UP: प्रतीक यादव पंचतत्व में विलीन, अखिलेश ने चिता पर लकड़ी रखी; अर्थी उठते ही बेटियों से लिपटकर रोईं अपर्णा
UP: प्रदेश में आपदा से 111 लोगों की मौत, रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने शोक जताया; यूएई ने भी व्यक्त की एकजुटता
उत्तर प्रदेश में बीते 24 घंटे में खराब मौसम के कारण 26 जिलों में आंधी-तूफान, ओलावृष्टि तथा आकाशीय बिजली से 111 जनहानि हुईं, जबकि 72 लोग घायल हुए हैं। इसके अलावा 170 पशुहानि तथा 227 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। प्रयागराज में 21, मिर्जापुर में 19, फतेहपुर में 11 तथा संत रविदास नगर में 16 जनहानि हुई हैं। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी इन मौतों पर दुख जताया है।पुतिन ने भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना शोक संदेश भेजा है। कहा, उत्तर प्रदेश में तूफान के कारण हुई भारी जान-माल की हानि और बड़े पैमाने पर हुई तबाही पर मेरी गहरी संवेदनाएं हैं।पुतिन ने भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना शोक संदेश भेजा है। कहा, उत्तर प्रदेश में तूफान के कारण हुई भारी जान-माल की हानि और बड़े पैमाने पर हुई तबाही पर मेरी गहरी संवेदनाएं हैं।
Railway Ticket Rule: क्या स्लीपर का टिकट बुक करके बिना पैसे दिए एसी में कर सकते हैं यात्रा? जानें कैसा होगा ये
Indian Railways Auto Upgradation Features: भारतीय रेलवे रोजाना एक बड़ी संख्या में ट्रेनों का संचालन करता है जिनसे यात्री अपने गंतव्य तक पहुंच पाते हैं। जनरल कोच से लेकर एसी क्लास तक में आप यात्रा कर सकते हैं।
पर अगर आप ये सोच रहे हैं कि स्लीपर क्लास का टिकट बुक करके आप एसी में कैसे सफर कर सकते हैं? तो इसके लिए ऑटो अपग्रेडेशन फीचर आपके काम आ सकता है। चलिए जानते हैं ये ऑटो अपग्रेडेशन फीचर क्या है और क्या सच में इससे स्लीपर क्लास में टिकट बुक करके एसी क्लास में सफर किया जा सकता है या नहीं…
क्या है ऑटो अपग्रेडेशन फीचर?
- ऑटो अपग्रेडेशन फीचर भारतीय रेलवे का फीचर है जो टिकट बुकिंग के दौरान काम आता है
- इस फीचर के तहत आप बिना पैसे दिए अपनी टिकट को उच्च श्रेणी में अपग्रेड करवा सकते हैं यानी बदल सकते हैं
SC का सख्त निर्देश: पब्लिक वाहनों पर अनिवार्य हुआ पैनिक बटन, जानिए आखिर क्या होता है ये और कैसे काम करता है
Vehicle Tracking Device: सुप्रीम कोर्ट ने सड़क सुरक्षा से जुड़े एक मामले की सुनवाई के दौरान बड़ा निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि टैक्सी, बस और अन्य पब्लिक सर्विस वाहनों को तब तक फिटनेस सर्टिफिकेट न दिया जाए जब तक उनमें पैनिक बटन और व्हीकल ट्रैकिंग डिवाइस यानी की वीएलटीडी न लगाए जाएं। कोर्ट के अनुसार यह कदम यात्रियों खासकर बच्चें, महिला और बुजुर्ग के लिए उठाए जा रहे हैं।
Panic Button आखिर क्या होता है?
पैनिक बटन एक इमरजेंसी सेफ्टी फीचर होता है, जिसे खतरे या आपातकालीन स्थिति में इस्तेमाल किया जाता है। जैसे मान लीजिए अगर कोई यात्री खतरा महसूस करे, हादसे का शिकार हो जाए या फिर कोई मेडिकल इमरजेंसी आ जाए। यानी किसी भी प्रकार का संकट हो, तो इस बटन को दबाकर तुरंत मदद मांगी जा सकती है। यह बटन दबाते ही वाहन की GPS लोकेशन कंट्रोल रूम, पुलिस या इमरजेंसी सिस्टम तक पहुंच जाती है।
गाड़ियों में कहां लगाया जाता है यह बटन?
