Friday, February 13, 2026
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Lucknow News: बारिश से बिजली व्यवस्था पटरी से उतरी

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लखनऊ। राजधानी में शहर से लेकर गांव तक बीते बृहस्पतिवार रात से शुक्रवार सुबह तक रुक-रुक कर हुई बारिश के कारण बिजली व्यवस्था पटरी से उतर गई है। कहीं पर यह बिजली भूमिगत केबल में फॉल्ट और कहीं पर इंसुलेटर के दगने के कारण गुल हुई है। हालाकि, पूरी रात अभियंता और कर्मचारी बंद बिजली को चालू करने के लिए जूझते रहे। सबसे ज्यादा नादरगंज और मलिहाबाद के इलाकों में उपभोक्ताओं को बिजली संकट का सामना करना पड़ रहा है।
उपकेंद्र अम्बेडकर यूनिवर्सिटी की 33 केवी लाइन पीजीआई में ब्रेकडाउन होने पर अल्टरनेटिव सोर्स 33 केवी नादरगंज से विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी गई है। मगर कुछ देर तक उपभोक्ताओं को बिजली संकट से रूबरू होना पड़ा।विद्युत उपकेंद्र उतरेटिया न्यू की 33 केवी लाइन नादरगंज ब्रेकडाउन में आ गई है। पेट्रोलिंग का कार्य कराया जा रहा है।
अल्टरनेटिव सोर्स 33 केवी एसजीपीजीआई से विद्युत आपूर्ति सामान्य कर दी गई। इसी उपकेंद्र से नीलमथा सहित आसपास की बिजली बंद है।
उतरेटिया ओल्ड विद्युत उपकेंद्र के बलदेव विहार की बिजली बंद हुई।

गोमती नगर से राजाजीपुरम तक आवाजाही

बारिश के कारण गोमती नगर से राजाजीपुरम तक और हजरतगंज से ठाकुरगंज तक शुक्रवार सुबह कई राउंड उपभोक्ताओं को बिजली की आवाजाही का संकट झेलना पड़ा। उपकेंद्र के कर्मचारियों ने बताया कि पेटी फ्यूज जलने और इंसुलेटर दगने के कारण बिजली आपूर्ति में ज्यादा बाधा आ रही है।

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खुलासा: छांगुर और पूर्व विधायक के गठजोड़ से हड़पी गईं जमीनें, डीएम की रिपोर्ट से हुई गड़बड़ियों की पुष्टि

अवैध धर्मांतरण का मुख्य आरोपी छांगुर उर्फ जमालुद्दीन सिर्फ धार्मिक गतिविधियों तक सीमित नहीं था। वह सत्ता और सिस्टम के गठजोड़ से पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की जेब भरकर जमीनों पर कब्जे की बड़ी साजिश का भी सूत्रधार था। एटीएस की जांच में सामने आया है कि बलरामपुर में छांगुर और एक पूर्व विधायक ने राजस्व विभाग के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से सरकारी व विवादित जमीनें हड़पी हैं। अब तहसील स्तर के उन कर्मचारियों की भूमिका संदेह के घेरे में है, जो दस्तावेज में हेरफेर कर छांगुर और उसके नेटवर्क को फायदा पहुंचाते थे। इस काम में सहयोग करने वाले तबके थानेदार और चौकी प्रभारी तक ने पूरा खेल किया।एटीएस ने जिन दस्तावेज की जांच शुरू की है, उनमें विवादित जमीनों की रजिस्ट्री, खसरा-खतौनी में बदलाव के कागजात, संदिग्ध ट्रस्टों के बैंकिंग लेनदेन और योजनाओं के लाभार्थियों की सूची शामिल है। अधिकारियों का मानना है कि यही वह रास्ता था, जिससे छांगुर और पूर्व विधायक ने अपनी जड़ें मजबूत कीं। नेपाल सीमा से सटे संवेदनशील क्षेत्र में धर्मांतरण का विस्तार किया।

ऐसा नहीं कि इस सब से पुलिस अनजान थी, लेकिन सिस्टम के गठजोड़ से छांगुर का साम्राज्य बढ़ता गया। बलरामपुर से उपलब्ध रिकॉर्ड गवाही दे रहे हैं कि किस तरह सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग कर धर्मांतरण की आड़ में जमीनों पर कब्जा किया गया। छांगुर को हर स्तर से संरक्षण दिया गया। 

