रेलवे बोर्ड ने ट्रेनों में साफ-सफाई, चादर-कंबल और यात्री सुविधाओं की मॉनिटरिंग के लिए ऑन-बोर्ड सेवा (ओबीएचएस) नीति को मंजूरी दे दी है। नई नीति से ट्रेनों में विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलेंगी और संबंधित कंपनियों की जवाबदेही भी तय होगी। यह व्यवस्था कानपुर सेंट्रल, गोविंदपुरी, पनकी धाम व अनवरगंज स्टेशनों से गुजरने वाली ट्रेनों में लागू होगी।
Kanpur: अब एक एजेंसी को मिलेगी ट्रेनों की सफाई और चादर-कंबल की जिम्मेदारी, जवाबदेही भी होगी तय
Auraiya News: बैकफुट पर जिला पंचायत, नमो कंस्ट्रक्शन को ब्लैकलिस्ट करने का आदेश निरस्त
औरैया। जिला पंचायत की ओर से इटावा की फर्म नमो कंस्ट्रक्शन एंड सप्लायर्स को ब्लैक लिस्ट किए जाने के आदेश को जिला पंचायत ने निरस्त कर दिया। हाईकोर्ट के सख्त रुख के बाद जिला पंचायत ने यह निर्णय लिया है। 17 फरवरी को हाईकोर्ट में भी जिला पंचायत ने निरस्तीकरण आदेश को प्रस्तुत किया। इसके बाद हाईकोर्ट ने याचिका निस्तारित कर दी।जिला पंचायत ने नमो कंस्ट्रक्शन एंड सप्लायर्स को चार नवंबर 2025 को टेंडर में प्रतिभाग करने के दौरान ब्लैकलिस्ट कर दिया था। इसके विरोध में फर्म संचालक रिषी परिहार की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी। छह फरवरी को याचिका पर हुई सुनवाई में हाईकोर्ट ने यह आश्चर्य जताया था कि आखिर कैसे किसी फर्म को ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है। खुद को फंसता देख जिला पंचायत के अधिवक्ता की ओर से तीन दिन में फर्म को ब्लैकलिस्ट करने का आदेश निरस्त करने का आश्वासन देकर समय मांगा गया था। इस पर हाईकोर्ट ने 17 फरवरी को आदेश के साथ पेश होने के लिए कहा था। 17 फरवरी को फिर से मामले की सुनवाई हाईकोर्ट में हुई।
किसी को नहीं भेजी गई आदेश के निरस्तीकरण की प्रतिलिपि
नमो कंस्ट्रक्शन एंड सप्लायर्स को 4 नवंबर को ब्लैकलिस्ट करने का आदेश अपर मुख्य अधिकारी ने जारी किया था। इसकी प्रतिलिपि उन्होंने शासन से लेकर, जिला पंचायत अध्यक्ष, जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग समेत अन्य को भेजा था। लेकिन 9 फरवरी को जब यह आदेश हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद निरस्त किया गया तो केवल जिला पंचायत अध्यक्ष को ही इसकी प्रतिलिपि भेजी गई। ऐसे में जिन विभागों को फर्म को ब्लैकलिस्ट करने का आदेश मिला था, उन्हें तो शायद यह पता भी नहीं कि यह आदेश अब प्रभावी ही नहीं रहा।
Auraiya News: कन्नौज रेलवे स्टेशन पर दिखीं लापता महिलाएं और बच्चे
बिधूना। कोतवाली क्षेत्र के गांव बंथरा से मंगलवार तड़के लापता हुईं दो महिलाओं और उनके पांच बच्चों का सुराग पुलिस के हाथ लगा है। सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर पता चला है कि महिलाएं बच्चों के साथ कन्नौज रेलवे स्टेशन तक पहुंची हैं। पुलिस की टीमें अब रेलवे स्टेशन के आगे और संभावित जगहों पर उनकी तलाश कर रही है।
पुलिस टीम लगातार काम कर रही है। कन्नौज रेलवे स्टेशन पर लापता महिलाओं और बच्चों को देखा गया है। जल्द ही सफलता मिलने की संभावना है।- मुकेश बाबू चौहान, कोतवाल
UP: ‘संघ की सबसे बड़ी समस्या हिंदू समाज, जनकल्याण में लगाएं मंदिरों की कमाई’; RSS प्रमुख ने दिए सवालों के जवाब
आरएसएस के सौ वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में लखनऊ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने कहा मंदिरों की आय समाज निर्माण में लगे, जिम्मा भक्तों के पास हो। उन्होंने कहा कि हमें हिंदू समाज को जगाना पड़ रहा। संघ प्रमुख ने इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में प्रबुद्धजनों के सवालों के जवाब दिए।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने कहा कि मंदिरों की कमाई का बड़ा हिस्सा जन कल्याण में लगना चाहिए। वे आरएसएस के सौ वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में लखनऊ में अपने दो दिवसीय प्रवास के दौरान अंतिम दिन इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित प्रमुख जन गोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने अलग-अलग क्षेत्रों से आए प्रबुद्धजनों के सवालों के जवाब दिए। लालता प्रसाद मिश्र के सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि संघ की सबसे बड़ी समस्या हिंदू समाज ही है क्योंकि हमें उन्हें जगाने में काफी मेहनत करनी पड़ रही है।
पहला रोजा आज: शहर में इबादत और रौनक का माहौल, जारी की गई हेल्पलाइन, बाजारों में दिखी रौनक
आज पहला रोजा है। शहर में इबादत और रौनक का माहौल है। बुधवार को रमजान उल मुबारक का चांद नजर आते ही सभी ने एक दूसरे को मुबारक बात दी। चांद दिखाई देने की पुष्टि होते ही मस्जिदों में तरावीह की नमाज अदा की गई। ऐशबाग ईदगाह स्थित इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया की ओर से चांद देखने की व्यवस्था की गई। वहां सुन्नी धर्मगुरु मौलाना खालिद रशीद के साथ शहर के तमाम लोगों ने चांद का दीदार किया। चांद दिखाई देने की जैसे ही मौलाना खालिद रशीद ने पुष्टि की वैसे ही मौजूद लोगों में खुशी का माहौल बन गया।
सभी ने एक दूसरे को रमजान की मुबारकबाद दी। कुछ ही देर में सोशल मीडिया के माध्यम से उनका यह संदेश पूरे शहर में फैल गया। जिसके बाद देर रात तक लोगों में एक दूसरे को रमजान की मुबारकबाद देने का सिलसिला चलता रहा।
LIVE यूपी विधानमंडल सत्र Live: आरोप-प्रत्यारोप के बीच सत्ता पक्ष तैयार, विपक्ष लगातार घेरने की कोशिश में
यूपी विधानमंडल का बजट सत्र जारी है। आरोप-प्रत्यारोप के बीच विपक्ष सरकार को लगातार घेरने की कोशिश कर रहा है। वहीं, सत्ता पक्ष भी पूरी तरह तैयार नजर आ रहा है। देखें, आज की कार्यवाही से जुड़े सभी अपडेट:
ऊर्जा मंत्री एके शर्मा और सपा सदस्यों के बीच जमकर जुबानी तीर चले
Phulera Dooj 2026: फूलेरा दूज के दिन फूलों से करें घर में ये काम, राधाकृष्ण की कृपा के साथ सकारात्मक ऊर्जा का होगा संचार
Phulera Dooj 2026 फूलेरा दूज 2026: फाल्गुन शुक्ल द्वितीया को मनाई जाने वाली फूलेरा दूज ब्रज क्षेत्र में होली उत्सव की विधिवत शुरुआत मानी जाती है। यह दिन विशेष रूप से भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी के दिव्य प्रेम से जुड़ा है। इस अवसर पर घर को फूलों से सजाना और मुख्य द्वार पर फूलों की रंगोली बनाना अत्यंत शुभ माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के साथ-साथ इसका वैज्ञानिक और मनोवैज्ञानिक महत्व भी है।

