Thursday, February 19, 2026
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Auraiya News: 11 दिन से लापता प्लंबर का शव नाले में मिला

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दिबियापुर। 11 दिन से लापता प्लंबर का शव सोमवार को ककराही पुलिया के पास नाले में पड़ा मिला। घटनास्थल पर लोगों की भीड़ लग गई। युवक के नाले में गिरने का वीडियो सीसीटीवी में कैद हो गया। पुलिस का कहना है कि युवक शराब का आदी था।थाना क्षेत्र के गांव ककराही निवासी सौरभ (28) प्लंबर था। 19 दिसंबर को वह लापता हो गया था। परिजन ने उसकी तलाश की, लेकिन उसका पता नहीं चला। 20 दिसंबर को परिजन थाने पहुंचे और मामले की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर उसकी तलाश शुरू की पर उसका कुछ पता नहीं चला।सोमवार शाम वहां से निकल रहे राहगीर ने औरैया रोड स्थित ककराही पुलिया के पास नाले में युवक को पड़ा देखा। देखते ही देखते मौके पर भीड़ जमा हो गई। जानकारी पर अपराध निरीक्षक शेर सिंह फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। लोगों की मदद से शव बाहर निकाला गया। प्लंबर के परिजन को जानकारी देकर मौके पर बुलाया और पहचान कराई।

पुलिस की जांच में युवक के गिरने का वीडियो सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया था। नशे में वह नाले में गिरा था। उधर, पत्नी नेहा का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। प्लंबर की साल 2021 में शादी हुई थी, उसके कोई संतान नहीं थी। थाना प्रभारी निरीक्षक रुद्र प्रताप नारायण ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।

Auraiya News: घंटों देरी से चल रहीं ट्रेनें, आते ही सवार होने की मचती होड़

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रूरा। कोहरे की वजह से ट्रेनों की रफ्तार पर लगाम लग गई है। स्थिति यह है कि ट्रेनें घंटों देर से पहुंच रही हैं। दिल्ली हावड़ा लाइन पर स्थित रूरा स्टेशन पर कानपुर की तरफ जाने वाली ऊंचाहार एक्सप्रेस सुबह 4:20 बजे से पांच घंटे की देरी से चलकर सुबह 9:20 बजे पहुंची।ट्रेनों की लेटलतीफी से दैनिक यात्रा करने के साथ लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा रहा है। कानपुर जाने के लिए ऊंचाहार एक्सप्रेस का इंतजार कर रहे यात्री प्रमोद सिंह ने बताया कि घंटों इंतजार के बाद ट्रेन के आने से परेशान होकर अब डग्गामार वाहन से जाना पड़ेगा। वहीं कानपुर जा रहे सरमन, इलियास व मुमताज ने बताया कि ड्यूटी पर पहुंचने के लिए प्रतिदिन परेशान होना पड़ रहा है। कार्यालय पहुंचने पर मैनेजर के गुस्से का सामना करना पड़ता है। यही स्थिति शाम को वापसी के दौरान भी रहती है।

कानपुर से दिल्ली की तरफ जाने वाली गोमती एक्सप्रेस निर्धारित समय सुबह 8:20 से एक घंटा 40 मिनट की देरी से चलकर सुबह 10 बजे आई। दोपहर दो बजे आने वाली महानंदा एक्सप्रेस आधे घंटे की देरी से दोपहर 2:30 बजे स्टेशन पहुंची। वहीं कानपुर टूंडला मेमू दोपहर तीन बजे से आधा घंटे की देरी से दोपहर 3:30 बजे आई। दोपहर में एक बजे कानपुर जाने वाली मुरी एक्सप्रेस दो घंटे की देरी से दोपहर तीन बजे स्टेशन पहुंची। प्रयागराज मंडल के जनसंपर्क अधिकारी अमित सिंह ने बताया कि कोहरे की वजह से ट्रेनें देरी चल रही हैं। मौसम के साफ होने पर समय में सुधार हो जाएगा।

औरैया: संदिग्ध हालत में नलकूप पर पंप ऑपरेटर का मिला शव

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नगरपालिका इंटर कॉलेज में तैनात ऑपरेटर का शव नलकूप के भीतर संदिग्ध अवस्था में मिला है। मृतक के परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।

रामलला के दर्शन का न्यू ईयर प्लान: भीड़ बढ़ी तो इस तरह करने होंगे दर्शन, पहले दिन इन वस्त्रों को पहनेंगे भगवान

