Saturday, February 21, 2026
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बड़ी खबर: IAF के RP एयरक्राफ्ट में आई तकनीकी खराबी, जैसलमेर में करवाई इमरजेंसी लैंडिंग

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नेशनल डेस्क: भारतीय वायु सेना (IAF) के एक RP एयरक्राफ्ट(RP Aircraft) को बड़ी तकनीकी खराबी के बावजूद सफलतापूर्वक सुरक्षित उतार लिया गया है। जानकारी के अनुसार उड़ान के दौरान विमान के इंजन में खराबी आ गई थी, जिसके बाद पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए इसे जैसलमेर के पास आपातकालीन लैंडिंग करा दी।

नहीं हुआ कोई नुक्सान

वायुसेना की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक इस घटना में किसी भी प्रकार के नुकसान की खबर नहीं है। IAF ने जोर देकर कहा कि लैंडिंग को बेहद नियंत्रित तरीके से अंजाम दिया गया, जिसके कारण जमीन पर कोई जनहानि या संपत्ति को नुकसान नहीं पहुँचा। वायुसेना ने बताया कि RP एयरक्राफ्ट को सुरक्षित रूप से रिकवर कर लिया गया है और उसे उसके बेस पर वापस ले जाया गया है।

जाँच के आदेश हुए जारी

IAF की तकनीकी टीम ने RP एयरक्राफ्ट में आई इंजन खराबी के कारणों की जाँच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर यह एक मैकेनिकल मैलफंक्शन माना जा रहा है, लेकिन विस्तृत जाँच रिपोर्ट आने के बाद ही खराबी की असली वजह सामने आ पाएगी।

IAF की तत्परता ने बचाई बड़ी दुर्घटना

इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि भारतीय वायुसेना की ट्रेनिंग और ऑपरेशनल प्रोटोकॉल कितने मजबूत हैं। समय रहते तुरंत निर्णय लेने की क्षमता के कारण, पायलटिंग टीम न केवल RP एयरक्राफ्ट को बचाने में सफल रही, बल्कि किसी भी संभावित दुर्घटना को होने से रोक दिया। भारतीय वायुसेना ने आधिकारिक बयान में कहा है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और भविष्य में ऐसी तकनीकी दिक्कतों को रोकने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

दुनिया में पहली बार ऑस्ट्रेलिया में SM लॉकडाउन, Meta ने शुरू की नाबालिग यूज़र्स की क्लीनिंग

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International Desk: मेटा (Meta) ने ऑस्ट्रेलिया (Australia) में अपने किशोर उपभोक्ताओं को बड़ा अलर्ट भेजना शुरू कर दिया है। कंपनी ने फेसबुक (facebook), इंस्टाग्राम (Instagram) और थ्रेड्स (threads) पर 16 वर्ष से कम उम्र के उपयोगकर्ताओं को सूचित किया है कि वे अगले दो हफ्तों में अपना डेटा और डिजिटल हिस्ट्री डाउनलोड कर लें, क्योंकि उनके खाते जल्द बंद किए जाएंगे। ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने हाल ही में नया नियम लागू किया है, जिसके तहत 10 दिसंबर से 16 साल से कम उम्र के सभी सोशल मीडिया अकाउंट्स हटाए जाएंगे। यह दुनिया में पहली बार लागू किया जा रहा ऐसा व्यापक प्रतिबंध है।मेटा ने SMS और ईमेल के जरिए बताया कि 4 दिसंबर से संदिग्ध नाबालिग यूज़र्स की प्लेटफॉर्म तक पहुंच रोक दी जाएगी।

 