डीएम की रिपोर्ट ने पुलिस के साथ राजस्व विभाग की भी खोली थी पोल

साल 2024 में बलरामपुर के तत्कालीन जिलाधिकारी अरविंद सिंह ने शासन को भेजी रिपोर्ट में पुलिस के साथ ही तहसील प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए थे। उतरौला, गैड़ास बुजुर्ग और सादुल्लानगर क्षेत्र में कई जमीनों के मामले जानबूझकर लटकाए गए या कमजोर जांच की गई, जिससे कि एक पक्ष विशेष को फायदा पहुंचे। रिपोर्ट में तत्कालीन थानाध्यक्षों के साथ ही राजस्व निरीक्षकों और तत्कालीन नायब तहसीलदार की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई थी। अब छांगुर मामले की जांच कर रही एटीएस भी डीएम की रिपोर्ट की पुष्टि करती नजर आ रही है।

गिरोह की तरह काम करता था नेटवर्क

– इस खेल में सिर्फ छांगुर ही नहीं था। उसका नेटवर्क एक संगठित गिरोह की तरह काम करता था, जिसमें तहसील के कर्मचारी, स्थानीय राजस्व निरीक्षक, पुलिस और कुछ राजनीतिक चेहरे शामिल थे। सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों की सूची से लेकर ट्रस्टों की आड़ में जमीन खरीद-फरोख्त तक सब कुछ योजनाबद्ध ढंग से अंजाम दिया गया।

एटीएस ने इनपर भी शुरू किया काम

– पूछताछ की तैयारी, दो अधिकारियों की संपत्ति भी जांच के दायरे में
– विवादित जमीनों की रजिस्ट्री व दाखिल-खारिज के दस्तावेज
– संदिग्ध ट्रस्टों के रजिस्ट्रेशन व बैंकिंग रिकॉर्ड
– सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों की सूची
-पुराने शिकायतपत्र व बयान-धर्मांतरण मामले की केस डायरी

UP News: जमानत पर रिहा हो चुका निलंबित आईएएस अभिषेक प्रकाश का करीबी निकांत जैन, आरोपी पर दर्ज थी कुल चार FIR

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निलंबित आईएएस अभिषेक प्रकाश का करीबी निकांत जैन जमानत पर रिहा हो चुका है। आरोपी पर कुल चार एफआईआर दर्ज थी। इनमें से एक केस में पहले जमानत मिल गई थी। वजीरगंज में दो और हजरतगंज थाने में एक एफआईआर और दर्ज थी। अब तीनों मामलों में ही इंवेस्ट यूपी के बिचौलिये निकांत को जमानत मिल चुकी है।

सोलर कंपनी का प्रोजेक्ट मंजूर करने के लिए कमीशन मांगने वाले इंवेस्ट यूपी के निलंबित सीईओ अभिषेक प्रकाश का करीबी निकांत जैन जमानत पर रिहा हो गया है। आरोपी के खिलाफ कुल चार एफआईआर दर्ज थी। इसमें गोमतीनगर थाने में आईएएस अधिकारी के लिए रिश्वत लेने और भ्रष्टाचार की एफआईआर के मामले में उसे पहले ही जमानत मिल गई थी।आरोपी के खिलाफ वजीरगंज थाने में दो और हजरतगंज थाने में एक एफआईआर दर्ज हुई थी। इन तीनों मामलों में भी आरोपी को जमानत मिल गई है। निकांत जमानत पर रिहा हो चुका है। बृहस्पतिवार को निकांत और उसके करीबियों के ठिकानों पर ईडी ने छापा मारा। खास बात ये है कि शुरू से ही इस प्रकरण में पुलिस की लापरवाही देखने को मिली।

अधिकतम 10 साल की सजा हो सकती है

भ्रष्टाचार के मामले में निकांत जब जेल में बंद था तब समय से उसकी कस्टडी रिमांड की अर्जी नहीं दी गई। देर से अर्जी देने के कारण भ्रष्टाचार निवारण के विशेष न्यायाधीश सत्येंद्र सिंह ने तब कस्टडी रिमांड देने से इंकार कर दिया था। कोर्ट ने कहा था कि निकांत जैन को जिन आरोपों में गिरफ्तार करके जेल भेजा गया है, उसमें उसे अधिकतम 10 साल की सजा हो सकती है।

