कुशीनगर में अज्ञात कारणों से एक गांव में आग लग गई। आग की चपेट में आने से 5 घर पूरी तरह जलकर राख हो गए और चार मवेशियों की भी मौत हुई। यह घटना खड्डा थाना फटकदौना गांव की है।
प्रयागराज में सपा नेता कुंवर रेवती रमण सिंह से जुड़ी खबर में, इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका पर सुनवाई हुई। 21 अगस्त को रेवती रमण को अंतरिम राहत मिली थी। HC ने ट्रायल कोर्ट में चल रहे मुकदमे पर कार्रवाई रोक दी थी। अगले आदेश तक आगे की कार्रवाई पर रोक लगी है। रेवती रमण की याचिका पूरी कार्रवाई रद्द करने के लिए दाखिल की गई थी। 2024 लोकसभा चुनाव के दौरान करेली थाने में FIR हुई थी।
बरेली में युवती को नग्न अवस्था में हाईवे पर फेंककर आरोपी फरार हो गया। आरोपी श्रीपाल ने युवती को कमरे से बुलाकर रास्ते में दो इंजेक्शन लगाए। पुलिस ने हाईवे पर मिली युवती को अस्पताल में भर्ती कराया और पीड़ित की तहरीर पर अस्पताल संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। यह घटना बिथरी चैनपुर थाना क्षेत्र की है।
उच्चतम न्यायालय सोमवार को तीन प्रमुख मुद्दों पर अपना अंतरिम आदेश सुनाएगा, जिसमें ‘‘अदालतों द्वारा वक्फ, उपयोगकर्ता द्वारा वक्फ या विलेख द्वारा वक्फ” घोषित संपत्तियों को गैर-अधिसूचित करने की शक्ति शामिल है। ये बिंदु वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 की…
उच्चतम न्यायालय की वेबसाइट पर अपलोड की गई 15 सितंबर की वाद सूची के अनुसार, अदालत इस मामले में अपना आदेश सुनाएगी। अंतरिम आदेश सुरक्षित रखने से पहले, पीठ ने संशोधित वक्फ कानून को चुनौती देने वाले याचिकाकर्ताओं के वकीलों और केंद्र की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता की दलीलें लगातार तीन दिनों तक सुनी थीं। पीठ ने पहले उन तीन मुद्दों की पहचान की थी, जिन पर याचिकाकर्ताओं ने अंतरिम आदेश के जरिये रोक लगाने का अनुरोध किया था।
अधिसूचना रद्द करने के मुद्दे के अलावा, याचिकाकर्ताओं ने राज्य वक्फ बोर्ड और केंद्रीय वक्फ परिषद की संरचना पर भी सवाल उठाए हैं, उनका तर्क है कि बोर्ड और परिषद में केवल मुसलमानों को ही शामिल किया जाना चाहिए। तीसरा मुद्दा उस प्रावधान से संबंधित है, जिसके अनुसार, जब कलेक्टर यह पता लगाने के लिए जांच करता है कि संपत्ति सरकारी है या नहीं, तो वक्फ संपत्ति को वक्फ नहीं माना जाएगा।
केंद्र सरकार ने वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 को पांच अप्रैल को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मंजूरी मिलने के बाद अधिसूचित किया था। लोकसभा ने इस विधेयक को तीन अप्रैल को 288 सदस्यों के समर्थन से पारित कर दिया, जबकि 232 सांसदों ने इसका विरोध किया। राज्यसभा ने चार अप्रैल को इस विधेयक को पारित किया। राज्यसभा में इसके पक्ष में 128 और विपक्ष में 95 सदस्यों ने मतदान किया।
कल का दिन पाकिस्तानियों के लिए बेहद ही बुरा था, एक तो हार ऊपर से भारतीय टीम का गुस्सा। दरअसल मैच के बाद ‘मेन इन ब्लू’ ने विपक्षी टीम के साथ दोस्ताना माहौल बनाए रखने का अपना रुख साफ़ कर दिया। खेल खत्म होने के बाद जहां पाकिस्तान पारंपरिक हाथ मिलाने का इंतज़ार कर रहा था, वहीं कोई भी भारतीय खिलाड़ी मैदान पर नजर नहीं आया, और यहां तक कि टीम इंडिया द्वारा टीम के ड्रेसिंग रूम का दरवाजा बंद करने की क्लिप भी देखी गईं।
