Friday, February 20, 2026
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दहेज हत्या का खेल पलटा! मरी हुई बहू ग्वालियर में प्रेमी संग मिली जिंदा, गाजीपुर पुलिस ने किया चौंकाने वाला बड़ा खुलासा

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Ghazipur News: उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जहां जिस महिला को पुलिस और परिजन ‘दहेज हत्या’ की शिकार बता चुके थे, वह दरअसल जिंदा मिली है। पुलिस ने उसे मध्य प्रदेश के ग्वालियर से उसके प्रेमी के साथ बरामद किया है। इस खुलासे के बाद पूरा मामला उलट गया। दरअसल, जिस विवाहिता रुचि को मृत बताया जा रहा था, वह अपने प्रेमी गजेन्द्र यादव के साथ दूसरी शादी कर सुखपूर्वक रह रही थी। जबकि उसके पति, सास और 4 ससुरालवालों पर दहेज हत्या और शव गायब करने जैसे गंभीर आरोपों में मुकदमा दर्ज था।

मायकेवालों ने लगाया था दहेज हत्या का आरोप
मिली जानकारी के मुताबिक, यह मामला सादात थाना क्षेत्र के बरहपार भोजूराय गांव का है। रुचि की मां राजवंती देवी ने अपनी बेटी की शादी राजेंद्र यादव (निवासी – हथौड़ा, थाना खानपुर, गाजीपुर) से साल 2023 में की थी। 3 अक्टूबर 2024 को राजवंती देवी ने पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर आरोप लगाया कि उनकी बेटी की दहेज के लिए हत्या कर दी गई और ससुरालवालों ने शव गायब कर दिया। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने पति राजेंद्र यादव, सास कमली देवी और चार अन्य पर दहेज हत्या, सबूत मिटाने और अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया।

पुलिस ने की गहराई से जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए सीओ सैदपुर रामकृष्ण तिवारी ने खुद जांच शुरू की। उन्होंने सर्विलांस टीम की मदद से रुचि का मोबाइल ट्रेस कराया। लोकेशन से पता चला कि रुचि ग्वालियर (मध्य प्रदेश) में है और वहां अपने प्रेमी गजेन्द्र यादव के साथ रह रही है। इसके बाद पुलिस की एक टीम ग्वालियर पहुंची और 7 अक्टूबर को रुचि को उसके प्रेमी के साथ बरामद कर गाजीपुर वापस ले आई।

रुचि बोली –  मेरी मर्जी के खिलाफ कराई गई थी शादी
पुलिस पूछताछ में रुचि ने बताया कि वह 10वीं कक्षा से ही रेवई गांव के गजेन्द्र यादव से प्यार करती थी। उसकी शादी मजबूरी में राजेंद्र यादव से कर दी गई थी। शादी के बाद भी वह अपने प्रेमी को नहीं भूल पाई और घर से भागकर गजेन्द्र से दूसरी शादी कर ली। रुचि ने कहा कि वह ग्वालियर में गजेन्द्र की पत्नी बनकर रह रही थी और खुश थी।

पुलिस का बड़ा खुलासा – झूठा निकला दहेज हत्या केस
सीओ सैदपुर रामकृष्ण तिवारी ने बताया कि जांच में दहेज हत्या और शव गायब करने के सारे आरोप पूरी तरह झूठे निकले। अब पुलिस झूठी रिपोर्ट दर्ज कराने वालों पर कार्रवाई की तैयारी कर रही है। रुचि का मेडिकल करवाकर उसे अदालत में पेश किया गया, जहां से आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू हो गई है।

पति बोला – झूठे केस में फंसाया गया
विवाहिता के पति राजेंद्र यादव ने कहा कि हम लोग निर्दोष हैं। शादी जून 2023 में हुई थी लेकिन पत्नी कभी हमारे साथ नहीं रही। वह झगड़ा करती थी और मायके चली जाती थी। उसके घरवालों को पता था कि उसका किसी और से संबंध है, फिर भी हमें झूठे केस में फंसा दिया। उन्होंने बताया कि जब वह जून में पत्नी को लेने गए तो बताया गया कि वह घर पर नहीं है। उन्होंने इसकी शिकायत चौकी में भी की थी, लेकिन उल्टा दहेज हत्या का मुकदमा उन पर दर्ज कर दिया गया। अब जब सच्चाई सामने आ गई है, तो वह पुलिस से मांग करेंगे कि झूठा आरोप लगाने वालों पर सख्त कार्रवाई हो।