आमतौर पर यह बटन वाहन के सीट के पास, दरवाजे के आसपास या वाहन के पिलर पर लगाया जाता है, ताकि जरूरत पड़ने पर यात्री इसे तुरंत इस्तेमाल कर सके। अधिकतर मामलों में यह लाल रंग का छोटा बटन होता है, जिसे आसानी से पहचाना जा सके।
पेट्रोल-डीजल-CNG की कीमतों में भारी उछाल: एक झटके में तीन रुपये प्रति लीटर बढ़े दाम, जानिए बड़े शहरों का हाल
देश के आम लोगों पर शुक्रवार को महंगाई की सीधी मार पड़ी। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऊर्जा के दामों में हुई भारी बढ़ोतरी का सीधा असर अब भारत के आम ग्राहकों पर भी दिखने लगा है। इसी वजह से देश की तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में अचानक बहुत बड़ा इजाफा कर दिया है।पेट्रोल और डीजल दोनों के दाम सीधे तौर पर तीन-तीन रुपये प्रति लीटर बढ़ा दिए गए हैं। वैश्विक बाजार में ऊर्जा की जो कीमतें इतनी तेजी से बढ़ी हैं, उसका सीधा बोझ अब तेल कंपनियों ने ग्राहकों के कंधों पर डाल दिया है। इसी का नतीजा है कि अब आपको अपनी गाड़ी में तेल भरवाने के लिए पहले के मुकाबले बहुत ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ेंगे।
देश की राजधानी नई दिल्ली में इस ताजा और भारी बढ़ोतरी के बाद आम ग्राहकों की जेब सबसे ज्यादा ढीली होने वाली है। तेल कंपनियों द्वारा तीन रुपये प्रति लीटर की सीधी वृद्धि किए जाने के बाद अब दिल्ली में एक लीटर पेट्रोल की नई कीमत 97.77 रुपये हो गई है। वहीं अगर हम डीजल की बात करें, तो दिल्ली में अब एक लीटर डीजल के लिए आम ग्राहकों को 90.67 रुपये की कीमत चुकानी होगी। यह भारी बढ़ोतरी राजधानी के लाखों वाहन चालकों और आम जनता के लिए एक बहुत ही बड़ा और चिंताजनक झटका है।
| शहर | पेट्रोल (₹/लीटर) |
पेट्रोल बढ़ोतरी (₹) | डीजल (₹/लीटर ) |
डीजल बढ़ोतरी (₹) |
| दिल्ली | 97.77 | +3.00 | 90.67 | +3.00 |
| कोलकाता | 108.74 | +3.29 | 95.13 | +3.11 |
| मुंबई | 106.68 | +3.14 | 93.14 | +3.11 |
| चेन्नई | 103.67 | +2.83 | 95.25 | +2.86 |
महानगरों में पेट्रोल की कीमतों में कितनी भारी बढ़ोतरी हुई है?
दिल्ली के अलावा देश के अन्य प्रमुख महानगरों में भी पेट्रोल की कीमतों में बहुत बड़ी तेजी आई है। कोलकाता में पेट्रोल के दाम 3.29 रुपये बढ़कर अब 108.74 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गए हैं। वहीं देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में पेट्रोल की कीमत 3.14 रुपये बढ़कर 106.68 रुपये प्रति लीटर हो गई है। दक्षिण भारत के बड़े शहर चेन्नई की बात करें, तो वहां भी पेट्रोल के दामों में 2.83 रुपये का भारी उछाल आया है और इसकी नई कीमत 103.67 रुपये प्रति लीटर तय कर दी गई है।
प्रमुख शहरों में डीजल के दामों का शुक्रवार को क्या हाल है?
