Saturday, February 28, 2026
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बिधूना पाता रेलवे स्टेशन पर उतरते समय ट्रेन से गिरी युवती, बची

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बिधूना। पाता रेलवे स्टेशन पर मंगलवार शाम करीब सवा 6 बजे एक युवती चलती ट्रेन से उतरते समय प्लेटफॉर्म नंबर दो पर गिर गई। घटना की जानकारी मिलते ही स्टेशन मास्टर ने तत्काल आरपीएफ को सूचना दी। मौके पर पहुंची आरपीएफ टीम ने युवती को एम्बुलेंस के माध्यम से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अछल्दा पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसका प्राथमिक उपचार किया।

आरपीएफ के अनुसार दिबियापुर थाना क्षेत्र के नंदपुर गांव निवासी शीलू उर्फ रचना पुत्री वीरेंद्र सिंह गलती से इटावा स्टेशन से दिबियापुर जाने के लिए गोमती एक्सप्रेस की जगह नॉर्थ ईस्ट एक्सप्रेस में बैठ गई थी। जब युवती को अपनी गलती का एहसास हुआ, तब ट्रेन पाता स्टेशन के पास धीमी रफ्तार से चल रही थी। उतरने का प्रयास करते समय वह प्लेटफॉर्म पर गिर गई। आरपीएफ ने युवती को उपचार के बाद परिजनों मां राजकुमारी और भाई विमल को सौंप दिया। गनीमत रही युवती बाल बाल बच गई।

Auraiya News: टीबी के मरीज की हालत बिगड़ी, मौत

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दिबियापुर। नगर के निवासी वृद्ध की सोमवार सुबह खून की उल्टी होने से हालत बिगड़ गई। बेहोशी हालत में परिजन उसे सीएचसी लाए, जहां डाॅक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। परिजन शव को लेकर घर लौट गए। डाॅक्टरों के अनुसार मृतक कई महीनों से टीबी का मरीज था।

 

मृतक के पुत्र ने बताया कि डेढ़ माह पूर्व पिता को सीएचसी में दिखाया था। यहां जांच में टीबी की रिपोर्ट आई थी। डाॅक्टरों ने दवा भी दी लेकिन उससे कोई आराम नहीं मिला था।बाद में आगरा के एक प्राइवेट अस्पताल में उपचार कराया। इससे पिता को आराम भी मिला। पांच दिनों से पिता को घबराहट हो रही थी। परिजन शव का अंतिम संस्कार करने के लिए पैतृक गांव पूरनपुर ले गए। मृतक के 5 पुत्र 4 पुत्रियां हैं। सीएचसी अधीक्षक डॉ. विजय आनंद ने बताया कि जब टीबी मरीज की एमडीआर रिपोर्ट हो, तो दवाएं कम असर करती हैं। रिपोर्ट देखकर ही पता चलेगा

Auraiya News: खुलेआम घूम रहे आरोपी, न्याय पाने को भटक रही पीड़िता

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औरैया। अयाना के एक गांव में किशोरी को घर में बंधक बनाकर दुष्कर्म के प्रयास के मामले में आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और उसे केस वापस लेने को धमकियां दे रहे हैं। इसके बावजूद मामले में पुलिस न तो जांच कर पाई और न ही आरोपियों पर कार्रवाई। इससे पीड़िता और उसका परिवार दहशत में है और वो न्याय के लिए भटक रही है।

 

सोमवार को सीओ अजीतमल दफ्तर पहुंची विधवा पीड़िता ने बताया कि 23 जुलाई की शाम उसकी पुत्री गांव के मंदिर में चल रहे एक कार्यक्रम में गई थी। जहां मोहल्ले की दो महिलाओं व उसके भतीजे ने उसे कोल्डड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर पिला दिया। बाद में वह लोग उसे अपने घर ले गए और उसके संग दुष्कर्म की कोशिश की। सूचना पर वह परिवार के साथ मौके पर पहुंची। कमरे में पुत्री बंधक मिली और उसके कपड़े भी अस्त व्यस्त थे।आरोपियों से उसे छुड़ाने का प्रयास किया तो उन्होंने गाली गलौज की। उनके देवर के साथ मारपीट कर दी। पीड़िता ने अयाना पुलिस से शिकायत की मगर रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। बाद में पीड़िता पुत्री के संग तत्कालीन एसपी के पास गई। एसपी के आदेश पर एक अगस्त को पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की। लेकिन आरोपी पकड़े नहीं गए। वो लगातार धमकियां दे रहे हैं। मामले में विवेचक का तबादला होने के बाद दूसरे दरोगा को जांच दी गई है। पीड़िता ने बताया कि नए विवेचक उससे गवाह लाने की बात कह रहे हैं, लेकिन धमकी देने वाले आरोपियों पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।

