Saturday, February 21, 2026
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Lucknow : स्क्रैप गोदाम में लगी आग, चपेट में आईं छह दुकानें, ताबड़तोड़ धमाके; तीन गाड़ियों से पाया काबू

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लखनऊ के इटौंजा क्षेत्र में स्क्रैप गोदाम में लगी आग ने छह दुकानों को चपेट में ले लिया और सर्विसिंग सेंटर में रखे डीज़ल-तेल के कारण धमाके हुए। दमकल की तीन गाड़ियों ने चार घंटे में आग बुझाई। गोदाम मालिक ने लेनदेन विवाद में युवक पर आग लगाने का आरोप लगाया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

इटौंजा के माधवपुर गांव में रविवार रात सीतापुर हाईवे किनारे स्क्रैप गोदाम में आग लग गई। देखते ही देखते आग ने छह और दुकानों को अपनी चपेट में ले लिए। इस बीच हुए ताबड़तोड़ धमाकों के कारण लोग सहम उठे। दमकल कर्मियों ने तीन गाड़ियों से आग पर काबू पा लिया। वहीं, स्क्रैप गोदाम के मालिक ने एक युवक पर रंजिश के चलते आग लगाने का आरोप लगाया है। सीतापुर रोड पर मड़ियांव के मोहिबुल्लापुर निवासी नसरुद्दीन सिद्दीकी का स्क्रैप गोदाम है। गोदाम के पास ही शिवा की बाइक और उमेश की कार सर्विसिंग की दुकान है। जबकि विवेक की इलेक्ट्रॉनिक, मोहम्मद आरिफ, मुनीर और राजू की भी दुकान है। रविवार रात करीब 12 बजे स्क्रैप गोदाम में आग लग गई।

गोदाम से ऊंची-ऊंची आग की लपटें और धुंए के गुबार निकलने लगे। देखते ही देखते आग की भीषण लपटों ने दो सर्विसिंग सेंटर और चार दुकानों को भी अपनी चपेट में ले लिया। सर्विसिंग सेंटर में रखे डीजल और मोबिल ऑल के डिब्बों के कारण तेज धमाके होने लगे। इससे आस पड़ोस में रहने वाले लोगों की भी आँख खुल गई। लपटों को देख लोग घबरा गए। लोगों ने आनन-फानन दमकल, पुलिस और पीड़ितों को घटना की जानकारी दी।

 

 

 

धुएं के कारण सांस लेना हुआ दूभर

कुछ देर में एफएसओ बीकेटी प्रशांत कुमार दो गाड़ियों और टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। आग की विकरालता को देखते हुए उन्होंने फायर स्टेशन चौक से भी एक गाड़ी मंगवाई। दमकल कर्मी दो टीमों में बट गए। मगर राहत कार्य के दौरान उन्हें सांस लेने में समस्या होने लगी।

 

ऐसे में उन्होंने ब्रीथिंग ऑपरेटिंग सेट पहना और दोबारा काम शुरू कर दिया। करीब चार घंटे में दमकल कर्मियों ने पूरी तरह से आग पर काबू पा लिया। एफएसओ बीकेटी के मुताबिक गोदाम में आग कैसे लगी इसका कारण स्पष्ट नहीं हो सका है।

 

लेनदेन के विवाद पर घटना अंजाम देने का आरोप

गोदाम मालिक नसरुद्दीन का आरोप है कि इटौंजा की अशोक रोड पर रहने वाले युवक का दुकानदारों से लेनदेन का विवाद चल रहा है। ऐसे में वह दुकानदारों के साथ ही बिना वजह उनसे भी रंजिश रखता है। वह आए दिन दुकानों में आग लगाने की धमकी देता रहता है। कुछ दिन पहले भी आग लगाने की धमकी दी थी। नसरुद्दीन ने बताया कि उन्होंने 12 नवंबर को थाने में तहरीर दी थी।

 

मगर कुछ नहीं हुआ। इसलिए आरोपी ने पहले एक दुकान में आग लगाई, जिस कारण उनका गोदाम भी जल गया। इतना ही नहीं, आग के एबीसी लाइन भी जल गई। बिजली कर्मियों ने सोमवार सुबह 11 बजे लाइन बदलकर इटौंजा-माल पर बिजली बहाल किया है। इंस्पेक्टर मार्कंडेय यादव के मुताबिक तहरीर मिली है। मामले की जांच की जा रही। साक्ष्य मिलने पर कार्रावाई की जाएगी।

