Saturday, February 21, 2026
Home Blog Page 153

बंथरा में दो पक्षों के बीच मारपीट

0

लखनऊ-बंथरा में दो पक्षों के बीच मारपीट का मामला, घटना में शामिल 7 लोगों की हुई गिरफ्तारी, मौके पर पहुंची पुलिस से भी की थी मारपीट, दरोगा श्याम मिश्रा ने कराई थी FIR दर्ज, कई नामजद समेत 40-50 अज्ञात लोगों पर FIR

यूपी कैबिनेट की कल होगी अहम बैठक,

0

लखनऊ-यूपी कैबिनेट की कल होगी अहम बैठक, CM योगी की अध्यक्षता में होगी कैबिनेट मीटिंग, कल 12 बजे लोकभवन में कैबिनेट की बैठक, 11 बजे मंत्री परिषद के साथ सीएम करेंगे बैठक, कैबिनेट मीटिंग में कई प्रस्तावों पर लगेगी मुहर

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शनिवार को लखनऊ पहुंचेंगे,

0

लखनऊ-रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शनिवार को लखनऊ पहुंचेंगे, 15 नवंबर को सुबह 11.40 बजे लखनऊ एयरपोर्ट पहुंचेंगे , शाम 4 बजे राजाजीपुरम में वरिष्ठ कार्यकर्ता जन संवाद, रविवार को वीरांगना ऊदा देवी की प्रतिमा का अनावरण

Auraiya News: 400 मीटर में खुशी व शिवा सबसे तेज दौड़े

0

फफूंद। संकुल स्तरीय खेल प्रतियोगिता का आयोजन बुधवार को डेराबंजारन जैतपुर में हुआ। शुभारंभ शिक्षक संकुल रमाशंकर ने किया। इसमें प्राथमिक वर्ग 400 मीटर दौड़ बालक वर्ग में शिवा जैतपुर व बालिका वर्ग में खुशी नगला पाठक ने प्रथम स्थान हासिल किया।प्रतियोगिता में 200 मीटर दौड़ बालक वर्ग में संजीत डेराबंजारन पहले, राहुल धर्मपुर दूसरे और आकाश नगला पाठक तीसरे नंबर पर रहे। 200 मीटर दौड़ बालिका वर्ग में सुनैना सिंदुरियाआलमपुर प्रथम, सौम्या धर्मपुर द्वितीय व आराध्या जैतपुर ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।प्राथमिक बालक वर्ग 100 मीटर दौड़ में आकाश नगला पाठक प्रथम, प्रिंस जैतपुर द्वितीय व यश सिंदुरियाआलमपुर ने तृतीय स्थान पाया।

ज बालिका वर्ग प्राथमिक 100 मीटर दौड़ में खुशी नगला पाठक पहले, सुनैना सिंदुरियाआलमपुर दूसरे व रोशनी धर्मपुर तीसरे स्थान पर रहीं। प्राथमिक बालक वर्ग 50 मीटर दौड़ में शिवा जैतपुर प्रथम, प्रभात डेराबंजारन द्वितीय व वंश सिंदुरियाआलमपुर तृतीय रहीं। बालिका वर्ग 50 मीटर दौड़ में सुनैना सिंदुरिया आलमपुर को पहला, आराध्या जैतपुर को दूसरा और काजल डेराबंजारन को तीसरा स्थान मिला।

खो-खो बालिका वर्ग में जैतपुर ने प्रथम व डेराबंजारन ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया।

कबड्डी जूनियर स्तर बालक और बालिका वर्ग में सिंदुरिया आलमपुर ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। कबड्डी प्राइमरी बालक और बालिका वर्ग में सिंदुरिया आलमपुर टीम विजेता रही। इस मौके पर व्यायाम शिक्षक शिवप्रताप सिंह मौजूद रहे।

Lucknow : डफरिन अस्पताल में इलाज के नाम पर वसूली, पीड़ित परिवार बोला-आठ दिन में नर्सों को छह हजार दिए