जिन मामलों में दस साल तक की सजा का प्रावधान है, उनमें अगर आरोपी जेल में है तो पुलिस को अधिकतम 60 दिनों में चार्जशीट दायर करनी होती है। ऐसे मामले में पुलिस को 40 दिन के भीतर पुलिस कस्टडी रिमांड के लिए कोर्ट में आवेदन कर देना चाहिए, लेकिन इस मामले के विवेचक एसीपी विनय कुमार द्विवेदी ने आरोपी की गिरफ्तारी के लगभग 44 दिन के बाद पुलिस कस्टडी रिमांड पर दिए जाने की अर्जी दी। इसकी वजह से अर्जी खारिज कर दी गई।

 

23 मार्च से जेल में बंद था आरोपी

एसटीएफ ने निकांत को गिरफ्तार किया था। आरोपी के खिलाफ गोमतीनगर थाने में केस दर्ज कर 23 मार्च को जेल भेज दिया गया। इस मामले में 31 मई को आरोपी को जमानत मिल गई। इस बीच वजीरगंज में एफआईआर हुई और 27 मई को जेल में वारंट भेजा गया।

आरोपी की ओर से जमानत अर्जी दाखिल की गई। 22 जुलाई को एसीजीएम कोर्ट ने जमानत मंजूर कर ली। इसके बाद पुलिस की ओर से नौ जून को हजरतगंज में दर्ज एफआईआर का वारंट नौ जून को जेल में भेजा गया। इस मामले में भी आरोपी को सीजेएम 4 की कोर्ट ने 24 जुलाई को जमानत दे दी। इसके बाद आरोपी जेल से छूट गया।

यह है मामला

सौर ऊर्जा के कलपुर्जे बनाने की इकाई लगाने के लिए आईएएस के नाम पर निकांत ने कंपनी संचालक विश्वजीत दत्ता से एक करोड़ रुपये रिश्वत ली थी। इस मामले में विश्वजीत की तहरीर पर गोमतीनगर थाने में निकांत के खिलाफ केस दर्ज कराया गया था। प्रकरण की जांच एसआईटी को सौंपी गई थी। एसआईटी की ओर से करीब 1600 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की गई थी।

UP Teacher Transfer: बेसिक शिक्षा विभाग के 5378 शिक्षकों का हुआ तबादला, पढ़ें पूरा अपडेट

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यूपी में बेसिक शिक्षा विभाग के 5378 शिक्षकों का तबादला किया गया है। शुक्रवार को बेसिक शिक्षा परिषद ने तबादला सूची जारी की। वहीं जिन स्कूलों का विलय निरस्त हो गया है, उनके शिक्षक अपने विद्यालय में ही तैनात रहेंगे।

यूपी: कैबिनेट की बैठक आज, हो सकते हैं ये महत्वपूर्ण फैसले; अटलजी के नाम पर छात्रवृति योजना को मिलेगी मंजूरी

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को लोकभवन में कैबिनेट की बैठक होगी। जिसमें पूर्व पीएम अटल बिहारी अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर उच्च शिक्षा ग्रहण करने वाले छात्रों के लिए नई छात्रवृत्ति योजना शुरू करने, विलय के बाद खाली विद्यालयों में बाल वाटिका खोलने समेत एक दर्जन से अधिक प्रस्तावों को मंजूरी दी जाएगी।

इसके अलावा कैबिनेट में पंचायतीराज और स्थानीय निकायों को वित्त आयोग की अंतरित रिपोर्ट, बाराबंकी और मथुरा में निजी विश्वविद्यालय खोलने और सीएजी रिपोर्ट को विधानमंडल में रखने के लिए भी प्रस्ताव को मंजूरी मिल सकती है। कारागार में बंद कैदियों को खाने के लिए गेहूं और चावल की आपूर्ति के लिए नई नीति, शहरी क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय मानक के अनुसार होर्डिंग लगाने का ठेका 15 साल तक देने के लिए नगर निगम अधिनियम में संशोधन संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी मिल सकती है।