सास ने भी जताई नाराजगी
राजेंद्र की मां कमली देवी ने कहा कि हमारी बहू रुचि का पहले से किसी से अफेयर था। शादी के बाद वह घर में झगड़ा करती थी और मायके चली जाती थी। फिर हम पर झूठा केस लगाकर बदनाम किया गया। पुलिस ने सच्चाई सामने लाकर सही किया है। अब हम चाहते हैं कि जिन्होंने हमें फंसाया, उन पर कार्रवाई हो और हमारा गहना-पैसा वापस मिले।

पुलिस कर रही आगे की कानूनी तैयारी
पुलिस ने विवाहिता को कोर्ट में पेश कर कानूनी प्रक्रिया पूरी कर ली है। अब पुलिस फर्जी केस दर्ज कराने वालों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी में है। यह मामला गाजीपुर पुलिस की सतर्कता और तकनीकी जांच की वजह से खुला। इसने दिखाया कि दहेज हत्या जैसे गंभीर मामलों में जांच से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना गलत हो सकता है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि पुलिस उन लोगों पर क्या कदम उठाती है, जिन्होंने एक जीवित महिला को ‘मृत’ बताकर हत्या का केस दर्ज कराया।

Viral News: मुंह के अंदर आंखें! वैज्ञानिक भी रह गए हैरान, प्रकृति का सबसे अजीब मेंढक आया सामने

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Viral News: क्या आपने कभी सोचा है कि अगर किसी जीव की आंखें उसके मुंह के अंदर हों तो वह कैसे देखेगा? यह किसी साइंस फिक्शन फिल्म की कहानी लगती है, लेकिन यह हकीकत है! साल 1992 में कनाडा के ओंटारियो प्रांत के बर्लिंगटन काउंटी में वैज्ञानिकों को एक ऐसा मेंढक (टोड) मिला, जिसकी आंखें सिर पर नहीं, बल्कि उसके मुंह के अंदर थीं!

जब वैज्ञानिक भी रह गए दंग
इस अजीब जीव की तस्वीर वैज्ञानिक स्कॉट गार्डनर ने खींची थी। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने इस टोड को पहली बार देखा, तो वे हैरान रह गए, क्योंकि यह तभी देख पाता था जब वह अपना मुंह खोलता था। उसकी आंखें मुंह की ऊपरी सतह के अंदर थीं। यह नजारा जितना अनोखा और डरावना, उतना ही वैज्ञानिकों के लिए दिलचस्प था।

कैसे हुई यह अजीब घटना?
वैज्ञानिकों ने बताया कि ऐसा एक बहुत ही दुर्लभ जेनेटिक गलती की वजह से हुआ, जिसे ‘मैक्रोम्यूटेशन’ (Macro Mutation) कहा जाता है। आम तौर पर, जब कोई जीव बनता है तो उसके शरीर के अंग (सिर, आंखें, पैर आदि) एक तय जगह पर विकसित होते हैं। लेकिन अगर जीन में कोई गलती हो जाए या बाहरी प्रभाव पड़े, तो ये अंग गलत जगह बन सकते हैं। इस टोड के भ्रूण में आंखों के बनने की प्रक्रिया शुरुआती अवस्था में ही गड़बड़ा गई, और आंखें सिर पर बनने के बजाय मुंह के अंदर बन गईं।

वैज्ञानिकों ने बताए तीन मुख्य कारण
1. परजीवी संक्रमण (Trematode Infection)
कुछ परजीवी (worms) ऐसे होते हैं जो मेंढकों या टोड के शरीर में घुसकर अंगों के विकास को प्रभावित करते हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि किसी ट्रेमाटोड परजीवी ने भ्रूण के विकास के दौरान उसकी आंखों की स्थिति बदल दी होगी।

