Friday, February 13, 2026
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लखनऊ 2 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें लखनऊ डायवर्ट

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लखनऊ- 2 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें लखनऊ डायवर्ट, कुवैत, शारजाह से काठमांडू जा रही थी फ्लाइट, घना कोहरा, कम विजिबिलिटी से विमान डायवर्ट, काठमांडू ATC ने लैंडिंग की अनुमति नहीं दी थी, जजीरा एयरलाइंस की फ्लाइट लखनऊ उतरी, विमान में 169 यात्री, 6 क्रू मेंबर थे सवार, मौसम साफ होने पर दोनों विमान रवाना किए गए

लखनऊ आतंकी फैजान से पूछताछ करेगी ATS

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लखनऊ- आतंकी फैजान से पूछताछ करेगी ATS,यूपी एटीएस की टीम अहमदाबाद रवाना, फैजान के यूपी कनेक्शन पर होगी पूछताछ, मूल रूप से रामपुर का रहने वाला है फैजान, फैजान को नवसारी से किया गया गिरफ्तार, पिस्टल, 6 कारतूस, आपत्तिजनक सामग्री मिली

Kanpur: बहू-बेटे ने बुजुर्ग मां के दांत-पसलियां तोड़ी, पुलिस ने इंसाफ की जगह कमरे में जड़ा ताला, पढ़ें मामला

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कानपुर में नौ महीने का दर्द सहकर बेटे को जन्म दिया। इसके बाद अंगुली पकड़कर उसे चलना सिखाया, आज उसी बेटे ने अपनी पत्नी के साथ मिलकर बुजुर्ग मां के चार दांत और पसलियां तोड़ दीं। जिस बेटे के दांत निकलने पर मां खुशी के सागर में समा गई होगी, उसी बेटे ने झोली में असहनीय पीड़ा भर दी।

बेटे ने तो पसलियां तोड़ीं, न्याय के लिए कई बार थाने के चक्कर काटने वाली मांं की उम्मीद तब टूट गई, जब पुलिस ने बहू-बेटे का साथ देकर उनके कमरे में ताला डलवा दिया। मामला बिठूर थाना क्षेत्र का है। पीड़िता ने पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल से शिकायत की ताे हरकत में आई बिठूर थाना पुलिस ने आरोपी बेटे-बहू के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।

चार दांत और तीन पसलियां टूट गईं
बहलोलपुर मंधना गांव निवासी मीरा त्रिवेदी (67) पत्नी शिवप्रकाश ने पुलिस को बताया कि बेटा नवनीत और बहू उनको पीटते हैं। घर में रहने नहीं देते। बेटे और बहू ने उन्हें इतनी बुरी तरह से पीटा कि चार दांत और तीन पसलियां टूट गईं। इस कारण हैलट के आईसीयू में उनका इलाज किया गया, तब उनकी जान बच सकी।

कमरे पर बेटे-बहू से ताला लगवा दिया
आरोप है कि बिठूर थाने पहुंचकर कई बार बेटे-बहू के खिलाफ प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। पुलिस ने उनके कमरे पर बेटे-बहू से ताला लगवा दिया। पीड़िता के अनुसार, उनके व पति के पास न तो पहनने के लिए कपड़े हैं और न ही सोने के लिए बिस्तर हैं। दोनों लोग मकान के ऊपरी कमरे में रहने लगे।

नीचे का कमरा खुलवाने की गुहार लगाई
बार-बार जीने चढ़ने और उतरने में परेशानी के चलते अब दंपती ने पुलिस कमिश्नर से नीचे का कमरा खुलवाने की गुहार लगाई है। बिठूर इंस्पेक्टर प्रेमनारायण विश्वकर्मा ने बताया कि सीपी के आदेश पर बेटे नवनीत और उसकी पत्नी पर जानबूझकर चोट पहुंचाने और मारपीट की धारा में रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है।

भरण पोषण के लिए हर माह देने होंगे तीन हजार रुपये
पीड़िता के अनुसार बेटे और बहू का रवैया न सुधरने पर उन्होंने कोर्ट उपजिलाधिकारी सदर में वरिष्ठ नागरिक उप्र भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम (2007) के तहत वाद दाखिल किया। इस पर कोर्ट ने 17 जनवरी को बेटे को प्रति माह की सात तारीख को तीन हजार रुपये भरण पोषण के लिए जमा करने का आदेश दिया है।