धार्मिक महत्व: क्यों सजाते हैं घर फूलों से?
शुभता और मंगल का प्रतीक
फूलों को सनातन परंपरा में पवित्रता और प्रसन्नता का प्रतीक माना गया है। फूलेरा दूज के दिन घर को पुष्पों से सजाने से देवी-देवताओं का स्वागत होता है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
राधा-कृष्ण कृपा की प्राप्ति
मान्यता है कि इस दिन फूलों की होली खेली गई थी। इसलिए फूलों से सजावट करने से राधा-कृष्ण की विशेष कृपा प्राप्त होती है और दांपत्य जीवन में मधुरता आती है।
स्वयं सिद्ध मुहूर्त का प्रभाव
फूलेरा दूज को स्वयं सिद्ध मुहूर्त माना जाता है। इस दिन किए गए शुभ कार्यों का फल दीर्घकाल तक मिलता है। घर को सजाना और रंगोली बनाना सौभाग्य को आमंत्रित करने का प्रतीक है।

फूलों की रंगोली बनाने के लाभ
सकारात्मक ऊर्जा का संचार
मुख्य द्वार पर फूलों की रंगोली बनाने से घर में नकारात्मक ऊर्जा प्रवेश नहीं करती। वास्तु शास्त्र के अनुसार प्राकृतिक तत्वों का प्रयोग वातावरण को शुद्ध करता है।
मानसिक शांति और तनाव में कमी
वैज्ञानिक दृष्टि से भी फूलों की सुगंध मन को शांत करती है, तनाव कम करती है और खुशी के हार्मोन (डोपामिन) को सक्रिय करती है।
पारिवारिक सामंजस्य
रंगोली बनाना एक सामूहिक क्रिया है। जब परिवार के सदस्य मिलकर इसे बनाते हैं, तो आपसी प्रेम और सहयोग बढ़ता है।
समृद्धि और सौभाग्य
गेंदा, गुलाब और मोगरा जैसे फूल शुभ माने जाते हैं। इनसे बनी रंगोली लक्ष्मी और समृद्धि का प्रतीक मानी जाती है।

