खाड़ी देशों में युद्ध के चलते एलपीजी की दिक्कत हो रही है। ऐसे में जिन उपभोक्ताओं ने बीते 9 महीने में कोई सिलेंडर नहीं भरवाया है। उनको नए सिरे से केवाईसी करना पड़ेगा। इसके बाद ही बुकिंग हो सकेगी ।एलपीजी गैस डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन आगरा संभाग के अध्यक्ष विपुल पुरोहित ने बताया कि बीते कई दिनों से खाड़ी देशों में युद्ध चल रहा है। ऐसे में वह लोग भी सिलिंडर की बुकिंग कर रहे हैं, जिन्होंने बीते 9 महीने में एक बार भी सिलेंडर नहीं लिया है। ऐसे कनेक्शन की सेवाएं अभी बंद कर दी हैं। इनको नए सिरे से केवाईसी करना होगा। इसके बाद ही इनको बुकिंग होगी।इससे पता किया जाएगा कि यह कनेक्शन सुचारू रूप से संचालित है या भी नहीं। इनमें अधिकांश पीएनजी धारक हैं जो गैस की किल्लत के बीच में बुकिंग कर रहे हैं। इंडियन ऑयल काॅर्पोरेशन के जिला नोडल अधिकारी विनीत कुमार ने बताया कि गैस की कोई कमी नहीं है। पीएनजी धारक को अपना एलपीजी कनेक्शन त्यागना होगा। वह अनावश्यक बुकिंग करके सर्वर पर दबाव बना रहे हैं। ऐसे उपभोक्ताओं से अपील लेकर हुए कहा कि अनावश्यक बुकिंग न करें और एलपीजी कनेक्शन को सरेंडर करें।
मुंह में दिखते हैं गंभीर रोगों के शुरुआती लक्षण, भूलकर भी न करें नजरअंदाज
Oral Health Warning Signs: अक्सर हम डेंटिस्ट के पास तभी जाते हैं जब दांतों में दर्द हो या कैविटी की समस्या आए। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपका मुंह शरीर का वह ‘आईना’ है जो गंभीर बीमारियों के दस्तक देने से पहले ही चेतावनी दे देता है? मेडिकल विशेषज्ञों के अनुसार, मसूड़ों की रंगत से लेकर जीभ का सूखापन तक, शरीर के भीतर पनप रही डायबिटीज, एनीमिया और यहां तक कि कैंसर जैसी बीमारियों के शुरुआती संकेत हो सकते हैं। समय रहते इन ‘साइलेंट सिग्नल्स’ को पहचानना जानलेवा स्थितियों से बचाव का सबसे कारगर तरीका है।
मुंह के जरिए शरीर देता है ये 5 बड़े संकेत:
डायबिटीज: लगातार सूखापन और जलन
यदि आपको बार-बार प्यास लगती है और मुंह सूखता रहता है (Xerostomia), तो यह हाई ब्लड शुगर का संकेत हो सकता है। शुगर बढ़ने पर मुंह में बैक्टीरिया और फंगस तेजी से पनपते हैं, जिससे जीभ में जलन और बार-बार इन्फेक्शन की समस्या होती है।
ओरल कैंसर: न भरने वाले घाव
मुंह में कोई भी ऐसा घाव या छाला जो दो सप्ताह से अधिक समय तक ठीक न हो, उसे हल्के में न लें। मुंह के भीतर लाल-सफेद धब्बे या किसी भी तरह की गांठ ‘ओरल कैंसर’ का शुरुआती लक्षण हो सकती है।
एनीमिया: जीभ का रंग फीका पड़ना
शरीर में आयरन की कमी या एनीमिया होने पर जीभ अपनी स्वाभाविक लाली खो देती है। यदि आपकी जीभ असामान्य रूप से चिकनी, पीली या दर्दयुक्त लग रही है और होंठों के किनारों पर दरारें (Angular Cheilitis) दिख रही हैं, तो यह खून की कमी का लक्षण हो सकता है।
हरियाणा पुलिस ने लॉन्च किया ‘अभेद्य’ मोबाइल ऐप, रंगदारी कॉल्स पर लगेगी लगाम, देश में पहली अनूठी पहल
चंडीगढ़ (चन्द्रशेखर धरणी): हरियाणा पुलिस ने साइबर अपराध, धमकी भरे कॉल्स और रंगदारी (Extortion) की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से ‘अभेद्य’ मोबाइल ऐप लॉन्च किया है। यह देश में अपनी तरह का पहला मोबाइल आधारित सुरक्षा प्लेटफॉर्म है, जो नागरिकों को संदिग्ध कॉल्स, धमकी भरे संदेशों, स्टॉकिंग और डिजिटल उत्पीड़न से बचाने में सक्षम होगा। इस पहल के साथ ही हरियाणा देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है जहां पर इस प्रकार की अनूठी पहल की गई है।
