श्रीराम मंदिर के चढ़ावे की राशि में हुए गबन का अंदाजा लगाना आसान नहीं होगा। उसकी कई वजहें हैं। दरअसल, मंदिर में आई चढ़ावे की राशि का हिसाब लगाने के लिए ही गिनती की जाती थी। मतलब उसके पहले ये राशि बेहिसाब होती थी। उसी दौरान उसमें से रकम पार की जाती थी। आखिर में जोड़-घटा कर विवरण दर्ज कर दिया जाता था। साफ है कि जो विवरण दर्ज हो गया, वही हिसाब हो गया। इसलिए गबन कितने करोड़ का हुआ, यह स्पष्ट अंदाजा लगाना काफी कठिन है। वहीं अब बड़े जिम्मेदार इधर-उधर भाग रहे हैं।
राम मंदिर: चढ़ावे में गिनती से पहले पार हो जाती थी रकम, FIR की जगह इसलिए चुना गया SIT का रास्ता; जानिए मामला
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर नागपुर में CJP का प्रदर्शन आज, दीपके ने की ये अपील
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) मंगलवार (16 जून) को शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर नागपुर में प्रदर्शन करेगी. पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने यह घोषणा की है, जिसके बाद जयपुर में उन पर हुए हमले के बाद भारी भीड़ की आशंका को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी है.
दीपके ने सोमवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो संदेश में कहा कि वह 16 जून को शहर पहुंचेंगे और उन्होंने नागपुर के लोगों, जिनमें छात्र और युवा शामिल हैं उनसे शाम 4 बजे संविधान चौक पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए इकट्ठा होने की अपील की है. सीजेपी पिछले महीने हुए नीट (यूजी) परीक्षा पेपर लीक कांड को लेकर प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही है.
‘घर सूने हो रहे, वृद्धाश्रम बढ़ रहे हैं’, CM Yogi ने वृद्धों के लिए लिखी भावुक पाती, जनता से पूछा ये बड़ा सवाल
लखनऊ : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुजुर्गों के सामने आने वाली कठिनाइयों पर चिंता व्यक्त करते हुए सोमवार को कहा कि एक ओर घर सूने होते जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर वृद्धाश्रमों की संख्या बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों की सेवा और सहायता करना सनातन संस्कृति का प्रमुख मूल्य है। विश्व बुजुर्ग दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों के नाम लिखे एक पत्र में मुख्यमंत्री ने कहा, ”यह तथ्य मन को विचलित करता है। आखिर ऐसी स्थिति क्यों उत्पन्न हुई? एक संवेदनशील नागरिक के रूप में हमें इस पर विचार करना चाहिए।”
संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, 15 जून को विश्व बुजुर्ग दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस के रूप में मनाया जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा, ”जिन लोगों ने अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए अपना सर्वस्व समर्पित कर दिया, वे जीवन के चौथे चरण में अकेले पड़ जाते हैं। उन्हें दूसरों पर निर्भर होना पड़ता है।” उन्होंने कहा कि आज के समय में युवा रोजगार और अन्य कारणों से घरों से दूर रहते हैं, जिसके कारण वृद्ध माता-पिता की देखभाल करने वाला कोई नहीं होता। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों को सबसे अधिक अपनत्व की आवश्यकता होती है, लेकिन दुर्भाग्यवश उन्हें अपने ही लोगों के दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ता है।
आदित्यनाथ ने कहा कि उच्चतम न्यायालय को भी एक आदेश में लोगों को अपने वृद्ध माता-पिता के प्रति जिम्मेदारियों की याद दिलानी पड़ी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सनातन संस्कृति में माता-पिता और गुरु को ईश्वर के समान माना गया है। इस संदर्भ में उन्होंने भगवान गणेश की अपने माता-पिता भगवान शिव और माता पार्वती के प्रति भक्ति का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सनातन धर्म की धार्मिक और सामाजिक परंपराएं पारिवारिक संबंधों और मूल्यों पर आधारित हैं। उन्होंने कहा, ”सनातन परंपरा में बड़ों के चरण स्पर्श कर उनका आशीर्वाद लेने की परंपरा है, क्योंकि वे हमारे अनुभव, संस्कृति और जीवन मूल्यों की सच्ची धरोहर हैं।”