कंपनी ने कहा कि यह समय इसलिए दिया जा रहा है ताकि किशोर अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट, फोटो और यादें सुरक्षित कर सकें। कंपनी का अनुमान है कि इंस्टाग्राम पर 13–15 वर्ष के लगभग 3.5 लाख, और फेसबुक पर 1.5 लाख ऑस्ट्रेलियाई उपयोगकर्ता मौजूद हैं। मेटा ने यह भी स्पष्ट किया कि 16 वर्ष से अधिक उम्र वाले उपयोगकर्ता यदि गलती से नोटिस पाते हैं, तो वे सरकारी दस्तावेज़ या वीडियो सेल्फी के जरिए अपनी उम्र सत्यापित कर सकते हैं। सरकार का कहना है कि यह कदम बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा के लिए जरूरी है और सभी बड़े सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म फेसबुक, इंस्टाग्राम, थ्रेड्स, स्नैपचैट, टिकटॉक, एक्स और यूट्यूब को इसका पालन करना होगा।

Gold-Silver Price Ranchi: रांची में सोने ने छुआ आसमान, चांदी के दाम में भी उछाल; आज 22-24 कैरेट गोल्ड की कीमत इतनी

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Gold-Silver Rate: देश में शादी का सीजन शुरू हो गया है और सोने-चांदी की खरीदारी भी तेज हो गई है। ऐसे में सोने और चांदी की कीमतों में तेजी देखी जा रही है। वहीं आज यानी गुरुवार को रांची में सोने-चांदी की कीमतों में तेजी देखने को मिली है।

रांची ज्वेलरी एसोसिएशन के अनुसार रांची में 22 कैरेट सोना प्रति 10 ग्राम कल शाम 1,14,850 रुपये था, जबकि आज इसकी कीमत 1,15,950 रुपये है। यानी इसके भाव में 1100 रुपये की तेजी है। वहीं, 24 कैरेट सोना प्रति 10 ग्राम कल शाम 1,20,590 रुपये के भाव से खरीदा गया था। आज इसकी कीमत 1,21,750 रुपये है। यानी इसके भाव में 1160 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। वहीं, प्रति किलो चांदी 1,73,000 रुपये के भाव से जा रही है जबकि कल बुधवार को चांदी 1,70,000 रुपये प्रति किलो के भाव से बेजी गई थी। यानी इसके भाव मे 3000 रुपये की तेजी है।

बोकारो में आज 22 कैरेट सोने की कीमत 1,17,500 रुपये प्रति 10 ग्राम हैं। 24 कैरेट सोने का भाव 1,23,700 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 1,59,000 रुपये प्रति किलो है। जमशेदपुर में 22 कैरेट सोना प्रति 10 ग्राम ₹114,450 रुपये, 24 कैरेट प्रति 10 ग्राम सोना 124,950 रुपये और चांदी 1,55,830 रुपये प्रति किलो है। वही देवघर में 22 कैरेट सोना प्रति 10 ग्राम कि कीमत 1,13,172 रुपये,और 24 कैरेट प्रति 10 ग्राम सोना 1,23,460 रुपये और चांदी 1,55,830 रुपये प्रति किलो रुपये के रेट से बेची जा रही है।

Ramkripal Yadav: पहली बार जीते रामकृपाल यादव नीतीश सरकार में बने मंत्री, कभी लालू यादव के हुआ करते थे करीबी

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Ramkripal Yadav Bihar Cabinet Minister: नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने गुरुवार को बिहार के मुख्यमंत्री पद (Bihar CM Oath) की रिकॉर्ड 10वीं बार शपथ ली। उनके साथ सम्राट चौधरी सहित 26 मंत्रियों ने भी शपथ ली। वहीं बीजेपी ने पार्टी के वरिष्ठ नेता रामकृपाल यादव (Ramkripal Yadav) पर भी भरोसा जताते हुए उन्हें मंत्री पद से नवाजा है। उन्होंने इस बार दानापुर विधानसभा सीट से पहली बार जीत दर्ज की है।

29,133 वोटों से रीत लाल यादव को हराया 

दानापुर सीट पर रामकृपाल यादव ने आरजेडी के बाहुबली नेता रीत लाल यादव को 29,133 वोटों से मात दी। यह उनकी पहली विधानसभा जीत है और पहली बार वह बिहार सरकार में मंत्री बने हैं।