मंत्रिमंडल और अफसरों के साथ भी बैठक

कैबिनेट से पहले मुख्यमंत्री सभी विभागों के अपर मुख्य सचिवों और प्रमुख सचिवों के साथ भी अहम बैठक करेंगे। विधानमंडल सत्र की बैठक से पहले हो रही इस बैठक को अतिमहत्वपूर्ण माना जा रहा है। इन दोनों बैठकों में सीएम अपने हाल के मंडलीय दौरों में मिले फीडबैक को लेकर भी चर्चा कर सकते हैं। वहीं, अफसरों की कार्यशैली को लेकर मंत्रियों और विधायकों की नाराजगी को देखते हुए सीएम की यह बैठक अतिमहत्वपूर्ण मानी जा रही है। वहीं, कैबिनेट के बाद मुख्यमंत्री सभी मंत्रियों के साथ भी बैठक करेंगे, जिसमें बाढ़ और राहत कार्यों की स्थिति की जानकारी के अलावा अलावा अफसरशाही के बारे में फीडबैक लेंगे।

यूपी: लखनऊ वालों के लिए अच्छी खबर, 1090 चौराहे पर बनेगा फ्लाईओवर; इन इलाकों से गुजरेगा यह मार्ग

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1090 चौराह के पास वाले फ्लाईओवर के अलावा इसके आगे एक और फ्लाईओवर जी 20 रोड को जोड़ते हुए बनेगा। इसके बनने से ग्रीन काॅरिडोर से आने वाले सीधे शहीद पथ व इकाना स्टेडियम के पास पहुंच सकेंगे।
गोमती नगर में 1090 चौराहा के पास फ्लाईओवर बनेगा। इससे 1090 चौराहा और समता मूलक चौक पर जाम की समस्या से लोगों को राहत मिलेगी। यह फ्लाईओवर ग्रीन कॉरिडोर का हिस्सा है। ऐसे में आईआईएम रोड से गोमती नगर तक सफर आसान हो जाएगा।ग्रीन कॉरिडोर योजना के प्रोजेक्ट मैनेजर एके सेंगर ने बताया कि फ्लाईओवर- बैकुंठधाम से शुरू होगा और लामार्ट बॉयज स्कूल तक बनेगा। इसकी कुल लंबाई 2.02 किलोमीटर होगी। चार लेन के इस फ्लाईओवर में करीब 570 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। निर्माण 2027 तक पूरा करने लक्ष्य तय किया गया है। निर्माण को लेकर तीन महीन के अंदर टेंडर प्रक्रिया पूरी की जाएगी। फ्लाईओवर 1090 चौराहे के पास से गुजरेगा, न कि उसके ऊपर से। ऐसे में चौराहे पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

यह फ्लाईओवर भी आसान करेगा राह
1090 चौराह के पास वाले फ्लाईओवर के अलावा इसके आगे एक और फ्लाईओवर जी 20 रोड को जोड़ते हुए बनेगा। इसके बनने से ग्रीन काॅरिडोर से आने वाले सीधे शहीद पथ व इकाना स्टेडियम के पास पहुंच सकेंगे। यह फ्लाईओवर 2.20 किमी लंबा होगा। इस पर 430 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इस फ्लाईओवर की खास बात यह होगी कि इसमें क्लोवर लीफ इंटरचेंज भी होगा। यह इंटरचेंज सिस्टम हाईवे स्टाइल का होगा जिससे वाहन बिना रुके एक दिशा से दूसरी दिशा में जा सकेंगे।

दूर होगी जाम की समस्या
दोनों फ्लाईओवर के बनने के बाद आईआईएम शहीद पथ तक आवागमन आसान हो जाएगा। 1090 चौराहा पर जाम की समस्या दूर होगी।– प्रथमेश कुमार, उपाध्यक्ष, एलडीए

Lucknow News: अंसल कंपनी पर 8.70 लाख की ठगी का एक और केस

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लखनऊ। सुशांत गोल्फ सिटी थाने में अंसल कंपनी पर 8.70 लाख की ठगी की एक और एफआईआर दर्ज हुई है। कंपनी के अधिकारियों व कर्मचारियों पर आशियाना सेक्टर एन निवासी संध्या पांडेय से प्लॉट के नाम पर जालसाजी करने का आरोप है। इसके साथ ही अब शहर भर के थानों में दर्ज मामलों की संख्या 247 हो गई है।

