महोबा – अनियंत्रित ई-रिक्शापलटकर नहर में गिरा, ऑटो में सवार 2 लोग घायल, अस्पताल में भर्ती, शहर कोतवाली के आलमपुरा नहर का मामला
प्रयागराज – एक ही समुदाय के दो पक्षों में मारपीट, फायरिंग, मो. सैफ गुट बनाम आकिब अकील गुट में टकराव, दोनों पक्षों के खिलाफ शाहगंज थाने में FIR दर्ज, पुलिस ने 17 सितंबर को मो. सैफ को पकड़ा, आकिब अकील ने कौशांबी में की आत्महत्या, परिजनों ने आत्महत्या की वजह FIR को बताया, पूरे परिवार पर केस से आकिब था सदमे में- परिजन, युवक की मौत के बाद शाहगंज थाने पर भारी भीड़
परिजनों, ग्रामीणों ने थाने के बाहर किया प्रदर्शन, मौत से आक्रोशित लोगों ने किया चक्का जाम, आकिब अकील पर पहले से दर्ज थे 8 मुकदमे, शाहगंज के कोल्हन टोला इलाके का मामला
टिहरी गढ़वाल में बारिश के कारण कई मार्ग बंद हैं और जनजीवन प्रभावित हो रहा है। मसूरी बैंड-केम्पटी मार्ग जीवन आश्रम के पास मलबे से बंद है। फकोट के आगे भिनू और बगड़धार के पास यातायात बंद है। प्रशासन जेसीबी से मलबा हटाने का काम जारी रखे हुए है। ऋषिकेश-बद्रीनाथ मार्ग देवप्रयाग के पास खोल दिया गया है और आज सभी बंद रास्तों को खोलने का काम जारी रहेगा।
प्रयागराज में सपा नेता कुंवर रेवती रमण सिंह से जुड़ी खबर में, इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका पर सुनवाई हुई। 21 अगस्त को रेवती रमण को अंतरिम राहत मिली थी। HC ने ट्रायल कोर्ट में चल रहे मुकदमे पर कार्रवाई रोक दी थी। अगले आदेश तक आगे की कार्रवाई पर रोक लगी है। रेवती रमण की याचिका पूरी कार्रवाई रद्द करने के लिए दाखिल की गई थी। 2024 लोकसभा चुनाव के दौरान करेली थाने में FIR हुई थी।
बरेली में युवती को नग्न अवस्था में हाईवे पर फेंककर आरोपी फरार हो गया। आरोपी श्रीपाल ने युवती को कमरे से बुलाकर रास्ते में दो इंजेक्शन लगाए। पुलिस ने हाईवे पर मिली युवती को अस्पताल में भर्ती कराया और पीड़ित की तहरीर पर अस्पताल संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। यह घटना बिथरी चैनपुर थाना क्षेत्र की है।
उच्चतम न्यायालय सोमवार को तीन प्रमुख मुद्दों पर अपना अंतरिम आदेश सुनाएगा, जिसमें ‘‘अदालतों द्वारा वक्फ, उपयोगकर्ता द्वारा वक्फ या विलेख द्वारा वक्फ” घोषित संपत्तियों को गैर-अधिसूचित करने की शक्ति शामिल है। ये बिंदु वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 की…
उच्चतम न्यायालय की वेबसाइट पर अपलोड की गई 15 सितंबर की वाद सूची के अनुसार, अदालत इस मामले में अपना आदेश सुनाएगी। अंतरिम आदेश सुरक्षित रखने से पहले, पीठ ने संशोधित वक्फ कानून को चुनौती देने वाले याचिकाकर्ताओं के वकीलों और केंद्र की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता की दलीलें लगातार तीन दिनों तक सुनी थीं। पीठ ने पहले उन तीन मुद्दों की पहचान की थी, जिन पर याचिकाकर्ताओं ने अंतरिम आदेश के जरिये रोक लगाने का अनुरोध किया था।
अधिसूचना रद्द करने के मुद्दे के अलावा, याचिकाकर्ताओं ने राज्य वक्फ बोर्ड और केंद्रीय वक्फ परिषद की संरचना पर भी सवाल उठाए हैं, उनका तर्क है कि बोर्ड और परिषद में केवल मुसलमानों को ही शामिल किया जाना चाहिए। तीसरा मुद्दा उस प्रावधान से संबंधित है, जिसके अनुसार, जब कलेक्टर यह पता लगाने के लिए जांच करता है कि संपत्ति सरकारी है या नहीं, तो वक्फ संपत्ति को वक्फ नहीं माना जाएगा।
केंद्र सरकार ने वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 को पांच अप्रैल को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मंजूरी मिलने के बाद अधिसूचित किया था। लोकसभा ने इस विधेयक को तीन अप्रैल को 288 सदस्यों के समर्थन से पारित कर दिया, जबकि 232 सांसदों ने इसका विरोध किया। राज्यसभा ने चार अप्रैल को इस विधेयक को पारित किया। राज्यसभा में इसके पक्ष में 128 और विपक्ष में 95 सदस्यों ने मतदान किया।
कल का दिन पाकिस्तानियों के लिए बेहद ही बुरा था, एक तो हार ऊपर से भारतीय टीम का गुस्सा। दरअसल मैच के बाद ‘मेन इन ब्लू’ ने विपक्षी टीम के साथ दोस्ताना माहौल बनाए रखने का अपना रुख साफ़ कर दिया। खेल खत्म होने के बाद जहां पाकिस्तान पारंपरिक हाथ मिलाने का इंतज़ार कर रहा था, वहीं कोई भी भारतीय खिलाड़ी मैदान पर नजर नहीं आया, और यहां तक कि टीम इंडिया द्वारा टीम के ड्रेसिंग रूम का दरवाजा बंद करने की क्लिप भी देखी गईं।
भारतीय टीम के इस रवैये से पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर नाराज नज़र आए। एक पाकिस्तानी टीवी चैनल पर जारी लाइव शो के दौरान उनका दर्द साफ तौर पर देखा गया। हाथ न मिलाने के भारत के रुख़ पर निराश दिख रहे अख्तर ने कहा, “मेरे पास कहने को शब्द नहीं हैं। यह देखकर बहुत दुख हो रहा है और मुझे समझ नहीं आ रहा कि क्या कहूं। भारत को सलाम। बस इसे राजनीतिक मत बनाओ। क्रिकेट मैच है इसको राजनीतिक मत बनाओ। हमने आपके लिए अच्छा बयान दिया है”।
शोएब ने आगे कहा- हम बहुत कुछ बोल सकते हैं। होती रहती हैं लड़ाई- झगड़े, घर में भी हो जाती हैं। भूल जाओ, आगे बढ़ो। क्रिकेट का खेल है, हाथ मिलाओ, अपनी शालीनता दिखाओ।” शोएब अख्तर को इतना बुरा लगा कि उनका गला भर आया। वह ठीक से बात भी नहीं कर पा रहे थे, उन्होंने अपने आंसूओं काे किसी तरीके से रोक रखा था। उन्हें देखकर पास बैठी एंकर भी हैरान रह गई थी।