Auraiya News: दिबियापुर में 24 नवंबर को होगी पहली महिला एथलेटिक्स लीग

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दिबियापुर। जिले में पहली बार महिला एथलेटिक्स लीग प्रतियोगिता 24 नवंबर को विवेकानंद ग्रामोद्योग डिग्री कॉलेज के मैदान पर आयोजित की जाएगी। एथलेटिक्स फेडरेशन के जिला संगठन सचिव आरपी सिंह ने बताया कि दक्षिण एशियाई एथलेटिक्स फेडरेशन के अध्यक्ष डॉ. ललित भनोट, एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ़ इंडिया व मिनिस्ट्री ऑफ़ यूथ अफेयर्स के संयुक्त प्रयास से महिला एथलेटिक्स लीग पूरे देश में होगी।उन्होंने बताया कि महिला एथलेटिक्स मे महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाने एवं कम उम्र में उनकी प्रतिभा को पहचान के लिए महिला एथलेटिक्स का आयोजन कर रहे हैं। टेक्निकल अध्यक्ष संतोष कुमार दीक्षित ने बताया कि भारत सरकार के युवा मामलों के मंत्रालय की ओर से खेलो इंडिया की तर्ज पर अस्मिता खेल इंडिया महिला लीग का आयोजन कराया जा रहा है। महिला लीग में अंडर -14 व अंडर- 16 वर्ग की लड़कियां भाग लेंगी। बताया कि अंडर-14 आयु वर्ग की ट्रायथलाॅन अ में 60 मीटर दौड़, लंबी कूद, ऊंची कूद प्रतियोगिता होगी। वहीं ट्रायथलान ब में 60 मीटर दौड़, लंबी कूद व बैक थ्रू में एक किलो भार का गोला दोनों हाथों से सिर के ऊपर से पीछे की ओर जाएगा।

इसे अलावा ट्रायथलान स में 60 मीटर दौड़, लंबी कूद और 600 मीटर की दौड़ कराई जाएगी। इसी तरह अंडर -16 वर्ग में 60 मीटर दौड़, लंबी कूद, 600 मीटर दौड़ व भाला प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। जिला सचिव ने बताया कि इस प्रतियोगिता में अंडर- 14 वर्ग में भाग लेने वाले खिलाड़ियों का जन्म 21 दिसंबर 2011 से 20 दिसंबर 2013 के मध्य हो, जबकि अंडर- 16 वर्ग में भाग लेने वाले खिलाड़ियों का जन्म 21 दिसंबर 2009 से 20 दिसंबर 2011 के मध्य होना चाहिए। इसमें केवल जिले की ही महिला खिलाड़ी भाग ले सकती हैं। सभी खिलाड़ियों को अपने साथ आधार कार्ड व जन्म प्रमाण लाना होगा।

पारिवारिक कलह के बीच लालू यादव का बड़ा ऐलान, कहा- तेजस्वी के नेतृत्व में ही आगे बढ़ेगी RJD

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Bihar Election 2025: राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) को बिहार विधानसभा के लिए विपक्ष के नेता (Leader of Opposition) के रूप में चुना गया है। तेजस्वी यादव, जो एक बार फिर राघोपुर निर्वाचन क्षेत्र से विजयी हुए, को दूसरी बार एलओपी के रूप में चुना गया है।

पारिवारिक कलह के बीच आया फैसला

तेजस्वी यादव को नेता प्रतिपक्ष चुनने का विपक्ष का फैसला पारिवारिक कलह के बीच आया है। लालू यादव (Lalu Yadav) ने बैठक में कहा तेजस्वी यादव ने बहुत मेहनत की है। तेजस्वी ही पार्टी को और आगे लेकर जाएंगे। बता दें कि लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने अपने भाई तेजस्वी यादव पर “अपमानित करने और घर से बाहर निकालने” का आरोप लगाया है। राजनीति छोड़ने के अपने ‘चौंकाने वाले’ ऐलान के बारे में पूछे जाने पर अपनी पहली प्रतिक्रिया में रोहिणी आचार्य ने पत्रकारों से कहा, “मेरा कोई परिवार नहीं है। आप संजय यादव, रमीज और तेजस्वी यादव से जाकर पूछ सकते हैं। उन्हीं लोगों ने मुझे परिवार से बाहर निकाला।”

