Wednesday, June 10, 2026
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Auraiya News: सड़क हादसे में ट्रक चालक की मौत, साथी घायल

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औरैया। सदर कोतवाली क्षेत्र में शुक्रवार दोपहर बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के पास तेज रफ्तार बाइक अनियंत्रित होकर फिसल गई। हादसे में बाइक सवार ट्रक चालक की मौके पर ही मौत हो गई, उसका साथी गंभीर रूप से घायल हो गया। युवक ने हेलमेट नहीं पहना था।कोतवाली के गांव पन्हर निवासी अमित राजपूत (35) अपने साथी परिचालक बृजमोहन के साथ बाइक से लखनऊ जाने के लिए निकले थे। एक्सप्रेसवे एंट्री के पास सर्विस रोड पर अचानक बाइक फिसल गई। राहगीरों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टर ने अमित को मृत घोषित कर दिया।वहीं, बृजमोहन (30) का इलाज चल रहा है। कोतवाल राजकुमार सिंह ने बताया कि पुलिस ने परिजन को सूचना दी। इसके बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
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कार की टक्कर से बाइक सवार घायल

अछल्दा। थाना क्षेत्र के बरी मोड़ के पास शुक्रवार दोपहर एक तेज रफ्तार कार ने बाइक सवार युवक को टक्कर मार दी। हादसे में बघईपुर निवासी राहुल (40) गंभीर रूप से घायल हो गए।

Auraiya News: ननिहाल आई तीन साल की मासूम की नाक में फंसा चने का दाना

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अछल्दा। थाना क्षेत्र के गांव रजुआमऊ में शुक्रवार सुबह ननिहाल आई तीन वर्षीय मासूम बच्ची ने खेलते-खेलते चने का दाना अपनी नाक में डाल लिया।परिजन मासूम को लेकर सीएचसी पहुंचे। काफी प्रयास के बाद भी दाना बाहर नहीं निकाला जा सका। बच्ची की बिगड़ती हालत को देखते हुए डॉक्टर ने उसे सैफई रेफर कर दिया।
वैष्णवी (3) पुत्री अवनीश, अपनी मां नेहा के साथ गर्मी की छुट्टियां बिताने के लिए अछल्दा क्षेत्र के गांव रजुआमऊ स्थित अपने ननिहाल आई हुई थी। शुक्रवार सुबह वह घर के आंगन में खेल रही थी तभी उसने खेल-खेल में चने का एक दाना अपनी नाक में डाल लिया। दाना नाक के काफी अंदर जाकर फंस गया।

कुछ ही देर बाद में बच्ची को सांस लेने में गंभीर परेशानी होने लगी। घबराहट और बेचैनी के कारण मासूम तड़पने लगी। यह देख परिजन बच्ची को लेकर सीएचसी पहुंचे। यहां डॉक्टर ने चने का दाना निकलने का प्रयास किया लेकिन सफलता नहीं मिली। बाद में उसे सैफई रेफर कर दिया गया। वहां बच्ची का इलाज चल रहा है।

Etawah News: परचून दुकानदार से 98 हजार की ठगी

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इटावा। परचून दुकानदार के खाते से साइबर ठगों ने गूगल पे के माध्यम से करीब 98 हजार रुपये पार कर दिए। पीड़ित ने एसएसपी से शिकायत की है। वृंदावन कॉलोनी निवासी गौरव गुप्ता जिला अस्पताल के सामने परचून की दुकान संचालित करते हैं। उन्होंने बताया कि एक जून की शाम उनके खाते से गूगल पे के माध्यम से दो संदिग्ध ट्रांजेक्शन हो गए जिसमें लगभग 98 हजार रुपये पार हो गए। घटना के बाद उन्होंने बैंक और पुलिस से संपर्क किया। पुलिस ने मामले को साइबर सेल को भेजकर जांच शुरू कर दी है।

‘कब्रिस्तान बना आशियाना’: जीना मुश्किल था उनके बिना, कब्रों के बीच थमीं सांसें, बोले थे- फातिहा पढ़ आता हूं, और

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जब तक रजिया जीवित थी। सुभान अहमद को अपने पैरों पर खड़े होने और चलने के लिए पत्नी के सहारे की जरूरत थी लेकिन 11 दिन पहले जब पत्नी व बेटे की मौत हुई तो सुभान बिना किसी मदद के खड़े होने लगे और अकेले ही चलकर उनकी कब्र पर पहुंच रहे थे। पत्नी व बेटे को खोने के गम में वह टूटे हुए थे।

