मूकबधिर और नेत्रहीन होने के कारण किशोरी का पुलिस के सामने धारा 161 के बयान नहीं हो पाए। पुलिस ने आरोपी को घटना के दो दिन बाद ही गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन उसे जेल नहीं भेज पाई।जख्म गहरा भी है और हरा भी। पहले कुदरत ने दर्द दिया और फिर एक अधेड़ ने। पीड़िता की परेशानी यह कि वह अपना दर्द बयां कैसे और किससे करे। दरअसल तीन साल पहले दुष्कर्म का शिकार हुई किशोरी मूकबधिर के साथ ही नेत्रहीन भी है। पुलिस से लेकर न्यायालय तक की कार्रवाई में पुलिस और न्यायालय के समक्ष दिए गए बयान बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। न सिर्फ किशोरी बल्कि पुलिस परेशान है और तीन साल में भी किशोरी के बयान नहीं हो पाए
इसके कारण चार्जशीट लगने में देरी हुई और फिर आगे की न्यायिक प्रक्रिया में भी। अब भी किशोरी के बयान काफी प्रयास के बाद नहीं हो पाए हैं। अतरौली थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी किशोरी (15) मूकबधिर और नेत्रहीन है। 12 सितंबर 2022 की सुबह वह गांव में ही शौच के लिए जा रही थी। कासिमपुर थाना क्षेत्र के नंदाखेड़ा निवासी नरेश कश्यप उसे बाग से तिल्ली के खेत में खींच ले गया। वहीं दुष्कर्म किया।
इसके कारण चार्जशीट लगने में देरी हुई और फिर आगे की न्यायिक प्रक्रिया में भी। अब भी किशोरी के बयान काफी प्रयास के बाद नहीं हो पाए हैं। अतरौली थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी किशोरी (15) मूकबधिर और नेत्रहीन है। 12 सितंबर 2022 की सुबह वह गांव में ही शौच के लिए जा रही थी। कासिमपुर थाना क्षेत्र के नंदाखेड़ा निवासी नरेश कश्यप उसे बाग से तिल्ली के खेत में खींच ले गया। वहीं दुष्कर्म किया।