 

Auraiya News: खुली पोल…सरकारी अस्पतालों में दवा तो कहीं जांच नहीं

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औरैया। जिले की स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली टीमों के औचक निरीक्षण में सामने आ गई। सीएमओ के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की 16 टीमें सीएचसी, पीएचसी, जिला अस्पताल पहुंचीं तो खामियां ही खामियां सामने आ गईं।कहीं दवा उपलब्ध नहीं थीं तो कहीं जांच नहीं हो रही थी। कहीं मरीजों को समय से खाना नहीं मिल रहा था तो कहीं गंदगी पसरी मिली। टीमों ने खामियां ठीक कराने के निर्देश दिए।एसीएमओ डॉ. शिशिर पूरी सीएचसी दिबियापुर का निरीक्षण करने पहुंचे। दवा स्टॉक चेक किया तो 22 प्रकार की दवाएं उपलब्ध नहीं मिलीं। इनके बारे में बताया गया कि दवाएं मंगवाने के लिए पत्र भेजा है। उन्होंने लैब का भी निरीक्षण किया। यहां पाया कि मरीजों को जांच रिपोर्ट मोबाइल पर नहीं भेजी जा रही थी। मरीजों से बात की तो पता चला कि मरीजों को समय से खाना नहीं मिल रहा है।

निरीक्षण के दौरान ओपीडी में डॉ रश्मि एवं डॉ. सऊद अहमद, फार्मासिस्ट मृदुल पाल ,वार्ड व्याय उमाशंकर उपस्थित मिले। डॉ. शिशिर पुरी ने ही पीएचसी देवरपुर और फफूंद का भी निरीक्षण किया। यहां उन्होंने सिटीजन चार्ट और शिकायत पेटिका नहीं मिली।

आग बुझाने वाले उपकरण की एक्सपायरी तिथि निकट मिली। इस दौरान जिला मातृ स्वास्थ्य परामर्शदाता अखिलेश कुमार, ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधक अश्वनी कुमार, हिमांशु चंदन, उपेंद्र पाल, स्टाफ नर्स रीना, सोनाली, आरती सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।
आयुष्मान आरोग्य केंद्र ककोर में सीएचसी की ओर से बीसीपीएम जमीर अहमद एवं एचईओ विवेक कुमार ने निरीक्षण किया। यहां मरीजों के बैठने के लिए कोई व्यवस्था नहीं मिली। आरोग्य केंद्र के सामने मिट्टी न होने के कारण बारिश में पानी भर जाता है, शौचालय का चैंबर गंदगी से भरा मिला। सीएचओ रजनी पाल ने बताया कि इस संबंध में ग्राम प्रधान से कई बार अवगत कराया गया, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
जिला संयुक्त चिकित्सालय में डॉ. मनोज शंखवार निरीक्षण करने पहुंचे। यहां सबसे बड़ी समस्या पर्चा बनने को लेकर उन्हें दिखी। आधार कार्ड साथ न लाने वालों के पर्चे नहीं बन पा रहे थे। सीएमएस डॉ. अनिल कुमार गुप्ता ने बताया कि ऑनलाइन पर्चे के लिए आधार नंबर आवश्यक है। अस्पताल के अंदर ही पानी फैला मिला, जिससे साफ कराया गया। अस्पताल में सफाईकर्मी यूनिफार्म में नहीं मिले।
एसीएमओ सीएमओ डॉ. बृजेश कुमार एवं डॉ. अनीस अंसारी ने सीएचसी बिधूना की स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया। यहां अल्ट्रासाउंड जांच नहीं हो रही थी। सीएचसी बिधूना के अधीक्षक डॉ. वीपी शाक्य ने बताया कि टेक्नीशियन न होने के कारण अल्ट्रासाउंड नहीं हो पा रहे हैं। टीम ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र असजना, रुरुगंज तथा उपकेंद्र पुरवा बड़े का भी निरीक्षण किया व साफ-सफाई दुरुस्त रखने के निर्देश दिए।