चुपचाप कब्रिस्तान की ओर निकल जाते थे
उनको उठाने-बैठाने, नहलाने व अन्य कार्यों में पत्नी मदद करती थी। बच्चे भी उनकी मदद के लिए रहते थे। बिना मदद सुभान कहीं आते-जाते नहीं थे, लेकिन जब से पत्नी व बेटे का साथ छूटा था] तो वह बिना किसी मदद के खड़े होने लगे थे और चुपचाप कब्रिस्तान की ओर निकल जाते थे।

शव पत्नी व बेटे की कब्र के बीच में मिला
पत्नी व बेटे के गम में डूबे सुभान को देखकर कोई कुछ नहीं कहता था। शुक्रवार की सुबह चार बजे जब वह निकले तो परिजनों ने कुछ नहीं बोला। उन्हें यकीन था कि एक-दो घंटे में वह रोजाना की तरह लौट आएंगे] लेकिन घंटों बीत जाने के बाद तलाश करने पर उनका शव पत्नी व बेटे की कब्र के बीच में मिला। 11 दिन के अंदर सैफ, रोशनी व आलिया अनाथ हो गए हैं।

होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी सेना का बड़ा एक्शन, ईरान के 4 ड्रोन मार गिराए, तटीय रडार ठिकानों पर की बमबारी

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इंटरनेशनल डेस्क। अमेरिकी सेना ने कहा कि उसने शुक्रवार को होर्मुज जलडमरूमध्य की ओर छोड़े गए ईरान के चार ड्रोन मार गिराए और इसके जवाब में इस्लामी गणराज्य के कुछ तटीय निगरानी रडार ठिकानों पर हमला किया। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन द्वारा ईरान पर दबाव बढ़ाने के बीच इस कार्रवाई से नाजुक संघर्षविराम पर खतरा और बढ़ गया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने सोशल मीडिया पर कहा, इन हमलावर ड्रोन से क्षेत्रीय समुद्री यातायात को तत्काल खतरा था। अमेरिकी सेना ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी कर रही है। यह कदम वैश्विक तेल और प्राकृतिक गैस आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य पर तेहरान द्वारा बनाए गए दबाव के जवाब में उठाया गया है।

इसी सप्ताह ईरानी ड्रोन हमलों में कुवैत के मुख्य हवाई अड्डे के यात्री टर्मिनल को भारी नुकसान पहुंचा था जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई थी कई लोग घायल हुए थे और कुछ समय के लिए हवाई अड्डा बंद करना पड़ा था। इन हमलों से संघर्षविराम टूटने की आशंकाएं बढ़ी हैं लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप ने शुक्रवार को संवाददाताओं से कहा, ईरान के साथ स्थिति काफी अच्छी लग रही है। विस्कॉन्सिन में किसानों के एक कार्यक्रम में ट्रंप ने कहा, हम बहुत जल्द ईरान मुद्दे से बाहर निकलेंगे और किसी भी सूरत में नतीजा मजबूत होगा चाहे वह किसी समझौते के जरिए हो या फिर कठोर तरीके से।

Delhi की सड़कों पर अब महिलाओं का राज: शुरू हुई 100% ‘महिला ड्राइवरों’ वाली खास ई-टैक्सी सर्विस

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नेशनल डेस्क। देश की राजधानी दिल्ली को प्रदूषण मुक्त बनाने और पर्यावरण को सुधारने के लिए सरकार ने दो बड़े ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। एक तरफ दिल्ली सचिवालय से ‘ग्रीन SM’ (Green SM) की सौ फीसदी मेड इन इंडिया इलेक्ट्रिक टैक्सी सेवा की शुरुआत की गई है जिसे विशेष रूप से महिलाएं चलाएंगी।

वहीं दूसरी तरफ, विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर देश का पहला अत्यधिक किफायती ‘E85’ बायो-फ्यूल भी लॉन्च कर दिया गया है। इन दोनों ही बड़े प्रोजेक्ट्स का मुख्य उद्देश्य दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण के स्तर को कम करना और पर्यावरण अनुकूल यातायात को बढ़ावा देना है।

इस मौके पर बातचीत करते हुए सिरसा ने कहा कि ये टैक्सियां पूरी तरह से भारत में बनी हैं और इनका प्लांट तमिलनाडु में है। उन्होंने कहा, यह 100% ‘मेड इन इंडिया’ प्रोजेक्ट है। इन कारों की खासियतों में शामिल हैं – 3 कैमरे (एक ड्राइवर के लिए, एक सड़क के लिए और एक पैसेंजर के लिए) महिलाओं की सुरक्षा पर ध्यान और तीसरी बात इन कारों की ड्राइवर महिलाएं होंगी… इससे दिल्ली में ई-इंफ्रास्ट्रक्चर मज़बूत होगा।