मामले में नए एसपी से भी न्याय की गुहार लगाई गई। एसपी ने सीओ अजीतमल को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। सीओ अजीतमल सृष्टि सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। जल्द कार्रवाई कराई जाएगी।

Auraiya News: बेटी-दामाद और सास की पिटाई में दो पर रिपोर्ट

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दिबियापुर। समाधान पुरवा गांव में महिला समेत उसकी बेटी व दामाद की पिटाई कर दी। मारपीट में पुलिस ने दो पर रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस ने दोनों को पकड़ा और शांतिभंग में चालान कर एसडीएम कोर्ट में पेश किया।

सदर कोतवाली के गांव पन्हर नवलपुर निवासी रविशंकर रविवार शाम सास गीता देवी का इलाज कराने के बाद पत्नी अंजना व बड़ी साली वंदना के साथ फफूंद रेलवे स्टेशन पहुंचा। पैदल ऑटो स्टैंड पर जाते समय एक बाइक सवार ने रविशंकर के झोले में टक्कर मार दी। बाइक से उतरकर आरोपी गाली गलौज करने लगे। विरोध करने पर लोहे की रॉड से हमला कर दिया। बचाने आई सास, पत्नी व बड़ी साली से पिटाई कर दी।इस दौरान सास व पत्नी का मंगलसूत्र कहीं गिर गया। रविशंकर की तहरीर पर पुलिस ने थाना क्षेत्र के गांव बैसुंधरा निवासी अरनव, फफूंद निवासी अनुज कुमार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली। सोमवार को दोनों को पुलिस ने पकड़ लिया। थाना प्रभारी निरीक्षक रुद्र प्रताप नारायण त्रिपाठी ने बताया कि घायलों को मेडिकल कराया गया है। आरोपी पर शांतिभंग की कार्रवाई की गई है।

Auraiya News: सड़क हादसे में एंबुलेंस चालक की मौत, केस दर्ज

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औरैया। दिबियापुर-औरैया मार्ग पर हुए सड़क हादसे में एंबुलेंस चालक की मौत के मामले में सोमवार को पोस्टमार्टम कराया गया। बाद में पुलिस ने शव को परिजनों के सुपुर्द कर दिया। परिजन शव को घर ले गए। उधर, इस मामले में पुलिस ने लोडर चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।

जनपद उन्नाव के शुक्ला गंज निवासी प्रदीप तिवारी (45) निजी एंबुलेंस चालक थे। पांच अक्तूबर को दिबियापुर थाना क्षेत्र निवासी मरीज विनीता पत्नी सुनील को घर छोड़ने गए थे। वापस जाने के दौरान सदर कोतवाली के गांव बिरिया स्थित मंदिर के सामने लोडर ने टक्कर मार दी। इससे एंबुलेंस चालक की मौके पर ही मौत हो गई थी। जानकारी पर मेडिकल काॅलेज चौकी प्रभारी स्वदेश सिंह फोर्स के साथ मौके पर गए। टक्कर मारकर भाग रहे लोडर व चालक को पकड़ लिया।

शव को पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया था। सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव को परिजनों के सुपुर्द कर दिया। इस पर परिजन शव को घर ले गए। अपराध निरीक्षक सत्य प्रकाश ने बताया कि मामले में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। पकड़े गए चालक के खिलाफ कार्रवाई की गई है।

Auraiya News: असेनी में लोकल फॉल्ट और ओवरलोडिंग से बिजली किल्लत

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कंचौसी। लोकल फॉल्ट व ओवरलोडिंग से ट्रिपिंग हो रही है। रात को भी बिजली कटौती हो रही है। इससे घरों में इन्वर्टर तक चार्ज नहीं हो पा रहे हैं। इससे उपभोक्ताओं को दुश्वारी हो रही है।