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नए वर्ष 2026 की शुरुआत बृहस्पतिवार से हो रही है। उससे पहले ही रामनगरी में श्रद्धालुओं का रेला उमड़ पड़ा है। रामलला के दरबार में रोजाना करीब डेढ़ लाख श्रद्धालु दर्शन-पूजन कर रहे हैं। नए साल के पहले दिन पांच लाख से अधिक श्रद्धालुओं के उमड़ने की संभावना है। यदि राम मंदिर में भीड़ बढ़ी तो सात कतारों में श्रद्धालुओं को दर्शन कराए जाएंगे, सुरक्षा का खाका तैयार कर लिया गया है।नववर्ष के आगमन पर श्रीराम जन्मभूमि मंदिर सहित समूची अयोध्या आस्था के उत्सव में डूबेगी। हनुमानगढ़ी, कनक भवन, दशरथ महल सहित अन्य देवालयों में श्रद्धालुओं की संभावित भारी भीड़ को देखते हुए दर्शन की विशेष व्यवस्था की गई है। राम मंदिर में यदि भीड़ अधिक होती है तो श्रद्धालुओं को सात कतारों में दर्शन कराए जाएंगे, ताकि दर्शन सुचारु और सुरक्षित रूप से संपन्न हो सके। अभी पांच कतारों में दर्शन हो रहे हैं। नए वर्ष के पहले दिन रामलला सोने के मुकुट और रत्न जड़ित पीत वस्त्र धारण कर भक्तों को दर्शन देंगे। रामलला का अभिषेक-पूजन किया जाएगा और विशेष भोग भी अर्पित किया जाएगा।

एसपी सुरक्षा बलरामाचारी दुबे ने बताया कि तीन लाख से अधिक श्रद्धालु रामलला के दर्शन को पहुंच सकते हैं। सुरक्षा और सुविधा का खाका तैयार किया गया है। सीसीटीवी व ड्रोन कैमरे से पूरे परिसर की निगरानी की जा रही है। दर्शन पथ, प्रतीक्षा क्षेत्र और निकास मार्गों पर अतिरिक्त कर्मियों की तैनाती की जाएगी। सादे वर्दी में पुलिस कर्मी मुस्तैद रहेंगे। एसएसएफ, सीआरपीएफ व सिविल पुलिस के 2500 जवान सुरक्षा में मुस्तैद रहेंगे। 

हनुमानगढ़ी में जत्थों में कराया जाएगा दर्शन

नववर्ष पर हनुमानगढ़ी में भी भीड़ का दबाव बहुत अधिक होता है। श्रद्धालुओं की भारी आमद को देखते हुए जत्थों में दर्शन की व्यवस्था की गई है। मंदिर प्रबंधन के अनुसार, भीड़ नियंत्रण के लिए बैरिकेडिंग और स्वयंसेवकों की तैनाती की गई है, ताकि दर्शन व्यवस्थित और सुरक्षित ढंग से हो सके। प्रवेश व निकास मार्ग अलग-अलग किए जाएंगे। भीड़ बढ़ी तो मंदिर एक घंटा पहले सुबह चार बजे ही खोल दिया जाएगा। नववर्ष पर हनुमंतलला को विशेष भोग अर्पित करने की तैयारी है।

मां सरयू की होगी विशेष आरती

नववर्ष के अवसर पर मां सरयू की विशेष महाआरती का आयोजन किया जाएगा। सरयू तट पर दीपों की छटा और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच होने वाली आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। इसके लिए घाटों पर साफ-सफाई, प्रकाश और सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। आंजनेय सेवा संस्थान के अध्यक्ष महंत शशिकांत दास ने बताया कि 2100 बत्ती की महाआरती की जाएगी। वहीं, नमामि सरयू सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष राजा महाराज ने बताया कि 2100 बत्ती की महाआरती के साथ मां सरयू का अभिषेक होगा।

रामलला के दर्शन का न्यू ईयर प्लान: भीड़ बढ़ी तो इस तरह करने होंगे दर्शन, पहले दिन इन वस्त्रों को पहनेंगे भगवान

