Sunday, June 28, 2026
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कानपुर, मुहर्रम के जुलूस के दौरान बवाल

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कानपुर, मुहर्रम के जुलूस के दौरान बवाल का मामला, वीडियो वायरल होने पर कमिश्नरेट पुलिस का एक्शन, खबर चलाने के बाद पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, जुलूस के दौरान आपस में झड़प करते दिखे, उचित धाराओं के तहत मामला पंजीकृत किया, पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 3 लोगों को पकड़ा, बेकनगंज और बजरिया थाना क्षेत्र का मामला

 

 

अमेरिकी राष्ट्रपति ने ट्रूथ पर किया पोस्ट,

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अमेरिका, अमेरिकी राष्ट्रपति ने ट्रूथ पर किया पोस्ट, ईरान पर हमला करने की दी जानकारी, अमेरिका के विमानों ने अभी हमला किया- ट्रंप, ईरान के मिसाइल, ड्रोन स्टोर पर हमला- ट्रंप, ‘क्योंकि उन्होंने सीज़फ़ायर समझौते का उल्लंघन किया’, बहुत मुमकिन है कि वे कभी नहीं सीखेंगे- ट्रंप

 

 

अयोध्या, राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला, व्यवस्थापक गोपाल राव को भी हटाने की अटकलें

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अयोध्या, राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला, व्यवस्थापक गोपाल राव को भी हटाने की अटकलें, विहिप की बैठक के लिए दिल्ली रवाना, लेकिन उनके करीबी ने इसे अफवाह बताया, कहा कि विहिप की बैठक के लिए दिल्ली गए, ट्रस्टी स्वामी विश्वप्रसन्नतीर्थ महाराज का आश्वासन, चढ़ावा चोरी की जांच का आश्वासन दिया है, राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक 7 जुलाई को, मामले में दोषियों पर होगी कार्रवाई

 

 

 

 

अयोध्या, राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला, व्यवस्थापक गोपाल राव को भी हटाने की अटकलें

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अयोध्या, राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला, व्यवस्थापक गोपाल राव को भी हटाने की अटकलें, विहिप की बैठक के लिए दिल्ली रवाना, लेकिन उनके करीबी ने इसे अफवाह बताया, कहा कि विहिप की बैठक के लिए दिल्ली गए, ट्रस्टी स्वामी विश्वप्रसन्नतीर्थ महाराज का आश्वासन, चढ़ावा चोरी की जांच का आश्वासन दिया है, राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक 7 जुलाई को, मामले में दोषियों पर होगी कार्रवाई

 

 

 

 

पीलीभीत, पुलिस मुठभेड़ में एक लाख का इनामी घायल,

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पीलीभीत, पुलिस मुठभेड़ में एक लाख का इनामी घायल,गोंडा, हंसिया से गला काटकर युवक की हत्या, पुरानी रंजिश में आजाद सिंह की हत्या, पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा, वजीरगंज क्षेत्र के दुर्जनपुर घाट का मामला

 

बिजनौर, जीजा ने अपने साले की चाकू से गोदकर की हत्या

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बिजनौर, जीजा ने अपने साले की चाकू से गोदकर हत्या कर दी, पारिवारिक विवाद में हुई इस वारदात के बाद आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

 

अलीगढ़, थाना गोरई पुलिस ने दो शातिर अपराधियों को किया गिरफ्तार

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अलीगढ़, थाना गोरई पुलिस ने दो शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है, दोनों ने पुरानी रंजिश में एक व्यक्ति पर हमला किया था।

 

आगरा, ताजमहल की सुरक्षा को लेकर मॉकड्रिल

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आगरा, ताजमहल की सुरक्षा को लेकर मॉकड्रिल किया गया, पुलिस, BDS और CISF ने संयुक्त अभ्यास कर सुरक्षा व्यवस्था का परीक्षण किया।

 

 

नई दिल्ली ऑपरेशन सिंदूर में भारत के छह वीर हुए थे शहीद, पहली बार जारी हुए इनके नाम

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नई दिल्ली: ऑपरेशन सिंदूर में भारत के छह वीर हुए थे शहीद, पहली बार जारी हुए इनके नाम

*नई दिल्ली:* सरकार ने पहली बार उन छह भारतीय सैनिकों के नाम आधिकारिक तौर पर बताए हैं, जो पिछले साल मई में पाकिस्तान और पीओके में आतंकी ठिकानों को नष्ट करने के लिए चलाए गए सीमा-पार सैन्य अभियान “ऑपरेशन सिंदूर” के दौरान शहीद हुए थे. इन छह जवानों के नाम नेशनल वॉर मेमोरियल की वेबसाइट के “रोल ऑफ ऑनर” सेक्शन में पब्लिश किए गए हैं और नई दिल्ली में नेशनल वॉर मेमोरियल में भी लिखे गए हैं. यह इस ऑपरेशन के दौरान भारतीय सशस्त्र बलों को हुई जान-माल की हानि की पहली औपचारिक सार्वजनिक मान्यता है. इनके नाम हैं.