एक्सटॉर्शन कॉल्स पर सख्त प्रहार, तकनीकी नवाचार से मजबूत हुई पुलिसिंग
इस संबंध में हरियाणा के पुलिस महानिदेशक (DGP) अजय सिंघल ने आज पुलिस मुख्यालय, सेक्टर-6, पंचकूला में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए ‘अभेद्य’ ऐप के फीचर्स और कार्यप्रणाली की विस्तृत जानकारी साझा की। इस दौरान उनके साथ अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक साइबर एवं पुलिस आयुक्त पंचकूला शिबास कबिराज तथा डीसीपी पंचकूला सृष्टि गुप्ता भी उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि बदलते समय में अपराधी इंटरनेट आधारित कॉलिंग, फर्जी नंबरों और डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल कर लोगों को डराने और ठगी करने का प्रयास कर रहे हैं, ऐसे में यह ऐप नागरिकों के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच साबित होगा।
सिंघल ने कहा कि पदभार ग्रहण करते ही उन्होंने एक्सटॉर्शन कॉल्स पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए योजनाबद्ध रणनीति के तहत कार्य प्रारंभ किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस दिशा में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा “जीरो टॉलरेंस” नीति के तहत सख्त एवं स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए थे, जिनके अनुरूप पुलिस ने ठोस कदम उठाए। उन्होंने कहा कि इस मोबाइल ऐप के माध्यम से डॉक्टरों, ठेकेदारों, व्यापारियों सहित आम नागरिकों को व्यापक स्तर पर सुरक्षा और राहत मिलेगी।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जो व्यक्ति भय और आतंक का माहौल बनाने का प्रयास करता है, उसे आतंकवादी की श्रेणी में रखकर कठोर कार्रवाई की जाएगी। सिंघल ने बताया कि देश के भीतर से आने वाली कॉल्स को ट्रेस करना अपेक्षाकृत सरल होता है, जबकि विदेशी नंबरों से आने वाली कॉल्स एक बड़ी तकनीकी चुनौती पेश करती हैं। इसी चुनौती से निपटने के लिए हरियाणा पुलिस के तकनीकी विशेषज्ञों ने दिन-रात मेहनत कर एक सशक्त समाधान विकसित किया, जिसके सफल परीक्षण के बाद आज इसे लॉन्च किया गया है।
उन्होंने गर्व के साथ कहा कि यह पूरी तरह हरियाणा पुलिस की इन-हाउस पहल है, जो उनकी तकनीकी क्षमता और नवाचार का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने जानकारी दी कि इस ऐप का ट्रायल 25 चयनित उपयोगकर्ताओं द्वारा किया गया, जिसमें इसकी कार्यक्षमता पूरी तरह सफल पाई गई। भविष्य में आवश्यकतानुसार इसमें और सुधार व अपडेट किए जाएंगे।
पुलिस अधीक्षक से संपर्क कर प्राप्त करे मोबाइल ऐप का एक्सेस
इस ऐप को डाउनलोड करने के लिए इच्छुक व्यक्ति को संबंधित जिले के पुलिस अधीक्षक से संपर्क करना होगा, जिसके उपरांत उसे अधिकृत एक्सेस प्रदान किया जाएगा। यह ऐप एंड्रॉयड एवं एप्पल दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध रहेगा। सिंघल ने यह भी बताया कि हरियाणा पुलिस की सक्रिय कार्यवाही के परिणामस्वरूप जनवरी एवं फरवरी 2026 में पिछले वर्ष की तुलना में एक्सटॉर्शन कॉल्स में लगभग 40 प्रतिशत की कमी तथा अपराध में 8 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस मोबाइल ऐप के शुरू होने से डिजिटल फ्रॉड, साइबर अपराध और एक्सटॉर्शन कॉल्स पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा।
ऐप की कार्यप्रणाली