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नए वर्ष 2026 की शुरुआत बृहस्पतिवार से हो रही है। उससे पहले ही रामनगरी में श्रद्धालुओं का रेला उमड़ पड़ा है। रामलला के दरबार में रोजाना करीब डेढ़ लाख श्रद्धालु दर्शन-पूजन कर रहे हैं। नए साल के पहले दिन पांच लाख से अधिक श्रद्धालुओं के उमड़ने की संभावना है। यदि राम मंदिर में भीड़ बढ़ी तो सात कतारों में श्रद्धालुओं को दर्शन कराए जाएंगे, सुरक्षा का खाका तैयार कर लिया गया है।नववर्ष के आगमन पर श्रीराम जन्मभूमि मंदिर सहित समूची अयोध्या आस्था के उत्सव में डूबेगी। हनुमानगढ़ी, कनक भवन, दशरथ महल सहित अन्य देवालयों में श्रद्धालुओं की संभावित भारी भीड़ को देखते हुए दर्शन की विशेष व्यवस्था की गई है। राम मंदिर में यदि भीड़ अधिक होती है तो श्रद्धालुओं को सात कतारों में दर्शन कराए जाएंगे, ताकि दर्शन सुचारु और सुरक्षित रूप से संपन्न हो सके। अभी पांच कतारों में दर्शन हो रहे हैं। नए वर्ष के पहले दिन रामलला सोने के मुकुट और रत्न जड़ित पीत वस्त्र धारण कर भक्तों को दर्शन देंगे। रामलला का अभिषेक-पूजन किया जाएगा और विशेष भोग भी अर्पित किया जाएगा।

एसपी सुरक्षा बलरामाचारी दुबे ने बताया कि तीन लाख से अधिक श्रद्धालु रामलला के दर्शन को पहुंच सकते हैं। सुरक्षा और सुविधा का खाका तैयार किया गया है। सीसीटीवी व ड्रोन कैमरे से पूरे परिसर की निगरानी की जा रही है। दर्शन पथ, प्रतीक्षा क्षेत्र और निकास मार्गों पर अतिरिक्त कर्मियों की तैनाती की जाएगी। सादे वर्दी में पुलिस कर्मी मुस्तैद रहेंगे। एसएसएफ, सीआरपीएफ व सिविल पुलिस के 2500 जवान सुरक्षा में मुस्तैद रहेंगे। 

हनुमानगढ़ी में जत्थों में कराया जाएगा दर्शन

नववर्ष पर हनुमानगढ़ी में भी भीड़ का दबाव बहुत अधिक होता है। श्रद्धालुओं की भारी आमद को देखते हुए जत्थों में दर्शन की व्यवस्था की गई है। मंदिर प्रबंधन के अनुसार, भीड़ नियंत्रण के लिए बैरिकेडिंग और स्वयंसेवकों की तैनाती की गई है, ताकि दर्शन व्यवस्थित और सुरक्षित ढंग से हो सके। प्रवेश व निकास मार्ग अलग-अलग किए जाएंगे। भीड़ बढ़ी तो मंदिर एक घंटा पहले सुबह चार बजे ही खोल दिया जाएगा। नववर्ष पर हनुमंतलला को विशेष भोग अर्पित करने की तैयारी है।

मां सरयू की होगी विशेष आरती

नववर्ष के अवसर पर मां सरयू की विशेष महाआरती का आयोजन किया जाएगा। सरयू तट पर दीपों की छटा और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच होने वाली आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। इसके लिए घाटों पर साफ-सफाई, प्रकाश और सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। आंजनेय सेवा संस्थान के अध्यक्ष महंत शशिकांत दास ने बताया कि 2100 बत्ती की महाआरती की जाएगी। वहीं, नमामि सरयू सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष राजा महाराज ने बताया कि 2100 बत्ती की महाआरती के साथ मां सरयू का अभिषेक होगा।

न्यू ईयर जश्न नाजायज: मौलानाओं में छिड़ा विवाद; जानें नाच-गाना और पार्टी करने पर क्या कहता है इस्लाम?

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राजधानी लखनऊ समेत प्रदेशभर में साल की विदाई और नए साल के आगमन पर जश्न की तैयारियां हैं। इसको लेकर पार्क, रेस्त्रां और पर्यटन स्थलों पर भी तैयारी पूरी है। उधर, मुसलमानों के नया साल मनाने पर कुछ विवाद सामने आया है। इस पर अलग-अलग मौलानाओं के अलग-अलग मत हैं। बरेली के मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी की ओर से नए साल के जश्न को नाजायज करार दिया गया।