0

लखनऊ के वीरांगना आवंतीबाई महिला अस्पताल (डफरिन) में नर्सों और आया द्वारा मरीजों के परिजनों से अवैध वसूली का मामला सामने आया है। अमर उजाला की पड़ताल में कैमरे पर वसूली पकड़ी गई। तीमारदारों ने बताया कि आठ दिन में छह हजार रुपये तक देने पड़े, नहीं देने पर मरीज की देखभाल नहीं होती।वीरांगना आवंतीबाई महिला अस्पताल (डफरिन) में अवैध वसूली का खेल थम नहीं रहा है। अमर उजाला की पड़ताल में एक बार फिर अवैध वसूली का पर्दाफाश हुआ है। नर्स और आया का प्रसुताओं के परिजनों से रुपये लेते हुए कैमरे में कैद हो गई हैं। आए दिन अवैध वसूली की बात सामने आ रही है।अस्पताल के लेबर रूम में बृहस्पतिवार को दोपहर 12 बजे एक तीमारदार से आया और नर्स अवैध वसूली करते हुए कैमरे में कैद हो गईं। महिला कर्मचारी तीमारदार से रुपये मांगते हुए नजर आ रही है। तीमारदार कह रहा है कि उसने सुबह कुछ नर्स और कर्मचारियों को रुपये दे चुका है। इस पर भी वह नहीं मानती है। व्यक्ति को मजबूर होकर रुपये देने पड़ते हैं। वहीं, इस संबंध में जब अन्य तीमारदारों से बात की तो उन्होंने नाम नहीं बताने की शर्त पर बताया कि हर किसी से रुपये वसूले जा रहे हैं। अगर कोई रुपये नहीं देता है तो उसके मरीज की देखभाल सही से नहीं की जाती है।

 

इससे परेशान लोग रुपये देना सही समझते हैं। जिन्हें बेटा होता है उनसे बेटे होने की खुशी का कहकर रुपये लेते हैं। जिनको बेटी होती है उनसे घर में लक्ष्मी आई है ऐसा बोलकर रुपये लिए जाते हैं। रुपये नहीं देने पर तीमारदारों से दुर्व्यवहार भी करती हैं।

 

वहीं, डफरिन अस्पताल के प्रमुख अधिक्षक ज्योति मेहरोत्रा ने बताया कि अस्पताल की सारी सुविधाएं मुफ्त हैं। इस तरह से वसूली करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वीडियो में दिखने वाली आया और नर्स दोनों से जवाबदेही पेश की जाएगी। दोनों की दोपहर तक ड्यूटी रहती है। वीडियो आने तक दोनों अस्पताल से जा चुकी थीं। ऐसे में नाम पता नहीं चल पाया है। जानकारी एकत्रित कर दोनों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

आठ दिन में तीमारदार से हुई छह हजार की वसूली

अमर उजाला की पड़ताल में आठ नवंबर को एक महिला ने बताया कि उससे आठ दिन में छह हजार रुपये वसूले जा चुके हैं। वीडियो में महिला यह भी कह रही है कि मरीज को व्हील चेयर से बेड तक पहुचाने के बदले 100-200 रुपये देने पड़ते हैं।

 

साथ ही, जब प्रसूता को डिस्चार्ज करते हैं तब भी रुपये लिए बिना नहीं निकले देती हैं। भर्ती होने से लेकर डिस्चार्ज होने के बीच 10-15 कर्मचारियों और नर्सों को रुपये दे चुकी हूं। अगर इलाज अच्छे से करना है तो ऐसा करना पड़ता है। सभी को रुपये देने पड़ते हैं चाहे खुश होकर दे या दुखी होकर। गरीब होने की वजह से यहां आते हैं, लेकिन यहां भी खर्चा हो रहा है।

रैन बसेरे में 200 रुपये वसूली का आया था मामला

इससे पहले भी अमर उजाला की पड़ताल में डफरिन के रैन बसेरे में केयरटेकर की ओर से तीमारदारों से 200 रुपये वसूली करने का मामला सामने आया था। इसके बाद रैन बसेरे में शुल्क नहीं देने के लिए नोटिस चस्पा किया गया था।

Delhi Blast : धमाके का 535 किलोमीटर दूर जुड़ा तार, पुलिस खंगाल रही-60 दिन पहले क्यों लखनऊ आई थी शाहीन