कोलकाता शहर में डीजल के दामों में 3.11 रुपये का भारी इजाफा हुआ है, जिसके बाद वहां एक लीटर डीजल 95.13 रुपये में बिक रहा है। मुंबई में भी डीजल 3.11 रुपये महंगा होकर 93.14 रुपये प्रति लीटर के ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है। इसके अलावा चेन्नई में डीजल की कीमत 2.86 रुपये बढ़ाई गई है, जिससे वहां डीजल का नया और बढ़ा हुआ रेट अब 95.25 रुपये प्रति लीटर हो गया है।
सीएनजी की कीमत भी बढ़ी
इसी बीच, सीएनजी की कीमत भी 2 रुपये प्रति किलोग्राम बढ़ा दी गई है। इसके साथ दिल्ली में सीएनजी की नई कीमत 79.09 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है।
खामोश ज़िंदगी चीख रही है अंदर से, गुज़रता हुआ वक़्त किस जगह पे ले आया
खामोश ज़िंदगी चीख रही है अंदर से।
जैसे दरिया में लहर उठ रही है अंदर से।
हम जैसे लोगों में बस यही कमी है रक़ीब।
जैसे दिखते हैं, हम वैसे नहीं है, अंदर से।
याद से, याद रखता हूँ, कि तुझे भूलना है।
पर शायद भूलने का मन नहीं है, अंदर से।
गुज़रता हुआ वक़्त किस जगह पे ले आया।
मेरे बिना दरवाज़ा खुलता नहीं है, अंदर से।
एक लाश रोज़ सुबह काम पर जाती है।
ढोंग करती है ज़िंदा है, मर चुकी है, अंदर से।
तू लिखता गुनाहों का देवता तो कैसा होता दीप।
सुधा अपने हाथ पीले कर रही है, चन्दर से।
PM मोदी की अपील का असर, दिल्ली में लागू हुआ 2-Day WFH
नेशनल डेस्क: पीएम मोदी ने बीते दिनों लोगों से सोना कम खरीदने, ईधन बचाने के साथ- साथ कई अपीलें की हैं। ईंधन बचत को लेकर और विदेशी मुद्रा भंडार को सुरक्षित रखने की अपील के बाद दिल्ली सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। दिल्ली सरकार ने अपने कर्मचारियों के लिए हफ्ते में 2 दिन वर्क फ्रॉम होम (WFH) का ऐलान किया है।
भारत विरोधी बयानों पर बांग्लादेश सरकार का ब्रेक; कहा-“भाजपा राज में मुस्लिमों पर जुल्म के आरोप झूठे, जमात सबूत तो दे”
International Desk: भारत को लेकर बांग्लादेश में फैलाए जा रहे कथित “मुस्लिम उत्पीड़न” के नैरेटिव पर अब खुद ढाका सरकार ने बड़ा बयान दिया है। बांग्लादेश के गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने साफ शब्दों में कहा है कि पश्चिम बंगाल और असम में मुसलमानों पर अत्याचार किए जाने का कोई प्रमाण सरकार के पास नहीं है। यह बयान ऐसे समय आया है जब बांग्लादेश की प्रमुख इस्लामिक राजनीतिक पार्टी जमात-ए-इस्लामी (JeI) और उसके सहयोगी दल लगातार यह आरोप लगा रहे थे कि भारत में भाजपा सरकार आने के बाद मुसलमानों के खिलाफ कार्रवाई बढ़ी है।
जमात-ए-इस्लामी का आरोप
जमात-ए-इस्लामी और उसके सहयोगी दलों ने हाल ही में दावा किया था कि पश्चिम बंगाल और असम में मुसलमान “लगातार उत्पीड़न” का सामना कर रहे हैं। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि भारत में “सांप्रदायिक माहौल” बनाया जा रहा है और “भारत विरोधी ताकतें” क्षेत्र में तनाव बढ़ाने की कोशिश कर रही हैं।हालांकि, इन आरोपों के समर्थन में किसी प्रकार का आधिकारिक दस्तावेज, रिपोर्ट या ठोस सबूत पेश नहीं किया गया।
रूस का यूक्रेन पर महाआक्रमणः 800 ड्रोन हमलों से मचाई तबाही, कई लोगों की मौत
International Desk: रूस ने बुधवार को यूक्रेन पर अब तक के सबसे बड़े ड्रोन हमलों में से एक को अंजाम देते हुए करीब 20 क्षेत्रों पर 800 से अधिक ड्रोन दाग दिए। राजधानी कीव, पश्चिमी शहर लीव और काला सागर के बंदरगाह शहर ओडेसा समेत कई इलाकों में घंटों तक धमाकों की आवाजें सुनाई देती रहीं।यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार इन हमलों में कम से कम छह लोगों की मौत हो गई, जबकि बच्चों समेत कई लोग घायल हुए हैं। कई इमारतों और बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचा है।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने इसे चार साल से जारी युद्ध के सबसे बड़े हमलों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि रूस का मकसद यूक्रेन की हवाई रक्षा प्रणाली पर दबाव बनाना और उसे कमजोर करना है। जेलेंस्की ने चेतावनी दी कि ड्रोन हमलों के बाद रूस क्रूज और बैलिस्टिक मिसाइल हमले भी कर सकता है।हमलों का असर पड़ोसी देशों में भी दिखाई दिया। सीमा के पास ड्रोन गतिविधियों के बाद हंगरी के प्रधानमंत्री पीटर मैग्यार ने रूसी राजदूत को तलब करने की घोषणा करते हुए मॉस्को की कार्रवाई की निंदा की।