इस पर मरकजी शिया चांद कमेटी के अध्यक्ष मौलाना सैफ अब्बास नकवी ने कहा कि इस्लाम ने न तो न्यू ईयर की पार्टी मनाने का हुक्म दिया है, और न ही इसे मना किया है। नए साल के जश्न को नाजायज ठहराना इस्लाम की बुनियादी शिक्षाओं से मेल नहीं खाता है। मौलाना सैफ अब्बास ने कहा कि इस्लाम में फूहड़पन, फिजूलखर्ची और नाच-गाने से हमेशा मना किया गया है, लेकिन नए साल के स्वागत को किसी मजहबी एतराज की बुनियाद पर हराम या नाजायज कहना सही नहीं है। उन्होंने मुसलमानों से अपील करते हुए कहा कि नए साल पर खर्च करना चाहते हैं तो गरीबों को कंबल व स्वेटर बांटें।

SIR : यूपी में फिर बढ़ी एसआईआर की समय सीमा, अब छह जनवरी को आएगी पहली कच्ची सूची; जानें अपडेट

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उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री नवदीप रिणवा ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा अर्हता तिथि 1 जनवरी, 2026 के आधार पर प्रदेश में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की घोषित तिथियों में संशोधन करते हुए नई तिथियां जारी कर दी गई है। संशोधित तिथियों के अनुसार, अब मतदाता सूची का आलेख्य प्रकाशन 6 जनवरी, 2026 को किया जाएगा। दावे और आपत्तियां प्राप्त करने की अवधि 6 जनवरी से 6 फरवरी, 2026 तक निर्धारित की गई है। 6 जनवरी से 27 फरवरी 2026 तक नोटिस चरण, गणना प्रपत्रों पर निर्णय और दावे एवं आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा। उत्तर प्रदेश की मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 6 मार्च, 2026 को किया जाएगा।

करोड़पति क्यों छोड़ रहे भारत? टैक्स और प्रदूषण तो बहाना है, सरकार ने बताई असली वजह

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नेशनल डेस्क : भारत से अमीर और करोड़पति लोगों के विदेश जाने को लेकर अक्सर बहस होती रहती है। इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (EAC-PM) के सदस्य और प्रसिद्ध अर्थशास्त्री संजीव सान्याल ने एक अहम पहलू की ओर ध्यान दिलाया है। उनका कहना है कि करोड़पतियों के देश छोड़ने की वजह केवल बेहतर जीवन-स्तर, कम टैक्स या प्रदूषण नहीं है, बल्कि भारत के बिजनेस सेक्टर में बदलाव और प्रतिस्पर्धा की कमी भी एक बड़ा कारण है।

आर्थिक सलाहकार और इतिहासकार संजीव सान्याल ने यह बात एक पॉडकास्ट के दौरान कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत के व्यावसायिक एलिट वर्ग (Business Elite) में लंबे समय से जरूरी बदलाव नहीं हो पाए हैं, जिसका असर देश की आर्थिक गतिशीलता पर पड़ रहा है।

भारतीय करोड़पति क्यों बस रहे विदेश में?
संजीव सान्याल के मुताबिक, भारत में बड़े उद्योगों और कारोबारी घरानों पर लंबे समय से वही लोग हावी हैं। नए उद्योगों और नए उद्यमियों को आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर नहीं मिल पाते। जब किसी देश के बिजनेस सेक्टर में नए चेहरे, नई सोच और नई प्रतिस्पर्धा नहीं आती, तो इनोवेशन कमजोर हो जाता है। ऐसे माहौल में कई अमीर लोग अपने कारोबार और निवेश को विदेशों में स्थानांतरित करना ज्यादा सुरक्षित मानते हैं।

उन्होंने कहा कि कई पुराने कारोबारी जोखिम लेने से बचते हैं और बदलाव लाने की बजाय अपने मौजूदा फायदे बचाने पर ज्यादा ध्यान देते हैं। यही कारण है कि वे दुबई जैसे देशों में अपने फैमिली ऑफिस या निवेश केंद्र स्थापित कर लेते हैं। सान्याल के अनुसार, यह समस्या सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि कई अन्य देशों में भी इसी तरह की स्थिति देखने को मिलती है।

रिसर्च और तकनीक में निवेश की कमी
संजीव सान्याल ने यह भी कहा कि भारत के बड़े उद्योगों को रिसर्च और नई तकनीकों में कहीं ज्यादा निवेश करने की जरूरत है। हालांकि, मौजूदा समय में ऐसा बहुत कम देखने को मिलता है। उन्होंने बताया कि कई कंपनियां कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी (CSR) के तहत तो खर्च करती हैं, लेकिन असली उत्पादन क्षमता बढ़ाने, तकनीक विकसित करने और रिसर्च पर निवेश अपेक्षाकृत कम होता है। इसका नतीजा यह होता है कि लंबे समय में देश की आर्थिक ताकत कमजोर पड़ने लगती है।