0

Delhi Blast : दिल्ली ब्लास्ट सहित कई आतंकी कनेक्शन में गिरफ्तार हुए डॉक्टर शाहीन और डॉक्टर परवेज को आमने-सामने बैठाकर बात की जाएगी। इसके बाद आगे की कड़ी जुड़ सकेगी। दिल्ली में (10 नवंबर) सोमवार की शाम को लाल किले के पास विस्फोटक लदी कार में अचानक जोरदार धमाका हुआ। विस्फोट में 13 लोगों की मौत हो गई, जबकि 20 से अधिक लोग घायल हैं। इनमें तीन की हालत गंभीर है। इस धमाके के कई राज्यों से कनेक्शन खंगाले जा रहे हैं।इसमें दिल्ली से 535 किलोमीटर दूर यूपी की राजधानी लखनऊ खासी चर्चा में है। यहां से एक नाम सामने आया है, जो है डॉक्टर शाहीन सिद्दकी। दिल्ली बम ब्लास्ट में इसे संदिग्ध माना जा रहा है। डॉक्टर शाहीन सिद्दकी के तार अब नए सिरे से लखनऊ से जुड़ रहे हैं।

उच्चपदस्थ सूत्रों के मुताबिक, डॉ. शाहीन सिद्दकी दो माह (60 दिन) पूर्व राजधानी लखनऊ आई थी। हालांकि वह कहां ठहरी थी और किन लोगों से संपर्क में थी। इस बारे में पता लगाया जा रहा है। उसके राजधानी आने की जानकारी जम्मू-कश्मीर पुलिस को भी दी गई है। यह जानकारी मिलने के बाद डॉ. शाहीन और डॉ. परवेज के पड़ोसियों से नए सिरे से पूछताछ की जा रही है।लखनऊ से इस तरह जुड़ रही हैं कड़ियां

दिल्ली में आतंकी हमले और फरीदाबाद के डॉक्टरों के आतंकी माड्यूल की कड़ियों को जोड़ रही जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए राजधानी निवासी डॉ. परवेज अंसारी पर शक गहराता जा रहा है। जम्मू-कश्मीर पुलिस उसे फरीदाबाद ले गई है, जहां तमाम एजेंसियां उससे पूछताछ कर रही हैं।

 

शुरुआती पड़ताल में उसके बेहद कट्टरपंथी होने के सुराग तो मिले हैं, लेकिन फरीदाबाद माड्यूल में उसकी संलिप्तता का कोई ठोस सुराग अभी हाथ नहीं लगा है। अब जांच एजेंसियां उसके घर से बरामद मोबाइल, टैबलेट, लैपटॉप और हार्ड डिस्क को खंगालने में जुटी हैं।

अधिकिारियों को शक-परवेज माड्यूल का हिस्सा हो सकता है

सूत्रों की मानें, तो परवेज का अपनी बहन डॉ. शाहीन और उसके मित्र डॉ. मुजम्मिल के संपर्क में होने की जानकारी मिली है। हालांकि उसकी आतंकी गतिविधियों में संलिप्तता का कोई ठोस प्रमाण नहीं मिलने की वजह से अभी तक गिरफ्तार नहीं किया गया है। अधिकारियों को शक है कि वह फरीदाबाद के डॉक्टरों के उस माड्यूल का हिस्सा हो सकता है, जो आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के इशारे पर देश के कई शहरों में आतंकी हमले अंजाम देने की साजिश रच रहा था।

शादी से मिला था सुराग

श्रीनगर में डॉ. आदिल की शादी में उसके कई डॉक्टर मित्रों का जमावड़ा हुआ था। विवाह समारोह के अगले दिन भारतीय सैनिकों को निशाना बनाकर धमकी भरे पोस्टर लगाए गए, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां चौकन्नी हो गईं। जांच में डॉ. आदिल का इसमें हाथ होने के प्रमाण मिलने पर गहनता से छानबीन की गई तो फरीदाबाद से डॉ. मुजम्मिल और डॉ. शाहीन की गिरफ्तारी के दौरान उनके पास से बड़ी मात्रा में विस्फोटक और हथियार बरामद हुए।

इसी मामले की कड़ियों को जोड़ते हुए डॉ. शाहीन के भाई डॉ. परवेज के राजधानी स्थित दोनों आवासों को खंगाला गया है। अब परवेज के घर से बरामद इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स से ही उसकी संलिप्तता का पता चलेगा। जांच एजेंसियां इन गैजेट्स के जरिये यह भी पता लगा रही है कि बीते कुछ महीनों के दौरान वह कहां-कहां गया था और किन लोगों के संपर्क में थाशाहीन के पिता सईद अंसारी ने कही ये बात

