Monday, May 25, 2026
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यूपी: तीन दिन के प्रवास पर अचानक लखनऊ पहुंचे संघ प्रमुख, तेज हुई सरगर्मी; हो सकती हैं कई अहम बैठकें

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प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा की तैयारियों के बीच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत भी रविवार को लखनऊ पहुंच गए हैं। वह तीन दिनों पर राजधानी में ही प्रवास करेंगे। वह पूर्वी क्षेत्र के प्रशिक्षण वर्ग में शामिल होने आए हैं, लेकिन उनके इस प्रवास को प्रदेश सियासी तौर पर काफी अहम माना जा रहा है। संघ प्रमुख के इस प्रवास को भले ही विशुद्ध रूप से संघ के कार्यक्रम से जुड़ा बताया जा रहा है, लेकिन भागवत की इस यात्रा ने प्रदेश की सियासी सरगर्मी को बढ़ा दिया है।

दरअसल संघ देशभर में अपनी स्थापना का शताब्दी वर्ष मना रहा है। इसके तहत संघ की ओर से विभिन्न अभियान चलाए जा रहे हैं। वहीं, यूपी में संघ का प्रशिक्षण वर्ग भी चल रहा है। संघ प्रमुख विभिन्न प्रदेशों में प्रशिक्षण वर्ग में क्षेत्रवार शामिल हो रहे हैं। इसी कड़ी में संघ प्रमुख राजधानी में आयोजित अवध, गोरक्ष, काशी और कानपुर प्रांत के स्वयंसेवकों का प्रशिक्षण वर्ग में शामिल होने मोहन भागवत रविवार को निराला नगर स्थित सरस्वती शिशु मंदिर पहुंचे। वह अगले तीन दिनों तक वह राजधानी में रहेंगे। इस दौरान भागवत प्रशिक्षण वर्ग में बौद्धिक निर्देशन के साथ ही संघ के शताब्दी वर्ष और विभिन्न अभियानों की समीक्षा करेंगे।

सूत्रों के मुताबिक भागवत संघ की कई अहम बैठकें लेंगे। संघ के पूर्वी क्षेत्र के पदाधिकारियों के साथ बैठकों में वह शताब्दी वर्ष के तहत चल रहे गृह संपर्क अभियान, हिंदू सम्मेलनों सहित विभिन्न अभियानों के अलावा शाखा विस्तार पर चर्चा करेंगे। इनमें वह आगे चलने वाले अभियानों और कार्यक्रमों के संबंध में भी निर्देश देंगे। सूत्रों के मुताबिक इस दौरान संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ ही भाजपा के प्रमुख पदाधिकारियों, सरकार के प्रतिनिधियों और मुख्यमंत्री से भी उनकी मुलाकात हो सकती है। सरकार के कामकाज और विधान सभा चुनाव तैयारियों का भी वह जायजा लेंगे।

DU की छात्रा से दरिंदगी: लखनऊ में चार दिन तक बंधक बनाकर दुष्कर्म, दिल्ली जाते समय दोस्त ने ट्रेन से उतारा

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दिल्ली विश्वविद्यालय के कॉलेज से स्नातक कर रही छात्रा के साथ लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी इलाके में चार दिन तक बंधक बनाकर सामूहिक दुष्कर्म किया गया। छात्रा ने दिल्ली के आनंद विहार थाने में एफआईआर दर्ज कराई। मामला लखनऊ से जुड़ा होने के कारण 22 मई को सुशांत गोल्फ सिटी स्थानांतरित किया गया।

छात्रा कॉलेज में छुट्टी होने पर एक मई को जौनपुर स्थित अपने घर गई थी। परीक्षा का एडमिट कार्ड लेने के लिए वह 15 मई को सुहेलदेव एक्सप्रेस से दिल्ली लौट रही थी। रास्ते में पुराने दोस्त जौनपुर के जलालपुर के बहरीपुर निवासी शिवम यादव ने मेसेज कर चारबाग स्टेशन पर मिलने के लिए कहा। चारबाग पहुंचने पर शिवम और सनी यादव ने उसे ट्रेन से उतार लिया। बहाने से सुशांत गोल्फ सिटी स्थित फ्लैट पर ले गए। वहां शिवम ने नशीला पदार्थ मिलाकर कोल्ड कॉफी पिलाने के बाद  दुष्कर्म किया। 16 मई को सनी ने भी गलत काम किया। इससे उसकी तबीयत बिगड़ गई। शिवम ने दवा दी, लेकिन छात्रा ने मना कर दिया।