रोहिणी ने दावा- मेरे साथ गाली-गलौज की गई

बाद में एक्स पर एक भावुक पोस्ट में, रोहिणी ने दावा किया कि उन्हें “अपमानित” किया गया, “गाली-गलौज” की गई और यहां तक कि उन्हें चप्पल से मारने की धमकी भी दी गई। एक समर्पित बेटी, बहन, पत्नी और मां, रोहिणी अपने अधिकारों और सम्मान के लिए खड़ी रहीं। उनके परिवार और समुदाय को उनसे समझौता करने की उम्मीद थी, लेकिन उन्होंने अपने मूल्यों से समझौता करने से इनकार कर दिया।

SBI का बड़ा फैसला: 30 नवंबर के बाद ये सुविधा होगी बंद, जानिए इसके पीछे क्या है मुख्य वजह

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नेशनल डेस्क: अगर आप भारतीय स्टेट बैंक के ग्राहक हैं, तो आपके लिए एक अहम खबर है। SBI 30 नवंबर 2025 के बाद अपनी ऑनलाइन बैंकिंग और YONO Lite ऐप में mCASH सेवा को बंद कर रहा है। बैंक ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि अब ग्राहक थर्ड पार्टी पैसे ट्रांसफर करने के लिए UPI, IMPS, NEFT और RTGS जैसे आधुनिक और सुरक्षित विकल्पों का इस्तेमाल कर सकते हैं।

 

SBI ने किया क्या घोषणा?

SBI की वेबसाइट पर यह जानकारी साझा की गई है कि 30 नवंबर 2025 के बाद YONO Lite और ऑनलाइन SBI प्लेटफॉर्म में mCASH (भेजना और दावा करना) सुविधा उपलब्ध नहीं होगी। बैंक ने ग्राहकों से अनुरोध किया है कि वे तीसरे पक्ष के लाभार्थियों को पैसे भेजने के लिए UPI, IMPS, NEFT, RTGS जैसे वैकल्पिक माध्यम अपनाएं। mCASH एक समय में ग्राहकों के लिए तेज़ और आसान धन हस्तांतरण सेवा थी, जिसके जरिए बैंक खाते की जानकारी दिए बिना ही पैसे किसी अन्य व्यक्ति को भेजे जा सकते थे।

 

SBI mCASH क्या है?

mCASH सेवा की खासियत यह थी कि YONO Lite ऐप के जरिए, किसी भी व्यक्ति को मोबाइल नंबर या ईमेल आईडी का उपयोग करके पैसा भेजा जा सकता था। इसके लिए ग्राहक को किसी खास लाभार्थी के लिए mCASH बनाना पड़ता था, जो “Fund Transfer” मेनू में उपलब्ध लिंक के जरिए किया जाता था। इस सेवा का एक छोटा शुल्क भी था, जो प्रति लेनदेन 2.50 रुपये था। mCASH सुविधा उन लोगों के लिए उपयोगी थी जो बैंक खाता विवरण साझा किए बिना पैसे ट्रांसफर करना चाहते थे।

 

SBI mCASH बंद करने का कारण

बैंक ने बताया कि mCASH अब एक पुरानी और आउटडेटेड तकनीक बन चुकी है। आजकल छोटे और त्वरित धन हस्तांतरण के लिए UPI और IMPS ज्यादा लोकप्रिय और तेज़ विकल्प बन गए हैं।

➤ UPI: सेकंडों में पैसा ट्रांसफर

➤ IMPS: 24×7 त्वरित ट्रांसफर

➤ NEFT/RTGS: बड़े और सुरक्षित लेनदेन

इन आधुनिक विकल्पों की वजह से mCASH की जरूरत धीरे-धीरे कम हो गई। इसीलिए SBI ने यह सुविधा बंद करने का फैसला किया है।

 

ग्राहकों के लिए सुझाव

➤ 30 नवंबर 2025 के बाद mCASH का उपयोग बंद हो जाएगा।

➤ पैसे भेजने के लिए अब UPI, IMPS, NEFT और RTGS जैसे वैकल्पिक माध्यमों का इस्तेमाल करें।