इंडस्ट्री को बड़ा झटका! नहीं रहीं ‘छावा’ मूवी की एक्ट्रेस, 30 साल की उम्र में दुखद अंत, अभिनेत्री ने उठाया खौफनाक कदम
UP Desk : मनोरंजन जगत से एक दुखद खबर सामने आई है। टीवी अभिनेत्री और फिल्म कलाकार संचिता उगाले का 30 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। पुलिस के अनुसार, अभिनेत्री अपने घर में मृत अवस्था में मिलीं, जिसके बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है। घटना के बाद परिवार, मित्रों और उनके प्रशंसकों के बीच शोक की लहर है।
नालासोपारा स्थित घर में हुई घटना
प्राप्त जानकारी के अनुसार, संचिता उगाले अपने माता-पिता और छोटी बहन के साथ मुंबई के नालासोपारा पूर्व स्थित आचोले क्षेत्र में रहती थीं। बताया जा रहा है कि रविवार शाम के समय वह घर में अकेली थीं। इसी दौरान परिवार को उनके बारे में चिंताजनक जानकारी मिली, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और अभिनेत्री को घर के अंदर मृत पाया। प्रारंभिक कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है।
हर पहलू से जांच में जुटी पुलिस
जांच अधिकारी मामले से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रहे हैं। पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि हाल के दिनों में अभिनेत्री के निजी और पेशेवर जीवन में क्या परिस्थितियां थीं। इसके साथ ही परिवार के सदस्यों, दोस्तों और करीबी लोगों से भी पूछताछ की जा सकती है, ताकि घटना के कारणों को समझा जा सके। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच के अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
टीवी और फिल्मों में कर चुकी थीं काम
संचिता उगाले ने टीवी इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाई थी। वह लोकप्रिय धारावाहिक ‘कुमकुम भाग्य’ और ‘दिलवाली दुल्हा ले जाएगी’ में नजर आ चुकी थीं। इसके अलावा उन्होंने अभिनेता विक्की कौशल की फिल्म ‘छावा’ में भी काम किया था। कम उम्र में उनके निधन की खबर ने मनोरंजन जगत को स्तब्ध कर दिया है। सोशल मीडिया पर भी कई लोग उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं।
प्रिंसिपल का चपरासी पर आ गया दिल; बेझिझक रचा ली शादी, बताया कैसे शुरू हुई Love story
International Desk: कहते हैं प्यार न उम्र देखता है, न हैसियत और न ही पद। पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के शहर Multan से सामने आई एक अनोखी प्रेम कहानी इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है।रिपोर्टों के अनुसार, एक सेकेंडरी स्कूल की प्रिंसिपल Farzana को उसी स्कूल में कार्यरत Fayyaz से प्यार हो गया। बाद में दोनों ने विवाह कर लिया। बताया जाता है कि फरजाना फैयाज के व्यवहार और काम करने के तरीके से बेहद प्रभावित थीं। विशेष रूप से चाय परोसते समय उनका सलीका, सम्मानपूर्ण रवैया और जिम्मेदारी उन्हें पसंद आने लगी।
कहा जा रहा है कि फैयाज हर बार इतनी सावधानी और आदर के साथ चाय पेश करते थे कि एक बूंद भी बाहर नहीं गिरती थी। यही छोटी-छोटी बातें धीरे-धीरे फरजाना के दिल में जगह बनाती चली गईं। फरजाना के अनुसार, किसी इंसान की पहचान उसके पद, प्रतिष्ठा या धन से नहीं बल्कि उसके चरित्र, व्यवहार और ईमानदारी से होती है। उन्होंने कहा कि सच्चा प्यार कभी ओहदा या पैसा नहीं देखता, बल्कि इंसान की अच्छाइयों को पहचानता है। फैयाज की सादगी, सम्मान और समर्पण ने उन्हें सबसे अधिक प्रभावित किया।रिपोर्टों के मुताबिक, दोनों के बीच बढ़ती नजदीकियों के बाद उन्होंने विवाह करने का फैसला किया।