आतंकी घटना को अंजाम देने के लिए एकत्र किए गए विस्फोटक के साथ फरीदाबाद से पकड़ी गई डॉ. शाहीन डेढ़ वर्ष से परिवार के संपर्क में नहीं थी। पूछताछ में शाहीन के पिता सईद अंसारी ने यह दावा किया है। उन्होंने बताया कि उनके तीन बच्चे हैं, जिसमें बड़ा बेटा शोएब है। डॉ. शाहीन दूसरे, जबकि डॉ. परवेज तीसरे नंबर पर हैं। लोकसेवा आयोग से चयनित होकर शाहीन कानपुर के गणेश शंकर विद्यार्थी मेडिकल कॉलेज में बतौर असिस्टेंट प्रोफेसर काम कर चुकी है।

 

परिजनों ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में कुछ वर्ष काम करने के बाद वर्ष 2013 में बिना कोई नोटिस दिए शाहीन ने वहां जाना छोड़ दिया था। शाहीन की शादी महाराष्ट्र निवासी जफर हयात से हुई थी। आपसी विवाद के कारण वर्ष 2015 में दोनों अलग हो गए। उधर, अनुपस्थित रहने की वजह से वर्ष 2021 में मेडिकल कॉलेज ने डॉ. शाहीन को बर्खास्त कर दिया था।

आठ दिन पहले हुई थी डॉ. परवेज से बात

पिता सईद ने बताया कि वह हर हफ्ते परवेज से फोन पर बात करते हैं। आखिरी बार उनकी परवेज से फोन पर चार नवंबर को बात हुई थी। वह आईआईएम रोड स्थित मुतक्कीपुर के तकवा कॉलोनी में मकान बनवाकर रहता है।

 

एक सप्ताह से उनकी बेटे से बात नहीं हुई। पिता सईद खंदारी बाजार में करीब 200 स्क्वाॅयर फीट के तीन मंजिला मकान में रहते हैं। वह वन विभाग से सेवानिवृत्त हैं। एटीएस ने सईद के घर से मोबाइल फोन और हार्ड डिस्क को कब्जे में लिया है।

शाहीन के भाई परवेज के घर से लैपटॉप बरामद

पुलिस सूत्रों के अनुसार डॉ. मुजम्मिल के पास मिले कार में एके 47 बरामद किया गया था। पूछताछ में मुजम्मिल ने डॉ. शाहीन का नाम लिया था। इसके बाद शाहीन गिरफ्तार की गई। छानबीन में सामने आया कि शाहीन अपने भाई डॉ. परवेज के संपर्क में थी। इसके बाद मंगलवार सुबह करीब आठ बजे एटीएस और जम्मू-कश्मीर पुलिस परवेज के आईआईएम रोड स्थित मकान पर पहुंची। घर पर ताला लगा था, जिसे तोड़कर टीम भीतर दाखिल हुई। एटीएस को परवेज के घर से एक लैपटॉप मिला हैकार पर मिला इंटीग्रल यूनिवर्सिटी का पास

परवेज के घर के बाहर एक कार खड़ी मिली। कार पर इंटीग्रल यूनिवर्सिटी का पास लगा था। छानबीन में पता चला कि परवेज वहां पर काम करता था। कार परवेज के भाई शोएब के नाम है, जो सहारनपुर में रजिस्टर्ड है। फरीदाबाद से बरामद कार परवेज के नाम रजिस्टर्ड है।

करीब चार घंटे तक खुफिया एजेंसियों ने परवेज का घर खंगाला। एटीएस ने आस पड़ोस के लोगों से भी परवेज के बारे में जानकारी जुटाई है। माना जा रहा है कि परवेज को उसके साथियों के पकड़े जाने की भनक लग गई थी, जिसके बाद वह घर से भाग निकला था।

डॉ. परवेज ने एक सप्ताह पहले दिया था इस्तीफा

इंटीग्रल विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार प्रो. मोहम्मद हासिर सिद्दीकी के मुताबिक डॉ. परवेज अंसारी ने एक सप्ताह पहले ही संस्थान से इस्तीफा दे दिया था। डॉ. परवेज सईद अंसारी मेडिसिन विभाग में सीनियर रेजिडेंट के रूप में काम कर रहे थे। उनका इस्तीफा तत्काल मंजूर भी हो गया था।

 