युवा उद्यमी जोखिम लेने को तैयार
संज़ीव सान्याल ने भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम की तारीफ करते हुए कहा कि युवा उद्यमी, खासतौर पर बेंगलुरु जैसे शहरों में, जोखिम लेने से नहीं डरते। इसी वजह से स्टार्टअप सेक्टर में तेजी से नए आइडिया और नई कंपनियां सामने आ रही हैं। उनका मानना है कि यही सोच और साहस बड़े उद्योगों में भी आना चाहिए, तभी अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिल सकेगी।

उन्होंने कहा कि किसी भी मजबूत और स्वस्थ अर्थव्यवस्था के लिए यह जरूरी है कि असफलता को भी स्वीकार किया जाए। अगर कोई बड़ी कंपनी काम नहीं कर पा रही है, तो उसे बंद होने देना चाहिए, ताकि नई कंपनियों को आगे आने का मौका मिल सके। सान्याल ने जेट एयरवेज और बैंकिंग संकट का उदाहरण देते हुए कहा कि पुराने और कमजोर सिस्टम के टूटने से ही नए अवसर पैदा होते हैं।

करोड़पतियों के पलायन के आंकड़े भी चिंता बढ़ाते हैं
संजीव सान्याल का मानना है कि अगर भारत को आगे बढ़ना है, तो बिजनेस सेक्टर में लगातार बदलाव, नई सोच और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना होगा। तभी देश में निवेश बढ़ेगा और करोड़पतियों का विदेश पलायन भी रुकेगा। गौरतलब है कि हेनले एंड पार्टनर्स की 2025 की रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 3,500 करोड़पति भारत छोड़कर जा सकते हैं। इससे पहले 2023 में यह संख्या 5,100 और 2024 में 4,300 बताई गई थी, जो इस रुझान की गंभीरता को दर्शाता है।

करोड़पति क्यों छोड़ रहे भारत? टैक्स और प्रदूषण तो बहाना है, सरकार ने बताई असली वजह

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नेशनल डेस्क : भारत से अमीर और करोड़पति लोगों के विदेश जाने को लेकर अक्सर बहस होती रहती है। इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (EAC-PM) के सदस्य और प्रसिद्ध अर्थशास्त्री संजीव सान्याल ने एक अहम पहलू की ओर ध्यान दिलाया है। उनका कहना है कि करोड़पतियों के देश छोड़ने की वजह केवल बेहतर जीवन-स्तर, कम टैक्स या प्रदूषण नहीं है, बल्कि भारत के बिजनेस सेक्टर में बदलाव और प्रतिस्पर्धा की कमी भी एक बड़ा कारण है।

आर्थिक सलाहकार और इतिहासकार संजीव सान्याल ने यह बात एक पॉडकास्ट के दौरान कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत के व्यावसायिक एलिट वर्ग (Business Elite) में लंबे समय से जरूरी बदलाव नहीं हो पाए हैं, जिसका असर देश की आर्थिक गतिशीलता पर पड़ रहा है।

भारतीय करोड़पति क्यों बस रहे विदेश में?
संजीव सान्याल के मुताबिक, भारत में बड़े उद्योगों और कारोबारी घरानों पर लंबे समय से वही लोग हावी हैं। नए उद्योगों और नए उद्यमियों को आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर नहीं मिल पाते। जब किसी देश के बिजनेस सेक्टर में नए चेहरे, नई सोच और नई प्रतिस्पर्धा नहीं आती, तो इनोवेशन कमजोर हो जाता है। ऐसे माहौल में कई अमीर लोग अपने कारोबार और निवेश को विदेशों में स्थानांतरित करना ज्यादा सुरक्षित मानते हैं।

उन्होंने कहा कि कई पुराने कारोबारी जोखिम लेने से बचते हैं और बदलाव लाने की बजाय अपने मौजूदा फायदे बचाने पर ज्यादा ध्यान देते हैं। यही कारण है कि वे दुबई जैसे देशों में अपने फैमिली ऑफिस या निवेश केंद्र स्थापित कर लेते हैं। सान्याल के अनुसार, यह समस्या सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि कई अन्य देशों में भी इसी तरह की स्थिति देखने को मिलती है।