सामाजिक धारणाओं और पद के अंतर को नजरअंदाज करते हुए दोनों ने अपने रिश्ते को स्वीकार किया और शादी कर ली। यह कहानी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। कई लोग इसे इस बात का उदाहरण बता रहे हैं कि रिश्तों की नींव सम्मान, भरोसे और अच्छे व्यवहार पर टिकी होती है, जबकि कुछ लोग इसे एक असामान्य लेकिन दिलचस्प प्रेम कहानी के रूप में देख रहे हैं। फिलहाल यह अनोखी प्रेम कहानी लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है और इस बात की याद दिला रही है कि कई बार जीवन की बड़ी कहानियां छोटी-छोटी बातों से शुरू होती हैं।
Srinagar Airport से सफर करने वालों को होगी मुश्किल, कई दिनों तक उड़ानों पर लगेगी Break
श्रीनगर(एजैंसी): भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (ए.ए.आई.) के श्रीनगर एयरपोर्ट निदेशक जावेद अंजुम ने कहा कि श्रीनगर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के रनवे की मुरम्मत अत्यंत आवश्यश्क हो चुकी है, क्योंकि अंतिम बार इसका रखरखाव और मरम्मत कार्य 15 वर्ष पहले हुए थे।
प्रत्येक रनवे की मुरम्मत समय-समय पर की जानी जरूरी होती है और सामान्यत. प्रत्येक 10 वर्ष में एक बार रनवे की बड़े स्तर पर मुरम्मत होती है, लेकिन श्रीनगर एयरपोर्ट की मुरम्मत 15 वर्ष से नहीं हुई है। इसलिए जुलाई से सितंबर के अंत तक एयरपोर्ट को प्रत्येक सप्ताह सोमवार और मंगलवार को रनवे की मरम्मत का काम होगा। इसके चलते यात्री विमान सेवा निलंबित रहेगी।
शनिवार को श्रीनगर में पत्रकारों से बातचीत में जावेद अंजुम ने कहा कि ए.ए.आई ने जुलाई से प्रत्येक सप्ताह सोमवार और मंगलवार को रनवे के कुछ हिस्सों पर काम करने का निर्णय लिया है। इन दो दिनों में रनवे के एक छोटे हिस्से पर कार्य किया जाएगा, जबकि शेष दिनों में उड़ान संचालन सामान्य रूप से जारी रहेगा।
अक्तूबर में रखराखव का अंतिम और महत्वपूर्ण चरण पूरा किया जाना है। इसके लिए रनवे को पूरी तरह बंद करना अनिवार्य होगा। इसके चलते अक्तूबर में लगभग 15 दिनों तक श्रीनगर एयरपोर्ट से उड़ान संचालन बंद रह सकता है।
हालांकि ए.ए.आई. ने स्पष्ट किया कि वह उड़ान संचालन के संबंध में केंद्र सरकार के निर्देश का पालन करेगा। अंजुम ने कहा कि यदि सरकार रखरखाव कार्य को स्थगित करने, टालने या उड़ानें जारी रखने के निर्देश देती है, तो प्राधिकरण उसी के अनुसार कार्रवाई करेगा।
इन 5 जिलों में अगले तीन घंटों का अलर्ट, आंधी-तूफान और बिजली कड़कने की चेतावनी
Uttarakhand Weather: भारतीय मौसम विज्ञान केन्द्र ने उत्तराखंड के पांच जिलों के कुछ हिस्सों में अगले तीन घंटों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान, संबंधित क्षेत्रों में लोगों एवं पर्यटकों से सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।
इस चेतावनी के अनुसार, सोमवार अपराह्न 2:07 बजे से शाम 5:07 बजे तक तीन घंटों में जिला बागेश्वर, चमोली, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी में कुछ जगहों पर तथा देवल, कपकोट, मुनस्यारी, डीडीहाट, बद्रीनाथ, केदारनाथ, तुंगनाथ, बरकोट, पुरोला तथा आस पास के क्षेत्रो में बिजली कड़कने और तेज हवाओं (30-40 किमी/घंटा) के साथ आंधी-तूफान आने की अनुमान जताया गया है।
विभाग ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों को इस दौरान घरों में या फिर सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।
दलबदलुओं को नकारो कहने वाली NCPI ममता संग कर दिया खेल, TMC के टूटे नेताओं से मिलाया हाथ…NDA को समर्थन
नेशनल डेस्क: अपने अधिकारों की रक्षा के लिए दलबदलुओं को नकारें’ के नारे के साथ 2023 में त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में लगभग गुमनामी के बीच चुनाव लड़ने वाला एक राजनीतिक दल रविवार को उस वक्त अचानक राष्ट्रीय राजनीतिक विमर्श के केंद्र में आ गया जब तृणमूल कांग्रेस के 20 लोकसभा सांसदों वाले बागी गुट ने एनसीपीआई में विलय का ऐलान किया।