उन्होंने इस्तीफे का कारण व्यक्तिगत बताया था। इंटीग्रल विश्वविद्यालय प्रशासन ने डॉ. परवेज के कामकाज को संतोषजनक बताया है। इस तरह की घटना में लिप्त होने पर हैरत भी जताई। रजिस्ट्रार के मुताबिक, कामकाज में कभी भी शिकायत नहीं आई थी, हालांकि इंटीग्रल प्रशासन ने डॉ. परवेज के इस्तीफे की कॉपी उपलब्ध नहीं कराई।

Auraiya: घर में घुसकर वृद्ध की सिर कूचकर की हत्या, चारपाई पर पड़ा था खून से लथपथ शव, जांच में जुटी पुलिस

0

Auraiya News: अजीतमल क्षेत्र में बुधवार रात को किराने की दुकान चलाने वाले वृद्ध की घर के बरामदे में सोते समय सिर कूचकर हत्या कर दी गई। सुबह परिजनों ने उनका शव खून से लथपथ देखा, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।औरैया जिले में अजीतमल क्षेत्र के ग्राम मोहारी में बुधवार रात को घर में सो रहे वृद्ध की सिर कूचकर हत्या कर दी गई। सुबह परिजन के जागने पर घटना की जानकारी हुई। सूचना पर पहुंची पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। मोहारी निवासी प्रेमसिंह शर्मा का घर हाईवे पर ही बना हुआ है। वह हाईवे किनारे ही किराने की दुकान का संचालन करते हैं। रोज की तरह वह बुधवार रात को दुकान बंद कर घर में बने बरामदे में सोने चले गए थे।परिवार के बाकी सदस्य घर के अंदर सो रहे थे। सुबह जब परिजन उठे, तो देखा कि प्रेमसिंह का शव चारपाई पर खून से लथपथ पड़ा था। उनके सिर पर किसी भारी चीज से प्रहार किया गया था। घटना की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। परिजन में कोहराम मचा है। अभी परिजन हत्या का कारण नहीं बता पा रहे हैं। पुलिस जांच में जुटी है।

Sant Premanand Maharaj: भक्ति और प्रेम का अद्भुत संगम, संत प्रेमानंद की आंखों से बहे आंसू, श्रद्धालुओं की आंखें भी हुई नम

0

Sant Premanand Maharaj: संत प्रेमानंद महाराज अचानक दाऊ जी की नगरी में पहुंचे तो पूरे क्षेत्र में “राधे-राधे” की गूंज छा गई। लोग उनके दर्शन करने के लिए जुटने लगे। करीब नौ बजे संत प्रेमानंद पीले वस्त्र धारण किए अपने साथियों के साथ आधा दर्जन कारों और एक दर्जन बाइक के काफिले में मंदिर पहुंचे। उनके पहुंचते ही मंदिर परिसर में हजारों श्रद्धालु जुट गए। तीन मंजिला मंदिर भवन भक्तों से भर गया।

 

संत प्रेमानंद महाराज की आंखों से बहे आंसू

संत प्रेमानंद ने गर्भगृह में पहुंचकर दाऊ जी महाराज और रेवती मैया के दर्शन किए। दर्शन के दौरान उनकी आंखों से आंसू बह निकले, यह देखकर श्रद्धालु भी भावुक हो गए। उनकी भी आंखें नम हो गई। सेवायत दामोदर पांडेय ने उन्हें दाऊ जी महाराज का अंगवस्त्र और प्रसाद भेंट किया।

 

मंदिर में 15 मिनट तक रहे संत

करीब 15 मिनट तक संत प्रेमानंद मंदिर परिसर में रहे। उन्होंने दाऊ जी महाराज की स्तुति की और भक्तों के साथ “राधे-राधे” का संकीर्तन किया। जब वे मंदिर से बाहर निकले तो उन्हें देखने के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। भीड़ को संभालने में पुलिस को भी काफी मशक्कत करनी पड़ी।

संत प्रेमानंद के अचानक आगमन से दाऊ जी की नगरी का माहौल भक्ति और आनंद से भर गया। श्रद्धालु उन्हें देखकर राधे-राधे बोलने लगे और सबकी आंखें नम हो गई।

लंदन में ऐतिहासिक प्रतिष्ठित भारतीय रेस्तरां ‘वीरास्वामी’ बंद होने के कगार पर, ब्रिटिश शेफ्स ने कहा-‘विरासत मिटाना अनुचित’