सभी प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में औचक निरीक्षण करवाकर व्यवस्थाओं की जांच कराई गई है। संबंधितों को सुधार के निर्देश दिए हैं। आगे भी इसी प्रकार निरीक्षण कराए जाएंगे, जिससे हकीकत सामने आती रहे।
-डॉ. सुरेंद्र कुमार, सीएमओ।

Auraiya News: रात भर बारिश से गिरी सरसों की फसल, आलू के खेत में घुसा पानी

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औरैया। जिले में मंगलवार रात से बुधवार सुबह तक हुई बारिश ने मौसम का रुख बदल दिया है। धीरे-धीरे बढ़ता पारा एकाएक नीचे गिर गया है। इस बारिश ने आलू, सरसों, अरहर समेत सब्जी फसलों को झटका दे दिया है।स्थिति यह है कि सरसों की फसल गिर गई। वहीं आलू के खेत में पानी घुस गया। इन फसलों में नुकसान की आशंका है। पिछले तीन दिन से आसमान में छाए बादल मंगलवार रात बरसे। पूरी रात रुक-रुककर बारिश होती रही। वहीं जिले के कुछ स्थानों पर दिन में भी बारिश हुई। तेज हवा के साथ हुई इस बारिश ने फसलों को झकझोर दिया है। मौसम विभाग के अनुसार रातभर में पांच मिलीमीटर बारिश हुई है। वहीं पांच डिग्री पारा गिरा है।

किसानों के अनुसार आलू की फसल में पानी भर जाने से कंद में फंगस लगने का खतरा बढ़ गया है। सरसों की फसल में सबसे ज्यादा नुकसान देखा जा रहा है, फूल झर जाने से उत्पादन में गिरावट होगी। वहीं ज्यादातर किसानों की सरसों की फसल खेत में गिर गई है। कुछ ऐसा ही हाल अरहर का है। सब्जी की फसलों में यह बारिश आफत बनकर बरसी है। टमाटर, शिमला मिर्च में सड़न की आशंका बढ़ गई है। फूल झड़ जाने की वजह से उत्पादन में गिरावट आएगी।

ऐसे में अगले सप्ताह तक सब्जी के भाव उछाल मारेंगे। रात की तरह बुधवार दिनभर आसमान में बादल छाए रहे। सर्द हवाएं चलती रहीं। कुछ जगह हल्की बूंदाबांदी भी हुई। ऐसे में किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें देखने को मिली।

बुधवार को अधिकतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जोकि एक दिन पहले 26 डिग्री रहा। हालांकि न्यूनतम तापमान में एक डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। मौसम वैज्ञानिक डॉ. रामपलट ने बताया कि दो दिन और बादल छाए रहने के आसार है। छुटपुट बारिश हो सकती है। फसलों में पानी की निकासी के इंतजाम रखें। ताकि जलभराव से फसल को बचाया जा सके।
गेहूं की फसल को फायदा
एक तरफ जो बारिश आलू, सरसों, अरहर समेत अन्य फसलों के लिए मुसीबत बन गई है, वहीं गेहूं को इससे फायदा है। दरअसल अभी गेहूं में बाली नहीं आई है। ऐसे में गेहूं को सिंचाई की जरूरत भी थी। बारिश होने से सिंचाई की जरूरत भी पूरी हो गई है। वहीं तापमान में गिरावट भी गेहूं के लिए फायदेमंद है।

बोले किसान-बारिश आफत बन गई
आलू में फंगस का खतरा
आलू की अगेती फसल किसानों की आय में अहम मानी जाती है। जिले में आलू की फसल का रकबा सात हजार हेक्टेयर के करीब है। इन दिनों हो रही बारिश से आलू में फंगस का खतरा बढ़ गया है।
मोनू शाक्य, रामपुर

भाव पर होगा असर
झुलसा रोग से प्रभावित हुई आलू की फसल पर अब बारिश आफत बन गई है। उत्पादन गिरने की आशंका है। ऐसे में इसका असर आलू के भाव पर भी देखने को मिलेगा।
बीनू राठौर, पुरवा कमल सिंह