छात्रा के अनुसार 17 मई को शिवम का तीसरा दोस्त फ्लैट पहुंचा। तीनों ने गलत काम किया। तीनों आरोपी चार दिन तक बंधक बनाकर उसका शोषण करते रहे। वे बाहर जाते समय फ्लैट को बाहर से बंद कर देते थे। आरोपियों ने शोर न मचाने की धमकी भी दी थी।
चार दिन बाद ट्रेन में बैठा भाग निकले आरोपी 
18 मई को आरोपी छात्रा को चारबाग स्टेशन पर सुहेलदेव एक्सप्रेस में बैठाकर भाग गए। बरेली पहुंचने पर छात्रा ने पिता को कॉल कर घटना की जानकारी दी। 20 मई को छात्रा ने दिल्ली के आनंद विहार थाने में एफआईआर दर्ज कराई। एसीपी गोसाईंगंज ऋषभ यादव ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चार टीमें गठित की गई हैं।

UP के स्कूलों का बदलेगा चेहरा, AI-रोबोटिक्स की होगी एंट्री, योगी सरकार बनाएगी 600 हाईटेक ‘ड्रीम लैब्स’

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लखनऊ : उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों के कम से कम 600 सरकारी स्कूलों में ‘ड्रीम लैब’ स्थापित की जाएंगी, जहां कक्षा नौ से 12 तक के विद्यार्थियों को कृत्रिम मेधा (एआई), रोबोटिक्स, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) और थ्री-डी प्रिंटिंग जैसी आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस पहल के तहत समग्र शिक्षा (माध्यमिक), माध्यमिक शिक्षा विभाग और नेल्को लिमिटेड (टाटा एंटरप्राइज) सहित अन्य औद्योगिक समूहों के बीच शनिवार को यहां एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।

बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने कहा, “यह समझौता केवल एक परियोजना नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के युवाओं के भविष्य में निवेश है। तेजी से बदलती औद्योगिक आवश्यकताओं को देखते हुए छात्रों को इंडस्ट्री 4.0 आधारित कौशल से लैस करना समय की मांग है।” स्कूल शिक्षा महानिदेशक मोनिका रानी ने कहा कि ‘ड्रीम लैब’ इस दिशा में एक सशक्त माध्यम बनेंगी, जहां छात्रों को पारंपरिक शिक्षा के साथ-साथ व्यावहारिक और रोजगारोन्मुखी कौशल भी प्राप्त होंगे। उन्होंने ‘हब एंड स्पोक’ मॉडल के प्रभावी संचालन, मशीनों की स्थापना, प्रशिक्षकों की गुणवत्ता, छात्रों की नियमित उपस्थिति और परिणाम आधारित निगरानी पर विशेष जोर दिया।

उन्होंने कहा, “जैसे मजबूत शुरुआत महत्वपूर्ण है, वैसे ही इसे सफल क्रियान्वयन तक पहुंचाना भी आवश्यक है, खासकर आकांक्षी जिलों में।” इन लैब को आधुनिक नवाचार और कौशल विकास केंद्रों के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां कक्षा नौ से 12 तक के विद्यार्थियों को कृत्रिम मेधा (एआई), रोबोटिक्स, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी), थ्री-डी प्रिंटिंग, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, बैटरी चालित इलेक्ट्रिक वाहन, इलेक्ट्रॉनिक्स, कृषि विज्ञान, अक्षय ऊर्जा, ड्रोन प्रौद्योगिकी और डिजाइन थिंकिंग जैसी उन्नत तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वेलनेस डेस्टिनेशन के रूप में विकसित होगा उत्तर प्रदेश : मुख्यमंत्री