‘अभेद्य’ ऐप अज्ञात और संदिग्ध नंबरों से आने वाली कॉल्स और संदेशों की पहचान कर उन्हें उपयोगकर्ता तक पहुँचने से पहले ही रोक देता है। यह विशेष रूप से अंतरराष्ट्रीय, वर्चुअल और अनसेव्ड नंबरों की निगरानी करता है तथा संदिग्ध पाए जाने पर कॉल को स्वतः रिजेक्ट कर नंबर को ब्लॉक कर देता है। यह ऐप संदिग्ध चैट, वॉयस मैसेज, नोटिफिकेशन और वॉयस नोट को भी डिवाइस से हटा देता है, जिससे उपयोगकर्ता किसी भी प्रकार के मानसिक दबाव या भय से सुरक्षित रह सके। इतना ही नहीं, विदेशो से आने वाली संदिग्ध कॉल्स पर भी नजर जाएगी। इससे एक तरफ उपयोगकर्ता मानसिक दबाव से दूर रहेगा वही दूसरी तरफ संदिग्ध कॉल करने वाले व्यक्ति को हरियाणा पुलिस द्वारा बैकहैंड से ट्रेस किया जाएगा।
अभेद्य-2.0: और मजबूत सुरक्षा प्रणाली
प्रेस वार्ता में ‘अभेद्य-2.0’ के बारे में भी जानकारी दी गई, जो इस ऐप का अपडेटेड वर्जन है। इसके माध्यम से न केवल इंटरनेट आधारित फ्रॉड कॉल्स बल्कि सामान्य कॉल्स पर भी नियंत्रण संभव होगा। इसमें अज्ञात अंतरराष्ट्रीय कॉल्स, संदिग्ध घरेलू कॉल्स (यूजर विकल्प अनुसार), तथा प्राइवेट या हिडन नंबरों को ब्लॉक करने की सुविधा दी गई है, जबकि केवल सेव एवं सत्यापित नंबरों से कॉल की अनुमति होगी।
नागरिकों को मिलेगा सीधा लाभ
यह ऐप नागरिकों को धमकी भरे कॉल्स, रंगदारी के प्रयासों और साइबर अपराध से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इससे अपराधियों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले गुमनाम संचार माध्यमों पर रोक लगेगी और उनकी पहचान एवं ट्रैकिंग कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए अधिक आसान हो सकेगी।
डिजिटल अरेस्ट पर कड़ा वार: ड्यूल ओटीपी सिस्टम से बढ़ेगी सुरक्षा
इसके साथ ही उन्होंने बताया कि “डिजिटल अरेस्ट” जैसी उभरती चुनौतियों से निपटने के लिए हरियाणा पुलिस शीघ्र ही “ड्यूल ओटीपी सिस्टम” लागू करने जा रही है। इस पहल के तहत एचडीएफसी बैंक के अधिकारियों के साथ मिलकर काम किया जा रहा है और प्रारंभिक चरण में 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के खाताधारकों को इसमें शामिल किया जाएगा।
इस व्यवस्था के अंतर्गत किसी भी वित्तीय लेन-देन के लिए आने वाला ओटीपी मूल खाताधारक के साथ-साथ उनके परिजन—जैसे बेटे, बेटी या अन्य विश्वसनीय सदस्य—के पास भी भेजा जाएगा। दोनों की पुष्टि के पश्चात ही ट्रांजेक्शन को स्वीकृति दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, खाताधारकों के बैंक लेन-देन की सीमा (ट्रांजेक्शन लिमिट) भी निर्धारित की जाएगी, जिससे किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी की संभावना को न्यूनतम किया जा सके। सिंघल ने कहा कि इस अभिनव व्यवस्था के लागू होने से “डिजिटल अरेस्ट” जैसे साइबर अपराधों पर प्रभावी रोक लगेगी। उन्होंने बताया कि इस संबंध में भारतीय रिजर्व बैंक एवं विभिन्न बैंकों के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर विस्तृत रूपरेखा तैयार की जा रही है।
हरियाणा पुलिस का संकल्प
डीजीपी अजय सिंघल ने कहा कि हरियाणा पुलिस प्रत्येक अपराधी को ट्रेस कर कानून के दायरे में लाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे ‘अभेद्य’ ऐप का अधिक से अधिक उपयोग करें और सुरक्षित डिजिटल समाज के निर्माण में पुलिस का सहयोग करें। हरियाणा पुलिस “सेवा, सुरक्षा, सहयोग” के अपने मूल मंत्र के साथ जनता की सुरक्षा के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी।
ईरानी विदेश मंत्री का दो टूक संदेशः “सीजफायर नहीं…पूरी जंग खत्म चाहिए”, ब्रिटेन को सीधी चेतावनी-दखल बढ़ा तो जवाब तय!