Auraiya News: वंदे मातरम का आदेश वापस लेने के दबाव से छोड़ दिया था पद

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दिबियापुर। पूर्व बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री डॉ. रवींद्र शुक्ला ने कहा कि अपने कार्यकाल में उन्होंने स्कूलों में वंदे मातरम गायन अनिवार्य करने का आदेश दिया था। इस आदेश को वापस लेने का दबाव पड़ा तो उन्होंने आदेश वापस न लेकर अपना मंत्री पद छोड़ दिया था।

मंगलवार की शाम नगर के एक गेस्ट हाउस में आयोजित हिंदू सम्मेलन में उन्होंने कहा कि खुशी की बात यह है कि अब 27 साल बाद केंद्र सरकार ने इसे अनिवार्य किया है। उन्होंने केंद्र सरकार से यूजीसी के प्रावधानों का विरोध करते हुए प्रधानमंत्री से इसे वापस कराने और जगह -जगह चल रहे मदरसे को बंद करवाने की अपील की।

गायत्री शक्ति पीठ चित्रकूट धाम से आए रामनारायण त्रिपाठी ने भी हिंदू एकता पर बल दिया। सम्मेलन में शिव तांडव सहित विभिन्न सांस्कृतिक नृत्य आयोजित हुए। इस अवसर पर रणवीर,अनूप, महेंद्र, हरिश्चंद्र, राघव मिश्रा, राम कुमार अवस्थी, कौशल राजपूत, सर्वेंद्र सिंह भदौरिया, रितु चंदेरिया, संगीता चौहान, सुनीता तिवारी, अर्चना तिवारी व शुभ पोरवाल उपस्थित रहे।

Lucknow: यूजीसी के नए नियमों के विरोध में यूपी में प्रदर्शन और इस्तीफे, सवर्ण समाज का राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन

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यूजीसी के नए नियमों के विरोध में बुधवार को भी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में प्रदर्शन हुए। शिक्षण संस्थानों में छात्रों और शिक्षकों ने बैनर पोस्टर लेकर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रयागराज में हाईकोर्ट के अधिवक्ताओं ने हस्ताक्षर अभियान चलाकर इसे पूरी तरह से वापस लेने की मांग की।ब्रज में आगरा, फिरोजाबाद , मैनपुरी, एटा और कासगंज में सवर्ण समाज ने कलेक्ट्रेट समेत अन्य स्थानों पर धरना देकर प्रदर्शन किया। मऊ में नगर क्षेत्र के ताजोपुर में भाजपा के एक सेक्टर अध्यक्ष, पांच बूथ अध्यक्ष सहित 20 कार्यकर्ताओं ने इस्तीफा देकर पार्टी का झंडा भी फूंका।

गाजियाबाद में विश्व ब्रह्रमर्षि ब्राह्मण महासभा के सदस्यों ने हाथों में बेड़ियां और तन पर कफन पहनकर कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया।  हापुड़ और बुलंदशहर में भी प्रदर्शन किया गया। पीलीभीत में भाजपा के दूसरे बूथ स्तरीय पदाधिकारी ने यूजीसी को काला और भेदभावपूर्ण कानून बताते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।

हाथरस के मुरसान में भारतीय किसान यूनियन (भानु) के अलीगढ़ मंडल अध्यक्ष व राष्ट्रीय सचिव राम ठाकुर ने राष्ट्रपति के नाम खून से लिखा पत्र कलेक्ट्रेट पहुंचकर एडीएम को सौंपा। वाराणसी में एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने काशी विद्यापीठ को बंद करवा दिया। विरोध की वजह से स्नातक, स्नातकोत्तर की परीक्षा भी टालनी पड़ी।

उधर, राष्ट्रीय हिंदू दल संगठन की ओर से पदाधिकारियों ने प्रधानमंत्री को खून से पत्र लिखकर नियमावली को तत्काल वापस लेने की मांग की है। वहीं, दूसरी तरफ  रामपुर के बिलासपुर में राष्ट्रीय पटेल महासभा के कार्यकर्ताओं ने समर्थन में जुलूस निकालकर राष्ट्रपति के नाम एसडीएम को सौंपा।

UP: कैबिनेट की बैठक आज, आठ लाख शिक्षकों को मिल सकता है कैशलैस चिकित्सा का तोहफा; हो सकते हैं ये फैसले