➤ YONO Lite और ऑनलाइन SBI ऐप अपडेट कर लें, ताकि नए फंड ट्रांसफर विकल्प उपलब्ध हों।

दिल्ली कार ब्लास्ट मामले में नया खुलासा, घटना को अंजाम देने में मदद करने वाला मुख्य आरोपी गिरफ्तार

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नेशनल डेस्क: दिल्ली में हुए रेड फोर्ट कार ब्लास्ट मामले में एनआईए को बड़ी सफलता हाथ लगी है। जांच एजेंसी ने आत्मघाती हमलावर के सहयोगी आमिर राशिद अली को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। आमिर, जो जम्मू-कश्मीर के पंपोर स्थित सांबोरा का निवासी है, कथित मास्टरमाइंड और आत्मघाती हमलावर उमर उन नबी के साथ मिलकर इस हमले की साजिश रचने में शामिल था। जांच में पता चला है कि विस्फोट में प्रयोग की गई कार आमिर के नाम पर ही रजिस्टर्ड थी।

हमले में शामिल उमर उन नबी, अल-फलाह यूनिवर्सिटी (फरीदाबाद) में असिस्टेंट प्रोफेसर था। एनआईए ने नबी की एक अन्य गाड़ी भी जब्त की है, जिसका फोरेंसिक परीक्षण जारी है। 10 नवंबर को हुए इस भीषण धमाके में 10 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 25 लोग घायल हुए थे।

एनआईए अब तक 73 गवाहों से पूछताछ कर चुकी है और जांच दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, हरियाणा और उत्तर प्रदेश पुलिस के सहयोग से कई राज्यों में तेज़ी से आगे बढ़ रही है। एजेंसी को शक है कि इस हमले के पीछे एक बड़ी साजिश रची गई थी, जिसकी परतें अब धीरे-धीरे खुल रही हैं।

एनआईए द्वारा जारी बयान के अनुसार, आमिर दिल्ली इसलिए आया था ताकि वह उमर उन नबी को उस कार की खरीद में मदद कर सके, जिसका उपयोग आगे चलकर वाहन-जनित आईईडी डिवाइस (VBIED) के रूप में किया गया। फोरेंसिक जांच से यह भी साबित हुआ है कि विस्फोट में मारा गया आईईडी लादे वाहन का चालक खुद उमर उन नबी ही था।

जांच एजेंसी ने नबी से जुड़े दूसरे वाहन को भी विस्तृत साक्ष्य के लिए जब्त किया है। धमाके में घायल लोगों सहित दर्जनों गवाहों से पूछताछ की जा रही है, ताकि इस पूरी साजिश का नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा सके। दिल्ली पुलिस, जम्मू-कश्मीर पुलिस, हरियाणा पुलिस, यूपी पुलिस और कई केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर एनआईए अब इस बड़े आतंकी षड्यंत्र के हर पहलू की तह तक पहुंचने में जुटी है।

 

 

Sheikh Hasina First Statement: फांसी मिलने के बाद शेख हसीना का पहला बयान आया सामने

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नेशनल डेस्क। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख को फांसी मिलने के बाद पहला बयान सामने आया है। शेख हसीना ने जुलाई-अगस्त 2025 की हिंसा के दौरान मानवाधिकार उल्लंघन के आरोपों पर चुप्पी तोड़ते हुए कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया और अंतरिम सरकार को चुनौती दी कि वे इन मामलों को हेग स्थित अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायालय (ICC) तक ले जाए।

हिंसा को बताया त्रासदी, सरकार का बचाव

शेख हसीना ने कहा कि जुलाई-अगस्त 2025 में देश में हुई हिंसा एक त्रासदी थी। उन्होंने अपनी सरकार का बचाव करते हुए कहा कि उनकी सरकार का मूल उद्देश्य स्थिति को शांत करना था न कि किसी भी तरह से नागरिकों पर हमला करना। उन्होंने बताया कि 18 जुलाई 2024 को उनकी सरकार ने एक उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की अध्यक्षता में हिंसा की जांच के लिए एक समिति बनाई थी लेकिन यूनुस सरकार ने सत्ता में आते ही इस जांच को तुरंत बंद करा दिया। इस जांच में हिंसा में शामिल अराजक तत्वों की भूमिका की पड़ताल भी होनी थी।