कीव में कई ड्रोन मार गिराए गए, लेकिन उनका मलबा खुले इलाकों में गिरा। पश्चिमी रिवने क्षेत्र में तीन लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। लगातार बढ़ते हमलों के बीच जेलेंस्की ने कहा कि अगर दुनिया रूस की कार्रवाई पर चुप रही तो मॉस्को और अधिक आक्रामक हो सकता है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने संकेत दिए हैं कि युद्ध खत्म होने के करीब हो सकता है, हालांकि दोनों नेताओं ने इसके पीछे कोई स्पष्ट वजह नहीं बताई।
क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने दोहराया कि रूस चाहता है कि यूक्रेन डोनेट्स्क, लुहान्स्क, खेरसॉन और जापोरिजिया क्षेत्रों से अपनी सेना हटाए। वहीं यूक्रेन ने साफ किया है कि वह रूस पर दबाव बनाए रखेगा। हाल के महीनों में यूक्रेन ने भी लंबी दूरी के ड्रोन हमलों के जरिए रूस के ऊर्जा और सैन्य ढांचे को निशाना बनाया है, जिससे युद्ध और अधिक खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है।
हवाई यात्रा करने वालों के लिए Good news: नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से 15 जून से शुरू होंगी उड़ान सेवाएं
लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बृहस्पतिवार को कहा कि नोएडा के जेवर स्थित अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान सेवाएं आगामी 15 जून से शुरू हो जाएंगी। आदित्यनाथ ने कहा कि हवाई अड्डे की यह परियोजना उस क्षेत्र के बदलाव को दर्शाती है, जो कभी अपराध के लिए जाना जाता था। ‘उत्तर प्रदेश के बदलाव के नौ वर्ष’ विषय पर आयोजित एक सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने कहा कि जेवर क्षेत्र, जो कभी अपराध के लिए बदनाम था, अब एक वैश्विक निवेश केंद्र के रूप में उभर रहा है। उन्होंने कहा, ” भारत का सबसे बड़ा हवाई अड्डा जेवर में बन चुका है और 15 जून से हम वहां से उड़ान सेवाएं शुरू करने जा रहे हैं।
इंडिगो और अकासा एयर देंगी सेवाएं
विमानन कंपनी इंडिगो और अकासा एयर ने हाल ही में नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ानों का संचालन करने की घोषणा की थी। मुख्यमंत्री ने वर्ष 2017 में अपनी सरकार के सत्ता में आने से पहले उत्तर प्रदेश की स्थिति को बहुत खराब बताते हुए आरोप लगाया कि राज्य ”बीमारू” बन गया था और सूबे में दंगे, अराजकता, व्यापारियों का पलायन, किसानों की आत्महत्या और पारंपरिक उद्योगों का पतन आम बात थी।
सरकार बनने पर विकास पर दिया ध्यान
उन्होंने कहा, ” सरकार की कार्यप्रणाली में न कोई पारदर्शिता थी, न कोई नीति और न ही कोई इरादा। माफिया सरकार के समानांतर अपना राज चलाते थे।” मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 में राज्य में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार बनने के बाद प्रशासन ने विस्तृत योजना एवं शासन सुधारों पर ध्यान केंद्रित किया। आदित्यनाथ ने बताया कि पदभार संभालने के बाद लगभग एक महीने तक वह हर शाम मंत्रियों के साथ बैठकें करते थे, ताकि विभागीय प्रस्तुतियों की समीक्षा कर सकें एवं कार्ययोजनाएं तैयार कर सकें।
बिना किसी भेदभाव के सरकार कर रही है काम
उन्होंने कहा, ” उस समय हमारे पास पैसे नहीं थे। यहां तक कि बैंक भी हमें कर्ज देने को तैयार नहीं थे और राजकोष लगभग खाली था।” मुख्यमंत्री ने कहा कि उस समय राज्य का वार्षिक बजट लगभग ढाई लाख करोड़ रुपये था जबकि आबादी करीब 20 करोड़ थी। आदित्यनाथ ने कहा कि उनकी सरकार ने बिना किसी भेदभाव या पक्षपात के, नीति-आधारित प्रोत्साहनों के माध्यम से उद्योगों को बढ़ावा देने का फैसला किया।