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राज्य कर्मचारियों की तरह प्रदेश सरकार शिक्षकों को भी कैशलेस चिकित्सा का तोहफा देने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को लोकभवन में कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी जाएगी। प्रदेश के करीब 8 लाख से अधिक शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों व रसोइयों को इस योजना का लाभ मिलेगा।इसके अलावा लखीमपुर खीरी में नाव पलटने से हुए हादसे से पीड़ित ग्रामीणों को घर देने, आवास विभाग के वाह्य विकास शुल्क प्रणाली में सुधार के लिए ‘उप्र नगर योजना और विकास (विकास शुल्क) उद्ग्रहण, संग्रहण नियमावली,2026’ और उप्र शहरी पुर्नविकास नीति, 2026 को भी मंजूरी दी जा सकती है।

बता दें कि कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीते साल के पांच सितंबर को शिक्षक दिवस पर शिक्षकों के लिए कैशलेश चिकित्सा सुविधा देने की घोषणा की थी। विभाग की ओर से इस योजना को आयुष्मान योजना की तरह लागू करने की तैयारी है। यह सुविधा पूरी तरह कैशलेश है। 

स्टांप एवं पंजीकरण विभाग के भवन निर्माण के लिए 9.92 करोड़ जारी

सरकार ने स्टांप एवं पंजीकरण विभाग के कार्यालय भवनों के निर्माण कार्य को गति देने के लिए बड़ी वित्तीय स्वीकृति दी है। बुधवार को जारी दो अलग-अलग शासनादेशों के अनुसार प्रदेश के कई जिलों में निर्माणाधीन उप निबंधक कार्यालयों एवं रिकॉर्ड रूम के लिए 9.92 करोड़ की दूसरी किस्त जारी की गई है। शासनादेश के तहत उन्नाव के पुरवा स्थित उप निबंधक कार्यालय तथा चंदौली सदर स्थित उप निबंधक एवं सहायक महानिरीक्षक निबंधन कार्यालय भवन के लिए 2.89 करोड़ की दूसरी किस्त स्वीकृत की गई है। इन दोनों परियोजनाओं की कुल पुनरीक्षित लागत 5.81 करोड़ है। दूसरे शासनादेश में उन्नाव (सफीपुर, बांगरमऊ), बाराबंकी (रामसनेही घाट), सुलतानपुर (लंभुआ, जयसिंहपुर), प्रतापगढ़ (कुंडा) तथा बुलंदशहर (खुर्जा) में रिकॉर्ड रूम निर्माण के लिए 7.03 करोड़ की दूसरी किस्त जारी की गई है। शासनादेश में स्पष्ट किया गया है कि जारी धनराशि का उपयोग केवल स्वीकृत कार्यों पर किया जाएगा तथा निर्माण कार्य निर्धारित मानकों और समय से पूर्ण कराया जाएगा। सरकार का मानना है कि इन नए भवनों के निर्माण से स्टाम्प एवं पंजीकरण सेवाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी, कार्यक्षमता सुधरेगी और आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।

फरवरी में 10 फीसदी ईंधन अधिभार वसूलने का आदेश, विरोध में याचिका दाखिल

 पॉवर कॉर्पोरेशन की ओर से फरवरी में उपभोक्ताओं से 10 प्रतिशत ईंधन अधिभार शुल्क वसूलने के आदेश जारी किया है। यह आदेश जारी होते ही विरोध शुरू हो गया। उपभोक्ता परिषद ने नियामक आयोग में विरोध प्रस्ताव दाखिल कर उपभोक्ताओं पर भार लादने का आरोप लगाया। परिषद ने पूरे मामले पर विद्युत नियामक आयोग से हस्तक्षेप करने की मांग की। पॉवर कॉर्पोरेशन का दावा है कि नवंबर 2025 में बिजली खरीद की वास्तविक दर 5.79 रुपये प्रति यूनिट रही, जबकि विद्युत नियामक आयोग द्वारा स्वीकृत टैरिफ में यह दर 4.94 रुपये प्रति यूनिट है। इसी अंतर के आधार पर ईंधन अधिभार शुल्क लगाकर उपभोक्ताओं से अतिरिक्त वसूली का आदेश जारी किया गया है। उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश वर्मा ने बुधवार को नियामक आयोग में विरोध प्रस्ताव दाखिल किया। इसमें उन्होंने मांग की है कि नवंबर जैसे सामान्य मांग वाले महीने में इतनी महंगी बिजली खरीद पूरी तरह से संदेहास्पद है। मई 2025, जब प्रदेश में भीषण गर्मी, बिजली संकट और रिकॉर्ड मांग थी, उस समय भी पॉवर कॉर्पोरेशन ने बिजली 4.76 रुपये प्रति यूनिट की दर से खरीदी थी। उन्होंने नवंबर 2025 में की गई बिजली खरीद की स्वतंत्र एवं उच्चस्तरीय जांच कराने और ईंधन अधिभार शुल्क के नाम पर की जा रही 10% वसूली पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।