अविश्वासनीय साक्ष्य और बदले की राजनीति

हसीना ने अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (ICT) के अभियोजकों द्वारा उनके खिलाफ इस्तेमाल किए जा रहे सबूतों पर भी सवाल उठाए।उन्होंने दावा किया कि ICT के अभियोजकों के पास उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं है। उन्होंने कहा कि जो भी सबूत पेश किए जा रहे हैं वे अधूरे, संदर्भ से बाहर या अविश्वसनीय हैं। हसीना ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि ICT का मूल उद्देश्य 1971 के युद्ध अपराधियों को सज़ा देना था लेकिन आज इसका उपयोग राजनीतिक बदले की कार्रवाई के लिए किया जा रहा है।

 

ICC जाने की खुली चुनौती

 

शेख हसीना ने अंतरिम सरकार को सीधे चुनौती देते हुए कहा कि अगर उनके आरोपों में सच्चाई है तो वे उन्हें हेग स्थित अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायालय (ICC) ले जाएं। उन्होंने दावा किया कि अंतरिम सरकार ऐसा इसलिए नहीं करेगी क्योंकि:

बरी होने का दावा: ICC उन्हें (हसीना को) बरी कर देगा।

अंतरिम सरकार की जांच: इसके साथ ही ICC अंतरिम सरकार के मानवाधिकार उल्लंघनों की भी जांच शुरू कर सकता है।

जनता दर्शन में गूंजी मां की फरियाद, CM योगी ने मिनटों में दिलाया 7 महीने के बच्चे को उपचार

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Lucknow News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जनता दर्शन कार्यक्रम में सोमवार को इंसानी संवेदना का उदाहरण देखने को मिला। लखनऊ के ऐशबाग स्थित राजेंद्र नगर की एक महिला ने अपने सात माह के बच्चे के गंभीर हृदय रोग के उपचार के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लगाई। बच्चे के जन्म से ही हृदय संबंधी जटिल समस्या है और निजी अस्पतालों में इलाज का खर्च परिवार की पहुंच से बाहर था। महिला की व्यथा सुनते ही मुख्यमंत्री ने बिना देरी स्वास्थ्य विभाग को निर्देश देते हुए कहा कि “बच्चे के इलाज में एक क्षण की भी देरी न हो।”

मौके पर एंबुलेंस, सीधा KGMU रेफर- तुरंत शुरू हुआ इलाज
मुख्यमंत्री के आदेश मिलते ही अधिकारियों ने मौके पर एंबुलेंस उपलब्ध कराई और बच्चे को तुरंत किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी भेजा गया। सीएमओ कार्यालय ने अस्पताल प्रशासन को तत्काल उपचार शुरू करने के निर्देश दिए। केजीएमयू पहुंचने के बाद बाल हृदय रोग विशेषज्ञों की टीम ने बच्चे की जांच की और उसकी मेडिकल हिस्ट्री के आधार पर आगे की उपचार योजना बनानी शुरू की। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्देशों के बाद मामले को “टॉप प्रायोरिटी” पर लिया गया है।

किराए पर रहने वाला परिवार…सीमित आय, बढ़ता खर्च
महिला ने बताया कि परिवार किराए के मकान में रहता है और सीमित आय के चलते इलाज का खर्च वहन करना मुश्किल हो गया था। निजी अस्पतालों में दिखाने पर भारी राशि का अनुमान बताया गया, जिसके बाद वह सरकारी मदद की उम्मीद में जनता दर्शन कार्यक्रम तक पहुंची। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि इलाज से संबंधित कागज़ी औपचारिकताओं को बाद में पूरा किया जाए और पहले बच्चे की जान बचाना प्राथमिकता हो।