चुनाव में नोटा से भी पीछे रही NCPI
नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) नामक इस दल ने त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में चार उम्मीदवार उतारने की घोषणा की थी, लेकिन अंततः उसके प्रत्याशी चावमानु, अंबासा और कैलाशहर सीटों पर ही मैदान में उतर सके। चुनावी नतीजों में पार्टी का प्रदर्शन बेहद कमजोर रहा और उसके उम्मीदवार या तो ‘नोटा’ (इनमें से कोई नहीं) से पीछे रहे या उससे मामूली अंतर से आगे निकल पाए। करमचारा सीट से पार्टी की उम्मीदवार रीता शिल हलाम का नामांकन जांच के दौरान खारिज कर दिया गया था।
दिलचस्प तथ्य यह है कि एनसीपीआई का पंजीकृत कार्यालय पश्चिम बंगाल के हावड़ा में है।
TMC सांसदों का NCPI में मिलना हैरान कर देने वाला फैसला
निर्वाचन आयोग के रिकॉर्ड में शेउली कुंडू का नाम पार्टी की अध्यक्ष के रूप में दर्ज हैं, जो स्वयं को कलकत्ता उच्च न्यायालय में अधिवक्ता बताती हैं। एनसीपीआई के प्रचार पोस्टर पर मतदाताओं से पार्टी के चुनाव चिह्न ‘पेन की निब’ पर मतदान करने की अपील करते हुए संदेश लिखा था, ”अपने अधिकारों की रक्षा के लिए राजनीतिक दलबदलुओं को नकारें। राजनीतिक हस्तियों के बजाय समाजसेवियों का समर्थन करें।” पार्टी को यह चुनाव चिह्न एक पंजीकृत लेकिन गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल के रूप में आवंटित किया गया था। रविवार को जब चावमानु से पार्टी के उम्मीदवार रहे बरजेदा त्रिपुरा से संपर्क किया, तो वह खुद इस घटनाक्रम से हैरान नजर आए।
राष्ट्रीय राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय
उन्होंने कहा, ”मैंने 2023 में चुनाव लड़ा था। अब तीन साल बाद यह सब कैसे हो गया?” लोकसभा के 20 सदस्यों के एनसीपीआई में विलय की खबर सुनकर बरजेदा को यकीन नहीं हुआ। उन्हें आश्चर्य था कि जिस पार्टी का नाम अब राष्ट्रीय राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है, उसी ने कभी उन्हें त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार बनाया था। बरजेदा ने बताया कि वह दिहाड़ी मजदूर हैं। उन्होंने कहा, ”2023 में कृष्ण देबबर्मा नाम के एक व्यक्ति ने मुझसे संपर्क किया था। उसी के कहने पर मैंने चुनाव लड़ा। कई वर्ष पहले मैं कांग्रेस का समर्थक था।”
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हालांकि, कृष्ण देबबर्मा से संपर्क नहीं हो सका। बरजेदा के चुनावी हलफनामे के अनुसार, 2023 में उनकी आयु 62 वर्ष थी। उन्होंने आठवीं तक शिक्षा प्राप्त की थी, चार लाख रुपये की संपत्ति घोषित की थी और अपने पेशे के तौर पर, समाजसेवा से जुड़े होने का उल्लेख किया था। चावमानु सीट पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के शंभू लाल चकमा विजयी रहे थे। उन्होंने टिपरा मोथा के हांगसा कुमार त्रिपुरा को 2,899 मतों के अंतर से हराया था। बरजेदा 536 वोट के साथ पांचवें स्थान पर रहे और ‘नोटा’ पर डले 500 वोट से मामूली अंतर से आगे रहे।
पार्टी के अन्य उम्मीदवार अंबासा, करमचारा और कैलाशहर सीटों से मैदान में थे। इनमें करमचारा और अंबासा सीट टिपरा मोथा के खाते में गईं, जबकि कैलाशहर से कांग्रेस ने जीत दर्ज की। इस बीच, तृणमूल कांग्रेस में बगावत रविवार को उस वक्त निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई जब बागी सांसदों ने एनसीपीआई में विलय का ऐलान किया और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर सदन में अलग बैठने की व्यवस्था की मांग की।
लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात के बाद बागी सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने दावा किया कि तृणमूण के दो-तिहाई लोकसभा सांसदों ने अलग समूह के रूप में मान्यता देने की मांग करते हुए पत्र सौंप दिया है। उन्होंने कहा, ”तृणमूल के दो-तिहाई सांसदों ने अलग बैठने की व्यवस्था के लिए लोकसभा अध्यक्ष को पत्र दिया है। हम नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया में विलय करेंगे और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) का समर्थन करेंगे।
वहीं, तृणमूल के वरिष्ठ नेता एवं लोकसभा सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय ने कहा कि असंतुष्ट गुट पहले ही एनसीपीआई में विलय कर चुका है। उन्होंने एनसीपीआई को एक क्षेत्रीय राजनीतिक दल बताया। निर्वाचन आयोग के नियमों के अनुसार, पंजीकृत लेकिन गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल वे होते हैं, जो आयोग में पंजीकृत तो होते हैं लेकिन अभी राज्य या राष्ट्रीय दल का दर्जा हासिल करने के लिए आवश्यक मानदंड पूरे नहीं कर पाए हैं।
PM मोदी ने अमेरिका-ईरान समझौते का किया स्वागत; बोले- समुद्री व्यापार को मिलेगी राहत, वेस्ट एशिया में लौटेगी शांति और स्थिरता
International Desk: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने अमेरिका और ईरान के बीच वेस्ट एशिया में संघर्ष समाप्त करने को लेकर बनी सहमति का स्वागत किया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस समझौते के लागू होने से क्षेत्र में शांति, स्थिरता और व्यापारिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी संदेश में कहा कि वेस्ट एशिया में जारी संघर्ष ने पूरी दुनिया को प्रभावित किया है और इससे न केवल आर्थिक व्यवधान पैदा हुआ, बल्कि कई देशों में जान-माल का नुकसान भी हुआ। मोदी ने कहा कि भारत अमेरिका और ईरान के बीच बनी इस समझ का स्वागत करता है और आशा करता है कि इसके क्रियान्वयन से क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाल होगी। उन्होंने कहा कि यह समझ समुद्री मार्गों पर आवाजाही और वैश्विक व्यापार की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने में भी मददगार साबित हो सकती है।
भारत की नजर अंतिम समझौते पर
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को उम्मीद है कि शेष मुद्दों पर जारी बातचीत भी सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ेगी और अंततः एक स्थायी तथा टिकाऊ समझौते का रास्ता निकलेगा। भारत लंबे समय से वेस्ट एशिया में शांति, संवाद और कूटनीतिक समाधान का समर्थन करता रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने हाल ही में घोषणा की थी कि अमेरिका और ईरान के बीच लंबे संघर्ष को समाप्त करने के लिए समझौता अंतिम रूप ले चुका है। बताया जा रहा है कि प्रस्तावित शांति समझौते पर 19 जून को Switzerland में औपचारिक हस्ताक्षर किए जा सकते हैं।
वेस्ट एशिया भारत की ऊर्जा सुरक्षा और व्यापारिक हितों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण क्षेत्र है। भारत अपनी तेल और गैस आवश्यकताओं का बड़ा हिस्सा इसी क्षेत्र से आयात करता है। इसके अलावा Strait of Hormuz जैसे रणनीतिक समुद्री मार्गों की सुरक्षा भारत के व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। ऐसे में क्षेत्र में तनाव कम होना भारत के लिए भी सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। बता दें कि अब अंतरराष्ट्रीय समुदाय की निगाहें प्रस्तावित हस्ताक्षर समारोह और आगे की वार्ताओं पर टिकी हैं। यदि समझौता सफलतापूर्वक लागू होता है तो यह वेस्ट एशिया में लंबे समय से जारी तनाव को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।
राम मंदिर चढ़ावा घोटाला: 18 हजार की सैलरी… गोबर के ढेर से निकले लाखों, 1.5 करोड़ की जमीन देख SIT हैरान