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नेशनल डेस्क : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को आयुष विभाग की समीक्षा बैठक में प्रदेश में ‘आयुष हेल्थ एंड वेलनेस नीति-2026’ को लागू करने की दिशा में प्रभावी कार्यवाही करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश को केवल उपचार आधारित व्यवस्था तक सीमित न रखते हुए आयुष, योग, पंचकर्म, प्राकृतिक चिकित्सा और वेलनेस सेवाओं के समन्वय से राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक प्रमुख वेलनेस डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जाए। उन्होंने कहा कि आयुष सेवाओं को आधुनिक प्रबंधन, गुणवत्ता मानकों और पर्यटन से जोड़ते हुए ऐसा मॉडल तैयार किया जाना चाहिए, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं के साथ रोजगार और निवेश को भी नई गति मिले।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत, आयुर्वेद एवं योग की परंपरा तथा धार्मिक पर्यटन सर्किट को आयुष वेलनेस सेक्टर से जोड़ा जाए। वाराणसी, अयोध्या और मथुरा जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों के आसपास वेलनेस और हीलिंग आधारित पर्यटन विकसित किए जाने की व्यापक संभावनाएं हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि आयुष संस्थानों को उपचार केंद्रों के साथ-साथ वेलनेस, प्रशिक्षण, अनुसंधान और रोजगार सृजन के केंद्र के रूप में विकसित किया जाए।

बैठक में बताया गया कि प्रदेश में वर्तमान में 3,953 आयुष स्वास्थ्य इकाइयां, 1,034 आयुष्मान आरोग्य मंदिर, 225 योग वेलनेस सेंटर और 19 आयुष चिकित्सा महाविद्यालय संचालित हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि आयुष सेवाओं का विस्तार गुणवत्तापूर्ण और मानकीकृत स्वरूप में किया जाए। इसके लिए पीपीपी मॉडल के माध्यम से आधुनिक आयुष वेलनेस सेंटर, 100 शैय्या वाले एकीकृत आयुष चिकित्सा एवं प्रशिक्षण केंद्र तथा आयुष कॉलेजों के उन्नयन की दिशा में चरणबद्ध कार्रवाई की जाए।

बैठक में प्रस्तावित नीति के विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा हुई। नीति के अंतर्गत एकीकृत सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, आयुष वेलनेस एवं चिकित्सा केंद्र, प्रशिक्षण युक्त एकीकृत संस्थान तथा आयुष कॉलेज आधारित मॉडल विकसित किए जाने का प्रस्ताव है। इन केंद्रों में पंचकर्म, योग, प्राकृतिक चिकित्सा, डिजिटल हेल्थ सेवाएं तथा अनुसंधान एवं नवाचार गतिविधियों को भी शामिल किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष आधारित वेलनेस इकोनॉमी को बढ़ावा देने के लिए निजी क्षेत्र की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने निवेशकों को एकल खिड़की प्रणाली के माध्यम से त्वरित स्वीकृतियां उपलब्ध कराने तथा परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए स्पष्ट समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि प्रस्तावित नीति में निवेश आधारित सब्सिडी, संचालन संबंधी प्रोत्साहन, ब्याज सब्सिडी, स्टाम्प ड्यूटी में छूट तथा रोजगार सृजन आधारित प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है। आयुष शोध, नवाचार तथा पर्यावरण अनुकूल परियोजनाओं के लिए भी विशेष प्रोत्साहन प्रस्तावित हैं।

मुख्यमंत्री ने मीरजापुर, गोंडा, मेरठ, आगरा एवं बस्ती मंडलों में एकीकृत आयुष महाविद्यालयों की स्थापना की दिशा में तेजी से कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन संस्थानों को आधुनिक आयुष चिकित्सा, प्रशिक्षण और अनुसंधान के उत्कृष्ट केंद्रों के रूप में विकसित किया जाए।

विभागीय कार्यों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने आयुष चिकित्सा संस्थानों में ओपीडी सेवाओं को बेहतर बनाने, दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा पंचकर्म जैसी पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आयुष सेवाओं को जनविश्वास और गुणवत्ता से जोड़ते हुए मरीजों को बेहतर उपचार एवं वेलनेस सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

मुख्यमंत्री ने महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय, गोरखपुर में शोध एवं नवाचार गतिविधियों को गति देने पर बल दिया। उन्होंने विश्वविद्यालय में स्थायी फैकल्टी की नियुक्ति प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने तथा आयुष की पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के क्षेत्र में विश्वविद्यालय को उत्कृष्टता केंद्र के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए।

कर्नाटक में दर्दनाक हादसा, नदी में डूबने से 8 की मौत, PM मोदी ने मुआवजे का किया ऐलान

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नेशनल डेस्कः कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ जिले से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। रविवार को यहां एक नदी में नहाने गए कई लोग पानी के तेज बहाव की चपेट में आ गए, जिससे 8 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई,। इस हादसे की खबर मिलते ही पूरे इलाके में मातम पसर गया है।