लालू यादव का साथ छोड़ 2014 में थामा था BJP का हाथ

रामकृपाल यादव लंबे समय तक लालू प्रसाद यादव के बेहद करीबी रहे। 1990 से लेकर 2014 तक वह आरजेडी के साथ जुड़े रहे और इस दौरान लालू ने उन्हें विधान परिषद सदस्य, लोकसभा सांसद और बाद में राज्यसभा सदस्य भी बनाया। लेकिन 2014 में पाटलिपुत्र लोकसभा सीट से टिकट मीसा भारती को दिए जाने पर वे नाराज हो गए और बीजेपी में शामिल हो गए। उसी साल वे बीजेपी से लोकसभा पहुंचे।

मोदी सरकार में रह चुके हैं राज्य मंत्री 

रामकृपाल यादव 2014 से 2019 तक मोदी सरकार में मंत्री रहे। उन्हें 9 नवंबर 2014 को पेयजल एवं स्वच्छता राज्य मंत्री बनाया गया और फिर उसके बाद 5 जुलाई 2016 को ग्रामीण विकास राज्य मंत्री बनाया गया। वे दो बार पाटलिपुत्र लोकसभा से सांसद रहे, लेकिन 2024 के चुनाव में मीसा भारती ने उन्हें हरा दिया था।

अस्पताल के वार्ड में ही शराब पी रहे थे मरीज के परिजन, ड्यूटी पर आई नर्स ने सिखा दिया सबक,कलेक्टर ने किया सम्मानित

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(अशोकनगर):अशोकनगर से एक ऐसा वाक्या सामने आया है जिसकी हर ओर चर्चा हो रही है। एक नर्सिंग आफिसर की उसके साहसी काम के लिए भारी प्रशंसा हो रही है। दरअसल जिला अस्पताल की नर्सिंग ऑफिसर गायत्री चौधरी ने अस्पताल में शराब पी रहे शख्स को शराब पीते हुए देखा तो उससे भिड़ गई। गायत्री ने कहा कि अस्पताल भी मंदिर जैसा है और आप यहां शराब पी रहे हो। इस वाक्ये के बाद गायत्री की प्रशंसा होने लगी।

मरीज के परिजन वार्ड में ही बेड पर शराब पी रहे थे

दरअसल ये मामला 29 अक्टूबर की रात का है,जिला अस्पताल के सर्जिकल वार्ड में ये घटनाक्रम हुआ। रात को एक मरीज और उसके परिजन वार्ड में ही बेड पर शराब पी रहे थे…उस समय गायत्री चौधरी ड्यूटी पर थीं,  गायत्री ने वार्ड में ही जब शराब पीते देखा तो उन्होंने इस काम का सीधा विरोध किया।

गायत्री ने कहा कि वो यहां काम करते हैं, हमारे लिए ये मंदिर जैसा है और आप यहां शराब पी रहे हैं?  गायत्री के इस व्यवहार की अब प्रशंसा हो रही है और वीडियो भी जमकर वायरल हो रहा है।

कलेक्टर ने गायत्री चौधरी को किया सम्मानित

नर्सिंग ऑफीसर गायत्री चौधरी के इस साहसी व्यवहार की लोग सराहना कर रहे हैं। कलेक्टर आदित्य सिंह भी गायत्री के इस व्यवहार से प्रभावित दिखे और उन्होंने कलेक्ट्रेट में गायत्री चौधरी को सम्मानित किया। लिहाजा गायत्री चौधरी के इस काम की हर ओर तारीफ हो रही है।

Chandra Grahan 2027: महासूर्य ग्रहण के 15 दिन बाद लगेगा साल का आखिरी चंद्र ग्रहण, मकर-कुंभ राशि रहें सावधान