भारतीय टीम के इस रवैये से पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर नाराज नज़र आए। एक पाकिस्तानी टीवी चैनल पर जारी लाइव शो के दौरान उनका दर्द साफ तौर पर देखा गया। हाथ न मिलाने के भारत के रुख़ पर निराश दिख रहे अख्तर ने कहा, “मेरे पास कहने को शब्द नहीं हैं। यह देखकर बहुत दुख हो रहा है और मुझे समझ नहीं आ रहा कि क्या कहूं। भारत को सलाम। बस इसे राजनीतिक मत बनाओ। क्रिकेट मैच है इसको राजनीतिक मत बनाओ। हमने आपके लिए अच्छा बयान दिया है”।
शोएब ने आगे कहा- हम बहुत कुछ बोल सकते हैं। होती रहती हैं लड़ाई- झगड़े, घर में भी हो जाती हैं। भूल जाओ, आगे बढ़ो। क्रिकेट का खेल है, हाथ मिलाओ, अपनी शालीनता दिखाओ।” शोएब अख्तर को इतना बुरा लगा कि उनका गला भर आया। वह ठीक से बात भी नहीं कर पा रहे थे, उन्होंने अपने आंसूओं काे किसी तरीके से रोक रखा था। उन्हें देखकर पास बैठी एंकर भी हैरान रह गई थी।
चंडीगढ़ः अब थाना पुलिस ट्रैफिक वॉलेशन पर ही वाहन चालकों को रोक सकेगी। वाहन चालक कोई वॉयलेशन नहीं कर रहा है, तो बिना कारण रोक नहीं सकेंगे। खासकर जिस गाड़ी में परिवार होगा, उस गाड़ी को न रोकने की खास हिदायत डॉ.सागर प्रीत हुड्डा ने दी है।
डी.जी.पी. चंडीगढ़ पुलिस का नाम रोशन करना चाहते हैं। कुछ समय के दौरान सोशल मीडिया पर चंडीगढ़ पुलिस की काफी बदनामी हुई थी। इसके चलते जवानों को मैनुअल चालान बंद करने के लिए कहा गया है। हर पुलिस स्टेशन क्षेत्र में शाम के समय 2 से 3 नाके लगाए जाते है। यह नाके लोगों की सुरक्षा और क्राइम रोकने के लिए लगाए जाते है, लेकिन पुलिसकर्मी फायदा उठाते हुए चालान काटने लग जाते थे। भनक लगते ही सीनियर अफसरों ने थाना प्रभारियों को कहा है कि नाके पर बिना कारण रोकेंगे नहीं। वाहन चालक ट्रफिक वॉलेशन करता है तो रोक कर चालान करें।
लोग सोशल मीडिया पर डालते है वीडियो
पुलिस नाकों पर गाड़ियां रोक पूछताछ करने पर वाहन चालक तुरंत वीडियो बना लेते है। इसके बाद वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड करने के साथ-साथ चंडीगढ़ पुलिस के सीनियर अफसरों के पास भेज रहे है। चालकों का कहना है कि जब उनके पास सारे कागजात है और कोई ट्रैफिक वॉयलेशन नहीं की है, तो पुलिसकर्मी नाकों पर क्यों रोकती है।
अगर आपका आधार कार्ड 10 साल से अधिक पुराना है और आपने उसमें कोई बदलाव नहीं करवाया है, तो यह समय है उसे दोबारा जांचने और जरूरी अपडेट करने का। समय-समय पर UIDAI की तरफ से यह सलाह दी जाती है कि नागरिक अपने दस्तावेज़ों को अपडेट रखें ताकि किसी भी सरकारी…
नेशनल डेस्क: आज के डिजिटल भारत में आधार कार्ड सिर्फ एक ID Proof नहीं, बल्कि हर नागरिक की डिजिटल पहचान की रीढ़ बन चुका है। चाहे सरकारी योजनाओं का लाभ लेना हो, बैंक अकाउंट खोलना हो या फिर स्कूल में बच्चे का एडमिशन – हर जगह आधार की ज़रूरत अनिवार्य है। ऐसे में अगर आपके आधार में नाम, पता या जन्मतिथि जैसी कोई जानकारी गलत है या बहुत पुरानी हो चुकी है, तो उसे अपडेट करना बेहद जरूरी हो जाता है।
अब अच्छी खबर यह है कि UIDAI (भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण) ने आधार अपडेट करने की फ्री सुविधा एक बार फिर बढ़ा दी है – और इस बार मौका है 14 जून 2026 तक…
क्यों जरूरी है आधार अपडेट करना?