2. आनुवंशिक गलती (Genetic Error)
डीएनए की कॉपी बनाते समय एक छोटी-सी गलती भी बड़ा असर डाल सकती है। इस मामले में यही हुआ — एक जेनेटिक एरर के कारण आंखें गलत जगह यानी मुंह के अंदर विकसित हो गईं।

3. पर्यावरणीय ज़हर (Environmental Toxins)
1990 के दशक में ओंटारियो के कई तालाबों में प्रदूषण और रासायनिक कचरा पाया गया था। वैज्ञानिकों का कहना है कि इन जहरीले तत्वों ने टोड के भ्रूण के विकास में बाधा डाली, जिससे ऐसा विचित्र बदलाव हो गया।

चमत्कारिक रूप से जीवित रहा टोड
सबसे हैरान करने वाली बात यह थी कि इतनी भयानक विकृति के बावजूद यह टोड सामान्य तरीके से जीवित था। वह चल-फिर सकता था, खाना पकड़ता था, और बाकी टोड्स की तरह व्यवहार करता था। इसने साबित कर दिया कि प्रकृति कितनी अद्भुत और अनोखी हो सकती है।

विज्ञान के लिए बना रहस्य
यह टोड आज भी विज्ञान की दुनिया में एक “बायोलॉजिकल मिस्ट्री” माना जाता है। वैज्ञानिक कहते हैं कि यह घटना हमें याद दिलाती है कि जीवन कितना रहस्यमय और जटिल है — और हम अभी भी प्रकृति की गहराई को पूरी तरह नहीं समझ पाए हैं।

कॉलेज से लौट रहे 11वीं के छात्र को सीनियर्स ने रोका, फिर धारदार हथियार से किया हमला

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लखनऊ: यूपी की राजधानी लखनऊ से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। यहां पर एक इंटर कॉलेज के 11वीं कक्षा के छात्र पर उसके छह वरिष्ठ सहपाठियों ने धारदार हथियार से हमला किया। इस हमले में 16 वर्षीय छात्र के चेहरे पर चोटें आईं। उसे अस्पताल में भर्ती किया गया है। यहां पर उसका इलाज चल रहा है।

ऑटो-रिक्शा को रोककर किया हमला 
यह घटना हजरतगंज के पास की है। यहां पर इंटर कॉलेज के 11वीं कक्षा के छात्र पर उसके सीनियर्स ने धारदार हथियार से हमला कर दिया। यह हादसा तब किया गया, जब छात्र कॉलेज से लौट रहा था। चारबाग निवासी पीड़ित के पिता के अनुसार, 12वीं कक्षा के छह छात्रों ने उनके बेटे के ऑटो-रिक्शा को रोककर उस पर हमला कर दिया। घायल छात्र का श्यामा प्रसाद मुखर्जी सिविल अस्पताल में इलाज कराया गया।

पुलिस खंगाल रही सीसीटीवी फुटेज 
पीड़ित के पिता ने मारपीट और गंभीर चोट पहुंचाने के आरोप में हजरतगंज पुलिस स्टेशन में एक प्राथमिकी दर्ज की गई है। थाना प्रभारी विक्रम सिंह ने कहा, ‘‘जांच शुरू कर दी गई है और पीड़ित, सहपाठियों और स्कूल अधिकारियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।” पुलिस इलाके के सीसीटीवी फुटेज की भी जांच कर रही है।

इंसानियत शर्मसार: बागपत में 9 साल की मासूम पर दरिंदगी, विरोध करने पर आरोपी ने दांतों से काटा; FIR दर्ज

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Baghpat News: उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। जहां 9 साल की एक मासूम बच्ची के साथ 35 वर्षीय शाहरुख नामक शख्स ने दरिंदगी की। आरोपी ने बच्ची से पहले अश्लील हरकत की और जब मासूम ने विरोध किया तो उसके चेहरे और शरीर के कई हिस्सों पर दांतों से काट डाला।

