुंचा था। उसका मकसद अपनी प्रेमिका से मिलना था।

लोगों को धौंस दिखाकर पूछ रहा था लड़की का पता
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, प्रभात पांडे सीओ की वर्दी में इलाके में घूम रहा था और लोगों को रौब दिखाकर एक लड़की का पता पूछ रहा था। उसकी बातचीत और व्यवहार से स्थानीय लोगों को शक हुआ। इसके बाद उन्होंने तुरंत शहर कोतवाली पुलिस को सूचना दी।

मौके पर पहुंची पुलिस ने किया गिरफ्तार
सूचना मिलते ही शहर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को हिरासत में लेकर कोतवाली ले गई। पूछताछ में उसने कबूल किया कि वह फर्जी सीओ बनकर आया था।

पिता 2025 में इंस्पेक्टर पद से हुए थे रिटायर
पुलिस जांच में सामने आया कि प्रभात पांडे के पिता यूपी पुलिस में इंस्पेक्टर थे और वर्ष 2025 में रिटायर हुए हैं। प्रभात उन्हीं की वर्दी पहनकर खुद को पुलिस अधिकारी बताता था। बताया जा रहा है कि वह पहले भी इस तरह की हरकतें कर चुका है। फिलहाल वह अपने पिता के साथ वाराणसी में रह रहा था।

फास्ट फूड खाने से 18 वर्षीय छात्रा की मौत, पत्ता गोभी के जरिए दिमाग में कीड़ों के कारण बन गईं थीं 25 गांठें

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नेशनल डेस्क: उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले से एक बेहद ही परेशान करने वाला मामला सामने आया है, जिसने फास्ट फूड के स्वास्थ्य पर बढ़ते खतरे को उजागर किया है। नीट की तैयारी कर रही 18 वर्षीय छात्रा इलमा की जान दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में इलाज के दौरान चली गई। डॉक्टरों ने बताया कि पत्ता गोभी के जरिए शरीर में प्रवेश करने वाला कीड़ा उसके दिमाग तक पहुंचा और वहां करीब 25 गांठों का कारण बना।

छात्रा की कहानी:
मंडी धनौरा थाना क्षेत्र के गांव चुचैला कलां निवासी किसान नदीम अहमद की बड़ी बेटी इलमा एक प्राइवेट स्कूल में इंटरमीडिएट की पढ़ाई कर रही थी और साथ ही नीट की तैयारी भी कर रही थी। परिवार के अनुसार, लगभग एक महीने पहले इलमा को टाइफाइड हुआ था। इसके बाद से उसकी तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई।

इलमा को पहले नोएडा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। सीटी स्कैन और एमआरआई रिपोर्ट में डॉक्टरों ने दिमाग में 7 से 8 गांठें होने की बात कही थी। हालांकि इलाज के कुछ दिनों बाद उसकी स्थिति में सुधार हुआ, लेकिन अचानक हालत फिर बिगड़ गई और नई जांच में गांठों की संख्या 25 तक पहुँच गई।

स्थिति गंभीर होने पर 22 दिसंबर को परिवार ने इलमा को दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल ले जाया। यहां डॉक्टरों ने दिमाग का ऑपरेशन किया, लेकिन 29 दिसंबर को इलाज के दौरान छात्रा की मौत हो गई। उनके पिता नदीम अहमद के अनुसार, डॉक्टरों ने बताया कि पत्ता गोभी के जरिए शरीर में पहुंचा कीड़ा दिमाग में जाकर गांठों का कारण बना।

सावधानी की चेतावनी:
यह घटना अकेली नहीं है। इसके एक सप्ताह पहले, अमरोहा के अफगानान मोहल्ले में 11वीं कक्षा की छात्रा अहाना भी अत्यधिक फास्ट फूड खाने के कारण दिल्ली एम्स में इलाज के दौरान अपनी जान गंवा चुकी थी। डॉक्टरों ने बताया कि लगातार असंतुलित और गंदे फास्ट फूड के सेवन से उसका पाचन तंत्र पूरी तरह प्रभावित हो गया था, और ऑपरेशन के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका।

विशेषज्ञों का कहना है कि साफ-सफाई और संतुलित आहार की कमी से गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। लगातार सामने आ रहे ऐसे मामले फास्ट फूड के जोखिम को लेकर लोगों में गहरी चिंता पैदा कर रहे हैं।