International Desk: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने साफ कहा कि देश सिर्फ युद्धविराम नहीं, बल्कि युद्ध का स्थायी अंत चाहता है। उन्होंने अमेरिका-इजराइल हमलों को अवैध बताया, मुआवजा और सुरक्षा गारंटी की मांग की, और ब्रिटेन को चेतावनी दी कि हस्तक्षेप बढ़ा तो जवाब मिलेगा।Seyed Abbas Araghchi ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि Iran सिर्फ अस्थायी युद्धविराम (Ceasefire) नहीं, बल्कि इस युद्ध का पूरी तरह और स्थायी अंत चाहता है।उन्होंने United States और Israel द्वारा किए गए हमलों को “गैरकानूनी और बिना उकसावे की आक्रामक कार्रवाई” बताया और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इसके खिलाफ खड़े होने की अपील की।
अराघची की शर्तें
- सिर्फ युद्धविराम से काम नहीं चलेगा
- भविष्य में हमले न हों, इसकी गारंटी चाहिए
- युद्ध में हुए नुकसान का मुआवजा भी जरूरी है
उन्होंने बताया कि कई देश मध्यस्थता की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन ईरान अस्थायी समझौते को ठुकरा चुका है। ईरान ने कहा कि अभी तक United States ने शांति के लिए गंभीरता नहीं दिखाई।असली समाधान के लिए ईमानदार बातचीत जरूरी है।
ब्रिटेन को सख्त चेतावनी
ईरान ने United Kingdom को सीधे चेतावनी देते हुए कहा कि अगर ब्रिटेन इस युद्ध में शामिल होता है, तो उसे जवाब मिलेगा। UK के सैन्य अड्डों का इस्तेमाल “आक्रामक कार्रवाई” माना जाएगा, वहीं, ब्रिटेन ने पलटवार करते हुए कहा कि ईरान UK के ठिकानों या हितों को निशाना न बनाए। ऐसा हुआ तो स्थिति और बिगड़ सकती है।
हॉर्मुज़ स्ट्रेट और जापान से बातचीत
ईरान ने संकेत दिया किवह Strait of Hormuz से गुजरने वाले जापानी जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को तैयार है। Japan के साथ इस मुद्दे पर बातचीत जारी है। यह जलमार्ग दुनिया की ऊर्जा सप्लाई के लिए बेहद अहम माना जाता है। ईरान का यह रुख साफ दिखाता है कि अब वह आधे-अधूरे समाधान के लिए तैयार नहीं है।अगर बातचीत सफल नहीं हुई, तो यह संघर्ष और बड़े क्षेत्रीय युद्ध में बदल सकता है।
हॉर्मुज़ संकट से डरा दक्षिण कोरिया, ईरान से शुरू की अहम् बातचीत
international Desk: साऊथ कोरिया ( South Korea) ने मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच Iran समेत कई देशों के साथ बातचीत तेज कर दी है, ताकि हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही सामान्य हो सके। दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि सरकार लगातार हालात पर नजर रख रही है और अपने नागरिकों व ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित रखने के लिए हर संभव कदम उठा रही है।
हॉर्मुज़ स्ट्रेट क्यों अहम है?
- Strait of Hormuz दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है ।
- यहां से दुनिया का 20% तेल व्यापार गुजरता है।
- यह एशियाई देशों, खासकर दक्षिण कोरिया और Japan के लिए जीवनरेखा है।
- इसके सभी प्रमुख मार्ग ईरान के नियंत्रण वाले जलक्षेत्र में आते हैं।
तनाव क्यों बढ़ा?