जानिए, क्या है पूरा मामला?
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, यह घटना कोतवाली बड़ौत क्षेत्र की एक कॉलोनी में हुई। बच्ची अपनी दादी के कहने पर घर से थोड़ी दूरी पर स्थित दुकान से अंडे लेने गई थी। रास्ते में शाहरुख उसे बहलाकर अपने साथ सुनसान जगह पर ले गया। वहां उसने बच्ची के साथ गंदी हरकतें की और जब बच्ची ने विरोध किया तो उसे काट दिया।

बच्ची ने घर पहुंचकर दी जानकारी
मासूम बच्ची किसी तरह वहां से भागकर रोती-बिलखती घर पहुंची। अपनी दादी को पूरी घटना बताई, जिससे परिवार के लोग स्तब्ध रह गए।

पुलिस कार्रवाई और इलाज
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। बच्ची को जिला अस्पताल भेजा गया, जहां उसका मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है।

साम्प्रदायिक प्रतिक्रिया
बताया जा रहा है कि आरोपी समुदाय विशेष का है, जिससे मामले ने साम्प्रदायिक रंग भी ले लिया। हिंदू संगठनों ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। हिंदू संगठन के नेता आलोक शास्त्री ने कहा कि यह कोई सामान्य अपराध नहीं है, बल्कि जिहादी सोच का घिनौना चेहरा है। उन्होंने चेतावनी दी कि मासूम के साथ हुई इस दरिंदगी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों को सख्त से सख्त सजा दिलाई जाएगी।

Taj Mahal Things Ban: सावधान पर्यटक! गलती से भी ताजमहल में न लेकर जाएं ये सामान, नहीं तो खानी पड़ सकती है जेल की हवा

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नेशनल डेस्क। अगर आप ताजमहल घूमने का प्लान बना रहे हैं तो यह खबर आपके लिए बहुत ज़रूरी है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) और सुरक्षा एजेंसियों ने ताजमहल की सुरक्षा और पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए नियमों को बेहद सख्त कर दिया है। अधिकारी साफ चेतावनी देते हैं कि प्रतिबंधित वस्तुएं ले जाने पर न केवल प्रवेश से रोका जाएगा बल्कि कठोर कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है यहां तक कि जेल भी हो सकती है।

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ताजमहल में पूरी तरह प्रतिबंधित हैं ये 10 चीजें

ताजमहल की सुरक्षा व्यवस्था में सेंध लगाने के कई मामले सामने आने के बाद इन चीज़ों को ले जाना पूरी तरह वर्जित है:

हथियार: चाकू, विस्फोटक या उनके जैसे दिखने वाले रिप्लिका आइटम पर पूरी तरह बैन है।

ज्वलनशील पदार्थ: दियासलाई (माचिस), लाइटर, पेट्रोल या कोई भी ज्वलनशील (Flammable) वस्तु ले जाना मना है।

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तंबाकू उत्पाद: बीड़ी, सिगरेट, तंबाकू, सिगार और ई-सिगरेट जैसी चीजें प्रतिबंधित हैं।

खाने-पीने की वस्तुएं: किसी भी प्रकार की खाने-पीने की वस्तु या ट्रेटा पैक में ड्रिंक (जैसे जूस) प्रतिबंधित है।

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नशीले पदार्थ: शराब, नशीली दवाएं या प्रतिबंधित पदार्थ ले जाना पूरी तरह से बैन है।

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धार्मिक सामग्री: फूल, मालाएं और अगरबत्तियां जैसी धार्मिक सामग्री ले जाने पर प्रतिबंध है।

बड़े बैग और उपकरण: बड़े बैग, बैग पैक, लैपटॉप, कैमरा स्टैंड और ट्राइपॉड ले जाने पर सख्त नियम लागू हैं।

प्रोफेशनल उपकरण: टॉर्च, पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम और प्रोफेशनल वीडियो कैमरा ले जाने पर प्रतिबंध है।

 

Ghatsila By-Election: घाटशिला विस सीट पर आज शाम थम जाएगा चुनाव प्रचार का शोर, 14 को होगा 13 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला

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Ghatsila By-Election: घाटशिला विधानसभा सीट पर 11 नवंबर को होने वाले मतदान के लिए प्रचार का समय आज यानी रविवार को शाम 5 बजे तक है। इसके बाद प्रचार का शोर थम जाएगा जबकि सोमवार को सभी मतदान केंद्रों पर मतदान कर्मियों को सुरक्षा बलों के साथ ईवीएम देकर भेजा जाएगा। इसकी सभी तैयारी पूरी कर ली गई है।

उक्त अवधि के पश्चात प्रचार करते हुए पाए जाने या विधानसभा क्षेत्र के बाहर के राजनीतिक व्यक्ति, कार्यकर्ताओं को संबंधित विधानसभा क्षेत्र में मौजूद पाए जाने पर सुसंगत धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी। मतदान की तिथि से 72 घंटे पूर्व असामाजिक व विघटनकारी तत्वों की घुसपैठ को रोकने के लिए अंतरराज्यीय सीमाओं व अंतर जिला सीमाएं भी सील होगी। वही, भाजपा और झामुमो के नेताओं द्वारा अपने-अपने उम्मीदवारों के समर्थन में पूरी ताकत झोंकी गई। आज भी सभी प्रचार अभियान में पूरी ताकत झोंकेगे।

बता दें कि झारखंड के शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन के आकस्मिक निधन से खाली हुई इस सीट पर अब उनके बेटे सोमेश चंद्र सोरेन मैदान में हैं और भाजपा की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के पुत्र बाबूलाल सोरेन ताल ठोक रहे हैं। दोनों ही संताल समाज से आते हैं। इसलिए संभावना है कि आदिवासी मत दोनों तरफ जाएगा। भाजपा के अपने सहयोगी लोजपा के सहारे चार प्रतिशत दलित मतों को साथ लाने की कोशिश में हैं। झामुमो गठबंधन के मुस्लिम मंत्री भी अल्पसंख्यक मतों को अपने पाले में लाने के लिए लगे हैं, लेकिन भाजपा आदिवासी मतों के अलावा कुड़मी, पिछड़ी और अन्य दलित मतों पर नजर रख रही है। चंपाई के गहरे मित्र विद्युतवरण महतो की भी इस क्षेत्र में काफी पकड़ है। वे तीन बार से जमशेदपुर लोकसभा के सांसद भी हैं।

यह जख्म है गहरा: मूकबधिर-नेत्रहीन किशोरी से हुआ था दुष्कर्म, न इशारे न भावनाएं समझ पा रहे विशेषज्ञ, पढ़ें मामला

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मूकबधिर और नेत्रहीन होने के कारण किशोरी का पुलिस के सामने धारा 161 के बयान नहीं हो पाए। पुलिस ने आरोपी को घटना के दो दिन बाद ही गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन उसे जेल नहीं भेज पाई।जख्म गहरा भी है और हरा भी। पहले कुदरत ने दर्द दिया और फिर एक अधेड़ ने। पीड़िता की परेशानी यह कि वह अपना दर्द बयां कैसे और किससे करे। दरअसल तीन साल पहले दुष्कर्म का शिकार हुई किशोरी मूकबधिर के साथ ही नेत्रहीन भी है। पुलिस से लेकर न्यायालय तक की कार्रवाई में पुलिस और न्यायालय के समक्ष दिए गए बयान बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। न सिर्फ किशोरी बल्कि पुलिस परेशान है और तीन साल में भी किशोरी के बयान नहीं हो पाए

इसके कारण चार्जशीट लगने में देरी हुई और फिर आगे की न्यायिक प्रक्रिया में भी। अब भी किशोरी के बयान काफी प्रयास के बाद नहीं हो पाए हैं। अतरौली थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी किशोरी (15) मूकबधिर और नेत्रहीन है। 12 सितंबर 2022 की सुबह वह गांव में ही शौच के लिए जा रही थी। कासिमपुर थाना क्षेत्र के नंदाखेड़ा निवासी नरेश कश्यप उसे बाग से तिल्ली के खेत में खींच ले गया। वहीं दुष्कर्म किया।