असेनी पावर हाउस से जुड़े नौगवां व बिहारीपुर उपकेंद्र की बिजली आपूर्ति गर्मी होते ही बाधित होने लगती है। इससे लोगों को लगातार कई माह तक बिजली कटौती का दंश झेलना पड़ता है। ग्रामीण रिंकू राठौर, श्यामू राठौर, दयाराम व समीर खान आदि ने बताया कि इन दिनों बिजली कटौती तेज हो गई है। दिन में अक्सर ट्रिपिंग होती है। साथ ही रात में भी तीन से चार घंटे बिजली कटौती की जा रही है। जिस कारण लोगों को परेशानी होती है। अवर अभियंता सतीश जायसवाल ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में कंट्रोल रूम से कटौती हो रही है। बेहतर बिजली आपूर्ति करने का प्रयास किया जा रहा

Auraiya News: सड़क पर जलभराव से कीचड़, फोटो वायरल होते ही पहुंचे चेयरमैन

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बिधूना। नगर के आंबेडकर नगर में जलनिकास न होने घरों से निकला गंदा पानी सड़क पर भर रहा है। सड़क पर कीचड़ होने से वहां लोगों को आवागमन में दुश्वारियां हो रही हैं। सोमवार को सोशल मीडिया पर वहां पर की कुछ तस्वीरें वायरल हो गईं इससे चेयरमैन के हाथपांव फूल गए। वह मौके पर पहुंचे और नागरिकों से संवाद कर जल निकासी का भरोसा दिलाया।

मोहल्ले में जलनिकासी के इंतजाम नहीं हैं। नाला न होने से घरेलू गंदा पानी खाली प्लाॅटों में भरा रहा है। खाली प्लाॅट ओवरफ्लो होने से सड़कों पर भी पानी भर रहा है। इससे लोगों को आवागमन में दुश्वारी होती है। साथ ही संक्रामक बीमारियों के फैलने की भी आशंका है। इसे लेकर मोहल्ले के लोगों ने कई बार तहसील दिवस से नगर पंचायत कार्यालय तक शिकायत की लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं निकला।
इंसेट
बोले लोग, हो रही परेशानी
कई बार हुई शिकायत
फोटो-06 एयूआरपी 06 शिवपाल। संवाद
मोहल्ला निवासी शिवपाल सिंह ने बताया कि कई बार शिकायत की गई है इसके बावजूद सुनवाई नहीं हुई।
बच्चों और बुजुर्गों को हो रही परेशानी
फोटो-06 एयूआरपी 05 वारे लाल। संवाद
वारेलाल ने कहा कि जलभराव से बच्चों और बुजुर्गों को आने-जाने में काफी परेशानी होती है। मच्छरों के बढ़ते प्रकोप से बीमारियों का खतरा भी मंडरा रहा है।
बड़े स्तर पर होगा काम
सोमवार को सोशल मीडिया पर जलभराव की तस्वीरें वायरल हुईं, तो नगर पंचायत अध्यक्ष आदर्श कुमार मिश्रा मौके पर पहुंच गए। उन्होंने क्षेत्र का निरीक्षण कर अस्थायी रूप से पानी निकासी की वैकल्पिक व्यवस्था कराई। स्थानीय लोगों ने जल्द नाला निर्माण कराने की मांग की है। उधर, नगर पंचायत चेयरमैन आदर्श कुमार मिश्रा ने बताया कि नाला निर्माण के लिए शासन को प्रस्ताव भेज दिया गया है। स्वीकृति मिलते ही बस्ती की मुख्य सड़क के किनारे नाला निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में पहले से कुछ दूरी तक नाला बना हुआ है लेकिन अब पूरे मोहल्ले में जल निकासी की समस्या खत्म करने के लिए बड़े स्तर पर कार्य कराया जाएगा।