जनता दर्शन में 60 से अधिक लोग पहुंचे थे अपनी समस्याएं लेकर
सोमवार को आयोजित जनता दर्शन में प्रदेश के विभिन्न जिलों से 60 से अधिक फरियादी पहुंचे। ज्यादातर शिकायतें भूमि विवाद, पुलिस कार्यवाही, विभागीय देरी, स्वास्थ्य उपचार और सामाजिक योजनाओं में आने वाली बाधाओं से जुड़ी थीं। सीएम योगी ने स्वयं प्रत्येक फरियादी के पास जाकर उनके दस्तावेज़ देखे और अधिकारियों को निर्देश दिया कि “अनावश्यक देरी न हो, हर प्रकरण समयबद्ध तरीके से निस्तारित किया जाए।”

अर्धसैनिक बल के जवान की भी सुनी समस्या, अवैध कब्जा हटाने के निर्देश
जनता दर्शन में बुलंदशहर के एक अर्धसैनिक बल के जवान ने अपनी जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत रखी। ड्यूटी पर होने के कारण वह मामले की नियमित पैरवी नहीं कर पा रहे थे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को तुरंत जांच कर कार्रवाई करने को कहा और जवान से कहा- “आप अपनी ड्यूटी पर ध्यान दें, परिवार और संपत्ति की सुरक्षा की जिम्मेदारी सरकार की है।” सीएम ने स्वास्थ्य व सामाजिक योजनाओं से जुड़े मामलों को संवेदनशीलता के साथ निपटाने पर जोर दिया और निर्देश दिए कि पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ बिना बाधा मिलना चाहिए।

कुर्ता फटा, पगड़ी गिरी, तो किसी को कॉलर पकड़कर खींचा… बांके बिहारी मंदिर में धीरेंद्र शास्त्री के साथ पहुंचे धर्माचार्यों संग पुलिस ने की अभद्रता, वीडियो वायरल

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Mathura News: वृंदावन के प्रसिद्ध ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में सोमवार को उस समय हंगामा मच गया जब बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के साथ दर्शन करने पहुंचे कई धर्माचार्यों और सेवायतों के साथ पुलिसकर्मियों ने अभद्र व्यवहार किया। भीड़ को नियंत्रित करने के दौरान पुलिस और धर्माचार्यों के बीच तीखी झड़प हो गई, जिसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो उठी।

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किसी का कुर्ता फटा, किसी की पगड़ी गिरी… मौके पर अफरा-तफरी
घटना के दौरान कई धर्माचार्यों का संतुलन बिगड़ गया। आचार्य मृदुलकांत शास्त्री का कुर्ता फट गया, कुछ धर्माचार्यों की पगड़ी जमीन पर गिर गई, और मंदिर के सेवायत को पुलिसकर्मियों ने कथित तौर पर कॉलर पकड़कर धक्का देने की कोशिश की। अचानक हुई खींचतान से मंदिर परिसर में अफरा-तफरी मच गई। धर्माचार्यों ने इस व्यवहार पर कड़ा रोष व्यक्त करते हुए पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए।

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धीरेंद्र शास्त्री की मौजूदगी में बढ़ा तनाव
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री मंदिर परिसर में मौजूद थे, और उनके चारों ओर श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या भी पहुंच गई थी। बढ़ती भीड़ को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा घेरा बनाने का प्रयास किया, लेकिन इसी दौरान धर्माचार्यों और पुलिस के बीच टकराव हो गया, जिसके परिणामस्वरूप माहौल और गर्मा गया। मंदिर के अंदर धक्का-मुक्की, मारपीट जैसी स्थितियाँ उत्पन्न हो गईं। कई वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें पुलिस और धर्माचार्यों के बीच हुई कहासुनी और धक्का-मुक्की साफ दिखाई दे रही है।

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धर्माचार्यों का पुलिस पर आरोप-  “अनुचित व्यवहार”
धर्माचार्यों का आरोप है कि पुलिस ने बिना आवश्यकता के बल प्रयोग किया और मंदिर परंपराओं का सम्मान नहीं किया। उन्होंने कहा कि मंदिर परिसर में मौजूद संतों और सेवायतों के साथ इस प्रकार का व्यवहार अस्वीकार्य है। वहीं, पुलिस प्रशासन की ओर से घटना पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

रामपुर जेल पहुंचे आजम और अब्दुल्ला खान, पैन कार्ड मामले में 7 साल की सजा

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Azam khan News: एमपी-एमएलए कोर्ट के फैसले के बाद आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम आजम जिला जेल पहुंच गए हैं। आज ही कोर्ट ने पैन कार्ड के मामले में 7 साल की सजा सुनाई है।