0

London: ब्रिटेन के कुछ प्रमुख खानसामा बृहस्पतिवार को लंदन के सबसे पुराने भारतीय रेस्तरां में से एक ‘वीरास्वामी’ को बचाने की मुहिम में शामिल हुए। इस रेस्तरां के पट्टे को लेकर गतिरोध पैदा हो गया है जिससे रीजेंट स्ट्रीट से इसे हटाए जाने का खतरा उत्पन्न हो गया है। ‘द टाइम्स’ में प्रकाशित एक खुले पत्र में, साइरस टोडीवाला, रेमंड ब्लैंक और मिशेल रूक्स जैसे जाने-माने शेफ और रेस्तरां मालिकों ने विक्ट्री हाउस के मालिक क्राउन एस्टेट से अपील की है कि वह ‘जिम्मेदारी से काम करें’। विक्ट्री हाउस में अप्रैल 1926 से लगभग 100 वर्षों से यह रेस्तरां स्थित है।

 

 

 

गत गर्मियों में, ‘वीरास्वामी’ के मालिक MW ईट को सूचित किया गया कि उनके पट्टे का नवीनीकरण नहीं किया जाएगा, क्योंकि क्राउन एस्टेट भवन की ऊपरी मंजिलों पर स्थित कार्यालयों के लिए भूतल के स्वागत क्षेत्र का विस्तार करना चाहता है। खानसामों ने पत्र में लिखा, ‘‘ऐसे रेस्तरां को कार्यालय में परिवर्तित करना अनुचित होगा। इससे लंदन के रेस्तरां परिदृश्य और हमारी पर्यटन अर्थव्यवस्था, जो शहर के अद्वितीय और विविध स्थलों पर फलती-फूलती है, दोनों के लिए एक गंभीर क्षति होगी।” उन्होंने कहा, ‘‘जैसा कि क्राउन जानता है, विरासत को न तो स्थानांतरित किया जा सकता है और न ही इतिहास को बदला जा सकता है।

 

 

 

वीरास्वामी को जीवित रखना क्राउन की ज़िम्मेदारी का एक ऐसा काम है जो लंदन को दुनिया के सबसे बेहतरीन खान-पान और पर्यटन शहरों में से एक के रूप में प्रतिष्ठा दिलाता है।” क्राउन एस्टेट का स्वामित्व ब्रिटेन के महाराजा के पास ‘‘शाही अधिकार’ के तौर पर होता है, जिसका अर्थ है कि महाराजा अपने शासनकाल के दौरान इस संपत्ति के मालिक होते हैं। हालांकि यह उनकी निजी संपत्ति नहीं है। इसलिए, वह सीधे तौर पर इसकी संपत्तियों का प्रबंधन या निर्णय नहीं लेते हैं, और इस संपत्ति से होने वाली आय ब्रिटिश राजकोष में जमा कराई जाती है। रंजीत मथरानी ने कहा,‘‘हमने इसे पोषित किया है, संवारा है और समय के साथ तालमेल बिठाया है। यह शायद दुनिया का सबसे पुराना और इतना समृद्ध इतिहास वाला रेस्तरां है, और अगर यह अपना स्थान खो देता है तो यह एक त्रासदी होगी।”

 

 

 

मथरानी MW ईट ग्रुप के तहत अपनी बहनों नमिता और कैमेलिया पंजाबी के साथ मिलकर लंदन में चटनी मैरी और अमाया जैसे अन्य लोकप्रिय भारतीय रेस्तरां चलाते हैं। वीरास्वामी की स्थापना एडवर्ड पामर और मुगल राजकुमारी फैजान निसा बेगम ने की थी। पामर जनरल विलियम पामर के प्रपौत्र थे। जनरल विलियम पामर भारत के पहले गवर्नर जनरल वॉरेन हेस्टिंग्स के सैन्य और निजी सचिव थे। वीरास्वामी का पट्टा इस साल जून के अंत में समाप्त हो गया था। लेकिन एमडब्ल्यू ईट की कानूनी कार्यवाही की वजह से अगले साल अदालत में सुनवाई होने तक रेस्तरां चलता रहेगा।

Post office scheme: कमाल का ऑफर! ये स्कीम गारंटी से हर किसी को बनाएगी लखपति, जानें निवेश का धांसू तरीका

0

नेशनल डेस्क: अगर आप ऐसी सरकारी योजना की तलाश में हैं, जहां पैसा सुरक्षित भी रहे और बढ़िया मुनाफा भी मिले, तो डाकघर की रिकरिंग डिपॉजिट (Post Office RD) स्कीम आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प हो सकती है। यह योजना छोटी-छोटी मासिक बचत को पांच साल में एक बड़ी रकम में बदल देती है और इस पर सरकार की पूरी गारंटी होती है।

 

क्या है पोस्ट ऑफिस आरडी स्कीम?