फोटो-06 एयूआरपी 03 सड़क पर हुए जलभराव के बीच निकलते बाइक सवार। संवाद

Auraiya News: डॉ. जुही को मिला रिसर्च कैटेगरी लाइफ मेंबर अवार्ड

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औरैया। मेडिकल कॉलेज के दंत चिकित्सा विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. जुही यादव को इंडियन ऑर्थोडॉन्टिक सोसाइटी ने रिसर्च कैटेगरी लाइफ मेंबर अवॉर्ड से नवाजा। यह पुरस्कार उन्हें उनके शोध कार्य नॉर्थ इंडियन पॉपुलेशन के क्लेफ्ट लिप एंड पैलेट के लिए दिया गया है। उन्होंने मरीजों में ट्रांसफॉर्मिंग ग्रोथ फैक्टर अल्फा (टीजीएफए) जीन पॉलीमॉर्फिज्म के एसोसिएशन पर शोध किया गया है। ये पुरस्कार उन्हें आगामी नवंबर माह में आयोजित होने वाले आईओएस कॉन्फ्रेंस में दिया जाएगा।

 

उनका यह शोध कार्य क्लेफ्ट लिप और पैलेट विकार के उत्पन्न होने में जीन की भूमिका को समझने में सहायक होगा। क्लेफ्ट लिप और पैलेट एक जन्मजात विकार है। जो छोटे बच्चों और उनके माता-पिता पर गहरा प्रभाव डालता है। भारत में इस विकार की आवृत्ति करीब प्रत्येक 1000 जीवित जन्मों में एक होती है। यदि इसके लिए उत्तरदायी जीनों की पहचान की जा सके, तो जेनेटिक काउंसलिंग के जरिए इस विकार के बोझ को काफी हद तक कम किया जा सकता है। डॉ. जुही यादव ने इस विषय पर कई शोध लेख प्रकाशित किए हैं। उन्हें सम्मानित किए जाने को लेकर मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. मुकेश वीर सिंह, सीएमएस डॉ. पवन कुमार शर्मा समेत अन्य ने शुभकामनाएं दी हैं

अनदेखी : एक कमरे में ही चल रहीं पांच कक्षाएं, पठन-पाठन में दिक्कत

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औरैया। परिषदीय स्कूलों में कायाकल्प के तहत बड़े पैमाने पर बजट खपाया जा रहा है लेकिन स्कूलों में भवनों की कमी से विभाग की नजर हटी हुई है। कई स्कूलों में स्थिति यह है कि एक ही कमरे में कक्षा एक से लेकर पांच तक की कक्षाओं के बच्चे पढ़ रहे हैं। शिक्षक किसी तरह से एक ही कमरे में सभी कक्षाओं के बच्चों को पढ़ा रहे हैं। वहीं, प्रधानाध्यापकों की ओर से लगातार अधिकारियों को भवन की समस्या से अवगत भी कराया जा रहा है। इसके बावजूद समस्या दूर नहीं हो रही है।

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केस-01)
एक कमरे में पढ़ रहे सभी बच्चे
शहर के कन्या प्राथमिक विद्यालय भीखमपुर में कक्षा एक से पांच तक के बच्चे पढ़ते हैं। छात्र संख्या 45 है। विद्यालय में महज एक कमरे का भवन है। इसमें पांचों कक्षाओं के बच्चे एक साथ पढ़ रहे हैं। स्कूल के प्रधानाध्यापक अवधेश कुमार ने बताया कि एक कमरे में ही मजबूरन सभी बच्चों को बैठाकर पढ़ाना पड़ रहा है। उच्चाधिकारियों को नए भवन निर्माण के संबंध में पत्राचार किया गया है।

केस-02)
एक कमरे में पहली से पांचवीं के बच्चे
बिधूना क्षेत्र के ताजपुर के मजरा डहरियापुर के परिषदीय स्कूल में 32 बच्चे पंजीकृत हैं। यही नहीं, इसी एक कक्ष के स्कूल में दो आंगनबाड़ी केंद्र भी संचालित किए जा रहे हैं। ऐसे में एक ही कमरे में छोटे बच्चों के साथ-साथ पहली से पांचवीं तक की कक्षाओं के बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। डहरियापुर में तैनात शिक्षक दीप्ति ने बताया कि एकल भवन के साथ-साथ बाउंड्री न होने की भी समस्या है। अक्सर मवेशी कमरे तक आ जाते हैं।

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केस-03)
बच्चों को हो रही दिक्कत
बिधूना क्षेत्र के कुसमरा स्थित प्राथमिक विद्यालय में 23 बच्चे पंजीकृत हैं। यहां पर एक ही कमरे में एक से पांच तक की कक्षाएं चल रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कई वर्षों से ये स्कूल एकल कक्ष में ही संचालित है। जगह की कमी और भीड़भाड़ के चलते बच्चों को पढ़ाई में दिक्कत होती है।