इसके कारण चार्जशीट लगने में देरी हुई और फिर आगे की न्यायिक प्रक्रिया में भी। अब भी किशोरी के बयान काफी प्रयास के बाद नहीं हो पाए हैं। अतरौली थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी किशोरी (15) मूकबधिर और नेत्रहीन है। 12 सितंबर 2022 की सुबह वह गांव में ही शौच के लिए जा रही थी। कासिमपुर थाना क्षेत्र के नंदाखेड़ा निवासी नरेश कश्यप उसे बाग से तिल्ली के खेत में खींच ले गया। वहीं दुष्कर्म किया।

Auraiya News: महिला ने मालगाड़ी के सामने कूदकर दी जान

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दिबियापुर। फफूंद स्टेशन के पूर्व की तरफ डीएफसी रेलवे लाइन पर मालगाड़ी के सामने कूदकर महिला ने देर रात जान दे दी। पुलिस ने छानबीन के बाद शव को ट्रैक से हटाया। जानकारी पर पहुंचे परिजन से पुलिस ने पूछताछ की। महिला के आत्महत्या का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। घटना के समय महिला का पति दिल्ली में और बच्चे घर पर थे।थानाक्षेत्र के गांव केबिन की मड़ैया निवासी आनंद की पत्नी संगीता (40) गुरुवार रात बच्चों के साथ खाना खाने के बाद सो गई थी। शुक्रवार तड़के संगीता बच्चों को छोड़कर घर से निकल गई। रेलवे स्टेशन के पास विकास वैली गेस्ट हाउस के सामने डीएफसी लाइन पर आ रही मालगाड़ी के आगे कूदकर जान दे दी। सुबह उठने पर बच्चों को मां नहीं दिखाई दी। इसके बाद जेठ प्रमोद, भाई भोला सिंह ने उसकी तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान महिला का शव रेलवे ट्रैक पर पड़ा मिला।

पुलिस को प्रमोद ने बताया कि संगीता का पति आनंद दिल्ली में कैब चालक है। उसकी आठ साल की बेटी लवी और दो बेटे वरुण और निक्कू हैं। संगीता की शादी 10 साल पहले हुई थी। बताया कि बेटी लवी ताऊ के घर सोई थी। वहीं महिला का मोबाइल पुलिस को अभी तक नहीं मिला है। थाना प्रभारी निरीक्षक रुद्र प्रताप नारायण त्रिपाठी ने बताया कि महिला घर से बिना बताए घर से निकली थी। आत्महत्या का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। परिजन की तरफ से कोई तहरीर नहीं दी गई है।

यूपी में एसआईआर: माता-पिता के साथ सिर्फ इन परिवारिक लोगों के ब्योरे होंगे मान्य; बीएलओ को दिए गए ये निर्देश

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मतदात सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में माता-पिता और दादा-दादी का ब्योरा ही मान्य होगा। यूपी में किसी अन्य रक्त संबंधी की डिटेल बीएलओ नहीं लेंगे। इस संबंध में सभी बीएलओ को निर्देश दे दिए गए हैं।इन दिनों एसआईआर के लिए गणना फॉर्म वितरित करने का काम चल रहा है। गणना फॉर्म मतदाताओं को बांटने और इन्हें भरवाकर वापस लेने का काम 4 नवंबर को प्रारंभ हुआ था, जो 4 दिसंबर तक चलेगा। गणना फॉर्म में यह व्यवस्था की गई है कि अगर वर्ष 2003 की मतदाता सूची में किसी व्यक्ति का नाम है, तो उसे उस विधानसभा क्षेत्र की संख्या, भाग संख्या और क्रम संख्या का ब्योरा देना होगा। इसके बाद उससे कोई दस्तावेज नहीं मांगा जाएगा।गणना फॉर्म एक कॉलम में यह व्यवस्था भी की गई है कि अगर उस व्यक्ति का खुद का नाम वर्ष 2003 की मतदाता सूची में नहीं है, पर उसके संबंधी (रिलेटिव) का नाम 2003 की सूची में है, तो वह अपने उस संबंधी का ब्योरा दे सकता है। बाद में आयोग की सुनवाई के दौरान उस संबंधी से अपना रिश्ता साबित करने के लिए उसे कोई एक मान्य दस्तावेज लगाना होगा।

 