आपको बता दें कि आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान पर आरोप है कि उन्होंने चुनाव लड़ने के नियम का उल्लंघन किया। आरोप है कि जिस समय उन्होंने विधायकी का चुनाव लड़ा, उनकी उम्र नियम के अनुसार कम थी। ऐसे में अब्दुल्ला खान ने दूसरा पैन कार्ड बनवा लिया और उसमें अपनी उम्र ज्यादा दिखा दी।  इसके बाद अब्दुल्ला आजम खान ने विधानसभा का चुनाव लड़ा।

मिली जानकारी के अनुसार, आजम के बेटे अब्दुल्ला के  एक पैनकार्ड में जन्मतिथि पहली जनवरी 1993 है जबकि, दूसरे में जन्मतिथि 30 सितंबर 1990 दर्ज है. पुलिस ने मामला दर्ज किया और अब्दुल्ला के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिए थे। पैन कार्ड मामले में आजम खां भी आरोपी थे।

गौलतलब है कि 2019 में भाजपा विधायक आकाश सक्सेना ने छह साल पहले सिविल लाइंस कोतवाली में आजम खान और अब्दुल्ला के खिलाफ FIR दर्ज कराई थी। जो मामला MP –MLA कोर्ट में चल रहा था और आज यानी की सोमवार को फैसला आया है और दोनों को सात साल सजा सुनाई गई है।

लालू के दरवाजे पर रोते थे फूट-फूटकर, तेजस्वी को ले डूबा इसी नेता का ‘श्राप’- VIDEO VIRAL

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नेशनल डेस्क: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों ने राजद (RJD) के लिए भारी झटका दिया है। 18 नवंबर को मुख्यमंत्री पद का दावा करने वाले तेजस्वी यादव की पार्टी केवल 25 सीटों तक सीमित रह गई। इस हार ने एक पुराने बयान को फिर से सुर्खियों में ला दिया है। वह बयान किसी और का नहीं बल्कि राजद के वरिष्ठ नेता मदन प्रसाद का है, जिनका टिकट कटने के बाद उन्होंने पार्टी के भविष्य को लेकर चेतावनी दी थी।

मदन प्रसाद मधुबन विधानसभा क्षेत्र से लंबे समय तक पार्टी के लिए सक्रिय रहे हैं। टिकट कटने के बाद वह रो-रोकर भावुक हो गए थे और पटना में लालू यादव के घर के बाहर जमीन पर बैठकर अपने आक्रोश और निराशा का इजहार किया। उस समय उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा था कि इस तरह की अंदरूनी कलह और गलत प्रबंधन से पार्टी केवल 25 सीटों तक सिमट जाएगी। आज जब चुनाव नतीजे सामने हैं, तो उनकी भविष्यवाणी सटीक साबित हुई।

मदन प्रसाद ने तेजस्वी यादव पर भी सीधे आरोप लगाए। उनका कहना है कि नेता घमंडी हैं और आम जनता से जुड़ने की बजाय सिर्फ टिकट वितरण और पार्टी के अंदरूनी मामलों में उलझे हुए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी को कुछ ऐसे लोगों से साफ करना होगा, जो इसे कमजोर कर रहे हैं, तभी ही राजद को लाभ मिलेगा।

मदन प्रसाद ने आगे कहा, “2020 में लालू जी ने मुझे बुलाया और तेली समुदाय की जनसंख्या का सर्वेक्षण करवाया था। मुझे विश्वास दिलाया गया कि मधुबन विधानसभा क्षेत्र से जीत संभव है। मैंने हमेशा पार्टी के लिए मेहनत की, अपनी जमीन तक बेच दी। लेकिन पार्टी के भीतर कुछ गलत निर्णयों और कुछ लोगों के एजेंटी के कारण ही हम इस नतीजे पर पहुंचे।”

उनके इस बयान ने न सिर्फ पार्टी के अंदरूनी मतभेदों को उजागर किया है, बल्कि तेजस्वी यादव के नेतृत्व पर सवाल भी खड़े किए हैं। मदन प्रसाद ने कहा कि हार दुखद जरूर है, लेकिन भगवान का काम हमेशा अच्छे के लिए ही होता है।