भटकल के पास हुआ हादसा, मरने वालों में 7 महिलाएं
पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह दर्दनाक घटना भटकल के पास थट्टे हक्कलु नदी में हुई। बताया जा रहा है कि लोग नदी में नहा रहे थे, तभी अचानक पानी के बहाव में बह गए। मरने वालों में 7 महिलाएं शामिल हैं। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय अधिकारियों और आपातकालीन टीमों ने मौके पर पहुंचकर बड़े पैमाने पर तलाशी और बचाव अभियान शुरू कर दिया है।

बढ़ सकता है मौत का आंकड़ा
रेस्क्यू टीम से जुड़े लोगों का कहना है कि वे लगातार नदी में लापता लोगों की तलाश कर रहे हैं। अधिकारियों ने आशंका जताई है कि मरने वालों की संख्या अभी और बढ़ सकती है, क्योंकि कई लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने जताया शोक, आर्थिक मदद की घोषणा

इस भीषण हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख व्यक्त किया है। पीएमओ के ‘एक्स’ हैंडल पर जारी एक पोस्ट में उन्होंने कहा कि कर्नाटक के कारवार जिले में हुई इस दुखद घटना से उन्हें गहरा सदमा लगा है। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना की।

प्रधानमंत्री ने राहत राशि का ऐलान करते हुए कहा कि प्रत्येक मृतक के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से 2 लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।

’12 साल की सरकार का हिसाब कौन देगा?’… पेट्रोल-डीजल पर अखिलेश का BJP पर वार, 2027 के लिए रखा 100% सीटों का लक्ष्य

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Lucknow News: समाजवादी पार्टी (SP) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पार्टी कार्यकर्ताओं के सामने उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव में शत-प्रतिशत सीट जीतने का लक्ष्य रखते हुए पीडीए (पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग) को जीत की गारंटी बताया। यादव ने सपा प्रदेश मुख्यालय पर विभिन्न जिलों से आए हुए नेताओं और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि साल 2022 में सपा सरकार बनाने से चूक गई थी और 2027 के विधानसभा चुनाव में कोई कसर नहीं छोड़नी है। उन्होंने कहा कि जनता समाजवादी पार्टी के साथ है। समाजवादी पार्टी का लक्ष्य शत प्रतिशत सीटें जीतने का है। इस बार उत्तर प्रदेश से भाजपा का पूरा सफाया करना है। पीडीए जीत की गारंटी है।

महंगाई और अर्थव्यवस्था पर सवाल, भाजपा सरकार को बताया बेईमान
यादव ने सवाल किया कि रोज-रोज, पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाने का क्या अर्थ है? अर्थव्यवस्था अनियंत्रित क्यों हो गई? 12 वर्ष की सरकार के हिसाब की जवाबदेही किसकी है? सपा प्रमुख ने उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार पर पीडीए (पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग) समाज के साथ सबसे ज्यादा अन्याय करने का आरोप लगाते हुए कहा कि लोक कल्याणकारी राज्य का नेतृत्व ईमानदार होना चाहिए, जिसका भाजपा में नितांत अभाव है।

महंगाई का एक और बड़ा झटका: 10 दिनों में चौथी बार बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम, दिल्ली में ₹102 के पार हुआ पेट्रोल

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Petrol Price Hike: आम आदमी की जेब पर महंगाई की मार कम होने का नाम नहीं ले रही है। तेल कंपनियों ने एक बार फिर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तगड़ा इजाफा कर दिया है। चौंकाने वाली बात यह है कि पिछले महज 10 दिनों के भीतर यह चौथी बार है जब फ्यूल प्राइस बढ़ाए गए हैं। ताजा बढ़ोतरी के बाद पेट्रोल के दाम में 2.61 रुपए और डीजल में 2.71 रुपए प्रति लीटर की तेजी आई है। इस बढ़ोतरी के बाद देश की राजधानी दिल्ली में अब एक लीटर पेट्रोल के लिए 102.12 रुपए और डीजल के लिए 95.20 रुपए चुकाने होंगे।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक सोमवार, 25 मई की सुबह 6 बजे से तेल की नई दरें लागू हो चुकी हैं। इस बढ़ोतरी का सीधा असर देश के चारों महानगरों (दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई) में देखने को मिल रहा है, जिससे आने वाले दिनों में मालभाड़ा बढ़ने और आम जरूरत की चीजें और महंगी होने की आशंका गहरा गई है।