अगर आपका आधार कार्ड 10 साल से अधिक पुराना है और आपने उसमें कोई बदलाव नहीं करवाया है, तो यह समय है उसे दोबारा जांचने और जरूरी अपडेट करने का। समय-समय पर UIDAI की तरफ से यह सलाह दी जाती है कि नागरिक अपने दस्तावेज़ों को अपडेट रखें ताकि किसी भी सरकारी सेवा में बाधा न आए।
नेशनल डेस्क: डिजिटल पेमेंट यूज़र्स के लिए जरूरी खबर है। अगर आप भी रोजाना UPI के ज़रिए लेनदेन करते हैं, तो अब आपको पहले से ज्यादा सुविधा मिलने वाली है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने UPI से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण श्रेणियों में ट्रांजैक्शन लिमिट बढ़ा दी है। ये नए नियम 15 सितंबर 2025, सोमवार से पूरे देश में लागू हो जाएंगे और इनका असर आम उपभोक्ताओं से लेकर दुकानदारों और बड़े व्यापारियों तक सभी पर पड़ेगा।
UPI से बड़े ट्रांजैक्शन अब होंगे आसान
NPCI ने अब UPI के जरिए बड़े वित्तीय ट्रांजैक्शन को आसान बना दिया है। खास तौर पर कैपिटल मार्केट निवेश, इंश्योरेंस प्रीमियम, क्रेडिट कार्ड बिल, सरकारी ई-मार्केटप्लेस (GeM), ट्रैवल और मर्चेंट पेमेंट्स जैसे क्षेत्रों में प्रति ट्रांजैक्शन लिमिट को ₹5 लाख तक बढ़ा दिया गया है। इतना ही नहीं, कुछ कैटेगरीज में एक दिन में कुल ₹10 लाख तक का UPI ट्रांजैक्शन करना संभव होगा।
नए UPI नियमों के तहत लिमिट (15 सितंबर 2025 से प्रभावी):
| लेनदेन की श्रेणी | प्रति ट्रांजैक्शन सीमा | प्रतिदिन अधिकतम सीमा |
|---|---|---|
| कैपिटल मार्केट (निवेश) | ₹5 लाख | ₹10 लाख |
| इंश्योरेंस प्रीमियम | ₹5 लाख | ₹10 लाख |
| ट्रैवल पेमेंट्स | ₹5 लाख | ₹10 लाख |
| सरकारी ई-मार्केटप्लेस (GeM) | ₹5 लाख | ₹10 लाख |
| क्रेडिट कार्ड बिल भुगतान | ₹5 लाख | ₹6 लाख |
| ज्वेलरी खरीदारी | ₹5 लाख | ₹6 लाख |
| बिजनेस/मर्चेंट ट्रांजैक्शन | ₹5 लाख | कोई दैनिक सीमा नहीं |
| डिजिटल अकाउंट ओपनिंग | ₹5 लाख | ₹5 लाख |
आम UPI ट्रांजैक्शन पर कोई असर नहीं
अगर आप सोच रहे हैं कि यह बदलाव सामान्य UPI ट्रांसफर पर भी लागू होगा, तो ऐसा नहीं है। पर्सन-टू-पर्सन (P2P) यानी दोस्तों या परिवार को पैसे भेजने जैसी लेनदेन की सीमा में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसमें पहले की तरह प्रतिदिन अधिकतम ₹1 लाख तक ही भेजे जा सकेंगे।