हाल ही में United States और Israel के हमलों के बाद Iran ने हॉर्मुज़ स्ट्रेट को लगभग बंद कर दिया। इससे वैश्विक ऊर्जा सप्लाई पर बड़ा खतरा पैदा हो गया। कई देशों ने ईरान की कार्रवाई की आलोचना भी की। दक्षिण कोरिया ने भी यूरोपीय देशों और जापान के साथ मिलकर ईरान के इस कदम की निंदा की है।
Bollywood में शोक की लहर! इंडस्ट्री ने एक मशहूर शख्सियत को खोया… करीबी के निधन से बुरी तरह टूटे स्टार्स, भावुक पोस्ट में दी श्रद्धांजलि
up Desk : फिल्म इंडस्ट्री से एक दुखद खबर सामने आई है। मशहूर हेयरस्टाइलिस्ट मार्से पेड्रोज़ो के निधन से बॉलीवुड में शोक की लहर दौड़ गई है। कई बड़े सितारों ने सोशल मीडिया के जरिए उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए अपनी भावनाएं साझा की हैं।
बॉलीवुड सितारों में शोक
मार्से पेड्रोज़ो इंडस्ट्री के जाने-माने हेयरस्टाइलिस्ट थे और उन्होंने कई बॉलीवुड कलाकारों के साथ काम किया था। उनके निधन की खबर सामने आते ही Janhvi Kapoor, Varun Dhawan, Nora Fatehi और Tara Sutaria समेत कई सितारों ने गहरा दुख व्यक्त किया।
जान्हवी कपूर ने किया भावुक पोस्ट
जान्हवी कपूर ने इंस्टाग्राम पर मार्से के साथ बिताए पलों को याद करते हुए एक भावुक नोट साझा किया। उन्होंने लिखा कि मार्से सिर्फ उनकी टीम का हिस्सा नहीं थे, बल्कि उनके लिए एक “सुरक्षित ठिकाना” थे। जान्हवी ने कहा कि उनके साथ काम करना हमेशा खास रहा और वह उनकी कमी को कभी पूरा नहीं कर पाएंगी।
इन स्टार्स ने भी दी श्रद्धांजलि
वहीं वरुण धवन ने उन्हें “प्यारी और नेक रूह” बताते हुए श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि हाल ही में साथ काम करने की यादें अभी भी ताजा हैं और इस खबर पर विश्वास करना मुश्किल है। नोरा फतेही और तारा सुतारिया ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा कर मार्से को याद किया और उनके साथ बिताए अनुभवों को साझा किया।
फिलहाल मार्से पेड्रोज़ो के निधन के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है। उनके अचानक चले जाने से फिल्म इंडस्ट्री में शोक का माहौल है और उनके सहयोगी उन्हें एक प्रतिभाशाली और सकारात्मक व्यक्तित्व के रूप में याद कर रहे हैं।
इंस्टाग्राम पर गुडबाय लिखकर युवती ने पीया जहर… देवदूत बनकर पहुंची यूपी पुलिस, फिर बदल गई पूरी कहानी
लखनऊ: आजकल सोशल मीडिया का ट्रेंड काफी बढ़ गया है खासकर युवा इंस्टाग्राम, फेसबुक जैस अन्य साइटों पर रील्स देखने में अधिक समय बिताते जिससे उनकी पढ़ाई और मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। लेकिन इसके कई फायदे भी हैं।
दरअसल, उत्तर प्रदेश पुलिस और Meta के बीच हुए समझौते के तहत सोशल मीडिया पर आत्महत्या से जुड़े किसी भी घटना को लेकर उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय के सोशल मीडिया सेंटर अलर्ट कर देता है। उसके बाद मौके पर स्थानीय थाने पर सूचना पहुंच जाती है जिससे किसी का घर उजड़ने से बच जाता है। पुलिस ने इस तकनीक के दम पर दो जिंदगियां बचाकर मिसाल पेश की है। पिछले 24 घंटों के भीतर Meta के Facebook और Instagram से मिले सुसाइड अलर्ट के आधार पर पुलिस ने एक युवक और एक युवती को समय रहते बचा लिया।
लोकेशन ट्रेस कर महज 15 मिनट में पहुंची पुलिस, बची जान
पहला मामला सुल्तानपुर के जयसिंहपुर थाना क्षेत्र का है, जहां 19 वर्षीय युवती ने इंस्टाग्राम पर जहर पीते हुए वीडियो पोस्ट कर आत्महत्या की मंशा जाहिर की। शाम करीब 6:55 बजे अलर्ट मिलते ही पुलिस ने तत्काल लोकेशन ट्रेस कर महज 15 मिनट में युवती तक पहुंच बनाई। उस समय वह जहर पी चुकी थी और उसकी हालत बिगड़ रही थी। पुलिस ने तुरंत उसे उपचार दिलाया और काउंसलिंग के जरिए उसकी जान बचाई। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि प्रेम संबंध में परिवार की असहमति के चलते वह मानसिक तनाव में थी।