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Chandra Grahan 2027: वर्ष 2027 खगोल शास्त्र और ज्योतिष दोनों दृष्टियों से अत्यंत महत्वपूर्ण रहेगा। 2 अगस्त 2027 को एक ऐसा महा सूर्य ग्रहण (Total Solar Eclipse) लगने जा रहा है जो 21वीं सदी में दूसरी बार देखने को मिलेगा। इस दौरान पृथ्वी के कुछ हिस्सों में 6 मिनट से अधिक समय तक अंधकार छा जाएगा और लोग दिन में ही रात का अनुभव करेंगे। यह ग्रहण न केवल वैज्ञानिक रूप से अद्भुत है, बल्कि ज्योतिषीय दृष्टि से भी ऊर्जा परिवर्तन और जीवन-प्रभाव का समय माना गया है।चंद्र ग्रहण 2027 की तिथि और समय (Chandra Grahan 2027 Date and Time)

महा सूर्य ग्रहण के ठीक 15 दिन बाद यानी 17 अगस्त 2027 (मंगलवार) को साल का अंतिम चंद्र ग्रहण (Lunar Eclipse) लगेगा।

यह एक उपच्छाया चंद्र ग्रहण (Penumbral Lunar Eclipse) होगा।

ग्रहण आरंभ: सुबह 10:54 बजे

ग्रहण समाप्त: दोपहर 2:33 बजे

हालांकि यह भारत में दिखाई नहीं देगा, लेकिन इसका ज्योतिषीय प्रभाव भारतीय राशियों पर अवश्य पड़ेगा।कहां-कहां दिखेगा यह चंद्र ग्रहण?

यह ग्रहण मुख्य रूप से उत्तर और दक्षिण अमेरिका, पूर्वी ऑस्ट्रेलिया, पश्चिमी अफ्रीका, अंटार्कटिका तथा अटलांटिक और हिंद महासागर के कुछ हिस्सों से देखा जा सकेगा। खगोलीय दृष्टि से यह ग्रहण ऊर्जा परिवर्तन का सूचक है। जो मानव मन, भावनाओं और आर्थिक क्षेत्रों पर असर डालता है।

 

मकर राशि पर असर: आर्थिक दबाव और स्वास्थ्य चिंताएं

जब ग्रहण की शुरुआत होगी, उस समय चंद्रमा मकर राशि (Capricorn) में रहेगा। इस अवधि में मकर राशि के जातकों को वित्तीय अस्थिरता और मानसिक तनाव झेलना पड़ सकता है। निवेश से बचें और स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें। किसी पुराने कार्य में बाधा या विलंब भी संभव है।

 

उपाय:

भगवान शिव को जल अर्पित करें।

“ॐ नमः शिवाय” का 108 बार जाप करें।

ग्रहण काल में भोजन न करें।कुंभ राशि पर असर: भावनात्मक उतार-चढ़ाव और निर्णय में भ्रम

चंद्र ग्रह के कुंभ राशि में प्रवेश के बाद भावनात्मक असंतुलन और आर्थिक अनिश्चितता की स्थिति बन सकती है। व्यवसायियों को बड़े निर्णयों से बचना चाहिए। स्वास्थ्य में थकान या मानसिक बेचैनी महसूस हो सकती है।

 

उपाय:

पीपल के वृक्ष की परिक्रमा करें।

चंद्र मंत्र “ॐ सोमाय नमः” का जप करें।

दान में सफेद वस्त्र या चावल दें।

 

ग्रहण का समय साधना और आत्मचिंतन का अवसर

2027 का चंद्र ग्रहण आध्यात्मिक दृष्टि से मन की शुद्धि और नकारात्मकता के नाश का समय है। मकर और कुंभ राशि वालों को इस अवधि में साधना, संयम और प्रार्थना पर ध्यान देना चाहिए। ग्रहण के बाद स्नान करें, दान करें और भगवान विष्णु या शिव का स्मरण करें, इससे ग्रहण का दुष्प्रभाव शांत होता है और भाग्य पुनः प्रबल बनता है।

 

 

बनारस में 2 करोड़ की प्रतिबंधित कफ सिरप बरामद, 100 करोड़ के ड्रग कांड से जुड़े सरगना तक पहुंचने की आशंका!