 

वहीं शुक्रवार को कुल 1,000 इलेक्ट्रिक गाड़ियां और ‘ग्रीन SM’ ऐप लॉन्च किए गए। योजना है कि एक साल के अंदर दिल्ली-NCR इलाके में इनकी संख्या बढ़ाकर 10,000 गाड़ियां कर दी जाएंगी।
इस 100% इलेक्ट्रिक फ्लीट का मकसद दिल्ली के क्लीन मोबिलिटी इकोसिस्टम को बढ़ावा देना और प्रदूषण कम करने की सरकार की कोशिशों में मदद करना है।

इससे पहले 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने नई दिल्ली में इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के फ्यूल स्टेशन पर E85 फ्यूल लॉन्च किया था।

मंत्री ने कहा कि पिछले बारह सालों में पर्यावरण के मामले में भारत का रिकॉर्ड शानदार रहा है और विश्व पर्यावरण दिवस पर E85 को पेश करना बहुत अहम है। उन्होंने लॉन्च के लिए ज़रूरी इकोसिस्टम बनाने के लिए इंडस्ट्री लीडर्स, ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स और पब्लिक सेक्टर की ऑयल कंपनियों का शुक्रिया अदा किया।

पत्नी कमाती है पति से 3 गुना ज्यादा, फिर भी केस लड़ने का पूरा खर्च देगा पति; बिलासपुर हाई कोर्ट बड़ा फैसला

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बिलासपुर। पत्नी सरकारी नौकरी में हो और उसकी आय पति से तीन गुना अधिक हो, तब भी उसे अदालती कार्यवाही में शामिल होने के लिए आवश्यक यात्रा, भोजन और मुकदमे का खर्च पाने का अधिकार है।

यह आदेश देते हुए छत्तीसगढ़ के प्रधान न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति बिभू दत्त गुरु की खंडपीठ ने सूरजपुर कुटुंब न्यायालय के फैसले को यथावत रखा। इसी के साथ कोर्ट ने पति आशीष राय की अपील खारिज कर दी।

बता दें कि अंबिकापुर निवासी आशीष राय और विश्रामपुर निवासी अंजलि राय के बीच वैवाहिक विवाद चल रहा है।

आशीष ने कोर्ट को बताया था कि पत्नी सरकारी शिक्षिका है और उसे 71,482 रुपये मासिक वेतन मिलता है, जबकि वह स्वयं संविदा आयुष चिकित्सा अधिकारी के रूप में लगभग 25,700 रुपये प्रतिमाह कमाता है।

पांच जनपदों में 18 आरोपितों की कराया था फर्जी जमानत, आजमगढ़ पुलिस के हत्थे चढ़ा बदमाश

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आजमगढ़। कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर गंभीर अपराधों में निरुद्ध बदमाशों की जमानत देने वाले गिरोह के एक सक्रिय सदस्य को जीयनपुर थाना की पुलिस ने गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार बदमाश की पहचान दयाराम निवासी रामपुर कला, थाना कोतवाली टांडा. अंबडेकरनगर के रूप में हुई है।

चिराग जैन, अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) ग्रामीण ने बताया कि 30 मई 2026 को कचहरी चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक चंद्र प्रकाश कश्यप ने शहर कोतवाली में तहरीर देकर बताया कि कुछ तथाकथित वकील और जमानतदार अनुचित आर्थिक लाभ के लिए न्यायिक अभिरक्षा में बंद बदमाशों से सांठगांठ कर फर्जी दस्तावेजों के जरिए उनकी जमानत करा रहे है।

 

विवेचना के क्रम में रामचंद्र यादव उर्फ मैकू यादव और दयाराम का नाम प्रकाश में आया था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए फरार बदमाश रामचंद्र यादव उर्फ मैकू यादव उर्फ सत्यम यादव निवासी भरौली, थाना जीयनपुर को 29 मई को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। वहीं फरार बदमाश दयाराम के गिरफ्तारी को दबिश दी जा रही थी।

बुधवार की रात जमसर स्थित रायल स्टार ढाबा के बाहर से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार बदमाश दयाराम ने बताया कि उसने अंबेडकरनगर, आजमगढ़, बस्ती, गोंडा एवं गोरखपुर में कुल 18 बदमाशों की फर्जी जमानत कराई है।

एएसपी ने बताया कि अन्य मामलों में उसकी संलिप्तता की जांच की जा रही है। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर आठ मोहर, आठ आधार कार्ड व अन्य कूटरचित दस्तावेज बरामद किया है।