पारिवारिक विवाद में युवक ने जान देने का किया था प्रयास
दूसरी घटना कौशाम्बी के मंझनपुर क्षेत्र की है, जहां 18 वर्षीय युवक ने सोशल मीडिया पर “आज मेरा आखिरी दिन है” लिखकर जहर खाने की बात कही। दोपहर 1:12 बजे अलर्ट मिलते ही पुलिस ने मात्र 10 मिनट में उसके घर पहुंचकर उसे आत्मघाती कदम उठाने से रोक लिया। युवक पारिवारिक विवाद के कारण तनाव में था।
आत्महत्या से जुड़े संकेत पर अलर्ट हो जाती है पुलिस
पुलिस के अनुसार, 2022 से उत्तर प्रदेश पुलिस और Meta के बीच हुए समझौते के तहत सोशल मीडिया पर आत्महत्या से जुड़े संकेत मिलते ही तुरंत अलर्ट भेजा जाता है। इसके बाद संबंधित थाना क्षेत्र की पुलिस को लोकेशन देकर तत्काल कार्रवाई कराई जाती है।
यूपी पुलिस ने अब तक बचाई 2266 लोगों की जान
इस तकनीकी पहल के जरिए 1 जनवरी 2023 से 15 मार्च 2026 तक कुल 2266 लोगों की जान बचाई जा चुकी है। इस सराहनीय प्रयास के लिए यूपी पुलिस को SKOCH Award 2025 और ET Government Tech Award 2026 से सम्मानित किया जा चुका है।
साहब! वो मुझे मारते हैं… 85 साल की महिला की वो दास्तां जिसने DM को भी कर दिया हैरान, घर पहुंची टीम तो खुला बड़ा राज!
Kanpur News: उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में जिलाधिकारी (DM) की जनसुनवाई में एक ऐसा मामला सामने आया जिसे सुनकर वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं। बर्रा-दो की रहने वाली 85 वर्षीय राजरानी अपनी लाठी के सहारे कलेक्ट्रेट पहुंचीं और अपने 88 वर्षीय पति शिवराम के खिलाफ प्रताड़ना की गुहार लगाई। उम्र के उस पड़ाव में जहां अपनों के सहारे की सबसे ज्यादा जरूरत होती है, वहां राजरानी अपनों के ही जुल्म की दास्तां सुना रही थीं।
‘पैसे की कमी नहीं, पर दिल में रहम नहीं’
राजरानी ने DM जितेंद्र प्रताप सिंह के सामने सुबकते हुए बताया कि उनके पति शिवराम रक्षा मंत्रालय (Ministry of Defence) से सेवानिवृत्त हैं और उन्हें हर महीने 40 हजार रुपए पेंशन मिलती है। बुजुर्ग महिला का आरोप है कि इतनी मोटी पेंशन होने के बावजूद पति उनकी दवाइयों और इलाज पर एक रुपया खर्च नहीं करते। राजरानी ने बताया कि शादी के 60 साल बीत जाने के बाद अब उनके पति उनके साथ मारपीट और गाली-गलौज करते हैं। उनके दो बेटे और तीन बेटियां हैं, सभी शादीशुदा हैं, लेकिन इस उम्र में वे बिल्कुल अकेली और बेबस महसूस कर रही हैं।
बहकावे और चिड़चिड़ेपन की कहानी
बुजुर्ग महिला ने एक चौंकाने वाला आरोप यह भी लगाया कि उनके पति पास के ही एक मेडिकल स्टोर संचालक के बहकावे में आकर उनके साथ ऐसा व्यवहार करते हैं। हालांकि, जब प्रशासन की टीम जांच के लिए घर पहुंची, तो मामले के कुछ और पहलू भी सामने आए।
DM का तुरंत एक्शन, घर पहुंची टीम
मामले की गंभीरता को देखते हुए DM ने तुरंत जिला प्रोबेशन अधिकारी (DPO) विकास सिंह को बुजुर्ग के घर भेजा। DPO ने जब पति शिवराम से बात की, तो पाया कि 88 साल की उम्र और गिरती सेहत के कारण वे काफी चिड़चिड़े हो गए हैं, जिससे अक्सर विवाद होता है। प्रशासन ने दखल देकर राजरानी को उनकी चेकबुक और पासबुक वापस दिलाई, ताकि वे आर्थिक रूप से किसी पर निर्भर न रहें।
नैनीताल में खाई में गिरी कार, जागेश्वर धाम जा रहे UP के 2 पर्यटकों की चली गई जान, दो गंभीर रूप से घायल
उन्नाव : उत्तराखंड के नैनीताल जिले में शनिवार को एक कार के गहरी खाई में गिरने से वाहन में सवार दो पर्यटकों की मौत हो गयी और दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि कार में सवार सभी लोग उत्तर प्रदेश के रहने वाले थे।