संध्या के मुताबिक दिसंबर 2011 में वह प्लॉट खरीदना चाहती थीं। इस सिलसिले में वह अंसल कंपनी के दफ्तर पहुंची थीं। उन्होंने कंपनी में सुशांत गोल्फ सिटी स्थित साइट पर एक प्लॉट बुक कराया था। प्लॉट की कीमत 8.70 लाख रुपये थी, जिसका उन्होंने टुकड़ों में भुगतान किया था। इसके बावजूद कंपनी ने उन्हें प्लॉट पर कब्जा नहीं दिया। इस सिलसिले में उन्होंने कई बार कंपनी के दफ्तर के चक्कर काटे। मगर हर बार आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला। थक हार कर पीड़िता ने पुलिस से शिकायत की। इंस्पेक्टर उपेंद्र सिंह के मुताबिक मामले की तफ्तीश की जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

Lucknow News: तैयारी पूरी, अखिल भारतीय दंगल कल से

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लखनऊ। अखिल भारतीय मस्ता पहलवान गुरुजी श्री राम चंद्र स्मारक ईनामी दंगल का आयोजन नौ अगस्त को हरिशचंद्र इंटर कॉलेज प्रांगण में किया जाएगा। दो दिवसीय आयोजन में देशभर से पुरुष और महिला पहलवान विभिन्न वर्गों में जोर आजमाइश करेंगे। इसमें दिल्ली के गुरु हनुमान अखाड़ा और छत्रसाल स्टेडियम के कुश्ती प्रशिक्षु भाग लेंगे, जबकि हरियणा के मनका अखाड़ा और पंजाब के दुष्यंत अखाड़े के पहलवनों भी यहां दम दिखाते दिखेंगे। महिला वर्ग में यूपी और हरियाणा से पहलवानों के आने की उम्मीद है। सदर स्थित गुरुजी का अखाड़े के संचालक और दंगल के आयोजन विकास यादव ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस बार भी रक्षाबंधन पर्व पर हरिशचंद इंटर कॉलेज प्रांगण में राष्ट्रीय स्तर का दंगल आयोजित किया जा रहा है। इसकी सभी तैयारी लगभग पूरी कर ली गई है। दंगल में सबसे बड़ी कुश्ती जीतने वाले पहलवान को 51 हजार रुपये के अलावा सोने का सिक्का दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस दंगल में वहीं पहलवान विजेता होगा, जो प्रतिद्वंद्वी को चित करने में सफल होगा। मुकाबलों में अंकों का कोई प्रावधान नहीं है। अगर परिणाम नहीं निकल पाता है तो दंगल में लगी कुल धनराशि का पचास प्रतिशत दोनों पहलवानो में

बांट दिया जाएगा और शेष पचास प्रतिशत दंगल कमेटी के खाते में चला जाएगा। इससे धनराशि का उपयोग दूसरी कुश्ती में किया जाएगा।

VIDEO: रक्षाबंधन के लिए राखियों की सजी दुकानें, बहनों ने भाइयों के लिए खरीदी राखियां

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भाई-बहन के प्यार का त्यौहार राखी के लिए बहनों ने भूतनाथ मार्केट में लगी राखी की दुकानों से अपने भाइयों के लिए राखी की खरीददारी की। इस दौरान मारके में रुद्राक्ष, कार्टून‑थीम वाली, डिज़ाइनर और कुंदन राखियां महिलाएं खूब पसंद कर रही हैं।

लविवि: 10 अगस्त तक भरें एलएलबी, बीपीएड के अंक

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लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय में परास्नातक प्रवेश प्रक्रिया सत्र 2025-26 के तहत एलएलएम और एमपीएड पाठ्यक्रम में दाखिले के लिए जिन अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है और  वह ऑनलाइन आवेदन में एलएलबी और बीपीएड के अंक नहीं भर सके हैं, ऐसे अभ्यर्थी अपने आवेदन पत्र संख्या का इस्तेमाल कर 10 अगस्त तक अंक भर सकेंगे। इसके लिए गूगल फॉर्म का लिंक जारी कर दिया गया है।