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Varanasi News: उत्तर प्रदेश के वाराणसी शहर के रोहनिया थाना क्षेत्र में बुधवार को पुलिस ने एक गोदाम पर छापेमारी कर लगभग 2 करोड़ रुपए मूल्य के कफ सिरप की 93 हजार शीशियां बरामद की हैं। यह सिरप कोडिन युक्त था और नशे के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

 

पुलिस की कार्रवाई और पूछताछ

पुलिस उपायुक्त (वरुणा जोन) प्रमोद कुमार ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी और उसके आधार पर भदवर इलाके में छापेमारी की गई। छापेमारी में एक व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। गोदाम के मालिक महेश सिंह को पकड़ने के लिए टीम बनाई गई है। छापेमारी में औषधि विभाग और एएनटीएफ की टीम भी शामिल रही।

 

बरामद सिरप की जानकारी

बरामद सिरप में दो ब्रांड की बोतलें शामिल हैं, दोनों में कोडिन की मात्रा पाई गई। पुलिस के अनुसार यह सिरप गाजियाबाद से चंदौली ले जाई जानी थी। गोदाम जिम के नीचे बनाया गया था, जहां सिरप छुपाकर रखी गई थी। पुलिस और ड्रग विभाग की सयुंक्त कार्रवाई में यह बरामदगी हुई।

 

संभावित लिंक और बड़ी जांच

शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि यह बरामदगी 100 करोड़ रुपए के कफ सिरप कांड के सरगना से जुड़ी हो सकती है। वाराणसी में नशे में इस्तेमाल होने वाले कफ सिरप के खिलाफ 26 फार्मों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जा चुका है। सिंडिकेट का नेटवर्क राजस्थान, झारखंड, पंजाब, दिल्ली और पश्चिमी यूपी से बिहार और बंगाल तक फैला हुआ है। इस सिंडिकेट के सरगना शुभम जायसवाल के खिलाफ भी वाराणसी और गाजियाबाद में मुकदमा दर्ज है।

 

एसआईटी की जांच

100 करोड़ रुपए के कफ सिरप मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है। एसआईटी का काम सिन्डिकेट की नेक्सस और सरगनाओं की पहचान करना है। इस मामले में पुलिस लगातार जांच पड़ताल और कार्रवाई में जुटी है, और आरोपी के गिरफ्तारी की संभावना पर भी काम चल रहा है।

 

 

इस देश में नहीं थम रहा तनाव, लगातार किए जा रहे अटैक में 25 लोगों की गई जान

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इंटरनेशनल डेस्क। इजरायल और फिलिस्तीनी समूह हमास के बीच चल रहा संघर्ष थमने का नाम नहीं ले रहा है जिसके कारण क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ रहा है। इजरायली सेना ने लगातार दूसरे दिन बुधवार को भी गाजा पट्टी के प्रमुख शहरों, गाजा शहर और खान यूनिस को निशाना बनाते हुए हवाई हमले किए। इन ताजा हमलों में कम से कम 25 लोग मारे गए जबकि कई अन्य घायल हो गए हैं।

 

हमलों में भारी जान-माल का नुकसान

इन ताजा हमलों में कम से कम 25 लोग मारे गए और 77 अन्य घायल हो गए हैं। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब कुछ समय पहले ही संघर्ष विराम लागू हुआ था। इससे एक दिन पहले, मंगलवार को इजरायली रक्षा बलों (IDF) ने दक्षिणी लेबनान में स्थित एक फिलिस्तीनी शरणार्थी शिविर पर भी हवाई हमले किए थे जिससे स्थिति और बिगड़ गई है।