पुलिस के मुताबिक, दुर्घटना ज्योलिकोट-भवाली मार्ग पर खूपी के पास सुबह साढ़े आठ बजे उस समय हुई, जब पर्यटक जागेश्वर धाम की ओर जा रहे थे कि तभी गेठिया क्षेत्र में चालक का कार पर से नियंत्रण खो गया और गाड़ी अचानक 300 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। पुलिस ने बताया कि वाहन के गिरने की आवाज सुनकर स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचित किया। पुलिस के मुताबिक, पुलिसकर्मियों, राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआएफ) और दमकल की टीमों ने बचाव एवं राहत कार्य शुरू किया।
पुलिस ने बताया कि खाई से कार सवार चारों लोगों को बाहर निकाला गया जिनमें से दो की मौके पर ही मौत हो गयी। पुलिस के मुताबिक, मृतकों की पहचान उन्नाव के रहने वाले अंकित चौधरी और अभिराज के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि घायल अतुल दुबे और श्याम की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद हल्द्वानी के अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया। पुलिस के मुताबित, दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है।
UPTET 2026 का नोटिफिकेशन जारी, जानिए आवेदन की तारीख और Exam की डेट
UPTET 2026 Notification: उत्तर प्रदेश में शिक्षक भर्ती का इंतजार कर रहे युवाओं के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। दरअसल, उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने UPTET 2026 का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है, 27 मार्च से ऑनलाइन आवेदन शुरू होंगे और 2 से 4 जुलाई तक परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी।

इच्छुक उम्मीदवार उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) 2026 में शामिल होने के लिए आवेदन प्रक्रिया 27 मार्च से आवेदन कर सकते हैं। जबकि आवेदन की अंतिम तिथि 26 अप्रैल निर्धारित की गई है। ऐसे में अभ्यर्थियों को समय रहते आवेदन करने की सलाह दी गई है, ताकि अंतिम समय की परेशानी से बचा जा सके।
इस परीक्षा के माध्यम से प्रदेश में प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर पर शिक्षक बनने का सपना देखने वाले लाखों युवाओं को मौका मिलेगा। हर साल की तरह इस बार भी बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के शामिल होने की उम्मीद है। ऐसे में माना जा रहा है कि उत्तर प्रदेश सरकार UPTET के बाद बड़ी शिक्षक भर्ती का ऐलान कर सकती है।
परीक्षा प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए इस बार डिजिटल सिस्टम पर विशेष जोर दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, ऑनलाइन प्रक्रिया को मजबूत कर नकल और गड़बड़ी पर लगाम लगाने की तैयारी की गई है। परीक्षा से जुड़ी विस्तृत जानकारी जल्द ही आधिकारिक वेबसाइट पर जारी की जाएगी। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे नियमित रूप से अपडेट्स चेक करते रहें।
क्या है UP-TET परीक्षा?
यूपी-टीईटी यानी उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा राज्य के सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में शिक्षक बनने के लिए अनिवार्य परीक्षा है। यह परीक्षा दो स्तरों पर होती है:-
– प्राथमिक स्तर (कक्षा 1 से 5 तक)
– उच्च प्राथमिक स्तर (कक्षा 6 से 8 तक)
योग्यता क्या होनी चाहिए?
– बी.एड, डी.एल.एड या संबंधित विषय में स्नातक डिग्री होना जरूरी है।
परीक्षा में निम्नलिखित विषय पूछे जाते हैं:
– बाल विकास और शिक्षाशास्त्र
– हिंदी भाषा
– गणित
– पर्यावरण अध्ययन (प्राथमिक स्तर)
– विज्ञान / सामाजिक विज्ञान (उच्च प्राथमिक स्तर)