एएसपी चिराग जैन ने बताया कि अबतक 55 फर्जी जमानतदारों को पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। न्यायिक प्रक्रिया में बाधा पहुंचाने और फर्जी दस्तावेजों के जरिए अपराधियों को लाभ दिलाने वाले बदमाशों के खिलाफ आगे भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।

48 साल का संघर्ष लाया रंग! 1978 संभल दंगे के पीड़ित रस्तोगी परिवार को Yogi सरकार ने दोबारा बसाया, मिला जमीन का पट्टा

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Sambhal News: संभल जिले में साल 1978 में हुए दंगों के एक पीड़ित परिवार को गुरुवार को जिला प्रशासन से जमीन के पट्टे का पहला प्रमाण पत्र प्राप्त हुआ। यह उन परिवारों को फिर से बसाने की कोशिशों का हिस्सा है, जो वर्ष 1978 में हुए दंगे के बाद जिला छोड़कर चले गए थे। अधिकारियों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के सहकारिता मंत्री जे.पी.एस. राठौर ने राम शरण दास रस्तोगी के परिवार को 100 वर्ग मीटर जमीन के पट्टे का प्रमाण पत्र सौंपा। उन्होंने बताया कि रस्तोगी दंगों के बाद भयवश साल 1979 में संभल छोड़कर चले गए थे।

दंगाइयों ने की थी रामशरण रस्तोगी की बर्बर हत्या
अधिकारियों के अनुसार, यह आवंटन संभल के आलम सराय देहात गांव में एक समारोह के दौरान किया गया, जिसमें प्रार्थनाएं और वैदिक अनुष्ठान भी किए गए। उन्होंने बताया कि इस अवसर पर मुरादाबाद के मंडल आयुक्त आंजनेय कुमार, जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल और पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार विश्नोई भी मौजूद थे। स्थानीय लोगों के मुताबिक, संभल में 29 मार्च 1978 को शुरू हुए सांप्रदायिक दंगे में अनेक लोग मारे गए थे और रामशरण दास रस्तोगी भी उन्हीं में शामिल थे। उन्होंने बताया कि दंगाइयों ने उनकी किराने की दुकान लूटने के बाद उसमें आग लगा दी थी और रस्तोगी की चाकू से ताबड़तोड़ प्रहार करके हत्या करने के बाद उनके शव को कुएं में फेंक दिया था।

पीड़ित परिवारों को दोबारा बसाने के लिए 100 वर्ग मीटर जमीन
पट्टा आवंटन प्रमाण पत्र वितरित करने के बाद मंत्री राठौर ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि इस कदम का उद्देश्य प्रभावित परिवारों को अपनी जिंदगी फिर से शुरू करने में मदद करना है। उन्होंने कहा कि यह दुखद है कि 1978 के दंगों के दौरान 100 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई, उनके घर जला दिए गए और लोगों पर जुल्म किए गए। कई परिवारों को मजबूरन पलायन करना पड़ा। सरकार ने ऐसे परिवारों को 100 वर्ग मीटर की जमीन देने का फैसला किया है, ताकि वे वापस आकर अपना घर फिर से बना सकें। इस समय दिल्ली में रह रहे रस्तोगी के पौत्र कपिल रस्तोगी ने बताया कि 29 मार्च 1978 को उनके दादा नखासा इलाके में अपनी दुकान पर बैठे थे, तभी वहां भीड़ आ गई। उन्होंने आरोप लगाया कि जब मेरे दादा ने दुकान लूटे जाने का विरोध किया, तो भीड़ ने उन पर हमला कर दिया। उन पर बार-बार चाकुओं से वार किए गए और बाद में उनका शव एक कुएं में पाया गया।

दिल्ली से वापस संभल आकर घर बनाएगा रस्तोगी परिवार
कपिल ने बताया कि धमकियों की वजह से उनका परिवार 1979 में संभल छोड़कर चला गया था और दशकों से बाहर ही रह रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा राज्य विधानसभा में 1978 के दंगों का मुद्दा उठाए जाने के बाद परिवार ने उनसे संपर्क किया और प्रशासन ने उनके पुनर्वास के लिए कदम उठाने शुरू किए। कपिल ने कहा कि 48 साल के लंबे संघर्ष के बाद हमें न्याय मिला। कपिल के परिवार की सदस्य रुकमा रस्तोगी ने बताया कि दंगों के बाद धमकियां मिलने के कारण परिवार को संभल छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा था। उन्होंने कहा, “हम वापस आकर यहीं अपना घर बनाना चाहते हैं। हम मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन के आभारी हैं।