 

संघर्ष विराम का कथित उल्लंघन

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार संघर्ष विराम (सीजफायर) के बावजूद इजरायल पर इसका उल्लंघन करने के आरोप लग रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक सीजफायर के बाद इजरायल ने गाजा पर कुल 393 हमले किए हैं। इन हमलों में अब तक 280 लोग मारे जा चुके हैं और 672 लोग घायल हुए हैं। सीएनएन ने भी पिछली एयर स्ट्राइक की रिपोर्ट दी थी जिसमें अमेरिका द्वारा संघर्ष विराम कराने के बावजूद गाजा में 9 लोग मारे गए थे।

 

प्रधानमंत्री नेतन्याहू का कड़ा निर्देश

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सेना को गाजा पट्टी में ‘तुरंत जोरदार हमले’ करने का स्पष्ट निर्देश दिया था। मौजूदा हमले इसी आदेश के तहत किए जा रहे हैं। एक सैन्य अधिकारी ने सीएनएन को बताया कि ताजा हमले से पहले हमास के उग्रवादियों ने पीली रेखा (Yellow Line) के पूर्व में इजरायली सेना पर हमला किया था। यह ‘पीली रेखा’ गाजा के इजरायली कब्जे वाले हिस्से को बाकी एन्क्लेव से अलग करती है। हमले शुरू करने से पहले इजरायल ने संयुक्त राज्य अमेरिका को अपने इस फैसले के बारे में पहले ही सूचित कर दिया था। यह संघर्ष क्षेत्र में शांति की बहाली के प्रयासों को गंभीर रूप से प्रभावित कर रहा है और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से तत्काल हस्तक्षेप की मांग कर रहा है।

ध्वजारोहण समारोह; 25 नवंबर को बंद रहेगा Ram Mandir, सिर्फ आमंत्रित अतिथियों को ही होंगे रामलला के दर्शन

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अयोध्या: उत्तर प्रदेश के अयोध्या में 25 नवंबर को ध्वजारोहण समारोह के कारण राममंदिर आम भक्तों के लिए बंद रहेगा। ध्वजारोहण समारोह के दिन आमंत्रित अतिथियों को ही रामलला के दर्शन होंगे। इस समारोह को भव्य और दिव्य बनाने की तैयारी चल रही है। समारोह के बाद 26 नवंबर को भोर में चार बजे से आम भक्तों के लिए श्रीराम मंदिर में रामलला के दर्शन शुरू हो जाएंगें।

पीएम मोदी करेंगे ध्वजारोहण
बता दें कि 25 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण करेंगे। इस विशेष आयोजन में देश-विदेश से आए सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहेंगे। राम मंदिर के ध्वजारोहण का शुभ मुहूर्त काशी के प्रकांड पंडित पद्मश्री गणेश्वर शास्त्री द्रविड़ ने निकाला है। प्राप्त जानकारी के अनुसार आगामी 25 नवंबर को मार्गशीर्ष शुक्ल पंचमी (विवाह पंचमी) को मात्र 30 मिनट का विशेष मुहूर्त निकाला गया है। अमृत काल, अभिजित मुहूर्त और विजय मुहूर्त को ध्यान में रखते हुए यह शुभ लग्न निर्धारित किया गया है।

24 नवंबर को भी भक्तों को कराएं जाएंगे दर्शन 
ध्वजारोहण समारोह और रामविवाह उत्सव एक दिन होने से अयोध्या में श्रद्धालुओं की संख्या आम दिन की तुलना में अधिक रहेगी। अयोध्या जिलाधिकारी निखिल टी फुंडे ने बताया कि राममंदिर ध्वजारोहण समारोह में जो आमंत्रित अतिथि एक दिन पूर्व आ जायेंगे उनको 24 नवंबर को ही रामलला के दर्शन करा दिये जाएंगें। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र द्वारा राममंदिर ध्वजारोहण समारोह में आमंत्रित अतिथियों को साथ में मोबाइल फोन ले जाने पर रोक के बाद राममंदिर में आमंत्रित अतिथियो को कोई दर्शन आवागमन में परेशानी न हो जिला प्रशासन और ट्रस्ट दोनों ने व्यवस्थित योजना बनाकर उसी पर अमल कर रहा है।