पोस्ट ऑफिस रिकरिंग डिपॉजिट (RD) एक मासिक निवेश योजना है। यह उन लोगों के लिए बनाई गई है जो हर महीने थोड़ा-थोड़ा बचाना चाहते हैं लेकिन एक साथ बड़ी रकम निवेश नहीं कर सकते। इस स्कीम में निवेशक को 60 महीने (यानी 5 साल) तक हर महीने तय रकम जमा करनी होती है। वर्तमान में इस योजना पर 6.7% वार्षिक ब्याज दर मिल रही है, जो मासिक चक्रवृद्धि ब्याज के आधार पर गणना की जाती है। इसका अर्थ है कि हर महीने ब्याज, मूलधन में जुड़ता जाता है और उस पर अगली बार फिर ब्याज मिलता यानी मुनाफा लगातार बढ़ता है।

 

5 साल में कैसे बनते हैं ₹17.84 लाख?

अगर कोई व्यक्ति हर महीने ₹25,000 इस स्कीम में निवेश करता है, तो 5 साल में उसका कुल निवेश होगा — ₹25,000 × 60 = ₹15,00,000 6.7% की ब्याज दर और मासिक कंपाउंडिंग के हिसाब से, उसे ₹2,84,148 रुपये का कुल ब्याज मिलेगा। इस तरह मैच्योरिटी के समय उसे लगभग ₹17,84,148 रुपये प्राप्त होंगे। यह पूरी तरह सरकारी गारंटी वाली योजना है, इसलिए इसमें बाजार जोखिम बिल्कुल नहीं है।

 

छोटे निवेश पर भी बड़ा फायदा

आप चाहे कम राशि से शुरुआत करें, योजना का लाभ उसी अनुपात में मिलेगा।

उदाहरण के लिए – मासिक निवेश 5 साल बाद अनुमानित रिटर्न

₹25,000 ₹17,84,148

₹10,000 ₹7,13,659

₹5,000 ₹3,56,830

इसका मतलब है कि छोटे निवेशक भी इस स्कीम से बड़ा फंड तैयार कर सकते हैं।

 

कौन कर सकता है निवेश?

➤ यह योजना हर भारतीय नागरिक के लिए खुली है।

➤ कोई भी वयस्क व्यक्ति सिंगल या ज्वाइंट खाता खोल सकता है।

➤ अभिभावक अपने बच्चों (10 वर्ष से अधिक उम्र) के नाम पर भी खाता खुलवा सकते हैं।

 

न्यूनतम निवेश: ₹100 प्रति माह

अधिकतम सीमा: कोई तय सीमा नहीं आप अपनी क्षमता के अनुसार निवेश कर सकते हैं।

इस स्कीम की खास बातें

 

➤ लोन की सुविधा:

आरडी खाता शुरू होने के एक साल बाद (12 किस्तें जमा होने के बाद) निवेशक अपने जमा पैसे पर लोन ले सकता है।

 

➤ प्री-मैच्योर क्लोजर:

जरूरत पड़ने पर 3 साल पूरे होने के बाद खाता समय से पहले बंद कराया जा सकता है।

 

➤ विलंब शुल्क:

यदि किसी माह किस्त समय पर नहीं जमा होती, तो ₹100 पर ₹1 का मामूली जुर्माना देना पड़ता है।

 

➤ नॉमिनी सुविधा:

खाता खोलते समय नॉमिनी का नाम दर्ज करना बहुत जरूरी है। यदि निवेशक की मृत्यु हो जाती है, तो पूरी राशि नॉमिनी को मिल जाती है।

 

क्यों है यह योजना खास?

सरकार द्वारा गारंटीड सुरक्षा

➤ निश्चित ब्याज दर

➤ आसान मासिक निवेश विकल्प

➤ लोन और नॉमिनी की सुविधा

➤ बाजार जोखिम से पूरी तरह मुक्त

➤ इसलिए पोस्ट ऑफिस आरडी स्कीम उन लोगों के लिए आदर्श है जो सुरक्षित और अनुशासित निवेश के जरिए धीरे-धीरे बड़ी पूंजी बनाना चाहते हैं।