क्या होता है इसका प्रभाव?
घर का वातावरण हल्का और आनंदमय बनता है।
वैवाहिक जीवन में प्रेम और सौहार्द बढ़ता है।
मानसिक संतुलन और आध्यात्मिक ऊर्जा में वृद्धि होती है।
शुभ कार्यों में सफलता मिलने की संभावना बढ़ती है।
फूलेरा दूज केवल एक पर्व नहीं, बल्कि प्रेम, प्रकृति और सकारात्मक ऊर्जा का उत्सव है। इस दिन फूलों से घर सजाना और रंगोली बनाना धार्मिक आस्था के साथ-साथ मानसिक और पारिवारिक सुख-शांति का भी माध्यम है। ब्रज की यह परंपरा हमें सिखाती है कि प्राकृतिक सौंदर्य और भक्ति का संगम ही जीवन में वास्तविक आनंद लाता है।
Holika Dahan 2026 Upay: होलिका दहन की अग्नि में अर्पित करें ये 5 खास सामग्री, शांत होंगे ग्रह दोष, शादी और नौकरी की बाधाएं होंगी दूर
Holika Dahan 2026 Upay: होलिका दहन भारतीय सनातन परंपरा का महत्वपूर्ण उत्सव है, जो बुराई पर अच्छाई की विजय का संदेश देता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह पर्व भगवान विष्णु के परम भक्त प्रह्लाद की आस्था और उनकी रक्षा से जुड़ा है। ज्योतिष शास्त्र में फाल्गुन पूर्णिमा की रात्रि को विशेष ऊर्जावान माना गया है। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से पूजा और अग्नि में विशेष सामग्री अर्पित करने से ग्रह दोष शांत होते हैं और जीवन की विभिन्न बाधाएं दूर होने लगती हैं।

होलिका दहन 2026 का शुभ मुहूर्त
वैदिक पंचांग के अनुसार फाल्गुन पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 2 मार्च 2026 को शाम 5:55 बजे से होगी और समापन 3 मार्च 2026 को शाम 5:07 बजे होगा।
होलिका दहन का शुभ मुहूर्त:
3 मार्च 2026, शाम 6:22 बजे से रात 8:50 बजे तक। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस समय में पूजा और अग्नि प्रज्ज्वलन करने से विशेष पुण्य फल की प्राप्ति होती है।
11 परिक्रमा से ग्रह दोष शांति
होलिका दहन के दिन सर्वप्रथम श्रद्धा और संकल्प के साथ पूजा करें। इसके बाद अग्नि की 11 बार परिक्रमा करें। धार्मिक मान्यता है कि 11 परिक्रमा करने से कुंडली में मौजूद नकारात्मक ग्रह प्रभाव शांत होते हैं और जीवन में चल रही परेशानियों में धीरे-धीरे कमी आने लगती है। परिक्रमा के दौरान मन ही मन अपनी समस्याओं के समाधान की प्रार्थना करनी चाहिए।

अग्नि में अर्पित करें ये विशेष सामग्री
परिक्रमा के बाद होलिका की अग्नि में निम्नलिखित वस्तुएं अर्पित करना शुभ माना गया है—
काला तिल: नकारात्मक ऊर्जा और शनि दोष को कम करने में सहायक माना जाता है।
हल्दी: मंगल और समृद्धि का प्रतीक, घर में शुभता बढ़ाती है।
पीली सरसों: सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है।
लौंग: वातावरण को शुद्ध करने वाली मानी जाती है।
खीर-पूरी: सुख, संतोष और पारिवारिक समृद्धि का प्रतीक।
मान्यता है कि इन वस्तुओं को अग्नि में समर्पित करने से जीवन में चल रही बाधाओं का शमन होता है।

शादी और नौकरी में रुकावट दूर करने का उपाय
यदि विवाह में विलंब हो रहा हो या नौकरी-व्यवसाय में बार-बार अड़चन आ रही हो, तो होलिका दहन के शुभ मुहूर्त में उपरोक्त सामग्री अर्पित कर विशेष प्रार्थना करें।
ज्योतिष मान्यता के अनुसार यह उपाय ग्रहों के अशुभ प्रभाव को कम करता है और विवाह, करियर तथा आर्थिक क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन लाने में सहायक होता है।
आर्थिक और स्वास्थ्य लाभ
धार्मिक विश्वास है कि होलिका दहन की अग्नि में आहुति देने से कर्ज मुक्ति के योग बनते हैं और लंबे समय से चल रही आर्थिक परेशानियों में राहत मिल सकती है। साथ ही मानसिक तनाव और शारीरिक कष्टों में कमी आने की भी मान्यता है।
होलिका दहन केवल एक पारंपरिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का पर्व है। श्रद्धा और विश्वास के साथ किए गए सरल उपाय जीवन में सुख-शांति, समृद्धि और सफलता के मार्ग खोल सकते हैं।