रिसर्च और तकनीक में निवेश की कमी
संजीव सान्याल ने यह भी कहा कि भारत के बड़े उद्योगों को रिसर्च और नई तकनीकों में कहीं ज्यादा निवेश करने की जरूरत है। हालांकि, मौजूदा समय में ऐसा बहुत कम देखने को मिलता है। उन्होंने बताया कि कई कंपनियां कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी (CSR) के तहत तो खर्च करती हैं, लेकिन असली उत्पादन क्षमता बढ़ाने, तकनीक विकसित करने और रिसर्च पर निवेश अपेक्षाकृत कम होता है। इसका नतीजा यह होता है कि लंबे समय में देश की आर्थिक ताकत कमजोर पड़ने लगती है।

युवा उद्यमी जोखिम लेने को तैयार
संज़ीव सान्याल ने भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम की तारीफ करते हुए कहा कि युवा उद्यमी, खासतौर पर बेंगलुरु जैसे शहरों में, जोखिम लेने से नहीं डरते। इसी वजह से स्टार्टअप सेक्टर में तेजी से नए आइडिया और नई कंपनियां सामने आ रही हैं। उनका मानना है कि यही सोच और साहस बड़े उद्योगों में भी आना चाहिए, तभी अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिल सकेगी।

उन्होंने कहा कि किसी भी मजबूत और स्वस्थ अर्थव्यवस्था के लिए यह जरूरी है कि असफलता को भी स्वीकार किया जाए। अगर कोई बड़ी कंपनी काम नहीं कर पा रही है, तो उसे बंद होने देना चाहिए, ताकि नई कंपनियों को आगे आने का मौका मिल सके। सान्याल ने जेट एयरवेज और बैंकिंग संकट का उदाहरण देते हुए कहा कि पुराने और कमजोर सिस्टम के टूटने से ही नए अवसर पैदा होते हैं।

करोड़पतियों के पलायन के आंकड़े भी चिंता बढ़ाते हैं
संजीव सान्याल का मानना है कि अगर भारत को आगे बढ़ना है, तो बिजनेस सेक्टर में लगातार बदलाव, नई सोच और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना होगा। तभी देश में निवेश बढ़ेगा और करोड़पतियों का विदेश पलायन भी रुकेगा। गौरतलब है कि हेनले एंड पार्टनर्स की 2025 की रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 3,500 करोड़पति भारत छोड़कर जा सकते हैं। इससे पहले 2023 में यह संख्या 5,100 और 2024 में 4,300 बताई गई थी, जो इस रुझान की गंभीरता को दर्शाता है।

Auraiya News: शिव मंदिर के रास्ते पर हो रहा निर्माण कार्य रोकने पर विवाद

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एरवाकटरा। उमरैन कस्बे में प्राचीन शिव मंदिर के आम रास्ते पर निर्माण किए जाने का विवाद रुकने का नाम नहीं ले रहा है। निर्माण कार्य को लेकर रविवार को ग्रामीणों का गुस्सा फूट गया।ग्रामीणों की काम कर रहे मजदूरों से झड़प हो गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने निर्माण कार्य रुकवा दिया। इस मामले में कस्बे के लोगों ने मंदिर के पास हो रहे निर्माण कार्य को अवैध बताते हुए मजदूरों को काम बंद करने को कहा। इससे विवाद की स्थिति बन गई। सूचना पर पहुंचे चौकी इंचार्ज किशनवीर सिंह ने निर्माण कार्य रोकने को कहा। इस पर निर्माण कार्य करा रहे व्यक्ति ने चौकी इंचार्ज से काम रुकवाने का लिखित आदेश मांगा।चौकी इंचार्ज ने विवाद की आशंका जताते हुए निर्माण कार्य रोकने के निर्देश दिए। रोक के बावजूद हो रहे निर्माण कार्य के मामले में संजीव कुमार, सुभाष चंद्र, मधु, सनी कुमार, अलका, राहुल कुमार आदि ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई है।

इसमें प्राचीन शिव मंदिर व सरकारी कन्या पाठशाला विद्यालय को जाने वाले रास्ते पर निर्माण कार्य कर रास्ता बंद किए जाने पर कार्रवाई करने की मांग की गई है। इधर, काम करा रहे व्यक्ति का कहना है कि विवाद का निपटारा हो चुका है। उपनिरीक्षक किशनवीर सिंह ने बताया कि विवाद की आशंका के चलते फिलहाल निर्माण कार्य रुकवा दिया गया है।