Ayodhya Ram Mandir: अयोध्या के भव्य श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की राशि में हेराफेरी का मामला अब काफी गंभीर हो चला है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तुरंत एक्शन लेते हुए एक हाई-लेवल स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन कर दिया है। दूसरी तरफ, स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने मंदिर के एक कर्मचारी लवकुश मिश्रा को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, जांच टीम ने जब रुदौली के शुजागंज क्षेत्र में रहने वाले आरोपी कर्मचारी लवकुश मिश्रा के घर पर छापेमारी की, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। लवकुश के घर से करीब 10 लाख रुपए की नकदी बरामद हुई है। चौंकाने वाली बात यह है कि चोरों और जांच एजेंसियों से बचने के लिए कुछ रकम तो घर की अलमारी में रखी गई थी, जबकि बाकी के पैसे बाहर गोबर के ढेर में दबाकर छिपाए गए थे। हालांकि, प्रशासन ने अभी इस बरामदगी को लेकर कोई आधिकारिक या अंतिम बयान जारी नहीं किया है। इस मामले में एक और संदिग्ध कर्मचारी को हिरासत में लिया गया है। ये दोनों ही कर्मचारी मंदिर में आने वाले चढ़ावे को गिनने और उसकी देखरेख के काम में लगे थे।
महीने की तनख्वाह 18 हजार, लेकिन खरीद डाली करोड़ों की जमीन
जांच एजेंसियों के रडार पर इन कर्मचारियों की कमाई और संपत्ति का यह अंतर सबसे पहले आया। बताया जा रहा है कि दोनों कर्मचारियों की मासिक सैलरी महज 18 से 20 हजार रुपए के बीच थी। लेकिन पिछले कुछ महीनों में इनकी माली हालत अचानक से बदल गई। जांच में सामने आया है कि एक कर्मचारी ने हाल ही में करीब डेढ़ करोड़ रुपए की भारी-भरकम कीमत वाली जमीन खरीदी, जबकि दूसरे ने भी लगभग 40 लाख रुपए का एक प्लॉट अपने नाम किया। इतनी कम सैलरी में इतनी बड़ी संपत्तियां खड़ा करना ही जांच एजेंसियों के शक की सबसे बड़ी वजह बना।
पिता का दावा- बेटा निर्दोष है, जमीन गिरवी रखकर जुटाए पैसे
इस बीच, आरोपी लवकुश मिश्रा के पिता बच्चूलाल ने अपने बेटे का बचाव किया है। उन्होंने घर से 10 लाख रुपए मिलने की बात तो स्वीकार की, लेकिन बेटे को पूरी तरह निर्दोष बताया। बच्चूलाल का कहना है कि फैजाबाद में जो मकान बन रहा है, उससे उनके बेटे का कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने दावा किया कि मकान बनवाने के लिए उन्होंने अपनी खुद की खेती की जमीन गिरवी रखी थी, जिससे यह रकम आई है। दूसरी ओर, गांव वालों का कहना कुछ और ही है। ग्रामीणों के मुताबिक, जांच टीम में 6 लोग शामिल थे (2 पुलिस की वर्दी में और 4 सादे कपड़ों में)। गांव में यह चर्चा आम है कि राम मंदिर में नौकरी मिलने के बाद से ही लवकुश के ठाट-बाट और आर्थिक स्थिति में अचानक बहुत बड़ा उछाल आया था।
IAS अफसर के हाथ में कमान, नृपेंद्र मिश्र ने साधी चुप्पी
मामले के तूल पकड़ने के बाद राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र भी 5 दिनों के भीतर दूसरी बार अयोध्या पहुंचे। हालांकि, जब उनसे इस वित्तीय गड़बड़ी को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने इस पर कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया। उन्होंने साफ कहा कि उनका काम सिर्फ और सिर्फ मंदिर निर्माण के कार्यों की देखरेख करना है, वे इस मामले पर टिप्पणी नहीं करेंगे। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की लिखित शिकायत और अनुरोध पर उत्तर प्रदेश सरकार ने इस पूरे घोटाले की परतें खोलने के लिए जो SIT बनाई है, उसकी कमान एक सीनियर प्रशासनिक अधिकारी को सौंपी गई है। लखनऊ के कमिश्नर (IAS) विजय विश्वास पंत को इस जांच टीम का अध्यक्ष बनाया गया है। उनके साथ IPS किरन एस और विशेष सचिव (वित्त) नील रतन को बतौर सदस्य शामिल किया गया है। शासन ने इस टीम को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे 7 दिनों के भीतर अपनी शुरुआती (प्रारंभिक) रिपोर्ट और अगले 15 दिनों के अंदर पूरी अंतिम जांच रिपोर्ट सरकार को सौंपें।