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स्कूल भवन जर्जर, मैदान में लगती कक्षाएं

अजीतमल। क्षेत्र के ग्राम टढ़वा रंगिया स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय कंपोजिट का भवन जर्जर हो चुका है। इससे बच्चों पर खतरा मंडरा रहा है। इससे भयभीत शिक्षक बच्चों को मैदान में बैठाकर कक्षा लगाने को मजबूर हैं। ग्रामीणों के मुताबिक इस स्कूल की इमरात 2006-07 में बनी थी। पांच साल बाद ही इस भवन के कमरों का प्लास्टर उखड़ने लगा। छत का लिंटर भी टूटने लगा है। बारिश में लगातार पूरी कक्षाओं में छतों से पानी टपकता है। इसके भयग्रस्त अध्यापक खुले में कक्षा चलाने को मजबूर हैं। प्रधानाध्यापिका मधुबाला ने बताया कि 2017 से लगातार दस बार लिखित रूप से बीआरसी पर प्रार्थनापत्र दे चुकी हैं। अब तक नया भवन निर्माण की कोई सुनवाई नहीं हो रही है। मौजूद सत्र में छात्रों की नामांकन संख्या 138 है लेकिन भय के चलते बाहर खुले में कक्षाएं लगाईं जा रही हैं। (संवाद)
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वर्जन
स्कूलों में नए भवन बनाए जाने को लेकर डिमांड तैयार की जा रही है। जल्द ही इस जरूरत को पूरा किया जाएगा।-संजीव कुमार, बीएसए

Auraiya News: फायर सिलिंडर के हवाले सीएचसी-पीएचसी, आग से बचाव के इंतजाम नाकाफी

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औरैया। जिले के सरकारी अस्पतालों में आग बुझाने के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। यदि आग लगने की घटनाएं होती हैं तो सिर्फ काबू पाने के लिए फायर एक्सटिंग्विशर सिलिंडर ही बचाव के एक मात्र उपाय होंगे। यह हालात किसी एक अस्पताल के नहीं बल्कि सभी अस्पतालों के हैं। ऐसा नहीं है कि इंतजाम न किए गए हो लेकिन ठीक से रखरखाव न होने से अग्निशमन संयंत्र खराब हो चुके हैं।

 

हाल यह है कि दमकल विभाग के नोटिस के बाद भी स्वास्थ्य महकमा सुध नहीं ले रहा है। महज मेडिकल कॉलेज की नई बिल्डिंग व बेला सीएचसी की बिल्डिंग में अग्निशमन संयंत्र पुख्ता है। अन्य जगह संयंत्र रखे-रखे जंग खा रहे हैं। एक भी जगह संयंत्र चालू हालत में नहीं है। जयपुर के एक अस्पताल में आग की घटना के बाद सोमवार को संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने जिलेभर के सरकारी अस्पतालों की पड़ताल की। ज्यादातर जगहों पर यह लापरवाही सामने आई। औरैया जिले में आठ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 28 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और एक जिला स्तरीय अस्पताल हैं। इनमें आग से सुरक्षा के मानकों की पूरी तरह से अनदेखी की जा रही है। दमकल विभाग की ओर से नोटिस भी दिए गए हैंफोटो-06एयूआरपी 35 – बिना पाइप का खाली पड़ा बॉक्स। संवाद

फोटो-06एयूआरपी 36 – बॉक्स में खराब हो चुकी जीन पाइप। संवाद

मेडिकल कॉलेज की पुरानी बिल्डिंग में अग्निशमन संयंत्र खराब

चिचौली स्थित मेडिकल कॉलेज की नई बिल्डिंग में अग्निशमन संयंत्र पुख्ता मिला लेकिन पुरानी बिल्डिंग में संयंत्र चालू हालत में नहीं मिले। हॉज पाइप ही कई जगहों से लापता थे। ज्यादातर जगह पाइप खराब मिले जबकि इस बिल्डिंग में महिला एवं बाल चिकित्सालय है। यहां एसएनसीयू व केएमसी वार्ड में नवजात बच्चे, प्रसूताएं व अन्य बीमारी से ग्रसित महिलाएं भर्ती होती हैं। आग बुझाने के लिए सिर्फ सिलिंडर दीवारों पर टंगे दिखाई दिए। पानी की पाइपलाइन खराब मिला। हाईड्रेंट कनेक्शन पूरी तरह से जंग खा छुका है। अलार्म भी खराब हैं। पूरी बिल्डिंग में अग्निशमन संयंत्र की दयनीय हालत मिली।