देश के प्रमुख शहरों में आज से लागू हुए नए दाम इस प्रकार हैं:

महानगरों में पेट्रोल की नई कीमतें (प्रति लीटर):
– दिल्ली: ₹102.12 (₹2.61 की बढ़ोतरी)

ट्रांसफॉर्मर ठीक करते हुए लाइनमैन के लगा करंट, मौके पर ही हुई मौत

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नेशनल डेस्क : कन्नौज जिले के गुरसहायगंज क्षेत्र में स्थित एक बिजली घर में एक ट्रांसफॉर्मर की मरम्मत करते समय करंट लगने से बिजली विभाग के एक संविदाकर्मी की मौत हो गई। इस घटना से नाराज परिजन और अन्य लोगों ने सड़क मार्ग अवरुद्ध कर प्रदर्शन किया। अधिकारियों ने बताया कि यह घटना रविवार अपराह्न करीब तीन बजे हुई।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि शिवसागर (35) नामक लाइनमैन गुरसहायगंज क्षेत्र में स्थित एक बिजली घर में लगे ट्रांसफार्मर की मरम्मत कर रहा था, तभी जोरदार करंट लगने से उसकी मौत हो गई। सूत्रों ने बताया कि घटना की सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शन कर रहे लोगों को कार्यवाही का आश्वासन देकर शांत कराया। उप जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार द्विवेदी ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाया गया है।

गंगा में बहे अमरोहा के युवक का शव ऋषिकेश में मिला, एक अन्य की तलाश जारी

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नेशनल डेस्क : उत्तर प्रदेश के अमरोहा के दो युवकों के ऋषिकेश में एक प्रतिबंधित तट पर फोटो खिंचवाने के दौरान गंगा नदी में बह जाने के तीन दिन बाद राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) और पुलिस की टीम ने रविवार देर शाम शहर के साधु समाज घाट के पास एक शव बरामद किया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

मोहम्मद कैफ (19) और उसका मित्र मोहम्मद फैजान (25) बृहस्पतिवार को लक्ष्मण झूला क्षेत्र के एक प्रतिबंधित तट पर गंगा में बह जाने के बाद लापता हो गए थे। अधिकारियों ने बताया कि कैफ का शव रविवार शाम बरामद कर लिया गया, जबकि फैजान की तलाश अब भी जारी है। उन्होंने कहा कि आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद शव को स्थानीय पुलिस को सौंप दिया गया है।

आदिवासी समाज बचेगा तो सनातन धर्म बचेगा: वनवासी कल्याण आश्रम प्रमुख

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नई दिल्लीः राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से संबद्ध अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के राष्ट्रीय अध्यक्ष सत्येंद्र सिंह ने रविवार को दिल्ली में आयोजित आदिवासी सांस्कृतिक सम्मेलन को ”आदिवासी समाज का कुंभ” बताया और कहा कि सनातन धर्म की रक्षा के लिए आदिवासियों का अस्तित्व आवश्यक है।

आदिवासियों के आदर्श बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के अवसर पर लालकिला मैदान में आयोजित ‘जनजाति सांस्कृतिक समागम’ को संबोधित करते हुए सिंह ने कहा कि आदिवासी संस्कृति भारत की आत्मा का प्रतिनिधित्व करती है। सिंह ने आदिवासी पहचान को संरक्षित करने के महत्व पर जोर दिया।

उन्होंने कहा, ”यदि आदिवासी समाज जीवित रहेगा तो सनातन धर्म जीवित रहेगा। यदि आदिवासी संस्कृति जीवित रहेगी तो भारत की संस्कृति जीवित रहेगी।” सिंह ने कहा, ”आदिवासी समुदाय सनातन संस्कृति और सभ्यता का संरक्षक एवं वाहक है।”

उन्होंने आदिवासियों के ईसाई धर्म तथा अन्य धर्मों में मतांतरण का मुद्दा भी उठाया और कहा कि इससे न केवल आदिवासी संस्कृति नष्ट हो रही है बल्कि समुदाय के संवैधानिक अधिकारों पर भी असर पड़ रहा है। सिंह ने कहा, ”सरकार को मिलकर इस मुद्दे का समाधान निकालना चाहिए। अनुसूचित जनजातियों को उनके अधिकार और लाभ मिलने चाहिए।”