UP: ‘मैं अब अपने जीवन से खुश नहीं, दिखावा करते-करते थक गया हूं’, 11 लाइन का नोट लिखकर UPSC छात्र ने दी जान

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हाथरस में अवसाद के चलते यूपीएससी की तैयारी कर रहे युवक नागेंद्र प्रताप सिंह उर्फ बॉबी (28) ने मंगलवार शाम फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मरने से पहले उसने अपने हाथ पर मैं अपने जीवन से खुश नहीं लिखा है।

आगरा रोड स्थित आशीर्वाद धाम कॉलोनी निवासी बॉबी सीआईएसएफ तैनात हरि सिंह के इकलौते बेटे थे और पिछले छह महीनों से घर पर रहकर गेट एक्जाम व यूपीएससी की तैयारी कर रहे थे। परिजनों के अनुसार, बॉबी ने एक कॉलेज से कंप्यूटर से बी-टेक किया था। इसके बाद दो साल टीसीएस कंपनी में नौकरी भी की। बाद में यूपीएससी की तैयारी के चलते उसने नौकरी छोड़ दी थी, फिलहाल वह घर पर रहकर ही तैयारी कर रहे थे।

मंगलवार को हरि सिंह व परिवार के अन्य लोग किसी काम से मथुरा गए थे। शाम को जब वे वापस आए तो बॉबी का शव फंदे पर लटका देखा। मौके पर पहुंची कोतवाली सदर पुलिस दरवाजा तोड़कर अंदर दाखिल हुई और शव को नीचे उतारा। शव देख परिवार में कोहराम मच गया। आस-पड़ोसियों ने बिलखते परिजनों को संभाला।

लाल पेन से हाथ पर लिखा 11 लाइन का सुसाइड नोट
पुलिस के अनुसार बॉबी काफी समय से डिप्रेशन में था। मथुरा जाने के लिए भी परिजनों ने उससे पूछा था, लेकिन उसने जाने से इन्कार कर दिया था। मरने से पहले नागेंद्र ने अंग्रेजी में हाथ पर लाल पेन से 11 लाइन का सुसाइड नोट लिखा था।

दिखावा करते-करते थक गया हूं
सुसाइड नोट में लिखा, यकीन मानिए, मैं अब अपने जीवन से खुश नहीं हूं। अब मैं दिखावा करते-करते थक गया हूं कि मैं ठीक हूं, जबकि असल में मैं ठीक नहीं हूं। मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं ने मुझे बहुत कमजोर बना दिया है। इसलिए, मैं अपने होशोहवास में अपनी जिंदगी खत्म करने का फैसला ले रहा हूं, जो कि निर्णयात्मक है।

भाई से झगड़े के बाद बालिका ने फंदे पर लटककर जान दी
थाना क्षेत्र के एक गांव में सातवीं कक्षा में पढ़ने वाली बालिका (12) ने मंगलवार की देर शाम भाई से झगड़ा होने के बाद फंदे पर लटककर जान दे दी।

बालिका का पांचवीं में पढ़ने वाले भाई से कॉपी पर लेने पर विवाद हुआ था। इसी मामूली विवाद को बच्ची बर्दाश्त नहीं कर पाई। उसने बेड पर कुर्सी रखकर दुपट्टे का फंदा छत के कुंडे में बनाया और झूल गई।