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फोटो-06एयूआरपी 37- सीएचसी में लगा फायर एस्टिंग्यूसर। संवाद

सिर्फ फायर एक्सटिंग्विशर के भरोसे अजीतमल सीएचसी

अजीतमल। कस्बे के बीचोबीच स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर आग से बचने के कोई खास उपाय उपलब्ध नहीं है। न तो पानी का टेंक ही बना है और न ही कोई पाइपलाइन डाली गई है। सिर्फ फायर एस्टिंग्यूसर के भरोसे ही आग की सुरक्षा व्यवस्था है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. अशोक राय ने बताया कि सीएचसी पर तीन सीओटी सिलिंडर व 13 एबीसी टाइप सिलिंडर मौजूद है। जिनकी हर साल रिफिलिंग कराई जाती है। भीड़भाड़ वाली जगह वार्ड व परिसर में ये रखे गए है। इसके अलावा और कोई व्यवस्था नहीं है।

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फोटो-06एयूआरपी 38- सीएचसी में लगा फायर एस्टिंग्यूसर। संवाद

बिधूना में सीएचसी के साथ मातृ शिशु अस्पताल, फिर भी नहीं संयंत्र

बिधूना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आपात स्थिति से निपटने के लिए महज 11 फायर एक्सटिंग्विशर लगे हैं। वहीं, परिसर में मातृ शिशु अस्पताल की भी बिल्डिंग है। यहां पर अग्निशमन संयंत्र की पूरे बिल्डिंग में फिटिंग हैं लेकिन दमकल विभाग के अनुसार ये संयंत्र चालू हालत में नहीं है। सीएससी अधीक्षक डॉ. बीपी शाक्य ने बताया कि मातृ शिशु अस्पताल में पूरी बिल्डिंग में अग्निशमन विभाग की एनओसी जारी है। समय-समय पर विभाग के लोग आकर इसका निरीक्षण भी करते हैं।

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फोटो-06एयूआरपी 39- सीएचसी में लगा फायर एक्सटिंग्विशर। संवाद

यहां लग चुकी आग, फिर भी संयंत्र नहीं सकि्रय

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दिबियापुर में आग से निपटने के लिए महज 18 फायर एक्सटिंग्विशर लगे हैं। वहीं मातृ शिशु अस्पताल की बिल्डिंग में अग्निशमन संयंत्र की फिटिंग हैं। दो साल पहले यहां पर आग लगने की घटना हुई थी। दमकल विभाग के अनुसार ये संयंत्र सक्रिय नहीं है। सीएससी अधीक्षक डॉ. विजय आनंद ने बताया कि दोनों भवनों में 18 फायर एक्सटिंग्विशर लगे हैं। मातृ शिशु अस्पताल में पूरी बिल्डिंग में अग्निशमन विभाग की एनओसी भी जारी है। समय-समय पर विभाग के लोग आकर इसका निरीक्षण भी करते हैं।

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नाकाफी हैं फायर एक्सटिंग्विशर

फोटो-06एयूआरपी 40 – फायर एक्सटिंग्विशर को देखते सीएचसी अधीक्षक। संवाद

सहार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आग से निपटने के लिए नौ फायर एक्सटिंग्विशर है। पूरी बिल्डिंग में अग्निशमन संयंत्र का अभाव है। सीएससी अधीक्षक डॉ. राकेश सिंह ने बताया कि फायर एक्सटिंग्विशर के जरिए आपात स्थिति से निपटने के इंतजाम है।

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लगातार भेजे जाते नोटिस

केवल मेडिकल कॉलेज चिचौली व बेला सीएचसी में अग्निशमन संयंत्र चालू हालत में है। अन्य अस्पतालों में आग से निपटने के लिए महज फायर एक्सटिंग्विशर लगे हैं। संयंत्रों को लेकर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को लगातार नोटिस भेजे जाते हैं लेकिन कोई सुधार नहीं हो रहा है।- तेजवीर सिंह, fमुख्य अग्निशमन अधिकारी