अतिथियों के रुकने की हो चुकी तैयारियां 
एसएसपी डॉ गौरव ग्रोवर ने बताया कि अयोध्या में 24 नवंबर को आने वाले राममंदिर ध्वजारोहण समारोह के अतिथियों के रुकने आने जाने और उनके वाहनों की पार्किंग सब तय कर लिए गए हैं। 25 नवंबर को कौन सा वाहन उनको राममंदिर ले जाएगा, सब सुनिश्चित कर आने वाले अतिथियों को ट्रस्ट सभी जानकारियों और सूचनाओं को साझा कर चुका है।

इस देश में नहीं थम रहा तनाव, लगातार किए जा रहे अटैक में 25 लोगों की गई जान

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इंटरनेशनल डेस्क। इजरायल और फिलिस्तीनी समूह हमास के बीच चल रहा संघर्ष थमने का नाम नहीं ले रहा है जिसके कारण क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ रहा है। इजरायली सेना ने लगातार दूसरे दिन बुधवार को भी गाजा पट्टी के प्रमुख शहरों, गाजा शहर और खान यूनिस को निशाना बनाते हुए हवाई हमले किए। इन ताजा हमलों में कम से कम 25 लोग मारे गए जबकि कई अन्य घायल हो गए हैं।

हमलों में भारी जान-माल का नुकसान

इन ताजा हमलों में कम से कम 25 लोग मारे गए और 77 अन्य घायल हो गए हैं। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब कुछ समय पहले ही संघर्ष विराम लागू हुआ था। इससे एक दिन पहले, मंगलवार को इजरायली रक्षा बलों (IDF) ने दक्षिणी लेबनान में स्थित एक फिलिस्तीनी शरणार्थी शिविर पर भी हवाई हमले किए थे जिससे स्थिति और बिगड़ गई है।

संघर्ष विराम का कथित उल्लंघन

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार संघर्ष विराम (सीजफायर) के बावजूद इजरायल पर इसका उल्लंघन करने के आरोप लग रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक सीजफायर के बाद इजरायल ने गाजा पर कुल 393 हमले किए हैं। इन हमलों में अब तक 280 लोग मारे जा चुके हैं और 672 लोग घायल हुए हैं। सीएनएन ने भी पिछली एयर स्ट्राइक की रिपोर्ट दी थी जिसमें अमेरिका द्वारा संघर्ष विराम कराने के बावजूद गाजा में 9 लोग मारे गए थे।

प्रधानमंत्री नेतन्याहू का कड़ा निर्देश

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सेना को गाजा पट्टी में ‘तुरंत जोरदार हमले’ करने का स्पष्ट निर्देश दिया था। मौजूदा हमले इसी आदेश के तहत किए जा रहे हैं। एक सैन्य अधिकारी ने सीएनएन को बताया कि ताजा हमले से पहले हमास के उग्रवादियों ने पीली रेखा (Yellow Line) के पूर्व में इजरायली सेना पर हमला किया था। यह ‘पीली रेखा’ गाजा के इजरायली कब्जे वाले हिस्से को बाकी एन्क्लेव से अलग करती है। हमले शुरू करने से पहले इजरायल ने संयुक्त राज्य अमेरिका को अपने इस फैसले के बारे में पहले ही सूचित कर दिया था। यह संघर्ष क्षेत्र में शांति की बहाली के प्रयासों को गंभीर रूप से प्रभावित कर रहा है और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से तत्काल हस्तक्षेप की मांग कर रहा है।