 

सूबेदार मेजर पवन कुमार (10 इन्फैंट्री ब्रिगेड)

राइफलमैन सुनील कुमार (वीर चक्र, 4 जम्मू-कश्मीर लाइट इन्फैंट्री)

लांस नायक दिनेश कुमार (5 फील्ड रेजिमेंट)

एविएशन टेक्नीशियन मूड मुरलीनाइक (851 लाइट रेजिमेंट)

हवलदार सुनील कुमार सिंह (237 फील्ड वर्कशॉप कंपनी)

सार्जेंट सुरेंद्र कुमार (वायु सेना पदक, 39 विंग)

इन जवानों के नाम मेमोरियल की “वॉल 3D” के उस सेक्शन में उकेरे गए हैं जो देश की सेवा में अपनी जान देने वाले सैन्य कर्मियों को समर्पित है. आपको बता दें कि ऑपरेशन सिंदूर की जब शुरुआत हुई थी, तब से लेकर आज तक आधिकारिक रूप से यह किसी को भी पता नहीं था, कि भारत ने कितने सैनिकों को खोया है. हालांकि, मीडिया में इस तरह ही खबरें आती रहीं, लेकिन सरकार ने कभी भी पुष्टि नहीं की थी. सरकार ने अब तक “ऑपरेशन सिंदूर” में मारे गए जवानों की पहचान का आधिकारिक तौर पर खुलासा नहीं किया था.

 

*इनमें से सरकार सार्जेंट सुरेंद्र कुमार को वायु सेना पदक और राइफलमैन सुनील कुमार को वीर चक्र से सम्मानित भी कर चुकी है:*

 

इन सभी के नाम नेशनल वॉर मेमोरियल पर दर्ज हो चुका है. इस मेमोरियल में उनके नाम दर्ज होते हैं, जो आजादी के बाद अलग-अलग सैन्य अभियानों और संघर्षों में शहीद हुए हैं.

 

नेशनल वॉर मेमोरियल के “रोल ऑफ ऑनर” में नामों का प्रकाशन असल में उन सशस्त्र बलों के जवानों की मौत की पहली आधिकारिक पुष्टि है, जिन्होंने इस ऑपरेशन के दौरान अपनी जान गंवाई. पहलगाम हमले के बाद ऑपरेशन शुरू किया गया “ऑपरेशन सिंदूर” 7 मई 2025 की सुबह शुरू किया गया था. ऑपरेशन पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए उस आतंकी हमले के कुछ हफ्ते बाद शुरू हुआ, जिसमें 26 आम नागरिक मारे गए थे.भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकवाद से जुड़े नौ ठिकानों पर सटीक हमले किए और जैश-ए-मोहम्मद व लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया. दोनों देशों के “डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशन्स” के बीच बातचीत के बाद, भारत और पाकिस्तान 10 मई को सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमत हुए

पंचायत चुनाव पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाने के सरकारी आदेश पर लगाई रोक

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पंचायत चुनाव पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाने के सरकारी आदेश पर लगाई रोक

उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव टालने के सरकारी फैसले पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई है। कोर्ट ने कहा कि जिन प्रावधानों के आधार पर आदेश जारी किए गए, उन्हें पहले ही असंवैधानिक घोषित किया जा चुका है। राज्य सरकार से चुनाव कराने की समयसीमा बताने वाला हलफनामा मांगा गया है, अन्यथा संबंधित अधिकारी को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होना होगा। यह फैसला न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन की एकल पीठ ने दिया है।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव टालने के मामले में राज्य सरकार के रवैये पर गंभीर टिप्पणी की है। न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन की एकल पीठ ने कहा कि 25 और 26 मई 2026 के जिन आदेशों के आधार पर ग्राम प्रधानों का कार्यकाल बढ़ाने का प्रयास किया गया, वे प्रथम दृष्टया ऐसे प्रावधानों पर आधारित हैं जिन्हें पहले ही असंवैधानिक घोषित किया जा चुका है।

 

 

कोर्ट ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 24 एई और 243 के के अनुसार पंचायतों का कार्यकाल पांच वर्ष से अधिक नहीं बढ़ाया जा सकता और समय पर चुनाव कराना अनिवार्य है। अदालत ने राज्य सरकार को अंतिम अवसर देते हुए ओबीसी आयोग की रिपोर्ट और पंचायत चुनाव कराने की स्पष्ट समयसीमा हलफनामे के साथ पेश करने का निर्देश दिया है।

 

सुनवाई के दौरान राज्य निर्वाचन आयोग ने अदालत को बताया कि 10 जून 2026 को मतदाता सूची प्रकाशित की जा चुकी है और आयोग चुनाव कराने के लिए तैयार है। केवल राज्य सरकार की ओर से आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध नहीं कराए जाने के कारण चुनाव प्रक्रिया रुकी हुई है।

 

हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि यदि अगली सुनवाई तक सरकार संतोषजनक जवाब नहीं देती तो संबंधित अधिकारी को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना होगा। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि असंवैधानिक प्रावधानों के आधार पर जारी आदेशों के रहते प्रधानों को प्रशासक के रूप में कार्य जारी रखने की अनुमति नहीं दी जा सकती। मामले की अगली सुनवाई 13 जुलाई 2026 को होगी।