यहां सवाल यह है कि संबंधी की श्रेणी में कौन-कौन आएगा। चुनाव आयोग के स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि इसमें सिर्फ माता-पिता, दादा-दादी और नाना-नानी की डिटेल ही भरी जा सकती है। जब कोई मतदाता अपना गणना प्रपत्र ऑनलाइन भरता है, तो उसमें इसे स्पष्ट भी किया जा रहा है। इसलिए किसी अन्य रक्त संबंधी यानी चाचा-ताऊ की डिटेल स्वीकार नहीं की जाएगी। यहां बता दें कि पश्चिमी बंगाल में रक्त संबंधियों में चाचा-ताऊ (अंकल) को शामिल करने की मांग उठ रही है।

प्रभात की खबरों का विस्तार 7 भारत News के साथ

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🔸Operation Pimple: कुपवाड़ा में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़, दो आतंकी ढेर, सर्च ऑपरेशन जारी

🔸98 साल के हुए आडवाणी, PM मोदी ने घर पहुंचकर दी जन्मदिन की बधाई

🔸Murmu Ongala Visit: ऐतिहासिक दौरे पर अंगोला पहुंचीं राष्ट्रपति मुर्मू, भारत के किसी राष्ट्रपति की पहली यात्रा

🔸’पुणे भूमि घोटाले में जो भी दोषी पाया जाएगा उस पर कार्रवाई होगी’, सीएम फडणवीस जांच समिति गठित की

🔸बिहार में दूसरे चरण के चुनाव प्रचार में सभी पार्टियों ने लगाया जोर, राजद के सबसे अधिक उम्मीदवार ‎ ‎

🔸संसद के शीतकालीन सत्र की शुरुआत 1 दिसंबर से होगी, किरेन रिजिजू ने दी जानकारी

🔸गुरुग्राम में राहुल गांधी के ‘वोट चोरी’ आरोपों का सच: जिस शशांक के 14 वोट, उसका एड्रेस फर्जी; पायलट की मां ने मुंह फेरा

🔸मोदी बोले-कानूनी भाषा ऐसी हो जिसे आम लोग समझ सकें: जस्टिस विक्रमनाथ ने कहा- जेलों में 70% ऐसे कैदी, जो अब तक दोषी नहीं हैं

🔸जमीन पर बैठे राहुल, बोले-हिम्मत से लड़ना है, सरकार बनेगी: नीचे लेवल तक पार्टी को मजबूत करने पर फोकस; दिग्विजय ने सौंपा 3 साल का प्लान

🔸मां ने जन्म के 2 घंटे बाद बेटे को मारा: चिल्लाने की आवाज नहीं आए इसलिए बच्चे का मुंह दबाया, फिर गला घोंट दिया

🔸दिल्ली की ज़हरीली हवा: सुरक्षित सीमा से तीन गुना नाइट्रोजन डाइऑक्साइड, एक्यूआई डेटा ग़ायब

🔸बिहार चुनाव के पहले चरण में 65.08 फीसदी मतदान, किसी भी बूथ पर नहीं होगी रिपोलिंग

🔸कांग्रेस का तंज : जी-20 शिखर बैठक में शामिल नहीं होंगे ट्रम्प तो मोदी जाएंगे

🔸MP: धीरेंद्र शास्त्री का पुतला फूंकने पर बवाल; भीम आर्मी और हिंदू संगठन में झड़प

🔸”PM की कनपटी पर कट्टा रखकर खुद को CM घोषित करवाएं नीतीश कुमार”, कांग्रेस नेता पवन खेड़ा का विवादित बयान

🔸8th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, 2027 में दीवाली पर लागू हो सकता है 8वां वेतन आयोग!

🔸Aaj Ka Mausam: देश में सर्दी ने दी दस्तक, उत्तर भारत में तापमान गिरा, दक्षिण में बारिश का कहर

🔹भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच पांचवां T20I मैच बारिश के कारण रद्द, टीम इंडिया ने जीती श्रृंखला

🔹अभिषेक शर्मा T20I इतिहास में सबसे तेज 1000 रन बनाने वाले बल्लेबाज बने, सूर्यकुमार-साल्ट-मैक्सवेल रह गए पीछे