कुछ देर बाद परिजनों उसे फंदे से लटके देखा तो उसे बचाने की कोशिश की और उसे फंदे से उतारा, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। परिजनों ने पुलिस को घटना की नहीं दी है और अंतिम संस्कार कर दिया। गंगीरी इंस्पेक्टर रणजीत सिंह ने बताया कि मामले की कोई जानकारी नहीं मिली है।

हर आत्महत्या के पीछे छिपी होती है एक पीड़ा…
हताशा, अवसाद और सहनशीलता की कमी जिंदगी पर भारी पड़ रही है। मनोविज्ञानियों का कहना है कि उम्र, परिस्थिति और पृष्ठभूमि अलग होने के बावजूद दोनों घटनाएं समाज के सामने गंभीर सवाल खड़े करतीं हैं। हर आत्महत्या के पीछे एक मानसिक पीड़ा छिपी होती है। संवाद से ऐसे लोगों की पीड़ा को समझना चाहिए।

एएमयू के मनोविज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रो. शाह आलम का कहना है कि आत्महत्या कोई अचानक लिया गया फैसला नहीं होता, बल्कि इसके पीछे एक लंबी मानसिक और भावनात्मक कहानी छिपी रहती है। सफलता न मिलना, सामाजिक दबाव, सम्मान की कमी, ताने-उलाहने और भविष्य को लेकर निराशा जैसे कारण व्यक्ति को भीतर से तोड़ देते हैं।

असफलताओं को असमर्थता न मानें
हाथरस की घटना में यूपीएससी की तैयारी कर रहा युवक लंबे समय से प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी में जुटा था। संभव है कि लगातार असफलता, बेरोजगारी का दबाव, परिवार या मित्रों की अपेक्षाएं और समाज की तुलना उसे मानसिक रूप से कमजोर कर रही हों। प्रतियोगी परीक्षाओं की दौड़ में युवा अक्सर अपनी असफलताओं को खुद की असमर्थता मान लेते हैं, जबकि यह एक सामान्य प्रक्रिया होती है।

छोटी उम्र में अधिक होती है भावनात्मक संवेदनशीलता प्रो. शाह
आलम ने बताया कि गंगीरी में 12 वर्षीय बालिका की आत्महत्या ने और भी गहरी चिंता पैदा की है। इतनी कम उम्र में आत्मघाती कदम यह संकेत देता है कि बाल मन कितनी गहरी पीड़ा झेल सकता है। इस उम्र में स्वाभिमान और भावनात्मक संवेदनशीलता बहुत अधिक होती है। घर या समाज में उपेक्षा, लैंगिक भेदभाव, तुलना या डांट-फटकार भी बालिका के मन पर गहरा असर डाल सकती है।

संवाद बढ़ाएं परिवार, शिक्षक और समाज बच्चे और युवा अक्सर
अपनी भावनाएं खुलकर व्यक्त नहीं कर पाते। उन्हें सुने जाने, समझे जाने और स्वीकार किए जाने की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। परिवार, शिक्षक और समाज को चाहिए कि वह बच्चों और युवाओं से संवाद बढ़ाएं, उनकी भावनाओं को गंभीरता से लें और मानसिक स्वास्थ्य को उतनी ही प्राथमिकता दें, जितनी शारीरिक स्वास्थ्य को देते हैं।

Karnataka Bus Fire: बंगलूरू जा रही निजी बस में अचानक लगी आग, कुछ ही मिनट में हो गई खाक; झुलसे 10 यात्री

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कर्नाटक में आज एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया। यहां होसानगर से बेंगलुरु जा रही एक निजी बस में अचानक भीषण आग लग गई, जिससे आग की लपटें उठता देख यात्रियों में अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। जिस समय यह घटना हुई, बस में कुल 36 यात्री सवार थे।राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी भी व्यक्ति की जान नहीं गई। हालांकि, बस से बाहर निकलने और अफरा-तफरी के बीच 10 यात्री मामूली रूप से घायल हो गए हैं। सभी घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका प्राथमिक उपचार किया गया। डॉक्टरों के मुताबिक सभी घायल खतरे से बाहर हैं।